New Year Eve पर हुआ हमला, तीन दिन तक जिंदगी से जूझते रहे, 3 जनवरी को निधन
बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच एक और हृदय विदारक घटना सामने आई है। शरीयतपुर जिले के डामुड्या उपजिला में रहने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई। नए साल की पूर्व संध्या पर हुए इस हमले के बाद वह तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे, लेकिन 3 जनवरी 2026 को अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
New Year Eve की रात क्या हुआ
परिजनों के अनुसार, 50 वर्षीय खोकन दास अपनी मेडिकल दुकान और मोबाइल बैंकिंग कारोबार बंद कर रोज़ की तरह घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी ऑटो-रिक्शा को कुछ लोगों ने जबरन रुकवाया। इसके बाद उन पर अचानक हमला कर दिया गया।
हमलावरों ने पहले उन्हें बुरी तरह पीटा, फिर तेज़ हथियारों से वार किया और अंत में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जलती आग से बचने की कोशिश में खोकन दास पास के एक तालाब में कूद गए, जिससे आग कुछ हद तक बुझी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
गंभीर हालत और मौत
हमले में खोकन दास के शरीर का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। इसके अलावा उन्हें कई जगह चाकू के घाव और अंदरूनी चोटें आई थीं। पहले उन्हें शरीयतपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में हालत गंभीर होने पर ढाका रेफर किया गया।
डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार 3 जनवरी की सुबह उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार का दर्द और सवाल
मृतक की पत्नी सीमा दास का कहना है कि उनके पति का किसी से कोई झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी। वह एक साधारण, मेहनती व्यापारी थे और इलाके में सभी से अच्छे संबंध रखते थे।
परिवार का आरोप है कि खोकन दास को सिर्फ हिंदू होने के कारण निशाना बनाया गया। परिजन अब भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि इतनी बेरहमी की वजह क्या थी।
अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा
यह घटना बांग्लादेश (Bangladesh) में हाल के दिनों में हिंदू समुदाय पर हुए कई हमलों की कड़ी में एक और नाम जोड़ती है। इन घटनाओं ने न सिर्फ देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने और दोषियों को सख्त सज़ा देने का आश्वासन दिया है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है।
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