/ Apr 29, 2026
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JNU

JNU Protest Viral Umar Khalid Bail Reject के बाद JNU में नारेबाज़ी, देशभर में मचा हंगामा

देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है—छात्र नेता उमर ख़ालिद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद हुआ विरोध प्रदर्शन, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगों के 2020 मामले में उमर ख़ालिद और शारजील इमाम को जमानत न दिए जाने के फैसले के बाद जेएनयू कैंपस में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। इसी दौरान लगाए गए कुछ उग्र और विवादित नारों ने पूरे मामले को राष्ट्रीय बहस में बदल दिया। Viral Video में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ छात्र समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं। इन नारों को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।कई लोगों ने इसे सीमा लांघने वाला विरोध बताया, जबकि कुछ छात्र संगठनों का कहना है कि यह सरकार के फैसलों के खिलाफ आक्रोश की अभिव्यक्ति है। Protest का असली कारण प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उमर ख़ालिद पिछले कई वर्षों से जेल में हैं और बार-बार जमानत याचिका खारिज होना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। छात्रों के अनुसार, यह मुद्दा केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि असहमति की आवाज़ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। Political Reaction तेज़ वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज़ हो गई।सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं ने इसे देश विरोधी मानसिकता करार दिया, जबकि विपक्षी नेताओं ने कहा कि सरकार को नारों से ज़्यादा मूल मुद्दों—जैसे न्यायिक प्रक्रिया और छात्रों की समस्याओं—पर ध्यान देना चाहिए। Police और University Administration का रुख अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस नारेबाज़ी को लेकर कोई आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई है, हालांकि वीडियो की जांच की जा रही है।वहीं, जेएनयू प्रशासन ने फिलहाल संयम बरतते हुए किसी सख्त कार्रवाई की घोषणा नहीं की है। Background: क्यों अहम है यह मामला? उमर ख़ालिद पर UAPA के तहत दिल्ली दंगों की साजिश में शामिल होने का आरोप है। वे 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं।जेएनयू पहले भी ऐसे कई राजनीतिक आंदोलनों और प्रदर्शनों का गवाह रहा है, जहां छात्रों की आवाज़ अक्सर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचती रही है। जेएनयू का यह ताज़ा विरोध प्रदर्शन एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है किविरोध की सीमा क्या होनी चाहिए?और अभिव्यक्ति की आज़ादी और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन कैसे बने? आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस वायरल वीडियो पर प्रशासन और जांच एजेंसियाँ क्या कदम उठाती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPL

IPL Controversy मुस्ताफिज़ुर को लेकर बांग्लादेश सरकार का बड़ा फैसला, IPL Broadcast बंद

बांग्लादेश में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बांग्लादेश सरकार ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रसारण पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला अचानक लिया गया, लेकिन इसके पीछे की वजह ने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। IPL पर बैन क्यों लगाया गया? इस पूरे मामले की शुरुआत बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान से जुड़े विवाद से हुई। IPL 2026 सीज़न से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्ताफिज़ुर को अपनी टीम से रिलीज़ कर दिया। बांग्लादेश में इसे सिर्फ़ एक टीम का फैसला नहीं, बल्कि बांग्लादेशी खिलाड़ी के अपमान और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के हस्तक्षेप के तौर पर देखा गया। क्रिकेट वहां सिर्फ़ खेल नहीं, बल्कि भावना है। जैसे ही यह खबर फैली, बांग्लादेशी फैंस में नाराज़गी साफ़ दिखने लगी। सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह मुद्दा सरकार तक पहुंच गया। सरकार का बड़ा फैसला जनभावनाओं को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए IPL के प्रसारण पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।इस आदेश के तहत: दर्शकों और ब्रॉडकास्टर्स पर असर इस फैसले का सबसे बड़ा असर सीधे क्रिकेट प्रशंसकों पर पड़ा है। IPL बांग्लादेश में भी बेहद लोकप्रिय लीग है और बड़ी संख्या में लोग इसे नियमित रूप से देखते हैं।इसके अलावा: क्रिकेट से आगे बढ़ता मामला कई क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा अब सिर्फ़ IPL या एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहा। यह फैसला खेल, राजनीति और राष्ट्रीय स्वाभिमान के बीच की जटिल स्थिति को दर्शाता है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर भविष्य की द्विपक्षीय सीरीज़ और क्रिकेट सहयोग पर भी पड़ सकता है। आगे क्या? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि: IPL पर लगाया गया यह प्रतिबंध एक याद दिलाता है कि क्रिकेट सिर्फ़ मैदान तक सीमित नहीं रहता। खिलाड़ियों से जुड़ी भावनाएं, देश की प्रतिष्ठा और प्रशंसकों की उम्मीदें—सब मिलकर फैसलों की दिशा तय करती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाकर खत्म होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRCTC

IRCTC Ticket Booking में Aadhaar Linking Rule जनवरी 2026 से मिलेगा Priority Access

भारतीय रेलवे ने जनवरी 2026 से IRCTC टिकट बुकिंग में आधार लिंकिंग को लेकर नया नियम लागू करने की घोषणा की है। इस नियम के तहत आधार से लिंक किए गए यात्रियों को पहले दिन आरक्षण विंडो में प्राथमिकता मिलेगी। नया बदलाव कब से लागू होगा? किस पर लागू होगा? क्यों किया जा रहा है बदलाव? रेलवे का कहना है कि यह कदम एजेंट्स, बॉट्स और टिकट touts के गलत इस्तेमाल को रोकने और सच्चे यात्रियों को आरक्षण में बेहतर अवसर देने के लिए उठाया गया है। स्टेशन काउंटर से बुकिंग पर असर प्राथमिकता का लाभ कैसे उठाएं? इस बदलाव के बाद, रेलवे का लक्ष्य है कि टिकट बुकिंग प्रक्रिया समान और पारदर्शी बने, और genuine यात्रियों को सुविधाजनक अनुभव मिले। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ट्रंप

ट्रंप बोले: Modi ने Russia Oil Import घटाकर मुझे खुश किया India-US Trade Tension बढ़ सकती है

ट्रंप का बयान: मोदी ने मेरी नाखुशी समझी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि भारत के रूस से तेल आयात घटाने का कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर उठाया। ट्रंप ने बताया कि मोदी “बहुत समझदार और अच्छे नेता” हैं और उन्हें पता था कि ट्रंप रूस से तेल खरीद जारी रखने पर नाखुश होंगे। एयर फ़ोर्स वन पर चेतावनी: Extra Tariffs की संभावना ट्रंप ने यह बयान एयर फ़ोर्स वन पर रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत रूस से तेल की खरीद जारी रखता है तो अमेरिका अतिरिक्त टैरिफ (extra tariffs) लगा सकता है, जो भारत के लिए “काफी नकारात्मक” होगा। India-US Trade Relation पर असर विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम India-US trade relationship पर प्रभाव डाल सकता है। ट्रंप प्रशासन पहले भी भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे चुका है, जिसमें रूस से तेल खरीदना एक बड़ा कारण रहा। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू जरूरतें भारत ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू जरूरतें सर्वोपरि हैं। भारत का कहना है कि रूस से ऊर्जा खरीदने का उद्देश्य घरेलू मांग को पूरा करना और पेट्रोलियम बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। रूस पर पश्चिमी दबाव और भारत की रणनीति अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने यूक्रेन युद्ध के चलते रूस पर दबाव बढ़ाया है और ऊर्जा खरीद पर निगरानी रखी हुई है। ऐसे में भारत का निर्णय संतुलन बनाने और अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक प्रयास माना जा रहा है। भविष्य में India-US Trade Dynamics विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले समय में India-US trade dynamics में और उथल-पुथल देखने को मिल सकती है, खासकर ऊर्जा और टैरिफ नीतियों को लेकर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi दंगा मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला Umar Khalid और Sharjeel Imam को झटका

साल 2020 के Delhi Riots Case से जुड़े बहुचर्चित larger conspiracy matter में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उमर खालिद (Umar Khalid) और शरजील इमाम (Sharjeel Imam) की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने साफ कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं और उनकी भूमिका अन्य आरोपियों से अलग मानी जाती है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने क्यों ठुकराई जमानत? सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम पर UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत आरोप हैं, जिसमें जमानत के नियम बेहद सख्त हैं। अदालत के अनुसार, इस स्तर पर उपलब्ध रिकॉर्ड और आरोपों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि मामला कमजोर है या आरोप प्रथम दृष्टया गलत हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि दोनों की कथित भूमिका “qualitatively different” यानी अन्य सह-आरोपियों की तुलना में ज्यादा गंभीर मानी गई है। क्या है Delhi Riots 2020 का मामला? फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में 50 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद दावा किया कि यह हिंसा अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुई थी। इसी कथित साजिश के तहत उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य लोगों पर दंगे भड़काने, भाषणों और बैठकों के जरिए माहौल तनावपूर्ण बनाने जैसे आरोप लगाए गए। अन्य आरोपियों को मिली राहत जहां एक ओर उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं मिली, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इसी केस में पांच अन्य आरोपियों —गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद — को सशर्त जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ आरोप और सबूत, मुख्य आरोपियों की तुलना में उतने गंभीर नहीं हैं। पहले भी खारिज हो चुकी हैं याचिकाएं इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर चुका है। दोनों पिछले कई वर्षों से जेल में बंद हैं और ट्रायल अभी भी जारी है, जिसे लेकर देरी के सवाल उठते रहे हैं। फैसले के मायने सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय एक बार फिर यह दिखाता है कि UAPA जैसे कठोर कानूनों में जमानत पाना आसान नहीं है। साथ ही, यह फैसला उन बहसों को भी हवा देता है जो लंबे समय तक बिना दोष सिद्ध हुए हिरासत, नागरिक अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा के संतुलन पर होती रही हैं। फिलहाल, उमर खालिद और शरजील इमाम को जेल में ही रहना होगा और आगे की कानूनी लड़ाई निचली अदालत में जारी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump

Donald Trump vs Venezuela Maduro Arrest Claim के बाद Caracas में Explosions से हड़कंप

अमेरिका और वेनेज़ुएला के रिश्तों में शनिवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा किया। ट्रंप ने कहा कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) और उनकी पत्नी को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। यह दावा ऐसे समय पर आया है जब वेनेज़ुएला की राजधानी कराकस (Caracas) समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों और सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आईं। Trump का बड़ा बयान, दुनिया में हलचल डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह कार्रवाई “बड़े पैमाने पर किए गए सैन्य ऑपरेशन” का हिस्सा थी। उन्होंने इसे अमेरिका की एक “सफल रणनीतिक कार्रवाई” बताया और कहा कि जल्द ही इस पर आधिकारिक ब्रीफिंग दी जाएगी। ट्रंप के इस बयान के बाद दुनियाभर के मीडिया और सरकारों में हलचल मच गई। हालांकि, अब तक मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन या स्वतंत्र एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Caracas में धमाके, लोगों में डर का माहौल स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तड़के कराकस और आसपास के इलाकों में कई जोरदार विस्फोट सुने गए। कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई और आसमान में धुएँ के गुबार देखे गए।इन घटनाओं के बाद आम लोगों में डर और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। Venezuela सरकार का पलटवार वेनेज़ुएला सरकार ने अमेरिकी दावों को “झूठा और भड़काऊ प्रचार” बताया है। सरकारी बयान में कहा गया कि अमेरिका ने देश की संप्रभुता पर हमला किया है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मादुरो सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि देश अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। पहले से तनावपूर्ण थे US–Venezuela संबंध अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से अमेरिका, मादुरो सरकार पर जैसे गंभीर आरोप लगाता रहा है। ट्रंप पहले भी मादुरो को “नार्को-टेररिस्ट” कह चुके हैं और उन पर इनाम तक घोषित किया गया था। अभी क्या है सच्चाई? फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है किक्या वाकई Nicolas Maduro गिरफ्तार हो चुके हैं? ट्रंप का दावा ज़रूर सुर्खियों में है, लेकिन जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं होती, तब तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं कही जा सकती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

Bangladesh Unrest हिंदू व्यापारी को पीटकर जिंदा जलाया

New Year Eve पर हुआ हमला, तीन दिन तक जिंदगी से जूझते रहे, 3 जनवरी को निधन बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच एक और हृदय विदारक घटना सामने आई है। शरीयतपुर जिले के डामुड्या उपजिला में रहने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई। नए साल की पूर्व संध्या पर हुए इस हमले के बाद वह तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे, लेकिन 3 जनवरी 2026 को अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। New Year Eve की रात क्या हुआ परिजनों के अनुसार, 50 वर्षीय खोकन दास अपनी मेडिकल दुकान और मोबाइल बैंकिंग कारोबार बंद कर रोज़ की तरह घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी ऑटो-रिक्शा को कुछ लोगों ने जबरन रुकवाया। इसके बाद उन पर अचानक हमला कर दिया गया। हमलावरों ने पहले उन्हें बुरी तरह पीटा, फिर तेज़ हथियारों से वार किया और अंत में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जलती आग से बचने की कोशिश में खोकन दास पास के एक तालाब में कूद गए, जिससे आग कुछ हद तक बुझी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत और मौत हमले में खोकन दास के शरीर का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। इसके अलावा उन्हें कई जगह चाकू के घाव और अंदरूनी चोटें आई थीं। पहले उन्हें शरीयतपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में हालत गंभीर होने पर ढाका रेफर किया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार 3 जनवरी की सुबह उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार का दर्द और सवाल मृतक की पत्नी सीमा दास का कहना है कि उनके पति का किसी से कोई झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी। वह एक साधारण, मेहनती व्यापारी थे और इलाके में सभी से अच्छे संबंध रखते थे। परिवार का आरोप है कि खोकन दास को सिर्फ हिंदू होने के कारण निशाना बनाया गया। परिजन अब भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि इतनी बेरहमी की वजह क्या थी। अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा यह घटना बांग्लादेश (Bangladesh) में हाल के दिनों में हिंदू समुदाय पर हुए कई हमलों की कड़ी में एक और नाम जोड़ती है। इन घटनाओं ने न सिर्फ देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने और दोषियों को सख्त सज़ा देने का आश्वासन दिया है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Venezuela

Venezuela में Explosions Caracas में धमाकों से बढ़ी Panic, अमेरिका-Venezuela Tensions और भी तेज़

वेनेजुएला (Venezuela) की राजधानी काराकास में आज सुबह कई जोरदार धमाके (explosions) सुनाई दिए, जिससे शहर में अफरा-तफरी और panic फैल गया। स्थानीय लोग सुबह के समय अचानक उठे और बाहर निकलकर देखा कि आसमान में low-flying aircrafts उड़ रहे थे और कुछ इलाकों में smoke उठ रही थी। धमाकों के समय शहर के कई हिस्सों में power outage भी हुआ। लोगों ने बताया कि यह आवाज़ इतनी तेज़ थी कि घर और गाड़ियों में कंपन महसूस हुआ। हालांकि, अभी तक कोई official confirmation नहीं आई है कि धमाके किस कारण हुए या इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। अमेरिका और Venezuela के बीच बढ़ता तनाव यह घटना ऐसे समय में हुई है जब US और Venezuela के बीच political और military tensions बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्तों में अमेरिका ने Caribbean क्षेत्र में अपनी military presence बढ़ाई और ड्रग ट्रैफिकिंग के मामलों में strikes on vessels किए। दिसंबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुलासा किया था कि अमेरिकी बलों ने Venezuela में एक suspected drug facility को निशाना बनाया था। दूसरी ओर, वेनेजुएला (Venezuela) के राष्ट्रपति Nicolás Maduro ने अमेरिका के साथ dialogue और talks की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन पर regime change की कोशिश और देश के oil resources पर नियंत्रण का आरोप भी लगाया। क्या नहीं पता इस घटना का महत्व यह Caracas में हाल के महीनों की सबसे गंभीर सुरक्षा घटना मानी जा रही है। इससे: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

भोपाल ब्रेकिंग निशातपुरा आरओबी बना विकास की नई पहचान, 9 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निशातपुरा आरओबी का निरीक्षण भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल के तहत मंत्री विश्वास सारंग ने निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह परियोजना भोपाल के ट्रैफिक सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। देश का पहला आरओबी जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा निशातपुरा आरओबी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश का पहला रेलवे ओवरब्रिज होगा जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से निकलेगा। तकनीकी दृष्टि से यह एक चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसे आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया जा रहा है। यह आरओबी भोपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। नवंबर तक पूरा होने का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नवंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं ताकि तय समय में आरओबी को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। इसके पूरा होते ही वर्षों से चली आ रही यातायात समस्याओं से राहत मिलेगी। नया और पुराना भोपाल होगा सीधे तौर पर जुड़ा निशातपुरा आरओबी के बन जाने से नया और पुराना भोपाल सीधे जुड़ जाएगा। करोंद, छोला और निशातपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अभी इन क्षेत्रों में रेलवे फाटकों के कारण लंबे जाम लगते हैं, जो आरओबी बनने के बाद पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। भोपाल स्टेशन से छोला खेड़ापति तक सीधा मार्ग यह आरओबी भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से लेकर छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक बनेगा। इससे स्टेशन क्षेत्र से छोला और करोंद की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बंटेगा। लगभग 9 लाख नागरिक होंगे लाभान्वित इस परियोजना से करीब 9 लाख नागरिकों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आपातकालीन सेवाओं के लिए यह आरओबी समय और ईंधन दोनों की बचत करेगा। एयरपोर्ट तक पहुंच होगी और अधिक आसान आरओबी के निर्माण से नये और पुराने भोपाल से छोला क्षेत्र के साथ-साथ राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंच भी अधिक सुगम हो जाएगी। इससे शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए कमेटी गठित परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआई सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय हेतु एक विशेष कमेटी बनाई गई है। यह समिति निर्माण की गुणवत्ता और गति पर लगातार नजर रखेगी। भोपाल के विकास को मिलेगी नई गति कुल मिलाकर, निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज भोपाल के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने जा रहा है। यह न केवल ट्रैफिक जाम से राहत देगा, बल्कि भोपाल को एक आधुनिक, स्मार्ट और सुगठित शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BCCI

IPL 2026 Controversy BCCI का बड़ा आदेश, KKR को Mustafizur Rahman को Release करने का आदेश

आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है। Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को निर्देश दिया है कि वह अपनी टीम से बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान (Mustafizur Rahman) को रिलीज़ करें। केकेआर वही फ्रेंचाइज़ी है, जिसके सह-मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख़ ख़ान हैं। KKR ने 9.20 करोड़ में खरीदा था Mustafizur आईपीएल 2026 की नीलामी में केकेआर ने मुस्ताफिज़ुर रहमान को लगभग ₹9.20 करोड़ में खरीदा था। यह बोली न सिर्फ चर्चा में रही, बल्कि बांग्लादेशी क्रिकेट इतिहास की सबसे महंगी आईपीएल डील्स में से एक मानी जा रही थी। लेकिन नीलामी के कुछ ही समय बाद यह सौदा विवादों में घिर गया। BCCI ने क्यों दिया Release करने का निर्देश? BCCI की ओर से कहा गया है कि यह फैसला “हालिया घटनाक्रम (recent developments)” को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दरअसल, मुस्ताफिज़ुर की केकेआर में एंट्री के बाद भारत में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। कुछ राजनीतिक नेताओं और संगठनों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित हिंसा का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि ऐसे समय में किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में क्यों मौका दिया जा रहा है। शाहरुख़ ख़ान और KKR भी आए निशाने पर विवाद बढ़ने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर केकेआर और शाहरुख़ ख़ान को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और बयानबाज़ी देखने को मिली, जिससे मामला क्रिकेट से निकलकर राजनीतिक बहस में बदल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BCCI ने हस्तक्षेप किया और केकेआर को मुस्ताफिज़ुर को रिलीज़ करने का निर्देश जारी किया। KKR को मिलेगा Replacement का मौका BCCI ने यह भी साफ किया है कि कोलकाता नाइट राइडर्स को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी चुनने की अनुमति दी जाएगी, ताकि टीम की तैयारी और संतुलन पर ज्यादा असर न पड़े। खेल बनाम राजनीति की बहस फिर तेज इस फैसले के बाद एक बार फिर यह बहस तेज़ हो गई है कि क्या खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। कई क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता या राजनीतिक हालात के कारण बाहर करना खेल की भावना के खिलाफ है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय भावनाओं और सामाजिक परिस्थितियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Mustafizur Rahman का IPL 2026 लगभग खत्म फिलहाल हालात को देखते हुए यह माना जा रहा है कि मुस्ताफिज़ुर रहमान का IPL 2026 में खेलना लगभग नामुमकिन है, जब तक कि BCCI अपने फैसले पर दोबारा विचार न करे। यह मामला आने वाले समय में विदेशी खिलाड़ियों की आईपीएल में भागीदारी को लेकर एक अहम उदाहरण बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा में बैंक के कब्जे वाले मकान में घुसा परिवार, 4 पर केस दर्ज

खंडवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक जैन परिवार के खिलाफ जबरन कब्जे का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक द्वारा सील किए गए मकान में परिवार ने पीछे के दरवाजे से घुसकर दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। 86 लाख का लोन नहीं चुकाया मामला सौमित्र नगर का है, जहां चंद्रकुमार जैन ने एयू बैंक से अपने मकान को गिरवी रखकर 86 लाख 67 हजार रुपए का लोन लिया था। लंबे समय तक लोन नहीं चुकाने पर बैंक ने संपत्ति को अपने आधिपत्य में लेकर मकान सील कर दिया था। कलेक्टर के आदेश पर बैंक को मिला कब्जा जानकारी के अनुसार, बैंक ने बकाया राशि को लेकर नोटिस जारी किए थे, लेकिन परिवार ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद मामला कलेक्टर तक पहुंचा, जहां से बैंक के पक्ष में आदेश जारी हुआ। तहसीलदार की मौजूदगी में बैंक को मकान का कब्जा दिलाया गया। पीछे के गेट से घुसकर कब्जे की कोशिश आरोप है कि इसके बावजूद जैन परिवार पीछे के रास्ते से मकान में घुस गया और दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। बैंक अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। परिवार के 4 सदस्यों पर केस पुलिस ने शिकायत के आधार पर नवीन कुमार जैन, प्रवीण कुमार जैन, निर्मला जैन और चंद्रकुमार जैन के खिलाफ जबरन कब्जे की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
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अब पेट्रोल में होगा बड़ा बदलाव! गाड़ियां चलेंगी ‘शराब वाले फ्यूल’ से

भारत सरकार ने पेट्रोल में 85% तक एथेनॉल मिलाने (E85 Fuel) का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जानिए इसका आपकी गाड़ी, माइलेज और जेब पर क्या असर पड़ेगा। E85 Petrol: देश में फ्यूल सिस्टम बदलने की तैयारी भारत में अब पेट्रोल का खेल बदलने वाला है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर E85 (85% एथेनॉल + 15% पेट्रोल) करने का बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रस्ताव के तहत न सिर्फ E85 बल्कि E100 (100% एथेनॉल) फ्यूल को भी शामिल करने की तैयारी है, यानी आने वाले समय में गाड़ियां पूरी तरह “अल्कोहल बेस्ड फ्यूल” पर चल सकती हैं। क्या है E85 Fuel? (Simple भाषा में समझें) अब तक देश में E20 लागू हो चुका है, लेकिन सरकार इससे आगे बढ़कर E85 की दिशा में काम कर रही है। सरकार ऐसा क्यों कर रही है? इस फैसले के पीछे कई बड़े कारण हैं: 👉 तेल आयात पर निर्भरता कम करना👉 पेट्रोल खर्च घटाना👉 पर्यावरण को कम नुकसान (कम कार्बन उत्सर्जन)👉किसानों को फायदा (एथेनॉल गन्ना/मक्का से बनता है) भारत पहले ही E20 लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब अगला कदम E85 है। क्या आपकी गाड़ी में चलेगा E85? यह सबसे बड़ा सवाल है 👇 ❌ अभी की ज्यादातर गाड़ियां E85 के लिए तैयार नहीं हैं✔ इसके लिए Flex Fuel Vehicles (FFV) चाहिए होंगी✔ कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी लानी पड़ेगी यानी तुरंत बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले सालों में नई गाड़ियां इस हिसाब से डिजाइन होंगी। क्या होंगे इसके असर? गाड़ियों पर असर पेट्रोल पंप पर बदलाव आपकी जेब पर असर Auto कंपनियों की चिंता भी बढ़ी ऑटो इंडस्ट्री इस बदलाव को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं है। कंपनियों का कहना है कि: आगे क्या होगा? E85 Fuel भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।लेकिन सच यह भी है कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही लागू होगा। 👉 अभी के लिए घबराने की जरूरत नहीं👉 लेकिन भविष्य में गाड़ी खरीदते समय “Flex Fuel” जरूर ध्यान में रखें

दलबदल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, 720 दिन की देरी पर सवाल

सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दलबदल मामले में दायर याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह याचिका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दायर की है, जिसमें उनकी विधायकी खत्म करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा और मामले में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। “90 दिन में फैसला होना चाहिए, 720 दिन क्यों लगे?” चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि दलबदल मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर निर्णय देने की समय सीमा तय की है। ऐसे में 720 दिन बीत जाने के बाद भी फैसला नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने महाधिवक्ता प्रशांत सिंह से कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन स्पीकर के संज्ञान में लाई जाए। स्पीकर के पास लंबित है मामला महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि मामले की सुनवाई विधानसभा स्पीकर के समक्ष जारी है और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं उमंग सिंघार के वकील विभोर खंडेलवाल ने भी मांग की कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 90 दिन की समय सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। बीजेपी कार्यक्रम में दिखने के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, निर्मला सप्रे ने 2023 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। 5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ बीजेपी के मंच पर नजर आई थीं। इसके बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। 5 जुलाई 2024 को उमंग सिंघार ने स्पीकर के समक्ष याचिका लगाकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की। जब इस पर फैसला नहीं हुआ, तो नवंबर 2024 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किए 12वीं बोर्ड के नतीजे

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल कुल 83.04% छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। टॉप-10 मेरिट लिस्ट में कुल 43 छात्रों ने जगह बनाई है। जिज्ञासु वर्मा ने किया टॉप बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने 98.60% अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।दूसरे स्थान पर बेमेतरा जिले की छात्रा ओमनी वर्मा रहीं, जिन्होंने 98.20% अंक हासिल किए।तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिले के छात्र कृष महंत रहे, जिनके 97.80% अंक आए। इन जिलों के छात्रों का दबदबा रायगढ़, जशपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और कांकेर जैसे जिलों के छात्रों ने टॉप-10 में जगह बनाई है। इससे साफ है कि छोटे शहरों के छात्र भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। टॉपर्स को मिलेंगे 1.5 लाख रुपए राज्य सरकार ने टॉपर्स को 1.5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। टॉपर जिज्ञासु वर्मा ने बताया कि वे आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके पिता एक किराना दुकान चलाते हैं। टॉप-10 स्टूडेंट्स लिस्ट (CGBSE 12th 2026) इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट CGBSE की आधिकारिक वेबसाइट सहित कुल 9 वेबसाइट्स पर देख सकते हैं। (स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपना रोल नंबर तैयार रखें) 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
E85 Petrol

Petrol vs Ethanol: E85 Petrol Launch से बदल जाएगा India का Fuel System

भारत के फ्यूल सेक्टर में एक बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है। केंद्र सरकार ने E85 Petrol(85% Ethanol + 15% Petrol) को लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर यह लागू होता है, तो आने वाले समय में हमारी गाड़ियां पारंपरिक पेट्रोल के बजाय ज्यादा “ग्रीन फ्यूल” पर दौड़ती नजर आ सकती हैं। यह सिर्फ एक टेक्निकल बदलाव नहीं है—बल्कि इसका असर आपकी जेब, किसानों की आय और देश की ऊर्जा नीति तक पड़ेगा। क्या है E85 Petrol? (Simple समझें) E85 एक हाई एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल है, जिसमें: अभी भारत में E20 फ्यूल का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन E85 उससे कहीं आगे का स्टेप माना जा रहा है। सरकार का प्लान क्या है? सरकार चाहती है कि भारत धीरे-धीरे पेट्रोल-डिपेंडेंसी से बाहर निकले। इसी दिशा में: फिलहाल यह ड्राफ्ट स्टेज में है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। क्यों जरूरी है E85? (Big Reasons) 1. Import Bill होगा कम भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से मंगाता है। एथेनॉल बढ़ने से यह खर्च कम हो सकता है 2. Pollution में कमी Ethanol एक क्लीनर फ्यूल है इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण को राहत मिलेगी 3. Farmers को सीधा फायदा क्या आपकी Car E85 पर चल पाएगी? यहीं पर सबसे बड़ा ट्विस्ट है। हर गाड़ी E85 पर नहीं चल सकती मतलब साफ है—नई टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियां ही इस बदलाव का पूरा फायदा उठा पाएंगी। आने वाले समय में क्या बदल सकता है?

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