आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिलBREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिल

Latest Posts

PM Shehbaz

Indus Water Treaty विवाद Pakistan PM Shehbaz Sharif की भारत को धमकी

भारत और पाकिस्तान के बीच Indus Water Treaty को लेकर तनाव नए स्तर पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ (PM Shehbaz Sharif) ने चेतावनी दी है कि “दुश्मन पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता।” उनका यह बयान भारत द्वारा अप्रैल 2025 में इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित करने के फैसले के बाद आया है। Indus Water Treaty – क्या है समझौता? 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, यह समझौता विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ था और दशकों से दोनों देश इसे मानते आ रहे थे। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सुरक्षा कारणों से इसे “abeyance” (अस्थायी रोक) में डाल दिया। पाकिस्तान के सख्त बयान भारत का रुख भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवाद और सीमा पार हिंसा के चलते यह संधि अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। भारत का मानना है कि पानी पर उसका अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और भू-स्थिति के आधार पर होना चाहिए। भविष्य की स्थिति विशेषज्ञों का मानना है कि पानी पर बढ़ता विवाद South Asia में अस्थिरता बढ़ा सकता है। उम्मीद है कि विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस मामले में मध्यस्थता करेंगी, ताकि स्थिति युद्ध तक न पहुंचे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
BJP

यूपी Politics में Thakur Unity ‘कुटुंब परिवार’ मीटिंग में BJP और Opposition के 40 MLA का Power Show

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब सत्ता और विपक्ष दोनों दलों के ठाकुर समुदाय से जुड़े करीब 40 विधायक और विधान परिषद सदस्य एक मंच पर नजर आए। ‘कुटुंब परिवार’ नाम से आयोजित यह खास बैठक लखनऊ के फाइव-स्टार होटल क्लार्क अवध में हुई, जिसने विधानसभा सत्र के बीच राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। BJP और Opposition के Thakur नेता एक मंच पर बैठक में BJP, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय पृष्ठभूमि के ठाकुर विधायक शामिल हुए। इसमें सत्तारूढ़ पार्टी के मौजूदा MLA, सपा के बागी सदस्य और विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य ठाकुर समुदाय के नेताओं के बीच एकजुटता और आपसी संवाद को मजबूत करना था। ‘कुटुंब परिवार’ WhatsApp Group और सांस्कृतिक Symbols कार्यक्रम के बाद ‘कुटुंब परिवार’ नाम का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया, जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों के ठाकुर नेता जुड़े हैं। इस मीटिंग में हर प्रतिभागी को भगवान राम की मूर्ति, महाराणा प्रताप की तस्वीर और पीतल का त्रिशूल भेंट किया गया, जिसे जातीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जा रहा है। 8 साल बाद ऐसा जमावड़ा पिछले आठ वर्षों में ठाकुर समुदाय के विधायकों का इतना बड़ा और संगठित जमावड़ा पहली बार हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसे केवल सामाजिक कार्यक्रम न मानकर आने वाले समय की सियासी रणनीति और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक Significance चूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ठाकुर समुदाय से आते हैं, इसलिए यह मीटिंग भाजपा के अंदर और बाहर दोनों ही जगह संदेश देने वाली मानी जा रही है। विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह की एकजुटता भविष्य की राजनीति में बड़ा असर डाल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
उरी

उरी Terrorist Operation Indian Army ने LoC पर आतंकवादी घुसपैठ नाकाम किया, शहीद जवान की दुखद घटना

उरी सेक्टर में आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश विफल जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना ने एक बड़ी आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम किया है। सेना के जवानों ने संदिग्ध आतंकवादियों से मुठभेड़ की, जिसमें छह पिस्तौल और चार हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बल फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं। भारतीय सेना की सतर्कता और सीमा सुरक्षा इस घटना से स्पष्ट होता है कि भारतीय सेना अपनी सतर्कता और सीमा सुरक्षा को और भी मजबूत कर रही है। LoC पर आतंकवादियों की हरकतों पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ न हो सके। शहीद जवान सिपाही अनिल कुमार की दुखद घटना उरी सेक्टर में एक दुखद घटना में तेलंगाना के खम्मम जिले के सिपाही अनिल कुमार, जो मराठा लाइट इन्फैंट्री में तैनात थे, गश्त के दौरान फिसलने से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। वह हाल ही में अपनी पत्नी और सात महीने के बेटे से मिलने के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी शहादत सेना और देश के लिए एक बड़ी क्षति है। आतंकवाद के खिलाफ सेना का संकल्प भारतीय सेना न केवल आतंकवादियों की हरकतों को रोकने में सफल हो रही है, बल्कि अपने जवानों की सुरक्षा के लिए भी पूरी सतर्कता बरत रही है। उरी और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में सेना की सक्रियता से शांति बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
SIR

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 Special Intensive Revision (SIR) में मतदाता सूची का अपडेट और विवाद

बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने Special Intensive Revision (SIR) यानी विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन शुरू किया है। इस प्रक्रिया का मकसद राज्य की मतदाता सूचियों को साफ़, सटीक और अपडेटेड बनाना है ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। Special Intensive Revision (SIR) के मुख्य उद्देश्य दस्तावेज़ी मानदंड और परेशानी मतदाता को अपनी पहचान और निवास का प्रमाण देने के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेज़ों में से किसी एक को प्रस्तुत करना आवश्यक है। हालांकि, आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड को निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति बिहार के कई प्रवासी मजदूरों के लिए मुश्किल पैदा कर रही है क्योंकि उनके पास वैध निवास प्रमाण नहीं होते। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के इस नियम का समर्थन किया है कि आधार या राशन कार्ड को अंतिम निवास प्रमाण नहीं माना जा सकता। विरोध और राजनीतिक विवाद विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने इसे “vote theft” यानी मत चोरी का आरोप लगाया है। कांग्रेस, शिवसेना और CPI(ML) सहित कई पार्टियों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया है। विवादों में एक 124 वर्षीय महिला मतदाता मिंता देवी का नाम भी आया, जिससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। CPI(ML) ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर बड़ा हमला करार दिया है और कहा है कि 66 लाख से अधिक मतदाताओं को सूची से हटाया गया है, जिनमें प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं। वर्तमान स्थिति और आगे की राह अब तक लगभग 87.6% मतदाताओं ने अपना सत्यापन पूरा कर लिया है, लेकिन प्रवासी मजदूरों और अन्य वर्गों की संख्या में कटौती जारी है। चुनाव आयोग इन मुद्दों का समाधान निकालने के प्रयास में है ताकि सभी योग्य मतदाता चुनाव प्रक्रिया में शामिल हो सकें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
OBC

MP OBC Reservation Case सुप्रीम कोर्ट में 27% आरक्षण पर सुनवाई, सरकार से सवाल

Madhya Pradesh OBC Reservation Case में आज (12 अगस्त 2025) Supreme Court Hearing हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट से आग्रह किया कि High Court Stay हटाया जाए ताकि 27% ओबीसी आरक्षण पूरी तरह लागू हो सके और 13% लंबित पदों पर भर्ती शुरू की जा सके। Supreme Court की सख्त टिप्पणी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सवाल किया – “पिछले 6 साल से आप क्या कर रहे थे? क्या सो रहे थे?” कोर्ट का इशारा 2019 में बने कानून की ओर था, जिसमें ओबीसी को 14% से बढ़ाकर 27% आरक्षण दिया गया था, लेकिन यह मामला सालों से अदालत में अटका हुआ है। मामले की Background वर्तमान स्थिति आगे का असर अगर कोर्ट 22 सितंबर को Stay हटाता है, तो 27% OBC Quota पूरी तरह लागू हो जाएगा और भर्ती प्रक्रिया तेज होगी। लेकिन अगर 50% आरक्षण सीमा पर कोर्ट ने आपत्ति जताई, तो यह नीति बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Tara Rani Srivastava

Tara Rani Srivastava तिरंगे के लिए गोली भी झेली भारतीय स्वतंत्रता सेनानी की अमर गाथा

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई ऐसे वीरांगनाएँ और योद्धा हुए हैं, जिनका नाम इतिहास की किताबों में कम लिखा गया, पर उनकी बहादुरी और त्याग अमर है। ऐसी ही एक शूरवीर नारी थीं Tara Rani Srivastava, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए तिरंगे के सम्मान में गोली तक झेली। आइए जानते हैं उनके जीवन और संघर्ष की कहानी। Tara Rani Srivastava कौन थीं? Tara Rani Srivastava एक स्वतंत्रता सेनानी थीं, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ देश की आज़ादी के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी। वह एक साधारण परिवार से थीं, लेकिन देशभक्ति उनके रक्त में बसी थी। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर आज़ादी की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई। तिरंगे के लिए उनकी बहादुरी Tara Rani Srivastava की बहादुरी का सबसे बड़ा उदाहरण तब सामने आया जब वे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ तिरंगा झंडा फहराने निकलीं। उस समय ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने देश के तिरंगे की शान को बचाने के लिए उन्होंने गोली झेली, फिर भी झंडा नहीं छोड़ा। उनकी इस वीरता ने हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की आग जगा दी। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान Tara Rani Srivastava की विरासत तारा रानी की कहानी आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी बहादुरी और त्याग को याद करते हुए हमें अपने देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। आज हम स्वतंत्रता का आनंद उनके जैसे वीरों के कारण ही ले पा रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar

Bihar Voter List Revision बिहार मतदाता सूची संशोधन पर Supreme Court की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 12 अगस्त 2025 को Bihar Voter List Revision यानी बिहार में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर दायर याचिकाओं पर अहम सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया में खामियां और अनियमितताएं हैं, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग का बचाव सुनवाई के दौरान Election Commission (EC) ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा कि इतनी बड़ी और व्यापक प्रक्रिया में “कुछ खामियां होना स्वाभाविक” है, लेकिन इससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। आयोग ने दावा किया कि सभी कदम तय नियमों और प्रक्रिया के तहत ही उठाए गए हैं। कोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की दलीलों को सुनने के बाद उसकी पूरी कार्यप्रणाली और procedural safeguards की विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची में सटीकता और पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि त्रुटियों से बचने के लिए आयोग ने कौन से ठोस कदम उठाए हैं। चुनावी माहौल पर असर यह मामला बिहार की राजनीति और आने वाले चुनावों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि मतदाता सूची में गड़बड़ी या संशोधन का सीधा असर मतदान और चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर अगली सुनवाई में आगे का फैसला करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Justice Yashwant Varma

Justice Yashwant Varma महाभियोग लोकसभा ने Cash-at-Home केस में 3 Member Committee बनाई

दिल्ली हाईकोर्ट के जज Justice Yashwant Varma के खिलाफ चल रहे Cash-at-Home केस में संसद ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने मंगलवार को महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दी और मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति का गठन किया। Case Background: Cash-at-Home Row कैसे शुरू हुआ? मार्च 2025 में Justice Yashwant Varma के सरकारी आवास में आग लगने के बाद दमकलकर्मी और पुलिस जब पहुंचे, तो उन्हें स्टोर रूम से ₹500 के जली और आधी-जली नोटों की भारी मात्रा मिली। यह बरामदगी इतनी चौंकाने वाली थी कि मामला तुरंत राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। Supreme Court की In-House Inquiry जस्टिस वर्मा की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती Justice Yashwant Varma ने इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और दलील दी कि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं मिला। जुलाई 2025 में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उनके आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा— “Your conduct does not inspire confidence.”7 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। संसद में महाभियोग प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, मानसून सत्र में 200+ सांसदों ने महाभियोग नोटिस दिया। आज लोकसभा अध्यक्ष ने इसे मंजूर करते हुए 3-member Investigation Committee बनाई है, जो मामले की विस्तृत जांच करेगी। आगे क्या होगा? महाभियोग प्रक्रिया पूरी होने के लिए: क्यों खास है यह मामला? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Asim Munir

Asim Munir US Visit पाकिस्तान-अमेरिका Relation में नया बदलाव, क्या China स्वीकार करेगा?

हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुनीर (Asim Munir) की अमेरिका (US) यात्रा ने पाकिस्तान-अमेरिका (Pakistan-America) रिश्तों में नई उम्मीदें जगा दी हैं। इस दौरे ने क्षेत्रीय राजनीति में कई सवाल पैदा किए हैं, खासकर चीन (China) और भारत (India) की प्रतिक्रियाओं को लेकर। पाकिस्तान-अमेरिका Relation में सुधार के संकेत Asim Munir की अमेरिका यात्रा के दौरान, अमेरिका ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है जो दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने का संकेत है। इसके साथ ही अमेरिका ने पाकिस्तान के तेल क्षेत्र और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) जैसे नए क्षेत्रों में निवेश के लिए समर्थन दिया है। पाकिस्तान ने भी अमेरिकी कंपनियों को बलूचिस्तान में निवेश का आमंत्रण दिया है, जो देश की आर्थिक मजबूती में सहायक होगा। चीन की प्रतिक्रिया: चिंता या सतर्कता? चीन, जो पाकिस्तान का पारंपरिक सहयोगी है, इस बढ़ती नज़दीकी पर सतर्क है। चीनी रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में यह बदलाव केवल अस्थायी राजनीतिक हलचल है और पाकिस्तान चीन के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को नहीं छोड़ेगा। चीन के लिए पाकिस्तान एक अहम साझेदार है, इसलिए वह इस नजदीकी को गंभीर खतरे के तौर पर नहीं देखता। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया भारत ने इस यात्रा और पाकिस्तान के अमेरिका के साथ बढ़ते रिश्तों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने पाकिस्तान को “अविचारपूर्ण परमाणु राज्य” करार दिया और कहा कि पाकिस्तान की परमाणु नीति क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। भारत के मुताबिक, पाकिस्तान की परमाणु धमकियां क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रही हैं। वहीं, पाकिस्तान अपनी परमाणु नीति को जिम्मेदार और संयमित बताता है। निष्कर्ष: पाकिस्तान के लिए संतुलन बनाए रखना चुनौती Asim Munir की अमेरिका यात्रा पाकिस्तान की विदेश नीति में बदलाव की दिशा दिखाती है, जिसमें अमेरिका के साथ रिश्तों को मजबूत करने का प्रयास है। लेकिन चीन के साथ पारंपरिक साझेदारी और भारत के साथ जारी तनाव के बीच संतुलन बनाए रखना पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती होगी। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान इस तीन-तरफा समीकरण को किस तरह संभालता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Gangu Baba

Gangu Baba की वीर गाथा: 1857 के क्रांतिकारी गंगादिन मेहतर का इतिहास

1857 की क्रांति में कानपुर के गंगादिन मेहतर उर्फ Gangu Baba ने अदम्य साहस दिखा कर लगभग 200 अंग्रेज सैनिकों को अकेले ही हराया। उनकी प्रेरक और भावनात्मक कहानी, जो आज भी हमें देशभक्ति का संदेश देती है। परिचय: निर्धन से वीर योद्धा तक गंगादिन मेहतर, जिन्हें प्यार से Gangu Baba कहा जाता था, का जन्म कानपुर के समीप वाल्मीकि (भंगी) समुदाय में हुआ था। समाज में व्याप्त ठगी और छुआछूत के कारण उनका परिवार ‘अकबरपुरा’ से ‘चुन्नीगंज’ आकर बस गया। बचपन से ही पहलवानी का शौक रहा और एक मुस्लिम गुरु से कुश्ती की कला सीखी। सामाजिक विषमताओं ने उन्हें कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्हें दृढ़ता और आत्म-सम्मान सिखाया। क्रांतिकारी बनने की शुरुआत और Nana Saheb के साथ संबंध कहा जाता है कि एक बार वे जंगल से एक मृत बाघ कंधे पर लेकर लौटा करते थे, तभी नाना साहेब पेशवा ने उनका यह अद्भुत रण-वीर्य देखा। प्रभावित होकर उन्होंने गंगू बाबा को अपनी सेना में शामिल कर लिया। वहां वे सिर्फ नगारित नहीं बल्कि सूबेदार का पद प्राप्त कर गए—कुशल और वीर सैनिक के रूप में उनका नाम फैल गया। 1857 की क्रांति में अद्वितीय वीरता क्रांतिकारी संघर्ष में, गंगू बाबा ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उनके हाथों तकरीबन 200 ब्रिटिश सैनिकों की मौत हुई, एक-एक करके उन्होंने अंग्रेजों में भय का संचार कर दिया। उनकी बहादुरी ने इलाके में विद्रोहियों का हौसला कई गुना बढ़ा दिया। अंतिम संघर्ष और बलिदान अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ने के लिए आदेश भेजा और अंततः उसे बंदी बना लिया। निर्मम तरीके से—घोड़े से लटकाकर पूरे शहर में घसीटते हुए—उनका बदनाम किया गया। 8 सितंबर 1859 को कानपुर के चुन्नीगंज क्षेत्र में एक नीम के पेड़ से फांसी पर चढ़ा दिया गया। अपनी अंतिम सांस में उन्होंने कहा:“भारत की माटी में हमारे पूर्वजों का खून व कुर्बानी की गंध है, एक दिन यह मुल्क आज़ाद होगा।”घटना ने इतिहास में शहीद-मार्गदर्शक को अमर बना दिया। इतिहास में क्यों रहा कहीं छुपा? गंगू बाबा जैसे वीर योद्धा अक्सर मुख्यधारा के इतिहास से अनदेखे रह जाते हैं। लेकिन लोक-कथाओं, स्मरणशक्ति और मौखिक परंपराओं में वे आज भी जीवित हैं। उनके वंशज कानपुर में आज भी रहते हैं, और उनकी कहानी बुजुर्गों की जुबानी पीढ़ी दर पीढ़ी चल रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 176 177 178 179 180 216

Editor's Picks

Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.