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Chamoli

Chamoli Tunnel हादसा: 22 मजदूर थे अंदर, 7 की मौत के बाद 3 को बचाने में जुटीं Rescue Teams

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार शाम हुए Chamoli Tunnel Accident ने एक बार फिर पहाड़ों में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माणाधीन विष्णुगढ़-पीपलकोटी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अचानक सुरंग में घुसा पानी और मलबा घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। सुरंग के अंदर काम चल रहा था, तभी अचानक पानी और मलबा तेजी से अंदर आ गया। कुछ ही देर में सुरंग का रास्ता प्रभावित हो गया और कई मजदूर अंदर फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। NDRF, SDRF, ITBP और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरंग के अंदर पानी का स्तर बढ़ने और मलबे के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 22 मजदूर थे सुरंग के अंदर अधिकारियों के मुताबिक हादसे के समय सुरंग में कुल 22 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 3 अन्य अभी लापता हैं। कुछ घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भी पहुंचाया गया है। रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक जल्द से जल्द पहुंचा जाए। पानी और मलबा लगातार चुनौती बना हुआ है, इसलिए बचाव अभियान सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। CM पुष्कर सिंह धामी पहुंचे घटनास्थल हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से बातचीत कर अभियान की जानकारी ली और सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ तेजी से बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता सुरंग में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। Rescue Operation में जुटी कई एजेंसियां सुरंग के भीतर हालात चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी है। NDRF और SDRF के साथ ITBP तथा अन्य एजेंसियां मौके पर काम कर रही हैं। पानी निकालने और मलबा हटाने के लिए उपलब्ध उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सुरंग में पानी का स्तर बढ़ने से रेस्क्यू टीमों के लिए अंदर तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद फंसे मजदूरों को जल्द सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है। हिमालयी क्षेत्र में Tunnel Safety फिर सवालों में चमोली का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हिमालयी इलाकों में बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है। इस क्षेत्र की पहाड़ी संरचना, भौगोलिक अस्थिरता और अचानक बदलती परिस्थितियां सुरंग निर्माण को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। फिलहाल पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। सात मजदूरों की मौत से उनके परिवारों में मातम है, जबकि सुरंग में लापता तीन मजदूरों के परिवारों को अब भी उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

India-Pakistan Tension: पानी और कश्मीर पर शहबाज शरीफ का बड़ा बयान, बोले- रुख नहीं बदलेगा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को पानी के मुद्दे पर एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से पहले दिए अपने संबोधन में शरीफ ने कहा कि उनके देश के पानी की हर बूंद बेहद अहम है और इसे लेकर किसी भी तरह का खतरा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी समझना भारी पड़ सकता है। शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब India-Pakistan Relations पहले से ही पानी, कश्मीर और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण हैं। पानी के मुद्दे पर भारत को सीधा संदेश इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी पाकिस्तान के लिए एक Red Line है। उनका कहना था कि अगर पाकिस्तान के जल अधिकारों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो देश अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए जवाब देगा। शरीफ ने साथ ही कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता। उनका कहना था कि उनका देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन शांति की इस इच्छा को कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। Kashmir पर रुख बदलने को तैयार नहीं पाकिस्तान अपने संबोधन में शहबाज शरीफ ने Kashmir Issue का भी जिक्र किया। उन्होंने साफ किया कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर लंबे समय से सबसे संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों में रहा है। दोनों देशों के इस मामले में अलग-अलग दावे और नीतियां हैं। ऐसे में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का ताजा बयान एक बार फिर इस विवाद को सुर्खियों में ले आया है। Asim Munir की Leadership की तारीफ शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव का जिक्र करते हुए इसे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता से जोड़कर पेश किया। शरीफ ने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती दी गई, तो देश उसका मजबूती से सामना करेगा। उनके इस बयान को पाकिस्तान की मौजूदा सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच तालमेल के संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। Yaadgar-e-Fatah का उद्घाटन शहबाज शरीफ का यह बयान यादगार-ए-फतह के उद्घाटन कार्यक्रम में आया। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पाकिस्तान ने इस स्मारक को अपने सैनिकों और संघर्ष के दौरान जान गंवाने वालों की याद से जोड़ा है। कार्यक्रम में देश की सुरक्षा और सैन्य क्षमता को लेकर भी संदेश दिए गए। India-Pakistan Tension पर फिर बढ़ी नजर पानी और कश्मीर जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान की ओर से आए ताजा बयानों ने India-Pakistan Tension को फिर चर्चा में ला दिया है। खासकर सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद काफी गंभीर रहे हैं। शहबाज शरीफ के बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि पाकिस्तान पानी और कश्मीर जैसे मुद्दों पर अपने पुराने रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं है। हालांकि, दोनों देशों के बीच भविष्य में बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने की संभावना बनी रहती है।
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Air India

Air India Flight: Phuket-Delhi विमान ने खोया Control, 4 सेकेंड में 300 फीट नीचे गिरा

Phuket से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को अचानक ऐसा पल आया, जिसने विमान में बैठे यात्रियों और Crew की सांसें थाम दीं। उड़ान के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया और शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 4 सेकेंड तक विमान के कुछ अहम Flight Controls ने काम नहीं किया। Airbus की Preliminary Analysis ने इस घटना को सामान्य Turbulence से कहीं ज्यादा गंभीर Technical Incident बताया है। 4 सेकेंड तक नहीं मिला Control Input का जवाब Airbus के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, घटना के दौरान विमान के तीनों Hydraulic Systems में दबाव से जुड़ी समस्या सामने आई। इसका असर Elevator और Aileron जैसे महत्वपूर्ण Flight Controls पर पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, First Officer ने विमान को नियंत्रित करने के लिए Nose-Down Input दिया, लेकिन उस समय Flight Control Surfaces ने तुरंत अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी। करीब चार सेकेंड बाद सिस्टम ने दोबारा काम करना शुरू किया और पायलट विमान को संभालने में सफल रहे। इसी दौरान Autopilot भी Disconnect हुआ था। अचानक 300 फीट नीचे आया विमान AI2379 में 137 यात्री और 8 Crew Members सवार थे। उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई। घटना में यात्रियों और Crew को चोटें आईं और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या में अंतर सामने आया है, जबकि हालिया Airbus Analysis में कुल 24 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। एक मिनट में कई Warning Alerts घटना के बाद सामने आए Maintenance Data ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के सिस्टम में कम समय के भीतर Hydraulic System, Autopilot और Flight Controls से जुड़े कई Warning Alerts दर्ज हुए थे। इससे जांचकर्ताओं के सामने यह सवाल है कि क्या वास्तव में तीनों Hydraulic Systems में एक साथ खराबी आई थी या किसी Sensor, Pressure Switch अथवा दूसरे Technical Component की वजह से गलत संकेत मिले। फिलहाल Final Cause तय नहीं हुआ है। शुरुआत में Turbulence माना गया, जांच में बदली तस्वीर घटना के शुरुआती विवरण में इसे Turbulence से जोड़कर देखा गया था। लेकिन जैसे-जैसे Flight Data और Maintenance Records की जानकारी सामने आई, Technical Failure का पहलू ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया। Airbus ने आगे की जांच के लिए Air India से Aircraft Maintenance Records और अन्य तकनीकी जानकारी मांगी है। AAIB इस मामले की जांच कर रहा है और Airbus तथा फ्रांस की BEA भी तकनीकी जांच में सहयोग कर रहे हैं। Pilot Drug Test ने भी बढ़ाई चिंता इस पूरे मामले में Pilot से जुड़ा एक अलग घटनाक्रम भी सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाइट के Captain का Confirmatory Drug Test Positive आया। इसके बाद Air India ने Air India और Air India Express के सभी Pilots की Mandatory Substance Screening शुरू करने का फैसला किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक Pilot के Test Result और विमान में आई Technical Failure के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। दोनों पहलुओं की जांच अलग-अलग की जा रही है। Air India ने सभी Pilots की Screening शुरू की Air India का यह फैसला मौजूदा Regulatory Requirements से आगे बढ़कर लिया गया है। कंपनी ने अपने Group Pilots की Screening शुरू करने की जानकारी दी है। इसका उद्देश्य Flight Safety को मजबूत करना और यात्रियों का भरोसा बनाए रखना बताया गया है। अब Final Investigation Report का इंतजार Phuket-Delhi Flight AI2379 की घटना ने Aviation Safety को लेकर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तीनों Hydraulic Systems में वास्तव में एक साथ समस्या आई थी, या किसी Component/Sensor की खराबी ने ऐसी स्थिति पैदा की? फिलहाल Airbus की Preliminary Analysis से यह जरूर सामने आया है कि विमान ने कुछ सेकेंड के लिए अहम Flight Controls की क्षमता खो दी थी। लेकिन घटना की पूरी वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए AAIB की Final Investigation Report का इंतजार करना होगा। एक सामान्य उड़ान में महज कुछ सेकेंड भी कितने अहम हो सकते हैं, AI2379 की यह घटना उसकी गंभीर याद दिलाती है। विमान आखिरकार सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया, लेकिन 300 फीट की अचानक गिरावट और करीब 4 सेकेंड तक Control Response न मिलना अब Aviation Investigators के लिए सबसे बड़ा सवाल बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, 10 ग्राम Gold और 1 किलो Silver का नया भाव

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए गुरुवार का दिन थोड़ी राहत लेकर आया। लगातार तेजी के बाद घरेलू बाजार में Gold और Silver Price में गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब ₹972 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर लगभग ₹1.52 लाख पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में ₹3,414 प्रति किलो की कमी आई और यह करीब ₹2.34 लाख प्रति किलो रह गई। बाजार में आई इस नरमी का असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है, जो आने वाले दिनों में शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। Gold Price Today: सोने के भाव में आई नरमी हालिया तेजी के बाद सोने की कीमतों में मुनाफावसूली का असर दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Gold Rate में कमजोरी देखी गई। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें फिलहाल कीमती धातुओं की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। भारत में सोने की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय नहीं होती। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात लागत, स्थानीय मांग और अंतरराष्ट्रीय Gold Rate भी घरेलू भाव पर असर डालते हैं। 24 कैरेट Gold Rate कितना है? गुरुवार को 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। हालांकि, अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां कीमत कुछ ऊपर-नीचे हो सकती है। आभूषण खरीदते समय यह भी ध्यान रखें कि बाजार में दिखाई जाने वाली सोने की कीमत और दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत एक जैसी नहीं होती। GST, Making Charges और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद बिल की राशि बढ़ सकती है। 22 कैरेट और 18 कैरेट Gold का क्या भाव? सोने की कीमत उसकी शुद्धता के हिसाब से बदलती है। इसलिए सोना खरीदते समय सिर्फ प्रति 10 ग्राम कीमत देखना काफी नहीं है। कैरेट और हॉलमार्क जरूर जांचें। Silver Price Today: चांदी भी ₹3,414 सस्ती सोने के साथ चांदी के बाजार में भी दबाव रहा। गुरुवार को चांदी करीब ₹3,414 प्रति किलो टूटकर ₹2.34 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Silver Price में कमजोरी देखने को मिली। चांदी की कीमत पर औद्योगिक मांग, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर पड़ता है। चांदी की कीमत में आई यह गिरावट उन खरीदारों के लिए अहम है, जो निवेश के साथ-साथ सिक्के, बर्तन या अन्य चांदी के सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं। क्यों बदलते रहते हैं Gold-Silver Rates? सोने और चांदी की कीमतें किसी एक वजह से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों की उम्मीद, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और घरेलू मांग जैसे कई फैक्टर मिलकर भाव को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि सुबह और शाम के बीच भी Gold-Silver Rate में बदलाव देखने को मिल सकता है। खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी बात अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो केवल बाजार में चल रहे रेट पर भरोसा न करें। खरीदारी से पहले BIS Hallmark, कैरेट, प्रति ग्राम कीमत, Making Charges और GST की जानकारी जरूर लें। एक दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना भी ठीक नहीं होगा कि कीमतें अब लगातार नीचे ही जाएंगी। कीमती धातुओं का बाजार तेजी से बदलता है, इसलिए खरीदारी का फैसला अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से करना बेहतर है। Gold-Silver Price पर नजर क्यों जरूरी? सोना और चांदी भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि भावनाओं और परंपराओं से भी जुड़े हैं। ऐसे में कुछ रुपये की गिरावट भी बड़ी खरीदारी करने वालों के लिए मायने रखती है। फिलहाल बाजार में आई नरमी ने खरीदारों को जरूर थोड़ी राहत दी है, लेकिन आगे के भाव पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nanded Gurudwara

Nanded Gurudwara Attack: सुखबीर बादल पर हमले से मचा हड़कंप, पुलिस ने संदिग्ध पकड़ा

महाराष्ट्र के नांदेड़ (Nanded Gurudwara) में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमले की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि बादल गुरुद्वारा परिसर में मौजूद थे, तभी एक व्यक्ति ने उन पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान उनके हाथ में चोट आई, जबकि उन्हें बचाने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद गुरुद्वारा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गुरुद्वारा परिसर में अचानक हुआ हमला जानकारी के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब में धार्मिक सेवा के सिलसिले में मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनके नजदीक पहुंचा और हमला कर दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया, जिससे स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका। हमले में बादल के हाथ में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद उनकी मेडिकल जांच कराई गई। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था संभालने के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। हमलावर को पुलिस ने हिरासत में लिया घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमला किस वजह से किया गया और इसके पीछे आरोपी की क्या मंशा थी। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस की ओर से हमले के मकसद को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल नांदेड़ के प्रमुख धार्मिक स्थल में सुखबीर बादल जैसे बड़े राजनीतिक नेता की मौजूदगी के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा घेरे के इतने करीब कैसे पहुंचा। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में आगे की कार्रवाई जारी है। सुखबीर बादल पर पहले भी हो चुका है हमला सुखबीर सिंह बादल इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में भी हमले की कोशिश का सामना कर चुके हैं। उस समय भी सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया था। नांदेड़ की ताजा घटना ने एक बार फिर सुखबीर बादल की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर VIP सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। फिलहाल सुखबीर बादल की स्थिति को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार उन्हें चोट लगी है और घटना की जांच जारी है। पुलिस की जांच के बाद ही हमले की पूरी वजह और घटना से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Modi-Shah Meet: कनिमोझी ने बढ़ाई सियासी हलचल, Tea Party से Rahul Gandhi और Akhilesh रहे दूर

संसद के गलियारों में इन दिनों राजनीतिक हलचल कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से जुड़ी एक चाय पार्टी चर्चा में आ गई है। इस दौरान विपक्ष की ओर से डीएमके सांसद कनिमोझी की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव वहां नजर नहीं आए। कनिमोझी की मौजूदगी को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि संसद के भीतर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर लगातार तीखी बहस देखने को मिल रही है। ऐसे माहौल में किसी अनौपचारिक आयोजन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं का साथ दिखाई देना राजनीतिक चर्चा को हवा दे देता है। कनिमोझी की मौजूदगी ने खींचा ध्यान डीएमके सांसद कनिमोझी लंबे समय से संसद में पार्टी की प्रमुख आवाजों में शामिल रही हैं। केंद्र की नीतियों पर डीएमके का कई मुद्दों पर अलग रुख रहा है। इसके बावजूद चाय पार्टी में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी। हालांकि, किसी अनौपचारिक कार्यक्रम में शामिल होना अपने आप में किसी राजनीतिक समझौते या गठबंधन में बदलाव का संकेत नहीं माना जा सकता। इसे सामान्य राजनीतिक संवाद के तौर पर भी देखा जा सकता है। Rahul Gandhi और Akhilesh Yadav क्यों नहीं आए? इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू राहुल गांधी और अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी है। दोनों नेताओं के शामिल नहीं होने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल यह कहना ठीक नहीं होगा कि दोनों नेताओं ने किसी रणनीति के तहत कार्यक्रम से दूरी बनाई। संसद में विपक्षी दल कई मुद्दों पर सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन हर कार्यक्रम में सभी नेताओं की मौजूदगी जरूरी नहीं होती। संसद के बाहर भी जारी है Political Buzz संसद का मौजूदा सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव का गवाह रहा है। एक ओर सरकार अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटी है, तो दूसरी तरफ विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में मोदी और शाह के साथ चाय पार्टी में कनिमोझी की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चा को एक नया विषय दे दिया है। सोशल मीडिया से लेकर संसद के गलियारों तक इसे लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। क्या यह विपक्षी रणनीति में बदलाव का संकेत है? फिलहाल इसका जवाब देना जल्दबाजी होगी। किसी एक बैठक या चाय पार्टी के आधार पर विपक्षी दलों के राजनीतिक समीकरण का आकलन करना सही नहीं होगा। असली तस्वीर संसद में इन दलों के रुख और आने वाले दिनों में उनकी रणनीति से साफ होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि Modi-Shah Tea Party में Kanimozhi की मौजूदगी और Rahul Gandhi-Akhilesh Yadav की गैरमौजूदगी ने दिल्ली के राजनीतिक माहौल में चर्चा जरूर बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में इस मुलाकात को लेकर कोई राजनीतिक बयान सामने आता है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ranchi Protest

Ranchi Protest: विधानसभा मार्च के बाद 600 प्रदर्शनकारियों पर केस, छात्रों का आंदोलन जारी

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों का गुस्सा अब सड़क से लेकर सियासी गलियारों तक पहुंच गया है। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर चल रहे Ranchi Student Protest ने नया मोड़ ले लिया है। विधानसभा मार्च के दौरान हुए विवाद के बाद पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला सिर्फ FIR तक सीमित नहीं है। छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में रांची में छात्र आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है। क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र? छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की कुछ भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं। अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक की जांच और प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करने जैसी मांगें उठा रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकारी नौकरी की परीक्षा युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में अगर परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो अभ्यर्थियों की मेहनत और भरोसे दोनों पर असर पड़ता है। इसी को लेकर बड़ी संख्या में छात्र कई दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे हैं। विधानसभा मार्च के दौरान बढ़ा तनाव आंदोलन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए विधानसभा की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। वहीं प्रदर्शनकारी पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। यही घटनाक्रम अब FIR का कारण बना है। 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR, CCTV से पहचान विधानसभा मार्च के बाद पुलिस ने करीब 600 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रिपोर्टों के अनुसार, FIR में कुछ लोगों को नामजद भी किया गया है। पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान बनाए गए CCTV फुटेज और दूसरे वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप वाले लोगों की पहचान कर रही है। इस कार्रवाई के बाद छात्रों के बीच भी नाराजगी बढ़ी है। छात्र संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का दौर आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार की तरफ से कुछ मांगों पर कार्रवाई का दावा किया गया है, लेकिन छात्र संगठन अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं की जांच, जरूरत पड़ने पर परीक्षा रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कदम उठाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। Hunger Strike से भी बढ़ा दबाव छात्र आंदोलन के दौरान Hunger Strike का रास्ता भी अपनाया गया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कुछ प्रदर्शनकारियों ने मांगों के समर्थन में अनशन किया। लंबे समय तक चले आंदोलन के बीच तबीयत बिगड़ने की खबरों ने सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया। छात्रों का कहना है कि वे अपने भविष्य से जुड़े मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। पुलिस कार्रवाई पर राजनीति भी तेज छात्रों पर FIR और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस और सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। इस बीच छात्र संगठनों और राजनीतिक संगठनों की ओर से आंदोलन के समर्थन में अलग-अलग कार्यक्रम भी किए गए हैं। अब आगे क्या होगा? रांची का यह छात्र आंदोलन अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां सरकार और छात्रों दोनों के लिए अगला कदम महत्वपूर्ण होगा। एक तरफ सरकार बातचीत और परीक्षा से जुड़े फैसलों के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ छात्र संगठन अपनी मुख्य मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं। 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ेगी और CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, अगर छात्रों की मांगों पर जल्द कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है। फिलहाल रांची में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से यह विवाद सुलझेगा या Jharkhand Student Protest आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert: Jaipur में भारी बारिश से Traffic Jam, Dehradun-Tihri में Landslide; 15 राज्यों में अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) का असर लगातार तेज बना हुआ है। राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। जयपुर में तेज बारिश के कारण पेड़ गिरने, बस पलटने और ट्रैफिक जाम जैसी घटनाएं सामने आईं, वहीं उत्तराखंड के देहरादून-मसूरी मार्ग पर लैंडस्लाइड से यातायात प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जयपुर में बारिश के बाद बिगड़े हालात राजस्थान की राजधानी जयपुर में बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क यातायात प्रभावित हुआ। तेज बारिश के बीच पेड़ गिरने की घटनाओं से कुछ रास्तों पर आवाजाही बाधित हुई। कई जगह पानी जमा होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी। बारिश के दौरान बस पलटने की घटना ने भी परेशानी बढ़ा दी। लगातार बारिश के बीच सड़कों पर जलभराव और फिसलन के कारण वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। देहरादून-मसूरी रोड पर Landslide, कई किलोमीटर लंबा जाम उत्तराखंड में बारिश का असर पहाड़ी इलाकों में ज्यादा दिखाई दे रहा है। देहरादून-मसूरी रोड पर पानी वाला बेंड के पास ताजा लैंडस्लाइड के बाद सड़क पर मलबा आ गया। इसके चलते दोनों तरफ कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। लैंडस्लाइड के कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान सड़क पर मलबा आने का खतरा बना रहता है, इसलिए यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। टिहरी समेत पहाड़ी इलाकों में भी बारिश का असर उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। IMD के ताजा पूर्वानुमान में उत्तराखंड में 13 से 19 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में देहरादून, टिहरी और आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों तथा यात्रियों को स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है। अगले चार दिनों तक कई राज्यों में बारिश मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD के 12 अगस्त के ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन में जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में 12 से 18 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में 13 अगस्त और पूर्वी राजस्थान में 13 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना बताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 से 19 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला भी जारी रह सकता है। उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ों से मैदान तक Monsoon का असर जयपुर में जलभराव और ट्रैफिक जाम से लेकर उत्तराखंड में लैंडस्लाइड तक, मानसून का असर अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रहा है। एक तरफ मैदानी इलाकों में भारी बारिश से सड़क यातायात प्रभावित है, तो दूसरी तरफ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें और भारी बारिश या लैंडस्लाइड की आशंका वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AQIS

Red Fort Attack: लाल किले के पास हमले में AQIS का Link, UN Report में बड़ा खुलासा

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। United Nations Security Council (UNSC) की एक रिपोर्ट में नवंबर 2025 में हुई इस घटना को Al-Qaeda in the Indian Subcontinent (AQIS) से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में दक्षिण एशिया में अल-कायदा के नेटवर्क को लेकर भी चिंता जताई गई है। Red Fort जैसे बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल के पास हुई इस घटना ने देशभर में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे। अब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में सामने आए निष्कर्ष ने इस मामले की आतंकी कड़ी को लेकर चर्चा फिर तेज कर दी है। लाल किले के पास कब हुआ था हमला? नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के नजदीक एक कार में धमाका हुआ था। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच से ही इस घटना को सामान्य विस्फोट के बजाय संभावित आतंकी साजिश के नजरिए से देखा गया। जांच आगे बढ़ने के साथ संदिग्धों और उनके कथित नेटवर्क को लेकर कई जानकारियां सामने आईं। अब UNSC की रिपोर्ट में इस हमले को AQIS से जोड़ना मामले में एक अहम अंतरराष्ट्रीय अपडेट माना जा रहा है। UN Report में AQIS को लेकर क्या कहा गया? संयुक्त राष्ट्र की मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट में AQIS यानी अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट की गतिविधियों पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक संगठन दक्षिण एशिया में अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में छोटे-छोटे सेल के जरिए नेटवर्क तैयार करने और क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिशों का भी जिक्र किया गया है। खासतौर पर बांग्लादेश में नेटवर्क को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने रखी हैं। दिल्ली हमले से जुड़ी जांच में नया मोड़ लाल किले के पास हुए धमाके की जांच भारतीय एजेंसियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण रही है। मामले में संदिग्धों, उनके संपर्कों और कथित आतंकी नेटवर्क की पड़ताल की गई। अब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में AQIS का नाम सामने आने के बाद जांच से जुड़े पुराने तथ्यों को एक नए नजरिए से देखने की जरूरत महसूस हो सकती है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में उपलब्ध सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। South Asia में आतंकी नेटवर्क को लेकर चिंता UN की रिपोर्ट का फोकस केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। इसमें दक्षिण एशिया में अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क की गतिविधियों का भी आकलन किया गया है। विशेषज्ञों के लिए चिंता की बात यह है कि आतंकी संगठन बड़े ढांचे के बजाय छोटे और अलग-अलग सेल के जरिए अपनी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे नेटवर्क की पहचान करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। Red Fort Attack क्यों है इतना अहम? दिल्ली का लाल किला देश के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। इसके आसपास हुई आतंकी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब UN Report में AQIS Link सामने आने से इस मामले का अंतरराष्ट्रीय पहलू भी चर्चा में आ गया है। आने वाले समय में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालत में सामने आने वाले सबूत इस पूरे मामले की तस्वीर को और साफ कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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योगी सरकार

UP Women Scheme: योगी सरकार का महिलाओं को बड़ा तोहफा! ₹50 हजार देने का प्रस्ताव, पहले मिलेंगे ₹20 हजार

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर योगी सरकार की एक नई योजना चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार महिलाओं को कुल ₹50,000 तक की आर्थिक मदद देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चुनाव से पहले महिलाओं को ₹20 हजार की पहली किस्त मिल सकती है। हालांकि, यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि ₹50 हजार की यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। सरकार की ओर से लाभार्थियों और भुगतान को लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई है। चार किस्तों में मिल सकती है रकम चर्चा में आए प्रस्ताव के मुताबिक महिलाओं को पूरी रकम एक साथ देने के बजाय अलग-अलग किस्तों में भुगतान किया जा सकता है। इसमें पहली किस्त सबसे बड़ी होगी। संभावित भुगतान का फॉर्मूला इस तरह बताया जा रहा है: यानी चुनाव से पहले ₹20 हजार की मदद मिलने की संभावना है, जबकि बाकी रकम बाद की तीन किस्तों में दी जा सकती है। किन महिलाओं को मिलेगा फायदा? अभी यह तय नहीं है कि योजना का लाभ किन-किन महिलाओं को मिलेगा। रिपोर्ट्स में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है। SC, ST, BPL और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को संभावित लाभार्थियों में शामिल किए जाने की चर्चा है। कुछ रिपोर्ट्स में सालाना ₹12 लाख तक की पारिवारिक आय की सीमा पर भी विचार की बात कही गई है। लेकिन जब तक सरकार आधिकारिक गाइडलाइन जारी नहीं करती, तब तक इन शर्तों को अंतिम नहीं माना जा सकता। सिर्फ पैसा देना नहीं, आत्मनिर्भर बनाना भी मकसद इस प्रस्ताव को केवल cash assistance के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। सरकार का फोकस महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें self-employment से जोड़ने पर भी बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ऐसे में आर्थिक सहायता मिलने पर छोटी दुकान, कारोबार, घरेलू उद्योग या आजीविका से जुड़े काम शुरू करने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि अगर योजना लागू होती है तो इसका असर सिर्फ बैंक खाते में आने वाली रकम तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। UP Election 2027 से पहले क्यों अहम है योजना? उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में महिलाओं के लिए प्रस्तावित यह योजना राजनीतिक तौर पर भी काफी अहम मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में महिला मतदाताओं को ध्यान में रखकर direct benefit वाली योजनाएं सामने आई हैं। ऐसे में यूपी में भी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का प्रस्ताव राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, सरकार की ओर से योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना बताया जा सकता है। इसे चुनावी रणनीति के तौर पर देखना राजनीतिक विश्लेषण का विषय है। क्या सभी महिलाओं को मिलेंगे ₹50 हजार? नहीं, अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। सबसे पहले योजना को मंजूरी मिलनी जरूरी है। इसके बाद पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, लाभार्थियों की संख्या और किस्त जारी होने की तारीख जैसी जानकारी सामने आएगी। इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि योगी सरकार महिलाओं को ₹50 हजार तक की सहायता देने वाली योजना पर विचार कर रही है, न कि हर महिला को ₹50 हजार मिलना तय हो गया है। सरकार की मंजूरी का इंतजार अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चुनाव से पहले ₹20 हजार की पहली किस्त महिलाओं के लिए बड़ी राहत बन सकती है। इसके बाद ₹10-10 हजार की तीन किस्तों के जरिए कुल सहायता ₹50 हजार तक पहुंच सकती है। फिलहाल महिलाओं की नजर सरकार के अगले फैसले पर है। योजना की आधिकारिक घोषणा और गाइडलाइन जारी होने के बाद ही यह साफ होगा कि कौन पात्र होगा और खाते में पैसा कब आएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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