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Share Market

Share Market Today: IT और Realty शेयरों में बिकवाली, बाजार में मची हलचल

भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में सोमवार को कमजोरी का माहौल देखने को मिला। सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई और कुछ ही देर में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक टूटकर 73,700 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी लगभग 200 अंक गिरकर 23,200 के नीचे कारोबार करता नजर आया। आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर दिखाई दिया। कई बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते बाजार में गिरावट और तेज हो गई। Global संकेतों का असर भारतीय बाजार पर अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक आर्थिक चिंताओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। IT सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आज आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। टेक कंपनियों से जुड़े शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार पर दबाव बढ़ गया। निवेशकों को डर है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती का असर आने वाले समय में आईटी कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है। इसके अलावा मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। रियल एस्टेट कंपनियों में गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। Midcap और Smallcap शेयर भी फिसले सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में चौतरफा बिकवाली के कारण छोटे निवेशकों को भी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि कुछ बैंकिंग और FMCG शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह तेजी बाजार को संभालने के लिए काफी नहीं रही। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों में गिरावट खरीदारी का मौका भी बन सकती है। Market Highlights हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex Crash Today: IT और Metal Stocks में भारी गिरावट, Market Pressure बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में आज एक बार फिर कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार से ही दबाव बना रहा और सेंसेक्स (Sensex)करीब 200 अंक गिरकर 74,200 के स्तर के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी (Nifty) भी लगभग 100 अंक टूटकर लाल निशान में चला गया। सुबह से ही बाजार में हल्की घबराहट का माहौल था, और जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, बिकवाली का दबाव और बढ़ता चला गया। क्यों टूटा शेयर बाजार? Metal और IT सेक्टर बने गिरावट की वजह आज की गिरावट में सबसे बड़ा रोल Metal और IT सेक्टर का रहा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और डॉलर की मजबूती ने IT सेक्टर को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। वहीं मेटल सेक्टर में डिमांड को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं। Global Market का असर भी दिखा अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं, जिसका सीधा असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर भी पड़ा। Investors के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market

Share Market में बड़ा उलटफेर! 50% टूटे Stock पर फिर बुलिश हुए Analysts

Share Market में उतार-चढ़ाव के बीच एक दिग्गज कंपनी का स्टॉक इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। कभी निवेशकों का पसंदीदा रहा यह शेयर अब अपने हाई लेवल से करीब 50 फीसदी तक टूट चुका है। लगातार गिरावट के बाद छोटे निवेशकों में चिंता बढ़ गई, लेकिन इसी बीच कई ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर पर फिर भरोसा जताया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यह स्टॉक शानदार वापसी कर सकता है और इसका भाव ₹3100 तक पहुंच सकता है। क्यों टूटा शेयर? पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयर पर लगातार दबाव देखने को मिला। कमजोर तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता और सेक्टर में सुस्ती इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं। इसके चलते निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी और शेयर में भारी गिरावट आ गई। कई निवेशकों को उम्मीद नहीं थी कि यह स्टॉक इतनी तेजी से नीचे आ जाएगा। बाजार में डर का माहौल बना और रिटेल निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। अब क्यों बढ़ा भरोसा? हाल ही में आई नई रिपोर्ट्स के बाद बाजार का नजरिया थोड़ा बदला है। कई ब्रोकरेज फर्म्स का कहना है कि कंपनी के फंडामेंटल अभी भी मजबूत हैं और आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी की कमाई बेहतर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि: इसी वजह से कुछ ब्रोकरेज हाउस ने शेयर के लिए ₹3100 तक का टारगेट प्राइस दिया है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी गिरते शेयर में सिर्फ सस्ता देखकर पैसा लगाना सही रणनीति नहीं होती। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, कर्ज, ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं को समझना जरूरी है। अगर कोई निवेशक लंबे समय के नजरिए से निवेश करना चाहता है, तो चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। वहीं शॉर्ट टर्म निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। क्या फिर दौड़ेगा यह शेयर? शेयर बाजार में कई बार बड़े स्टॉक्स भारी गिरावट के बाद दमदार वापसी भी करते हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों और बाजार के माहौल पर टिकी हुई है। अगर कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करती है तो यह शेयर आने वाले समय में फिर से तेजी पकड़ सकता है। फिलहाल बाजार में यही चर्चा है कि क्या यह टूटा हुआ स्टॉक एक बार फिर निवेशकों को बड़ा रिटर्न देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Down, IT Stocks Up! TCS-Infosys ने दिखाई जबरदस्त ताकत

Stock Market में मंगलवार का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा। एक तरफ सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में नजर आए, तो दूसरी तरफ आईटी सेक्टर ने बाजार की पूरी तस्वीर बदल दी। जब अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, तब TCS, Infosys, Tech Mahindra और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और एक बार फिर आईटी सेक्टर चर्चा के केंद्र में आ गया। गिरते बाजार में IT सेक्टर बना सबसे बड़ा सहारा मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। लेकिन इसी बीच आईटी शेयरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को राहत दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स में मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि TCS और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में 4 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी केवल एक दिन की खरीदारी नहीं, बल्कि सेक्टर में लौटते भरोसे का संकेत है। आखिर क्यों दौड़ रहे हैं IT Stocks? अमेरिकी ब्याज दरों पर टिकी उम्मीदें आईटी शेयरों में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आ रहे संकेत माने जा रहे हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में राहत दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो टेक्नोलॉजी कंपनियों का खर्च बढ़ेगा और भारतीय आईटी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना मजबूत होगी। AI को लेकर बदला निवेशकों का नजरिया कुछ समय पहले तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आईटी कंपनियों के लिए चुनौती माना जा रहा था। लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। निवेशकों को भरोसा है कि भारतीय आईटी कंपनियां AI को अपने बिजनेस का मजबूत हिस्सा बनाकर नए अवसर पैदा कर सकती हैं। ग्लोबल टेक कंपनियों से मिले पॉजिटिव संकेत दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के बेहतर नतीजों ने भी आईटी सेक्टर में उत्साह बढ़ाया है। क्लाउड सर्विसेज, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI आधारित प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर बनते दिख रहे हैं। किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी? बाजार में आईटी शेयरों की खरीदारी व्यापक रही। Infosys और TCS में सबसे अधिक रुचि देखने को मिली। इसके अलावा Tech Mahindra, Wipro, LTIMindtree और Coforge जैसे शेयर भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में आईटी शेयरों में आई गिरावट के बाद उनके वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर पहुंच गए थे। यही वजह है कि निवेशकों ने इस सेक्टर में दोबारा खरीदारी शुरू की है। निवेशकों के लिए आगे क्या है संकेत? विशेषज्ञों के अनुसार यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है और टेक्नोलॉजी सेक्टर में खर्च बढ़ता है तो भारतीय आईटी कंपनियों की आय में सुधार देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में भी आईटी शेयरों में सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है। हालांकि वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और बदलता टेक्नोलॉजी माहौल अभी भी निवेशकों के लिए नजर रखने वाले महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Opening: सप्ताह की शुरुआत शानदार, Sensex-Nifty की तेजी से निवेशकों के चेहरे खिले

पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन सप्ताह की शुरुआत ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। Stock Market खुलते ही बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। निवेशकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान सोमवार सुबह की तेजी ने उन निवेशकों को राहत दी है जो पिछले सत्रों में बाजार की सुस्ती से चिंतित थे। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार रुचि ने बाजार के माहौल को सकारात्मक बनाया है। किन सेक्टरों ने दिखाई मजबूती? शुरुआती कारोबार में निजी और सरकारी बैंकिंग शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसके अलावा आईटी और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की सक्रियता देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत नजर आई। आगे क्या है निवेशकों की नजर? विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों का निवेश और कंपनियों के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि सकारात्मक संकेत बने रहते हैं तो निफ्टी और सेंसेक्स दोनों नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। फिलहाल सप्ताह की शुरुआत ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। निवेशकों की उम्मीदें बढ़ी हैं और कारोबारियों को आने वाले दिनों में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FII

FII Outflow 2026: महंगा Valuation और STT बना भारतीय बाजार की परेशानी

भारतीय शेयर बाजार इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों यानी FII (Foreign Institutional Investors) की लगातार बिकवाली मानी जा रही है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाल ली है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन बड़े कारण हैं। इनमें भारतीय बाजार का महंगा वैल्यूएशन, अमेरिका की ब्याज दरें और STT से जुड़े नए नियम सबसे अहम माने जा रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार बाजार को राहत देने के लिए STT पर अपना फैसला बदल सकती है? Indian Stock Market क्यों लग रहा महंगा? पिछले कुछ सालों में भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन इसी तेजी के कारण अब भारतीय बाजार का वैल्यूएशन काफी ऊपर पहुंच गया है। कई विदेशी निवेशकों को लगता है कि मौजूदा स्तर पर भारतीय बाजार में निवेश करना ज्यादा फायदे का सौदा नहीं है। यही वजह है कि FIIs अब चीन, ब्राजील और दूसरे एशियाई बाजारों की तरफ रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें कम कीमत पर बेहतर अवसर दिखाई दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। US Interest Rate और Strong Dollar ने बढ़ाया दबाव अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति भी भारतीय बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे वहां के बॉन्ड और डॉलर आधारित निवेश ज्यादा आकर्षक हो गए हैं। ऐसे में विदेशी निवेशक जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका जैसे सुरक्षित बाजारों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसका असर भारतीय रुपये पर भी पड़ा है और डॉलर के मुकाबले रुपया दबाव में नजर आ रहा है। STT और F&O Rules से क्यों नाराज हैं Investors? Budget 2026 में सरकार ने Futures & Options ट्रेडिंग पर STT यानी Securities Transaction Tax बढ़ाने का फैसला लिया था। इसके बाद बाजार में काफी हलचल देखने को मिली। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि STT बढ़ने से ट्रेडिंग कॉस्ट ज्यादा हो गई है। इससे विदेशी निवेशकों के साथ-साथ बड़े ट्रेडर्स की दिलचस्पी भी कम हुई है। कई ब्रोकरेज कंपनियों ने सरकार से STT नियमों पर दोबारा विचार करने की मांग की है। क्या सरकार ले सकती है U-Turn? अब बाजार में चर्चा तेज हो गई है कि सरकार निवेशकों को राहत देने के लिए STT पर यू-टर्न ले सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर टैक्स नियमों में राहत दी जाती है तो विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर से लौट सकता है। घरेलू निवेशक बने बाजार का सहारा एक तरफ जहां विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू निवेशक बाजार को संभाले हुए हैं। SIP और म्यूचुअल फंड निवेश के जरिए भारतीय निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार में बना हुआ है। यही वजह है कि भारी विदेशी बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली। हालांकि आने वाले महीनों में वैश्विक संकेत और सरकारी फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Stock Market

Indian Stock Market Down: Sensex और Nifty में गिरावट

आज भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में निवेशकों को निराश करने वाला दिन रहा। पूरे सत्र में उतार-चढ़ाव के बाद अंत में बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। लगातार बिकवाली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दिन के अंत में बेंचमार्क इंडेक्स Sensex 479 अंक गिरकर 76,009 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 118 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में फिसल गया। Market में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? शुरुआत से ही बाजार में कमजोरी का माहौल दिख रहा था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली तेज होती गई और निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर पड़ता गया। मुख्य कारण रहे: किन सेक्टर्स ने गिराया पूरा बाजार? आज की गिरावट में कुछ प्रमुख सेक्टर्स की बड़ी भूमिका रही: Metal Stocks मेटल शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली, जिससे इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। Realty Sector रियल्टी स्टॉक्स में कमजोरी के चलते निवेशकों का भरोसा डगमगाया। Banking Shares बैंकिंग सेक्टर में भी गिरावट रही, जिससे बाजार की गिरावट और तेज हो गई। Investor के लिए क्या मतलब है ये गिरावट? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट पूरी तरह से ट्रेंड रिवर्सल नहीं है, बल्कि एक healthy correction हो सकता है। लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट धीरे-धीरे एंट्री का मौका भी बन सकती है, हालांकि शॉर्ट टर्म में volatility बनी रह सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update Senxex में 1000 अंकों की छलांग, Nifty ने फिर छुआ 24000 का लेवल

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में आज निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। ग्लोबल लेवल पर पॉजिटिव संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी ने एक बार फिर 24000 का अहम स्तर पार कर लिया। बाजार की इस तेजी ने एक बार फिर साबित किया कि ग्लोबल खबरों का असर भारतीय शेयर मार्केट पर कितना गहरा पड़ता है। Market Rally क्यों आई? (शेयर बाजार में तेजी के कारण) आज की इस तेज़ी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलता माहौल माना जा रहा है। निवेशकों की धारणा अचानक मजबूत हो गई जब अमेरिका-ईरान के बीच डील की संभावनाओं की खबरें सामने आईं। इसके अलावा कुछ और अहम वजहें भी रहीं: Sensex और Nifty का आज का हाल BSE Sensex ने आज दिनभर के कारोबार में मजबूत तेजी दिखाई और करीब 1000 अंकों की छलांग लगाई, जिससे बाजार में जबरदस्त उत्साह देखा गया। वहीं Nifty 50 ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 24000 के लेवल को फिर से छू लिया, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर माना जाता है। किन सेक्टर्स ने दी सबसे ज्यादा मजबूती? आज की Market Rally में कुछ सेक्टर्स ने अहम भूमिका निभाई: Banking Sector: मजबूत लोन ग्रोथ और खरीदारीIT Sector: ग्लोबल डिमांड से सपोर्टAuto Sector: रिकवरी का सिलसिला जारीEnergy Sector: क्रूड ऑयल में गिरावट से फायदा Global Market का असर क्यों पड़ा? अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है। इसका असर भारत पर भी साफ दिखा। अगर यह डील आगे बढ़ती है तो: Investors के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार में: यानी यह तेजी खुशी जरूर दे रही है, लेकिन इसमें सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market Sensex Down, लेकिन Midcap और Smallcap Stocks में रौनक

आज के शेयर बाजार (Share Market) में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। प्रमुख इंडेक्स BSE Sensex करीब 135 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, इस कमजोरी के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया और निवेशकों को दिनभर उम्मीद बनाए रखी। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, लेकिन अंत में लार्जकैप शेयरों में दबाव ज्यादा दिखा, जबकि ब्रॉडर मार्केट ने मजबूती दिखाई। Sensex में गिरावट, लेकिन बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं सेंसेक्स में गिरावट भले ही सीमित रही, लेकिन इसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर जरूर दिखा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट किसी बड़े ट्रेंड का संकेत नहीं, बल्कि प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा है। Midcap-Smallcap Stocks में जोरदार खरीदारी जहां बड़े शेयरों में कमजोरी रही, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इससे साफ है कि निवेशक अब ग्रोथ और मिड-सेगमेंट स्टॉक्स की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। Market Trend: क्या संकेत दे रहा है आज का कारोबार? आज का बाजार यह संकेत देता है कि: Expert View बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market Update: Sensex 75,200 के पास, Nifty में बढ़त और Rupee दबाव में

भारतीय शेयर बाजार में आज का कारोबार हल्की राहत लेकर आया, लेकिन करेंसी मार्केट की कमजोरी ने चिंता भी बढ़ा दी। शुरुआती सत्र में बाजार में सीमित तेजी देखने को मिली और निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की। Sensex करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 75,200 के आसपास ट्रेड करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी लगभग 50 अंकों की तेजी के साथ हरे निशान में बना रहा। रुपया 96.89 के रिकॉर्ड लो के करीब शेयर बाजार में हल्की तेजी के बावजूद रुपये पर दबाव लगातार बना हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपया 96.89 के ऐतिहासिक निचले स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। इस गिरावट से आयात महंगा होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे आने वाले समय में महंगाई (Inflation) पर भी असर पड़ सकता है। बाजार में मिला-जुला माहौल क्यों? आज के बाजार में स्थिरता की कमी के पीछे कई बड़े कारण रहे: हालांकि बैंकिंग और आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया और गिरावट को रोक दिया। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। नजर रखने वाली मुख्य बातें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

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