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Indian Navy

Indian Navy को मिला Double Power INS Aridhaman और INS Taragiri से बढ़ी समुद्री ताकत

हिंद महासागर में भारत की बढ़ी ताकत, दुश्मनों के लिए साफ संदेश भारत की समुद्री सुरक्षा को आज एक नई मजबूती मिली, जब भारतीय नौसेना (Indian Navy) में दो बेहद अहम और अत्याधुनिक युद्ध प्लेटफॉर्म — INS Aridhaman और INS Taragiri — शामिल किए गए। यह सिर्फ दो नए युद्ध प्लेटफॉर्म्स की एंट्री नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती रणनीतिक पकड़ का बड़ा संकेत भी है। एक तरफ INS Aridhaman, भारत की स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी क्षमता को और मजबूत करता है, तो दूसरी ओर INS Taragiri stealth power और multi-role combat क्षमता के साथ नौसेना की सतही ताकत को नई धार देता है। इन दोनों की तैनाती से साफ है कि भारत अब समुद्र में सिर्फ मौजूद नहीं, बल्कि निर्णायक बढ़त की दिशा में आगे बढ़ रहा है। INS Aridhaman: Sea-Based Nuclear Deterrence का मजबूत कवच INS Aridhaman को भारत की तीसरी स्वदेशी nuclear-powered ballistic missile submarine (SSBN) माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह लंबे समय तक समुद्र की गहराइयों में बिना पकड़े गए ऑपरेट कर सकती है। युद्ध या तनाव की स्थिति में यह भारत की second-strike capability को मजबूत बनाती है, जो किसी भी परमाणु शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। रणनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी तैनाती से भारत की nuclear triad और ज्यादा भरोसेमंद हुई है। INS Taragiri: Stealth Frigate जो दुश्मन पर रखेगी पैनी नजर INS Taragiri, Project 17A के तहत तैयार किया गया आधुनिक stealth frigate है। करीब 6,670 टन वजनी यह युद्धपोत advanced radar systems, BrahMos-class strike capability, anti-submarine warfare systems और air defence weapons से लैस है। इसकी stealth design इसे दुश्मन के radar पर कम visible बनाती है, जिससे यह sensitive maritime missions में बेहद असरदार साबित होगा। escort operations, surveillance और strike missions जैसे हर मोर्चे पर यह Indian Navy की ताकत बढ़ाएगा। Indian Ocean में भारत की बढ़ती Strategic Edge इन दोनों प्लेटफॉर्म्स की commissioning ऐसे समय पर हुई है जब हिंद महासागर और Indo-Pacific region में geopolitical competition तेजी से बढ़ रहा है। भारत के लिए यह सिर्फ defence upgrade नहीं, बल्कि maritime dominance की दिशा में बड़ा कदम है। INS Aridhaman जहां invisible deterrence का भरोसा देता है, वहीं INS Taragiri visible combat superiority का प्रतीक बनकर सामने आया है। Aatmanirbhar Bharat की बड़ी सफलता इस उपलब्धि का सबसे गर्व वाला पहलू इसका स्वदेशी निर्माण है। दोनों प्लेटफॉर्म भारत की defence manufacturing capability, naval design expertise और indigenous technology ecosystem की ताकत को दिखाते हैं। यह सिर्फ सेना की ताकत नहीं बढ़ाता, बल्कि देश के युवाओं, engineers, shipbuilders और defence sector से जुड़े हजारों लोगों के लिए गर्व का पल भी है। निष्कर्ष: समुद्र में भारत की नई शक्ति का दौर INS Aridhaman और INS Taragiri की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि भारत समुद्र में अपनी शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले वर्षों में ये दोनों प्लेटफॉर्म Indian Navy की operational capability और strategic deterrence के सबसे मजबूत स्तंभ बन सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Murder Case चाय कारोबारी Vijay Mewada की हत्या और Asif Bam का Short Encounter

भोपाल (Bhopal) में चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आसिफ बम (Asif Bam) का पुलिस के साथ short encounter हुआ। घटना मंगलवार—बुधवार की दरमियानी रात समसपुरा और रातीबड़ के पास हुई, जिसमें आरोपी ने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग की, और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसके घुटनों पर दो गोली मारी। हत्या का पूरा मामला करीब चार दिन पहले विजय मेवाड़ा अपने कर्मचारियों के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी आसिफ बम और उसके साथी कर्मचारियों से बहस करने लगे। विजय ने “बेटा” कहकर उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान आसिफ बम ने विजय के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कर्मचारियों ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक विजय मेवाड़ा की मौत हो चुकी थी। विजय भोपाल में चाय के कारोबार के लिए जाने जाते थे और उनके निधन से स्थानीय समुदाय में शोक की लहर है। आरोपी की गिरफ्तारी हत्या के बाद आरोपी आसिफ बम फरार चल रहा था। पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि वह एक फार्म हाउस में छिपा हुआ है। सूचना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और समसपुरा से भोपाल ले जा रही थी। शॉर्ट एनकाउंटर की कहानी रातीबड़ के पास आरोपी ने पुलिस की पिस्टल छीनने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसके घुटनों पर दो गोली मारी। इस दौरान अन्य पुलिस बल भी मौके पर पहुंचे। घटना के तुरंत बाद आरोपी को हमीदिया अस्पताल लाया गया। हमीदिया अस्पताल में सुरक्षा आसिफ बम के इलाज के दौरान हमीदिया अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अस्पताल परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मीडिया और अन्य लोगों की एंट्री फिलहाल रोक दी गई है। डॉक्टर आरोपी का इलाज कर रहे हैं और पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Oracle

Oracle Layoffs 2026 CIA Project से शुरू हुई Company ने India में 12,000 Jobs Cut कीं

भारत के IT सेक्टर में आज की सबसे बड़ी खबर Oracle से आई। कंपनी ने भारत में लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि Oracle ने global restructuring के तहत 20,000 से 30,000 jobs तक कम करने की प्रक्रिया शुरू की है। सबसे ज्यादा असर भारत के बड़े tech hubs जैसे Bengaluru, Hyderabad, Pune और Noida में देखा जा रहा है। CIA Project से शुरू हुई Oracle की कहानी बहुत कम लोग जानते हैं कि Oracle का नाम किसी marketing campaign या product से नहीं आया। 1977 में Larry Ellison, Bob Miner और Ed Oates ने जो database project शुरू किया था, वह CIA के लिए intelligence-grade database system था। इसी project का codename “Oracle” था। बाद में वही नाम कंपनी की पहचान बन गया। यह contrast और भी दिलचस्प है—जहां शुरुआत CIA project से हुई, वहीं आज Oracle AI और cloud infrastructure की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रही है। सुबह 6 बजे आया termination email कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 5–6 बजे termination email मिला। इसमें role खत्म होने की जानकारी सिर्फ कुछ lines में दी गई थी। email के कुछ ही मिनटों बाद system access और internal tools बंद कर दिए गए। कई employees ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें manager या HR की तरफ से कोई personal call नहीं आया। यह sudden job loss उनके लिए सिर्फ professional झटका नहीं, बल्कि emotional और financial shock भी बन गया। India में इतना बड़ा impact क्यों? Oracle के India offices कंपनी का सबसे बड़ा engineering base हैं। इस layoffs round में लगभग 40% workforce प्रभावित हुआ। engineering, cloud, operations, enterprise support, product management और NetSuite teams इस कदम से प्रभावित हैं। इसलिए इसे Indian tech sector के सबसे बड़े layoffs में से एक माना जा रहा है। Oracle क्यों कर रही है इतनी बड़ी restructuring? Oracle फिलहाल AI cloud infrastructure और large-scale data centers में भारी निवेश कर रही है। कंपनी Amazon AWS, Microsoft Azure और Google Cloud के मुकाबले खुद को खड़ा करने की कोशिश कर रही है। Industry experts मानते हैं कि Oracle अब “smaller teams, more automation” मॉडल पर काम कर रही है। जहां पहले बड़े engineering teams की जरूरत होती थी, अब AI और automation tools से वही काम कम लोगों से पूरा किया जा रहा है। Human Impact: हजारों families की कहानी इस layoffs का सबसे भावनात्मक पहलू यह है कि कई employees ने Oracle में 10–20 साल तक काम किया था। कुछ viral posts में long-term employees की medical, financial और family responsibilities सामने आईं। यही वजह है कि यह layoffs सिर्फ corporate restructuring नहीं, बल्कि हजारों families की जिंदगी को प्रभावित करने वाली खबर बन गई है। CIA से AI तक Oracle की shocking journey Oracle की कहानी tech history में rare contrast है। CIA project से जन्मी Oracle अब AI और cloud race के लिए India में 12,000 jobs cut कर रही है — यही इस खबर को powerful और shocking बनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump Pressure के बीच UK का बड़ा फैसला War से दूरी लेकिन Hormuz पर 35 देशों की Meeting

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के बीच ब्रिटेन ने ऐसा कदम उठाया है जिसने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां अपने सहयोगी देशों से खुलकर समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं United Kingdom ने सीधे युद्ध में उतरने से साफ इनकार कर दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का बयान— “यह हमारी जंग नहीं है” — इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे साफ है कि ब्रिटेन फिलहाल किसी सैन्य संघर्ष का हिस्सा बनने के बजाय अपने राष्ट्रीय और आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जंग से दूरी बनाने के बावजूद ब्रिटेन ने Strait of Hormuz को फिर से सुरक्षित और चालू करने के लिए 35 देशों की एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस initiative का मकसद दुनिया के सबसे अहम oil shipping routes में से एक को जल्द से जल्द operational बनाना है। Hormuz क्यों है इतना अहम? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की lifeline माना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर crude oil prices, shipping cost और कई देशों की economy पर पड़ता है। भारत जैसे देशों के लिए यह route और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि imported oil का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से आता है। अगर यह लंबे समय तक बंद रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक असर दिख सकता है। UK की strategy क्या है? ब्रिटेन का मौजूदा रुख बेहद balanced दिख रहा है। एक तरफ वह अमेरिका के साथ सीधे military conflict में नहीं जाना चाहता, वहीं दूसरी तरफ global trade और oil supply chain को बचाने के लिए diplomatic और naval coordination पर फोकस कर रहा है। 35 देशों की यह meeting इसी broader strategy का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें mine-clearing, tanker protection और sea-lane security जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। Trump camp के लिए क्या message? राजनीतिक नजरिए से देखा जाए तो इसे ट्रंप के लिए एक diplomatic setback माना जा सकता है। हालांकि इसे सिर्फ “ठेंगा दिखाना” कहना शायद oversimplification होगा। असल में ब्रिटेन ने एक practical रास्ता चुना है— No direct war, but yes to protecting global commerce. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसे एक smart geopolitical balancing act मान रहे हैं, जहां युद्ध से दूरी रखते हुए आर्थिक हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Price Surge सोना और चांदी दोनों में बड़ी तेजी

सर्राफा बाजार में आज एक बार फिर तेज़ हलचल देखने को मिली, जब सोने (Gold) की कीमत ₹2,836 बढ़कर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन निवेशकों के बढ़ते भरोसे की कहानी है जो अनिश्चित आर्थिक माहौल में सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे हैं। वहीं चांदी (Silver) की कीमत में भी ₹9,348 की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव ₹2.39 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी ने चांदी को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। अगर साल 2026 की शुरुआत से अब तक का ट्रेंड देखें, तो सोना करीब ₹16,000 महंगा हो चुका है। बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दरों में संभावित कटौती, डॉलर की कमजोरी और वैश्विक तनाव जैसे कारणों ने सोने को लगातार मजबूती दी है। क्यों बढ़ रहे हैं सोना और चांदी के दाम? आम लोगों के लिए यह तेजी सिर्फ निवेश का मौका नहीं, बल्कि शादी-ब्याह और त्योहारों की खरीदारी पर भी असर डाल सकती है। कई परिवार, जो हर साल सोना खरीदने की योजना बनाते हैं, अब कीमतों को देखकर सोच-समझकर फैसला ले रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में उत्साह के साथ थोड़ी सतर्कता भी दिखाई दे रही है। Silver की बात करें तो सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में इसकी बढ़ती उपयोगिता ने इसकी कीमतों को अतिरिक्त सहारा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले महीनों में सोना ₹1.60 लाख और चांदी ₹2.50 लाख के करीब पहुंच सकती है। आगे क्या रह सकती है बाजार की चाल? फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों और डॉलर इंडेक्स की चाल पर टिकी हुई है, क्योंकि यही संकेत आगे सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Assam

BJP Hat-trick in Assam मोदी ने Congress पर साधा निशाना, Tea to Chip बना बड़ा मुद्दा

Assam विधानसभा चुनाव 2026 का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है, और प्रधानमंत्री Narendra Modi की गोगामुख रैली ने चुनावी बहस को नई दिशा दे दी है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी अब तय है।” राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर सीधा तंज माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि असम की जनता एक बार फिर भाजपा-एनडीए पर भरोसा जताएगी और राज्य में जीत की hat-trick लगेगी। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने जिस तेजी से विकास देखा है, वह अब रुकने वाला नहीं है। Tea से Chip तक: Assam Growth Model पर बड़ा फोकस रैली का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब पीएम मोदी ने कहा कि अब असम की पहचान सिर्फ tea gardens तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य “Tea and Chip” economy के रूप में भी जाना जाएगा। यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के औद्योगिक विजन की झलक भी माना जा रहा है। असम लंबे समय से अपनी चाय के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है, लेकिन अब सरकार इसे semiconductor, electronics manufacturing और tech investment hub के रूप में भी आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि भाजपा इस चुनाव में विकास को सिर्फ सड़क, बिजली और पानी तक सीमित न रखकर technology-driven economy के रूप में पेश कर रही है। Congress पर Identity और Security को लेकर निशाना अपने भाषण में पीएम मोदी ने असम की सांस्कृतिक पहचान, घुसपैठ और सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि असम की अस्मिता और परंपरा की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार भी identity politics + development narrative के मिश्रण के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है, जो पहले भी राज्य में उसके लिए फायदेमंद रहा है। Tea Garden Visit ने जोड़ा Emotional Human Touch रैली के बाद प्रधानमंत्री का डिब्रूगढ़ के चाय बागान पहुंचना और महिला श्रमिकों से बातचीत करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने खुद चाय की पत्तियां तोड़ीं, श्रमिकों से हालचाल पूछा और उनके काम को सराहा। यही वह पल था जिसने पूरे चुनावी संदेश में एक human touch जोड़ दिया।असम में चाय उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी और पीढ़ियों की पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह दौरा सीधे लोगों की भावनाओं से जुड़ता दिखा। Assam Election 2026 में किस ओर जाएगा मुकाबला? 126 सीटों वाली असम विधानसभा में इस बार मुकाबला दिलचस्प होता दिख रहा है। भाजपा जहां development, security और identity के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है, वहीं कांग्रेस राहत, सामाजिक न्याय और स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Update UP में तेज बारिश-ओले, MP और Rajasthan में अलर्ट, J&K में खतरा बढ़ा

उत्तर भारत में अचानक बदला मौसम, कई राज्यों में अलर्ट उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश (UP) में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित किया है। इसी के साथ मध्य प्रदेश (MP) और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद एवलांच (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। Western Disturbance से बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक मजबूत Western Disturbance सक्रिय है, जो उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रहा है। इसके असर से यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी खबरें सामने आईं। अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि गेहूं और सरसों जैसी तैयार फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। UP Weather Update: कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है। खेतों में तैयार खड़ी फसल के लिए यह मौसम नुकसानदायक साबित हो सकता है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। MP और Rajasthan में भी बारिश-आंधी का अलर्ट MP और Rajasthan Weather Update की बात करें तो दोनों राज्यों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट जरूर आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं और बारिश की वजह से सड़क यात्रा और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। J&K High Areas में Avalanche और Landslide Risk वहीं Jammu-Kashmir Weather Alert ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और दूसरे ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण हिमस्खलन और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। अगले 24–48 घंटे रहेंगे अहम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक यह सिस्टम सक्रिय रह सकता है, इसलिए उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का असर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दो दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसका असर और बढ़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex-Nifty Surge बाजार में लौटी रौनक, Auto, IT और Banking Shares ने दिखाई दमदार तेजी

शेयर बाजार में नए सत्र की दमदार शुरुआत भारतीय शेयर बाजार ने नए कारोबारी सत्र की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। बुधवार को Sensex में 1,900 अंकों से ज्यादा की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 22,900 के अहम स्तर के पार पहुंच गया। दिन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जिससे बाजार में चौतरफा मजबूती का संकेत मिला। Auto, IT और Banking Stocks में जोरदार Buying सुबह से ही निवेशकों का रुझान पॉजिटिव नजर आया। खासकर Auto, IT और Banking stocks में तेज खरीदारी ने बाजार की रफ्तार को और मजबूत किया। बड़े बैंकिंग शेयरों में आई तेजी ने इंडेक्स को मजबूत सहारा दिया, वहीं IT सेक्टर में वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग का असर साफ दिखा। ऑटो शेयरों में भी हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने मौके का फायदा उठाया। Global Cues और Geopolitical राहत से बाजार को मिला सपोर्ट इस rally के पीछे सबसे बड़ा कारण global markets से मिले positive cues और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदें रहीं। पिछले कुछ दिनों से geopolitical concerns की वजह से बाजार दबाव में था, लेकिन हालात में नरमी के संकेत मिलते ही निवेशकों का confidence वापस लौट आया। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा। Experts की राय: Bottom Fishing और Fresh Buying का असर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी सिर्फ एक राहत रैली नहीं, बल्कि मजबूत bottom fishing और fresh institutional buying का भी संकेत है। हाल की गिरावट के बाद कई blue-chip shares आकर्षक valuation पर आ गए थे, जिसका फायदा घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों ने उठाया। Nifty के लिए अगला Support और Resistance क्या? अगर तकनीकी नजरिए से देखें तो Nifty के लिए 22,700–22,800 का स्तर मजबूत support बनता दिख रहा है। वहीं ऊपर की तरफ 23,200–23,400 zone अगला resistance हो सकता है। यदि इंडेक्स इस रेंज के ऊपर टिकता है, तो आने वाले सत्रों में तेजी और मजबूत हो सकती है। निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत? कुल मिलाकर आज की तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला दी है। पिछले कुछ दिनों की घबराहट के बाद यह उछाल बाजार में भरोसा लौटने का संकेत देता है। अब आगे की दिशा FIIs flow, crude oil prices, global market trend और geopolitical updates तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

1 April 2026 New Rules LPG Cylinder महंगा, Rail Refund और Salary पर बड़ा असर

नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही 1 April 2026 से कई ऐसे बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखेगा। सुबह की चाय से लेकर ऑफिस की salary slip, train journey से लेकर highway toll तक—हर जगह कुछ न कुछ बदला है। सबसे ज्यादा चर्चा commercial LPG cylinder price hike, railway refund rules, toll charges और salary structure changes को लेकर है। अगर आप नौकरी करते हैं, अक्सर सफर करते हैं या छोटा बिजनेस चलाते हैं, तो ये बदलाव आपके monthly budget को प्रभावित कर सकते हैं। Commercial LPG Cylinder हुआ महंगा, बाहर खाना पड़ सकता है costly 1 April से 19 किलो वाला commercial LPG cylinder ₹218 तक महंगा हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और street food vendors पर पड़ेगा। यानी आने वाले दिनों में बाहर चाय, नाश्ता या खाना पहले से थोड़ा महंगा महसूस हो सकता है। घरेलू रसोई गैस में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं है, इसलिए घर का बजट अभी थोड़ा सुरक्षित है। Rail Ticket Refund Rules बदले, late cancel पर बड़ा नुकसान रेलवे ने टिकट cancellation policy को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है। अब अगर आप confirmed ticket को बहुत आखिरी समय पर cancel करते हैं, तो refund मिलने की संभावना काफी कम हो जाएगी। नया refund structure: जो लोग अक्सर अचानक plans बदलते हैं, उन्हें अब ticket booking में extra सावधानी रखनी होगी। In-hand Salary घट सकती है, लेकिन future secure होगा कई कंपनियों में नया salary structure लागू होने से basic pay को CTC का 50% या उससे ज्यादा रखना जरूरी हो सकता है। इसका मतलब: पहली नजर में ये बदलाव थोड़ा परेशान कर सकता है, लेकिन long term में यह employees के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। Toll Tax और FASTag Charges बढ़े अगर आप रोज highway use करते हैं या अक्सर road trips पर जाते हैं, तो अब जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। कई routes पर toll tax rates revise किए गए हैं। FASTag users के लिए भी annual pass और recharge cost में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसका असर खासतौर पर daily commuters और transport business पर पड़ेगा। PAN-Aadhaar, Banking और UPI Rules भी हुए strict April से PAN-Aadhaar linking, KYC verification और digital payments में security checks और मजबूत किए गए हैं। अब: ये बदलाव सुरक्षा के लिहाज से अच्छे हैं, लेकिन users को documents updated रखने होंगे। Human Impact: आम आदमी को क्या महसूस होगा? असल असर सबसे ज्यादा वहीं दिखेगा जहां रोजमर्रा का खर्च जुड़ा है। सीधी भाषा में कहें तो April 2026 pocket planning का महीना बन गया है। जो लोग पहले से बजट बनाकर चलते हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होगी, लेकिन casual spending करने वालों को फर्क तुरंत दिखेगा। 1 April 2026 के ये rule changes सिर्फ सरकारी updates नहीं हैं, बल्कि हर घर के budget, हर employee की salary और हर traveller के खर्च से जुड़े बदलाव हैं। थोड़ी समझदारी, सही planning और documents updated रखने से आप इन changes का असर काफी हद तक संभाल सकते हैं। आखिरकार, financial year की सही शुरुआत वही है जहां जानकारी और तैयारी दोनों साथ हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

Iran Cyber Attack on Israel America के Next Move से Middle East War में नया मोड़

मध्य पूर्व में जारी US-Iran-Israel war अब एक नए और बेहद खतरनाक दौर में प्रवेश करता दिख रहा है। हालिया घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि यह संघर्ष अब सिर्फ मिसाइल, एयरस्ट्राइक और बॉर्डर तक सीमित नहीं है, बल्कि cyber warfare, oil supply routes और civilian safety तक पहुंच चुका है। इसी वजह से दुनिया भर की नजरें इस समय Middle East पर टिकी हुई हैं। इज़रायल पर ईरान का बड़ा Cyber Attack सबसे बड़ी खबर यह है that ईरान से जुड़े cyber groups ने इज़रायल के surveillance systems, CCTV networks और digital security infrastructure को निशाना बनाया। माना जा रहा है कि इन cyber attacks का उद्देश्य सैन्य गतिविधियों पर नजर रखना, हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन करना और strategic movements को track करना था। आधुनिक युद्ध का यह चेहरा दिखाता है कि अब लड़ाई सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि servers और digital networks पर भी लड़ी जा रही है। America Strike: इस्फहान में बड़ा हवाई हमला इसी बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान स्थित एक strategic military site पर बड़ा हवाई हमला किया। देर रात हुए इस strike के बाद इलाके में तेज धमाकों और आग के बड़े गुबार की खबरें सामने आईं। इस कार्रवाई को अब तक के सबसे बड़े अमेरिकी जवाबी कदमों में गिना जा रहा है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। Oil Crisis: टैंकर पर हमले से बढ़ी वैश्विक चिंता अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी में oil shipping route के पास एक बड़े tanker को निशाना बनाया, जिससे global energy market में हलचल मच गई। पहले से ही Strait of Hormuz के आसपास बढ़े तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी थी, लेकिन इस ताजा घटना ने energy supply को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। भारत जैसे देशों के लिए, जो crude oil imports पर निर्भर हैं, इसका सीधा असर fuel prices पर पड़ सकता है। Haifa Missile Attack: डर में गुजरी परिवारों की रात इज़रायल के उत्तरी शहर Haifa और उसके आसपास के इलाकों में missile attacks तेज हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बंदरगाह, fuel storage tanks और refinery zone को नुकसान पहुंचा है। लेकिन इस खबर का सबसे मानवीय पहलू उन परिवारों की रात है, जो लगातार sirens के बीच shelters में छिपे रहे। बच्चों की नींद धमाकों से टूटी, बुजुर्ग पूरी रात डर में बैठे रहे और सुबह तक किसी को नहीं पता था कि अगला हमला कहां होगा। America का अगला कदम क्यों अहम? अब सबकी नजरें अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं। वॉशिंगटन से आज एक बड़े diplomatic या military announcement की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि sanctions, further strikes या Gulf shipping security को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले 24 घंटे पूरे Middle East के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ram Mandir Donation Case: चढ़ावा चोरी पर SIT का बड़ा खुलासा, सरकार को सौंपी 150 पेज की रिपोर्ट

Ram Mandir में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी लगभग 150 पेज की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन (Trust Reconstitution) की सिफारिश की गई है। अब इस रिपोर्ट पर सरकार के फैसले का इंतजार है, क्योंकि आगे की कार्रवाई इसी के आधार पर तय होगी। रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया? SIT की जांच के दौरान मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच के बाद टीम ने सरकार को कुछ अहम सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें सरकार करेगी कानूनी और प्रशासनिक समीक्षा सूत्रों के अनुसार, सरकार ने SIT की रिपोर्ट प्राप्त कर ली है और अब इसकी कानूनी व प्रशासनिक समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद यह तय होगा कि FIR दर्ज होगी या नहीं और ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक बदलाव कब लागू किए जाएंगे। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? राममंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। शिकायतों के आधार पर जांच के लिए SIT का गठन किया गया था। जांच टीम ने संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और कई लोगों के बयान दर्ज किए। अब रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद मामले ने फिर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आगे क्या हो सकता है? यदि सरकार SIT की सिफारिशों को स्वीकार करती है, तो आने वाले दिनों में मामले में FIR दर्ज होने, विस्तृत जांच शुरू होने और मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Oracle

Oracle Layoffs AI और Restructuring के बीच वायरल हुई 21,000 कर्मचारियों की छंटनी की खबर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में बदलाव का दौर जारी है। इसी बीच टेक कंपनी Oracle को लेकर सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि कंपनी ने 21,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है और आने वाले समय में छंटनी का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि, जब इस दावे की पड़ताल की गई तो तस्वीर कुछ अलग नजर आई। आइए जानते हैं कि आखिर Oracle में क्या हो रहा है और कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है। क्या सच में Oracle ने 21,000 कर्मचारियों को निकाला? सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ ऑनलाइन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Oracle ने एक साथ 21 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। लेकिन अब तक कंपनी की ओर से इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। Oracle ने सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है, जिसमें 21,000 कर्मचारियों को निकालने की बात कही गई हो। इसलिए इस संख्या को फिलहाल पुष्टि की गई जानकारी नहीं माना जा सकता। फिर चर्चा क्यों हो रही है? दरअसल, Oracle पिछले कुछ समय से अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर रही है। कंपनी का फोकस अब Cloud Services, Artificial Intelligence, Data Infrastructure और Enterprise Technology पर तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से कई विभागों में संगठनात्मक बदलाव (Restructuring) किए जा रहे हैं। टेक इंडस्ट्री में यह एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है, जहां कंपनियां नई तकनीकों और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अपने संसाधनों को व्यवस्थित करती हैं। AI की वजह से बढ़ी कर्मचारियों की चिंता AI के आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या मशीनें इंसानों की नौकरियां ले लेंगी। Oracle समेत कई बड़ी कंपनियां अब ऐसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं, जो पहले कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले कई काम तेजी से पूरा कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि AI केवल कुछ तरह के कामों को ऑटोमेट करेगा। इसके साथ ही AI, Machine Learning, Cloud Computing, Cyber Security और Data Analytics जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां भी पैदा होंगी। इसलिए केवल AI को ही हर छंटनी की वजह मानना सही नहीं होगा। Oracle का फोकस अब किस पर है? कंपनी लगातार अपने क्लाउड बिजनेस और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश कर रही है। Oracle का उद्देश्य भविष्य की तकनीकों में अपनी स्थिति मजबूत करना है। यही कारण है कि कुछ पुराने विभागों में बदलाव किए जा रहे हैं, जबकि नई तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जा रहा है। क्या आगे भी हो सकती है Layoffs? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में टेक सेक्टर में सीमित स्तर पर और छंटनी देखने को मिल सकती है। लेकिन इसके पीछे केवल AI नहीं, बल्कि लागत कम करना, बदलती बाजार स्थितियां, बिजनेस रणनीति और निवेश की प्राथमिकताएं भी अहम कारण हैं। इसलिए किसी भी कंपनी में होने वाली हर छंटनी को सीधे AI से जोड़ना पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। कर्मचारियों के लिए क्या है सीख? बदलते दौर में नई तकनीक सीखना सबसे बड़ा निवेश है। AI, Cloud Computing, Data Science और Cyber Security जैसी स्किल्स रखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में समय के साथ खुद को अपडेट रखना ही भविष्य में बेहतर करियर का सबसे मजबूत आधार बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Monsoon

Monsoon Update: यूपी में आंधी-बारिश का कहर, पंजाब में 2 की मौत, Mumbai में 24 घंटे में दस्तक देगा मानसून

देशभर में Monsoon तेजी से करवट बदल रहा है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई शहरों में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए, जबकि कुछ जगहों पर पेड़ कारों के ऊपर गिर गए। पंजाब में खराब मौसम के बीच हुए हादसे में दो लोगों की जान चली गई। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर देते हुए कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 24 घंटे के भीतर मुंबई पहुंच सकता है। यूपी में आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सोमवार देर शाम और रात के दौरान तेज आंधी के साथ बारिश हुई। तेज हवाओं ने कई इलाकों में तबाही मचाई। सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जबकि कई बिजली के पोल भी गिर गए, जिससे घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कुछ स्थानों पर खड़ी कारों के ऊपर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि अधिकांश घटनाओं में बड़ा जनहानि का मामला सामने नहीं आया। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें पूरी रात रास्ते साफ करने और बिजली बहाल करने में जुटी रहीं। मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली का खतरा मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम ने अचानक करवट ली। गरज-चमक के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। कई जिलों में अगले 48 घंटे तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में दर्दनाक हादसा, पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत पंजाब में तेज आंधी के दौरान बड़ा हादसा हुआ। तेज हवाओं के कारण एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। राज्य के कई इलाकों में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे सामान्य जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। हरियाणा और राजस्थान में भी बदला मौसम हरियाणा के कई जिलों में तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। कई जगह बिजली के पोल और पेड़ गिरने की खबरें मिली हैं। वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी के बाद हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। 24 घंटे में मुंबई पहुंचेगा मानसून भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले 24 घंटे के भीतर मानसून मुंबई में दस्तक दे सकता है। मानसून के मुंबई पहुंचने के बाद महाराष्ट्र के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसका असर गुजरात, मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। IMD ने जारी की अहम सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। एक ओर जहां बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज आंधी और आकाशीय बिजली ने कई इलाकों में परेशानी भी बढ़ा दी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pune

Pune शादी से पहले युवक की मौत का सच! Lohagad Fort Case में Fiancée समेत 8 लोगों पर हत्या का आरोप

Pune में लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) पर हुई एक युवक की मौत ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामला पूरी तरह बदल गया। अब इस केस में मृतक की मंगेतर (Fiancée) समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या (Murder) और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम ने लोगों को चर्चित “सोनम केस” की याद दिला दी है, हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं। क्या है पूरा मामला? मृतक की पहचान केतन विशाल अग्रवाल (26) के रूप में हुई है। वह पुणे के गहुंजे इलाके का रहने वाला था और परिवार के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा हुआ था। कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी और घर में तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। 14 जून को केतन अपनी मंगेतर का जन्मदिन मनाने के लिए दोस्तों के साथ लोनावला स्थित प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए पहुंचा था। बताया गया कि ट्रेकिंग के दौरान फोटो खींचते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। रेस्क्यू टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला था। शुरुआती जांच में इसे एक दुर्घटना माना गया। जांच में आया बड़ा Twist घटना के बाद पुलिस ने मौके से मिले सबूत, मोबाइल रिकॉर्ड, साथ मौजूद लोगों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की गहन जांच की। जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे पुलिस को शक हुआ कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने मृतक की मंगेतर, उसके एक करीबी दोस्त और अन्य सहयोगियों सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ हत्या (IPC की संबंधित धाराएं) और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपों की जांच की जा रही है और पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की पड़ताल कर रही है। शादी की खुशियां पलभर में बदलीं मातम में परिजनों के मुताबिक, केतन की शादी जल्द होने वाली थी। घर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं और परिवार खुशियों में डूबा हुआ था। लेकिन लोहागढ़ किले पर हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पहले इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा माना गया, लेकिन अब हत्या के केस दर्ज होने के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा है। ‘सोनम केस’ से क्यों हो रही तुलना? सोशल मीडिया पर कई लोग इस मामले की तुलना चर्चित ‘सोनम केस’ से कर रहे हैं। वजह यह है कि दोनों मामलों में शुरुआत में दुर्घटना की बात सामने आई थी और बाद में हत्या की आशंका ने जांच की दिशा बदल दी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध नहीं है और पुणे मामले की जांच पूरी तरह स्वतंत्र रूप से की जा रही है। पुलिस ने क्या कहा? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
UBT

Maharashtra Politics: Shiv Sena UBT में बढ़ी बेचैनी, उद्धव ठाकरे की अहम बैठक से 4 नेता रहे नदारद

शिवसेना (UBT) को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उसके छह लोकसभा सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। इन सांसदों ने पहले अलग संसदीय समूह बनाने की प्रक्रिया पूरी की और उसके बाद शिंदे गुट में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम को महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। एकनाथ शिंदे ने इसे अपनी पार्टी की मजबूती बताते हुए कहा कि उनकी शिवसेना लगातार विस्तार कर रही है। वहीं, शिंदे गुट के कई नेताओं ने संकेत दिए कि आने वाले समय में और भी नेता उनके संपर्क में हैं। उद्धव ठाकरे की बैठक में नहीं पहुंचे चार जनप्रतिनिधि सांसदों के जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने विधानसभा के मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए पार्टी के सभी विधायकों और एमएलसी की बैठक बुलाई। इस बैठक का मकसद संगठन की एकजुटता दिखाना और विपक्ष की भूमिका को मजबूत करना था। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में तीन विधायक और एक एमएलसी मौजूद नहीं रहे। इनमें संजय पोटनिस, राहुल पाटिल, डेरकर और विधान परिषद सदस्य सुनील शिंदे का नाम सामने आया। उनकी गैरमौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पार्टी नेताओं का कहना है कि सभी ने पहले ही अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी और इसके पीछे व्यक्तिगत या पूर्व निर्धारित कार्यक्रम थे। लेकिन विपक्ष इस दलील से संतुष्ट नहीं दिख रहा है। ‘Operation Tiger’ की फिर होने लगी चर्चा छह सांसदों के जाने और अब विधायकों की गैरहाजिरी के बाद एक बार फिर “Operation Tiger” चर्चा का विषय बन गया है। शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि यह राजनीतिक अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरे उनके साथ आ सकते हैं। हालांकि, शिवसेना (UBT) की ओर से इन दावों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी का कहना है कि कुछ नेताओं की अनुपस्थिति को बगावत से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी बैठक में मौजूद नेताओं के साथ उद्धव ठाकरे ने आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी ने फैसला किया है कि किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई, कानून-व्यवस्था और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना ही इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। क्या फिर बदलेंगे महाराष्ट्र की राजनीति के समीकरण? साल 2022 में हुई बड़ी बगावत के बाद शिवसेना (UBT) लगातार संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के सामने चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। छह सांसदों का साथ छोड़ना और उसके तुरंत बाद महत्वपूर्ण बैठक में चार जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को जरूर हवा दी है। हालांकि अभी तक किसी विधायक ने पार्टी छोड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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