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UPI पर लगेगा चार्ज? ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर MDR को लेकर समझें पूरा मामला

UPI पेमेंट को लेकर इन दिनों एक बड़ा बदलाव चर्चा में है। सरकार ने Payment and Settlement Systems Act में संशोधन के जरिए भविष्य में कुछ चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाने का रास्ता साफ किया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों से UPI पेमेंट पर सीधे कोई शुल्क लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम यूजर्स के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा।  क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा? फिलहाल यह समझना जरूरी है कि 0.4% MDR को सरकार ने सभी ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लागू किया हुआ शुल्क नहीं बताया है। सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक भविष्य में MDR लागू किया गया तो इसे एक तय सीमा से ऊपर के सीमित मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक रखा जाएगा। इसकी दर और अंतिम दायरा संबंधित व्यवस्था के तहत तय होगा।  सबसे अहम बात यह है कि ग्राहक से UPI ट्रांजैक्शन फीस नहीं ली जाएगी। Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI पेमेंट भी फ्री रहेंगे।  सरकार ने बदलाव की जरूरत क्यों बताई? सरकार का कहना है कि UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और इसे सुरक्षित, मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम बनाए रखने के लिए पूरे पेमेंट इकोसिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना जरूरी है। जुलाई 2026 में UPI पर 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही। इस समय 741 बैंक UPI से जुड़े हुए थे। वित्त वर्ष 2025-26 में देश के डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% रही।  MDR क्या होता है? MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले मर्चेंट से जुड़ी फीस है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं कि किसी दुकानदार या कारोबारी को डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा उपलब्ध कराने की लागत का एक हिस्सा MDR के रूप में लिया जा सकता है। यह ग्राहक से सीधे वसूला जाने वाला चार्ज नहीं है। सरकार ने भी कहा है कि UPI यूजर्स के लिए ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे।  क्या इसका असर दुकानदार पर पड़ेगा? अगर भविष्य में किसी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है, तो इसका सीधा असर कारोबारी की पेमेंट लागत पर पड़ेगा। हालांकि, कोई दुकानदार इस अतिरिक्त लागत को अपने कारोबार की कुल लागत में शामिल करता है या नहीं और इसका असर सामान या सेवा की कीमत पर पड़ता है या नहीं, यह कारोबारी और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। छोटे दुकानदारों के लिए क्या व्यवस्था है? सरकार ने पहले भी छोटे कारोबारियों के लिए कम राशि वाले UPI पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना चलाई है। वित्त वर्ष 2024-25 की योजना में ₹2,000 तक के UPI P2M ट्रांजैक्शन पर छोटे मर्चेंट के लिए MDR शून्य रखा गया था और 0.15% तक का इंसेंटिव दिया गया था।  इसलिए ₹2,000 की सीमा से जुड़ी पुरानी इंसेंटिव व्यवस्था और भविष्य में MDR लगाने की सक्षम व्यवस्था को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए। सरकार ने UPI को फ्री रखने के लिए क्या किया? UPI को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कम मूल्य वाले BHIM-UPI ट्रांजैक्शन के लिए इंसेंटिव स्कीम शुरू की थी। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इस योजना पर ₹1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया था। इसका उद्देश्य छोटे कारोबारियों के बीच डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना था।  UPI पर कितना बड़ा नेटवर्क है? जून 2026 तक करीब 55.49 करोड़ यूजर्स UPI प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड थे। वित्त वर्ष 2025-26 में UPI पर करीब 24,162 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹314 लाख करोड़ रही।  जुलाई 2026 तक 741 बैंक UPI से जुड़े थे और इसी महीने रिकॉर्ड करीब 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए।
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IND vs AFG 2nd T20: अफगानिस्तान ने भारत को दिया 160 रन का लक्ष्य, नीतीश रेड्डी ने झटके 3 विकेट

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान ने भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य रखा है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 159 रन बनाए। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। अब टीम इंडिया को सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल करने के लिए 160 रन बनाने होंगे। इब्राहिम जादरान ने बनाए 37 रन अफगानिस्तान की पारी में इब्राहिम जादरान ने सबसे ज्यादा 37 रन बनाए। इसके अलावा राशिद खान ने 28 रन और मोहम्मद नबी ने 20 रन की पारी खेली। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर अफगानिस्तान को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोके रखा। नीतीश रेड्डी ने लिए 3 विकेट भारत की ओर से नीतीश कुमार रेड्डी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए। अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई और जसप्रीत बुमराह को एक-एक सफलता मिली। अफगानिस्तान की टीम 20 ओवर में 159 रन तक ही पहुंच सकी। भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य पहले टी-20 में शानदार जीत के बाद टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। पहले मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया था। अब दूसरे मुकाबले में 160 रन का लक्ष्य हासिल कर भारत सीरीज अपने नाम करना चाहेगा। वहीं अफगानिस्तान की नजरें मुकाबला जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर करने पर होंगी।
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भोपाल पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी, UCC के विरोध में जनसभा को करेंगे संबोधित; बोले- विविधता खत्म करने की कोशिश

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को भोपाल पहुंचे। वे सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। यह सभा AIMIM के UCC विरोधी अभियान का हिस्सा है। जनसभा से पहले ओवैसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में UCC को लेकर अपना विरोध जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता भारत की विविधता को खत्म करने की कोशिश है। संविधान के अनुच्छेदों का दिया हवाला ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए कहा कि संविधान नागरिकों को समानता के साथ-साथ अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को खत्म करके इस तरह का कानून लागू नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने UCC को देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता से जोड़ते हुए इसके प्रावधानों पर सवाल उठाए। NDA सहयोगी दलों से UCC का विरोध करने की अपील AIMIM प्रमुख ने NDA में शामिल सहयोगी दलों से भी समान नागरिक संहिता का विरोध करने की अपील की। उन्होंने TDP, JDU, चिराग पासवान, एचडी कुमारस्वामी और जयंत चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि यदि इन दलों और भाजपा के बीच अभी भी वैचारिक अंतर मौजूद है, तो उन्हें UCC का विरोध करना चाहिए। मुस्लिमों के अलग कानून का मुद्दा उठाया ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट और अडॉप्शन एंड कस्टडी एक्ट जैसे प्रावधान गैर-हिंदू समुदायों पर लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आदिवासी समुदायों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी अलग संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान को देखते हुए उन्हें UCC से बाहर रखा गया है। ओवैसी का तर्क है कि इसी तरह मुस्लिम समुदाय की भी अपनी धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत कानून हैं। भोपाल में UCC के खिलाफ जनसभा AIMIM की ओर से आयोजित इस जनसभा में UCC को लेकर पार्टी का पक्ष रखा जाएगा। ओवैसी अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता के प्रावधानों और इसके संभावित प्रभावों को लेकर अपनी बात रखेंगे।
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IND vs AFG 2nd T20: अफगानिस्तान के 67 रन पर 4 विकेट गिरे, नीतीश रेड्डी ने झटके 2 विकेट

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। अफगानिस्तान ने 10.1 ओवर में 67 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। भारत की ओर से नीतीश कुमार रेड्डी ने 2 विकेट हासिल किए हैं। अफगानिस्तान ने पिछले तीन ओवर में तीन विकेट गंवाए हैं। इब्राहिम जादरान 37 रन बनाकर आउट अफगानिस्तान को इब्राहिम जादरान के रूप में दूसरा झटका लगा। 8.1 ओवर में नीतीश कुमार रेड्डी ने जादरान को 37 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद 9.2 ओवर में रवि बिश्नोई ने सेदिकुल्लाह अटल को 12 रन पर पवेलियन भेज दिया। अटल का कैच तिलक वर्मा ने लॉन्ग ऑफ पर पकड़ा। गुरबाज बिना खाता खोले लौटे अफगानिस्तान का पहला विकेट रहमानुल्लाह गुरबाज के रूप में गिरा। वे सिर्फ 3 गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हुए। उनका विकेट तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने लिया। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया। सीरीज में 1-0 से आगे है भारत भारत तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 1-0 से आगे है। पहले मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया था। दूसरे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों की शानदार शुरुआत के चलते अफगानिस्तान की टीम शुरुआती ओवरों में ही दबाव में आ गई है।
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दिल्ली में सफाई, जलभराव और अवैध निर्माण पर सख्ती के निर्देश, LG ने MCD को तय की जवाबदेही

दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार के साथ राजधानी की प्रमुख नागरिक सुविधाओं और समस्याओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में सफाई व्यवस्था, जलभराव, आवारा मवेशियों के प्रबंधन और अवैध निर्माण समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को नागरिक सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कार्रवाई के ठोस परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रोजाना की व्यवस्था बने सफाई व्यवस्था उपराज्यपाल ने सार्वजनिक स्थानों और कॉलोनियों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि कहीं भी कचरा जमा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की सफाई किसी विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित सफाई रोजाना की व्यवस्था और निर्धारित मानक का हिस्सा होनी चाहिए। सड़क खुदाई के बाद तत्काल हो मरम्मत बैठक में सड़कों की बार-बार खुदाई से होने वाली परेशानी पर भी चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने सड़क काटने वाली एजेंसियों और सड़क के स्वामित्व वाली एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का काम पूरा होने के तुरंत बाद सड़क की मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि लंबे समय तक लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो। जलभराव रोकने के लिए बने प्रभावी प्लान जलभराव की समस्या की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने नालों की गाद निकालने के समय और प्रक्रिया पर दोबारा विचार करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। आवारा मवेशियों के लिए मानवीय दृष्टिकोण आवारा मवेशियों के प्रबंधन को लेकर उपराज्यपाल ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवारा मवेशियों के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम किया जाना चाहिए। अवैध निर्माण पर समयबद्ध कार्रवाई अवैध निर्माण के मामलों में उपराज्यपाल ने सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदार विभागों को तेजी से कार्रवाई करनी होगी। नागरिकों के अनुभव से तय होगी सुशासन की सफलता उपराज्यपाल ने MCD आयुक्त से कहा कि सुशासन की असली परीक्षा नागरिकों के जमीनी अनुभव से होती है। इसलिए केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के साथ-साथ लिए गए फैसलों के ठोस और मापने योग्य परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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गणेशोत्सव में बिजली हादसे रोकने रायपुर में अभियान, 14 गणेश पंडालों को सुरक्षा नोटिस

रायपुर में गणेशोत्सव के दौरान विद्युत हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। रावण भाटा जोनमें नगर संभाग दक्षिण की टीम ने गणेश पंडालों का निरीक्षण कर आयोजकों को सुरक्षित तरीके से बिजली का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने पंडाल संचालकों को अधिकृत अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने की प्रक्रिया भी समझाई। अभियान के दौरान कुल 14 गणेश पंडालों को विद्युत सुरक्षा संबंधी नोटिस दिए गए हैं। 6 पंडालों को मिल चुका अस्थायी कनेक्शन सहायक अभियंता प्रवीण वर्मा, कनिष्ठ अभियंता आदित्य वाजपेयी और विभागीय कर्मचारियों ने क्षेत्र के गणेश पंडालों का निरीक्षण किया। आयोजकों को अधिकृत अस्थायी कनेक्शन के लिए आवेदन भी उपलब्ध कराए गए। इनमें से 6 पंडालों को अस्थायी विद्युत कनेक्शन जारीकिया जा चुका है। इन पंडालों में मीटर के माध्यम से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। खुले और क्षतिग्रस्त तारों से बचने की सलाह निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडाल संचालकों को बिजली के तार, स्विच बोर्ड और अन्य विद्युत उपकरणों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की समझाइश दी। आयोजकों को क्षतिग्रस्त तारों का इस्तेमाल नहीं करने, खुले तारों से दूरी बनाए रखने और पंडाल की संरचना तथा विद्युत व्यवस्था के बीच पर्याप्त सुरक्षा दूरी रखने के निर्देश दिए गए। छोटी लापरवाही बन सकती है बड़े हादसे की वजह सहायक अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान रायपुर में विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करना और श्रद्धालुओं को संभावित हादसों से बचाना है। उन्होंने गणेश पंडालों के आयोजकों से केवल अधिकृत अस्थायी कनेक्शन के जरिए ही बिजली इस्तेमाल करने की अपील की। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि पंडालों में बिजली को लेकर छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए सभी आयोजकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने और विद्युत व्यवस्था में किसी भी तरह की खराबी सामने आने पर तत्काल बिजली विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।
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उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में VIP गेट से एंट्री को लेकर विवाद, परिवार और कर्मचारी के बीच हुई झड़प

उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में सोमवार दोपहर VIP गेट से दर्शन को लेकर एक दर्शनार्थी परिवार और मंदिर कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प होती दिखाई दे रही है। हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने इसे बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बच्चे को भीड़ से बाहर निकालकर बैठाया गया मंदिर प्रशासक केके पाठक के मुताबिक, दर्शनार्थी परिवार की एक महिला करीब 4 से 6 महीने के बच्चे के साथ सामान्य दर्शन की लाइन में लगी थी। भीड़ अधिक होने के कारण बच्चा घबराने लगा। बच्चे की स्थिति देखकर मंदिर के एक जवान ने उसे गोद में लिया और महिला को लाइन से बाहर निकाल दिया। इसके बाद महिला को पास में बनी सीमेंट की बेंच पर बैठकर बच्चे को दूध पिलाने के लिए जगह दी गई। VIP गेट पर रसीद को लेकर हुई कहासुनी इसी दौरान महिला का पति अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर VIP गेट से दर्शन के लिए जाने लगा। गेट पर मौजूद मंदिर कर्मचारी ने उन्हें रोककर VIP दर्शन के लिए निर्धारित 100 रुपए प्रति व्यक्ति की रसीद के बारे में बताया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच झड़प हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया है। मंदिर प्रशासन ने गलतफहमी बताया कारण मंदिर प्रशासक केके पाठक ने बताया कि संभवत: गलतफहमी के कारण यह विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि मंदिर एक सार्वजनिक स्थान है और ऐसी छोटी घटनाएं कभी-कभी हो जाती हैं। प्रशासन के अनुसार, बाद में दोनों पक्षों को समझाया गया और दर्शनार्थी परिवार को आराम से दर्शन कराए गए। परिवार भी संतुष्ट होकर मंदिर से रवाना हुआ। दोनों पक्षों ने नहीं की पुलिस शिकायत मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया। किसी भी पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं की है। मंदिर प्रशासन ने भी घटना को बड़ी मारपीट की घटना मानने से इनकार किया है।
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पटना में गणेश चतुर्थी की धूम, मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर सजा पंडाल; गणपति को पहनाया 55 लाख का मुकुट

पटना में गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र मंडल की ओर से इस बार भी भव्य गणेशोत्सव का आयोजन किया गया है। मंडल परिसर में इस बार मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल में मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमा स्थापित की गई है। करीब साढ़े 5 फीट ऊंची यह प्रतिमा मुंबई से पटना लाई गई है। भगवान गणेश को हीरा, पन्ना और माणिक जड़ित करीब 55 लाख रुपए का सोने का मुकुट पहनाया गया है। पगड़ी पहनकर पूजा में पहुंचे राज्यपाल गणेश पूजा में राज्यपाल सैयद अता हसनैन भी शामिल हुए। वे पंडाल में सिर पर पगड़ी पहनकर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी गणपति पूजा में शामिल होने की जानकारी दी गई है। 10 दिनों तक चलेगा गणेशोत्सव आचार्य राकेश झा के अनुसार, चतुर्थी तिथि आज सुबह 7:28 बजे के बाद शुरू हुई। इसके चलते कई श्रद्धालु आज गणेश चतुर्थी मना रहे हैं, जबकि उदयातिथि को मानने वाले कुछ श्रद्धालु 15 सितंबर को पूजा करेंगे। गणेशोत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक यानी 10 दिनों तक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मिट्टी की प्रतिमा को बताया सबसे शुभ ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मिट्टी से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा पूजा के लिए सबसे शुभ और उत्तम मानी जाती है। मिट्टी की प्रतिमा में पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश यानी पंचतत्वों का समावेश माना जाता है। उन्होंने बताया कि मिट्टी की प्रतिमाएं विसर्जन के दौरान पानी में आसानी से घुल जाती हैं, जिससे पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है। 12 कारीगरों ने एक महीने में तैयार किया पंडाल महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोंसले के मुताबिक, पंडाल तैयार करने के लिए मुंबई से 12 कारीगर पटना आए थे। करीब एक महीने की मेहनत के बाद मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल के अंदर की सजावट भी मंदिर की शैली में की गई है। वहीं, गणेश प्रतिमा को साढ़ू मिट्टी से तैयार किया गया है। 501 मोदक का लगाया जाएगा भोग गणपति स्थापना के लिए महाराष्ट्र के सांगली से प्रशांत जागीरदार के नेतृत्व में पांच पंडित पटना पहुंचेंगे। इनके द्वारा 14 सितंबर को विधि-विधान से गणपति की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी। पहले दिन भगवान गणेश को 501 मोदक का भोग लगाया जाएगा। कोलकाता की लाइटिंग और नासिक का झांझ पथक बनेगा आकर्षण गणेशोत्सव के दौरान कोलकाता के चंदन नगर की विशेष लाइटिंग आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा बंगाल के फूलों से पंडाल और परिसर की सजावट की गई है। 20 सितंबर को सुबह 11 बजे से महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद गणपति विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। विसर्जन जुलूस में नासिक से आने वाली 60 सदस्यीय झांझ पथक टीम भी शामिल होगी। इसमें 20 लड़कियां और 40 लड़के होंगे, जो पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ करतब प्रस्तुत करेंगे। इससे विसर्जन जुलूस में खास आकर्षण देखने को मिलेगा।
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भोपाल के 3 बड़े होटल-रेस्टोरेंट में खाद्य विभाग की जांच, काली फ्राइंग कढ़ाई और खुले डस्टबिन मिले

भोपाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को तीन बड़े होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। टीम ने होटल रंजीत लेक व्यू, बापू की कुटिया और सागर गैरे रेस्टोरेंट की किचन और स्टोरेज व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अलग-अलग कमियां सामने आईं। टीम ने काली मिर्च और ग्रेवी समेत खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। रंजीत लेक व्यू में काली फ्राइंग कढ़ाई और खुला डस्टबिन होटल रंजीत लेक व्यू में सफाई व्यवस्था सामान्य रूप से उचित पाई गई। यहां काम करने वाले कर्मचारी टोपी और एप्रन पहने हुए थे। हालांकि, निरीक्षण के दौरान डस्टबिन खुले मिले। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम भी उचित नहीं पाया गया और फ्राइंग कढ़ाई काली मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने होटल संचालक को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। बापू की कुटिया में लाइसेंस और मेडिकल रिकॉर्ड नहीं मिले बापू की कुटिया के निरीक्षण के दौरान FSSAI लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं पाया गया। वर्करों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा NABL मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट और पानी की टंकी की सफाई से संबंधित रिकॉर्ड भी टीम को नहीं मिले। टीम ने यहां से घी और लाल रंग वाली ग्रेवी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। सागर गैरे के किचन में मिली कई खामियां माता मंदिर के पास स्थित सागर गैरे रेस्टोरेंट का किचन सड़क की ओर से खुला मिला। यहां भी कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाए गए। डस्टबिन भी खुली अवस्था में मिली। भंडारण कक्ष में लीकेज पाया गया, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की संभावना सामने आई। कोल्ड स्टोरेज में भी खाद्य पदार्थों का व्यवस्थित तरीके से भंडारण नहीं मिला और कुछ खाद्य सामग्री खुले में रखी हुई थी। निरीक्षण के दौरान पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा मिसब्रांडेड पैकिंग वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण मिला। काली मिर्च में पपीते के बीज मिलने की आशंका निरीक्षण के दौरान काली मिर्च में मिलावट की आशंका होने पर मौके पर डेमोंसट्रेशन किया गया। इसमें काली मिर्च के साथ पपीते के बीजदिखाई दिए। इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने काली मिर्च का विधिक नमूना लिया। साथ ही मिसब्रांडेड सफेद पाउडर पैक का भी सैंपल लिया गया। हालांकि, काली मिर्च में पपीते के बीज की मिलावट की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। 26 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर प्रदेशभर में बड़े होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट, क्लब और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 26 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान केंद्रीय और राज्य लाइसेंस प्राप्त होटल-रेस्टोरेंट के किचन और स्टोर की जांच की जा रही है। फाइव स्टार और थ्री स्टार होटल, एमपी टूरिज्म के रिसॉर्ट, क्लब और अधिक भीड़ वाले खाद्य प्रतिष्ठानों को भी अभियान में शामिल किया गया है। अब तक प्रदेश में 300 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट की जांच की जा चुकी है। विभाग होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को बचे हुए भोजन को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। भोपाल से इंदौर और उज्जैन तक हुई जांच अभियान के तहत भोपाल के ताज, रेडिसन, सयाजी, जहांनुमा पैलेस, मिंटो, टोरकस और महादेव सहित कई प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट की जांच की जा चुकी है। इंदौर में मैरियट, द पार्क, रेडिसन और ग्रैंड शेरेटन समेत प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया है। उज्जैन में अनुश्री, शिप्रा सहित प्रमुख प्रतिष्ठानों की किचन और स्टोर की जांच कर सैंपल लिए गए हैं। अभियान के दूसरे चरण में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाईवे पर स्थित बड़े ढाबों एवं भोजनालयों की किचन और स्टोरेज व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।
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राजस्थान के 4 नगरीय निकायों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित, EVM खराबी के चलते 10 बूथों पर 16 सितंबर को रिपोलिंग

राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान के चार नगरीय निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव स्थगित कर दिए हैं। अब 21 सितंबर को इन पदों के लिए मतदान नहीं होगा। आयोग के अनुसार, जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर तथा सुकेत नगरपालिका के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव आगामी आदेश तक टाल दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग नए सिरे से चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। EVM में तकनीकी खराबी से अटके परिणाम आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मतगणना के दौरान चारों निकायों के कुछ बूथों पर EVM में तकनीकी खराबी के कारण परिणाम जारी नहीं हो सके। इसके चलते संबंधित नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम पूरी तरह घोषित नहीं हो पाए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव निर्धारित तारीख पर कराना संभव नहीं है। इसी वजह से नगर निगम जयपुर, जोधपुर, कोटा और नगरपालिका सुकेत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित किए गए हैं। 10 बूथों पर 16 सितंबर को होगी रिपोलिंग राज्य निर्वाचन आयोग ने चारों निकायों के कुल 10 बूथों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान (रिपोलिंग) कराने के आदेश दिए हैं। इन बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना कराई जाएगी। जयपुर के 5 बूथों पर दोबारा मतदान जयपुर नगर निगम के पांच बूथों पर रिपोलिंग होगी। इनमें शामिल हैं: जोधपुर, कोटा और सुकेत में भी रिपोलिंग जोधपुर नगर निगम के वार्ड-50 के बूथ संख्या 338 पर दोबारा मतदान होगा। कोटा नगर निगम के तीन बूथों पर रिपोलिंग कराई जाएगी। इनमें वार्ड-87 का बूथ 99, वार्ड-44 का बूथ 448 और वार्ड-11 का बूथ 576 शामिल है। वहीं, सुकेत नगरपालिका के वार्ड-4 के बूथ संख्या 5 पर भी 16 सितंबर को पुनर्मतदान होगा। नए सिरे से जारी होगा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव कार्यक्रम रिपोलिंग के बाद 17 सितंबर को मतगणना पूरी होने और सभी परिणाम घोषित होने के बाद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य निर्वाचन आयोग इसके लिए नया चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा।
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बिलासपुर में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटे, बिल्डर को नोटिस जारी

बिलासपुर। मंगला चौक से उसलापुर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर स्थित एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने पेड़ों की कटाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले में बिल्डर को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। ग्रीन नेट से ढंककर की जा रही थी कटाई स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेड़ काटने की गतिविधि छिपाने के लिए निर्माण स्थल के संबंधित हिस्से को ग्रीन नेट से ढंक दिया गया था। हालांकि, लोगों ने पेड़ कटने का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स का नक्शा स्वीकृत योजना के विपरीत होने की शिकायत भी सामने आई है। इस संबंध में नगर निगम, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और वन विभाग से जानकारी जुटाई जा रही है। दो पेड़ कटने के बाद रुकवाई गई कार्रवाई एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी के मुताबिक, नीलगिरी के पेड़ काटे जाने की शिकायत दो दिन पहले मिली थी। इसके बाद राजस्व निरीक्षक (आरआई) को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान वहां दो पेड़ कटे हुए मिले, जिसके बाद पेड़ों की कटाई रुकवा दी गई। एसडीएम ने बताया कि बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले में बिल्डर को नोटिस जारी किया गया है। बिल्डर का जवाब मिलने के बाद अर्थदंड लगाने सहित आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय से पेड़ काटने की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। जमीन और निर्माण की अनुमति की भी होगी जांच वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित जमीन राजस्व भूमि है। आरोप है कि पेड़ काटने से पहले संबंधित विभागों से अनुमति नहीं ली गई और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी गई। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेड़ काटने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। इसके साथ ही निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के नक्शे और निर्माण कार्य में नियमों के पालन से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की आगे की कार्रवाई बिल्डर के जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी।

हरियाणा में 6 HCS अधिकारियों के तबादले, शिक्षा और आयुष विभाग में मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 HCS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। तबादला सूची के अनुसार, कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ को वर्तमान कार्यभार के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। डॉ. शिल्पी पात्र दत्त को एलिमेंट्री एजुकेशन की जिम्मेदारी महिला HCS अधिकारी डॉ. शिल्पी पात्र दत्त को एलिमेंट्री एजुकेशन विभाग में जॉइंट डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन एवं मिड-डे मील) नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. निर्मल नगर को एलिमेंट्री एजुकेशन विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) की जिम्मेदारी दी गई है। सुरेंद्र सिंह और कुलधीर सिंह को अतिरिक्त प्रभार HCS अधिकारी सुरेंद्र सिंह को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसी तरह, HCS अधिकारी कुलधीर सिंह को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ आयुष विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दीपक कुमार को महेंद्रगढ़ में जिम्मेदारी HCS अधिकारी दीपक कुमार को जिला परिषद महेंद्रगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA), महेंद्रगढ़ से संबंधित अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. इंद्रजीत शुगर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त सरकार ने HCS अधिकारी डॉ. इंद्रजीत को कॉरपोरेशन शुगर मिल का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। इन प्रशासनिक बदलावों के जरिए विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों के अनुसार नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।

हरियाणा में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती, 2 नवंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश

चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षा विभाग ने प्रदेश में संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्कूलों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने और 2 नवंबर 2026 तक पूरी जानकारी निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक, पहले भी इन स्कूलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन संबंधित कार्यालयों से निर्धारित जानकारी नहीं मिली। गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर होगी कार्रवाई शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ तत्काल कड़ा प्रशासनिक संज्ञान लें। अधिकारियों को विभागीय आदेश क्रमांक 7/21-2017 PS (3), दिनांक 24 अप्रैल 2025 के तहत जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। स्कूल बंद कराकर निदेशालय को भेजनी होगी सूची जारी पत्र के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की कार्रवाई करनी होगी। इसके साथ ही बंद किए गए स्कूलों की सूची निदेशालय को भेजना भी सुनिश्चित करना होगा। विभाग ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि पहले निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित कार्यालयों से अब तक आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इसी कारण अधिकारियों को 2 नवंबर 2026 तक हर हाल में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी नजर शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है। जारी पत्र की प्रतियां राज्य के सभी अतिरिक्त जिला उपायुक्तों (ADC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी भेजी गई हैं, ताकि संबंधित स्तर पर समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अब जिला स्तर के अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की जानकारी उपलब्ध कराने और नियमानुसार कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

दिल्ली में छठ पूजा के लिए बनेंगे 1400 से ज्यादा घाट, 6 नवंबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

नई दिल्ली। दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार राजधानी में 1400 से अधिक छठ घाट विकसित किए जाने की संभावना है, जबकि पिछले साल 1326 घाट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 6 नवंबर तक घाटों पर बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय सीमा तक सभी प्रमुख काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि बाद में केवल पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई जैसे कार्य शेष रहें। इस वर्ष छठ पूजा 13 से 16 नवंबर तक मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने छठ पूजा के अवसर पर अवकाश रहने की भी जानकारी दी। ठंड से बचाव के लिए घाटों पर लगेंगे कवर वाले टेंट नवंबर में संभावित ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर पर्याप्त कवर वाले टेंट लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पूजा स्थल, मंच के पीछे और अन्य जरूरी स्थानों पर भी टेंट की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल और साफ-सफाई का इंतजाम करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियां केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से घाटों का निरीक्षण करें और मौके पर मिलने वाली कमियों को समय रहते दूर कराएं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। भीड़भाड़ वाले घाटों पर CCTV से होगी निगरानी छठ पूजा के दौरान बड़े और अधिक भीड़ वाले घाटों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर टेंडर तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस स्थानीय आयोजकों के साथ समन्वय करेगी। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और संभावित सड़क बंदी की जानकारी पहले से साझा करने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई विभागों के अधिकारी बैठक में रहे मौजूद छठ पूजा की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी और संदीप सहरावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम (MCD), दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिलासपुर NSUI नियुक्तियों में देवेंद्र यादव समर्थक खेमे का दबदबा, रंजीत सिंह को लगा झटका

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में NSUI की नई नियुक्तियों के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर गुटीय समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नियुक्तियों में AICC सचिव और विधायक देवेंद्र यादव समर्थक खेमे का दबदबा नजर आने की बात कही जा रही है। इससे पहले यूथ कांग्रेस चुनाव के दौरान जारी नियुक्ति आदेशों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समर्थक खेमे की आपत्तियों के बाद रोक लगा दी गई थी। बताया गया था कि चुनाव नियमों का हवाला देकर नियुक्तियों को फ्रीज कराया गया था। आरोप था कि नियुक्ति सूची में संबंधित खेमे के समर्थकों को जगह नहीं मिली थी। अब रोक हटने के बाद संशोधन के नाम पर लगभग उन्हीं नियुक्तियों को दोबारा जारी किए जाने की चर्चा है। पहली बार शहर और ग्रामीण में बांटा गया जिलाध्यक्ष का पद NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की ओर से जारी नियुक्ति आदेश में बिलासपुर जिलाध्यक्ष का पद रायपुर की तर्ज पर शहर और ग्रामीण, दो हिस्सों में बांटा गया है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी रंजेश सिंह क्षत्री को सौंपी गई है, जिन्हें देवेंद्र यादव समर्थक माना जाता है। वहीं, इसी खेमे से जुड़े समर्थ मिरानी को शहर जिलाध्यक्ष बनाया गया है। समर्थ मिरानी को जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री का समर्थन हासिल बताया जाता है। नई नियुक्तियों के बाद संगठन में अलग-अलग गुटों के प्रभाव और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रंजीत सिंह को लगा झटका राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक, बिलासपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों से NSUI की कमान संभाल रहे रंजीत सिंह को नई नियुक्तियों से झटका लगा है। इसके पीछे यूथ कांग्रेस चुनाव के दौरान भूपेश बघेल समर्थक खेमे का खुलकर साथ देने को एक संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग खेमों के बीच मतभेद और उनके प्रभाव को लेकर सामने आ रही बातें राजनीतिक आकलन का हिस्सा हैं। संगठन को मजबूत करने पर रंजेश सिंह क्षत्री का जोर ग्रामीण जिलाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद रंजेश सिंह क्षत्री ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और विद्यार्थियों के हितों के लिए काम करने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैं किसान का बेटा हूं। मेहनत से सींचना बचपन से सीखा हूं।” रंजेश सिंह क्षत्री के मुताबिक, NSUI केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकारों, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के लिए संघर्ष करने वाला मंच है। जिलाध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करना होगा। नई नियुक्तियों के बाद अब बिलासपुर में NSUI की संगठनात्मक गतिविधियों और अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल पर नजर रहेगी।

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