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इंदौर वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं से मारपीट का वीडियो वायरल, प्रशासन ने आश्रम सील करने की शुरू की कार्रवाई

इंदौर के एक वृद्धाश्रम में रह रही बुजुर्ग महिलाओं के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में करीब 14 वर्षीय एक किशोर डंडे से बुजुर्ग महिलाओं की पिटाई करता दिखाई दे रहा है। घटना शहर के मरीमाता पानी की टंकी के पास स्थित महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम की बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद बाणगंगा थाना पुलिस ने वृद्धाश्रम की संचालिका को थाने बुलाकर पूछताछ की। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के तहत उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया है। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आ गया। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने वृद्धाश्रम पहुंचकर निरीक्षण किया। प्रशासन ने बताया कि आश्रम में रह रहे 30 बुजुर्गों में से जो स्वस्थ हैं, उन्हें गांधी नगर स्थित निराश्रित आश्रम और गणेश वृद्धाश्रम में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहीं जिन बुजुर्गों की तबीयत खराब है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा जाएगा। प्रशासन ने वृद्धाश्रम को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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भोपाल में किसानों काप्रदर्शनदूसरे दिन भी जारी, CM हाउस कूच की तैयारी; स्कूलों की छुट्टी, कई रास्ते बंद

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मूंग खरीदी, ई-टोकन सिस्टम और अन्य मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में किसान प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं और मुख्यमंत्री आवास (CM हाउस) की ओर कूच की तैयारी कर रहे हैं। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कई रास्तों पर बैरिकेडिंग, लोगों को हो रही परेशानी किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए हैं। इसका असर होशंगाबाद रोड और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां लोगों को लंबा जाम और यातायात की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों में छुट्टी घोषित स्थिति को देखते हुए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड पर स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रदर्शन स्थल पर डटे किसान प्रदर्शन स्थल पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। रातभर धरने पर बैठे कई किसान जहां जगह मिली, वहीं आराम करते नजर आए। वहीं कुछ किसान दोपहर के भोजन के लिए दाल-बाटी बनाते दिखाई दिए। इससे आंदोलन स्थल पर एकजुटता और सामूहिक सहयोग का माहौल देखने को मिला। नेताओं को दिया साथ बैठकर भोजन का निमंत्रण प्रदर्शन कर रहे किसानों ने विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक नेताओं से धरना स्थल पर पहुंचकर उनके साथ भोजन करने और उनकी समस्याएं सुनने की अपील की है। आंदोलन में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। कई महिलाएं पोस्टरों पर नारे लिखकर किसानों की मांगों का समर्थन कर रही हैं।
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सागर में हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में किया था चाकू से हमला

सागर जिले के गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कई दिनों से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह पुलिस के मुताबिक, विवेकानंद वार्ड निवासी 35 वर्षीय हल्ले पिता मुन्नालाल पटेल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते भरत पटेल ने जान से मारने की नीयत से उनके पेट में चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में हल्ले गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। फरार आरोपी की तलाश में जुटी थी पुलिस घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने विशेष टीम बनाई और संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश शुरू की। आरोपी तक पहुंचने के लिए मुखबिर तंत्र की भी मदद ली गई। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी और भरत पिता नन्हेभाई पटेल (25), निवासी ग्राम मढ़िया खुर्द को गिरफ्तार कर लिया। निशानदेही पर बरामद हुआ चाकू गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू के बारे में जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चाकू बरामद कर जब्त कर लिया, जिसे मामले में अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। कोर्ट ने भेजा जेल गढ़ाकोटा थाना प्रभारी गौरव सिंह तिवारी ने बताया कि हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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मध्यप्रदेश में बिजली बिल फिर हुआ महंगा, 2 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं पर बढ़ा सरचार्ज का बोझ

मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। बिजली कंपनियों ने फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FCPPA) सरचार्ज बढ़ा दिया है। इसके बाद अब प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को हर महीने पहले से ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा। बिजली कंपनियों का कहना है कि ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लिया गया है। इसका असर जल्द जारी होने वाले बिजली बिलों में दिखाई देगा। यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 200 से 300 यूनिट है, तो उसे करीब 35 से 87 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। FCPPA सरचार्ज 1.11% से बढ़कर 3.77% हुआ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के अनुसार, FCPPA सरचार्ज को 1.11 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.77 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी पिछले महीने की तुलना में उपभोक्ताओं पर 2.66 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज लगाया जाएगा। यह सरचार्ज बिजली बिल के एनर्जी चार्ज पर लागू होगा। कंपनी ने जारी आदेश में बताया कि जुलाई 2026 के लिए यह सरचार्ज 24 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है। यह निर्णय टैरिफ रेगुलेशन-2021 और उसके संशोधित प्रावधानों के तहत लिया गया है। सरचार्ज से जुड़ी पूरी जानकारी कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई है। कम बारिश से बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव प्रदेश में सामान्य से कम बारिश का असर अब बिजली उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है। जलाशयों में पानी कम होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय 6 से 8 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। जबलपुर और आसपास के कई जिलों से भी रुक-रुक कर बिजली जाने की शिकायतें सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलविद्युत परियोजनाओं में उत्पादन घटने के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन गया है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। एक साल में 37% बढ़ी बिजली की मांग बिजली कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। 27 जुलाई 2025 को अधिकतम बिजली मांग 10,024 मेगावाट थी, जो 27 जुलाई 2026 को बढ़कर 13,757 मेगावाट पहुंच गई। यानी सिर्फ एक साल में बिजली की मांग में करीब 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 15 जिलों में कम बारिश का असर ऊर्जा विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश के करीब 15 जिलों में सामान्य से लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जैसे जिलों में कम बारिश के कारण बरगी, बाणसागर, इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर जैसी जलविद्युत परियोजनाओं में पानी की आवक घटी है। इससे बिजली उत्पादन सीमित करना पड़ रहा है और पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।
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इंदौर नगर निगम 103.42 करोड़ फर्जी बिल घोटाला: ED ने 32 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पेश की चार्जशीट

इंदौर। इंदौर नगर निगम के 103.42 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 आरोपियों के खिलाफ विशेष PMLA कोर्ट में 20 हजार से अधिक पन्नों का अभियोजन शिकायत पत्र (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल किया है। आरोपियों में ठेकेदार, नगर निगम के अधिकारी, लोकल फंड ऑडिट, रेजिडेंट ऑडिट कार्यालय के अधिकारी और कुछ निजी व्यक्ति शामिल हैं। फर्जी दस्तावेजों से सरकारी खजाने को 103.42 करोड़ का नुकसान ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी वर्क ऑर्डर, जाली बिल, फर्जी मापन पुस्तिकाओं (MB), झूठे पूर्णता प्रमाणपत्र और छेड़छाड़ की गई नोटशीट के जरिए 103.42 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया। जांच के अनुसार कई ऐसे कार्यों का भी भुगतान कर दिया गया, जो कभी हुए ही नहीं या पहले ही पूरे हो चुके थे। 59.18 करोड़ की संपत्ति अटैच और फ्रीज ईडी अब तक इस मामले में 59.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी है। एजेंसी ने पीएमएलए के तहत दो अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर 37.14 करोड़ रुपये मूल्य की 52 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित व्यावसायिक भवन, मकान, भूखंड और कृषि भूमि शामिल हैं। 20 ठिकानों पर छापेमारी, मिले अहम सबूत ईडी ने 5 और 6 अगस्त 2024 को इंदौर सहित 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 22.04 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक खातों की राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), डीमैट होल्डिंग्स और म्यूचुअल फंड फ्रीज या जब्त किए गए। साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए। नकद निकालकर खरीदी गई संपत्तियां जांच में सामने आया कि घोटाले से निकाली गई राशि पहले नकद निकाली गई, फिर अलग-अलग लाभार्थियों में बांटी गई। इसके बाद फर्जी व्यावसायिक लेनदेन के जरिए धन को अन्य संस्थाओं में ट्रांसफर किया गया और चल-अचल संपत्तियां खरीदकर अपराध से अर्जित रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई। मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार ईडी ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड अभय सिंह राठौर सहित मोहम्मद जाकिर और राहुल बडेरा को पीएमएलए की धारा-19 के तहत गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि तीनों ने घोटाले की साजिश रची और मनी लॉन्ड्रिंग में अहम भूमिका निभाई। कोर्ट ने जारी किए समन ईडी ने विशेष पीएमएलए कोर्ट से अटैच, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों को जब्त (Confiscate) करने की मांग भी की है। अदालत ने सभी 32 आरोपियों को नोटिस/समन जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित कर दी है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंदौर जिला न्यायालय में फर्जी वकील पकड़ा गया, आठवीं पास युवक वकीलों की ड्रेस पहनकर घूम रहा था

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिला न्यायालय परिसर में सोमवार को एक फर्जी वकील पकड़ा गया। युवक वकीलों की वेशभूषा पहनकर कोर्ट परिसर में घूम रहा था। संदेह होने पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उससे पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वह न तो वकील है और न ही कानून का छात्र। उसकी शैक्षणिक योग्यता केवल आठवीं पास निकली। दस्तावेज मांगने पर खुली पोल बार एसोसिएशन के अनुसार, सोमवार को कार्यकारिणी सदस्य न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान कोर्ट रूम नंबर 45 के बाहर एक युवक वकीलों की ड्रेस में दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपना नाम धर्मेंद्र पिता रमेश राठौर बताया और कहा कि वह एक अधिवक्ता के कार्यालय से जुड़ा हुआ है। जब उससे एलएलबी की डिग्री और बार काउंसिल से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि उसने कानून की पढ़ाई नहीं की है और वह केवल आठवीं कक्षा तक शिक्षित है। सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी मिले सबूत बार एसोसिएशन ने युवक की फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की भी जांच की। जांच में वह कई तस्वीरों में वकीलों की वेशभूषा में नजर आया। इसके बाद इंदौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाल और सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने आरोपी को एमजी रोड थाना पुलिस के हवाले कर दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई। फर्जी वकीलों के खिलाफ विशेष अभियान एमजी रोड थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बार एसोसिएशन के सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में फर्जी वकीलों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी एक महिला को फर्जी वकील के रूप में पकड़ा गया था, जिसके खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस मामले की जांच अभी जारी है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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ग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीज

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को वैध बनाने का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने सराफा बाजार स्थित ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा और उसका भुगतान कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए ऑनलाइन किया। बाद में इस लेनदेन के चलते ज्वेलर्स का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर से किया लाखों रुपये का भुगतान पुलिस के मुताबिक, झांसी रोड स्थित माधव नगर निवासी सराफा कारोबारी अजय मंगल का लश्कर सराफा बाजार में ज्वेलरी शोरूम है। बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को अभिषेक परिहार नाम का युवक शोरूम पहुंचा और 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदने का सौदा किया। उसने अग्रिम भुगतान के रूप में 1 लाख रुपये NEFT और 10 हजार रुपये IMPS के माध्यम से जमा कराए। अगले दिन, 5 अप्रैल, वह दोबारा शोरूम पहुंचा और 5 लाख रुपये, 1.41 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर तथा 52,900 रुपये नकद देकर पूरा भुगतान किया। इसके बाद कारोबारी ने जीएसटी का बिल जारी कर सोने का सिक्का उसे सौंप दिया। 20 दिन बाद बैंक खाता हुआ फ्रीज करीब 20 दिन बाद, 24 अप्रैल को ज्वेलर्स का बैंक खाता अचानक होल्ड कर दिया गया। बैंक ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि खाते में आई 5.10 लाख रुपये की राशि को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के निर्देश पर फ्रीज किया गया है। इसके बाद 4 जून को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस का नोटिस मिला। नोटिस में बताया गया कि सोने के सिक्के के भुगतान में इस्तेमाल किए गए 5.10 लाख रुपये, बेंगलुरु के एक कारोबारी से हुई 14 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कथित रूप से ठगी की रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर सोने का सिक्का खरीद लिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की जानकारी मिलने के बाद अजय मंगल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान खरीदारी के समय जमा कराए गए आधार कार्ड से पता चला कि आरोपी अभिषेक परिहार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि शोरूम का सीसीटीवी बैकअप केवल 15 से 20 दिन तक सुरक्षित रहता है, इसलिए घटना के फुटेज उपलब्ध नहीं हो सके। हालांकि आधार कार्ड के विवरण और साइबर ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स चोरी कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना गुना ने दोनों प्रकरणों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: लाखों के जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन संख्या 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) की यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि तड़के करीब 4:15 बजे, जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिरहाने रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में सोने की एक चेन, तीन सोने की अंगूठियां, तीन मोबाइल फोन, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये तथा नकदी का उल्लेख किया गया है। चोरी हुए मोबाइल में वनप्लस 9 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना रेलखंड की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना को स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना: नकदी और मोबाइल लेकर फरार हुए चोर दूसरे मामले में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन संख्या 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले में पहले ग्वालियर जीआरपी में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए जीआरपी थाना गुना भेज दिया गया। जीआरपी ने शुरू की जांच जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, गुना और रेलवे से जुड़ी ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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जबलपुर में साले ने जीजा को मारा चाकू:पीठ में जाकर धंसा, अस्पताल पहुंचा घायल;डॉक्टर ने ऑपरेशन कर निकाला बाहर, आरोपी फरार

शहर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। 28 वर्षीय युवक पर उसके ही सगे साले ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। चाकू युवक की पीठ में धंस गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीठ में धंसे चाकू के साथ घायल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने चाकू निकालकर उसकी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। रास्ते में रोका, फिर चाकू से किया हमला लॉर्डगंज थाना क्षेत्र के यादव कॉलोनी से आगे कछपुरा ओवरब्रिज के पास गुरुवार रात शिवनगर निवासी संतोष ठाकुर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनके सगे साले पीयूष ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों के बीच पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई। विवाद बढ़ने पर पीयूष ने चाकू निकालकर संतोष की पीठ पर वार कर दिया। हमला इतना जोरदार था कि चाकू पीठ में ही फंस गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया घटना के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। लॉर्डगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो संतोष गंभीर रूप से घायल थे और उनकी पीठ में चाकू धंसा हुआ था। लगातार खून बह रहा था। पुलिस ने बिना देर किए घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर चाकू निकाल दिया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल घायल की हालत खतरे से बाहर है। परिवारिक विवाद बनी वजह पुलिस के मुताबिक संतोष ठाकुर शिवनगर के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसी पारिवारिक विवाद को लेकर साले और जीजा के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पीयूष ने हमला कर दिया। आरोपी की तलाश जारी लॉर्डगंज थाना पुलिस ने घायल की शिकायत पर आरोपी पीयूष के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी की तलाश कर रही है। जबलपुर में एक 28 वर्षीय युवक को उसके ही सगे साले ने चाकू से हमला कर गंभीर घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तो मौके से फरार हो गया, पर घायल ने हिम्मत नहीं हारी और पीठ में फंसे चाकू के साथ थाने पहुंचा, जिसे पुलिस फौरन इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आई, जहां आपरेशन के बाद उसके शरीर से डाक्टरों की टीम ने चाकू निकालकर उसकी जान बचाई। इधर पुलिस ने घायल की शिकायत पर हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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गुना में खिलौना व्यापारी के बेटे का 12 घंटे में रेस्क्यू, अपहरण के दो आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के गुना में खिलौना व्यापारी के बेटे के अपहरण के मामले में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर युवक को सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। उधारी के बहाने बुलाकर किया अपहरण पुलिस के अनुसार महालक्ष्मी नगर निवासी वीर सिंह रजक ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका 24 वर्षीय बेटा नीतेश रजक खिलौनों का कारोबार करता है और राजस्थान के धौलपुर स्थित एक फैक्ट्री से माल मंगाता था। इसी सिलसिले में उसका धौलपुर निवासी शिवम शर्मा से पैसों का लेनदेन था। आरोप है कि 20 जुलाई की रात शिवम शर्मा ने उधारी का हिसाब चुकाने के बहाने नीतेश को जयस्तंभ चौराहे पर बुलाया। वहां शिवम और उसके साथी ने उसे जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया। एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया। कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से तलाश शुरू की। सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने 21 जुलाई की रात ही कार्रवाई कर नीतेश रजक को सकुशल बरामद कर लिया। दो आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धौलपुर (राजस्थान) निवासी शिवम शर्मा (28) और गंजबासौदा (विदिशा) निवासी यशवंत सिंह दांगी (35) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार (एमपी-07-सीजे-6951) भी जब्त कर ली गई है। पुलिस मामले में आगे की पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा, एएसआई हरिचरण मीना, प्रधान आरक्षक दिलीप सेन तथा आरक्षक अजय सिकरवार और हाकिम सिंह की अहम भूमिका रही।
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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