आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

गुना में 3.74 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी का मामला, DPM भोपाल अटैच

गुना में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में सामने आई 3.74 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी के मामले में अब जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) पर भी कार्रवाई हुई है। राज्य आजीविका मिशन के CEO ने DPM सोनू सुशीला यादव को भोपाल अटैच कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, गुना में चल रही जांच पूरी होने तक DPM को जिला मुख्यालय से हटाया गया है। मामले में वित्तीय रिकॉर्ड, पोर्टल पर दर्ज जानकारी और बैंक खातों की जांच की जा रही है। LOKOS पोर्टल के आंकड़ों से सामने आई गड़बड़ी मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में स्व-सहायता समूह और उनके सामुदायिक संगठन बनाए गए हैं। इन समूहों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी भारत सरकार के LOKOS पोर्टल पर दर्ज की जाती है। पोर्टल पर समूहों को मिली राशि, भुगतान की तारीख और अन्य वित्तीय जानकारी का रिकॉर्ड रहता है। इसी रिकॉर्ड का मिशन की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (FDM) से मिलान किया गया था। 90.25 लाख रुपए की राशि पर उठे सवाल मई में FDM और LOKOS पोर्टल के आंकड़ों के मिलान के दौरान प्रतिज्ञा सीएलएफ, विकासखंड गुना से संबंधित करीब 90.25 लाख रुपए की राशि में अंतर सामने आया। FDM पोर्टल पर यह राशि दिखाई दे रही थी, लेकिन बैंक रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट की जांच में इतनी राशि की वास्तविक प्राप्ति नहीं मिली। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू की गई। जिला और राज्य स्तर पर जांच जारी मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत CEO ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम को वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मामले की शिकायत राज्य स्तर पर भी की गई, जिसके आधार पर राज्य की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल वित्तीय अभिलेखों, पोर्टल पर की गई प्रविष्टियों और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक DPM भोपाल अटैच मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य आजीविका मिशन के CEO ने DPM सोनू सुशीला यादव को जांच पूरी होने तक भोपाल अटैच कर दिया है। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पोर्टल पर दर्ज राशि और बैंक खातों में वास्तविक लेन-देन के बीच अंतर कैसे आया और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता हुई। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
Read more

मध्यप्रदेश की जेलों में अब बंदियों की होगी साइको-सोशल काउंसलिंग, भोपाल सेंट्रल जेल में खुलेगा पहला सेंटर

मध्यप्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार में सुधार के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। अब बंदियों को केवल सजा काटने तक सीमित रखने के बजाय उनके मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए जेल विभाग की ओर से भोपाल केंद्रीय जेल में पहला साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके परिणामों के आधार पर इस व्यवस्था को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जेल विभाग और RRU के बीच हुआ MOU इस पहल के लिए मध्यप्रदेश जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर, गुजरात के बीच साइको-सोशल काउंसलिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू हुआ है। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर की पहल पर जेल मुख्यालय में हुए एमओयू कार्यक्रम में विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा, उप महानिरीक्षक (कल्याण) एमआर पटेल सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। RRU की ओर से डॉ. नूरिन चौधरी, डॉ. गीतेश कुमार सिंह, प्रदीप रूसिया, तनु पी चंदेल और शुभम जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 28 जेल अधिकारी-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर RRU की साइको-सोशल काउंसलिंग योजना का अध्ययन किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को भोपाल बुलाकर 6 से 12 जुलाई तक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश की अलग-अलग जेलों के 28 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें मेल नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मुख्य प्रहरी और प्रहरी शामिल रहे। प्रशिक्षण में मानसिक तनाव से गुजर रहे बंदियों की पहचान करने और उनकी काउंसलिंग करने के तरीके बताए गए। प्रशिक्षण के बाद बंदियों की काउंसलिंग शुरू प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने संबंधित जेलों में जाकर तनावग्रस्त बंदियों की काउंसलिंग की। जेल महानिदेशक ने काउंसलिंग से मिले फीडबैक और परिणामों की समीक्षा की। जेल विभाग के अनुसार, शुरुआती स्तर पर बंदियों के मानसिक सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसके बाद इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए RRU के साथ एमओयू की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। गुजरात में मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे एमओयू के तहत जेल विभाग के चयनित अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर जाकर मास्टर ट्रेनर कोर्स करेंगे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये अधिकारी जेल विभाग में मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगे और प्रदेश की अन्य जेलों के अधिकारियों-कर्मचारियों को साइको-सोशल काउंसलिंग का प्रशिक्षण देंगे। इससे जेलों में मानसिक तनाव से जूझ रहे बंदियों की पहचान, उनकी जरूरतों को समझने और उन्हें जरूरी मनो-सामाजिक सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किया जा सकेगा। भोपाल केंद्रीय जेल से होगी शुरुआत जेल विभाग की इस योजना का पहला चरण केंद्रीय जेल भोपाल से शुरू होगा। यहां साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अनुभव और परिणामों के आधार पर सेंटर और काउंसलिंग व्यवस्था को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जेल विभाग का उद्देश्य बंदियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने, भावनात्मक संतुलन कायम करने और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की दिशा में सहयोग देना है, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।
Read more

बड़वानी में बीईओ को हटाने की मांग पर प्रदर्शन, सेंधवा विधायक को डेढ़ घंटे कार्यालय में रोका

बड़वानी जिले के निवाली में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मनोज मराठे को पद से हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी को पुलिस ने उनके कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक रोककर रखा। विधायक अपने समर्थकों के साथ निवाली में चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा और कार्रवाई का लिखित आदेश नहीं मिलने के बाद वे 300 से अधिक समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। बीईओ को निलंबित करने की मांग जयस की ओर से बीईओ मनोज मराठे को हटाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से निवाली में धरना दिया जा रहा है। बताया गया है कि बीईओ के खिलाफ सेंधवा ग्रामीण थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज है और उन पर एक शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इसी मामले को लेकर विधायक मोंटू सोलंकी भी आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने बीईओ के वित्तीय अधिकार तत्काल वापस लेने और उन्हें निलंबित करने की मांग की। अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन विधायक को कार्यालय में रोके जाने के दौरान सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे ने उनसे चर्चा की। पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई का मौखिक आश्वासन दिया गया, लेकिन विधायक को निलंबन से संबंधित कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ निवाली के लिए रवाना हो गए। विधायक ने प्रशासन पर लगाए संरक्षण के आरोप विधायक मोंटू सोलंकी ने आरोप लगाया कि आपराधिक मामले में आरोपी अधिकारी को शासन और प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बीईओ के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की और आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई तो प्रदर्शन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
Read more

मध्यप्रदेश में IAS अफसरों की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 10 जिला पंचायत CEO समेत नगर निगम आयुक्त बदले

मोहन सरकार ने मध्यप्रदेश में IAS अधिकारियों की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी तबादला आदेश में 2016 से 2024 बैच तक के कई IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस फेरबदल में 10 जिलों के जिला पंचायत CEO बदले गए हैं। इसके अलावा ग्वालियर और सतना नगर निगम के आयुक्तों का भी तबादला किया गया है। तबादला सूची में अधिकारियों को जिला पंचायत CEO, अपर कलेक्टर और SDM के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। कई अधिकारियों को नगर निगमों में आयुक्त और अपर आयुक्त के पद पर भी भेजा गया है। ग्वालियर और सतना नगर निगम आयुक्त बदले 2018 बैच के अभिषेक चौधरी को जिला पंचायत धार के CEO पद से हटाकर नगर पालिक निगम ग्वालियर का आयुक्त बनाया गया है। वहीं ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त संघ प्रिय को जिला पंचायत सिंगरौली का CEO नियुक्त किया गया है। 2019 बैच के डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को जिला पंचायत खंडवा के CEO पद से नगर निगम सतना का आयुक्त बनाया गया है। उन्हें CEO स्मार्ट सिटी सतना का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। 2016 से 2018 बैच के प्रमुख तबादले 2019 से 2021 बैच में भी बदलाव 2019 से 2021 बैच के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से: 2022 बैच के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी 2022 बैच के अधिकारियों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। ईश्वर्य वर्मा को CEO जिला पंचायत खंडवा और आशीष को अपर आयुक्त, नगर निगम इंदौर बनाया गया है। वहीं कार्तिकेय जायसवाल को CEO जिला पंचायत श्योपुर और विशाल धाकड़ को CEO जिला पंचायत टीकमगढ़ की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा: 2024 बैच के सहायक कलेक्टरों को SDM की जिम्मेदारी तबादला आदेश में 2024 बैच के कई सहायक कलेक्टरों को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM की जिम्मेदारी दी गई है। श्रद्धा शुक्ला की भी पदस्थापना आदेश में श्रद्धा शुक्ला (2022) को अपर कलेक्टर, जिला खंडवा के पद पर पदस्थ किया गया है। आदेश में उनके लिए फिलहाल पदस्थापना की प्रतीक्षा और कनिष्ठ वेतनमान से संबंधित उल्लेख भी किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद प्रदेश के कई जिलों में जिला पंचायत, नगरीय प्रशासन और राजस्व स्तर पर अधिकारियों की नई टीम के साथ कामकाज शुरू होगा।
Read more

छिंदवाड़ा में गर्भवती महिला को 8 किमी डोली में ले गए ग्रामीण, अस्पताल में गर्भस्थ शिशु की मौत

छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव ब्लॉक के चीटीपाठा जामुनडोंग टोले में सड़क की बदहाल स्थिति ने एक गर्भवती महिला के परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं। प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को डोली में बैठाकर करीब 8 किलोमीटर तक दुर्गम रास्ते से पैदल पहुंचाया। गांव से बाहर एंबुलेंस मिलने के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि की। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे ICU में भर्ती किया गया है। 8 किलोमीटर तक डोली में लेकर चले ग्रामीण जानकारी के मुताबिक, चीटीपाठा जामुनडोंग निवासी सोनू मलगाम की पत्नी कुस्तरिया को गुरुवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक, टोले तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद सरपंच, परिजनों और ग्रामीणों ने लकड़ी और कपड़े की मदद से डोली तैयार की। महिला को डोली में बैठाकर ग्रामीण पैदल ही गांव से बाहर की ओर निकल पड़े। करीब 8 किलोमीटर का पथरीला और कठिन रास्ता तय करने के बाद महिला को गोप गांव तक पहुंचाया गया। यहां से 108 एंबुलेंस की मदद से उसे दमुआ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि परिजनों के मुताबिक, महिला को अस्पताल पहुंचाने से पहले काफी दूरी तक दुर्गम रास्ते पर डोली के सहारे ले जाना पड़ा। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने गर्भ में ही शिशु की मौत की पुष्टि की। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ICU में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। 125 परिवार, लेकिन पक्की सड़क का इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि चीटीपाठा जामुनडोंग टोले में करीब 125 परिवार रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां लंबे समय से पक्की सड़क सहित कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2016 से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने प्रस्ताव रखे जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पहले भी तीन गर्भवती महिलाओं की मौत समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण हुई है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क बनाने और आपात स्थिति में एंबुलेंस की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
Read more

भोपाल के रेस्टोरेंट-बार में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स और खराब खाद्य सामग्री मिली

भोपाल में नगर निगम की म्युनिसिपल कोर्ट ने शुक्रवार को बंसल वन स्थित रेस्टोरेंट और बार में बड़ी कार्रवाई की। चलित न्यायालय की टीम ने कई प्रतिष्ठानों के किचन और खाद्य सामग्री की जांच की। इस दौरान कुछ जगहों पर एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स मिलीं, जबकि फ्रीज में शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक साथ रखा हुआ पाया गया। टीम ने मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई की। चलित न्यायालय की कार्रवाई दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई और लगभग दो घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने फर्जी कैफे, रोमियो लेन, फ्लाइंग सॉसर, रास्ता, माय बार, आयबरी, कव्वाली और संकल्प रेस्टोरेंट एंड बार सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। किचन में पहुंचकर खुद जांची खाद्य सामग्री मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने रेस्टोरेंट और बार के किचन में जाकर वहां रखी खाद्य सामग्री और ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की स्थिति देखी। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर एक्सपायर कोल्ड्रिंक्स मिलीं। वहीं फ्रीज में वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक साथ रखा गया था। किचन में साफ-सफाई की स्थिति भी जांची गई। नगर निगम की टीम ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की। 30 से ज्यादा वाहनों के काफिले के साथ पहुंची टीम नगर निगम की विशेष टीम 30 से ज्यादा वाहनों के काफिले के साथ बंसल वन पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से रेस्टोरेंट और बार संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान निगम के जोन और वार्ड प्रभारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने एक-एक कर कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए, स्टाफ को लगाई फटकार जांच के दौरान टीम ने भोजन और कोल्ड्रिंक्स के सैंपल भी लिए। किचन में गंदगी और खाद्य सामग्री के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित स्टाफ को फटकार लगाई गई। नगर निगम की ओर से मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई भी की गई। अधिकारियों ने साफ-सफाई और खाद्य सामग्री को निर्धारित मानकों के अनुसार रखने के निर्देश दिए।
Read more

इंदौर में कार की किस्त को लेकर विवाद, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समर्थक के ऑफिस में तोड़फोड़

इंदौर के आजाद नगर इलाके में कार लोन की किस्त को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार युवक किस्त की वसूली के लिए एक ऑफिस पहुंचे और परिवार से विवाद के बाद वहां तोड़फोड़ कर दी। पूरी घटना ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कुछ युवकों को हिरासत में लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। दो किस्तें बाउंस होने पर पहुंचे थे युवक आजाद नगर पुलिस के मुताबिक, पालदा निवासी शिव पाटिल कैटरिंग का काम करते हैं। वे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं और उनके आयोजनों में रसोई व्यवस्था का काम भी करते हैं। पुलिस को दी शिकायत में शिव पाटिल की बेटी संस्कृति ने बताया कि 20 अगस्त को दोपहर करीब 2 से 2:10 बजे के बीच प्रणय, आयुष, सुनील और शशिकांत नाम के चार युवक उनके ऑफिस पहुंचे। युवकों ने खुद को पिरामल फाइनेंस एनबीएफसी की ओर से कार लोन की वसूली के लिए आने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कार नंबर MP09ZX7814 की दो किस्तें बाउंस हो गई हैं और बकाया किस्त की राशि जमा करनी होगी। शिव पाटिल ने युवकों से कहा कि बैंक की गलती के कारण किस्त बाउंस हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि कार बेचकर लोन फोरक्लोज करने की प्रक्रिया चल रही है। बातचीत के बाद बढ़ा विवाद शिकायत के मुताबिक, युवक इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और शिव पाटिल, उनकी बेटी संस्कृति और बेटे यशवंत से विवाद करने लगे। आरोप है कि बातचीत के दौरान युवकों ने परिवार के सदस्यों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की। इसके बाद युवक दोबारा ऑफिस में पहुंचे और वहां गेट, कंप्यूटर सहित अन्य सामान में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद संस्कृति ने पुलिस को सूचना दी। CCTV में कैद हुई तोड़फोड़ सूचना मिलने पर आजाद नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है। फुटेज में ऑफिस के अंदर हुए विवाद और तोड़फोड़ की घटना रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
Read more

सागर में ऑनलाइन बेटिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा, भोपाल से मुख्य आरोपी गिरफ्तार; 2.69 करोड़ कैश जब्त

सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने भोपाल से मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल को गिरफ्तार किया है। उसके घर की तलाशी में 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर मिले। पुलिस ने नोट गिनने की मशीन और कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क टेलीग्राम चैनल और वेबसाइट के जरिए क्रिकेट समेत दूसरे मैचों पर ऑनलाइन बेटिंग कराता था। बेटिंग से आने वाली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने और कैश कराने के लिए करीब 30 फर्जी फर्में बनाई गई थीं। शुरुआती जांच में इन फर्मों से जुड़े खातों में 5.50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन सामने आया है। पति-पत्नी के विवाद और पंचर बनाने वाले की शिकायत से खुला नेटवर्क इस पूरे मामले की शुरुआत एक घरेलू विवाद और बाद में सामने आई एक बैंक खाता शिकायत से हुई। 9 अगस्त को एक महिला ने थाने पहुंचकर अपने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उसने पुलिस को बताया कि पति के पास काफी रुपए हैं और उसके कई लड़कियों से संबंध हैं। पुलिस ने पति को थाने बुलाकर पूछताछ की। इसके कुछ दिन बाद 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में पंचर बनाने वाले रोहित पटेल ने शिकायत की। उसने बताया कि उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उसके नाम पर ग्लैमर इंटरप्राइजेस नाम से फर्म बनाई गई है। इसी फर्म के नाम से फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट भी खोला गया था। पुलिस ने खाते की जांच की तो फरवरी 2026 से अब तक करीब 90 लाख रुपए का लेन-देन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने फर्म और उससे जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू की। 5 से 7 हजार रुपए देकर लिए जाते थे दस्तावेज जांच के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में फर्जी फर्मों और बैंक खातों के नेटवर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को 5 से 7 हजार रुपए कमीशन देने का लालच देकर उनके दस्तावेज लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग नामों से फर्म बनाई गईं और बैंक में करंट अकाउंट खुलवाए गए। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग से आने वाली रकम के लेन-देन और उसे कैश कराने के लिए किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि सागर और बुंदेलखंड के दूसरे इलाकों में भी कई लोगों के दस्तावेज इस नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए हैं। टेलीग्राम चैनल से 100 से 150 लोगों को खिलाते थे बेटिंग पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल ने 2019-20 में भोपाल के एक कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान ऑनलाइन गेमिंग शुरू की थी। बाद में उसने ऑनलाइन बेटिंग के कारोबार में कदम रखा। शुरुआत में वह ऑनलाइन सट्‌टे की टिप देता था। इसके बाद उसने दो ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट के एडमिन राइट्स लिए और टेलीग्राम चैनल बनाया। पुलिस के मुताबिक, इस चैनल के जरिए एक समय में 100 से 150 लोगों को ऑनलाइन बेटिंग कराई जाती थी। आरोपी मुख्य रूप से क्रिकेट मैचों और आईपीएल पर बेटिंग कराते थे। पुलिस के अनुसार, अमित विश्वकर्मा वेबसाइट के जरिए इस नेटवर्क में उसकी मदद करता था। बैंक से ऑनलाइन रकम, बदले में लेते थे कैश पुलिस की जांच में सामने आया कि बेटिंग से आने वाली रकम को कैश कराने के लिए भी अलग नेटवर्क बनाया गया था। अंडा कारोबारियों के बैंक खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की जाती थी और बदले में उनसे नकद पैसा लिया जाता था। पुलिस को इस रकम को रियल एस्टेट में लगाने के संकेत भी मिले हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितनी रकम अलग-अलग कारोबारों में लगाई गई। 30 फर्जी फर्मों का सामने आया नेटवर्क जांच में करीब 30 फर्जी फर्मों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें बिल्डिंग मटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेडिंग, टूर एंड ट्रैवल्स और खाद्य कारोबार जैसे अलग-अलग कामों के नाम पर फर्म बनाई गई थीं। इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों की शुरुआती जांच में 5.50 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन सामने आया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन फर्मों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते खुलवाने में दस्तावेजों का सत्यापन किस तरह किया गया। घर में मिले नोटों से भरे बैग सागर पुलिस ने भोपाल पुलिस की मदद से ऋषभ पटेल के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एक कमरे में नोटों से भरे कई बैग मिले। वहीं नोट गिनने की मशीन भी रखी हुई थी। पुलिस ने मौके से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर जब्त किए। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में जेवर ऑनलाइन बेटिंग से हुई कमाई से खरीदे जाने की बात सामने आई है। 6 आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी पुलिस ने अब तक धर्मेंद्र नाहर, सोनू दांगी, अमित विश्वकर्मा, विपिन गिरि, स्वर्णेंद्र पांडे और ऋषभ पटेल को गिरफ्तार किया है। वहीं सरमन उर्फ शुभम अहिरवार और ऋषिकेशव चौहान की तलाश की जा रही है। एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, अमित विश्वकर्मा और ऋषभ पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच में छत्तीसगढ़ में भी नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस अब फर्जी फर्मों, बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के पूरे लेन-देन का पता लगाने में जुटी है।
Read more

इंदौर में सड़क की बदहाली पर पार्षद का अनोखा प्रदर्शन, कीचड़ में बैठकर दिया धरना

इंदौर के वार्ड 75 के भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र में सड़क की बदहाली को लेकर पार्षद और रहवासियों ने नगर निगम के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने से नाराज पार्षद कुणाल सोलंकी रहवासियों के साथ सड़क पर जमा कीचड़ में बैठ गए और धरना दिया। उन्होंने जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की। रहवासियों के मुताबिक, यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है। बारिश होते ही सड़क पर पानी, कीचड़ और गड्ढों की स्थिति बन जाती है। इससे पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। चार साल से अधूरा पड़ा है सड़क निर्माण पार्षद कुणाल सोलंकी ने कहा कि जब तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई की मांग की है। सोलंकी के मुताबिक, सड़क निर्माण का काम करीब चार साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं किया गया। यह सड़क वार्ड 75 और 77 के बीच आती है। अधूरे निर्माण के कारण आसपास रहने वाले लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में बढ़ जाती है परेशानी बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ जमा होने से वाहन चालकों के लिए रास्ता मुश्किल हो जाता है। पैदल राहगीरों को भी आवाजाही में परेशानी होती है। रहवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। वहीं, पार्षद ने भी चेतावनी दी है कि मांग पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
Read more

ड्यूटी के दौरान SSB जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारी, मौत; सुसाइड नोट की जांच जारी

भोपाल के कमला नगर थाना क्षेत्र स्थित सीएसडी कैंप डिपो में ड्यूटी के दौरान SSB के 35 वर्षीय जवान संदीप खरमटे की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुबह 4 बजे पत्नी को मिली सूचना मृतक की पत्नी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 4 बजे विभाग की ओर से उन्हें संदीप की मौत की जानकारी दी गई। पत्नी ने बताया कि संदीप से उनकी आखिरी बातचीत मंगलवार रात करीब 10 बजे हुई थी। उस समय उन्होंने बताया था कि वे ड्यूटी पर हैं। इसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। मराठी में मिला सुसाइड नोट पुलिस को घटनास्थल से संदीप के पास मराठी भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। इसे अनुवाद के लिए भेजा गया है। कमला नगर थाना प्रभारी निरूपा पांडे के मुताबिक, नोट में अभी तक जो बातें सामने आई हैं, उनमें संदीप ने पत्नी से माफी मांगी है और निजी कारणों का जिक्र किया है। हालांकि, आत्महत्या की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। साथियों और अधिकारियों से पूछताछ पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट का पूरा अनुवाद सामने आने के बाद मामले से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है। परिजनों के विस्तृत बयान भी लिए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस जवान के साथियों और विभागीय अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। शव को हमीदिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया गया है।
Read more
1 … 9 10 11 12 13 … 80

Trending News

Editor's Picks

रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.