सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने भोपाल से मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल को गिरफ्तार किया है। उसके घर की तलाशी में 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर मिले। पुलिस ने नोट गिनने की मशीन और कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क टेलीग्राम चैनल और वेबसाइट के जरिए क्रिकेट समेत दूसरे मैचों पर ऑनलाइन बेटिंग कराता था। बेटिंग से आने वाली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने और कैश कराने के लिए करीब 30 फर्जी फर्में बनाई गई थीं। शुरुआती जांच में इन फर्मों से जुड़े खातों में 5.50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन सामने आया है।
पति-पत्नी के विवाद और पंचर बनाने वाले की शिकायत से खुला नेटवर्क
इस पूरे मामले की शुरुआत एक घरेलू विवाद और बाद में सामने आई एक बैंक खाता शिकायत से हुई।
9 अगस्त को एक महिला ने थाने पहुंचकर अपने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उसने पुलिस को बताया कि पति के पास काफी रुपए हैं और उसके कई लड़कियों से संबंध हैं। पुलिस ने पति को थाने बुलाकर पूछताछ की।
इसके कुछ दिन बाद 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में पंचर बनाने वाले रोहित पटेल ने शिकायत की। उसने बताया कि उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उसके नाम पर ग्लैमर इंटरप्राइजेस नाम से फर्म बनाई गई है। इसी फर्म के नाम से फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट भी खोला गया था।
पुलिस ने खाते की जांच की तो फरवरी 2026 से अब तक करीब 90 लाख रुपए का लेन-देन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने फर्म और उससे जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू की।
5 से 7 हजार रुपए देकर लिए जाते थे दस्तावेज
जांच के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में फर्जी फर्मों और बैंक खातों के नेटवर्क की जानकारी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को 5 से 7 हजार रुपए कमीशन देने का लालच देकर उनके दस्तावेज लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग नामों से फर्म बनाई गईं और बैंक में करंट अकाउंट खुलवाए गए।
इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग से आने वाली रकम के लेन-देन और उसे कैश कराने के लिए किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि सागर और बुंदेलखंड के दूसरे इलाकों में भी कई लोगों के दस्तावेज इस नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए हैं।
टेलीग्राम चैनल से 100 से 150 लोगों को खिलाते थे बेटिंग
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल ने 2019-20 में भोपाल के एक कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान ऑनलाइन गेमिंग शुरू की थी। बाद में उसने ऑनलाइन बेटिंग के कारोबार में कदम रखा।
शुरुआत में वह ऑनलाइन सट्टे की टिप देता था। इसके बाद उसने दो ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट के एडमिन राइट्स लिए और टेलीग्राम चैनल बनाया। पुलिस के मुताबिक, इस चैनल के जरिए एक समय में 100 से 150 लोगों को ऑनलाइन बेटिंग कराई जाती थी।
आरोपी मुख्य रूप से क्रिकेट मैचों और आईपीएल पर बेटिंग कराते थे। पुलिस के अनुसार, अमित विश्वकर्मा वेबसाइट के जरिए इस नेटवर्क में उसकी मदद करता था।
बैंक से ऑनलाइन रकम, बदले में लेते थे कैश
पुलिस की जांच में सामने आया कि बेटिंग से आने वाली रकम को कैश कराने के लिए भी अलग नेटवर्क बनाया गया था। अंडा कारोबारियों के बैंक खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की जाती थी और बदले में उनसे नकद पैसा लिया जाता था।
पुलिस को इस रकम को रियल एस्टेट में लगाने के संकेत भी मिले हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितनी रकम अलग-अलग कारोबारों में लगाई गई।
30 फर्जी फर्मों का सामने आया नेटवर्क
जांच में करीब 30 फर्जी फर्मों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें बिल्डिंग मटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेडिंग, टूर एंड ट्रैवल्स और खाद्य कारोबार जैसे अलग-अलग कामों के नाम पर फर्म बनाई गई थीं।
इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों की शुरुआती जांच में 5.50 करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन सामने आया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन फर्मों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते खुलवाने में दस्तावेजों का सत्यापन किस तरह किया गया।

घर में मिले नोटों से भरे बैग
सागर पुलिस ने भोपाल पुलिस की मदद से ऋषभ पटेल के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एक कमरे में नोटों से भरे कई बैग मिले। वहीं नोट गिनने की मशीन भी रखी हुई थी।
पुलिस ने मौके से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर जब्त किए। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में जेवर ऑनलाइन बेटिंग से हुई कमाई से खरीदे जाने की बात सामने आई है।
6 आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने अब तक धर्मेंद्र नाहर, सोनू दांगी, अमित विश्वकर्मा, विपिन गिरि, स्वर्णेंद्र पांडे और ऋषभ पटेल को गिरफ्तार किया है। वहीं सरमन उर्फ शुभम अहिरवार और ऋषिकेशव चौहान की तलाश की जा रही है।
एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, अमित विश्वकर्मा और ऋषभ पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच में छत्तीसगढ़ में भी नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों के बारे में जानकारी मिली है।
पुलिस अब फर्जी फर्मों, बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के पूरे लेन-देन का पता लगाने में जुटी है।


