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Commonwealth Games 2026

Commonwealth Games 2026: Opening Ceremony से पहले Indian Boxing Team को झटका

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) की शुरुआत से पहले भारतीय बॉक्सिंग टीम को एक ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसने खिलाड़ियों की तैयारियों पर असर डाल दिया। बेलफास्ट (आयरलैंड) से स्कॉटलैंड के ग्लासगो रवाना हुई टीम का जरूरी सामान एयरपोर्ट पर ही छूट गया। इसमें खिलाड़ियों की ट्रेनिंग किट, बॉक्सिंग गियर और ओपनिंग सेरेमनी (Opening Ceremony) के लिए निर्धारित आधिकारिक ड्रेस भी शामिल हैं। मुकाबलों से ठीक पहले हुई इस घटना ने खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सामान जल्द से जल्द खिलाड़ियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कैसे हुआ पूरा मामला? भारतीय बॉक्सिंग टीम पिछले कुछ दिनों से बेलफास्ट में विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा ले रही थी। कैंप खत्म होने के बाद टीम ग्लासगो पहुंची, लेकिन एयरपोर्ट पर सामान का इंतजार करते-करते खिलाड़ियों को पता चला कि उनके कई बैग विमान में लोड ही नहीं किए गए थे। बताया जा रहा है कि जिस विमान से टीम ने यात्रा की, उसकी कार्गो क्षमता सीमित थी। इसी वजह से कई खिलाड़ियों और अधिकारियों का सामान बेलफास्ट एयरपोर्ट पर ही रह गया। एयरलाइन ने बाद में सामान को अगली उपलब्ध उड़ान से भेजने की प्रक्रिया शुरू की। इन खिलाड़ियों का सामान नहीं पहुंचा रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन खिलाड़ियों और अधिकारियों का सामान पीछे रह गया, उनमें शामिल हैं— इन खिलाड़ियों के बैग में बॉक्सिंग ग्लव्स, ट्रेनिंग किट, निजी सामान और उद्घाटन समारोह में पहनने वाली आधिकारिक ड्रेस रखी हुई थी। Opening Ceremony से पहले बढ़ी चिंता कॉमनवेल्थ गेम्स का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित होना है, जबकि बॉक्सिंग प्रतियोगिता अगले ही दिन से शुरू होगी। ऐसे में खिलाड़ियों के पास अभ्यास और अंतिम तैयारियों के लिए सीमित समय बचा है। यदि सामान समय पर नहीं पहुंचता, तो खिलाड़ियों को नए उपकरण और ड्रेस की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। हालांकि भारतीय दल को उम्मीद है कि एयरलाइन जल्द ही पूरा सामान ग्लासगो पहुंचा देगी। दूसरी बार सामने आई ऐसी समस्या भारतीय बॉक्सिंग टीम के साथ यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले दोहा से बेलफास्ट की यात्रा के दौरान भी कुछ खिलाड़ियों का सामान निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा था। लगातार दूसरी बार ऐसी स्थिति बनने से टीम प्रबंधन ने लॉजिस्टिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। रहने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल सिर्फ सामान ही नहीं, बल्कि टीम की आवास व्यवस्था भी चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महिला टीम की कोच को खिलाड़ियों से अलग होटल में ठहराया गया है। इससे खिलाड़ियों और कोच के बीच समन्वय प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि भारतीय ओलंपिक संघ और टीम अधिकारी इन सभी मुद्दों को जल्द सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि खिलाड़ियों का पूरा ध्यान प्रतियोगिता पर बना रहे। भारत को बॉक्सिंग से बड़ी उम्मीद कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग टीम हमेशा मजबूत दावेदार रही है। इस बार भी टीम से कई पदकों की उम्मीद की जा रही है। अनुभवी और युवा मुक्केबाज शानदार फॉर्म में हैं और उनका लक्ष्य देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतना है। शुरुआती परेशानियों के बावजूद खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा है। टीम का विश्वास है कि जैसे ही सामान पहुंच जाएगा, वे पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतरेंगे और भारत का नाम रोशन करने की कोशिश करेंगे.
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Sikkim

Sikkim Tunnel Accident: लैंडस्लाइड के बाद 20 मजदूरों की मौत, Methane Gas से Rescue Operation प्रभावित

Sikkim में निर्माणाधीन टनल पर हुआ भीषण Landslide पूरे देश को झकझोर देने वाला साबित हुआ है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5 मजदूर अब भी लापता हैं। कई दिनों से लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद खराब मौसम, भारी मलबा और टनल के भीतर फैली मीथेन गैस (Methane Gas) राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। रेस्क्यू टीम के अधिकारियों का कहना है कि हर पल जोखिम बढ़ रहा है, लेकिन लापता मजदूरों तक पहुंचने के लिए अभियान बिना रुके जारी है। कैसे हुआ Sikkim Tunnel Landslide? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हुआ। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में मलबा निर्माणाधीन टनल के प्रवेश मार्ग पर आ गिरा। उस समय कई मजदूर टनल के अंदर काम कर रहे थे और बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF और भारतीय सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत अभियान शुरू किया गया। 20 शव मिले, 5 मजदूरों की तलाश अभी जारी रेस्क्यू टीम ने लगातार कई दिनों तक मलबा हटाने के बाद अब तक 20 मजदूरों के शव बाहर निकाले हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी 5 मजदूरों के टनल के भीतर फंसे होने की आशंका है। हालांकि समय बीतने के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ रही हैं, लेकिन बचाव दल का कहना है कि जब तक अंतिम मजदूर का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। Methane Gas बनी सबसे बड़ी चुनौती रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टनल के अंदर मीथेन गैस की मौजूदगी ने हालात और गंभीर बना दिए। गैस का स्तर बढ़ने से कुछ बचावकर्मियों को सांस लेने में परेशानी हुई और कई कर्मी बेहोश हो गए। इसके बाद ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोककर टनल में गैस की जांच की गई। अब बचाव दल विशेष ऑक्सीजन उपकरण, गैस डिटेक्टर और सुरक्षा किट के साथ अंदर प्रवेश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद टनलों में मीथेन गैस का जमा होना बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि इससे ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है और विस्फोट का खतरा भी बना रहता है। युद्धस्तर पर चल रहा Rescue Operation घटनास्थल पर NDRF, SDRF, भारतीय सेना, पुलिस, प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम लगातार काम कर रही है। भारी मशीनों और आधुनिक ड्रिलिंग उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। लगातार बारिश और पहाड़ी इलाके की कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम चौबीसों घंटे अभियान में जुटी हुई है। सरकार ने मांगी पूरी रिपोर्ट हादसे के बाद राज्य सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाएगा कि निर्माण कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पूरे देश की नजर Rescue Operation पर सिक्किम का यह हादसा केवल एक निर्माण दुर्घटना नहीं, बल्कि उन मजदूर परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। देशभर से लोग लापता मजदूरों के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन का कहना है कि मौसम चाहे जितनी चुनौती पेश करे, अंतिम मजदूर तक पहुंचने की हर संभव कोशिश की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

America Iran Conflict: 5 शहर बने निशाना, Pentagon ने बताया युद्ध का भारी खर्च

मध्य पूर्व में America और Iran के बीच जारी तनाव अब और गंभीर होता जा रहा है।America ने लगातार 11वीं रात ईरान के पांच शहरों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में ड्रोन ठिकानों, सैन्य अड्डों और विमान हैंगर को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया है कि इस सैन्य अभियान पर अब तक 37.5 अरब डॉलर (करीब ₹3.6 लाख करोड़) से अधिक खर्च हो चुका है। लगातार बढ़ते हमलों ने एक बार फिर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान के पांच शहरों में America की Airstrike America सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ताजा कार्रवाई में Iran के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की गई। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की ड्रोन क्षमता और सैन्य नेटवर्क को कमजोर करना बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, जिन इलाकों को निशाना बनाया गया वहां ड्रोन स्टोरेज, एयरक्राफ्ट हैंगर और सैन्य उपकरण मौजूद थे। हालांकि ईरान ने अभी तक हमलों से हुए नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। लगातार 11वीं रात जारी रहा हमला अमेरिका का यह अभियान लगातार 11वीं रात तक जारी रहा। पिछले कई दिनों से दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज होती जा रही है। जहां एक ओर अमेरिका अपने अभियान को आतंकवाद और सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है, वहीं ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात इसी तरह बने रहे तो आने वाले दिनों में संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है। युद्ध पर अब तक ₹3.6 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के अनुसार, ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान पर अब तक 37.5 अरब डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में करीब ₹3.6 लाख करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद अमेरिकी संसद में भी इस अभियान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रक्षा विभाग ने आगे की सैन्य जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त बजट की मांग भी की है। ट्रंप ने दिए सख्त संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि यदि ईरान अपनी सैन्य गतिविधियों में कमी नहीं लाता, तो अमेरिका आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखेगा। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच फिलहाल किसी बड़े कूटनीतिक समाधान के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। दुनिया पर भी दिखने लगा असर अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर अब सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और शेयर बाजार पर भी इस युद्ध का असर पड़ने लगा है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। आगे क्या? लगातार हो रहे हवाई हमले, बढ़ता सैन्य खर्च और दोनों देशों के सख्त रुख को देखते हुए यह साफ है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा। यदि जल्द कोई कूटनीतिक पहल नहीं होती, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान अगला कदम क्या उठाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon Session

Monsoon Session Black Dress में दिखा विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, Rahul Gandhi ने सरकार को घेरा

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में सियासी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। विपक्ष ने अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज करते हुए मंगलवार को संसद परिसर में शक्ति प्रदर्शन किया। INDIA गठबंधन के लगभग सभी सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। विपक्ष का कहना है कि देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर संसद में खुलकर चर्चा नहीं हो रही है। इसी को लेकर सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब देने की मांग उठाई। PM आवास मार्च के बाद Protest हुआ और तेज संसद में विरोध प्रदर्शन से पहले विपक्षी दल प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाल चुके हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के चलते उन्हें रास्ते में रोक दिया गया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने सड़क पर धरना दिया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे। अब उसी विरोध का दूसरा चरण संसद परिसर में देखने को मिला, जहां विपक्ष ने काले कपड़े पहनकर अपना संदेश देने की कोशिश की। Black Dress में दिखी विपक्ष की एकजुटता मंगलवार सुबह कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी और INDIA गठबंधन के अन्य दलों के सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे। नेताओं ने संसद परिसर में नारेबाजी की और सरकार से विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग दोहराई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव पूरे प्रदर्शन के दौरान सांसदों के बीच मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। किन मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना? विपक्ष का आरोप है कि बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, चुनाव प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर संसद में पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है। विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर सरकार सदन में विस्तृत जवाब दे। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह संसदीय नियमों के तहत हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन लगातार हंगामे से सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। संसद की कार्यवाही पर पड़ा असर विपक्ष के प्रदर्शन का असर संसद की कार्यवाही पर भी दिखाई दिया। लोकसभा और राज्यसभा में कई बार हंगामा हुआ, जिसके चलते कार्यवाही बाधित रही। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने से मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। आगे क्या होगा? INDIA गठबंधन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून सत्र के और अधिक हंगामेदार रहने की संभावना है। राजनीतिक नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कब खत्म होगा और संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चल पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ketan Agrawal

Ketan Agrawal Murder Case: Siya-Chetan की साजिश से उठा पर्दा, जांच में सामने आई नई बात

Ketan Agrawal Murder Case में जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि आरोपी Siya और Chetan ने शुरुआत में केतन अग्रवाल को जान से मारने की योजना नहीं बनाई थी, बल्कि पहले उसे अपाहिज बनाने का प्लान तैयार किया गया था। बाद में किसी वजह से साजिश का रुख बदल गया और मामला हत्या तक पहुंच गया। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, आरोपियों का शुरुआती मकसद केतन को गंभीर नुकसान पहुंचाना था, ताकि वह सामान्य जीवन न जी सके। हालांकि बाद में उन्होंने कथित तौर पर हत्या की योजना बना ली। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर साजिश कब शुरू हुई और इसके पीछे असली वजह क्या थी। पूछताछ में सामने आई साजिश की परतें पुलिस की जांच में आरोपियों से पूछताछ, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से घटना से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में लगी हैं कि क्या इस मामले में सिर्फ दो लोग शामिल थे या फिर किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। हत्या के पीछे क्या थी वजह? Ketan Agrawal Murder Case में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आरोपियों ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि विवाद, व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी अन्य कारण ने इस घटना को जन्म दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि सभी सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर केतन अग्रवाल हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आए खुलासों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि इस साजिश की पूरी कहानी क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Market Update: Silver ने बनाया नया रिकॉर्ड, Gold भी पहुंचा ₹1.43 लाख

देश के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना दिया। चांदी की कीमत में एक ही दिन में ₹3,159 प्रति किलोग्राम की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव ₹2.22 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,150 बढ़कर ₹1.43 लाख हो गई। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण सोना और चांदी दोनों की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। यदि यही रुझान आगे भी जारी रहा, तो इस साल के अंत तक 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.60 लाख तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा Gold और Silver सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। चांदी ने पहली बार ₹2.22 लाख प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया, जबकि सोना भी अपने नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाजार जानकारों के मुताबिक, यह तेजी केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार मजबूती बनी हुई है। बीते कुछ महीनों से सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच कीमती धातुओं में निवेश को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में तेजी के पीछे कई अहम वजहें हैं। दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताएं और महंगाई का दबाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित कर रहा है। इसके अलावा, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। वहीं, चांदी की मांग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी, ऑटोमोबाइल और अन्य उद्योगों में इसका उपयोग बढ़ने से इसकी कीमतों को भी लगातार समर्थन मिल रहा है। क्या इस साल ₹1.60 लाख तक पहुंच सकता है Gold? कई मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग मजबूत रहती है, तो इस साल 10 ग्राम सोना ₹1.60 लाख तक पहुंच सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सोना अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुके भाव को देखते हुए एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। चांदी में भी भविष्य की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं, क्योंकि निवेश के साथ-साथ औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है। आम ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर? सोना और चांदी के लगातार महंगे होने का सीधा असर आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है। आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन से पहले बढ़ती कीमतों के कारण लोगों का बजट प्रभावित हो सकता है। हालांकि, ज्वेलरी कारोबारियों का मानना है कि जरूरत के मुताबिक खरीदारी जारी रहेगी, लेकिन महंगे दामों के कारण मांग में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raja Raghuvanshi

Supreme Court on Raja Raghuvanshi Murder Case: Sonam Raghuvanshi से कहा- सरेंडर करें

राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। अदालत ने मुख्य आरोपी और राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी के सामने दो स्पष्ट विकल्प रख दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि या तो वह ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करें, या फिर उनकी जमानत को लेकर दाखिल याचिका पर उपलब्ध रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर फैसला सुनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अदालत का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया से दूरी बनाकर राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? जस्टिस एम.एम. सुन्दरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि सोनम रघुवंशी प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होने तक आत्मसमर्पण कर देती हैं, तो बाद में उनकी जमानत पर कानून के अनुसार विचार किया जा सकता है। लेकिन यदि वह सरेंडर नहीं करती हैं, तो अदालत राज्य सरकार की अपील पर मेरिट के आधार पर फैसला सुनाने के लिए स्वतंत्र होगी। कोर्ट की इस टिप्पणी को मामले में बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय हो सकती है। गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी की ओर से गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यदि गिरफ्तारी के आधार को चुनौती देनी थी, तो यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे कानूनी मुद्दों को उचित समय पर उठाया जाना चाहिए। क्या है Raja Raghuvanshi Murder Case? राजा रघुवंशी की मौत उस समय हुई थी जब वह अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय में हनीमून पर गए थे। कुछ दिनों बाद उनका शव बरामद हुआ और जांच शुरू हुई। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। इस मामले में कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बाद में हाईकोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी थी, लेकिन मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। अब देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। अब आगे क्या होगा? फिलहाल गेंद सोनम रघुवंशी के पाले में है। यदि वह अदालत की सलाह मानते हुए सरेंडर करती हैं, तो ट्रायल के दौरान उनकी जमानत पर दोबारा विचार हो सकता है। दूसरी ओर, यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो सुप्रीम कोर्ट उपलब्ध रिकॉर्ड और कानूनी तथ्यों के आधार पर फैसला सुना सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आने वाली सुनवाई के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोनम रघुवंशी अदालत के सुझाव का पालन करती हैं या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Protest: PM आवास तक मार्च, Priyanka के साथ धरने पर बैठे कांग्रेस नेता

संसद परिसर से निकले कांग्रेस नेताओं का काफिला प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ा, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स पर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। Rahul Gandhi ने लगाए गंभीर आरोप धरने के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। Priyanka Gandhi बोलीं- युवाओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील रवैया अपनाने की जरूरत है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का दावा- सरकार चर्चा से बच रही कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार संसद में खुली चर्चा से बच रही है। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए होना चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से। PM House के आसपास रही हाई सिक्योरिटी प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। कई जगह बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन जारी रखा। सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। क्यों अहम है यह प्रदर्शन? यह विरोध केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। संसद के भीतर बहस और संसद के बाहर प्रदर्शन के जरिए विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और संसद में इस मुद्दे पर आगे क्या चर्चा होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PV Sindhu

PV Sindhu Victory: मुश्किल दौर के बाद शानदार Comeback, विराट Kohli को दिया जीत का Credit

भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने आखिरकार दो साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए इंटरनेशनल बैडमिंटन में दमदार वापसी की है। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने खिताब अपने नाम किया और जीत के बाद ऐसा खुलासा किया, जिसने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सिंधु ने कहा कि इस कमबैक के पीछे सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि विराट कोहली (Virat Kohli) की एक सलाह ने भी बड़ी भूमिका निभाई। PV Sindhu ने बताया कि जब उनका करियर मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब विराट कोहली से हुई बातचीत ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा दी। उसी बातचीत के बाद उन्होंने अपने खेल और सोचने के तरीके में बदलाव किया, जिसका नतीजा अब खिताब के रूप में सामने आया है। संघर्ष के दौर में मिली विराट की सीख पीवी सिंधु पिछले कुछ समय से चोट, खराब फॉर्म और लगातार हार जैसी चुनौतियों का सामना कर रही थीं। कई बड़े टूर्नामेंट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हो पाया, जिससे उन पर सवाल भी उठने लगे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात विराट कोहली से हुई। सिंधु के मुताबिक, विराट ने उन्हें सलाह दी कि किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी उसकी मानसिक मजबूती होती है। उन्होंने कहा कि परिणाम की चिंता छोड़कर अपने खेल पर पूरा ध्यान देना चाहिए। यह बात सिंधु के मन में बैठ गई और उन्होंने उसी दिशा में खुद को तैयार करना शुरू किया। बदली सोच, बदल गए नतीजे सिंधु का कहना है कि पहले वह जीत-हार को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचती थीं। लेकिन अब उन्होंने अपना पूरा फोकस सिर्फ बेहतर प्रदर्शन पर रखा। यही बदलाव उनके खेल में भी साफ दिखाई दिया। हालिया टूर्नामेंट में उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबले खेले। कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखा और निर्णायक मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब दो साल बाद इंटरनेशनल खिताब जीत लिया। दो साल बाद फिर बनीं चैंपियन यह खिताब सिंधु के लिए सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि संघर्ष के बाद मिली बड़ी सफलता है। पिछले दो वर्षों में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हार नहीं मानी। लगातार मेहनत, फिटनेस पर काम और मानसिक तैयारी ने उन्हें फिर से जीत की राह पर पहुंचा दिया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले भारतीय बैडमिंटन के लिए भी सकारात्मक संकेत है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सिंधु का बयान खिताब जीतने के बाद जब सिंधु ने सार्वजनिक रूप से विराट कोहली का जिक्र किया, तो सोशल मीडिया पर उनकी बातें तेजी से वायरल हो गईं। फैंस ने विराट की सोच और सिंधु की ईमानदारी दोनों की जमकर तारीफ की। कई लोगों ने लिखा कि महान खिलाड़ी सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि अपने अनुभव और शब्दों से भी दूसरों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। खिलाड़ियों के लिए बड़ा संदेश पीवी सिंधु की कहानी यह बताती है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता सिर्फ शारीरिक फिटनेस पर निर्भर नहीं होती। मानसिक मजबूती, सही मार्गदर्शन और खुद पर भरोसा भी उतना ही जरूरी होता है। कभी-कभी एक छोटी-सी सलाह पूरे करियर की दिशा बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sikkim

Sikkim Rain 10 लोगों की मौत के बाद तेज हुआ Rescue Operation, PM Modi ने CM Tamang से की बात

हिमालयी राज्य Sikkim एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। जगह-जगह हुए भूस्खलन (Landslide) और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। लगातार बारिश से बढ़ा संकट पिछले कुछ दिनों से Sikkim में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिससे सड़कें ध्वस्त हो गईं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग बंद हो गए हैं। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। 10 लोगों की मौत, कई अब भी लापता राज्य सरकार के अनुसार, राहत अभियान के दौरान अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद राहत कार्य बिना रुके जारी है। युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। PM Modi ने CM Tamang से की बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी। प्रधानमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को राज्य सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। Amit Shah ने भी दिया हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री तमांग से बातचीत कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जाएं। राज्य सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी तैयार किए हैं। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा राज्य सरकार ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय आपदा राहत मानकों के तहत हरसंभव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सिक्किम और आसपास के पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं और केवल सरकारी सलाह का पालन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Congo

Congo School Tragedy: आग की लपटों में घिरे 2 स्कूल, 26 स्टूडेंट्स की गई जान

कांगो (Congo) से एक बेहद दर्दनाक School Fire Accident सामने आया है। यहां दो स्कूलों में आग लगने से 26 छात्रों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। आग इतनी तेजी से फैली कि स्कूल में मौजूद बच्चों को संभलने और सुरक्षित बाहर निकलने का ज्यादा मौका नहीं मिल पाया। जानकारी के मुताबिक, आग की लपटें तेजी से स्कूल की इमारतों तक पहुंचीं। कांगो के इस इलाके में लकड़ी से बने घर और दूसरी संरचनाएं काफी संख्या में हैं। ऐसे में आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे बच्चे आग लगने के बाद स्कूल के अंदर अफरा-तफरी मच गई। बाहर निकलने का रास्ता मुश्किल होने पर कुछ बच्चों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। इस दौरान कई छात्र घायल भी हुए। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों की संख्या सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और लोगों में शोक का माहौल है। लकड़ी की संरचनाओं के कारण तेजी से फैली आग बताया जा रहा है कि इलाके में लकड़ी से बने मकानों की संख्या ज्यादा होने के कारण आग को फैलने में ज्यादा समय नहीं लगा। आग ने आसपास के हिस्सों को भी प्रभावित किया। हालांकि, आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक वजह अभी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की टीम घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है और स्कूलों में मौजूद Fire Safety व्यवस्था की भी जानकारी जुटाई जा रही है। School Safety पर फिर उठे सवाल कांगो की इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और Fire Safety System को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूलों में Emergency Exit, सुरक्षित रास्ते और आग से निपटने के इंतजाम कितने प्रभावी हैं, यह हादसा इस पर ध्यान देने की जरूरत दिखाता है। 26 छात्रों की मौत ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन बच्चों को स्कूल से सुरक्षित घर लौटना था, उनके परिवार अब अपनों को खोने के दर्द से गुजर रहे हैं। हादसे की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Crash: सेंसेक्स 700 अंक टूटा, Nifty 23,250 के नीचे; Metal Stocks में भारी गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा। Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में खुले और कुछ ही देर में बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा फिसलकर करीब 74,200 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,250 के नीचे आ गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव Metal, Auto और Financial Stocks में देखने को मिला। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में तनाव ने भी बाजार के माहौल को कमजोर किया है। Sensex-Nifty में तेज गिरावट शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 708 अंक टूटकर 74,194 के आसपास पहुंच गया। NSE Nifty 50 भी 234 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ करीब 23,244 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इस गिरावट के साथ दोनों प्रमुख इंडेक्स जून के बाद के निचले स्तरों के करीब पहुंच गए। बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा और निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाना शुरू कर दिया। Metal Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो Metal Stocks में सबसे ज्यादा गिरावट रही। Nifty Metal Index करीब 2.8 फीसदी तक नीचे आया। Auto और Financial सेक्टर में भी बिकवाली का असर साफ दिखाई दिया। Tata Steel समेत कई प्रमुख मेटल कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। महंगे कच्चे माल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच मेटल कंपनियों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है। Crude Oil की तेजी ने बढ़ाई टेंशन शेयर बाजार की कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमत भी बड़ी वजह मानी जा रही है। Brent crude 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर चिंता के कारण तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में लंबे समय तक महंगा crude रहने पर देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। रुपये की कमजोरी भी चिंता का कारण शेयर बाजार के साथ भारतीय रुपये पर भी दबाव देखने को मिला। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने बाजार के सेंटीमेंट को और कमजोर किया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर असर डाल रही है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की है। आगे बाजार की दिशा किस पर निर्भर करेगी? अब निवेशकों की नजर मुख्य रूप से Crude Oil Price, रुपये की चाल, विदेशी निवेश और पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। अगर तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार पर दबाव आगे भी बना रह सकता है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ गया है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा और कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखना ज्यादा जरूरी है। कुल मिलाकर, शुक्रवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रहा। Sensex और Nifty में तेज गिरावट के साथ Metal और Auto Stocks में बिकवाली ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले सत्रों में कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Gold-Silver Price

Gold-Silver Price: सोने-चांदी के भाव में गिरावट, जानें 24 से 14 कैरेट तक के रेट

Gold Silver Price Today सोना खरीदने वालों के लिए आज बाजार से थोड़ी राहत की खबर है। सोने और चांदी, दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव ₹3,742 प्रति किलो कम होकर करीब ₹2.30 लाख पर आ गया है। वहीं सोना ₹269 सस्ता होकर करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया है। कीमती धातुओं के भाव में आई इस नरमी पर खरीदारों की नजर बनी हुई है। खासकर वे लोग जो शादी, त्योहार या किसी दूसरे मौके के लिए सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए आज के रेट जानना जरूरी है। Silver Price Today: चांदी ₹3,742 हुई सस्ती चांदी की कीमत में आज सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी का भाव ₹3,742 घटकर करीब ₹2,30,000 रह गया है। चांदी की कीमत में होने वाले बदलाव का असर सिर्फ ज्वेलरी बाजार तक सीमित नहीं रहता। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल भी चांदी के भाव को प्रभावित करती है। ऐसे में आगे भी इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। Gold Price Today: सोना ₹269 गिरा सोने की कीमत में भी आज मामूली गिरावट आई है। 24 कैरेट सोना ₹269 की कमी के साथ करीब ₹1,53,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। सोने के भाव में रोजाना होने वाले बदलाव के पीछे कई वजहें होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर की चाल, निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इनमें प्रमुख हैं। 24 से 14 कैरेट तक सोने के भाव सोने की कीमत उसकी शुद्धता यानी कैरेट के हिसाब से बदलती है। 24 कैरेट को सबसे शुद्ध सोना माना जाता है। वहीं ज्वेलरी में आमतौर पर 22 कैरेट और अन्य शुद्धता वाले सोने का इस्तेमाल किया जाता है। 24 कैरेट के करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम भाव को आधार मानें तो शुद्धता के हिसाब से अनुमानित कीमत इस तरह समझी जा सकती है: ये कैरेट के आधार पर निकाली गई अनुमानित बेस कीमतें हैं। दुकान पर ज्वेलरी खरीदते समय GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण आपको वास्तविक कीमत इससे ज्यादा चुकानी पड़ सकती है। Gold-Silver खरीदने से पहले क्या देखें? अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं तो सिर्फ बाजार भाव पर ध्यान देना काफी नहीं है। ज्वेलरी खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता जरूर जांचें। साथ ही मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क की जानकारी पहले ही ले लें। सोने-चांदी के भाव दिनभर में भी बदल सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वेलर से उस समय का ताजा रेट जरूर कन्फर्म कर लेना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में अनोखी गणेश प्रतिमाएं तैयार, बांस से लेकर धूप-अगरबत्ती और दाल से बनाई मूर्तियां

रायपुर। गणेशोत्सव से पहले रायपुर में भगवान गणेश की अनोखी और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। इस बार शहर के मूर्तिकार पारंपरिक मिट्टी के साथ-साथ बांस, पूजा सामग्री, मोती, दाल, चना, भुट्टे और धूप-अगरबत्ती जैसी अलग-अलग चीजों से गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई प्रतिमाएं ग्राहकों की पसंद और उनके बताए आइडिया के अनुसार तैयार की जा रही हैं। कुछ विशेष प्रतिमाओं को बनाने में करीब तीन महीने तक का समय लगा है। सीमित संख्या में तैयार होने वाली इन प्रतिमाओं के लिए समितियां पहले ही प्री-ऑर्डर दे देती हैं। 30 साल से गणेश प्रतिमाएं बना रहा यादव परिवार रायपुर के रायपुरा इलाके में रहने वाला शिवचरण यादव का परिवार करीब 30 साल से गणेश प्रतिमाएं बनाने का काम कर रहा है। उनके दोनों बेटे भी पिछले करीब 15 साल से इस काम में पिता का साथ दे रहे हैं। परिवार के सदस्य राहुल यादव बताते हैं कि ग्राहक अपनी पसंद की थीम और डिजाइन बताते हैं। इसके बाद उसमें अपनी क्रिएटिविटी और नए आइडिया जोड़कर प्रतिमा तैयार की जाती है। रामसागर पारा की एक गणेश समिति पिछले 17 साल से इसी परिवार से प्रतिमा बनवा रही है। मूर्तिकारों के पास सीमित संख्या में ही ऑर्डर लिए जाते हैं और समितियां आमतौर पर करीब तीन महीने पहले अपनी पसंद की प्रतिमा बुक कर देती हैं। बांस से बनाई गई खास गणेश प्रतिमा इस बार बांस से बनाई गई गणेश प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रही है। इसकी खासियत है कि इसमें मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। प्रतिमा को लकड़ी, पेपर और बांस की मदद से तैयार किया गया है। मूर्तिकार के मुताबिक, इस प्रतिमा को बनाने का काम करीब तीन महीने पहले शुरू किया गया था। बांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक-एक हिस्से को जोड़ते हुए गणेश जी का आकार दिया गया है। इसके लिए पहले बांस की ऊपरी छाल हटाई जाती है और फिर उसे जरूरत के मुताबिक काटकर आकार दिया जाता है। इस प्रतिमा को तैयार करने में करीब 40 से 50 हजार रुपए की लागत आने की जानकारी दी गई है। इस तरह की प्रतिमाएं सीमित संख्या में तैयार की जाती हैं और इन्हें मुख्य रूप से प्री-ऑर्डर पर बनाया जाता है। पूजा सामग्री से तैयार गणेश प्रतिमा मूर्तिकारों ने पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से भी गणेश प्रतिमा तैयार की है। इसमें नारियल की जूट से प्रतिमा का मूल आकार बनाया गया है। प्रतिमा की धोती में जनेऊ लगाया गया है, जबकि माला कमल गट्टे से तैयार की गई है। इसके अलावा रुद्राक्ष, मौली धागे और मोतियों का इस्तेमाल सजावट के लिए किया गया है। मोतियों से तैयार की गई प्रतिमाओं को लोग गृह प्रवेश या गिफ्ट के तौर पर भी पसंद कर रहे हैं। धूप-अगरबत्ती से बनी 12 फीट की प्रतिमा इस साल धूप-अगरबत्ती से तैयार की गई 12 फीट की गणेश प्रतिमा भी खास आकर्षण है। इसे बनाने में करीब तीन महीने का समय लगा है। प्रतिमा में अलग-अलग रंग की धूप स्टिक का इस्तेमाल किया गया है। गीली धूप की मदद से माला, पुष्प और कड़े जैसी सजावट तैयार की गई है। मूर्तिकार के मुताबिक, गणेश समिति ने अपनी पसंद का स्ट्रक्चर बताया था और उसी डिजाइन के आधार पर प्रतिमा तैयार की गई। उन्होंने बताया कि मिट्टी की प्रतिमा की तुलना में ऐसी प्रतिमाएं कुछ मामलों में आसान होती हैं, क्योंकि ये अपेक्षाकृत हल्की होती हैं और काम के दौरान इन्हें जरूरत के अनुसार स्थानांतरित किया जा सकता है। मसूर दाल, चना और भुट्टे से भी बनी गणेश प्रतिमा रायपुर में इस बार खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों से भी गणेश प्रतिमा तैयार की गई है। इसमें मसूर दाल, चना और भुट्टे का इस्तेमाल किया गया है। अलग-अलग खाद्य सामग्री को व्यवस्थित तरीके से सजाकर गणेश जी का आकार दिया गया है। पारंपरिक मिट्टी के बजाय खाने की सामग्री से तैयार यह प्रतिमा लोगों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन रही है। ग्राहकों के आइडिया से तैयार हो रही हैं अनोखी प्रतिमाएं मूर्तिकार राहुल यादव के मुताबिक, अब गणेश प्रतिमाओं को लेकर ग्राहकों की पसंद भी बदल रही है। लोग पहले से अलग और अनोखी थीम चाहते हैं। वे अपनी कल्पना और डिजाइन का आइडिया मूर्तिकारों को बताते हैं। इसके बाद मूर्तिकार उस आइडिया में अपनी क्रिएटिविटी जोड़कर प्रतिमा तैयार करते हैं। यही वजह है कि इस बार रायपुर में गणेशोत्सव के लिए कई ऐसी प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं, जो पारंपरिक मूर्तियों से बिल्कुल अलग नजर आएंगी।
हमीरपुर

SP-BJP Clash: हमीरपुर में आमने-सामने आईं महिला नेत्रियां, जमकर हुआ विवाद

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ी दो महिला नेत्रियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि किसी मुद्दे को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में तीखी बहस में बदल गई और देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा होने लगी है। बहस के बाद बिगड़ा माहौल जानकारी के मुताबिक, दोनों महिला नेत्रियां एक-दूसरे के सामने आईं तो किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सिर्फ कहासुनी तक सीमित था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। बात इतनी बढ़ी कि हाथापाई की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को अलग करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। Video सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में दोनों महिला नेत्रियों के बीच विवाद होता दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर बनी हुई है। पुलिस Complaint पर सबकी नजर मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है तो पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर सकती है। फिलहाल हमीरपुर की यह Political Clash घटना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों पक्षों का पूरा पक्ष और विवाद की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही तस्वीर और साफ हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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