मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक BE छात्र को फर्जी कॉल के जरिए ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोप है कि Protection Fee बंद कराने का झांसा देकर छात्र से करीब 1.30 लाख रुपये की रकम ठग ली गई।
ठगों ने छात्र को फोन कर ऐसी बातों में उलझाया कि उसे लगा कि वह अपने किसी ऑनलाइन लेनदेन से जुड़ी समस्या का समाधान करा रहा है। इसी दौरान उससे OTP डलवाया गया और रकम एक Amazon Merchant Account में ट्रांसफर हो गई।
Protection Fee बंद करने के नाम पर आया कॉल
छात्र के पास एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी सेवा का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उसके अकाउंट से Protection Fee जैसी राशि कट रही है।
इसे बंद कराने के लिए छात्र को कुछ प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया। छात्र को अंदाजा नहीं था कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुका है।
OTP डालते ही खाते से निकल गए पैसे
फर्जी कॉल करने वाले ने छात्र को एक प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा। इसी दौरान छात्र ने बताए गए तरीके से OTP दर्ज कर दिया।
OTP डालते ही उसके खाते से करीब ₹1.30 लाख की रकम ट्रांसफर हो गई। रकम एक Amazon Merchant से जुड़े खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई।
जब छात्र को खाते से पैसे निकलने का पता चला, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
छात्र ने की शिकायत
घटना के बाद छात्र ने मामले की शिकायत साइबर पुलिस से की। पुलिस ने लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी के मामलों में पुलिस आमतौर पर बैंकिंग ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर, डिजिटल अकाउंट और रकम जिस खाते में गई है, उसकी जानकारी के आधार पर जांच करती है।
ऐसे फर्जी कॉल से रहें सावधान
साइबर विशेषज्ञ लगातार लोगों को सलाह देते हैं कि फोन पर किसी के साथ OTP, PIN, CVV या बैंकिंग पासवर्ड शेयर न करें। बैंक या किसी विश्वसनीय कंपनी के नाम पर फोन आने पर भी पहले आधिकारिक माध्यम से इसकी पुष्टि करना जरूरी है।
अगर किसी व्यक्ति को अचानक कोई कॉल करके पैसे वापस करने, अकाउंट बंद करने या कोई फीस हटाने के नाम पर OTP बताने के लिए कहा जाए तो सावधान रहें।



