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Market

Market Highlights Nifty ने बनाया Historic High, लेकिन Midcap-Smallcap शेयर दबाव में हैं

Share Market में आज एक बार फिर दमदार तेजी देखने को मिली। Nifty 50 और Bank Nifty दोनों ने नया रिकॉर्ड बनाकर निवेशकों में उत्साह भर दिया। हालांकि, broader market में कमजोरी भी साफ दिखी। यहां पूरी खबर को SEO-friendly और आसान भाषा में समझें। Nifty ने छू लिया नया Record High आज के ट्रेडिंग सत्र में Nifty 50 ने 26,277 के पास पहुंचकर नया रिकॉर्ड बनाया। यह रैली मुख्य रूप से बड़े-कैप शेयरों की वजह से देखने को मिली। किस-किस सेक्टर में जोरदार तेजी? इन सेक्टर्स में मजबूत खरीदारी ने इंडेक्स को ऊपर धकेला। Bank Nifty भी All-Time High पर पहुंचा Banking शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते Bank Nifty ने भी नई ऊंचाई छू ली।HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Bank जैसे बड़े शेयरों ने इंडेक्स को मजबूती दी। Market Breadth कमजोर, सतर्क रहने की जरूरत हालांकि हेडलाइन इंडेक्स मजबूत दिखाई दिए, लेकिन broader market कमजोर रहा।बहुत से midcap और smallcap शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ पता चलता है कि यह रैली कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों पर आधारित है। इसलिए निवेशकों को थोड़ा सावधान रहना चाहिए। टेक्निकल संकेत: आगे क्या? विशेषज्ञों के अनुसार, Nifty का अगला रेजिस्टेंस ज़ोन 26,000–26,100 के आसपास है।अगर इंडेक्स इस स्तर को बनाए नहीं रख पाया, तो profit booking और हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए बड़ा संदेश आज का बाजार सत्र भारत की आर्थिक मजबूती और निवेशक विश्वास दोनों को दिखाता है।Nifty 50 और Bank Nifty के रिकॉर्ड हाई से जरूर पॉजिटिव सेंटिमेंट बना है, लेकिन broader market की कमजोरी निवेशकों को सावधान रहने का संकेत देती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shubman Gill

Shubman Gill Injury गुवाहाटी Test से बाहर, Team India पर बढ़ा दबाव

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। कप्तान Shubman Gill की neck injury के चलते उन्हें Guwahati Test से बाहर कर दिया गया है। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रख रही है, लेकिन फिलहाल उनका खेलना संभव नहीं लग रहा। Shubman Gill की चोट – क्या हुआ था? कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान Shubman Gill को अचानक गर्दन में तेज दर्द महसूस हुआ। उन्होंने सिर्फ 3 गेंदें खेलीं और फिर मैदान से बाहर जाना पड़ा। गुवाहाटी जाने के बावजूद बाहर क्यों हुए? गिल टीम के साथ Guwahati तो पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मैच फिटनेस टेस्ट में उन्हें “not match ready” बताया। Workload Management पर उठे सवाल कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार तीनों फॉर्मेट खेलने से गिल पर वर्कलोड बढ़ा, जिसका असर अब उनकी फिटनेस में दिख रहा है।टीम मैनेजमेंट भविष्य में गिल के workload को घटाने और injury prevention पर बड़ा फैसला ले सकता है। India vs South Africa Series का समीकरण पहले टेस्ट में हार के बाद भारत पर दबाव बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Karnataka

Karnataka सरकार का बड़ा फैसला डॉग अटैक पीड़ितों को मिलेगा ₹5 लाख मुआवजा

Karnataka में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के बढ़ते हमलों ने लोगों में डर और सरकार में अलर्ट दोनों बढ़ा दिए हैं। लगातार बढ़ते Dog Bite Cases, मौतों और जनता के गुस्से के बीच कर्नाटक सरकार ने राहत और नियंत्रण से जुड़े बड़े फैसलों की घोषणा की है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है। ₹5 Lakh का Compensation: डॉग अटैक में मौत पर बड़ी राहत Karnataka सरकार ने आदेश जारी किया है कि यदि किसी व्यक्ति की मौत आवारा कुत्तों के हमले में हो जाती है, तो उसके परिवार को ₹5 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि कर्नाटक में पिछले महीनों में कई गंभीर Dog Attack मामलों में देरी से मुआवजा मिलने पर परिवारों ने नाराज़गी जताई थी। Emergency Treatment फ्री: निजी अस्पताल भी तुरंत इलाज देंगे Karnataka सरकार ने KPME अधिनियम में बदलाव कर दिया है। अब: यह बदलाव उन मामलों के बाद किया गया, जिनमें निजी अस्पतालों द्वारा इलाज टालने की शिकायतें सामने आई थीं। कर्नाटक में Dog Bite मामलों की स्थिति ये आंकड़े साफ बताते हैं कि कर्नाटक में Stray Dog Crisis कितनी गंभीर है। Supreme Court के आदेश: “Public Places को Stray Dogs से सुरक्षित बनाओ” सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्यों को Stray Dogs पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश दिए: बेंगलुरु का मामला: परिवार को तीन महीने बाद मिला 5 लाख मुआवजा बेंगलुरु के कोडिगेहल्ली, येलहंका क्षेत्र में 68 साल के सीतप्पा की आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर जान ले ली थी।तीन महीने तक कागज़ी प्रक्रियाओं में फंसे रहने के बाद अंतत: उनके परिजनों को ₹5 लाख का मुआवजा जारी हुआ।इस मामले ने प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की धीमी प्रक्रिया को उजागर कर दिया। विवाद भी जारी: नेता का ‘2800 कुत्तों को दफनाने’ वाला बयान JD(S) के विधायक SL भूजगोड़ा ने दावा किया कि वे पहले 2,800 आवारा कुत्तों को ‘कंपोस्टिंग पिट’ में मारकर दफना चुके हैं।इस बयान पर Animal Rights Groups ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे कानूनन गलत बताया।सरकार ने भी स्पष्ट कहा कि Stray Dogs पर क्रूरता का कानून सख्त है और किसी भी गैर-कानूनी कार्रवाई पर कार्रवाई होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

India vs Pakistan Tension USCC Report ने बढ़ाया विवाद, Pahalgam Attack की नई व्याख्या

अमेरिका की US-China Economic and Security Review Commission (USCC) की नई रिपोर्ट ने भारत-पाकिस्तान के मई 2025 वाले संघर्ष को लेकर बड़े और विवादित दावे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस चार दिवसीय संघर्ष में Pakistan को “military success” मिली, जबकि India की प्रतिक्रिया को “precise लेकिन सीमित” बताया गया। Pahalgam Attack को US Report ने Terror नहीं, Insurgent Attack बताया 22 अप्रैल 2025 को हुए Pahalgam Attack में कई पर्यटकों की मौत के बाद भारत ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित terror attack बताया था।लेकिन USCC रिपोर्ट ने इस घटना को“Insurgent Attack”की संज्ञा दी है। इस शब्दावली ने भारत में राजनीतिक और कूटनीतिक बहस को तेज कर दिया है। India का Operation Sindoor: सर्जिकल और High-Precision Strike Pahalgam हमले के बाद भारत ने Operation Sindoor शुरू किया।रिपोर्ट के अनुसार— भारत का दावा है कि यह हमला पूरी तरह anti-terror operation था। Pakistan ने China-Made Weapons पर किया भरोसा US Report के अनुसार पाकिस्तान ने लड़ाई में कई Chinese weapons systems इस्तेमाल किए— रिपोर्ट यह भी कहती है कि China ने इस संघर्ष को मौके की तरह इस्तेमाल किया, ताकि वह अपने हथियारों की क्षमता दुनिया के सामने दिखा सके। China पर Disinformation Campaign का आरोप रिपोर्ट में दावा किया गया कि— इसे “Hybrid Warfare Strategy” कहा गया है। India की Response: यह Terror-Sponsored War था भारत के अनुसार— विदेश मंत्री का कहना है कि हमला कश्मीर टूरिज़्म को नुकसान पहुँचाने की साजिश थी। Cyber Front पर भी चला Indo-Pak Conflict रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि— Global Concern: India-Pakistan War Escalation का डर इस संघर्ष पर अमेरिका, यूरोप और UN ने चिंता जताई थी कि— इसलिए कई देशों ने तुरंत de-escalation की अपील की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rohini Acharya

Rohini Acharya किडनी Donor बेटी का Tejashwi पर सीधा वार, परिवार में तनाव बढ़ा

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में बीते दिनों से चल रहा विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। उनकी बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya), जिन्होंने 2022 में अपने पिता को किडनी दान की थी, अब लगातार परिवार पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। यह विवाद सिर्फ एक पारिवारिक तनाव नहीं, बल्कि राजनीति, भावनाओं और जेंडर संवेदनशीलता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। किडनी Donation के बाद क्यों बढ़ी दूरियां? रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि किडनी दान के बाद परिवार में उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि: सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि यह सब उनके लिए मानसिक रूप से बेहद दर्दनाक रहा और उन्होंने परिवार से रिश्ते तोड़ने का फैसला कर लिया। Tejashwi Yadav पर निशाना—“क्यों नहीं दी किडनी?” रोहिणी ने अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि: उन्होंने तेजस्वी के सलाहकारों को भी चुनौती दी कि अगर वे इतने नेक और दयालु हैं, तो अस्पताल जाकर जरूरतमंदों को किडनी दान करें। बड़ी दरार: तीन बहनों का घर छोड़ना कई रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद लालू यादव की तीन और बेटियाँ — रागिनी, चंदा, और राजलक्ष्मी — परिवार के घर से बाहर चली गई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि तनाव केवल दो-तीन लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार के व्यापक हिस्से में फैल चुका है। लालू और तेजस्वी की चुप्पी—RJD पर क्या असर? राजद नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। इन सब ने मिलकर राजनीतिक रूप से राजद को नुकसान पहुँचाया है। महिलाओं पर ‘बलिदान’ का दबाव—रोहिणी की बड़ी बात रोहिणी आचार्य ने समाज में बेटियों पर पड़ने वाले भावनात्मक दबाव की बात भी उठाई। उनका कहना है: “माता-पिता का जीवन बचाना जरूरी है, लेकिन बेटियों को हमेशा बलिदान की प्रतीक समझना गलत है। परिवार में बेटा हो तो जिम्मेदारी पहले उसी की होनी चाहिए।” यह बयान सामाजिक और जेंडर बहस को भी जन्म देता है। कानूनी व मेडिकल पहलू: कौन दे सकता है किडनी? भारत के कानूनों के अनुसार: रोहिणी का कहना है कि उन्होंने यह दान स्वेच्छा से और भावनाओं से प्रेरित होकर किया था—लेकिन बाद में उन्हें बदले में अपमान मिला। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

Supreme Court का बड़ा फैसला बिल मंजूरी की समयसीमा नहीं राज्यपाल की देरी पर सीमित समीक्षा

Supreme Court ने राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए महत्वपूर्ण Presidential Reference पर बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि Governor और President के लिए Bill Assent की कोई Fixed Timeline संविधान में नहीं है, इसलिए कोर्ट भी ऐसी कोई Deadline तय नहीं कर सकती। साथ ही कोर्ट ने ‘Deemed Assent’ जैसे विचार को पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया। यह फैसला राज्यों और केंद्र के बीच चल रही संवैधानिक बहस को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है। क्या कहा Supreme Court ने? 1. Governor–President पर Timeline लागू नहीं कोर्ट ने कहा कि: इन दोनों में किसी ठोस समयसीमा का ज़िक्र नहीं है।संविधान ने जानबूझकर इन्हें Flexible रखा है, इसलिए कोर्ट इन्हें “Compulsory Deadline” में नहीं बदल सकती। ‘Deemed Assent’ Idea Unconstitutional Supreme Court ने स्पष्ट कहा कि: “अगर अदालत कोई Deadline बना दे और वह बीत जाए, तो बिल को स्वीकृत मान लेना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।” इसका मतलब: यानी Deemed Assent का कोई अस्तित्व नहीं है। लंबी Delay पर Court कर सकती है हस्तक्षेप कोर्ट ने यह भी माना कि: लेकिन: यह Judicial Review की सीमा है। Article 361 Governor को Personal Immunity देता है, लेकिन Office Review हो सकता है कोर्ट ने कहा कि Governor पर व्यक्तिगत केस नहीं चल सकता,लेकिन अगर: तो Court Governor Office पर समीक्षा कर सकती है। Governor के पास Bill पर क्या विकल्प हैं? जब Bill Governor के पास पहुँचता है, तो वह: कोर्ट ने कहा: “बिल रोककर बिना वापस भेजे बैठना संघीय संरचना (Federalism) के लिए हानिकारक है।” President को हर बार Supreme Court से सलाह लेने की जरूरत नहीं Supreme Court ने स्पष्ट किया कि: फैसले का Impact क्या है? राज्यों पर असर केंद्र–राज्य संबंधों पर प्रभाव न्यायपालिका की स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitish Kumar

Bihar Nitish Kumar ने 10वीं बार ली CM की शपथ, बीजेपी को मिली बड़ी हिस्सेदारी

बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हुआ, जब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने पटना के गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उपलब्धि उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में और भी मजबूती से स्थापित करती है। इस मौके पर पूरा NDA गठबंधन (BJP-JDU-LJP) एकजुट नजर आया और समारोह में राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक संदेश भी साफ कर दिया। NDA की धमाकेदार जीत के बाद शपथ ग्रहण हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में National Democratic Alliance (NDA) ने शानदार जीत हासिल की, जहां गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतीं। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि जेडीयू ने भी मजबूत पकड़ बनाए रखी। नीतीश का इस्तीफा और फिर सरकार गठन शपथ ग्रहण से पहले Nitish Kumar ने परंपरानुसार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नई सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।इसके बाद NDA विधायकों की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से गठबंधन का नेता चुना गया।राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपकर उन्होंने नई सरकार बनाने का दावा किया। गांधी मैदान में भव्य समारोह, PM Modi-Amir Shah रहे मौजूद दो Deputy CMs – Samrat Choudhary और Vijay Sinha की वापसी NDA ने स्थिरता और लगातार नेतृत्व के संदेश को मजबूत करते हुए इसके साथ ही बिहार कैबिनेट के करीब 20 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई, जिसमें BJP, JDU, LJP (रामविलास), HAM और RLM जैसे सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी दी गई। 10वीं बार मुख्यमंत्री – रिकॉर्ड जोड़ा गया इतिहास में Nitish Kumar ने 2000 से अब तक कई बार सत्ता परिवर्तन, गठबंधन राजनीति और नए समीकरणों के बीच भी अपना नेतृत्व कायम रखा है।उनका 10वीं बार CM बनना बिहार की राजनीति में एक अद्वितीय रिकॉर्ड है। आगे की रणनीति – विकास, रोजगार और स्थिरता पर फोकस नई सरकार से लोगों की उम्मीदें— NDA ने संकेत दिए हैं कि उनकी प्राथमिकता “विकसित बिहार 2030” के विज़न को तेज़ी से लागू करना होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shiv Sena

Shiv Sena –BJP Rift सुरक्षा कवर कटौती और सीट शेयरिंग पर तेज हुआ टकराव

महाराष्ट्र की राजनीति में Maharashtra Politics Rift एक बार फिर सुर्खियों में है। महायुति गठबंधन की दो मुख्य पार्टियों — शिंदे गुट की शिवसेना (Shiv Sena) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) — के बीच खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। हाल ही में हुई घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता में साझेदारी के बावजूद दोनों दलों के बीच विश्वास की कमी लगातार बढ़ रही है। Cabinet Meeting से शिवसेना मंत्रियों की दूरी – क्या है मामला? हाल ही में आयोजित महाराष्ट्र कैबिनेट की एक अहम बैठक में शिंदे गुट के कई मंत्री शामिल नहीं हुए। यह बहिष्कार बताता है कि गठबंधन के भीतर संवाद और भरोसा दोनों कमजोर हो रहे हैं। फडनवीस–शिंदे असहमति पर विपक्ष का वार शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने बड़ा दावा किया है कि: सुरक्षा कवर में कटौती से बढ़ी दरार शिंदे गुट के कई नेताओं की Y-Category Security में कटौती किए जाने पर विवाद और गहरा गया। यह मुद्दा महायुति में अविश्वास की एक और परत जोड़ रहा है। Local Body Elections: Seat-Sharing पर टकराव निकट भविष्य में होने वाले नगर निगम और नगर परिषद चुनावों के लिए सीट शेयरिंग पर भी जोरदार मतभेद हैं। थाणे जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह टकराव और गंभीर माना जा रहा है। विकास और स्थानीय मुद्दों पर भी विवाद रत्नागिरी जिले में अनधिकृत निर्माण को लेकर विधान परिषद में दोनों दलों में जोरदार बहस हुई।यह स्पष्ट संकेत है कि विवाद केवल सत्ता और सीटों तक सीमित नहीं — स्थानीय विकास के मुद्दे भी संघर्ष का कारण बन रहे हैं। गठबंधन में दरार के बावजूद चुनावी रणनीति जारी नंदगांव नगर परिषद के चुनाव में शिवसेना-BJP ने मिलकर लड़ने का फैसला किया है।हालांकि यह गठबंधन है, लेकिन राजनीतिक पंडित मानते हैं कि यह सिर्फ मजबूरी का साथ है, न कि स्थायी भरोसे का संकेत। शिवसेना (शिंदे गुट) और BJP के बीच लगातार सामने आ रहे विवाद यह दिखाते हैं कि: महाराष्ट्र की राजनीति अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां Alliance Stability, Political Trust और Power Balance तीनों बड़े सवाल बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar राजनीति चुनावी हार पर Prashant Kishor का मौन व्रत ऐलान जनता से मांगी माफी

Bihar विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने बड़ा बयान दिया है। चुनाव में पार्टी के एक भी सीट न जीत पाने के बाद PK ने कहा कि वे 100% Responsibility लेते हैं और इसके लिए बिहार की जनता से माफी मांगते हैं। उन्होंने आत्ममंथन के लिए Maun Vrat (मौन व्रत) रखने का भी ऐलान किया है। जनता का भरोसा नहीं जीत पाए, यह मेरी गलती”—PK का स्वीकारोक्ति प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने कहा:“जन सुराज पार्टी जनता का विश्वास नहीं जीत सकी। पूरी जिम्मेदारी मेरी है। मैं इसके लिए Bihar की जनता से माफी मांगता हूं।” PK ने स्वीकार किया कि पहली बड़ी चुनावी परीक्षा में JSP का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा। उन्होंने बताया कि वे चुनाव मैदान में नहीं थे और पूरा फोकस संगठन निर्माण पर रखा गया था। Maun Vrat का ऐलान: आत्ममंथन की शुरुआत PK ने घोषणा की कि वे चुनावी हार के बाद एक दिन का मौन व्रत रखेंगे।उन्होंने कहा—“हम introspection करेंगे कि कहां कमी रह गई, मौन व्रत इसी दिशा में पहला कदम है।” भारतीय राजनीति में किसी नेता द्वारा इतनी ईमानदारी से हार स्वीकार करना और आत्म-विश्लेषण करना एक दुर्लभ कदम माना जा रहा है। Bihar Election 2025: JSP का Complete Wipeout प्रशांत किशोर ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि उनकी प्राथमिकता जनता के बीच नई राजनीतिक सोच और मॉडल खड़ा करना है। PK ने क्यों लिया था चुनाव न लड़ने का फैसला? अपने अभियान के दौरान PK ने कई बार कहा कि: लेकिन नतीजे बताते हैं कि JSP जनता को अपनी ओर आकर्षित नहीं कर पाई। Political Impact: हार के बाद PK की रणनीति पर नज़र राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि— 2025 के चुनाव में जन सुराज पार्टी भले ही परफॉर्म नहीं कर पाई, लेकिन Prashant Kishor की हार स्वीकारोक्ति, Responsibility लेना, और Maun Vrat का फैसला आने वाले समय में Bihar की राजनीति में नया अध्याय लिख सकता है। JSP अब जन-आधार को दोबारा मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NYC

NYC Mayor Zohran Mamdani–Trump बैठक महँगाई संकट पर होने वाला बड़ा फैसला

न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर Zohran Mamdani और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच बढ़ती महँगाई (Cost of Living Crisis) पर संभावित बैठक की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विचारधारा में भारी अंतर होने के बावजूद दोनों के बीच संवाद की यह कोशिश न्यूयॉर्क के नागरिकों के लिए राहत की उम्मीद जगाती है। NYC में बढ़ती महँगाई पर Mamdani की पहल Trump का सकारात्मक संकेत छोटे व्यवसायों की चिंता न्यूयॉर्क के कई छोटे व्यवसायों ने Mamdani से आग्रह किया है कि वे राजनीतिक टकराव से ऊपर उठकर: कुछ व्यवसायी सरकारी ग्रॉसरी स्टोर योजना से सहमत नहीं हैं, जबकि कुछ उद्यमी इसे एक “सकारात्मक बदलाव” मान रहे हैं और अधिक टैक्स देने के लिए भी तैयार हैं। राजनीतिक टकराव और चुनौती हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Daily Horoscope

Daily Horoscope 12 राशियों का आज का हाल

आज का राशिफल (Daily Horoscope) पढ़ें। जानिए सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा—career, love, health और money predictions ♈ मेष- Education में प्रगति, Career में ग्रोथ के मौके, Money में लाभ, Love में समझ बढ़ेगी, Health अच्छा ♉ वृषभ- Education में फोकस, Career में सफलता, Money में मजबूत स्थिति, Love में मधुरता, Health बेहतर ♊ मिथुन- Education में सुधार, Career में नए अवसर, Money में संतुलन, Love में बातचीत से समाधान, Health सामान्य ♋ कर्क- Education में सफलता, Career में सम्मान, Money में लाभ, Love में खुशी, Health अच्छा ♌ सिंह- Education में मेहनत रंग लाएगी, Career में पहचान, Money में वृद्धि, Love में आकर्षण, Health अच्छा ♍ कन्या- Education में प्रोग्रेस, Career में नया काम, Money में संतुलन, Love में सहयोग, Health ध्यान जरूरी ♎ तुला- Education में नई सीख, Career में फायदा, Money में मजबूती, Love में रोमांस, Health अच्छा ♏ वृश्चिक- Education में फोकस, Career में सफलता, Money में लाभ, Love में सुधार, Health अच्छा ♐ धनु- Education में अवसर, Career में विदेश योग, Money में लाभ, Love में संतुलन, Health ठीक ♑ मकर- Education में मेहनत, Career में जिम्मेदारी, Money में कंट्रोल, Love में सपोर्ट, Health सामान्य ♒ कुंभ- Education में नई दिशा, Career में अवसर, Money में वृद्धि, Love में सुधार, Health अच्छा ♓ मीन- Education में सफलता, Career में सम्मान, Money में लाभ, Love में शांति, Health बेहतर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
South India Exit Poll 2026

Exit Poll 2026 South India: असम में BJP मजबूत, तमिलनाडु-केरल में कांटे की टक्कर, पुडुचेरी में NDA आगे

South India Exit Poll 2026 में असम में BJP को बढ़त, तमिलनाडु और केरल में कड़ा मुकाबला, जबकि पुडुचेरी में NDA आगे दिख रहा है। जानिए पूरा विश्लेषण। Exit Poll 2026 ने दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।Bharatiya Janata Party असम में मजबूत नजर आ रही है, जबकि तमिलनाडु और केरल में मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।वहीं पुडुचेरी में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। ASSAM – Stability का वोट, BJP को बढ़त असम में इस बार चुनाव एकतरफा नजर आ रहा है।Exit Poll के अनुसार BJP को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। 👉 सबसे बड़ा फैक्टर रहा नेतृत्व।Himanta Biswa Sarma की लोकप्रियता और विकास एजेंडा ने वोटरों को प्रभावित किया। 👉 इसके अलावा, महिला और युवा वोट दोनों ही BJP की ओर झुके दिखे। असम में जनता ने स्थिरता और विकास के नाम पर वोट दिया है। TAMIL NADU – DMK आगे, लेकिन नया ट्विस्ट तमिलनाडु में मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प हो गया है।Dravida Munnetra Kazhagam बढ़त में है, लेकिन इस बार एक नया फैक्टर सामने आया है। 👉 Vijay की एंट्री ने खासकर युवाओं के वोट को प्रभावित किया। 👉 महिला वोट अभी भी welfare schemes के कारण DMK के साथ बना हुआ है।DMK को बढ़त जरूर है, लेकिन भविष्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है। KERALA – Anti-incumbency का असर केरल में इस बार बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।Exit Poll के मुताबिक सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है। 👉 Pinarayi Vijayan सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी साफ नजर आई। 👉 Educated और middle class वोटर बदलाव के मूड में दिखे। केरल में परंपरा जारी रह सकती है — हर चुनाव में सत्ता बदलने की। यह भी पढ़े- Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त PUDUCHERRY – छोटा राज्य, बड़ा संकेत पुडुचेरी में मुकाबला भले छोटा हो, लेकिन संकेत बड़े हैं।Exit Poll में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। 👉 यहां local leadership और regional मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहे। 👉 युवा वोट ने भी परिणाम को प्रभावित किया है।पुडुचेरी का रुझान राष्ट्रीय राजनीति के लिए संकेत दे सकता है। South India Overall Trend (Combined Insight) 👉 Assam → BJP मजबूत👉 Tamil Nadu → DMK बढ़त👉 Kerala → UDF comeback संकेत👉 Puducherry → NDA आगे Final Verdict (Impact Line) 👉 “दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग मूड, लेकिन हर राज्य में वोटर ने साफ संदेश दिया है।” ➡️असम = Stabilityतमिलनाडु = Transitionकेरल = Changeपुडुचेरी = संकेत Reality Check Exit Poll सिर्फ अनुमान हैं।असली नतीजे काउंटिंग डे पर ही सामने आएंगे।
West Bengal Exit Poll 2026 Analysis

Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त

Poll of Polls Analysis पश्चिम बंगाल में 2026 का चुनाव सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह “Identity vs Change” की सीधी टक्कर बन गया है। Exit Polls के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि Bharatiya Janata Party और All India Trinamool Congress के बीच मुकाबला बेहद करीबी है।हालांकि BJP को हल्की बढ़त दिख रही है, लेकिन TMC अभी भी मजबूत फाइट में बनी हुई है। West Bengal Poll of Polls (Average Trend) 👉 BJP: 155 – 170 सीट👉 TMC: 120 – 135 सीट👉 Others: 5 – 12 सीट इसलिए साफ है कि मुकाबला एकतरफा नहीं, बल्कि आखिरी तक टक्कर वाला है। Gender Factor – महिला vs पुरुष वोट सबसे पहले, इस चुनाव में महिला वोट निर्णायक भूमिका में दिख रहा है।TMC की योजनाएं जैसे Lakshmir Bhandar ने महिलाओं में मजबूत पकड़ बनाई है। वहीं दूसरी ओर, पुरुष वोटरों में एक अलग ट्रेंड देखने को मिला।बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के कारण पुरुष वर्ग BJP की ओर झुकता नजर आया। ➡️ इसलिए gender divide इस चुनाव का बड़ा फैक्टर बन गया है। Caste & Community Factor – Polarization का असर इसके अलावा, जातीय और धार्मिक समीकरण भी बेहद अहम रहे। इस वजह से चुनाव में polarization साफ दिखाई दिया।और यही factor कई सीटों पर result को तय कर सकता है। Class Divide – शहर vs गांव अगर वर्ग (class) की बात करें, तो तस्वीर और भी दिलचस्प है। Urban middle class ने BJP को सपोर्ट किया।इसके विपरीत, ग्रामीण और गरीब वर्ग ने TMC की welfare schemes पर भरोसा जताया। इसलिए यह चुनाव “Urban vs Rural” की लड़ाई भी बन गया। CM Face Factor – ममता vs मोदी प्रभाव नेतृत्व की बात करें तो Mamata Banerjee का कनेक्शन अभी भी मजबूत दिखता है।उनकी छवि एक जमीनी और भावनात्मक नेता की बनी हुई है। हालांकि BJP के पास सुधांशु अधिकारी हैं पर राज्य स्तर पर मजबूत CM चेहरा नहीं है,लेकिन Narendra Modi का प्रभाव इस कमी को काफी हद तक पूरा कर रहा है। यह भी पढ़े -Poll of Polls: बंगाल,असम और पांडचुरी में बीजेपी की हैट्रिक, केरल में सत्ता परिवर्तन… Gen-Z & Youth Factor – बदलाव की चाह अब सबसे बड़ा बदलाव युवा वोट में दिख रहा है। पहली बार वोट डालने वाले युवा बदलाव के मूड में नजर आए।सोशल मीडिया का प्रभाव भी इस बार काफी ज्यादा रहा। यही वजह है कि Gen-Z वोट BJP के लिए गेमचेंजर बन सकता है। Final Verdict – किसके साथ है जनता? अगर सभी फैक्टर्स को मिलाकर देखें, तो तस्वीर साफ होती है: 👉 महिला + मुस्लिम वोट = TMC की ताकत👉 पुरुष + युवा वोट = BJP का आधार इसलिए पश्चिम बंगाल में मुकाबला “neck-to-neck” बना हुआ है। पश्चिम बंगाल का Exit Poll यही संकेत देता है कि👉 “सत्ता बदल भी सकती है और बच भी सकती है — फैसला बेहद करीबी होगा।”
EPFO

PF धारकों के लिए बड़ी राहत: EPFO करेगा बंद खातों को एक्टिव, आएगा नया पोर्टल

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बेहद जरूरी और राहत भरी पहल करने जा रहा है। लंबे समय से बंद या इनएक्टिव पड़े PF खातों को अब दोबारा एक्टिव करने की प्रक्रिया आसान होने वाली है। इसके लिए EPFO एक नया डिजिटल सिस्टम ‘ई-प्राप्ति (e-Prapti) पोर्टल’ लॉन्च करने की तैयारी में है। इस कदम को PF सिस्टम में एक बड़ा डिजिटल सुधार माना जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को अपने पुराने फंड तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। क्या है EPFO का ‘ई-प्राप्ति’ पोर्टल? ‘ई-प्राप्ति’ एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जो पुराने और बंद पड़े PF खातों को खोजकर उन्हें दोबारा सक्रिय (reactivate) करने में मदद करेगा। अक्सर ऐसा होता है कि नौकरी बदलने के बाद लोग पुराने PF खाते भूल जाते हैं या वे इनएक्टिव हो जाते हैं। इसी समस्या को खत्म करने के लिए यह सिस्टम लाया जा रहा है। किन लोगों को मिलेगा सीधा फायदा? इस नए सिस्टम से खासतौर पर इन लोगों को फायदा होगा: क्या बदल जाएगा इस सिस्टम से? ई-प्राप्ति पोर्टल आने के बाद PF प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा: पुराने PF खाते दोबारा एक्टिव हो सकेंगेUAN और KYC अपडेट करना आसान होगाPF ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज होगीक्लेम से जुड़ी दिक्कतें कम होंगीपूरा सिस्टम डिजिटल और पारदर्शी बनेगा अभी कौन-सी सुविधा मिल रही है? EPFO पहले से ही कई डिजिटल सेवाएं दे रहा है जैसे: अब ‘ई-प्राप्ति’ आने के बाद यह सिस्टम और भी मजबूत हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bengaluru

Bengaluru News: भारी बारिश में दीवार गिरी, 7 की मौत; CM Siddaramaiah ने दिया मुआवजे का ऐलान

Bengaluru में भारी बारिश के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। शहर के बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल के पास पुरानी कंपाउंड वॉल गिरने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब लोग बारिश से बचने के लिए दीवार के पास खड़े थे। अचानक तेज बारिश और हवा के दबाव के कारण दीवार भरभराकर गिर गई और लोग मलबे में दब गए। कैसे हुआ पूरा हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश काफी तेज थी और आसपास पानी भरने लगा था। इसी दौरान अस्पताल की पुरानी और कमजोर दीवार अचानक गिर गई। चंद सेकंडों में पूरा मंजर बदल गया और लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही कई लोग मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। बाद में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। मृतकों और घायलों की स्थिति इस हादसे में अब तक: CM Siddaramaiah का दौरा और बड़ा ऐलान कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना स्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹5 लाख मुआवजे की घोषणा की है और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। हादसे की मुख्य वजह क्या रही? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे के पीछे कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं: शहरों की सुरक्षा पर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर शहरी सुरक्षा और पुराने ढांचों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में कमजोर इमारतें और दीवारें बड़ा खतरा बन सकती हैं। बेंगलुरु की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की समय-समय पर जांच और सुधार कितना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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