/ Apr 29, 2026
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Gold

Gold Silver All Time High एक दिन में सोना ₹11,486 उछला, चांदी ने 3 दिन में तोड़ा रिकॉर्ड

कीमती धातुओं के बाजार में इस समय जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। Gold और Silver Price ने नया इतिहास रच दिया है। सोने की कीमत एक ही दिन में ₹11,486 की तेज़ बढ़त के साथ करीब ₹1.76 लाख के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाते हुए सिर्फ तीन दिनों में ₹68,228 की उछाल दर्ज की और इसकी कीमत लगभग ₹3.86 लाख तक पहुंच गई। दोनों धातुएं इस समय अपने All Time High पर कारोबार कर रही हैं। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के दाम? बाजार जानकारों के मुताबिक, इस रिकॉर्ड तेजी के पीछे कई अहम वजहें हैं। वैश्विक स्तर पर चल रही भू-राजनीतिक तनातनी, आर्थिक अनिश्चितता और मंदी की आशंका के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सोना और चांदी हमेशा से भरोसेमंद निवेश माने जाते रहे हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने भी Gold Price Today और Silver Price Today को मजबूती दी है। कई देशों के सेंट्रल बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग और ज्यादा मजबूत हो रही है। भारत में क्यों है असर ज्यादा? घरेलू बाजार की बात करें तो शादी-ब्याह का सीजन, निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और रुपये-डॉलर की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव ने कीमतों को और ऊपर धकेला है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है। अब सोने-चांदी के गहने खरीदना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। हालांकि, जिन लोगों ने पहले से सोने या चांदी में निवेश कर रखा था, उनके लिए यह समय फायदे का साबित हुआ है। निवेशकों के पोर्टफोलियो की वैल्यू में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। आगे क्या करें निवेशक? मौजूदा ऊंचे स्तरों को देखते हुए विशेषज्ञ नए निवेशकों को थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय स्टेप-बाय-स्टेप निवेश या SIP जैसे विकल्प अपनाना बेहतर हो सकता है। इससे भविष्य में संभावित कीमतों में गिरावट का जोखिम कम किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Today 29 जनवरी Sensex Nifty Updates और Gold Silver की तेजी

आज, 29 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex लगभग 250–300 अंक नीचे और Nifty 50 25,300 के स्तर से नीचे खुला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की नजरें आगामी Union Budget और कंपनियों के तिमाही (Quarterly) रिज़ल्ट्स पर रही। बाजार की प्रमुख चाल ग्लोबल और आर्थिक असर आज की मुख्य खबरें विशेषज्ञों की राय विश्लेषक मानते हैं कि इस समय निवेशक सतर्क रहें। बजट और वैश्विक आर्थिक नीतियों का प्रभाव बाजार पर स्पष्ट दिख रहा है। जो निवेशक लंबी अवधि के लिए सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय सावधानी और अवसर का मिश्रण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UGC

Supreme Court ने लगाया UGC 2026 Rules पर रोक Higher Education में भारत की Unity जरूरी

भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने University Grants Commission (UGC) के नए 2026 Rules को स्थगित (stay) कर दिया है। इसका मतलब है कि ये नए नियम अभी लागू नहीं होंगे और पहले से मौजूद पुराने नियम ही फिलहाल मान्य रहेंगे। यह निर्णय शिक्षा जगत में काफी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि नए नियमों का मकसद था Higher Education Institutions में समानता (Equity) और भेदभाव रोकना। UGC के नए नियम क्या थे? नए नियमों के तहत: लेकिन ये नियम कुछ हद तक controversial साबित हुए। सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी रोक? मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि नियम में भेदभाव की परिभाषा केवल SC/ST/OBC तक सीमित है, जिससे General Category के लोगों को सुरक्षा नहीं मिलती। CJI ने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भारत की Unity और Samrasata झलकनी चाहिए, यानी शिक्षा का उद्देश्य कभी विभाजन पैदा नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों को vague और misuse के लिए सक्षम बताया। इसका मतलब है कि नियमों की भाषा इतनी अस्पष्ट थी कि इसका गलत इस्तेमाल हो सकता था। अब क्या होगा? अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को तय की गई है। छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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प्रेम बाईसा

साध्वी प्रेम बाईसा Suspicious Death इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाई विवाद की आग

जोधपुर के चर्चित कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत (suspicious death) ने पूरे राजस्थान में हलचल मचा दी है। उनके निधन के बाद सामने आया इंस्टाग्राम पोस्ट (Instagram post), जिसमें उन्होंने लिखा “दुनिया को अलविदा… न्याय की मांग”, ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है। मौत कैसे हुई? साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर के आरती नगर आश्रम में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें ब्रेन डैड घोषित किया गया। उनके निधन की परिस्थितियाँ अभी संदिग्ध (suspicious circumstances) मानी जा रही हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट का खुलासा उनकी मौत के कुछ घंटे बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया गया। इसमें उन्होंने लिखा कि उन्होंने जीवन सनातन धर्म के प्रचार में समर्पित किया और अब दुनिया को अलविदा कह रही हैं, साथ ही कहा कि न्याय उन्हें जीवन में नहीं, शायद मौत के बाद मिलेगा। यह पोस्ट कई लोगों के लिए शॉकिंग (shocking) थी, क्योंकि यह उनकी मृत्यु की पुष्टि होने के बाद प्रकाशित हुई थी। पिछला विवाद और मानसिक दबाव पिछले साल साध्वी प्रेम बाईसा एक वायरल वीडियो विवाद में भी फंसी थीं। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हुआ था और उन्होंने दावा किया कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया। उन्होंने इसे मानसिक प्रताड़ना और बदनाम करने की साजिश बताया। राजनीतिक और समाजिक प्रतिक्रिया साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं ने उच्च स्तरीय जांच (high-level inquiry) की मांग की। समाज और उनके समर्थकों ने भी सच्चाई और न्याय की पुकार लगाई है। मामला क्यों विवादित है? पुलिस और प्रशासन अब मामले की पूरी जांच (full investigation) कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आत्महत्या (suicide) है या इसके पीछे कोई और साजिश (conspiracy) है। साध्वी प्रेम बाईसा का निधन न सिर्फ धार्मिक और समाजिक दृष्टि से चौंकाने वाला है, बल्कि उनके इंस्टाग्राम पोस्ट ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। न्याय की मांग तेज़ है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई (truth) सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हिमाचल

उत्तर भारत Weather Alert हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी, बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत (North India) में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में भारी Snowfall और Blizzard की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं राजस्थान (Rajasthan), उत्तर प्रदेश (UP) और बिहार (Bihar) में बारिश की संभावना को लेकर लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से बिगड़े हालात हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। राज्यभर में 889 से ज्यादा सड़कें बंद हैं, जिनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में लाहौल-स्पीति, शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और किन्नौर हैं। बर्फबारी के कारण हजारों बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है और प्रशासन सड़कें खोलने और बिजली बहाल करने में जुटा हुआ है। उत्तराखंड में 4 फीट तक बर्फ उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ी इलाकों में भी इस बार भारी Blizzard आया है। गढ़वाल और कुमाऊं के ऊपरी क्षेत्रों में सड़कों पर 3 से 4 फीट तक बर्फ जमी हुई है। बर्फ के चलते यातायात ठप हो गया है और कई गांव बर्फ की चादर में ढक गए हैं। प्रशासन ने लोगों से ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। राजस्थान, यूपी और बिहार में बारिश का अलर्ट उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में मौसम विभाग ने Rain Alert जारी किया है। IMD का अपडेट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में Snowfall और Rain जारी रहने की संभावना जताई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह मानने की हिदायत दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

India Reform Express Mode में Budget से पहले PM Modi ने दिए बड़े संकेत

संसद का बजट सत्र 2026 शुरू होते ही देश की आर्थिक दिशा को लेकर माहौल गर्म हो गया है। बजट से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सरकार की आगे की रणनीति की झलक साफ दिखा दी है। पीएम मोदी ने कहा —“अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं।” इस एक लाइन में सरकार की सोच, गति और इरादे तीनों साफ झलकते हैं। PM Modi का Reform Message क्या बताता है? बजट सत्र की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार की पहचान रही है —Reform, Perform और Transform।अब यह प्रक्रिया किसी धीमी ट्रेन की तरह नहीं, बल्कि एक्सप्रेस स्पीड से आगे बढ़ रही है। इस बयान को सीधे तौर पर Budget 2026 से जोड़कर देखा जा रहा है। संकेत साफ है कि आने वाला बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि सिस्टम सुधार, निवेश बढ़ाने और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने पर फोकस करेगा। Viksit Bharat 2047 की राह PM Modi ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी ज़रूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के लिए भी एक भरोसेमंद विकास मॉडल बन रहा है। उनके मुताबिक, भारत का विकास मॉडल मानव-केंद्रित है, जहां फैसले सिर्फ GDP नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे हैं। Global Opportunities पर सरकार की नजर प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी एक बड़ा अवसर बताया। इससे भारतीय उद्योगों, MSME सेक्टर और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि भारत अब केवल सस्ता उत्पादन करने वाला देश नहीं, बल्कि गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा के दम पर आगे बढ़ने को तैयार है। Budget 2026 से क्या उम्मीदें? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। आर्थिक सर्वे पहले ही पेश किया जा चुका है, जिसमें मजबूत विकास दर और स्थिर अर्थव्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बजट में: Opposition vs Government: सत्र रहेगा गर्म बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने कई सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। ऐसे में संसद के भीतर बहस तेज रहने के आसार हैं, लेकिन सरकार का फोकस साफ है — रिफॉर्म की रफ्तार बनाए रखना। PM Modi का “रिफॉर्म एक्सप्रेस” वाला बयान सिर्फ एक राजनीतिक लाइन नहीं है, बल्कि Budget 2026 की दिशा का संकेत है। सरकार यह साफ करना चाहती है कि भारत अब ठहरने वाला नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था अब तेज़, निर्णायक और भविष्य-केंद्रित फैसलों की पटरी पर दौड़ रही है — और अगला बड़ा स्टेशन है बजट 2026। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ajit Pawar

Ajit Pawar बारामती में अंतिम विदाई परिवार संग पहुंचे अमित शाह, नितिन गडकरी और BJP अध्यक्ष

बारामती में वरिष्ठ राजनेता अजित पवार (Ajit Pawar) के अंतिम संस्कार की रस्में भावुक माहौल के बीच जारी हैं। अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पवार परिवार के साथ-साथ हजारों समर्थक और शुभचिंतक बारामती पहुंचे। हर आंख नम थी और हर चेहरा शोक में डूबा नजर आया। अजित पवार को राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। अंतिम संस्कार स्थल पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर वर्ग में उनके निधन को लेकर गहरा दुख देखा गया। Ajit Pawar Funeral में देश के बड़े नेता हुए शामिल अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों से कई दिग्गज नेता शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बारामती पहुंचकर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी इस दौरान मौजूद रहे। नेताओं ने अजित पवार के राजनीतिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और जनता से उनके गहरे जुड़ाव को याद किया। कई नेताओं ने कहा कि अजित पवार सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े हुए नेता थे, जिन्होंने दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा दी। आंध्र प्रदेश से भी पहुंचे मंत्री नारा लोकेश अजित पवार के अंतिम संस्कार में आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश भी शामिल हुए। उन्होंने पवार परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इसे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने अजित पवार के राष्ट्रीय स्तर के प्रभाव को साफ तौर पर दिखाया। शोक में डूबी बारामती, कड़े सुरक्षा इंतजाम बारामती और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लोग शांतिपूर्वक कतारों में खड़े होकर अपने प्रिय नेता को अंतिम दर्शन कर रहे हैं। अजित पवार का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। बारामती आज अपने नेता को नम आंखों से अलविदा कह रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex-Nifty Market Vodafone Idea, Vedanta और Axis Bank की हलचल

28 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) ने मजबूत शुरुआत की। BSE Sensex ने 500–600 अंकों की तेजी दिखाई, जबकि Nifty 50 25,300 के ऊपर कारोबार कर रहा था। शुरुआती बुलिश मूड ने निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया और बाजार में सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना। आज के प्रमुख मार्केट ड्राइवर्स आज कौन से स्टॉक्स हैं फोकस में? आज लगभग 126 कंपनियां Q3 results घोषित करेंगी, जिनमें BEL, SBI Life, L&T, Maruti शामिल हैं। ये रिपोर्ट्स बाजार के मूड को दिशा देंगी। Global Market Signals Market Insight – निवेशक के लिए आज की शुरुआती तेजी से पता चलता है कि bullish sentiment मजबूत है। निवेशक विशेष रूप से Vodafone Idea, Vedanta, Axis Bank, Bajaj Twins और Q3 रिपोर्ट देने वाली कंपनियों पर नजर रख सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EU

India-EU Free Trade Agreement भारतीय Industries को मिलेगा फायदा

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लंबे समय से चली आ रही बातचीत के बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे विशेषज्ञ अक्सर “सभी समझौतों की माँ” भी कहते हैं। यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों के बाजार और विश्व GDP के लगभग 25% हिस्से को कवर करता है। इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच अधिकतर सामान पर शुल्क कम या खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच आसान होगी, और यूरोपीय कंपनियों के लिए भी भारत में व्यापार करना सरल होगा। कौन से सेक्टर होंगे सबसे ज्यादा फायदे में? अमेरिकी प्रशासन की राय ट्रंप प्रशासन के समय के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर ने कहा कि यह समझौता भारत के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि भारत को यूरोप में व्यापार का बेहतर अवसर और कुछ मामलों में वर्कर वीज़ा जैसी सुविधाएँ भी मिल सकती हैं। ग्रीयर ने यह भी कहा कि अमेरिका के हाल के वर्षों के प्रोटेक्शनिस्ट टैरिफ और घरेलू उत्पादन प्रोत्साहन की नीतियों के चलते, भारत ने EU के साथ व्यापार बढ़ाने की दिशा चुनी। क्यों है यह समझौता खास? पिछले कुछ सालों में अमेरिका ने भारत से जुड़े कई मामलों में 25% तक टैरिफ लगाए, जिससे भारत ने यूरोप के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना जरूरी समझा। इस समझौते से भारत को न केवल निर्यात में फायदा, बल्कि वैश्विक व्यापार में अधिक विकल्प और रणनीतिक ताकत भी मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत और यूरोप के संबंधों को नए आयाम देगा और अमेरिका की प्रोटेक्शनिस्ट नीतियों के बीच भारत की जीत साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament

Parliament में ‘कानून वापस लो’ के नारे राष्ट्रपति के अभिभाषण में उठी बहस

संसद (Parliament) में राष्ट्रपति के अभिभाषण (Speech) के दौरान हंगामा मच गया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में देश के विकास, सामाजिक सुधार और नई नीतियों का जिक्र किया। लेकिन जैसे ही VB–जी राम जी कानून का नाम आया, विपक्षी सदस्य जोर-जोर से नारे लगाने लगे। ‘कानून वापस लो’ के नारे गूंजे सदन में सदन में “कानून वापस लो” के नारे गूंजने लगे और हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए कार्यवाही रोकनी पड़ी। विपक्ष ने कानून के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त की, जबकि सत्तापक्ष ने सदन में शांति बनाए रखने की कोशिश की। राजनीतिक विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में विधायी और राजनीतिक बहसों (Legislative & Political Debates) में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ने अपने भाषण में देश की प्रगति और सामाजिक सुधार पर जोर देना जारी रखा। संसद में गहराते मतभेद इस घटना ने यह दिखा दिया कि संसद में संवैधानिक मुद्दों (Constitutional Issues) और कानूनों (Laws) पर राजनीतिक मतभेद कितने गहरे हैं। आगामी सत्रों में ऐसे मुद्दे फिर से बहस और हंगामे को जन्म दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Bank

Bank Holidays May 2026: मई में 13 दिन बंद रहेंगे Bank, पूरी Holiday List देखें

अगर आप मई 2026 में Bank से जुड़ा कोई जरूरी काम करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। इस महीने बैंक करीब 13 दिन बंद रहने वाले हैं, जिसमें वीकेंड और अलग-अलग राज्यों के त्योहार शामिल हैं। ऐसे में थोड़ी सी प्लानिंग आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है। क्यों बंद रहेंगे Bank इतने दिन? भारत में बैंक छुट्टियां RBI के नियमों के अनुसार तय होती हैं। इनमें शामिल होते हैं: इन्हीं सबको मिलाकर मई में छुट्टियों की संख्या बढ़ जाती है। मई 2026 की जरूरी बैंक छुट्टियां 1 मई Labour Day / महाराष्ट्र दिवस / बुद्ध पूर्णिमादेश के कई हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। 9 मई (Second Saturday) सभी बैंकों में छुट्टी। 11, 18, 25 मई (Sunday) हर रविवार की तरह बैंक बंद रहेंगे। 16 मई सिक्किम स्टेट डेसिर्फ सिक्किम में बैंक बंद। 23 मई (Fourth Saturday) पूरे देश में बैंक अवकाश। 26 मई काजी नजरुल इस्लाम जयंतीकुछ राज्यों में बैंक बंद। 27-28 मई Bakrid (Eid-ul-Adha)कई राज्यों में एक या दो दिन बैंक बंद रह सकते हैं। Bank बंद, लेकिन ये सेवाएं चालू रहेंगी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pakistan

Pakistan Gas Crisis:गैस की किल्लत ने बढ़ाई मुश्किलें, लोग अपना रहे खतरनाक तरीके

Pakistan में गैस संकट ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें Pakistan इस समय गंभीर gas crisis का सामना कर रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों के लिए रोज का खाना बनाना भी चुनौती बन गया है। कई शहरों में घरेलू गैस सप्लाई घंटों तक बंद रहती है, जिससे परिवारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गुब्बारों में गैस भरने को मजबूर लोग इस संकट की सबसे हैरान करने वाली तस्वीरें तब सामने आईं, जब कुछ इलाकों में लोग गुब्बारों और प्लास्टिक बैग में खाना पकाने वाली गैस भरते दिखे। यह तरीका सुनने में जितना अजीब है, उतना ही खतरनाक भी है। जानकारों का कहना है कि इस तरह गैस स्टोर करना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। आखिर क्यों आई ये नौबत? Pakistan में बढ़ते energy crisis के पीछे कई वजहें हैं: इन सब कारणों ने मिलकर हालात को और बिगाड़ दिया है। लाइन में लगकर भी नहीं मिल रही गैस कई जगहों पर लोग सुबह-सुबह गैस के लिए लाइन में लग जाते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में मजबूरी में लोग जोखिम भरे विकल्प अपनाने लगे हैं। सुरक्षा पर बड़ा खतरा विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि गुब्बारों या अस्थायी कंटेनरों में गैस भरना बेहद खतरनाक है। इससे आग लगने या विस्फोट जैसी घटनाएं हो सकती हैं, जो जान-माल के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ganga Expressway

Ganga Expressway 600 KM 6 Lane Highway से यूपी में तेज रफ्तार सफर का नया दौर

उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक ऐसा मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर है जो पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक सफर और कारोबार दोनों की तस्वीर बदल देगा। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा यह एक्सप्रेसवे आने वाले समय में लाखों लोगों की जिंदगी आसान करने वाला है। Ganga Expressway क्या है और क्यों है खास? गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का एक बड़ा ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट है, जिसकी लंबाई करीब 600 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे जोड़ता है:मेरठ से प्रयागराज मुख्य फीचर्स: अब 10-12 घंटे का सफर सिर्फ 6 घंटे में इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद मेरठ से प्रयागराज का सफर काफी छोटा हो जाएगा। यानी अब लंबी दूरी का सफर भी तेज और आरामदायक हो जाएगा। 20 kmph Speed Highway – Fast Travel का नया अनुभव Ganga Expressway को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकें। लेकिन ध्यान रहे: सिर्फ सड़क नहीं, Economic Growth Corridor भी गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा आसान नहीं करेगा, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। इसके फायदे: हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस प्रोजेक्ट इस मेगा प्रोजेक्ट में शामिल हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI Office Attendant Result 2026 Live: जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट, ऐसे करें चेक

RBI Office Attendant Result 2026 Live: जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट, ऐसे करें चेक

RBI की ओर से आयोजित Office Attendant भर्ती परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी जारी हो सकता है। परीक्षा में शामिल हुए लाखों उम्मीदवार बेसब्री से अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि RBI जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट जारी कर देगा। मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले ट्रेंड्स के अनुसार, RBI Office Attendant Result 2026 अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में जारी किया जा सकता है। हालांकि, रिजल्ट डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट (rbi.org.in) पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। रिजल्ट जारी होने के बाद डायरेक्ट लिंक एक्टिव हो जाएगा। ऐसे करें रिजल्ट चेक: कट ऑफ और मेरिट लिस्ट रिजल्ट के साथ ही कट ऑफ मार्क्स और मेरिट लिस्ट भी जारी की जाएगी। कट ऑफ अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से तय होगी। जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट लिस्ट में होगा, उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। आगे क्या होगा? रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद फाइनल चयन सूची जारी होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें ताकि कोई अपडेट मिस न हो। DeshHarPal पर पढ़ें पूरी अपडेट अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ghaziabad

Ghaziabad Fire Incident: पॉश सोसाइटी में आग, फंसे लोग और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Ghaziabad की एक पॉश रेजिडेंशियल सोसाइटी में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। कुछ ही मिनटों में धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया, जिससे कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर हाई-राइज बिल्डिंग्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग अचानक लगी और देखते ही देखते फैलती चली गई। कई लोग लिफ्ट और सीढ़ियों में फंसने की स्थिति में आ गए थे, जिन्हें समय रहते बाहर निकाला गया। आग तेजी से क्यों फैली? समझें “Stack Effect” का असर हाई-राइज इमारतों में आग फैलने का सबसे बड़ा कारण अक्सर Stack Effect होता है। जब आग लगती है, तो गर्म हवा तेजी से ऊपर उठती है और उसकी जगह नीचे से ताजी हवा अंदर खिंचती है। इस प्रक्रिया के कारण: Fire Triangle क्या होता है और आग कैसे फैलती है? आग को जलने और फैलने के लिए तीन जरूरी चीजें होती हैं: इन तीनों के मिलने को ही Fire Triangle कहा जाता है। अगर इनमें से एक भी हट जाए, तो आग को रोका जा सकता है। लेकिन जब ये तीनों मौजूद हों, तो आग तेजी से फैलती है और नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। हाई-राइज बिल्डिंग में आग क्यों बनती है और भी खतरनाक? Ghaziabad की इस घटना ने साफ दिखा दिया कि ऊंची इमारतों में आग कितनी तेजी से भयावह रूप ले सकती है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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