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नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा बदलाव, ममता गुट की उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया; कांग्रेस को समर्थन

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ा बदलाव हुआ है। ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया। संचिता ने नामांकन वापस लेने से पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ममता ने 13 सितंबर को घोषित किए थे उम्मीदवार ममता बनर्जी गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया था। संचिता के नाम वापस लेने के बाद नंदीग्राम में ममता गुट का कोई उम्मीदवार नहीं रहेगा। वहीं, रेजीनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी चुनाव मैदान में बने रहेंगे। कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। ममता बनर्जी ने अब कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की है। 6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को आएगा रिजल्ट नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वहीं, रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। नामांकन वापस लेने के बाद क्या होगा? 7 सवाल-जवाब सवाल 1: उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद अगला कदम क्या होगा? जवाब: नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करेगा। सवाल 2: क्या नाम वापस लेने वाला उम्मीदवार अपना फैसला बदल सकता है? जवाब: नहीं। नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवार उसी चुनाव में दोबारा अपना नामांकन बहाल नहीं करा सकता। सवाल 3: अगर एक सीट पर कई उम्मीदवार मैदान में बचे हैं तो क्या होगा? जवाब: सभी वैध उम्मीदवारों के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाएंगे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान होगा। सवाल 4: अगर नाम वापसी के बाद सिर्फ एक उम्मीदवार बचता है तो क्या होगा? जवाब: ऐसी स्थिति में चुनाव निर्विरोध हो सकता है। निर्वाचन नियमों के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर संबंधित उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित कर सकता है। सवाल 5: क्या नाम वापसी के बाद नया उम्मीदवार खड़ा किया जा सकता है? जवाब: नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसी नए उम्मीदवार को उसी चुनाव में नामांकन दाखिल करने का अवसर नहीं मिलता। सवाल 6: संचिता के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने क्या फैसला लिया? जवाब: ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने विपक्षी एकजुटता और INDIA गठबंधन के साथ खड़े होने की बात भी कही। सवाल 7: क्या ममता के समर्थन से चुनाव परिणाम का अनुमान लगाया जा सकता है? जवाब: केवल समर्थन की घोषणा के आधार पर चुनाव परिणाम का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता। नतीजे मतदाताओं के मतदान, उम्मीदवारों, स्थानीय मुद्दों और अन्य चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे। पिछले चुनाव के वोट शेयर को सीधे उपचुनाव के परिणाम का संकेत मानना भी उचित नहीं होगा। TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को अलग-अलग पार्टी नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। यह व्यवस्था अंतरिम है। मूल पार्टी नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। नंदीग्राम सीट क्यों है महत्वपूर्ण? नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण विधानसभा सीट मानी जाती है। वर्ष 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक पहचान को मजबूत करने में भूमिका निभाई थी। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिससे यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
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Nandigram

West Bengal Politics: Nandigram से ममता की उम्मीदवार ने नाम वापस लिया, अब Congress को समर्थन

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव (Nandigram Bypoll) से जुड़ी सियासत में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया है। खास बात यह है कि नामांकन वापस लेने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके इस फैसले ने बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। संचिता के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी गुट ने नंदीग्राम में अपना उम्मीदवार नहीं रखने का फैसला किया है। अब गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की है। वहीं, बीजेपी ने इस सीट से हसिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद लिया फैसला रिपोर्ट के मुताबिक, संचिता प्रधान डे शुक्रवार को अपने पति के साथ राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचीं। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस बैठक के बाद उन्होंने नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया। हालांकि, नामांकन वापस लेने की वजह को लेकर उनकी ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं। ममता गुट ने Congress को दिया समर्थन उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी गुट ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया है। यानी अब इस सीट पर ममता गुट सीधे चुनाव नहीं लड़ेगा। नंदीग्राम की राजनीति पहले से ही पश्चिम बंगाल में खास महत्व रखती है। ऐसे में इस फैसले के बाद यहां का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। TMC के नाम और Symbol को लेकर भी विवाद नंदीग्राम उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न (Election Symbol) को लेकर भी विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और प्रतीक दिए हैं। ममता बनर्जी गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और Football Player चुनाव चिह्न मिला है। वहीं दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और Envelope चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इस बदलाव का असर आने वाले उपचुनावों में पार्टी की पहचान और प्रचार पर भी दिखाई दे सकता है। BJP ने हसिरानी रथ को बनाया उम्मीदवार नंदीग्राम सीट से बीजेपी ने हसिरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिन्हें शुभेंदु अधिकारी का सहयोगी बताया जाता था। दूसरी ओर कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है। अब ममता गुट के कांग्रेस को समर्थन देने के बाद नंदीग्राम का चुनावी समीकरण पहले की तुलना में अलग नजर आ रहा है। 6 अक्टूबर को होगी Voting नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी। यह उपचुनाव शुभेंदु अधिकारी द्वारा नंदीग्राम सीट खाली किए जाने के बाद हो रहा है। ऐसे में नंदीग्राम में होने वाला यह मुकाबला पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नंदीग्राम में बदला चुनावी समीकरण एक उम्मीदवार के अचानक नामांकन वापस लेने और उसके बाद कांग्रेस को समर्थन देने से नंदीग्राम उपचुनाव की तस्वीर बदल गई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि 6 अक्टूबर को मतदाता किस तरह अपना फैसला सुनाते हैं और 9 अक्टूबर को आने वाला परिणाम किस राजनीतिक समीकरण को मजबूत करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

West Bengal By-Election: TMC के दोनों गुटों को मिले नए नाम और Symbols, 6 अक्टूबर को होगा चुनाव

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर चल रही खींचतान अब चुनावी मैदान में भी नजर आएगी। पार्टी के दोनों गुटों के बीच नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद के बाद चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनाव के लिए नई पहचान तय कर दी है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम दिया गया है। इस गुट को Football Player का चुनाव चिन्ह मिला है। वहीं, दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम दिया गया है और उसके लिए Envelope Symbol आवंटित किया गया है। 6 अक्टूबर के उपचुनाव में नए नाम से उतरेंगे गुट आयोग के फैसले के बाद दोनों गुट 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में अपनी नई पहचान के साथ मैदान में उतरेंगे। यानी इस चुनाव में मतदाताओं को TMC से जुड़े दो अलग नाम और अलग-अलग चुनाव चिन्ह दिखाई देंगे। यह बदलाव उस समय हुआ है जब पार्टी के नाम और पुराने चुनाव चिन्ह को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने फिलहाल पुराने नाम और Symbol को लेकर स्थिति स्पष्ट होने तक दोनों गुटों को नई पहचान के साथ चुनाव लड़ने का रास्ता दिया है। ममता गुट को मिला Football Player Symbol ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के लिए Football Player चुनाव चिन्ह खास तौर पर चर्चा में है। पश्चिम बंगाल में फुटबॉल की लोकप्रियता को देखते हुए यह Symbol लोगों का ध्यान खींच सकता है। हालांकि, चुनाव चिन्ह का आवंटन चुनाव आयोग की प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका इस्तेमाल संबंधित उम्मीदवारों को चुनाव नियमों के तहत करना होगा। बागी गुट का नाम Democratic Trinamool Congress दूसरे गुट को Democratic Trinamool Congress नाम दिया गया है। इस गुट के लिए Envelope चुनाव चिन्ह तय किया गया है। नाम और Symbol में बदलाव के बाद दोनों पक्ष अब अपनी-अपनी राजनीतिक पहचान के साथ मतदाताओं के बीच जाएंगे। इससे आने वाला उपचुनाव TMC विवाद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गया है। पुराने TMC नाम और Symbol पर क्या हुआ? विवाद के केंद्र में All India Trinamool Congress का नाम और पार्टी का पारंपरिक फूल और घास वाला चुनाव चिन्ह है। दोनों पक्षों के बीच संगठनात्मक अधिकार और पार्टी की पहचान को लेकर विवाद के चलते इस नाम और Symbol को लेकर फिलहाल स्थिति बदली गई है। चुनाव आयोग का यह कदम तत्काल होने वाले उपचुनाव को लेकर है। पार्टी के नाम और पुराने चुनाव चिन्ह पर अंतिम स्थिति विवाद की आगे की प्रक्रिया और आयोग के फैसलों पर निर्भर करेगी। चुनावी मैदान में बदली दिखेगी TMC की पहचान अब 6 अक्टूबर के उपचुनाव में मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों के बीच नहीं होगा, बल्कि मतदाताओं के सामने TMC से जुड़े दो अलग नाम और Symbol भी होंगे। ममता बनर्जी के गुट के सामने Football Player, जबकि दूसरे गुट के सामने Envelope चुनाव चिन्ह होगा। पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC का प्रभाव लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में पार्टी के नाम और Symbol में आया यह बदलाव आगामी उपचुनाव को और ज्यादा चर्चा में ला रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NTA

NEET Paper Leak Case: NTA के ‘Foolproof’ System की Ground Reality देखेगा सुप्रीम कोर्ट

देश में होने वाली बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अब NTA यानी National Testing Agency की तैयारियों को खुद देखने का फैसला किया है। NEET-UG समेत दूसरी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उसके जज एक दिन NTA के ऑफिस जाकर वहां का सिस्टम देखेंगे। कोर्ट का फोकस इस बात पर है कि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक रोकने के लिए जिन सुरक्षा उपायों का दावा किया जा रहा है, वे जमीन पर किस तरह काम कर रहे हैं। इसके साथ ही NTA के पास पर्याप्त स्टाफ, तकनीकी व्यवस्था और परीक्षा संचालन की क्षमता है या नहीं, इसे भी देखा जाएगा। NTA ऑफिस जाएंगे सुप्रीम कोर्ट के जज सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान NTA के मुख्यालय का दौरा करने की बात कही। कोर्ट की दिलचस्पी सिर्फ कागजों में दर्ज नियमों को देखने में नहीं है, बल्कि वह यह समझना चाहता है कि परीक्षा से जुड़ा पूरा सिस्टम असल में कैसे चलता है। इस दौरान Manpower, Infrastructure, Technology और Exam Management जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा सकता है। कोर्ट ने NTA में स्थायी कर्मचारियों और संस्थागत विशेषज्ञता की जरूरत पर भी सवाल उठाए हैं। NTA ने बताया- परीक्षा सुरक्षा के लिए Multi-Layer System सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से NTA की परीक्षा प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी Printing, Packaging, Transportation और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने तक कई स्तरों पर सुरक्षा रखी जाती है। प्रिंटिंग प्रेस और संवेदनशील जगहों पर CCTV और सुरक्षा निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का भी इस्तेमाल किया जाता है। केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लगातार तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। NTA की ओर से पहले परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और “Foolproof” बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट अब इन दावों के साथ-साथ उनके वास्तविक Implementation को भी देखना चाहता है। Paper Leak के बाद बढ़ी परीक्षा व्यवस्था पर नजर NEET-UG 2024 में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर काफी सवाल उठे थे। इसके बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार और सुरक्षा बढ़ाने पर लगातार चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट भी परीक्षा सुधारों से जुड़े मामले में NTA की व्यवस्था और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की निगरानी कर रहा है। अदालत का जोर इस बात पर है कि भविष्य में छात्रों को परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे और पेपर लीक जैसी घटनाओं की गुंजाइश कम से कम हो। Nandan Nilekani Committee भी कर रही काम NTA में बड़े स्तर पर सुधार के लिए Nandan Nilekani की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड कमेटी की प्रगति पर भी सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी मांगी है। कोर्ट यह जानना चाहता है कि परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कमेटी ने अब तक क्या काम किया है और आगे क्या कदम उठाए जाने हैं। संबंधित अधिकारी को कमेटी की Progress Report दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। Radhakrishnan Committee की सिफारिशें भी अहम परीक्षा सुधारों को लेकर पहले K. Radhakrishnan Committee भी कई सुझाव दे चुकी है। इनमें परीक्षा सुरक्षा, Cyber Security, Infrastructure, कर्मचारियों की क्षमता और परीक्षा संचालन को मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट का जोर इस बात पर है कि कमेटियों की सिफारिशें केवल रिपोर्ट तक सीमित न रहें। जरूरत इस बात की है कि उनका सही तरीके से Implementation हो और उसका असर परीक्षा व्यवस्था में दिखाई दे। अब Ground Reality देखना चाहता है कोर्ट NTA की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई दावे किए गए हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट अब उनकी Ground Reality समझना चाहता है। यही वजह है कि NTA ऑफिस का दौरा इस मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आखिरकार परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के लिए सबसे अहम बात यही है कि Question Paper सुरक्षित रहे, परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम किया जा सके। आने वाले समय में NTA के दौरे और सुधारों की Progress से परीक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ravneet Bittu

Punjab Politics Ravneet Bittu के काफिले पर हमला, गाड़ी के शीशे टूटे; AAP पर लगाया आरोप

Punjab के बटाला के पास शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Bittu) के काफिले को लेकर हंगामे की खबर सामने आई। बिट्टू पठानकोट में बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान घसीतपुर गांव के पास कुछ लोगों ने उनके काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके। कुछ वाहनों के शीशे टूटने की भी बात सामने आई है। काफिले पर क्या हुआ? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बटाला के पास बिट्टू के काफिले को प्रदर्शन कर रहे लोगों ने घेर लिया। इस दौरान अंडे और टमाटर फेंके गए। बिट्टू ने दावा किया कि कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और उनके शीशे भी टूटे। बिट्टू के कार्यालय की ओर से यह भी कहा गया कि उनकी सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ा है, जिनके आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। Ravneet Bittu ने AAP पर लगाया आरोप रवनीत सिंह बिट्टू ने इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने पंजाब सरकार से मामले की जांच और FIR दर्ज करने की मांग की। बिट्टू ने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। नशा मुक्त पंजाब यात्रा में शामिल होने जा रहे थे बिट्टू बिट्टू पठानकोट में शुरू हो रही बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने जा रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अभियान पंजाब के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा और 30 सितंबर को जालंधर में इसका समापन प्रस्तावित है। पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल घटना के बाद बिट्टू ने मौके पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और तत्काल जांच की मांग की। फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की जांच और आगे सामने आने वाले आधिकारिक विवरण का इंतजार है। Disclaimer: इस खबर में AAP से जुड़े लोगों को लेकर लगाए गए आरोप रवनीत सिंह बिट्टू और उनके कार्यालय के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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NIA

NIA Action: 8 बांग्लादेशी नागरिकों समेत 9 को उम्रकैद, Job का झांसा देकर महिलाओं का शोषण

NIA Human Trafficking Case महिलाओं को नौकरी दिलाने और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर अपने जाल में फंसाने वाले आरोपियों के खिलाफ अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े इस मामले में 8 बांग्लादेशी नागरिकों समेत कुल 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आरोपियों पर महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी के नेटवर्क में फंसाने और बाद में उनका शोषण करने का आरोप था। मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने इस नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं को सामने रखा। नौकरी का सपना दिखाकर महिलाओं को फंसाते थे जांच में सामने आया कि आरोपी जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार और बेहतर कमाई का भरोसा देते थे। आर्थिक परेशानियों से जूझ रही महिलाओं के लिए नौकरी का यह प्रस्ताव आकर्षक लगता था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें कथित तौर पर अपने नेटवर्क में शामिल किया जाता था। इसके बाद महिलाओं को ऐसी परिस्थितियों में धकेल दिया जाता था, जहां उनका शोषण किया जाता था। मामला सामने आने के बाद NIA ने इसकी जांच शुरू की और आरोपियों की भूमिका को लेकर सबूत जुटाए। 8 बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल इस मामले में अदालत ने कुल 9 आरोपियों को दोषी माना। इनमें 8 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। दोष साबित होने के बाद अदालत ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला मानव तस्करी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई में अहम माना जा रहा है। ऐसे मामलों में नौकरी, बेहतर जिंदगी या आर्थिक मदद का लालच देकर लोगों को तस्करी के नेटवर्क में फंसाने की कोशिश की जाती है। NIA ने कैसे की कार्रवाई? NIA ने मामले की जांच के दौरान आरोपियों के बीच संबंध, उनके कथित नेटवर्क और पीड़ित महिलाओं से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की। जांच एजेंसी ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अदालत में मामला रखा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 9 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। Human Trafficking के खिलाफ सख्त संदेश मानव तस्करी सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि इससे प्रभावित लोगों की जिंदगी पर भी गहरा असर पड़ता है। खासकर नौकरी और बेहतर भविष्य का लालच देकर महिलाओं को निशाना बनाने वाले मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी है। NIA की कार्रवाई और अदालत का यह फैसला ऐसे मामलों में शामिल नेटवर्क के खिलाफ कानून के तहत होने वाली सख्त कार्रवाई को सामने लाता है। नौकरी के नाम पर आने वाले ऑफर से रहें सावधान अगर किसी अनजान व्यक्ति या एजेंसी की ओर से नौकरी का ऑफर मिलता है, तो उसके बारे में पूरी जानकारी जांचना जरूरी है। कंपनी, नौकरी की जगह, वेतन और संबंधित एजेंसी का सत्यापन किए बिना किसी अनजान व्यक्ति के साथ यात्रा करना या जरूरी दस्तावेज साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। इस मामले ने एक बार फिर दिखाया है कि Job के नाम पर दिए जाने वाले झांसे से सावधान रहना कितना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में परिवार, भरोसेमंद व्यक्ति या संबंधित सरकारी एजेंसी से मदद लेना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Alert: पहाड़ों पर Snowfall, MP में बारिश और UP में आंधी; Bihar Flood से बढ़ी चिंता

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने एक बार फिर अपना रंग बदल लिया है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू होने से ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ में तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं मध्य प्रदेश में भोपाल और सीहोर में बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया। उत्तर प्रदेश में तेज आंधी चली, जबकि बिहार में बाढ़ का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। केदारनाथ में Minus 2°C तापमान, पहाड़ों पर Snowfall उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। कई पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिली है। केदारनाथ धाम में तापमान गिरकर माइनस 2 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। बर्फबारी के बाद पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों के लिए मौसम अब पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। ठंड के साथ कई जगहों पर बारिश और कोहरे का असर भी देखने को मिल रहा है। भोपाल-सीहोर में बारिश से बदला Weather मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजधानी भोपाल और सीहोर में बारिश हुई। अचानक हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। मौसम में बदलाव को देखते हुए स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। UP में तेज आंधी, कई इलाकों में बारिश उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। अचानक चली तेज हवाओं से लोगों को परेशानी हुई। मौसम खराब होने के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। Bihar Flood: 50 लाख लोगों पर बाढ़ का असर बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का पानी फैलने से बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। करीब 50 लाख लोगों के बाढ़ की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। कई जगहों पर लोगों के सामने आने-जाने, रहने और जरूरी सामान की व्यवस्था जैसी परेशानियां खड़ी हो गई हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य भी जारी हैं। कई राज्यों में मौसम का अलग-अलग असर एक तरफ उत्तराखंड में बर्फबारी से ठंड बढ़ रही है, तो दूसरी ओर मध्य प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश ने मौसम बदला है, जबकि बिहार में बाढ़ लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। फिलहाल मौसम का असर कई राज्यों में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में जाने वाले यात्रियों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
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Passport

Passport New Rules: बच्चों के Passport पर बड़ा बदलाव, 5 साल तक रहेगी Validity

अगर आपके घर में किसी बच्चे का Passport बना हुआ है या बनवाने की तैयारी चल रही है, तो यह खबर आपके काम की है। केंद्र सरकार ने बच्चों के Passport से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी 36 पेज का Ordinary Passport अब 5 साल तक या बच्चे के 18 साल का होने तक वैध रहेगा। सरकार का यह बदलाव 15 सितंबर 2026 से लागू हो गया है। ऐसे में विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे माता-पिता के लिए बच्चे के Passport की Validity पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्या है नया नियम? नए नियम को आसान भाषा में समझें तो 15 साल से कम उम्र के बच्चे के Passport की Validity अधिकतम 5 साल होगी। लेकिन एक शर्त भी है—अगर बच्चा 5 साल पूरे होने से पहले ही 18 साल का हो जाता है, तो Passport की Validity उसके 18वें जन्मदिन पर खत्म हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी बच्चे का Passport 10 साल की उम्र में बनता है, तो वह 5 साल तक यानी 15 साल की उम्र तक वैध रहेगा। वहीं अगर Passport 14 साल की उम्र में बनता है, तो उसकी Validity 18 साल की उम्र तक ही रहेगी। 18 साल के बाद क्या करना होगा? बच्चे के 18 साल का होने के बाद Passport को Renew कराना होगा। इसके बाद वह Adult Passport से जुड़े नियमों के तहत आवेदन कर सकता है। माता-पिता के लिए यह बात खास तौर पर ध्यान रखने वाली है, क्योंकि विदेश यात्रा के दौरान Passport की Validity से जुड़ी छोटी सी कमी भी परेशानी खड़ी कर सकती है। विदेश जाने से पहले जरूर Check करें Passport अगर परिवार में किसी बच्चे के साथ विदेश जाने का प्लान है, तो सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि Passport Expire हुआ है या नहीं। कई देशों में Entry के लिए Passport की यात्रा की तारीख के बाद भी कुछ महीनों की Validity जरूरी होती है। इसलिए Flight Booking, Visa Application और Travel Planning से पहले बच्चे के Passport की Expiry Date जरूर चेक कर लें। 15 से 18 साल की उम्र वालों के लिए अलग प्रावधान 15 से 18 साल की उम्र के आवेदकों के लिए Passport से जुड़े अलग प्रावधान हैं। इस उम्र में Passport की अवधि और आवेदन से जुड़ी जानकारी के लिए Passport Seva की मौजूदा गाइडलाइन देखना जरूरी है। यानी बच्चों का Passport बनवाते समय उनकी उम्र एक अहम factor है। इसलिए आवेदन करने से पहले नियम और जरूरी documents की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। Parents के लिए आसान सलाह नए नियम के बाद माता-पिता को बच्चे के Passport की तारीखों पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर अगर बच्चा 15 साल के करीब है या अगले कुछ वर्षों में 18 साल का होने वाला है। सीधी बात यह है कि 15 साल से कम उम्र के बच्चे का Passport अधिकतम 5 साल या 18 साल की उम्र तक वैध रहेगा। दोनों में से जो तारीख पहले आएगी, उसी दिन Passport की Validity खत्म हो जाएगी। इसलिए विदेश यात्रा का प्लान बनाते समय बच्चे का Passport समय रहते Check करें, ताकि आखिरी समय में Renewal या दूसरे दस्तावेजों को लेकर परेशानी न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कुरुक्षेत्र में CM सैनी ने किया 120 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का ऐलान, ब्रह्मसरोवर पर हुआ ड्रोन शो

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत कुरुक्षेत्र पहुंचे। देर शाम उन्होंने ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान ड्रोन शो के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र के लिए 120 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की घोषणा भी की। ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी गेट पर बनेगा सर्किट हाउस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी गेट पर सर्किट हाउस बनाने की घोषणा की। इस परियोजना पर करीब 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इस निर्माण से कुरुक्षेत्र में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जलाया आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुरुषोत्तमपुरा बाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आशीर्वाद का दीया जलाया। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मसरोवर की आरती में भी हिस्सा लिया। शंख ध्वनि के बीच मुख्यमंत्री ने ब्रह्मसरोवर की आरती की। गुरुद्वारा सचखंड ईशर सिंह दरबार साहिब पहुंचे थे CM इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुबह गुरुद्वारा सचखंड ईशर सिंह दरबार साहिब, जुरासी खुर्द पहुंचे। यहां उन्होंने संत बाबा ईशर सिंह की 51वीं बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरुद्वारा पहुंचने पर मुख्य सेवादार बाबा मणि सिंह ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा ईशर सिंह ने भारत के गांवों और शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी गुरमत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। गरीबों, किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर सुबह मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने गरीबों को सशक्त बनाने, महिलाओं को सुरक्षित रखने और किसानों सहित समाज के हर वर्ग को मजबूत करने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के निर्माण और विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। विश्वकर्मा जयंती का भी किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने पूरी दुनिया के निर्माण में योगदान दिया। उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश के निर्माण में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हरियाणा और देश-दुनिया की प्रमुख खबरों के लिए Desh Har Pal वेबसाइट पढ़ते रहें। 7
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PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान, उज्जैन में 35 लाख दीपक जलाने की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश के उज्जैन में दीपोत्सव की तैयारी की गई है, जबकि उत्तराखंड और बिहार में भी विशेष आयोजन हो रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक बाइक रैली को रवाना किया। वाराणसी से भी वडनगर के लिए बाइक यात्रा शुरू की गई है। इन आयोजनों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को भी रेखांकित किया जा रहा है। उज्जैन में 35 लाख दीपक जलाने की तैयारी मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर दीपोत्सव मनाया जा रहा है। सबसे बड़ा आयोजन उज्जैन में प्रस्तावित है। यहां शिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक में करीब 25 लाख दीपक जलाने की तैयारी है। इसके अलावा मकानों और दुकानों में लगभग 10 लाख दीपक जलाए जाने की योजना है। इस तरह उज्जैन में कुल करीब 35 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य बताया गया है। उत्तराखंड में यमुना घाट पर विशेष पूजा उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमुना घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा और आरती कराई। वहीं, बिहार में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर पूरे राज्य में करीब 21 लाख दीपक जलाने की तैयारी की गई है। पटना के मरीन ड्राइव पर ढाई से तीन लाख से अधिक दीपक जलाने का लक्ष्य बताया गया है। वडनगर से वाराणसी तक बाइक रैली गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक जाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। वाराणसी से भी वडनगर के लिए बाइक यात्रा शुरू की गई। दोनों यात्राओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सेवा कार्यों से जुड़े संदेश को लोगों तक पहुंचाना बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, ये यात्राएं कई राज्यों और जिलों से होकर गुजरेंगी तथा 7 अक्टूबर को पूरी होने का कार्यक्रम है। अमित शाह ने गिनाईं प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां वडनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उनके भाषण की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं: 1. 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा का उल्लेख अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 25 वर्षों तक लगातार काम किया है। उन्होंने मोदी के प्रतिदिन 16 से 18 घंटे काम करने का भी उल्लेख किया। 2. ‘इंडिया फर्स्ट’ के मंत्र पर जोर शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन को ‘इंडिया फर्स्ट’ यानी ‘राष्ट्र प्रथम’ के विचार से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने इस मंत्र को प्राथमिकता दी। 3. गरीबी से बाहर आए 25 करोड़ लोगों का दावा गृह मंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। उन्होंने आवास, बिजली, नल से पानी, शौचालय, गैस और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया। 4. स्वास्थ्य कवर और मुफ्त राशन का उल्लेख अमित शाह ने कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज और 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया गया। उन्होंने गरीबों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। 5. राष्ट्रीय सुरक्षा और सुशासन पर बात शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में स्पष्टता लाई है। उन्होंने सुशासन के माध्यम से भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खुद को ‘प्रधान सेवक’ कहने की बात भी अपने संबोधन में रखी। देशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रम प्रधानमंत्री के जन्मदिन और सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में दीप प्रज्ज्वलन, बाइक रैली, स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को भी प्रमुखता दी जा रही है।
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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