/ Apr 29, 2026
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शंकराचार्य

Magh Mela प्रशासन से नाराज़ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने छोड़ा माघ मेला

प्रयागराज माघ मेला 2026 में बड़ा घटनाक्रम प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला बीच में ही छोड़ दिया। उनके इस फैसले ने संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच गहरी चर्चा छेड़ दी है। मौनी अमावस्या पर संगम स्नान नहीं हो सका मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य संगम स्नान के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी पालकी को पुलिस और मेला प्रशासन ने रोक दिया। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देते हुए उन्हें संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं दी। प्रशासनिक रोक से आहत हुए शंकराचार्य इस घटना से व्यथित होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उसी दिन संगम स्नान करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि संगम स्नान केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और परंपरा से जुड़ा विषय है। धरने पर बैठे, संत सम्मान का मुद्दा उठाया स्नान न होने के बाद शंकराचार्य ने मेला क्षेत्र में अपने शिविर के बाहर धरना शुरू किया। उन्होंने प्रशासन पर संत समाज की गरिमा की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला व्यक्तिगत नहीं, बल्कि धार्मिक मर्यादाओं से जुड़ा है। कोई समाधान नहीं, माघ मेला छोड़ने का फैसला कई दिनों तक चले विरोध और बातचीत के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो शंकराचार्य ने माघ मेला छोड़ने का निर्णय ले लिया। भारी मन से प्रयागराज से विदाई मेला छोड़ते समय उन्होंने कहा,“मैं श्रद्धा लेकर यहां आया था, लेकिन बिना संगम स्नान किए लौट रहा हूं। ऐसी स्थिति की मैंने कभी कल्पना नहीं की थी।”उनके शब्दों में पीड़ा और निराशा साफ झलक रही थी। संत समाज और प्रशासन के बीच बढ़ी दूरी इस पूरे घटनाक्रम ने माघ मेला प्रशासन और संत समाज के संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई संत संगठनों ने इस पर नाराज़गी जताई है, वहीं सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माघ मेला व्यवस्था पर उठे सवाल हालांकि प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था सामान्य है, लेकिन शंकराचार्य के माघ मेला छोड़ने की घटना ने संतों के सम्मान, धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ajit Pawar

Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar Plane Crash बारामती में लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा

महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का एक विमान हादसे में निधन हो गया। यह दर्दनाक दुर्घटना पुणे जिले के बारामती में लैंडिंग के दौरान हुई, जिसमें विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई। कैसे हुआ Ajit Pawar Plane Crash? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अजित पवार जिस छोटे विमान (Charter Aircraft) से यात्रा कर रहे थे, वह बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह ज़मीन से टकराकर क्रैश हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर दमकल और राहत दल पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान में कौन-कौन सवार थे? इस दुर्घटना में: सभी की मौके पर ही मौत हो गई। किसी भी यात्री को बचाया नहीं जा सका। बारामती जा रहे थे Ajit Pawar बताया जा रहा है कि अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कुछ स्थानीय कार्यक्रमों और बैठकों में शामिल होना था। बारामती उनका गृह क्षेत्र भी माना जाता है, जिससे यह हादसा और भी भावनात्मक हो गया है। हादसे की वजह क्या थी? फिलहाल दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।संभावित कारणों में: DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और अन्य जांच एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। देशभर में शोक की लहर Ajit Pawar Death News सामने आने के बाद महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश में शोक का माहौल है। राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने इस दुर्घटना को अपूरणीय क्षति बताया है। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई है। राजनीति के लिए बड़ा झटका Ajit Pawar को महाराष्ट्र की राजनीति का एक मजबूत और निर्णायक चेहरा माना जाता था। उनका अचानक इस तरह जाना राज्य की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP Youth Games

MP Youth Games 2026 TT Nagar में शाम 5 बजे से बदली यातायात व्यवस्था

भोपाल के टीटी नगर में आज से MP Youth Games 2026 का भव्य शुभारंभ हो रहा है। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों के लिए न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच है, बल्कि भोपाल में खेलों के उत्साह को भी बढ़ाएगा। इस वजह से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है। प्रशासन ने समारोह के दौरान नागरिकों और खिलाड़ियों दोनों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को सख्त किया है। मुख्य जानकारी: समारोह स्थल के आसपास के मार्गों पर डायवर्ट किए जाने के कारण शाम के समय यातायात भीड़भाड़ वाला और धीमा रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय से पहले यात्रा योजना बनाएं और समारोह स्थल पर आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। MP Youth Games का आयोजन मध्य प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस खेल महोत्सव में विभिन्न खेलों में प्रतिभागी अपनी योग्यता दिखाएंगे और राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। आयोजन में आने वाले दर्शकों के लिए भी व्यवस्था की गई है ताकि वे आराम से खेलों का आनंद ले सकें। ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग:TT Nagar और आसपास के मुख्य मार्गों पर शाम 5 बजे से वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा। नागरिकों से अनुरोध है कि वे शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। साथ ही, सोशल मीडिया और स्थानीय ट्रैफिक अपडेट्स के माध्यम से लोगों को यातायात की ताजा जानकारी दी जाएगी। इस भव्य आयोजन के माध्यम से भोपाल में युवा खेलों का उत्साह चरम पर पहुंचने की संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य है कि MP Youth Games 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो और नागरिकों तथा खिलाड़ियों दोनों के लिए सुरक्षित और सहज अनुभव सुनिश्चित हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EU

भारत‑EU Trade Deal 2026 मोदी बोले “दुनियाभर में इसकी चर्चा हो रही है”

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लगभग 20 साल की बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक Trade Deal / Free Trade Agreement (FTA) पर आज सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार देते हुए कहा कि यह समझौता भारत और EU दोनों के लिए बड़े आर्थिक अवसर लेकर आएगा। FTA से भारत और EU को क्या मिलेगा? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह डील दुनियाभर में चर्चा का विषय बन रही है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।” अमेरिका की प्रतिक्रिया इस डील को लेकर अमेरिका ने अपनी नाराजगी जताई। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह समझौता कुछ मामलों में अमेरिकी हितों के विपरीत हो सकता है। विशेष रूप से रूस से तेल आयात और टैरिफ नीतियों को लेकर अमेरिका ने आपत्ति व्यक्त की है। पिछले कुछ समय से अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ और व्यापारिक तनाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में भारत ने EU के साथ यह समझौता कर अपने विकल्प मजबूत किए हैं। Global Impact और भविष्य विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता वैश्विक व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत और EU के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा और दुनिया के व्यापारिक संतुलन पर असर डाल सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह डील सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक आर्थिक पहचान को और मजबूत करेगी।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

आज सोना ₹5,000 महंगा चांदी Silver की तेजी ने Investors को किया उत्साहित

आज कीमती धातुओं के बाजार में तेज़ी देखने को मिली है। सोना (Gold) और चांदी (Silver) दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे निवेशकों की नजरें इन धातुओं पर और बढ़ गई हैं। सोने की कीमतें (Gold Price): सोने में आज ₹5,000 की बढ़ोतरी हुई है और इसकी कीमत अब ₹1,59,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन इस नई तेजी ने निवेशकों में उत्साह पैदा कर दिया है। चांदी की कीमतें (Silver Price): चांदी में भी आज ₹25,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस साल सिर्फ 27 दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹1,12,000 की तेजी आई है। इस उछाल ने चांदी को शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए भी आकर्षक बना दिया है। विशेषज्ञों की राय: बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के बढ़ते दबाव के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर बढ़ रहे हैं। सोना (Gold) लंबे समय तक सुरक्षित निवेश माना जाता है, जबकि चांदी (Silver) की तेज़ बढ़ोतरी शॉर्ट टर्म निवेश के लिए अवसर प्रदान करती है। निवेशकों के लिए सुझाव: विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक धैर्य रखें और बाजार की चाल को समझकर ही निवेश करें। कीमती धातुओं में निवेश करने से पहले हाल की कीमतों और वैश्विक मार्केट ट्रेंड पर ध्यान देना ज़रूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Alankar Agnihotri

Alankar Agnihotri बरेली CM Office में विवाद और सस्पेंशन

उत्तर प्रदेश के बरेली में City Magistrate अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने 26 जनवरी को अचानक अपने पद से इस्तीफा (resignation) दे दिया, जिससे प्रशासन में हलचल मच गई। उन्होंने यह कदम मुख्य रूप से नई UGC नियमों और प्रशासनिक नीतियों के विरोध में उठाया। उनके इस्तीफे के बाद, उन्होंने इसे “काला कानून” बताते हुए इसकी वापसी की मांग की। Allegations और Administrative Response इस्तीफा देने के तुरंत बाद, Alankar Agnihotri ने आरोप लगाया कि उन्हें बरेली DM कार्यालय में बुलाकर अपमानित किया गया। उनका कहना था कि उन्हें कार्यालय में रोका गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जान का खतरा महसूस हुआ। वहीं, प्रशासन ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि मजिस्ट्रेट को सिर्फ बातचीत के लिए बुलाया गया था। किसी तरह का बंधक बनाने या अपमान करने का मामला नहीं था। Suspension और Departmental Inquiry उत्तर प्रदेश सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को सस्पेंड कर दिया। उनके खिलाफ departmental inquiry शुरू कर दी गई है। सरकार के मुताबिक प्रारंभिक तौर पर उनका व्यवहार अनुशासनहीन प्रतीत हुआ। सस्पेंड के दौरान उन्हें सीमित भत्ता मिलेगा। धरना और विरोध सस्पेंशन के बाद, Alankar Agnihotri कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक DM यह स्पष्ट नहीं करेंगे कि उन्हें अपमानजनक शब्द किसने कहे, धरना जारी रहेगा। मजिस्ट्रेट ने इसे अपनी न्याय की लड़ाई और प्रशासन पर विश्वासघात का प्रतीक बताया। विवाद के मुख्य पहलू यह मामला न केवल बरेली प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है, बल्कि राज्य सरकार की संवेदनशीलता और अधिकारी-सरकारी नीतियों पर सवाल भी उठा रहा है। अब देखना होगा कि departmental inquiry और प्रशासनिक कार्रवाई किस दिशा में जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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T20

IND vs NZ T20 2026 Tilak Varma बाहर, Shreyas Iyer की वापसी

भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही 5 मैचों की T20 Series 2026 में अब तक भारत ने लगातार जीत दर्ज की हैं और सीरीज पर पकड़ मजबूत कर ली है। लेकिन सीरीज के आख़िरी दो मैचों से पहले दोनों टीमों ने Squad में अहम बदलाव किए हैं, जो अब फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गया है। Team India: बड़ा बदलाव तिलक वर्मा (Tilak Varma) बाहर भारत के युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा को फिटनेस के कारण 4th और 5th T20I के लिए टीम में नहीं रखा गया। उन्होंने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन BCCI चाहता है कि वह पूरी तरह match-fit होकर आगे आने वाले ICC T20 World Cup 2026 के लिए तैयार रहें। श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) बने टीम में तिलक वर्मा के रिप्लेसमेंट के रूप में श्रेयस अय्यर पहले से टीम में थे और अब उन्हें बाकी दोनों मैचों के लिए भी Squad में बनाए रखा गया है। यह कदम भारत की टीम की रणनीति का हिस्सा है, ताकि युवा खिलाड़ियों को दबाव के बिना फिट रहने का समय मिले। Team India का संभावित Squad (Updated) Suryakumar Yadav (C), Abhishek Sharma, Sanju Samson (WK), Shreyas Iyer, Hardik Pandya, Shivam Dube, Axar Patel (VC), Rinku Singh, Jasprit Bumrah, Harshit Rana, Arshdeep Singh, Kuldeep Yadav, Varun Chakaravarthy, Ishan Kishan (WK), Ravi Bishnoi New Zealand: दो खिलाड़ियों को किया बाहर न्यूज़ीलैंड ने भी अपने Squad में बदलाव किए हैं। यह बदलाव NZ टीम की कोशिश है कि वह अंतिम दो मैचों में वापसी करे और सीरीज में आत्मविश्वास बनाए रखे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UGC

UGC New Rules विवाद शिक्षा नीति से सियासत तक, बीजेपी में असंतोष और विपक्ष की चुप्पी

University Grants Commission (UGC) के नए नियम इन दिनों सिर्फ शिक्षा जगत में ही नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का बड़ा विषय बने हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां आमतौर पर ऐसे मुद्दों पर विपक्ष सबसे पहले मोर्चा खोलता है, इस बार तस्वीर उलटी है। सत्तारूढ़ बीजेपी के भीतर ही असहजता और विरोध के स्वर उभर रहे हैं, जबकि विपक्ष अपेक्षाकृत शांत दिखाई दे रहा है। यह पूरा विवाद अब केवल नियमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संघीय ढांचे, राज्यों के अधिकार और आने वाले चुनावों की राजनीति से भी जुड़ गया है। UGC New Rules पर बीजेपी के अंदर विरोध क्यों? UGC के नए नियमों को लेकर सबसे बड़ा सवाल राज्यों की भूमिका पर उठ रहा है। शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) में आती है, यानी इसमें केंद्र और राज्य दोनों को अधिकार हैं। लेकिन नए प्रावधानों से यह धारणा बन रही है कि केंद्र सरकार का दखल राज्यों के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा व्यवस्था में बढ़ जाएगा। खास तौर पर कुलपतियों की नियुक्ति, प्रशासनिक ढांचे और अकादमिक स्वायत्तता जैसे मुद्दों पर कई राज्य सरकारें खुद को असहज महसूस कर रही हैं। यही वजह है कि बीजेपी-शासित राज्यों के कुछ नेता भी खुलकर या अंदरखाने इन नियमों पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी चिंता सिर्फ सैद्धांतिक नहीं है। ज़मीनी हकीकत यह है कि विश्वविद्यालयों में अगर शिक्षक संगठनों या छात्र समूहों का विरोध तेज़ होता है, तो उसका सीधा असर राज्य सरकारों और स्थानीय नेतृत्व पर पड़ेगा। चुनावी सालों में कोई भी नेता ऐसा जोखिम नहीं लेना चाहता। पार्टी के भीतर एक और खींचतान भी साफ दिखती है। एक धड़ा मानता है कि उच्च शिक्षा में एकरूपता और तेज़ सुधार के लिए केंद्रीकरण ज़रूरी है। वहीं दूसरा धड़ा इसे “ओवर-रेगुलेशन” और संघीय ढांचे पर हमला बता रहा है। इसी टकराव ने बीजेपी के अंदर विरोध को हवा दी है। विपक्ष की चुप्पी के मायने क्या हैं? विपक्ष की चुप्पी पहली नज़र में अजीब लगती है, लेकिन इसके पीछे एक सोची-समझी रणनीति दिखती है। पहली बात, UGC के नियम आम जनता के लिए तकनीकी और जटिल हैं। यह ऐसा मुद्दा नहीं है जो तुरंत भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा करे। विपक्ष शायद इंतज़ार कर रहा है कि शिक्षक संगठन, छात्र संघ या राज्य सरकारें पहले खुलकर विरोध करें, ताकि इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके। दूसरी बात, विपक्ष बीजेपी के भीतर उभर रही दरार को अपने आप गहराने देना चाहता है। अगर सत्तारूढ़ पार्टी अपने ही फैसले पर बंटी हुई दिखती है, तो विपक्ष के लिए यह राजनीतिक रूप से फायदेमंद है। ऐसे में सीधे हमला करने के बजाय “वेट एंड वॉच” की नीति ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही है। तीसरी वजह राज्यों की राजनीति से जुड़ी है। तमिलनाडु और केरल जैसे विपक्ष-शासित राज्यों में केंद्र के शिक्षा में हस्तक्षेप का विरोध पहले से ही होता रहा है। वहां यह मुद्दा नया नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष फिलहाल महंगाई, बेरोज़गारी, जाति जनगणना और किसानों जैसे हाई-वोल्टेज मुद्दों पर ज्यादा फोकस कर रहा है। राजनीति में इसके संकेत क्या हैं? इस पूरे विवाद से तीन बड़े संकेत मिलते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

India-EU Summit 2026 राजघाट विज़िट से लेकर Trade Deal तक, दिल्ली में सुरक्षा और ट्रैफिक अलर्ट

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में आज का दिन खास बन गया। राजधानी दिल्ली में 16वां India-EU Summit आयोजित हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने माहौल को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है। एक तरफ राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि, तो दूसरी ओर ट्रेड डील और रणनीतिक साझेदारी पर बड़ी बातचीत — आज का हर पल सुर्खियों में है। राजघाट दौरा: सुरक्षा के चलते ट्रैफिक पर असर सुबह EU नेताओं के राजघाट पहुंचने से पहले ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई इलाकों में ट्रैफिक कर्फ्यू और डायवर्जन लागू कर दिए थे।बहादुर शाह ज़फर मार्ग, ITO चौक, दिल्ली गेट, शांतिवन चौक, IP फ्लाईओवर और असफ अली रोड जैसे रास्तों पर कुछ घंटों तक गाड़ियों की आवाजाही सीमित रही। राजघाट में EU प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। यह पल सिर्फ औपचारिक नहीं था, बल्कि भारत-EU संबंधों में सम्मान और साझेदारी का प्रतीक भी माना गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही यात्रियों से अपील की थी कि वे सुबह के समय इन मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। कई लोगों को दफ्तर और स्कूल पहुंचने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन ज्यादातर लोगों ने इसे एक अहम अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए जरूरी कदम बताया। Summit की बड़ी तस्वीर: रिश्तों में नया अध्याय राजघाट कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन से मुलाकात की। बातचीत में व्यापार, निवेश, क्लाइमेट चेंज, टेक्नोलॉजी, डिफेंस और ग्लोबल सिक्योरिटी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उर्सुला वॉन डर लेयेन ने कहा कि“एक मजबूत और सफल भारत पूरी दुनिया के लिए स्थिरता और समृद्धि लेकर आता है।”उनके इस बयान को दोनों पक्षों के बीच बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है। Free Trade Agreement: दो दशकों बाद बड़ी उम्मीद इस शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा फोकस रहा India-EU Free Trade Agreement (FTA)। करीब 20 साल से अटका यह समझौता अब अंतिम दौर में पहुंचता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अगर यह डील अगले कुछ महीनों में औपचारिक रूप से साइन हो जाती है, तो इससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग, IT, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। EU पहले से ही भारत का एक प्रमुख ट्रेड पार्टनर है, और यह समझौता रिश्तों को नई ऊंचाई दे सकता है। Republic Day से Summit तक: मजबूत होता भरोसा गौर करने वाली बात यह भी है कि EU नेताओं ने 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया था। परेड देखने के बाद ही यह साफ हो गया था कि इस बार का India-EU Summit सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी साझेदारी की नींव रखने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

Iran ने अमेरिका को चेतावनी दी US Warship और Fighter Jet के खौफनाक दृश्य

ईरान (Iran) और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच तेहरान के Enghelab चौक में ईरान ने एक विशाल पोस्टर जारी कर अमेरिका को सैन्य कार्रवाई से बचने की कड़ी चेतावनी दी है। पोस्टर में US युद्धपोत (Aircraft Carrier) और Fighter Jet को ध्वस्त और समुद्र में खून बहते हुए दिखाया गया है। पोस्टर पर अंग्रेज़ी में लिखा है:“If you sow the wind, you will reap the whirlwind”(जो बुवाई करेगा, तूफान काटेगा) — यह स्पष्ट संदेश है कि किसी भी आक्रामक कदम का जवाब ईरान द्वारा दिया जाएगा। क्यों बढ़ रहा है तनाव? पोस्टर का संदेश विशेषज्ञों के अनुसार यह पोस्टर सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है। इसमें दिखाए गए ध्वस्त युद्धपोत और नष्ट विमान, समुद्र में खून के दृश्य के साथ, यह संदेश देते हैं कि यदि वास्तविक टकराव हुआ तो परिणाम भयंकर होंगे। यह ईरान द्वारा अमेरिका और उसके सहयोगियों को भेजी गई सख्त चेतावनी है। अंतरराष्ट्रीय नजर अंतरराष्ट्रीय समुदाय फिलहाल सैन्य टकराव रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। अमेरिका और Iran दोनों ही अपनी तैयारियों में लगे हैं, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित कदम से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bank

Bank Holidays May 2026: मई में 13 दिन बंद रहेंगे Bank, पूरी Holiday List देखें

अगर आप मई 2026 में Bank से जुड़ा कोई जरूरी काम करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। इस महीने बैंक करीब 13 दिन बंद रहने वाले हैं, जिसमें वीकेंड और अलग-अलग राज्यों के त्योहार शामिल हैं। ऐसे में थोड़ी सी प्लानिंग आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है। क्यों बंद रहेंगे Bank इतने दिन? भारत में बैंक छुट्टियां RBI के नियमों के अनुसार तय होती हैं। इनमें शामिल होते हैं: इन्हीं सबको मिलाकर मई में छुट्टियों की संख्या बढ़ जाती है। मई 2026 की जरूरी बैंक छुट्टियां 1 मई Labour Day / महाराष्ट्र दिवस / बुद्ध पूर्णिमादेश के कई हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। 9 मई (Second Saturday) सभी बैंकों में छुट्टी। 11, 18, 25 मई (Sunday) हर रविवार की तरह बैंक बंद रहेंगे। 16 मई सिक्किम स्टेट डेसिर्फ सिक्किम में बैंक बंद। 23 मई (Fourth Saturday) पूरे देश में बैंक अवकाश। 26 मई काजी नजरुल इस्लाम जयंतीकुछ राज्यों में बैंक बंद। 27-28 मई Bakrid (Eid-ul-Adha)कई राज्यों में एक या दो दिन बैंक बंद रह सकते हैं। Bank बंद, लेकिन ये सेवाएं चालू रहेंगी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pakistan

Pakistan Gas Crisis:गैस की किल्लत ने बढ़ाई मुश्किलें, लोग अपना रहे खतरनाक तरीके

Pakistan में गैस संकट ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें Pakistan इस समय गंभीर gas crisis का सामना कर रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों के लिए रोज का खाना बनाना भी चुनौती बन गया है। कई शहरों में घरेलू गैस सप्लाई घंटों तक बंद रहती है, जिससे परिवारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गुब्बारों में गैस भरने को मजबूर लोग इस संकट की सबसे हैरान करने वाली तस्वीरें तब सामने आईं, जब कुछ इलाकों में लोग गुब्बारों और प्लास्टिक बैग में खाना पकाने वाली गैस भरते दिखे। यह तरीका सुनने में जितना अजीब है, उतना ही खतरनाक भी है। जानकारों का कहना है कि इस तरह गैस स्टोर करना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। आखिर क्यों आई ये नौबत? Pakistan में बढ़ते energy crisis के पीछे कई वजहें हैं: इन सब कारणों ने मिलकर हालात को और बिगाड़ दिया है। लाइन में लगकर भी नहीं मिल रही गैस कई जगहों पर लोग सुबह-सुबह गैस के लिए लाइन में लग जाते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में मजबूरी में लोग जोखिम भरे विकल्प अपनाने लगे हैं। सुरक्षा पर बड़ा खतरा विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि गुब्बारों या अस्थायी कंटेनरों में गैस भरना बेहद खतरनाक है। इससे आग लगने या विस्फोट जैसी घटनाएं हो सकती हैं, जो जान-माल के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ganga Expressway

Ganga Expressway 600 KM 6 Lane Highway से यूपी में तेज रफ्तार सफर का नया दौर

उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक ऐसा मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर है जो पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक सफर और कारोबार दोनों की तस्वीर बदल देगा। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा यह एक्सप्रेसवे आने वाले समय में लाखों लोगों की जिंदगी आसान करने वाला है। Ganga Expressway क्या है और क्यों है खास? गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का एक बड़ा ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट है, जिसकी लंबाई करीब 600 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे जोड़ता है:मेरठ से प्रयागराज मुख्य फीचर्स: अब 10-12 घंटे का सफर सिर्फ 6 घंटे में इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद मेरठ से प्रयागराज का सफर काफी छोटा हो जाएगा। यानी अब लंबी दूरी का सफर भी तेज और आरामदायक हो जाएगा। 20 kmph Speed Highway – Fast Travel का नया अनुभव Ganga Expressway को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकें। लेकिन ध्यान रहे: सिर्फ सड़क नहीं, Economic Growth Corridor भी गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा आसान नहीं करेगा, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। इसके फायदे: हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस प्रोजेक्ट इस मेगा प्रोजेक्ट में शामिल हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI Office Attendant Result 2026 Live: जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट, ऐसे करें चेक

RBI Office Attendant Result 2026 Live: जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट, ऐसे करें चेक

RBI की ओर से आयोजित Office Attendant भर्ती परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी जारी हो सकता है। परीक्षा में शामिल हुए लाखों उम्मीदवार बेसब्री से अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि RBI जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट जारी कर देगा। मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले ट्रेंड्स के अनुसार, RBI Office Attendant Result 2026 अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में जारी किया जा सकता है। हालांकि, रिजल्ट डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट (rbi.org.in) पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। रिजल्ट जारी होने के बाद डायरेक्ट लिंक एक्टिव हो जाएगा। ऐसे करें रिजल्ट चेक: कट ऑफ और मेरिट लिस्ट रिजल्ट के साथ ही कट ऑफ मार्क्स और मेरिट लिस्ट भी जारी की जाएगी। कट ऑफ अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से तय होगी। जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट लिस्ट में होगा, उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। आगे क्या होगा? रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद फाइनल चयन सूची जारी होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें ताकि कोई अपडेट मिस न हो। DeshHarPal पर पढ़ें पूरी अपडेट अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ghaziabad

Ghaziabad Fire Incident: पॉश सोसाइटी में आग, फंसे लोग और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Ghaziabad की एक पॉश रेजिडेंशियल सोसाइटी में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। कुछ ही मिनटों में धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया, जिससे कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर हाई-राइज बिल्डिंग्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग अचानक लगी और देखते ही देखते फैलती चली गई। कई लोग लिफ्ट और सीढ़ियों में फंसने की स्थिति में आ गए थे, जिन्हें समय रहते बाहर निकाला गया। आग तेजी से क्यों फैली? समझें “Stack Effect” का असर हाई-राइज इमारतों में आग फैलने का सबसे बड़ा कारण अक्सर Stack Effect होता है। जब आग लगती है, तो गर्म हवा तेजी से ऊपर उठती है और उसकी जगह नीचे से ताजी हवा अंदर खिंचती है। इस प्रक्रिया के कारण: Fire Triangle क्या होता है और आग कैसे फैलती है? आग को जलने और फैलने के लिए तीन जरूरी चीजें होती हैं: इन तीनों के मिलने को ही Fire Triangle कहा जाता है। अगर इनमें से एक भी हट जाए, तो आग को रोका जा सकता है। लेकिन जब ये तीनों मौजूद हों, तो आग तेजी से फैलती है और नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। हाई-राइज बिल्डिंग में आग क्यों बनती है और भी खतरनाक? Ghaziabad की इस घटना ने साफ दिखा दिया कि ऊंची इमारतों में आग कितनी तेजी से भयावह रूप ले सकती है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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