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खेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातम

गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम खेजराबाबा में एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान रात में खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गया था, लेकिन बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय बनवारी सहरिया बुधवार रात अपने खेत में बने कुएं पर मोटर चालू करने गया था। इसी दौरान वह बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और रातभर उसका शव खेत में ही पड़ा रहा। सुबह परिजनों को लगी घटना की जानकारी गुरुवार सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो उन्होंने बनवारी को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों ने तुरंत बिजली की डोरी हटाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का सहारा था बनवारी बताया जा रहा है कि बनवारी सहरिया खेती-किसानी के साथ ऑटो चलाकर भी परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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NEET री-एग्जाम में सख्ती: 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नहीं मिली एंट्री

NEET री-एग्जाम में सख्ती: 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नहीं मिली एंट्री

NEET री-एग्जाम में इस बार कड़ी सख्ती देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर नियमों का पालन बेहद सख्ती से कराया गया, जिसके चलते सिर्फ 1 मिनट की देरी से पहुंचे कई छात्रों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। गेट के बाहर रोती रहीं छात्राएं कई परीक्षा केंद्रों पर ऐसा भावुक माहौल देखने को मिला जब देर से पहुंचे छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिला। गेट के बाहर छात्राएं रोती हुई नजर आईं और अभिभावक भी प्रशासन से गुहार लगाते दिखे। हिजाब और कलावा को लेकर विवाद परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर ड्रेस कोड और धार्मिक प्रतीकों जैसे हिजाब और कलावा को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी रही। इस मुद्दे ने कई जगह तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया। परीक्षा से पहले दो छात्रों की आत्महत्या सबसे चिंताजनक बात यह रही कि परीक्षा से पहले दो छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। इससे परीक्षा व्यवस्था और मानसिक दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सख्त नियमों पर उठे सवाल हालांकि प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए नियम सख्त किए गए थे, लेकिन छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इतनी कठोरता से कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
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NEET

MP NEET Re-Exam Controversy: 30 Seconds Late Entry से छूटी परीक्षा, गेट पर रोते रहे छात्र

मध्य प्रदेश में NEET री-एग्जाम के दौरान सामने आई एक घटना ने पूरे परीक्षा सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिर्फ 30 सेकंड की देरी की वजह से कई छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला और उनकी परीक्षा छूट गई। गेट के बाहर घंटों तक रोते-बिलखते छात्र और परेशान परिजन प्रशासन से गुहार लगाते रहे, लेकिन नियमों के आगे किसी की एक नहीं चली। Madhya Pradesh के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर यह मामला सामने आने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण और भावुक हो गया। 30 सेकंड की देरी बनी जिंदगी का बड़ा झटका रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ छात्र परीक्षा केंद्र पर तय समय से बेहद मामूली—सिर्फ 30 सेकंड—देरी से पहुंचे थे। लेकिन गेट पहले ही बंद कर दिया गया था। नियमों के अनुसार, एक बार प्रवेश बंद होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस सख्ती के चलते कई छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही लौटना पड़ा, जिससे उनका भविष्य और मानसिक स्थिति दोनों पर गहरा असर पड़ा है। गेट के बाहर दर्दनाक दृश्य, परिजनों की आखिरी कोशिश परीक्षा केंद्रों के बाहर जो दृश्य देखने को मिला, वह बेहद भावुक कर देने वाला था। छात्र गेट के सामने हाथ जोड़कर अंदर जाने की गुहार लगाते रहे। कई परिजन सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों से आखिरी उम्मीद के साथ अनुरोध करते रहे। लेकिन परीक्षा नियमों की सख्ती के चलते किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं मिला। नंगे पैर परीक्षा और धार्मिक प्रतीकों पर विवाद कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा जांच के दौरान उन्हें जूते-चप्पल उतारकर नंगे पैर परीक्षा हॉल में जाना पड़ा। वहीं कुछ मामलों में कलावा हटवाने जैसी बातें भी सामने आईं, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई। इन घटनाओं ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सख्त नियम या मानवीय दृष्टिकोण? शुरू हुई बहस इस घटना के बाद एक नई बहस तेज हो गई है कि क्या राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में इतनी सख्ती जरूरी है या फिर कुछ मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। प्रशासन का कहना है कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त नियम अनिवार्य हैं। वहीं दूसरी ओर, अभिभावकों का कहना है कि इतनी छोटी सी देरी पर छात्रों का भविष्य दांव पर लगना उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर भी उठा तूफान यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई लोगों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है और नियमों में थोड़ी लचीलापन की मांग की है। वहीं कुछ लोग इसे परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Murmu

MP Breaking: Jabalpur में राष्ट्रपति Murmu का दौरा, Yoga Event और Convocation में शामिल

मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज एक बेहद खास और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रपति Droupadi Murmu अपने एक दिवसीय दौरे पर शहर पहुंचीं। उनका यह दौरा सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें योग, शिक्षा और सामाजिक संदेशों का मजबूत समावेश देखने को मिला। योग कार्यक्रम में दिखा उत्साह और एकता जबलपुर में आयोजित योग कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ हिस्सा लिया। खुले वातावरण में हुए इस कार्यक्रम में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया और पूरे माहौल में सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। राष्ट्रपति ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की और कहा कि यह शरीर के साथ-साथ मन को भी संतुलित और शांत रखता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह क्षण बेहद खास रहा, जब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी राष्ट्रपति ने खुद योग कर एक मजबूत संदेश दिया कि स्वास्थ्य ही असली संपत्ति है। RDVV दीक्षांत समारोह में छात्रों को मिला प्रेरणादायक संदेश इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने Rani Durgavati Vishwavidyalaya के दीक्षांत समारोह में शिरकत की। यहां उन्होंने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें न केवल शिक्षा में बल्कि चरित्र निर्माण में भी आगे रहना चाहिए। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे। शिक्षा और स्वास्थ्य का मिला सुंदर संदेश पूरा दिन जबलपुर के लिए बेहद महत्वपूर्ण और यादगार बन गया, जहां एक ओर योग के माध्यम से स्वास्थ्य का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दुग्ध संघ

International Yoga Day 2026: भोपाल दुग्ध संघ में उत्साहपूर्ण Yoga Session, अधिकारियों ने किया अभ्यास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भोपाल दुग्ध संघ परिसर में शनिवार को एक शांत, अनुशासित और ऊर्जा से भरपूर योग सत्र का आयोजन किया गया। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और योग के महत्व को करीब से महसूस किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योग करना नहीं, बल्कि रोजमर्रा की व्यस्त जीवनशैली में स्वास्थ्य और संतुलन को शामिल करने का संदेश देना भी था। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (MP State Cooperative Dairy Federation) के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी, एनडीडीबी के महाप्रबंधक जयदेव बिस्वास और भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रितेश जोशी विशेष रूप से मौजूद रहे। योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक डॉ. विनीता सिसोदिया ने किया। करीब एक घंटे चले इस सत्र में प्रतिभागियों को सरल लेकिन प्रभावी योगासन और प्राणायाम करवाए गए, जिनका उद्देश्य शरीर के प्रमुख अंगों को सक्रिय और स्वस्थ रखना था। सत्र के दौरान पैरों, हाथों, गर्दन, हृदय और आंखों को मजबूत बनाने वाली योग क्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने न केवल अभ्यास किया, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर डॉ. संजय गोवाणी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जो आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने सभी से अपील की कि योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर इसे रोज की आदत बनाया जाए। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने स्वस्थ जीवन और नियमित योग अभ्यास को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Alert: 20 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 8 राज्यों में अब भी 40°C के पार तापमान

देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 20 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर, मानसून की रफ्तार पिछले 13 दिनों से तेलंगाना के आसपास थमी हुई है, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में लोगों को अब भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आठ राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। 20 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में अगले 24 से 72 घंटों के दौरान मौसम अचानक बदल सकता है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। Telangana में थमा Monsoon, कई राज्यों में बढ़ा इंतजार आमतौर पर जून के तीसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले करीब 13 दिनों से मानसून तेलंगाना के आसपास ही सक्रिय बना हुआ है और आगे नहीं बढ़ पाया है। इसका सीधा असर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में अनुकूल परिस्थितियां बनते ही मानसून दोबारा तेजी पकड़ सकता है। 8 राज्यों में Heatwave जैसे हालात बारिश में देरी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। देश के आठ राज्यों में कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून सक्रिय नहीं होता, तब तक इन इलाकों में गर्मी से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। MP और Rajasthan को जल्द मिल सकती है राहत हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अगले कुछ दिनों के भीतर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यदि अनुमान सही साबित होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी। बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए भी यह अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। खेती पर भी पड़ रहा असर मानसून की धीमी चाल ने खेती-किसानी की रफ्तार को भी प्रभावित किया है। कई जिलों में किसान खेत तैयार करके बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तेज होने की उम्मीद है। मौसम विभाग की जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। भारी बारिश वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। वहीं जिन क्षेत्रों में गर्मी का असर बना हुआ है, वहां पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के कपड़े पहनें और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें। आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। इसके बाद मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी और खरीफ सीजन की गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JNCT

JNCT Bhopal में World Environment Day Celebration छात्रों ने वृक्षारोपण का संदेश

भोपाल स्थित Jai Narain College of Technology (JNCT) में World Environment Day के अवसर पर एक भावनात्मक और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर छात्रों ने न सिर्फ गतिविधियों में हिस्सा लिया, बल्कि प्रकृति को बचाने का मजबूत संदेश भी दिया। कैंपस में पूरे दिन “Go Green, Save Earth” का माहौल देखने को मिला, जहां हर गतिविधि में पर्यावरण संरक्षण की झलक साफ नजर आई। Tree Plantation Drive से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण अभियान से हुई। छात्रों ने कॉलेज परिसर में पौधे लगाए और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कई छात्रों ने कहा कि “एक पौधा आज, एक बेहतर कल की नींव है।” Poster Making Competition में दिखी Creativity छात्रों ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। किसी ने प्लास्टिक प्रदूषण पर संदेश दिया तो किसी ने “Save Water, Save Life” जैसे विचारों को अपनी कला के जरिए पेश किया। पूरे हॉल में रंगों और विचारों का सुंदर संगम देखने को मिला। Speech & Debate से उठे गंभीर सवाल भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने पर्यावरण संकट, ग्लोबल वॉर्मिंग और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। शिक्षकों ने भी छात्रों को छोटे-छोटे कदमों से बड़ा बदलाव लाने की प्रेरणा दी। Quiz और Theme Activities ने बढ़ाई जागरूकता पर्यावरण आधारित क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साह से हिस्सा लिया। “Planet vs Plastic” और “Go Green, Breathe Green” जैसी थीम पर आधारित गतिविधियों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, जरूरत है। NCC और Students Clubs की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में NCC और विभिन्न छात्र क्लबों की भागीदारी भी सराहनीय रही। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि अगर युवा ठान लें, तो पर्यावरण संरक्षण एक बड़ा आंदोलन बन सकता है। एक छोटा कदम, बड़ा बदलाव कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे प्लास्टिक का कम उपयोग करेंगे, अधिक पेड़ लगाएंगे और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक याद दिलाने जैसा था कि धरती को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MPPSC Mains Exam 2025 Schedule Released: 158 पदों के लिए 4 हजार अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, UPSC से टकराईं तारीखें

MPPSC Mains Exam 2025 Schedule Released: 158 पदों के लिए 4 हजार अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, UPSC से टकराईं तारीखें

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस परीक्षा में करीब 4 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्य परीक्षा 17 अगस्त से 22 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा की तारीखें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कुछ महत्वपूर्ण परीक्षाओं से टकरा रही हैं, जिससे कई अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे उम्मीदवार जो MPPSC और UPSC दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें समय प्रबंधन और परीक्षा कार्यक्रम को लेकर विशेष योजना बनानी होगी। 158 पदों पर होगी भर्ती MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से विभिन्न विभागों में कुल 158 पदों पर भर्ती की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए लगभग 4 हजार उम्मीदवार अब मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। कब और कहां होगी परीक्षा? मुख्य परीक्षा का आयोजन 17 अगस्त से 22 अगस्त तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। आयोग जल्द ही एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करेगा। अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से MPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसमें दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें। तैयारी में जुटे उम्मीदवार मुख्य परीक्षा की तारीखों की घोषणा के बाद उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब अभ्यर्थियों को उत्तर लेखन अभ्यास, करंट अफेयर्स और वैकल्पिक विषयों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। MPPSC की यह परीक्षा राज्य प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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मानसून

India Weather मानसून की धीमी चाल से बढ़ी टेंशन, 19 राज्यों में कम बारिश का असर

जून का महीना आधा से ज्यादा गुजर चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मानसून अब भी उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है। जहां लोगों को तेज गर्मी से राहत देने वाली बारिश का इंतजार है, वहीं मौसम के बदलते मिजाज ने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के 19 राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से 7 राज्यों में बारिश की कमी 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बारिश में आई इस कमी का असर अब खेतों, जल स्रोतों और आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, जबकि शहरों में लोग उमस और तेज गर्मी से परेशान हैं। कई राज्यों में मानसून की चाल हुई धीमी मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में बादल आने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। यही वजह है कि कई राज्यों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य प्रमुख फसलों के लिए यह समय बेहद अहम माना जाता है। UP समेत कई राज्यों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा बारिश की कमी के बीच उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में तापमान फिर से बढ़ने लगा है। सात राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। दिन के समय तेज धूप और शाम को बढ़ती उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। गर्मी का असर केवल बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। बिजली की बढ़ती मांग और पानी की खपत ने भी स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। खेती पर पड़ सकता है सीधा असर देश की बड़ी आबादी आज भी खेती पर निर्भर है और खेती का बड़ा हिस्सा मानसून आधारित है। ऐसे में बारिश की कमी किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कई जगहों पर खेत तैयार हैं, लेकिन पर्याप्त नमी न होने के कारण बुवाई की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून जल्द सक्रिय नहीं हुआ तो किसानों की लागत बढ़ सकती है, क्योंकि उन्हें सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। जलाशयों और भूजल स्तर पर भी नजर मानसून की कमजोर शुरुआत का असर जलाशयों और तालाबों पर भी पड़ सकता है। कई राज्यों में जल संरक्षण को लेकर पहले से ही योजनाएं बनाई जा रही हैं ताकि भविष्य में किसी संभावित जल संकट से निपटा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश हुई तो स्थिति में सुधार संभव है, लेकिन फिलहाल मौसम का यह रुख चिंता बढ़ाने वाला है। आगे क्या कहता है मौसम विभाग? मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। कुछ राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना भी जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत मिलेगी। फिलहाल देश के करोड़ों लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और सभी को मानसून की अगली अच्छी बारिश का इंतजार है।
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खेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातम

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Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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