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कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी ड्रग सप्लाई केस में गिरफ्तार, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध

इंदौर। इंदौर पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को ड्रग सप्लाई से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक कथित ड्रग सप्लायर से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरुवार दोपहर गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई। नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें लगभग सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जमीन विवाद मामले में भी दर्ज हुई थी एफआईआर वर्ष 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। महिला से छेड़छाड़ का मामला भी रहा चर्चा में नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचे, जबरन घर में घुसे और हथियारों से लैस थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि नाना पटवारी ने उनका हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था। खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर की रहने वाली 37 वर्षीय खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि उस समय पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। वर्ष 2025 में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन और हाई प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े संभावित संबंधों की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खुशी कूलवाल किन लोगों के संपर्क में थीं और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों में किसकी क्या भूमिका रही। कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि खरीद मामले को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी, जिसके बाद सरकार ने दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई कराई है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी को जांच के आधार पर की गई कानूनी कार्रवाई बताया है। अधिक जानकारी और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Cooperation Week

Cooperation Week 2026: एमपीसीडीएफ में सहकारिता सप्ताह का समापन

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा आयोजित सहकारिता सप्ताह (Cooperation Week 2026) का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। पूरे सप्ताह चले इस आयोजन में कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि पूरे कार्यक्रम का केंद्र सहकारिता की भावना और सामूहिक विकास का संदेश रहा। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सहकारिता की असली ताकत लोगों के आपसी विश्वास, सहभागिता और साझा जिम्मेदारी में छिपी है। यही भावना दुग्ध उत्पादकों और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे मजबूत माध्यम बनती है। पूरे सप्ताह हुए कई रचनात्मक आयोजन सहकारिता सप्ताह के दौरान कर्मचारियों में जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें पौधरोपण अभियान, ई-चौपाल, सहकारिता विषयक सेमिनार, क्विज प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम शामिल रहे। इन आयोजनों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सहकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना भी था। ‘मामूलीराम’ फिल्म से मिली प्रेरणा कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण भारत की श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मामूलीराम’ का प्रदर्शन रहा। फिल्म के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि किस तरह डॉ. कुरियन के नेतृत्व ने देश में दुग्ध सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी और लाखों किसानों के जीवन में बदलाव लाया। फिल्म देखने के बाद कई प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायक अनुभव बताया। एमपीसीडीएफ की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा समापन समारोह में एमपीसीडीएफ ने बीते एक वर्ष के दौरान हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। इस दौरान दुग्ध संकलन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, प्रसंस्करण क्षमता मजबूत करने, अधोसंरचना विकास और दुग्ध उत्पादकों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने जैसे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही आने वाले समय में सहकारी दुग्ध व्यवस्था को और मजबूत बनाने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने साझा किए अपने अनुभव ग्रुप हेड-प्लांट ऑपरेशंस डी.के. पांडे ने कहा कि किसी भी सहकारी संस्था की सफलता उसके बेहतर संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और टीमवर्क पर निर्भर करती है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। वहीं ग्रुप हेड-एमएनपी असीम निगम ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ सहकारी संस्थाओं को भी नवाचार और आधुनिक सोच को अपनाना होगा। बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। विजेताओं को मिला सम्मान सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया। कार्यक्रम का संचालन मिलन मिश्रा ने किया। इस अवसर पर एमपीसीडीएफ के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे। समारोह का समापन सहकारिता की भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
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Mohan Yadav

MP UCC मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है Uniform Civil Code, CM Mohan Yadav का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश में Uniform Civil Code (UCC) को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा है कि राज्य सरकार इसी महीने UCC को लेकर महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। उनका कहना है कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश के औद्योगिक विकास का भी बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के विकसित होने से करीब 15 हजार युवाओं को रोजगार (Jobs) मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना निवेश और रोजगार दोनों के लिहाज से प्रदेश के लिए अहम साबित होगी। Uniform Civil Code को लेकर क्या बोले CM मोहन यादव? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि संविधान की मूल भावना सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर देने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार Uniform Civil Code को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिए कि जुलाई के दौरान UCC को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख या विस्तृत मसौदा सार्वजनिक नहीं किया गया है। सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून पर जोर मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून लागू करना है जो धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करे। सरकार का मानना है कि इससे न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को और मजबूती मिलेगी। सतगढ़ी Industrial Park से मिलेंगे 15 हजार रोजगार मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद करीब 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का कहना है कि नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे और मध्यम उद्योगों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस राज्य सरकार लगातार नए निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे और मध्य प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करेंगे। UCC को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश में Uniform Civil Code को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार के अगले कदम और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है। क्या है इस घोषणा का महत्व? एक तरफ सरकार Uniform Civil Code लागू करने की तैयारी का संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के जरिए रोजगार बढ़ाने की योजना पर भी जोर दे रही है। यदि दोनों योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो इसका असर प्रदेश की कानूनी व्यवस्था, निवेश और रोजगार—तीनों क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: महाराष्ट्र से गुजरात तक बारिश का कहर, 19 लोगों का Rescue; भिवंडी में दुकानें बंद

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही बारिश (Heavy Rain) का कहर भी देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं सड़कों पर तीन फीट तक पानी भर गया है, तो कहीं बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। भिवंडी में तीन फीट पानी, बाजार और दुकानें बंद महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। जलभराव की वजह से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई व्यापारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपनी दुकानें बंद रखीं। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी के लिए मशीनें लगाई हैं और नागरिकों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, 19 लोगों का रेस्क्यू गुजरात के कई जिलों में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूट गया। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। उज्जैन में तेज बहाव में बहा युवक मध्य प्रदेश के उज्जैन में भारी बारिश के बीच एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू कर दी गई। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले और पुलों के आसपास जाने से बचें। जम्मू-कश्मीर में Landslide से सड़कें बंद जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ। पहाड़ों से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण कई अहम सड़कें बंद करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं। मौसम सामान्य होने तक लोगों को पहाड़ी मार्गों पर यात्रा टालने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत कार्य लगातार जारी बारिश से प्रभावित इलाकों में प्रशासन, SDRF और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार राहत कार्य चला रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बंद सड़कों को दोबारा चालू करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। फिलहाल मौसम का मिजाज जल्द बदलने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गुना में घरवालों के सोते समय लाखों की चोरी, बेड के पास टंगी लाइसेंसी बंदूकें छोड़ नकदी-जेवर ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में चोरी की एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। परिवार के लोग पूरी रात घर में सोते रहे और चोर लाखों रुपए की नकदी व सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। खास बात यह रही कि बेड के पास टंगी दो लाइसेंसी बंदूकें अपनी जगह पर ही रहीं, जबकि बदमाश घर का कीमती सामान समेटकर निकल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। सुबह खुला चोरी का राज आरोन थाना क्षेत्र के रायपुर कलां निवासी राकेश धाकड़ ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उनकी बहू नीरज धाकड़ ने छत पर रखा संदूक खुला देखा। उसमें सामान बिखरा हुआ था और अलमारी की चाबी गायब थी। जब परिवार नीचे कमरे में पहुंचा तो अलमारी के लॉकर में वही चाबी लगी मिली। जांच करने पर पता चला कि अलमारी से नकदी और जेवरात गायब हैं। दो लाख नकद और लाखों के जेवर चोरी परिवार के अनुसार, चोर अलमारी से करीब दो लाख रुपए नकद, करीब छह तोला सोना और 200 ग्राम चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान में सोने की चार चूड़ियां, मंगलसूत्र, चैन, झुमकी तथा चांदी की पायल और बिछिया शामिल हैं। घर के पास मिला सामान भी निकला चोरी का राकेश धाकड़ ने बताया कि सुबह खेत जाते समय घर के पास तिराहे पर घी से भरा एक स्टील का डिब्बा और कुछ सिक्के पड़े मिले थे। उन्होंने उस समय इसे सामान्य बात समझकर ध्यान नहीं दिया। बाद में पत्नी ने बताया कि वह डिब्बा और सिक्के भी उनके घर के ही थे, जिन्हें चोर अपने साथ ले जाकर रास्ते में फेंक गए थे। पुलिस कर रही जांच आरोन पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। साथ ही आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर BMC में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता का आरोप, BJP नेता पर FIR; विरोध में डॉक्टरों का चक्काजाम

मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी की, बैड टच किया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। घटना के विरोध में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर अस्पताल के मुख्य गेट पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रात 2 बजे मरीज के इलाज के दौरान हुआ विवाद पीड़ित महिला स्टाफ के अनुसार, गुरुवार रात करीब 2 बजे लक्ष्मी तिवारी नाम की मरीज को इलाज के लिए बीएमसी लाया गया था। मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही इलाज को लेकर लगातार फोन किए जा रहे थे। इलाज के दौरान मरीज के साथ आए लोगों ने अस्पताल स्टाफ से कथित रूप से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। महिला स्टाफ का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया। एक व्यक्ति ने बैड टच किया और अस्पताल के बाहर गोली मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि धमकी देने वाला व्यक्ति अनिल श्रीवास्तव था। ‘पुलिस आई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई’ महिला कर्मचारियों का कहना है कि घटना की जानकारी रात में ही पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को दे दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सुरक्षा कर्मी मरीज और उसके साथ आए लोगों को अस्पताल से बाहर भेज चुके थे। आरोप है कि पुलिस बिना कार्रवाई किए लौट गई। स्टाफ का कहना है कि यदि अस्पताल में ही डॉक्टर और नर्स सुरक्षित नहीं रहेंगे तो मरीजों की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था भी प्रभावित होगी। JDA ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) मध्य प्रदेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। JDA ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें BJP नेता ने आरोपों से किया इनकार भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे केवल अपने गांव के एक मरीज को देखने अस्पताल गए थे और समय पर इलाज करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी डॉक्टर या महिला कर्मचारी से अभद्रता नहीं की। यदि वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी जांच कराई जाए, जिससे पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस ने दर्ज किया मामला एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ से अभद्रता की शिकायत मिलने के बाद अनिल श्रीवास्तव और लक्ष्मी तिवारी के खिलाफ गोपालगंज थाने में छेड़छाड़ सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में बरसाती नाले पर बने चार रास्तों पर चला बुलडोजर, जुम्मे की नमाज के दौरान हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

खंडवा शहर में शुक्रवार को नगर निगम और प्रशासन ने बरसाती नाले पर बने चार अवैध रास्तों को हटाने की कार्रवाई की। बुलडोजर की मदद से इन रास्तों को तोड़ा गया। इनमें दो रास्तों पर रहवासियों द्वारा पाइप डालकर मार्ग बनाया गया था, जबकि एक पक्की पुलिया नगर निगम की ओर से बनाई गई थी। कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब बड़ी संख्या में लोग जुम्मे की नमाज में शामिल थे। कार्रवाई पर दोनों समुदायों ने जताई आपत्ति स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई से पहले हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन से शिकायत कर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इन रास्तों का इस्तेमाल रोजमर्रा की आवाजाही के लिए किया जाता था। रहवासियों ने लगाए राजनीतिक कारणों के आरोप स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का दावा है कि यह मामला राजनीति और रियल एस्टेट से जुड़ा हो सकता है। शहर के वीआईपी माने जाने वाले बड़गांव भीला रोड क्षेत्र में कई प्रीमियम कॉलोनियां, मैरिज गार्डन और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय प्रोजेक्ट मौजूद हैं। इसी क्षेत्र के पास फोरलेन बायपास बनने के बाद रियल एस्टेट गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। बच्चों की आवाजाही के लिए बनाए गए थे रास्ते: रहवासी रहवासियों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर बसे खानशाहवली क्षेत्र के लोगों ने आपसी सहयोग से कुछ पुल और रास्ते बनाए थे, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और बाजार तथा सिहाड़ा-मूंदी रोड तक पहुंचने में सुविधा हो सके। उनका दावा है कि इनमें से एक पक्का पुल नगर निगम ने भी बनवाया था, जिसे भी कार्रवाई के दौरान तोड़ दिया गया। ‘नमाज के समय कार्रवाई की गई’ स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान प्रशासन ने पांच जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक लोग नमाज से लौटकर मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते पूरी तरह तोड़े जा चुके थे और वहां केवल मलबा बचा था। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ, अब ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी

ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को खंडवा ब्लॉक के ग्राम बमनगांव आखई में किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता मंत्री विजय शाह ने कहा कि यदि किसी पात्र मजदूर को रोजगार मांगने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों का रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनेगा। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अब पक्के निर्माण कार्य भी होंगे शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। अब केवल कच्चे कार्य ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी इस योजना के तहत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पलायन पर लगेगी रोक मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था। अब 125 दिन रोजगार मिलने से लोगों को अपने गांव में ही काम मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी। महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। वीबी-जीरामजी योजना में भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। महापौर अमृता यादव ने कहा कि योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। जल संरक्षण और पौधारोपण का संदेश कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पंधाना विधायक छाया मोरे ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वीबी-जीरामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
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गुना के महूगढ़ा स्टेशन पर बनेगा गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, माल गोदाम होगा शहर से बाहर शिफ्ट

गुना जिले के महूगढ़ा रेलवे स्टेशन को जल्द ही ‘गति शक्ति कार्गो टर्मिनल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही माल ढुलाई को और सुगम बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नया गुड्स शेड बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गुना शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से माल गोदाम को बाहर शिफ्ट करने की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद है। रेलवे ने पूरी की टेंडर प्रक्रिया केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने गुना की विभिन्न संस्थाओं ने रेलवे से जुड़ी कई समस्याएं उठाई थीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग शहर के बीच स्थित माल गोदाम को स्थानांतरित करने की थी। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात को देखते हुए यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के उप महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि महूगढ़ा रेलवे स्टेशन की रेलवे भूमि पर कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस टर्मिनल को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा, जिससे माल ढुलाई तेज, आसान और कम खर्चीली होगी। तरावटा स्टेशन पर भी बनेगा नया गुड्स शेड रेलवे ने माल परिवहन को और मजबूत बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नए गुड्स शेड का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इसके बनने से क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगों को माल की आवाजाही में बेहतर सुविधा मिलेगी। मेमू ट्रेन के किराए की समस्या का भी होगा समाधान बीना-कोटा मेमू ट्रेन के किराए में अलग-अलग स्टेशनों पर अंतर की शिकायत भी रेलवे के सामने रखी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन दो अलग-अलग जोन में संचालित होती है। भोपाल जोन में इसे एक्सप्रेस और कोटा मंडल में पैसेंजर ट्रेन माना जाता है, जिसके कारण किराए में अंतर आता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे बोर्ड से सभी मेमू ट्रेनों में एक समान किराया लागू करने का अनुरोध किया गया है। स्टेशन पर पानी की व्यवस्था होगी बेहतर गुना रेलवे स्टेशन पर पेयजल संकट को दूर करने के लिए रेलवे ने नगर पालिका के साथ समन्वय शुरू किया है। फिलहाल स्टेशन पर प्रतिदिन दो लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 10 लाख लीटर पानी की व्यवस्था के लिए नगर पालिका में राशि जमा करा दी गई है। साथ ही स्टेशन परिसर में नए पानी के नल भी लगाए जा रहे हैं। अन्य सुविधाओं में भी होगा सुधार रेलवे ने स्थानीय लोगों द्वारा उठाई गई अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देने का आश्वासन दिया है। इनमें रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव, टिकट विंडो की संख्या बढ़ाने और स्टेशन के शौचालयों की नियमित सफाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन सभी बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। धिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Bhopal में नायरा ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

Bhopal में NAYARA ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

महंगाई के दौर में भोपालवासियों के लिए राहत भरी खबर है। निजी ईंधन कंपनी Nayara एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम कर दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट के बाद यह फैसला लिया गया है। नई कीमतों के बाद भोपाल में नायरा के पेट्रोल पंपों पर एक लीटर पेट्रोल 120 रुपये और डीजल 103 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। इससे रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों को कुछ राहत मिलेगी और ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कमी देखने को मिल रही है। इसी का फायदा अब ग्राहकों को भी मिलने लगा है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। लोगों को मिलेगी राहत नायरा के इस फैसले से खासकर उन लोगों को फायदा होगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी वाहनों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहन चालकों का ईंधन खर्च भी कुछ हद तक कम होगा। अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नीचे बनी रहती हैं, तो अन्य कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं। देश-दुनिया, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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