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मकर संक्रांति

मकर संक्रांति 2026 सूर्य की नई चाल से भारत में नई उम्मीदों की शुरुआत

भारत में मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि प्राकृतिक परिवर्तन, कृषि चक्र और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मकर संक्रांति 2026 के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। यह समय ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जाता है। मकर संक्रांति 2026 का खगोलीय महत्व मकर संक्रांति एकमात्र हिंदू पर्व है जो सूर्य की स्थिति पर आधारित होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह पृथ्वी के झुकाव और सूर्य की किरणों की दिशा में बदलाव को दर्शाता है। इस दिन से दिन बड़े होने लगते हैं और सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने लगती है, जिससे जीवन में नई सक्रियता आती है। किसानों के लिए खुशहाली का पर्व भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मकर संक्रांति बेहद महत्वपूर्ण है। यह नई फसल के आगमन का समय होता है। गेहूं, धान, गन्ना और तिलहन की फसल किसानों की मेहनत का प्रतिफल होती है।इसलिए मकर संक्रांति को कृषि उत्सव भी कहा जाता है। देशभर में अलग-अलग रूप मकर संक्रांति भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। हर क्षेत्र की परंपरा अलग है, लेकिन भावना एक—सूर्य और अन्नदाता का सम्मान। पतंगों से सजा भारत का आकाश मकर संक्रांति की सबसे सुंदर पहचान है पतंगबाजी। हजारों रंग-बिरंगी पतंगें आसमान में उड़कर उम्मीद, स्वतंत्रता और नई ऊँचाइयों का प्रतीक बन जाती हैं। गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत में पतंग उत्सव सामाजिक मेल-मिलाप का बड़ा माध्यम बनता है। तिल-गुड़ और सामाजिक सौहार्द इस दिन तिल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ बाँटने की परंपरा है। इसका अर्थ है—“कठिन समय में भी रिश्तों में मिठास बनाए रखना।” यह पर्व समाज को जोड़ने और प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देता है। मकर संक्रांति 2026 का संदेश जब देश डिजिटल युग और वैश्विक बदलावों की ओर बढ़ रहा है, तब मकर संक्रांति 2026 हमें अपनी जड़ों, प्रकृति और परिश्रम को न भूलने की सीख देता है। यह त्योहार सिखाता है कि असली विकास तभी संभव है जब हम परंपरा और प्रगति दोनों को साथ लेकर चलें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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देवउठनी एकादशी

देवउठनी एकादशी 2025 भगवान विष्णु जागेंगे नींद से, शुरू होंगे सभी शुभ काम

देवउठनी एकादशी 2025 (Dev Uthani Ekadashi 2025) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। इसे प्रबोधिनी एकादशी या देव उठावनी एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और तुलसी विवाह की पूरी जानकारी। देवउठनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की विशेष पूजा करते हैं और उनसे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। देवउठनी एकादशी का धार्मिक महत्व हिंदू मान्यता के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। इस चार माह की अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।देवउठनी एकादशी के दिन जब भगवान विष्णु नींद से जागते हैं, तब से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।यह दिन आध्यात्मिक जागृति, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। तुलसी विवाह 2025: तिथि और महत्व देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी 2 नवंबर 2025 (रविवार) को तुलसी विवाह मनाया जाएगा।इस दिन भगवान विष्णु का विवाह तुलसी माता से कराया जाता है। यह शुभ कार्य घर-घर में मनाया जाता है। माना जाता है कि तुलसी विवाह करवाने से जीवन में शांति, प्रेम और समृद्धि आती है तथा विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। देवउठनी एकादशी 2025 पूजा विधि इस दिन से शुरू होते हैं मांगलिक कार्य देवउठनी एकादशी के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे सभी शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।यह दिन शुभता, सौभाग्य और नए आरंभ का प्रतीक है। जो लोग भगवान विष्णु और तुलसी माता की भक्ति से पूजा करते हैं, उनके जीवन में धन, यश और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। महत्वपूर्ण बातें देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi 2025) का दिन धर्म, आस्था और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु के जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत को करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति का संचार होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chhath Puja

Chhath Puja 2025 Special सूर्य देव की आराधना और आस्था का सबसे पवित्र पर्व

Chhath Puja 2025 आने वाली है, और पूरे भारत में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बन चुका है। यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति, सूर्य देव और जल के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई इलाकों में शुरू हुई यह परंपरा अब पूरे देश और विदेशों में मनाई जाती है। Chhath Puja 2025 चार दिन तक चलने वाला यह पर्व – नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य – शुद्धता और तपस्या का प्रतीक माना जाता है। छठ पूजा का महत्व (Chhath Puja Significance) छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की उपासना करने से जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है।यह पर्व हमें प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य की याद दिलाता है। छठी मैया (ऊषा देवी) को संतान, स्वास्थ्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और समाज की भलाई के लिए कठोर व्रत रखती हैं। Chhath Puja Vidhi (छठ पूजा की विधि) इन चार दिनों में व्रती पूर्ण संयम, पवित्रता और श्रद्धा से सभी विधियां निभाते हैं। Eco-Friendly Message of Chhath Puja (प्रकृति संग आस्था का मेल) छठ पूजा का एक बड़ा संदेश है प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान।इस दिन घाटों, नदियों और तालाबों की सफाई की जाती है। पूजा में केवल प्राकृतिक सामग्रियों जैसे बांस की टोकरी, केला, नारियल, और दीपक का प्रयोग होता है — जिससे यह पर्व सस्टेनेबल लिविंग का उदाहरण बनता है। भक्ति गीत और छठ घाटों की रौनक (Chhath Puja Songs & Celebration) छठ के दौरान गली-गली में गूंजते हैं पारंपरिक गीत —“केलवा जे केरवा, लहराए हो… छठी मईया आइलें अंगना हो…”दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों से सजा माहौल हर किसी के दिल को छू जाता है।लोग अपने पूरे परिवार के साथ घाटों पर जाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और एकता का संदेश फैलाते हैं। छठ पूजा का संदेश (Spiritual Message of Chhath Puja) छठ पूजा सिखाती है कि सच्ची आस्था और तपस्या से कोई भी मनोकामना पूरी हो सकती है।यह पर्व नारी शक्ति, त्याग और सादगी का प्रतीक है।सूर्य देव से प्रार्थना की जाती है कि सभी के जीवन में उज्ज्वलता, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे। Chhath Puja 2025 सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है — जहाँ सूर्य, जल, वायु और मनुष्य के बीच अटूट संबंध झलकता है।इस छठ पर्व पर आइए हम सब छठी मैया और सूर्य देव से प्रार्थना करें कि हमारे घरों में हमेशा उजाला और खुशियाँ बनी रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhai Dooj

Bhai Dooj 2025 शुभ मुहूर्त भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का त्योहार

Bhai Dooj भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। यह त्योहार भाई और बहन के रिश्ते को मजबूत करने और परिवार में खुशियों का माहौल बनाने का अवसर है। इस साल भाई दूज 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, जो दीपावली के दूसरे दिन पड़ता है। भाई दूज का महत्व Bhai Dooj का मुख्य महत्व भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास, सुरक्षा और प्यार को दर्शाना है। इस दिन बहन अपने भाई के लिए टिका, आरती, और मीठा भोजन तैयार करती है, जबकि भाई उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता है। यह त्योहार बताता है कि चाहे भाई दूर ही क्यों न हो, बहन का प्यार और आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहता है। भाई दूज 2025 की परंपराएं Bhai Dooj शुभ मुहूर्त 2025 इस समय बहन अपने भाई को टिका करके उसका आशीर्वाद ले सकती है। Bhai Dooj की खास बातें भाई दूज 2025 का पर्व आपके रिश्तों को मजबूत करने और परिवार में खुशियों की लहर लाने का सबसे अच्छा मौका है।
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Govardhan Puja

Govardhan Puja 2025 दिवाली के बाद का खास पर्व और पूजा का महत्व

Govardhan Puja 2025, दिवाली के अगले दिन मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है। इसे अन्नकूट पूजा या इंदिरा पूजा भी कहा जाता है। यह पर्व भगवान कृष्ण और उनकी लीला, विशेषकर गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा, के लिए प्रसिद्ध है। गोवर्धन पूजा की कहानी (Govardhan Puja Story in Hindi) पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों को समझाया कि केवल प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए, न कि केवल इन्द्रदेव की, तब इन्द्रदेव क्रोधित होकर भारी वर्षा करने लगे। तब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अपने छोटे अंगूठे पर उठाकर गोकुलवासियों और उनके पशुओं की रक्षा की। इस घटना के बाद से हर साल Govardhan Puja मनाई जाती है, जो भक्ति, प्रेम और प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है। Govardhan Puja कब और कैसे मनाई जाती है? गोवर्धन पूजा का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व Govardhan Puja केवल भगवान कृष्ण की भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश भी देती है। अन्नकूट बनाकर गांव और शहर के लोग मिलकर भोजन करते हैं और जरूरतमंदों में दान वितरित करते हैं। Govardhan Puja 2025 प्रेम, भक्ति और प्राकृतिक संतुलन का पर्व है। मिट्टी के गोवर्धन पर्वत का निर्माण कर, अन्नकूट चढ़ाकर और गायों की सेवा करके हम अपने जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Laxmi Pooja

Laxmi Pooja 2025 Diwali पर घर में समृद्धि और खुशियों का त्यौहार

दिवाली या दीपावली, भारत का सबसे बड़ा और आनंदमय त्यौहार है। यह अंधकार पर प्रकाश, दुख पर सुख और कठिनाई पर समृद्धि की जीत का प्रतीक है। दिवाली के मुख्य दिन Laxmi Pooja का विशेष महत्व है। इस दिन घर और व्यापार में मां लक्ष्मी की पूजा कर समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। Laxmi Pooja का महत्व Laxmi Pooja सिर्फ धन पाने के लिए नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि लाने के लिए मनाई जाती है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी उन्हीं घरों में आती हैं जो साफ-सुथरे, व्यवस्थित और श्रद्धाभाव से भरे हों। इसलिए दिवाली से पहले घर की सफाई और सजावट बहुत जरूरी है। Diwali 2025 में Laxmi Pooja का शुभ मुहूर्त इस वर्ष Laxmi Pooja 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।शुभ मुहूर्त: 7.08 P.M बजे से 8.18 P.M बजे तक।इस समय पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-संपत्ति बढ़ती है। दिवाली और Laxmi Pooja की प्रमुख रीतियाँ दिवाली का संदेश दिवाली सिर्फ धन और समृद्धि का त्यौहार नहीं है। यह अच्छाई, सकारात्मकता और ज्ञान की जीत का प्रतीक भी है। इस दिवाली अपने जीवन में खुशियाँ और प्रेम फैलाना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि धन-संपत्ति बढ़ाना। Diwali 2025 हमें यह सिखाते हैं कि खुशहाल जीवन के लिए घर और मन की सफाई और सकारात्मक सोच आवश्यक है। इस दिवाली घर में उजाला और जीवन में खुशियाँ लाएँ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chhoti Diwali

Chhoti Diwali 2025 शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्त्व

छोटी दिवाली 2025, जिसे Chhoti Diwali या Kali Chaudas भी कहते हैं, दीपावली का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व मुख्य रूप से यमराज की पूजा और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए मनाया जाता है। छोटी दिवाली 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त छोटी दिवाली का महत्त्व छोटी दिवाली का मुख्य उद्देश्य यमराज की पूजा करना है। मान्यता है कि इस दिन यमराज अपने भक्तों को लंबी आयु और स्वास्थ्य का आशीर्वाद देते हैं। साथ ही, घर में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है। छोटी दिवाली पूजा विधि (Special Puja Vidhi) छोटी दिवाली पर विशेष टिप्स छोटी दिवाली 2025 Special केवल यमराज को प्रसन्न करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने का अवसर भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dhanteras 2025

Dhanteras 2025 शुभ मुहूर्त, पूजा समय और सोना-चांदी खरीदने का सही तरीका

धनतेरस (Dhanteras 2025) दीवाली (Diwali) के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और कुबेर भगवान को समर्पित होता है और इसे स्वास्थ्य, समृद्धि और धन के लिए सबसे शुभ माना जाता है। Dhanteras 2025 Date and Time Dhanteras पूजा Vrishabha Kaal में करना सबसे शुभ माना जाता है। Best Time to Buy Gold and Silver on Dhanteras धनतेरस पर सोना (Gold), चांदी (Silver) और नए बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस समय में की गई खरीदारी से घर में धन और समृद्धि बढ़ती है। Dhanteras 2025 Puja Rituals धनतेरस के दिन निम्नलिखित पूजा और रीति-रिवाज अपनाए जाते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Karva Chauth

Karva Chauth 2025 व्रत, पूजा विधि और चंद्र दर्शन का महत्व

करवा चौथ (Karva Chauth) भारत का एक बेहद खास त्योहार है, जो विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, खुशहाली और स्वास्थ्य के लिए मनाया जाता है। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी है। Karva Chauth 2025 का महत्व करवा चौथ व्रत (Karva Chauth Vrat) केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच विश्वास, प्रेम और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और सूर्यास्त के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। करवा चौथ 2025: शुभ तिथि और समय Karva Chauth पूजा और रस्में करवा चौथ का दिन कई खास पूजा और रीति-रिवाजों से भरा होता है: करवा चौथ 2025 में खास टिप्स हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sharad Purnima

Sharad Purnima 2025 शुभ मुहूर्त और राशिफल के साथ आध्यात्मिक उपाय

Sharad Purnima हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो चन्द्रमा की पूर्ण चमक में मनाया जाता है। इस दिन का चाँद पूर्ण रूप से प्रकाशित होता है और इसे आध्यात्मिक शक्ति, स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष, 6 अक्टूबर 2025 को शरद पूर्णिमा मनाई जा रही है, जो विशेष रूप से धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। Sharad Purnima का महत्व हिन्दू धर्म में Sharad Purnima को “कृष्ण पूर्णिमा” और “कोजागरी पूर्णिमा” के नाम से भी जाना जाता है। इस रात को चाँद की रोशनी में खीर रखना और उसका भोग लगाना विशेष पुण्यकारी माना जाता है। इसे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि प्राप्त करने का अवसर माना जाता है। शरद पूर्णिमा 2025 का शुभ मुहूर्त राशिफल अनुसार शुभ मन्त्र और उपाय हर राशि के लिए Sharad Purnima पर खास मन्त्र और उपाय बताए गए हैं, जो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। जल तत्व राशि वालों के लिए विशेष योग इस वर्ष शरद पूर्णिमा पर ग्रहों की दुर्लभ स्थिति बनी है, जिससे कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए विशेष लाभकारी योग बन रहे हैं। इन राशियों को धन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति की संभावना अधिक है। शरद पूर्णिमा कैसे मनाएं हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi vs Amit Shah: छात्रों पर कथित हमले के मुद्दे पर गृह मंत्री को पत्र, कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने छात्रों पर हुए कथित हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में छात्रों की सुरक्षा, घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। Rahul Gandhi ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। उन्होंने चिंता जताई कि छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है। पत्र के माध्यम से उन्होंने गृह मंत्रालय से पूरे मामले की जानकारी साझा करने की मांग की है। Student Safety को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल राहुल गांधी ने अपने पत्र में छात्रों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के साथ हुई घटना के पीछे क्या कारण थे और प्रशासन ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का अधिकार है कि वे बिना डर के अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें। Congress ने सरकार से मांगी जवाबदेही इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार है। ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। गृह मंत्रालय के जवाब का इंतजार राहुल गांधी के पत्र के बाद अब सभी की नजर गृह मंत्रालय के रुख पर है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छात्रों से जुड़े मामले पहले भी देश की राजनीति में अहम मुद्दे रहे हैं। शिक्षा, सुरक्षा और युवाओं के अधिकारों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस लगातार जारी रहती है। फिलहाल, राहुल गांधी के पत्र के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गृह मंत्रालय इस मामले में क्या जवाब देता है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Abhishek Sharma

Abhishek Sharma Record: Batting में नहीं चला जादू, लेकिन Bowling से Team India के स्टार ने किया कमाल

भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए T20 मुकाबले में टीम इंडिया के युवा स्टार Abhishek Sharma ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर टीम के लिए शानदार ऑलराउंडर भी बन सकते हैं। इस मैच में भले ही अभिषेक शर्मा का बल्ला ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाया, लेकिन गेंद से उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया कि उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। Batting में खामोशी, Bowling में दिखा अभिषेक का जलवा मैच में अभिषेक शर्मा से फैंस को एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह बल्लेबाजी में ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। हालांकि इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली और अपनी शानदार स्पिन गेंदों से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। Abhishek Sharma ने अपनी गेंदबाजी से अहम विकेट हासिल किए और भारतीय टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनका यह प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि वह आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प बन सकते हैं। Abhishek Sharma ने बनाया खास T20I Record जिम्बाब्वे के खिलाफ गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए अभिषेक शर्मा ने एक खास उपलब्धि हासिल की। वह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय ओपनर बल्लेबाजों में बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर ओपनिंग बल्लेबाजों से गेंदबाजी में बड़ी भूमिका की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन अभिषेक ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से खुद को अलग साबित किया। India की जीत में Abhishek बने अहम कड़ी मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। जहां बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर बड़ा लक्ष्य खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। अभिषेक शर्मा के अलावा टीम इंडिया के अन्य खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन योगदान दिया। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। युवा खिलाड़ी के तौर पर बढ़ी Abhishek Sharma की अहमियत पिछले कुछ समय में अभिषेक शर्मा ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा है। उनकी लंबे छक्के लगाने की क्षमता और आक्रामक अंदाज उन्हें T20 क्रिकेट के लिए खास बनाता है। अब गेंद से शानदार प्रदर्शन करने के बाद उनकी उपयोगिता टीम के लिए और बढ़ गई है। एक ऐसा खिलाड़ी जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकता है, किसी भी टीम के लिए बड़ा हथियार साबित होता है। Team India को मिला भरोसेमंद All-Round Option Abhishek Sharma का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने दिखा दिया कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खुद को बदलने की क्षमता रखते हैं। IND vs ZIM मुकाबले में उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बल्ले से शांत रहने के बावजूद गेंद से इतिहास रचकर अभिषेक ने साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी वही होते हैं जो मुश्किल समय में टीम के काम आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
FSSAI

Train Food Complaint: Chandigarh-Dibrugarh Express की Pantry पर FSSAI की कार्रवाई

चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों के लिए एक बार फिर रेलवे खानपान व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। ट्रेन में खराब गुणवत्ता वाला खाना परोसे जाने की शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त कदम उठाया है। जांच के बाद पेंट्री कार संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया है। यह मामला सामने आने के बाद यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले हजारों लोग भोजन के लिए रेलवे की Catering Service पर निर्भर रहते हैं। यात्रियों की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (Train No. 15904) में यात्रियों ने खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यात्रियों का कहना था कि ट्रेन की पेंट्री कार से मिलने वाला भोजन तय मानकों के अनुसार नहीं था। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पेंट्री कार की व्यवस्थाओं और Food Safety Standards को लेकर कुछ कमियां सामने आईं, जिसके बाद FSSAI ने कार्रवाई का फैसला लिया। FSSAI ने Pantry Operator पर लगाया जुर्माना जांच के आधार पर FSSAI ने ट्रेन की पेंट्री कार संचालित करने वाले ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की और जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने साफ किया कि यात्रियों की सेहत से जुड़ी किसी भी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। FSSAI की यह कार्रवाई रेलवे Catering System में सुधार और यात्रियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। Railway Food Quality पर उठते रहे हैं सवाल भारतीय रेलवे में रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता हमेशा एक बड़ा मुद्दा रही है। कई बार यात्रियों ने भोजन की साफ-सफाई, स्वाद और गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की हैं। रेलवे लगातार अपनी खानपान सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा करता रहा है, लेकिन इस तरह के मामले व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत को दिखाते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सबसे जरूरी ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और साफ भोजन मिलना बेहद जरूरी है। खराब खाना न सिर्फ यात्रियों की परेशानी बढ़ाता है, बल्कि उनकी सेहत पर भी असर डाल सकता है। FSSAI की इस कार्रवाई से पेंट्री संचालकों को एक स्पष्ट संदेश मिला है कि Food Safety Rules का पालन करना अनिवार्य है। आने वाले समय में रेलवे और खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी से यात्रियों को बेहतर खानपान सुविधा मिलने की उम्मीद है। Chandigarh-Dibrugarh Express Food Case Highlights: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Champat Rai

Ram Mandir Donation Case: विवादों के बीच Champat Rai ने चुना भक्ति का रास्ता, Ayodhya में 4 महीने करेंगे साधना

अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद (Ram Mandir Donation Controversy) के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने एक बड़ा आध्यात्मिक कदम उठाया है। उन्होंने अयोध्या में चार महीने तक चलने वाली चातुर्मास साधना (Chaturmas Sadhna) शुरू कर दी है। इस दौरान वह भगवान श्रीराम की आराधना, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए अपना समय आध्यात्मिक साधना में बिताएंगे। चंपत राय का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान से जुड़े मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। विवाद के बीच उनका अयोध्या में रहकर साधना करने का निर्णय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। चंपत राय ने क्यों शुरू की Chaturmas Sadhna? धार्मिक परंपराओं में चातुर्मास का विशेष महत्व माना जाता है। यह अवधि भगवान की भक्ति, आत्मसंयम और आध्यात्मिक चिंतन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी परंपरा के तहत चंपत राय ने चार महीने तक साधना करने का संकल्प लिया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह राम नाम का जाप, रामचरितमानस पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियों में समय लगाएंगे। उनका उद्देश्य आध्यात्मिक अनुशासन और आत्ममंथन पर ध्यान केंद्रित करना है। Ram Mandir Donation Case को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा? श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान की व्यवस्था को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। मामले की जांच को लेकर सवाल उठे और जांच एजेंसियों ने कई पहलुओं की पड़ताल शुरू की। इस विवाद के बाद मंदिर प्रशासन की व्यवस्था, दान प्रबंधन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अयोध्या में चंपत राय की भूमिका रही है अहम चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद मंदिर निर्माण से लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका रही है। राम मंदिर निर्माण और निधि संग्रह अभियान के दौरान भी वह लगातार सक्रिय रहे। यही वजह है कि उनसे जुड़ा कोई भी फैसला अयोध्या और देशभर में लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। विवाद के बीच आध्यात्मिक रास्ता चुना राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय का चार महीने की साधना का फैसला कई मायनों में देखा जा रहा है। उनके समर्थक इसे भक्ति, संयम और आत्मचिंतन का कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे मौजूदा विवाद के संदर्भ में भी जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल, अयोध्या में चंपत राय की चातुर्मास साधना और राम मंदिर से जुड़े विवाद की जांच दोनों ही सुर्खियों में हैं। आने वाले समय में जांच की दिशा और मंदिर प्रशासन से जुड़े फैसले इस पूरे मामले की तस्वीर साफ करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Telangana

Telangana Assembly Special Session: 21 साल में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव, क्या बदल जाएगा Election का नियम?

Telangana Election Reform: तेलंगाना सरकार ने देश की चुनावी व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक अहम पहल की है। राज्य सरकार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने के पक्ष में प्रस्ताव लाने जा रही है। इस मुद्दे पर अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। हालांकि, केवल राज्य सरकार के प्रस्ताव से नियम नहीं बदलेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार और संसद की मंजूरी अनिवार्य होगी। युवाओं को राजनीति में आगे लाने की तैयारी मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। ऐसे में युवाओं को केवल मतदान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें चुनाव लड़ने और नेतृत्व करने का अवसर भी मिलना चाहिए। सरकार का मानना है कि 21 वर्ष की आयु में युवा उच्च शिक्षा पूरी कर चुके होते हैं, नौकरी और कारोबार की जिम्मेदारियां संभालते हैं। ऐसे में यदि वे देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच रखते हैं, तो उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उम्मीदवार बनने का भी अधिकार मिलना चाहिए। विधानसभा का Special Session क्यों बुलाया जा रहा है? तेलंगाना सरकार इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप देने के लिए विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुला रही है। इस सत्र में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस बदलाव पर विचार किया जा सके। क्या सिर्फ राज्य सरकार फैसला ले सकती है? इस सवाल का जवाब है—नहीं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु भारतीय संविधान और Representation of the People Act के तहत तय होती है। इसलिए किसी भी राज्य के पास इसे अपने स्तर पर बदलने का अधिकार नहीं है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो केंद्र सरकार को कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद संसद की मंजूरी मिलने पर ही नया नियम पूरे देश में लागू हो सकेगा। युवाओं के लिए कितना बड़ा बदलाव होगा? अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 21 से 24 वर्ष की आयु के लाखों युवाओं को पहली बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राजनीतिक दलों में युवा नेतृत्व को बढ़ावा मिल सकता है। नई पीढ़ी के लोग अपने विचार सीधे लोकतांत्रिक मंच पर रख सकेंगे और नीति निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। क्या इस प्रस्ताव पर सभी सहमत हैं? इस पहल को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। एक पक्ष का मानना है कि युवाओं को कम उम्र में राजनीति में आने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि वे नई सोच और ऊर्जा लेकर आते हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जनप्रतिनिधि बनने के लिए अनुभव भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी होगी। अब आगे क्या होगा? सबसे पहले तेलंगाना विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद यह केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि केंद्र इस पर सकारात्मक रुख अपनाता है, तो संसद में संबंधित कानूनों में संशोधन का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल यह प्रस्ताव देशभर में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छेड़ चुका है। आने वाले समय में केंद्र सरकार का फैसला तय करेगा कि क्या 21 साल की उम्र में चुनाव लड़ने का सपना देश के लाखों युवाओं के लिए हकीकत बन पाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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