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Mayawati ने बदली BSP की कमान! ईशान आनंद को मिली National Coordinator की जिम्मेदारी

बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक (National Coordinator) की जिम्मेदारी दी है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब पार्टी में नेतृत्व और संगठन को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। 23 सितंबर को लखनऊ में BSP की अहम बैठक हुई। इसी बैठक में ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई। बैठक के दौरान ईशान आनंद अपनी बुआ मायावती और पिता आनंद कुमार के साथ नजर आए। उन्होंने मायावती से आशीर्वाद भी लिया। ईशान आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी ईशान आनंद, मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। हाल के दिनों में पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता बढ़ी है। सितंबर की शुरुआत में भी उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर करीब 15 राज्यों में BSP के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। अब राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद पार्टी में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। इस फैसले से साफ है कि मायावती ने संगठन में ईशान आनंद को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। आकाश आनंद की जगह ईशान पर भरोसा BSP में यह बदलाव मायावती के बड़े भतीजे आकाश आनंद को लेकर लिए गए फैसलों के बाद आया है। मायावती ने हाल में आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग कर दिया था। 20 सितंबर को मायावती ने कहा था कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। वहीं ईशान आनंद को संगठन में जिम्मेदारी देने की बात कही गई थी। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया था कि ईशान आनंद को जिम्मेदारी मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें किसी तरह की छूट होगी। अगर वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। 2027 UP Election से पहले संगठन पर फोकस उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में BSP का संगठनात्मक ढांचा पार्टी के लिए काफी अहम है। मायावती लगातार पार्टी के नेताओं और संगठन को लेकर फैसले ले रही हैं। ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलना भी इसी संगठनात्मक बदलाव की कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, उनकी नई भूमिका को भविष्य के नेतृत्व को लेकर किसी अंतिम फैसले के तौर पर देखना अभी जल्दबाजी होगी। कौन हैं ईशान आनंद? ईशान आनंद, BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के बेटे और मायावती के भतीजे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने लंदन की Westminster University से कानून की पढ़ाई की है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह परिवार के कारोबारी कामकाज से भी जुड़े रहे हैं। पिछले कुछ समय में पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी मौजूदगी बढ़ी है। अब राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने पार्टी के संगठन को मजबूत करने और विभिन्न राज्यों में कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की बड़ी जिम्मेदारी होगी। BSP में बदलाव से क्या संकेत? मायावती के ताजा फैसले से BSP के संगठन में नई जिम्मेदारियों का एक नया दौर दिखाई दे रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले पार्टी किस तरह अपनी रणनीति और संगठन को आगे बढ़ाती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल इतना तय है कि ईशान आनंद को BSP में मिली नई जिम्मेदारी ने पार्टी के अंदर नेतृत्व और संगठन को लेकर चर्चा को फिर तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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National Award

National Awards 2026: कार्तिक आर्यन की मेहनत रंग लाई, अनंत नाग को मिला सिनेमा का बड़ा सम्मान

भारतीय सिनेमा के लिए National Award सेरेमनी इस बार कई खास वजहों से चर्चा में है। अभिनेता कार्तिक आर्यन को फिल्म Chandu Champion में उनकी दमदार परफॉर्मेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उनके लंबे योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के सम्मान दिया गया। दोनों कलाकारों की उपलब्धियां अलग हैं, लेकिन इनके पीछे सालों की मेहनत और अपने काम के प्रति समर्पण की कहानी छिपी है। Chandu Champion के लिए कार्तिक आर्यन की मेहनत कार्तिक आर्यन ने Chandu Champion में पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया था। इस रोल को पर्दे पर प्रभावी बनाने के लिए अभिनेता ने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किरदार की तैयारी के दौरान कार्तिक ने करीब 15 किलो वजन कम किया। उनकी डाइट से लेकर एक्सरसाइज और ट्रेनिंग तक, पूरी तैयारी काफी अनुशासित रही। फिल्म रिलीज होने के बाद उनके ट्रांसफॉर्मेशन और अभिनय की काफी चर्चा हुई। फिल्म में कार्तिक ने मुरलीकांत पेटकर के संघर्ष, मुश्किल परिस्थितियों और खेल के प्रति उनके जुनून को पर्दे पर उतारने की कोशिश की। यही वजह रही कि इस भूमिका को उनके करियर की महत्वपूर्ण परफॉर्मेंस में गिना गया। कौन थे मुरलीकांत पेटकर? Chandu Champion की कहानी भारतीय पैरालंपिक खिलाड़ी मुरलीकांत पेटकर के जीवन से प्रेरित है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद खेल के मैदान में देश का नाम रोशन किया था। कार्तिक के लिए इस किरदार को निभाना सिर्फ एक्टिंग तक सीमित नहीं था। उन्हें किरदार की बॉडी लैंग्वेज और फिटनेस पर भी काम करना पड़ा। करीब 15 किलो वजन कम करने की बात इसी तैयारी का हिस्सा रही। अनंत नाग को मिला Dadasaheb Phalke Award वहीं, दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के सम्मान से नवाजा गया। अनंत नाग ने अपने लंबे करियर में कन्नड़ सिनेमा के साथ-साथ हिंदी फिल्मों में भी काम किया है। थिएटर से शुरुआत करने वाले अनंत नाग ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और अपनी सादगी भरी अभिनय शैली से दर्शकों के बीच पहचान बनाई। उनका करियर कई दशकों में फैला हुआ है। 11वीं तक पढ़ाई, फिर एक्टिंग की दुनिया में कदम अनंत नाग की जिंदगी का एक दिलचस्प पहलू उनकी पढ़ाई से भी जुड़ा है। उन्होंने 11वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की, लेकिन इसके बाद उनका रुझान अभिनय की तरफ बढ़ता गया। रंगमंच से जुड़े और धीरे-धीरे फिल्मों में अपनी जगह बनाई। आगे चलकर उन्होंने भारतीय सिनेमा में एक लंबी और यादगार पारी खेली। यही वजह है कि दादा साहेब फाल्के सम्मान उनके फिल्मी सफर की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। एक तरफ युवा स्टार, दूसरी तरफ सिनेमा के दिग्गज National Award से जुड़ी इन दोनों खबरों में भारतीय सिनेमा की दो पीढ़ियों की तस्वीर दिखाई देती है। एक तरफ कार्तिक आर्यन जैसे युवा अभिनेता हैं, जिन्होंने एक चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए अपने शरीर और अभिनय दोनों पर मेहनत की। दूसरी तरफ अनंत नाग हैं, जिन्होंने दशकों तक अभिनय के क्षेत्र में काम करके अपनी पहचान बनाई। कार्तिक के लिए यह सम्मान Chandu Champion में उनकी मेहनत की पहचान है, जबकि अनंत नाग के लिए Dadasaheb Phalke Award उनके लंबे फिल्मी सफर को मिला बड़ा सम्मान है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chintan Shivir 2026

Chintan Shivir 2026: PM मोदी के सामने Ministers का Presentation, कामकाज का होगा Review

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM मोदी) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय Chintan Shivir 2026 बुधवार से शुरू हो गया है। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के कामकाज, सरकार की योजनाओं की प्रगति और आने वाले समय की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। दो दिन तक चलने वाले इस मंथन में Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य को लेकर भी आगे की रणनीति पर फोकस रहेगा। सरकार के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें सिर्फ अब तक के काम का ब्यौरा नहीं रखा जाएगा, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि योजनाओं का फायदा जमीन पर लोगों तक कितना पहुंच रहा है। Ministers देंगे Presentation, योजनाओं पर होगी चर्चा चिंतन शिविर में अलग-अलग विषयों को लेकर तैयार किए गए मंत्रियों के समूह अपनी Presentation पेश करेंगे। इन प्रेजेंटेशन में मंत्रालयों की प्रमुख योजनाओं, उपलब्धियों, सामने आई चुनौतियों और आगे किए जाने वाले कामों की जानकारी दी जाएगी। मंत्रालयों के बीच Coordination बेहतर करने और सरकारी कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी। खास तौर पर ऐसी योजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। Ground Level Implementation पर रहेगा जोर सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, इसके लिए Ground Level Implementation पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में यह देखा जाएगा कि नीतियों और योजनाओं को लागू करने में कहां दिक्कतें आ रही हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, लोगों को बेहतर सेवाएं देने और अनावश्यक Compliance कम करने जैसे मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं। Viksit Bharat 2047 के लिए बनेगी आगे की दिशा चिंतन शिविर का एक बड़ा मुद्दा Viksit Bharat@2047 है। सरकार लंबे समय के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार और विकास की दिशा पर विचार कर रही है। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, बेहतर Governance, Ease of Living और सरकारी सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी चर्चा का फोकस रहने की बात सामने आई है। क्या तैयार होगा Ministers का Report Card? इस बैठक को मंत्रियों और मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पहले भी मंत्रालयों के काम की प्रगति को अलग-अलग मानकों पर देखा गया है। हालांकि, 23 और 24 सितंबर के चिंतन शिविर के बाद किसी अलग सार्वजनिक Report Card को जारी किए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल बैठक का मुख्य उद्देश्य कामकाज की समीक्षा, कमियों की पहचान और आगे की प्राथमिकताएं तय करना है। 2021 में भी हुआ था ऐसा मंथन केंद्र सरकार में इस तरह के चिंतन और समीक्षा सत्र पहले भी आयोजित किए जा चुके हैं। 2021 में भी सरकार ने लंबी अवधि की योजनाओं और विकास के रोडमैप को लेकर मंथन किया था। उस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर चर्चा कर भविष्य की रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। अब 2026 का Chintan Shivir मौजूदा योजनाओं और नीतियों की स्थिति को देखते हुए अगले चरण के लिए दिशा तय करने का अवसर है। दो दिन की बैठक में किन मुद्दों पर नजर? कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हो रहा यह Chintan Shivir सरकार के मौजूदा कामकाज की समीक्षा के साथ आने वाले समय की प्राथमिकताएं तय करने पर केंद्रित है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दो दिन के इस मंथन से सरकार के कामकाज में कौन से नए बदलाव और सुधार सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Azamgarh

Azamgarh Encounter: पत्नी और 2 पुजारियों की हत्या के बाद बच्चों को बनाया बंधक, कमांडो Operation में आरोपी की मौत

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ (Azamgarh) से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी अपने तीन बच्चों को लेकर घर के अंदर बंद हो गया। कई घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के बाद पुलिस की कार्रवाई में आरोपी की मौत हो गई। Mahamrityunjay Jaap को लेकर नाराज था आरोपी पुलिस के अनुसार, घर में महामृत्युंजय जाप कराया जा रहा था। इसी बात को लेकर आरोपी नाराज था। घर में पूजा-पाठ के दौरान विवाद बढ़ा और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। आरोप है कि आरोपी ने अपनी पत्नी और वहां मौजूद दो पुजारियों पर गोली चला दी। फायरिंग में तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई। तीन बच्चों को बनाकर रखा बंधक वारदात के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए समझाने की कोशिश की। कई घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच बातचीत चलती रही। घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात को देखते हुए कमांडो टीम को भी ऑपरेशन में लगाया गया। करीब सात घंटे चला Police Operation मामला कई घंटे तक चलता रहा। पुलिस की कोशिश थी कि बच्चों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित बाहर निकाला जाए। इस दौरान घर के बाहर सुरक्षा घेरा बनाया गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान आरोपी की ओर से फायरिंग की गई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया। आरोपी की मौत, बच्चों को किया गया Rescue पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के दौरान एक बच्चे के भी गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, दो बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। मौके से मिले सबूतों और हथियारों की भी जांच की जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी आजमगढ़ पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर पूजा को लेकर विवाद इतना बढ़ा कैसे और आरोपी ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम क्यों दिया। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों और परिवार से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। इस घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही वारदात के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

SIR पर Election Commission की बड़ी सफाई, कहा- आयुक्तों के बीच कोई औपचारिक मतभेद नहीं

मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेद की खबरों के बीच आयोग ने अब अपना पक्ष साफ कर दिया है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने ऐसी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि SIR समेत आयोग के सभी अहम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। यह मामला उस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चर्चा में आया, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। SIR को लेकर क्या है पूरा विवाद? दरअसल, SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची की गहन जांच और अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम, नए वोटर के पंजीकरण और मतदाता सूची से नाम हटाने जैसे मामलों की जांच की जाती है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने अलग-अलग मौकों पर आयोग के कुछ फैसलों पर लिखित आपत्तियां जताई थीं। रिपोर्ट में करीब 14 आपत्तियों का जिक्र किया गया है। इनमें वोटर रजिस्ट्रेशन, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटा से जुड़े कुछ फैसलों का उल्लेख किया गया था। Election Commission ने क्या सफाई दी? रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया कि आयोग के भीतर किसी तरह की औपचारिक असहमति नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी की मंजूरी के बाद ही फैसले लिए गए हैं। आयोग का कहना है कि किसी मुद्दे पर चुनाव आयुक्तों की ओर से सुझाव या टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इन्हें औपचारिक dissent यानी असहमति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। SIR पर पहले से जारी है बहस SIR को लेकर देश में पहले से ही राजनीतिक और कानूनी बहस चल रही है। मतदाता सूची को अपडेट करने की इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। खासकर बिहार और पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक दलों और अलग-अलग संगठनों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। कुछ मामलों में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और उन्हें दोबारा शामिल करने को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। वहीं, चुनाव आयोग लगातार यह कहता रहा है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना चुनाव प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। Supreme Court में भी पहुंचा SIR का मामला SIR से जुड़े कुछ मामलों पर Supreme Court में भी सुनवाई हो चुकी है। दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को भेजे गए नोटिस और उनमें बताई गई विसंगतियों को लेकर अदालत ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे साफ है कि SIR की प्रक्रिया केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अलग-अलग पहलुओं पर न्यायिक स्तर पर भी सुनवाई हो रही है। क्या है Election Commission का मौजूदा रुख? फिलहाल चुनाव आयोग का स्पष्ट कहना है कि SIR को लेकर आयोग के भीतर किसी तरह का औपचारिक मतभेद नहीं है। आयोग के मुताबिक सभी फैसले सामूहिक रूप से और सर्वसम्मति से लिए गए हैं। दूसरी ओर, जिस मीडिया रिपोर्ट से विवाद शुरू हुआ, उसमें चुनाव आयुक्तों की ओर से अलग-अलग मामलों पर आपत्तियां या टिप्पणियां किए जाने का दावा किया गया है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में आयोग की आधिकारिक स्थिति और संबंधित दस्तावेज आगे की तस्वीर साफ करने में अहम भूमिका निभाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Meghalaya

Meghalaya Politics: BJP मजबूत, UDP के 8 विधायक पार्टी में शामिल; विधानसभा में संख्या 10 हुई

मेघालय (Meghalaya) की राजनीति में बुधवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। United Democratic Party (UDP) के 8 विधायक BJP में शामिल हो गए। इन विधायकों के एक साथ पाला बदलने से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। वहीं, विधानसभा में BJP की संख्या भी बढ़कर 10 हो गई है। 8 UDP MLAs ने थामा BJP का दामन BJP में शामिल होने वाले 8 विधायकों में लखमेन रिम्बुई, पायस मारवेन, किर्मेन श्यल्ला, मायरालबॉर्न सिएम, मैथ्यू कुर्बाह, ओलन सिंग सुइन, बालाजिद कुपार सिनरेम और सिनशर लिंगडोह थबाह शामिल हैं। इन विधायकों के BJP में आने से UDP को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के कुल 12 विधायकों में से 8 के एक साथ BJP में जाने से मेघालय की राजनीति में नया समीकरण बन गया है। BJP की विधानसभा में बढ़ी ताकत मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। इन विधायकों के शामिल होने से पहले BJP के पास 2 विधायक थे। अब यह संख्या बढ़कर 10 विधायक हो गई है। इससे राज्य विधानसभा में BJP की मौजूदगी पहले के मुकाबले काफी मजबूत हुई है। वहीं, UDP की विधानसभा में संख्या भी काफी कम हो गई है। किन मुद्दों पर हुई चर्चा? BJP में शामिल होने से पहले इन विधायकों की ओर से मेघालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए थे। इनमें Khasi भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना, कोयला खनन से जुड़े मामले, Meghalaya Residents Safety and Security Act (MRSSA) और Them Iew Mawlong की Harijan Colony के पुनर्वास जैसे मुद्दे शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इन मुद्दों पर BJP के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत भी हुई थी। इसके बाद विधायकों के BJP में शामिल होने का रास्ता साफ हुआ। 2028 Election से पहले बदला Meghalaya का सियासी समीकरण मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में प्रस्तावित है। ऐसे में चुनाव से पहले UDP के 8 विधायकों का BJP में जाना राज्य की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे पहले पूर्व UDP विधायक जेमिनो मावथोह भी BJP में शामिल हो चुके हैं। अब 8 मौजूदा UDP विधायकों के साथ आने से BJP ने मेघालय विधानसभा में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। आने वाले दिनों में यह बदलाव राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है और अलग-अलग दलों के बीच समीकरण किस तरह बदलते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update: राजस्थान में मई जैसी गर्मी, जैसलमेर 41°C के पार; UP-MP-Bihar में Rain Alert

देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज इन दिनों काफी अलग-अलग देखने को मिल रहा है। सितंबर का महीना खत्म होने की ओर है, लेकिन राजस्थान के कुछ शहरों में गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। जैसलमेर में तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में बारिश का दौर फिर तेज होने के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों की बात करें तो केदारनाथ में पारा माइनस 3 डिग्री तक पहुंच गया है। Rajasthan में फिर बढ़ी गर्मी राजस्थान में मानसून की वापसी के साथ कई इलाकों में बारिश का असर कम हो गया है। इसके बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जैसलमेर में तापमान 41°C के पार दर्ज किया गया, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ अन्य शहरों में भी पारा 40 डिग्री के आसपास रहा। सितंबर के आखिरी दिनों में इतनी गर्मी लोगों को हैरान कर रही है। दिन में तेज धूप के कारण बाहर निकलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Lucknow-Kanpur में Rain Alert उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। लखनऊ, कानपुर और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। कई जगहों पर बादल छाने के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। आने वाले दिनों में यूपी के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि तेज बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है। MP में भी बारिश का दौर मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बीच एक बार फिर बारिश के आसार बन रहे हैं। राज्य के कई जिलों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी बारिश का भी अलर्ट है। भोपाल समेत कई शहरों में मौसम के बदलते मिजाज का असर देखने को मिल सकता है। Bihar में Heavy Rain का Alert बिहार में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है। Kedarnath में माइनस 3°C तक पहुंचा तापमान मैदानी इलाकों में जहां गर्मी और बारिश का असर देखने को मिल रहा है, वहीं पहाड़ों पर ठंड बढ़ने लगी है। केदारनाथ में तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है। ठंड बढ़ने के साथ यात्रियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। देश में कहीं Heat तो कहीं Rain मौसम की मौजूदा तस्वीर देखें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग परिस्थितियां बनी हुई हैं। राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद गर्मी बढ़ रही है, जबकि यूपी, एमपी और बिहार में बारिश का दौर फिर सक्रिय हो सकता है। वहीं केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में बारिश और आंधी वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RIMS

Adilabad RIMS Fire: 25 नवजात थे भर्ती, अचानक लगी आग से 2 बच्चों की मौत

तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित RIMS Hospital में सोमवार रात एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। अस्पताल के Special Newborn Care Unit (SNCU) में अचानक आग लग गई। उस समय वार्ड में कई नवजात बच्चे भर्ती थे। आग और धुएं के बीच अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हादसे में 2 नवजात बच्चों की मौत हुई, जबकि कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। AC में विस्फोट के बाद आग लगने की आशंका जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब 11:40 बजे RIMS अस्पताल के नवजात वार्ड में हुआ। शुरुआती जांच में AC यूनिट में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि AC में खराबी के बाद अचानक आग भड़की और कुछ ही समय में वार्ड में धुआं भर गया। नवजात बच्चों से भरे वार्ड में धुआं फैलते ही वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश शुरू कर दी। वार्ड में भर्ती थे करीब 25 बच्चे हादसे के वक्त SNCU में करीब 25 नवजात बच्चे भर्ती थे। आग की सूचना मिलते ही अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया गया। गंभीर हालत वाले बच्चों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, ताकि उन्हें जरूरी इलाज और मेडिकल सपोर्ट मिल सके। 2 नवजातों की मौत, कई बच्चों की हालत गंभीर इस हादसे में दो नवजात बच्चों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि आग और धुएं की वजह से बच्चों को सांस लेने में परेशानी हुई। कुछ बच्चों को गंभीर हालत में इलाज के लिए दूसरी जगह भेजा गया है। अस्पताल प्रशासन और मेडिकल टीम प्रभावित बच्चों की लगातार निगरानी कर रही है। हादसे के बाद बच्चों के माता-पिता और परिजनों में भी चिंता का माहौल है। मौके पर पहुंचे Collector और SP घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। Adilabad Collector और SP ने मौके का जायजा लिया और रेस्क्यू तथा इलाज की स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते आग को नियंत्रित किया, जिससे इसे अस्पताल के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोका जा सका। CM Revanth Reddy ने दिए जांच के आदेश तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने RIMS अस्पताल में हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को घायल और प्रभावित बच्चों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के भी आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आग वास्तव में किस वजह से लगी और अस्पताल में Fire Safety से जुड़े इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं। Hospital Fire Safety पर फिर उठे सवाल RIMS जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चों के वार्ड में आग लगने की घटना ने Hospital Fire Safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवजात बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं और ऐसे वार्ड में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़ा खतरा बन सकती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों को सुरक्षित रखना और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। आग की वास्तविक वजह और किसी तरह की लापरवाही की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update: Unnao में Flood जैसे हालात, Bengal में हाथी के बच्चे का Rescue; 8 राज्यों में Heavy Rain Alert

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने एक बार फिर करवट ली है। कहीं तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गई हैं तो कहीं नदियों का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए परेशानी बन गया है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हालात इतने बिगड़े कि सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में मछुआरों ने तेज बहाव में फंसे हाथी के बच्चे को बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। इधर मध्य प्रदेश, बिहार समेत 8 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। Unnao में बाढ़ जैसे हालात, सड़कों पर नाव उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। कई सड़कें और रिहायशी इलाके जलभराव की चपेट में हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कुछ जगहों पर लोगों को सड़क के बजाय नाव से आवाजाही करनी पड़ रही है। बारिश और बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी के आसपास रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। Bengal में तेज बहाव में फंसा था हाथी का बच्चा पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी इलाके से एक राहत भरी तस्वीर सामने आई है। यहां तीस्ता नदी में हाथियों का झुंड नदी पार कर रहा था। इसी दौरान हाथी का एक छोटा बच्चा तेज पानी के बहाव में बहकर झुंड से अलग हो गया। बच्चे को मुश्किल में देखकर स्थानीय मछुआरे तुरंत मदद के लिए आगे आए। पांच मछुआरों ने नाव के जरिए हाथी के बच्चे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे वन विभाग को सौंप दिया गया। सबसे राहत की बात यह रही कि बाद में हाथी के बच्चे को उसकी मां तक पहुंचाने में सफलता मिली। इस पूरे Rescue Operation ने दिखाया कि मुश्किल वक्त में इंसान और वन्यजीवों के बीच संवेदनशीलता कितनी मायने रखती है। MP और Bihar में भी बारिश का असर मध्य प्रदेश में एक बार फिर कई इलाकों में बारिश का दौर बढ़ने की संभावना है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी परेशानी बढ़ा सकती है। बिहार में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। कई जिलों में भारी बारिश के साथ Thunderstorm और Lightning का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है। 8 राज्यों में Rain Alert, कई जगह Heavy Rain की संभावना बारिश का असर केवल यूपी, एमपी और बिहार तक सीमित नहीं है। मौसम सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आसपास के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है। नदी किनारे रहने वालों को ज्यादा सावधानी की जरूरत उन्नाव में सड़कों पर नाव चलने और बंगाल में नदी के तेज बहाव में हाथी के बच्चे के फंसने की घटनाएं बताती हैं कि बारिश के दौरान नदियों और जलभराव वाले इलाकों में खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह को गंभीरता से लेना जरूरी है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajya Sabha Electio

UP Rajya Sabha Election: 10 सीटों पर होगा चुनाव, Uttarakhand की 1 Seat भी शामिल; 16 अक्टूबर को Voting

राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। खास बात यह है कि इसी दिन शाम को वोटों की गिनती भी शुरू हो जाएगी। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद दोनों राज्यों में राजनीतिक हलचल बढ़ने वाली है। अब पार्टियों की नजर उम्मीदवारों के चयन और विधानसभा में अपने-अपने समीकरण मजबूत करने पर रहेगी। 16 अक्टूबर को होगी Voting, शाम को आएगा Result चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवारों के नामांकन के लिए 6 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। चुनाव का पूरा Schedule इस प्रकार है: यानी 16 अक्टूबर को मतदान के कुछ घंटे बाद ही चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। UP की 10 Rajya Sabha Seats पर चुनाव उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। इन सीटों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। एक सीट पहले से रिक्त है, जबकि बाकी सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की विधानसभा में मौजूदा राजनीतिक संख्या बल को देखते हुए इन चुनावों पर सभी प्रमुख दलों की नजर रहेगी। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद चुनावी समीकरण और ज्यादा स्पष्ट होंगे। Uttarakhand की एक Seat भी शामिल उत्तराखंड की भी एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव कराया जाएगा। मौजूदा सदस्य का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। छोटे राज्य होने के कारण यहां एक सीट का चुनाव भी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विधानसभा में पार्टियों की संख्या और उम्मीदवारों के समर्थन का गणित चुनाव के नतीजे को प्रभावित करेगा। कैसे होता है Rajya Sabha Election? राज्यसभा का चुनाव लोकसभा चुनाव की तरह सीधे जनता के वोट से नहीं होता। इसमें संबंधित राज्य के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। राज्यसभा चुनाव में Proportional Representation और Single Transferable Vote सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। विधायक उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में वोट देते हैं। इसी वजह से चुनाव से पहले पार्टियों के बीच संख्या बल और समर्थन का गणित काफी अहम हो जाता है। 16 अक्टूबर पर टिकी रहेंगी सभी की नजरें चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा उम्मीदवारों के नाम और राजनीतिक समीकरणों को लेकर होगी। 6 अक्टूबर तक नामांकन और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद 16 अक्टूबर को Voting होगी और शाम 5 बजे से Counting शुरू होगी। ऐसे में UP और Uttarakhand Rajya Sabha Election 2026 के नतीजों के लिए ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्यसभा चुनाव के जरिए दोनों राज्यों से संसद के उच्च सदन में जाने वाले नए सदस्यों की तस्वीर 16 अक्टूबर को सामने आ जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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