राजस्थान (Rajasthan) में नगर निकाय चुनाव के बाद सोमवार को मेयर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज रही। उदयपुर, पाली, बीकानेर, अजमेर और अलवर नगर निगम में मेयर पद के लिए पार्षदों ने मतदान किया। नतीजे आने के साथ ही कई शहरों में नई राजनीतिक तस्वीर भी सामने आई है।
सबसे ज्यादा चर्चा उदयपुर और पाली में BJP की जीत और बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला के मेयर बनने को लेकर है। स्थानीय स्तर पर हुए इन चुनावों को दोनों प्रमुख दलों के लिए अहम माना जा रहा है।
उदयपुर में BJP के पारस सिंघवी बने Mayor
उदयपुर नगर निगम में बीजेपी के पारस सिंघवी ने मेयर पद का चुनाव जीत लिया। चुनाव के दौरान निर्दलीय पार्षदों के समर्थन ने भी समीकरण को प्रभावित किया। जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
पारस सिंघवी के मेयर बनने के बाद अब उदयपुर नगर निगम की कमान बीजेपी के हाथों में रहेगी। शहर में विकास कार्य, सफाई व्यवस्था और स्थानीय सुविधाओं को लेकर नए बोर्ड से लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
पाली में भी BJP का कमल
पाली नगर निगम के मेयर चुनाव में भी बीजेपी ने जीत दर्ज की। यहां बीजेपी की नमिता बुबकिया और कांग्रेस की सुमित्रा जैन के बीच मुकाबला था। निर्दलीय पार्षद भी चुनावी समीकरण में अहम भूमिका में रहे।
बीजेपी की जीत के बाद पार्टी समर्थकों ने इसे स्थानीय राजनीति में बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा। वहीं कांग्रेस के लिए यह नतीजा स्थानीय संगठन और आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीकानेर में Congress के अनिल कल्ला की जीत
बीकानेर नगर निगम में मुकाबला कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच रहा। आखिरकार कांग्रेस के अनिल कल्ला ने मेयर पद पर जीत दर्ज कर ली।
नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। चुनावी समीकरण में कांग्रेस के पास 42 पार्षद थे, जबकि बीजेपी के 27 पार्षद बताए गए। निर्दलीय पार्षदों की संख्या भी महत्वपूर्ण थी। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार की स्थिति शुरुआत से मजबूत नजर आ रही थी।
चुनाव से पहले कांग्रेस के बागी उम्मीदवार नवरतन डागा के नाम वापस लेने के बाद मुकाबला और सीधा हो गया था। इसके बाद कांग्रेस ने अनिल कल्ला को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारा।
Ajmer और Alwar पर भी नजर
राजस्थान के पांच नगर निगमों में हुए मेयर चुनाव में अजमेर और अलवर के नतीजे भी राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण रहे। इन शहरों में भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला देखने को मिला।
जहां किसी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था, वहां निर्दलीय पार्षदों की भूमिका काफी अहम रही। इसी वजह से चुनाव से पहले दोनों दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे रहे।
Local Politics में क्यों अहम हैं ये चुनाव?
मेयर का चुनाव केवल एक पद का चुनाव नहीं होता। नगर निगम के स्तर पर मेयर शहर की कई अहम व्यवस्थाओं और विकास से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अब नए मेयरों के सामने शहर की सफाई व्यवस्था, सड़क, ट्रैफिक, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और विकास कार्यों को बेहतर करने की चुनौती होगी। चुनावी जीत के बाद जनता की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नए बोर्ड अपने वादों और स्थानीय जरूरतों पर कितना काम करते हैं।
Rajasthan Mayor Election 2026 का अपडेट
राजस्थान के इन नगर निगमों में मेयर चुनाव के बाद स्थानीय राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। पाली और उदयपुर में BJP का कमल खिला है, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने मेयर की कुर्सी हासिल की है। अब आने वाले समय में इन शहरों में नए नगर निगम बोर्ड के कामकाज पर सबकी नजर रहेगी।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
