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Kalkaji Gangrape: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, Police Encounter में एक आरोपी गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली के कालकाजी (Kalkaji) इलाके से नाबालिग लड़की से कथित गैंगरेप का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके दोस्त को रोका था। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आस्था कुंज पार्क में सामने आया मामला पुलिस के अनुसार, घटना कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क की बताई जा रही है। आरोप है कि तीन युवकों ने लड़की और उसके दोस्त को रोककर खुद को पुलिसकर्मी बताया। इसके बाद नाबालिग के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज समेत दूसरे सबूतों को खंगाला। एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी आसिफ का पता लगाया गया। उसे पकड़ने की कोशिश के दौरान फायरिंग हुई। पुलिस का दावा है कि इस दौरान आरोपी की ओर से चलाई गई गोली एक हेड कॉन्स्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। आरोपी घायल हुआ और उसे इलाज के लिए AIIMS Trauma Centre ले जाया गया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दो आरोपियों की तलाश जारी इस मामले में पुलिस अब बाकी दो आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच टीम CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने मामले में POCSO Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। नाबालिग से जुड़े होने के कारण जांच में कानूनी प्रावधानों और पीड़िता की पहचान की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सितंबर में दिल्ली में तीसरा मामला रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर महीने में दिल्ली में नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मामले के सभी आरोपियों को पकड़ना और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UNSC

UNSC Reform: भारत की Permanent Seat पर V4 देशों ने जताया समर्थन, Jaishankar की बड़ी Diplomatic Push

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में Permanent Seat पाने की भारत की कोशिश को बड़ा कूटनीतिक समर्थन मिला है। मध्य यूरोप के चार देशों ने भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुलकर समर्थन किया है। इनमें हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य शामिल हैं। ये चारों देश Visegrád Group यानी V4 का हिस्सा हैं। यह समर्थन ऐसे समय आया है जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत और V4 देशों की पहली उच्चस्तरीय बैठक हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बैठक में चारों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की। V4 देशों ने भारत की दावेदारी का किया समर्थन बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री Juraj Blanár ने कहा कि V4 देश इस बात पर सहमत हैं कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने भारत को Global South का प्रमुख देश और Indo-Pacific क्षेत्र की उभरती ताकत बताया। उनके मुताबिक भारत को वैश्विक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली संस्था की स्थायी मेज पर होना चाहिए। भारत के लिए यह समर्थन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि UNSC में सुधार और स्थायी सदस्यता का मुद्दा लंबे समय से उसकी विदेश नीति का अहम हिस्सा रहा है। भारत क्यों मांग रहा है UNSC में Permanent Membership? संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना वर्ष 1945 के बाद बनी थी। भारत का कहना है कि तब से दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक तस्वीर काफी बदल चुकी है। ऐसे में वैश्विक संस्थाओं में आज की दुनिया का प्रतिनिधित्व भी दिखाई देना चाहिए। भारत अब तक आठ बार UNSC का निर्वाचित सदस्य रह चुका है। उसका सबसे हालिया कार्यकाल 2021-22 में था। भारत अपनी बड़ी आबादी, आर्थिक क्षमता, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में योगदान और वैश्विक कूटनीति में बढ़ती भूमिका को अपनी दावेदारी के प्रमुख आधारों में गिनाता है। भारत अकेला नहीं, G4 देशों के साथ भी आगे बढ़ा रहा मुहिम UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग को लेकर भारत G4 समूह का भी हिस्सा है। इसमें भारत के साथ जर्मनी, जापान और ब्राजील शामिल हैं। चारों देश सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की दावेदारी का समर्थन करते हैं। इसके अलावा भारत की Permanent Seat की मांग को अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन से भी समर्थन मिल चुका है। हालांकि सुरक्षा परिषद में सुधार का अंतिम रास्ता अभी लंबा है। Jaishankar ने V4-India Meeting को बताया खास विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहली V4-India Foreign Ministers Meeting को एक नया और महत्वपूर्ण अवसर बताया। बैठक में सिर्फ UNSC Reform पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि भारत और चारों यूरोपीय देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी। भारत और V4 देशों ने विदेश मंत्रियों की Annual Meeting और एक Annual Business Forum आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। इसके अलावा Technology, Innovation, Defence, Space और Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। UNSC की स्थायी सीट का रास्ता अभी आसान नहीं चार यूरोपीय देशों का समर्थन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश जरूर है, लेकिन इससे Permanent Membership अपने आप तय नहीं हो जाती। UNSC Reform के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के बीच व्यापक सहमति और जरूरी संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सुरक्षा परिषद में इस समय पांच स्थायी सदस्य हैं—अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन। स्थायी सदस्यों के पास Veto Power भी है। UNSC में नए स्थायी सदस्यों और उनके अधिकारों को लेकर अलग-अलग देशों के बीच अभी भी कई मतभेद हैं। भारत के लिए बढ़ी कूटनीतिक आवाज V4 देशों का समर्थन भारत की लंबे समय से चली आ रही UNSC Reform मुहिम में एक और आवाज जोड़ता है। खास बात यह है कि समर्थन एक साथ चार यूरोपीय देशों की ओर से आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में भारत की Permanent Seat की मांग को कितने और देश समर्थन देते हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है। भारत की UNSC Permanent Seat की मांग अभी अंतिम मुकाम तक नहीं पहुंची है, लेकिन V4 देशों का यह समर्थन निश्चित रूप से इस मुद्दे को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ले आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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महिला की हत्या के मामले में मौसा-मौसी समेत 6 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया डेढ़ लाख रुपये जुर्माना

हरियाणा के सिरसा में महिला की हत्या के करीब चार साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौसा-मौसी समेत छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। डॉ. नरेश सिंघल की अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अमित मेहता के अनुसार, कोर्ट ने मृतक महिला की नाबालिग बेटी के गुजारा भत्ते के लिए दोषियों से दो लाख रुपये वसूलने के आदेश भी दिए हैं। मकान बनाने को लेकर हुआ था विवाद मृतक महिला की पहचान अमृतपाल कौर (36) के रूप में हुई है। 29 अप्रैल 2022 को उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि अमृतपाल कौर का अपने मौसा पप्पू सिंह और मौसी किरना रानी के साथ गांव में मकान बनाने को लेकर विवाद चल रहा था। अमृतपाल ने मौसा के परिवार के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। आरोप था कि इसी रंजिश के चलते पप्पू सिंह ने अपनी पत्नी किरना रानी, बेटे जसविंदर सिंह, दामाद नवदीप, राजू और गांव के निवासी सुरेंद्र सिंह के साथ मिलकर अमृतपाल की हत्या कर दी। मामले में छह आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। नाबालिग बेटी मां के साथ रहती थी पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अमृतपाल की नाबालिग बेटी कमलजीत कौर 10वीं कक्षा में पढ़ती थी और अपनी मां के साथ पिपली गांव में रहती थी। करीब 11-12 साल पहले उसके माता-पिता का तलाक हो गया था। इसके बाद वह अपनी मां के साथ रहने लगी। लगभग आठ साल पहले मां-बेटी ने पिपली गांव में मकान बनाकर रहना शुरू किया था। मकान खाली करने को लेकर बढ़ा विवाद कमलजीत कौर के मुताबिक, पिपली गांव में प्लॉट उसकी मां की मौसी किरना रानी ने दिलवाया था। दोनों के मकान आमने-सामने थे। आरोप है कि मकान बनने के बाद किरना रानी और उसके परिवार ने अमृतपाल कौर से घर छोड़कर गांव से चले जाने को कहा। अमृतपाल ने घर खाली करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ गया। केस वापस लेने के लिए दबाव का आरोप शिकायत में बताया गया कि किरना रानी और उसके परिवार ने अमृतपाल के साथ मारपीट की थी। इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा था। आरोप है कि केस वापस लेने के लिए अमृतपाल पर दबाव बनाया जा रहा था। 29 अप्रैल 2022 को अमृतपाल पड़ोस के मकान से अपने घर लौट रही थी। जैसे ही वह घर के दरवाजे के पास पहुंची, आरोपी वहां आ गए। बताया गया कि आरोपियों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। तलवार और धारदार हथियारों से हमला कमलजीत कौर के अनुसार, आरोपियों के पास तलवार, धारदार हथियार और पिस्तौल थी। शाम करीब पांच बजे उन्होंने उसकी मां पर हमला कर दिया। हमले में अमृतपाल के गर्दन और शरीर पर कई वार किए गए। आरोप है कि हमलावरों ने उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। शोर सुनकर कमलजीत घर से बाहर आई तो आरोपी हथियार लेकर मौके से फरार हो गए। कमलजीत ने अपनी मां को मृत अवस्था में देखा और पुलिस तथा अपने मामा गुरदीप को फोन कर घटना की सूचना दी। पुलिस जांच के बाद कोर्ट ने सुनाई सजा कालांवाली थाना पुलिस ने मामले में IPC की धाराओं 147, 148, 149 और 302 सहित आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना और नाबालिग बेटी के गुजारा भत्ते से संबंधित आदेश भी जारी किए गए हैं।
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उज्जैन महाकाल मंदिर में दिल्ली की महिला श्रद्धालु से मारपीट का आरोप, बेटी के सामने बाल खींचने और मोबाइल छीनने का दावा

महाकाल मंदिर में दिल्ली की एक महिला श्रद्धालु ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 16 सितंबर को 13 साल की बेटी के सामने गार्ड्स ने उनके साथ मारपीट की, बाल खींचे और घटना का वीडियो बनाने पर मोबाइल फोन छीन लिया। उन्होंने बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया है। महिला श्रद्धालु प्रेरणा गर्ग ने घटना का वीडियो जारी कर पूरी जानकारी साझा की है। उन्होंने महाकाल थाने में लिखित आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। धर्मशाला में कमरे की जानकारी लेने पर विवाद शुरू प्रेरणा गर्ग के मुताबिक, वह 16 सितंबर को अपनी बेटी के साथ पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला पहुंची थीं। उन्होंने कर्मचारियों से कमरे की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी। महिला का कहना है कि कर्मचारियों ने कमरे खाली नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने पूछा कि चेक-आउट या बुकिंग कैंसिल होने पर कमरा मिलने की संभावना है या नहीं। आरोप है कि कर्मचारियों ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार कर दिया। परिसर में बैठकर ऑनलाइन होटल तलाश रही थीं प्रेरणा के अनुसार, धर्मशाला में कमरा नहीं मिलने पर वह परिसर में बैठकर ऑनलाइन दूसरा होटल तलाशने लगीं। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। महिला का आरोप है कि कारण पूछने पर गार्ड्स ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। आपत्ति जताने के बाद विवाद बढ़ गया। उन्होंने मोबाइल फोन से घटना रिकॉर्ड करने की कोशिश की, जिसके बाद एक गार्ड ने कथित तौर पर उन्हें धक्का देकर मोबाइल छीन लिया। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई और बाल खींचे गए। उन्होंने अपनी बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का दावा किया है। ट्रेन का समय होने के कारण समिति में शिकायत नहीं कर सकीं प्रेरणा गर्ग ने बताया कि ट्रेन का समय होने के कारण वह मंदिर समिति में लिखित शिकायत नहीं दे सकीं। हालांकि, उन्होंने महाकाल थाने में मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने घटना का वीडियो जारी कर मामले की जानकारी सार्वजनिक की है। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि महिला श्रद्धालु की ओर से मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मंदिर समिति को प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है, लेकिन समिति को अब तक प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। जून में भी श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुआ था विवाद इससे पहले 11 जून 2026 को महाकाल मंदिर के गणेश मंडपम में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया था। बताया गया था कि दो युवक बैरिकेड पार कर दूसरी लाइन में पहुंच गए थे। गार्ड द्वारा रोकने पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। अगस्त में महाकाल लोक में भी सामने आया था विवाद अगस्त 2026 में महाकाल लोक में श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। वीडियो में महाकाल लोक की सप्त ऋषि की मूर्तियों के पास एक महिला सुरक्षाकर्मी और कुछ महिला श्रद्धालुओं के बीच विवाद दिखाई दे रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने की बात सामने आई थी।
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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा, CCTV में 70 नहीं 105 घटनाएं कैद; 25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की कथित चोरी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर बताया कि मंदिर के CCTV फुटेज में चोरी की 70 नहीं, बल्कि 105 संदिग्ध घटनाएंसामने आई हैं। उन्होंने कहा कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज, गवाहों के बयान तथा अन्य सबूतों के आधार पर की गई है। चढ़ावे की रसीदें सॉफ्टवेयर से तैयार होती हैं सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं। इसके बाद सामान को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लॉकर में रखा जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है। याचिकाकर्ताओं ने रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह मामले को सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं करना चाहती। जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट आगे की जांच को लेकर निर्देश जारी कर सकता है। 25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि SIT 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर देगी। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मजिस्ट्रेट को कानून के अनुसार चार्जशीट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इससे पहले 23 जून को पहली SIT ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच CCTV फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं रिकॉर्ड हुई थीं। फुटेज में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखाई दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच के लिए दूसरी SIT गठित की गई है। 90 दिन पूरे होने पर डिफॉल्ट बेल का मुद्दा वरिष्ठ अधिवक्ता शिवम पांडेय के अनुसार, जिन मामलों में कानून के तहत 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी होता है, वहां समय सीमा पूरी होने पर आरोपी को वैधानिक यानी डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल सकता है। इस मामले में 22 सितंबर को 90 दिन की अवधि पूरी होने का उल्लेख किया गया है। ऐसे में चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, जमानत का निर्णय संबंधित कानूनी प्रावधानों और अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा। जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए थे नोटिस राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच को लेकर जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में चार याचिकाएं दाखिल की गई थीं। कोर्ट ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए थे। याचिकाकर्ताओं में RJD सांसद सुधाकर सिंह, अधिवक्ता एनके गोस्वामी, अजय कुमार राय और हिंदू धर्म परिषद शामिल हैं। याचिकाओं में राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का पूर्ण ऑडिट कराने की मांग भी की गई है। 25 जून को 8 आरोपियों के खिलाफ FIR रामजन्मभूमि थाने में 25 जून को आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सभी आरोपी फिलहाल फैजाबाद जेल में बंद बताए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ मंदिर से चोरी, कर्मचारी के तौर पर संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति छिपाने या उसके इस्तेमाल में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताई आरोपियों की कथित भूमिका पुलिस के अनुसार, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र नकदी की गिनती से जुड़े थे। पुलिस का दावा है कि अनुकल्प मिश्र के घर से करीब 20 लाख रुपये और लवकुश मिश्र के घर से लगभग 10 लाख रुपये बरामद किए गए। वहीं, अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से 5 लाख रुपये की रिकवरी की बात भी पुलिस ने कही है। मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र को भी नकदी की गिनती से जुड़ा बताया गया है। मामले में SIT की अंतिम जांच और चार्जशीट दाखिल होने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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जमुई में 10वीं की छात्रा से सड़क पर बदसलूकी, वीडियो सामने आने के बाद 3 नाबालिग आरोपी पकड़े गए

बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी का मामला सामने आया है। छात्रा शनिवार को कोचिंग के बाद अपने क्लासमेट के साथ स्कूटी से मड़वा पहाड़ घूमने गई थी। लौटते समय कुछ लड़कों ने दोनों को सड़क पर रोक लिया और कथित तौर पर छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए तीनों आरोपी नाबालिग हैं। सड़क पर रोककर छात्रा से की गई बदसलूकी बताया जा रहा है कि छात्रा और उसका क्लासमेट जब मड़वा पहाड़ से लौट रहे थे, तभी कुछ लड़कों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। वीडियो में कुछ लड़के छात्रा के साथ अश्लील हरकत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में छात्रा को परेशान करने, उसके साथ अभद्र व्यवहार करने और घसीटने जैसी घटनाएं नजर आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। तीन नाबालिग आरोपी हिरासत में घटना का वीडियो सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी नाबालिग हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जमुई के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़ित छात्रा और उसके साथ मौजूद दोस्त दोनों 10वीं कक्षा के नाबालिग विद्यार्थी हैं और जमुई शहर के रहने वाले हैं। राहुल गांधी ने जताई चिंता कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वीडियो को बेचैन करने वाला बताया और बिहार में लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। मामले में पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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मेरठ में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- सपा और कांग्रेस ने प्रदेश को परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने उत्तर प्रदेश को परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति दी है। सीएम योगी ने सनातन, कांवड़ यात्रा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुए विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की तारीफ की। नितिन नवीन ने कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर की योगी सरकार की तारीफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर मेरठ पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सुभारती यूनिवर्सिटी में शक्ति केंद्र संयोजकों और मंडल अध्यक्षों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में दंगों और भय का माहौल था, जबकि अब कानून का राज है। उनके अनुसार, पहले प्रदेश में पहचान का संकट था, युवाओं के साथ भेदभाव होता था और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते थे। अब विकास उत्तर प्रदेश की पहचान बन रहा है। नितिन नवीन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने की दिशा में काम किया है। ‘जिन्होंने अपने परिवार के बारे में सोचा, वे दलितों की बात कर रहे’ नितिन नवीन ने विपक्षी दलों पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज पिछड़ों और दलितों की बात कर रहे हैं, उन्होंने पहले अपने परिवार के अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने संत रविदास की 650वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस के लोग केवल अपने परिवार के सदस्यों के जन्मदिवस मनाते थे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक दलों की प्राथमिकता देशहित होनी चाहिए और उत्तर प्रदेश के विकास को रोकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। ‘2017 से पहले कुछ लोग नल की टोंटी चुरा लेते थे’ नितिन नवीन ने कहा कि आज सरकारी योजनाएं गरीबों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं, न कि धर्म या समाज के आधार पर। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय कुछ लोग सरकारी नलों की टोंटियां तक चुरा लेते थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने केवल अपने परिवार के भविष्य की चिंता की, वे उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं कर सकते। कांवड़ यात्रा और एक्सप्रेस-वे का किया उल्लेख भाजपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में बन रहे नए एक्सप्रेस-वे और विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान कांवड़ यात्रा और रामनवमी जैसे आयोजनों को रोकने का प्रयास किया जाता था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने ऐसे प्रयासों का जवाब दिया है। सीएम योगी बोले- समाज को जातीय आधार पर बांटने की कोशिश नहीं होने देंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी दल फिर से समाज को जातीय आधार पर बांटने और महापुरुषों को जाति के आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसे विभाजन को रोकने की अपील की। योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें दंगाइयों के सामने झुकती थीं और उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित करती थीं। ‘सपा, बसपा और कांग्रेस ने परिवारवाद-जातिवाद को बढ़ावा दिया’ सीएम योगी ने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने देश को परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति दी। उनके अनुसार, राजनीति को निजी हित साधने का माध्यम बना दिया गया था। उन्होंने भाजपा की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति का उद्देश्य व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि देशहित होना चाहिए। योगी ने कहा, “व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर राष्ट्र।” सनातन और कांवड़ यात्रा को लेकर विपक्ष पर निशाना मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग सनातन और भारतीय विरासत की आलोचना करते हैं, उन्होंने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जारी रहेगी और श्रद्धालु इसे धूमधाम से मनाएंगे। योगी ने बताया कि वह स्वयं कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं और पुष्प वर्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। सीएम योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में अब ‘कट्टा और बंदूक की राजनीति’ नहीं चल सकती।
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Shivraj Singh Chouhan

Punjab Drugs Issue: Shivraj Singh Chouhan ने भगवंत मान को घेरा, पूछा- नशे के कारोबारियों के पीछे किसका हाथ?

पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर सियासत के बीचों-बीच आ गया है। BJP ने भगवंत मान सरकार पर हमला तेज कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए पंजाब में नशे के कारोबार और सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। शिवराज चौहान ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का नेटवर्क अब भी चिंता का बड़ा विषय है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर नशे के सौदागरों को संरक्षण कौन दे रहा है और उनके पीछे किसका हाथ है? भगवंत मान पर शिवराज चौहान का सीधा हमला BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान शिवराज चौहान ने भगवंत मान सरकार को पुराने चुनावी वादों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले नशे को कम समय में खत्म करने का दावा किया गया था, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी समस्या खत्म नहीं हुई। इसी दौरान चौहान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की और आरोप लगाया कि पंजाब का मुख्यमंत्री नशे की हालत में विधानसभा पहुंचता है। यह BJP नेता का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। शिवराज ने सवाल उठाया कि अगर सरकार नशे के खिलाफ गंभीरता से काम कर रही है तो फिर राज्य में नशीले पदार्थों की सप्लाई और तस्करी को लेकर लगातार शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं? BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से बढ़ी सियासी गर्मी पंजाब BJP ने नशे के खिलाफ ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जाकर नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा की जाएगी और सरकार से जवाब मांगा जाएगा। BJP का दावा है कि यह सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि पंजाब के युवाओं और परिवारों से जुड़े गंभीर मुद्दे को सामने लाने का अभियान है। पार्टी ने AAP सरकार पर नशे के खिलाफ किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। AAP सरकार का क्या कहना है? दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का कहना है कि पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ गांवों और स्थानीय समुदायों को भी अभियान से जोड़ने की बात कही है। सरकार के मुताबिक, नशा तस्करों के खिलाफ FIR, गिरफ्तारियों और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है। Safe Punjab App और Village Defence Committees जैसे माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों पर भी कार्रवाई किए जाने का दावा सरकार की ओर से किया गया है। भगवंत मान ने BJP पर भी साधा निशाना नशे के मुद्दे पर भगवंत मान भी BJP पर पलटवार कर चुके हैं। उनका कहना है कि पंजाब को बदनाम करने के बजाय नशे की सप्लाई के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जरूरत है। मान सरकार का तर्क है कि नशे की समस्या केवल पंजाब तक सीमित नहीं है और इसके पीछे मौजूद सप्लाई चेन पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर AAP और BJP के बीच लगातार बयानबाजी देखने को मिल रही है। Punjab Election से पहले Drugs बना बड़ा मुद्दा पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। BJP अपनी यात्रा और नेताओं के बयानों के जरिए AAP सरकार को घेर रही है, जबकि मान सरकार अपने अभियान और पुलिस कार्रवाई को अपनी उपलब्धि के तौर पर सामने रख रही है। अब देखना होगा कि चुनावी माहौल आगे बढ़ने के साथ Punjab Drugs Issue किस तरह राजनीतिक बहस का केंद्र बनता है। फिलहाल शिवराज चौहान के बयान ने पंजाब की सियासत में इस मुद्दे को फिर से गर्म कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajasthan

Rajasthan Mayor Election: पाली और उदयपुर में खिला कमल, Bikaner में Congress के अनिल कल्ला की जीत

राजस्थान (Rajasthan) में नगर निकाय चुनाव के बाद सोमवार को मेयर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज रही। उदयपुर, पाली, बीकानेर, अजमेर और अलवर नगर निगम में मेयर पद के लिए पार्षदों ने मतदान किया। नतीजे आने के साथ ही कई शहरों में नई राजनीतिक तस्वीर भी सामने आई है। सबसे ज्यादा चर्चा उदयपुर और पाली में BJP की जीत और बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला के मेयर बनने को लेकर है। स्थानीय स्तर पर हुए इन चुनावों को दोनों प्रमुख दलों के लिए अहम माना जा रहा है। उदयपुर में BJP के पारस सिंघवी बने Mayor उदयपुर नगर निगम में बीजेपी के पारस सिंघवी ने मेयर पद का चुनाव जीत लिया। चुनाव के दौरान निर्दलीय पार्षदों के समर्थन ने भी समीकरण को प्रभावित किया। जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। पारस सिंघवी के मेयर बनने के बाद अब उदयपुर नगर निगम की कमान बीजेपी के हाथों में रहेगी। शहर में विकास कार्य, सफाई व्यवस्था और स्थानीय सुविधाओं को लेकर नए बोर्ड से लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। पाली में भी BJP का कमल पाली नगर निगम के मेयर चुनाव में भी बीजेपी ने जीत दर्ज की। यहां बीजेपी की नमिता बुबकिया और कांग्रेस की सुमित्रा जैन के बीच मुकाबला था। निर्दलीय पार्षद भी चुनावी समीकरण में अहम भूमिका में रहे। बीजेपी की जीत के बाद पार्टी समर्थकों ने इसे स्थानीय राजनीति में बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा। वहीं कांग्रेस के लिए यह नतीजा स्थानीय संगठन और आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीकानेर में Congress के अनिल कल्ला की जीत बीकानेर नगर निगम में मुकाबला कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच रहा। आखिरकार कांग्रेस के अनिल कल्ला ने मेयर पद पर जीत दर्ज कर ली। नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। चुनावी समीकरण में कांग्रेस के पास 42 पार्षद थे, जबकि बीजेपी के 27 पार्षद बताए गए। निर्दलीय पार्षदों की संख्या भी महत्वपूर्ण थी। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार की स्थिति शुरुआत से मजबूत नजर आ रही थी। चुनाव से पहले कांग्रेस के बागी उम्मीदवार नवरतन डागा के नाम वापस लेने के बाद मुकाबला और सीधा हो गया था। इसके बाद कांग्रेस ने अनिल कल्ला को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारा। Ajmer और Alwar पर भी नजर राजस्थान के पांच नगर निगमों में हुए मेयर चुनाव में अजमेर और अलवर के नतीजे भी राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण रहे। इन शहरों में भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला देखने को मिला। जहां किसी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था, वहां निर्दलीय पार्षदों की भूमिका काफी अहम रही। इसी वजह से चुनाव से पहले दोनों दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे रहे। Local Politics में क्यों अहम हैं ये चुनाव? मेयर का चुनाव केवल एक पद का चुनाव नहीं होता। नगर निगम के स्तर पर मेयर शहर की कई अहम व्यवस्थाओं और विकास से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अब नए मेयरों के सामने शहर की सफाई व्यवस्था, सड़क, ट्रैफिक, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और विकास कार्यों को बेहतर करने की चुनौती होगी। चुनावी जीत के बाद जनता की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नए बोर्ड अपने वादों और स्थानीय जरूरतों पर कितना काम करते हैं। Rajasthan Mayor Election 2026 का अपडेट राजस्थान के इन नगर निगमों में मेयर चुनाव के बाद स्थानीय राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। पाली और उदयपुर में BJP का कमल खिला है, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने मेयर की कुर्सी हासिल की है। अब आने वाले समय में इन शहरों में नए नगर निगम बोर्ड के कामकाज पर सबकी नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shirish Kedare

IIT Bombay Suicide Case: 18 मांगों पर प्रशासन राजी, Shirish Kedare के इस्तीफे पर आज फैसला संभव

IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच लंबी बातचीत के बाद 18 सूत्रीय Demand Charter पर सहमति बनी है। रविवार देर रात हुई बैठक में IIT Bombay के Director प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों की मांगों वाले चार्टर पर हस्ताक्षर किए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रो. शिरीष केदारे (Shirish Kedare) के 21 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही जा रही है। अब सभी की नजर आज होने वाली Board of Governors Meeting पर है। हालांकि, IIT Bombay की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल प्रो. केदारे को Director के पद पर सूचीबद्ध किया गया है। Sahil Wakode की मौत के बाद शुरू हुआ था Protest IIT Bombay के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक प्रोफेसर और दो अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में BNS की धारा 108 के साथ SC/ST Act की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। साहिल के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को मानसिक प्रताड़ना और जातिसूचक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। ये आरोप शिकायत और FIR से जुड़े हैं और मामले की जांच के दौरान इनकी पुष्टि होना बाकी है। IIT Bombay ने अपनी ओर से कहा है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की घटना सामने आई थी, लेकिन छात्र के खिलाफ कोई disciplinary action शुरू नहीं किया गया था और उसे counselling दी गई थी। 18 Point Charter पर Director ने किए Sign छात्रों ने प्रशासन के सामने कुल 18 मांगें रखीं। इनमें साहिल की मौत से जुड़े मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच, जांच की समय-सीमा और रिपोर्ट को सार्वजनिक करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों ने 30 सितंबर तक interim investigation report और 15 अक्टूबर तक final report सार्वजनिक करने की मांग रखी है। रविवार रात हुई करीब तीन घंटे की बैठक के बाद Director ने 18-point charter पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, इन मांगों को लागू करने के लिए प्रशासन की तरफ से अभी विस्तृत action plan सामने आना बाकी है। आज Board of Governors Meeting पर सबकी नजर IIT Bombay में आज Board of Governors की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। इसमें छात्रों के 18-point charter, मौजूदा विवाद और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा छात्रों के साथ Open House आयोजित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इसका उद्देश्य छात्रों की चिंताओं को सीधे सुनना और आगे की प्रक्रिया को लेकर बातचीत करना है। Shirish Kedare के Resignation पर क्या होगा? प्रो. शिरीष बी. केदारे ने 6 मई 2024 को IIT Bombay के Director का पद संभाला था। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उन्हें अभी भी Director के रूप में दर्ज किया गया है। अब छात्रों की 18 मांगों पर सहमति बनने के बाद सबसे बड़ा सवाल Director के इस्तीफे को लेकर है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इस्तीफे की बात कही गई है, लेकिन पद से संबंधित अंतिम स्थिति Board of Governors के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल IIT Bombay में छात्रों का आंदोलन, 18 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति और Director के संभावित resignation को लेकर आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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