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Bengal BJP Government: नए CM के साथ दो Deputy CM! महिला चेहरे को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

Bengal में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी बीच “CM+2 Formula” की चर्चा ने राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। खबरें हैं कि भाजपा बंगाल में एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम वाला मॉडल अपना सकती है, जिसमें एक महिला नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। कोलकाता में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी। शुभेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार भाजपा की जीत के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में काम किया और कई अहम सीटों पर पार्टी को बढ़त दिलाई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में भाजपा अपने सबसे भरोसेमंद और आक्रामक नेता के तौर पर शुभेंदु अधिकारी को आगे कर सकती है। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है। महिला Deputy CM से क्या साधना चाहती है BJP? भाजपा इस बार बंगाल में महिला वोटर्स को बड़ा संदेश देने की तैयारी में दिखाई दे रही है। यही वजह है कि महिला डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी रणनीतिक तौर पर ऐसा चेहरा सामने लाना चाहती है जो महिला मतदाताओं के साथ-साथ युवा वर्ग को भी आकर्षित कर सके। पिछले कुछ चुनावों में बंगाल की महिला वोटर्स ने निर्णायक भूमिका निभाई है और भाजपा इस समीकरण को अच्छी तरह समझती है। विधायक दल की बैठक पर टिकी सबकी नजर कोलकाता में होने वाली विधायक दल की बैठक के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। सूत्रों के अनुसार पार्टी सिर्फ मुख्यमंत्री के नाम पर ही नहीं, बल्कि पूरे मंत्रिमंडल के संतुलन पर भी काम कर रही है। क्षेत्रीय समीकरण, जातीय संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए भाजपा अपनी पहली बंगाल सरकार को मजबूत और संतुलित दिखाना चाहती है। 9 मई को हो सकता है शपथ ग्रहण सूत्रों की मानें तो नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ तो बंगाल की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव साबित होगा। लंबे समय बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन देखने को मिलेगा और भाजपा नए नेतृत्व के साथ अपनी नई पारी शुरू करेगी। बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत 2026 विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बंगाल की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है। भाजपा अब सिर्फ विपक्ष की भूमिका में नहीं, बल्कि सरकार चलाने की तैयारी में है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा आखिर किस चेहरे पर भरोसा जताती है और क्या वाकई बंगाल में CM+2 Formula लागू होता है या नहीं। विधायक दल की बैठक के बाद इस सस्पेंस से पर्दा उठ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TVK

Vijay की पार्टी TVK हुई आक्रामक, बोले- DMK और AIADMK साथ आए तो छोड़ देंगे कुर्सी

तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों बेहद गरमाई हुई है। अभिनेता और नेता Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने राज्यभर में जोरदार प्रदर्शन कर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, जबकि पार्टी नेताओं ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) साथ आते हैं, तो TVK के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे। सड़कों पर उतरे TVK समर्थक चेन्नई समेत कई जिलों में TVK समर्थकों ने विरोध मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने राज्य की पारंपरिक राजनीति के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि जनता को पर्दे के पीछे चल रही राजनीतिक डील से अंधेरे में रखा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। हालात को संभालने के लिए पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि बाद में कई कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। ‘जनता बदलाव चाहती है’ TVK नेताओं का कहना है कि तमिलनाडु की जनता अब पुरानी राजनीतिक शैली से थक चुकी है। पार्टी का दावा है कि लोग नई सोच और साफ राजनीति चाहते हैं। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि अगर DMK और AIADMK किसी तरह का गठबंधन करते हैं, तो यह सिर्फ सत्ता बचाने की कोशिश होगी। TVK ने इसे “जनादेश के खिलाफ कदम” बताया है। विजय की राजनीति ने बदला माहौल फिल्मों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके विजय की राजनीति में एंट्री के बाद तमिलनाडु में नई चर्चा शुरू हो गई है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता TVK को तेजी से मजबूत कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TVK आने वाले चुनावों में खुद को तीसरे बड़े विकल्प के तौर पर स्थापित करना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी लगातार आक्रामक रुख अपना रही है और सीधे जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही है। गठबंधन की खबरों पर सस्पेंस फिलहाल DMK और AIADMK की ओर से किसी औपचारिक गठबंधन की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में दोनों दलों के बीच संभावित समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच TVK का यह प्रदर्शन साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में और बड़ा सियासी संघर्ष देखने को मिल सकता है। चुनावी माहौल बनने से पहले ही राज्य में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hormuz

Hormuz Strait पर बढ़ा खतरा, अमेरिकी Navy की एंट्री के बाद ईरान ने दिखाई सैन्य ताकत

मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी वॉरशिप की एंट्री, ईरानी मिसाइलों की तैनाती और समुद्र में बढ़ती निगरानी के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या Middle East एक बड़े संघर्ष की तरफ बढ़ रहा है। दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज में बढ़ता तनाव सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। Hormuz Strait क्यों है दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण? होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के बड़े हिस्से में जाने वाला कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल टैंकर हर दिन इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अगर यहां तनाव बढ़ता है या समुद्री रास्ता प्रभावित होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी ताकतें इस इलाके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी Warship की एंट्री से अचानक बदला माहौल हाल ही में अमेरिका ने अपने कई युद्धपोत और निगरानी जहाज होर्मुज के आसपास तैनात किए। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। अमेरिकी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी के बाद पूरे इलाके में सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। समुद्र में लगातार निगरानी बढ़ाई गई और कई देशों ने अपने जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी। हालांकि ईरान ने इसे सीधी चुनौती माना और अमेरिका पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। ईरान ने दिखाई Missile और Drone ताकत अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में ईरान ने भी अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने तटीय इलाकों में मिसाइल सिस्टम एक्टिव कर दिए हैं। इसके साथ ही ड्रोन निगरानी भी बढ़ा दी गई है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरानी ड्रोन अमेरिकी वॉरशिप की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। समुद्र के पास सैन्य अभ्यास और मिसाइल मूवमेंट ने हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसकी सुरक्षा या संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा। तेल बाजार और दुनिया की बढ़ी चिंता होर्मुज में तनाव बढ़ने का असर अब वैश्विक बाजारों में भी दिखने लगा है। तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को अलर्ट मोड पर रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यहां सैन्य टकराव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है। इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक महसूस किया जा सकता है। भारत पर भी पड़ सकता है सीधा असर भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में होर्मुज में तनाव बढ़ने का असर भारत की तेल सप्लाई और आयात लागत पर पड़ सकता है। अगर हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण रहे तो देश में महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। क्या युद्ध के करीब पहुंच चुके हैं हालात? फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों तरफ से कड़े बयान सामने आ रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात को संभालने की कोशिश में जुटा है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि इस समय Middle East बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है और छोटी सी गलती भी बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकती है। दुनिया की नजर अब होर्मुज पर टिकी हुई है, क्योंकि यहां होने वाली हर हलचल का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan के लिए नई मुसीबत! जब्त ईरानी जहाज में कैद हुए अपने ही नागरिक

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान (Pakistan)पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान से जुड़े एक जहाज को समुद्री सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जब्त किए जाने के बाद उसमें कई पाकिस्तानी नागरिकों के फंसे होने की खबर सामने आई है। इस घटना ने पाकिस्तान सरकार की चिंता बढ़ा दी है और अब अपने ही नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए इस्लामाबाद लगातार कोशिश कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज को संदिग्ध गतिविधियों के शक में रोका गया था। जांच के दौरान पता चला कि जहाज पर काम करने वाले कई लोग पाकिस्तान के नागरिक हैं। इनमें अधिकतर लोग रोजगार के लिए खाड़ी क्षेत्र में गए थे और समुद्री कामकाज से जुड़े हुए थे। लेकिन अचानक हुई इस कार्रवाई ने उनकी जिंदगी मुश्किल में डाल दी। रोजगार की तलाश, लेकिन मुसीबत में फंसे लोग बताया जा रहा है कि जहाज पर मौजूद पाकिस्तानी नागरिक सामान्य मजदूर और क्रू मेंबर थे। परिवारों का कहना है कि वे बेहतर कमाई के लिए विदेश गए थे, लेकिन अब उनसे संपर्क तक करना मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान में उनके घरों में बेचैनी का माहौल है और लोग सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Pakistan Government पर बढ़ा Pressure इस पूरे मामले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने संबंधित देशों से संपर्क शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि फंसे नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस मुद्दे पर तेजी से काम करने की मांग की है। Middle East Tension का असर South Asia तक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ रहा तनाव अब दूसरे देशों को भी प्रभावित कर रहा है। पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। ऐसे में यह मामला उसके लिए नई कूटनीतिक चुनौती बन सकता है। सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आ रही हैं। कई यूजर्स पाकिस्तान सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग फंसे नागरिकों की जल्द सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि पाकिस्तान अपने नागरिकों को इस संकट से कितनी जल्दी बाहर निकाल पाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shakti Kapoor

Shakti Kapoor Death Rumor पर भड़के, बोले- मैं बिल्कुल ठीक हूं, फेक न्यूज पर एक्शन लूंगा

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता शक्ति कपूर (Shakti Kapoor) एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैली अपनी मौत की झूठी अफवाहों को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। हाल ही में कुछ प्लेटफॉर्म्स पर उनके निधन की गलत खबर वायरल हो गई, जिसने उनके फैंस को चिंता में डाल दिया। Shakti Kapoor का करारा जवाब इन अफवाहों पर अभिनेता ने खुद सामने आकर सख्त प्रतिक्रिया दी। शक्ति कपूर ने साफ कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी जिंदगी सामान्य तरीके से जी रहे हैं। उन्होंने इन खबरों को “बेसलेस और फेक न्यूज” बताया और कहा कि इस तरह की अफवाहें न सिर्फ परेशान करती हैं, बल्कि परिवार और चाहने वालों को भी दुख पहुंचाती हैं। फेक न्यूज फैलाने वालों को चेतावनी उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी खबर को बिना जांचे-परखे शेयर न करें। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग उनकी मौत या निजी जीवन को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बॉलीवुड में लंबा करियर Shakti Kapoor ने लंबे समय तक बॉलीवुड में काम करते हुए कई यादगार किरदार निभाए हैं और आज भी दर्शकों के बीच उनकी एक मजबूत पहचान बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Big Political Update: मुख्यमंत्री बदलाव की खबरों से गरमाया माहौल

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में आज बड़ा सियासी हलचल का माहौल देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया और कुछ सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah कोलकाता पहुंच चुके हैं और राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें हो सकती हैं। हालांकि अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस खबर के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई बंगाल में नेतृत्व परिवर्तन की कोई बड़ी राजनीतिक तैयारी चल रही है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार: हालांकि, इन सभी दावों पर अब तक न तो बीजेपी और न ही किसी आधिकारिक स्रोत ने कोई बयान जारी किया है। बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पश्चिम बंगाल में वर्तमान में सरकार Mamata Banerjee के नेतृत्व में चल रही है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) राज्य की सत्ता में है। ऐसे में किसी भी तरह के “नए मुख्यमंत्री” की चर्चा केवल राजनीतिक अटकलों और संभावित रणनीति के रूप में देखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि: राजनीतिक हलचल क्यों बढ़ी? बंगाल की राजनीति हमेशा से ही देश की सबसे चर्चित राजनीतिक जंगों में से एक रही है। ऐसे में: अक्सर तेजी से वायरल हो जाती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

West Bengal Politics: BJP की सरकार बनी तो कौन-कौन बन सकते हैं मंत्री और मुख्यमंत्री?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखने की चर्चा तेज हो गई है। अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में पहली बार सरकार बनाती है, तो उसका पहला मंत्रिमंडल पूरी तरह सोच-समझकर और संतुलित रणनीति के साथ तैयार किया जाएगा। पार्टी का फोकस अनुभव, संगठन की पकड़, क्षेत्रीय संतुलन और नए चेहरों को आगे लाने पर रहेगा। राजनीतिक गलियारों में अभी से यह सवाल उठ रहा है कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा और किसे मंत्री पद मिलेगा। CM Face in West Bengal BJP: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे? बीजेपी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कई बड़े नाम चर्चा में हैं: शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) पार्टी के सबसे मजबूत और लोकप्रिय चेहरों में से एक माने जा रहे हैं। ममता बनर्जी के खिलाफ सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा भी वही हैं। संगठन और जमीनी पकड़ उनकी सबसे बड़ी ताकत है। दिलीप घोष (Dilip Ghosh) बीजेपी संगठन को पश्चिम बंगाल में मजबूत करने वाले नेताओं में उनका नाम प्रमुख है। उनकी सख्त और स्पष्ट राजनीतिक शैली उन्हें अलग पहचान देती है। शमिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) शांत और संतुलित नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। पार्टी के रणनीतिक फैसलों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) महिला नेतृत्व का मजबूत चेहरा, जो युवा वर्ग और शहरी मतदाताओं में लोकप्रिय हैं। संभावित BJP Cabinet West Bengal: मंत्रिमंडल कैसा हो सकता है? अगर बीजेपी सरकार बनाती है, तो मंत्रिमंडल में कुछ खास रणनीति देखने को मिलेगी: 1. अनुभवी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी शुभेंदु अधिकारी जैसे वरिष्ठ नेताओं को गृह, परिवहन या अन्य अहम मंत्रालय मिल सकते हैं। 2. महिला नेताओं की मजबूत भागीदारी अग्निमित्रा पॉल जैसी महिला नेताओं को सामाजिक कल्याण और महिला विकास जैसे विभागों में जिम्मेदारी दी जा सकती है। 3. क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और कोलकाता से बराबर प्रतिनिधित्व देने की कोशिश होगी ताकि हर क्षेत्र की आवाज सरकार में शामिल हो। 4. युवा और नए चेहरों को मौका पहली बार जीतने वाले विधायकों को भी मंत्री बनाकर नई ऊर्जा और नई सोच को आगे लाने की रणनीति अपनाई जा सकती है। BJP Strategy in Bengal: बीजेपी की रणनीति क्या होगी? अगर बीजेपी बंगाल में सरकार बनाती है, तो उसका मंत्रिमंडल केवल सत्ता का नहीं बल्कि “प्रदर्शन आधारित सरकार” का संदेश देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Akhilesh

Mamata-Akhilesh Meet में दिखी गर्मजोशी, गेट पर रिसीव करने पहुंचीं दीदी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav की मुलाकात ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कोलकाता में ममता बनर्जी के घर पहुंचे अखिलेश यादव का स्वागत बेहद खास अंदाज में हुआ। मुख्यमंत्री खुद घर के गेट पर उन्हें रिसीव करने पहुंचीं, जबकि टीएमसी सांसद Abhishek Banerjee ने गले लगाकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब देश में विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इस वजह से राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। गेट पर पहुंचीं ममता, तस्वीरों ने खींचा ध्यान अखिलेश यादव जैसे ही ममता बनर्जी के आवास पहुंचे, वहां का माहौल काफी गर्मजोशी भरा नजर आया। ममता बनर्जी खुद बाहर आईं और उन्होंने मुस्कुराते हुए अखिलेश का स्वागत किया। इसी दौरान अभिषेक बनर्जी ने भी सपा प्रमुख को गले लगाया। दोनों नेताओं की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे आने वाले चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश भी छिपा हो सकता है। “भाजपा को दीदी खटकती हैं” — अखिलेश यादव मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को सबसे ज्यादा “दीदी” यानी ममता बनर्जी से परेशानी होती है, क्योंकि वे लगातार केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करती रही हैं। अखिलेश ने यह भी कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को मजबूत रखने के लिए विपक्षी दलों का एकजुट रहना जरूरी है। उनके बयान को आगामी चुनावों की तैयारी और विपक्षी एकता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। Opposition Unity को लेकर बढ़ी चर्चा हाल के महीनों में कई विपक्षी नेता भाजपा के खिलाफ साझा मोर्चा बनाने की कोशिश करते दिखाई दिए हैं। ऐसे में ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की यह मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में विपक्षी दलों के बीच बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है। इस मुलाकात ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि विपक्ष भाजपा के खिलाफ अपनी रणनीति को और मजबूत करने की तैयारी में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई मुलाकात की तस्वीरें ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार शेयर की जा रही हैं। समर्थक इसे विपक्षी एकता की मजबूत तस्वीर बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थकों की ओर से भी इस पर कई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सेंसेक्स

Share Bazaar Today: IT और बैंकिंग शेयरों ने बिगाड़ा खेल, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिला। सुबह के कारोबार में BSE Sensex करीब 200 अंक गिरकर 75,800 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty भी लगभग 100 अंक टूटकर लाल निशान में कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव IT और Banking सेक्टर के शेयरों में बिकवाली की वजह से बना। IT और बैंकिंग शेयरों में बढ़ी बिकवाली आज के ट्रेडिंग सेशन में बड़ी IT कंपनियों और निजी बैंकों के शेयरों में कमजोरी साफ नजर आई। निवेशकों ने कई दिग्गज स्टॉक्स में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। Global Market का असर भारतीय बाजार पर अमेरिकी बाजारों में कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। यही वजह रही कि घरेलू निवेशकों ने भी आज संभलकर ट्रेडिंग की। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और ग्लोबल संकेतों पर निर्भर करेगी। ऑटो और एनर्जी सेक्टर ने दी थोड़ी राहत हालांकि गिरावट के बीच ऑटो और एनर्जी सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इससे बाजार में बड़ी गिरावट टल गई। कई निवेशक अब अच्छे स्तर पर खरीदारी के मौके तलाश रहे हैं। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी बन सकती है हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Canada

Canada Politics Shock: Alberta के अलग देश बनने की मांग ने बढ़ाई सरकार की चिंता

कनाडा (Canada) का सबसे चर्चित प्रांत Alberta इन दिनों राजनीतिक उथल-पुथल के बीच खड़ा है। यहां कनाडा से अलग होकर स्वतंत्र देश बनाने की मांग तेजी पकड़ती दिखाई दे रही है। अलगाववादी संगठनों ने दावा किया है कि उन्होंने जनमत संग्रह (Referendum) के समर्थन में 3 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। अब संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर 2026 में इस मुद्दे पर ऐतिहासिक Voting हो सकती है। यह मामला केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कनाडा की एकता, अर्थव्यवस्था और भविष्य की राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। 3 लाख से ज्यादा लोगों ने दिया समर्थन Alberta में सक्रिय अलगाववादी संगठन “Stay Free Alberta” ने चुनाव अधिकारियों को करीब 3.02 लाख हस्ताक्षर सौंपे हैं। नियमों के अनुसार जनमत संग्रह शुरू कराने के लिए लगभग 1.78 लाख वैध हस्ताक्षरों की जरूरत थी। ऐसे में तय संख्या से कहीं ज्यादा समर्थन मिलने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। संगठन का कहना है कि Alberta के लोगों को अपने संसाधनों, टैक्स और आर्थिक नीतियों पर खुद नियंत्रण मिलना चाहिए। आखिर क्यों बढ़ रही है अलग देश की मांग? Alberta को कनाडा का ऊर्जा केंद्र माना जाता है। यहां तेल और गैस का विशाल भंडार है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलता है। लेकिन कई स्थानीय लोग और नेता मानते हैं कि संघीय सरकार की नीतियां Alberta के उद्योगों को नुकसान पहुंचा रही हैं। लोगों का आरोप है कि Ottawa की सरकार पर्यावरण नियमों और टैक्स नीतियों के जरिए Alberta के तेल कारोबार पर लगातार दबाव बना रही है। इसी नाराजगी को “Western Alienation” कहा जाता है, जो पिछले कई वर्षों से यहां की राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है। अक्टूबर में हो सकती है बड़ी Voting Alberta की प्रीमियर Danielle Smith ने कहा है कि यदि हस्ताक्षर वैध पाए जाते हैं तो सरकार जनमत संग्रह की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अक्टूबर 2026 में वोटिंग कराई जा सकती है। हालांकि Danielle Smith खुद कनाडा से अलग होने के समर्थन में खुलकर नहीं दिखतीं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया है कि जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। कोर्ट पहुंचा मामला, बढ़ सकती है कानूनी लड़ाई इस विवाद ने अब कानूनी रूप भी ले लिया है। कई Indigenous यानी मूल निवासी समुदायों ने अदालत में याचिका दायर कर कहा है कि Alberta का अलग होना पुराने संवैधानिक समझौतों और संधि अधिकारों का उल्लंघन होगा। कोर्ट अब हस्ताक्षरों की जांच और पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। आने वाले समय में यह मामला कनाडा की सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच सकता है। क्या सच में अलग हो सकता है Alberta? राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक अभी Alberta में पूरी तरह अलग देश बनने के समर्थन में बहुमत नहीं दिख रहा है। कई सर्वे में 30% से कम लोग अलगाव के पक्ष में नजर आए हैं। लेकिन 3 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर यह जरूर बताते हैं कि लोगों के बीच असंतोष लगातार बढ़ रहा है। अगर जनमत संग्रह होता है, तो यह कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ साबित हो सकता है। पूरी दुनिया की नजर अब Alberta और कनाडा सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अमेरिकी सीनेट में Iran युद्ध के खिलाफ प्रस्ताव पास, ट्रम्प से सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग

अमेरिकी सीनेट में Iran युद्ध के खिलाफ प्रस्ताव पास, ट्रम्प से सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग

अमेरिका में Iran को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सीनेट में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई को रोकने की अपील की गई है। सीनेट के कई सदस्यों का मानना है कि मध्य पूर्व में एक और युद्ध क्षेत्र और दुनिया दोनों के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। सीनेट में पारित इस प्रस्ताव का उद्देश्य अमेरिका को सीधे सैन्य संघर्ष से दूर रखना और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना है। सांसदों ने कहा कि युद्ध की बजाय बातचीत और समझौते के जरिए समस्याओं का हल निकाला जाना चाहिए। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे हैं। उनका दौरा क्षेत्र में शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने और संभावित पीस डील के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूबियो UAE नेतृत्व से मुलाकात कर ईरान से जुड़े तनाव को कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो युद्ध की आशंकाओं को कम किया जा सकता है। हालांकि हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया की नजरें अमेरिका की अगली रणनीति पर टिकी हैं। मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। ऐसे में कूटनीतिक प्रयासों की सफलता पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति और दुनिया भर की बड़ी खबरों के लिए Deshharpal पर लगातार अपडेट पढ़ते रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Monsoon की धीमी रफ्तार: मुंबई में 13 दिन देरी से पहुंचा, कई राज्यों में बारिश का दौर तेज

Monsoon की धीमी रफ्तार: मुंबई में 13 दिन देरी से पहुंचा, कई राज्यों में बारिश का दौर तेज

देश में monsoon ने इस बार देरी से दस्तक दी है। देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में मानसून करीब 13 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन इसके बाद से लगातार झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है। इसी हफ्ते यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे Madhya Pradesh और Uttar Pradesh में भी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। Delhi में मानसून से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। राजधानी में धूल भरी तेज आंधी चली, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सामान्य मानसून सिस्टम का हिस्सा है, लेकिन इस बार इसकी गति थोड़ी अनियमित रही है। कई जगहों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
Vaibhav सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी: आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर रवाना, खुशी जताई

Vaibhav सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी: आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर रवाना, खुशी जताई

भारतीय क्रिकेट में एक युवा खिलाड़ी के लिए बड़ा पल आया है। Vaibhav सूर्यवंशी को टीम इंडिया की नंबर 3 जर्सी सौंपी गई है, जिसे क्रिकेट में बेहद खास माना जाता है। खिलाड़ी ने इस मौके पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस भावना को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। टीम में शामिल होकर वह अब आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। यह दौरा उनके करियर के लिए एक अहम मौका माना जा रहा है, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। टीम मैनेजमेंट को भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। युवा प्रतिभा को टीम इंडिया में जगह मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
लखनऊ अग्निकांड: 15 लोगों की मौत, बिल्डिंग ढहाने की तैयारी; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील

Lucknow अग्निकांड: 15 लोगों की मौत, बिल्डिंग ढहाने की तैयारी; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर सील

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिस इमारत में आग लगी थी, उसे अब ढहाने की तैयारी की जा रही है क्योंकि वह पूरी तरह असुरक्षित हो चुकी है। इसी के साथ पूरे राज्य में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। शुरुआती कार्रवाई में यूपी के करीब 48 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है, जहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर सुरक्षा इंतजाम और निरीक्षण होता तो यह बड़ा हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
Hockey pre league : भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, रोमांचक मुकाबले में शानदार जीत

Hockey pro league : भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, रोमांचक मुकाबले में शानदार जीत

Hockey pro league में भारत ने एक बार फिर अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। यह मुकाबला बेहद कड़े संघर्ष वाला रहा, जिसमें दोनों टीमों ने आखिरी मिनट तक शानदार खेल दिखाया। भारत की ओर से अभिषेक, नीलकांत शर्मा, सुखजीत सिंह और राजिंदर ने एक-एक गोल दागकर टीम को जीत दिलाई। पूरे मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ भारत का पाकिस्तान के खिलाफ दबदबा और मजबूत हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय टीम पिछले 10 सालों से पाकिस्तान से कोई भी मुकाबला नहीं हारी है, जो इस जीत को और खास बनाता है। मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच तेज़ गति और आक्रामकता देखने को मिली, लेकिन भारत ने आखिरी क्षणों में बढ़त बनाए रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत भारतीय हॉकी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है, खासकर बड़े टूर्नामेंट्स से पहले।

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June 15, 2026

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