आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशसागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेशBREAKINGमध्य प्रदेशमध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेशBREAKINGदेश-हरपलEducation System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशनBREAKINGछत्तीसगढ़हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहलBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावाBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला, पत्नी ने नकाब हटाकर आरोपी को पहचानाBREAKINGस्पोर्ट्सTeam India vs Afghanistan Test: न्यू चंडीगढ़ में भारत की रिकॉर्ड जीत, पारी और 300 रन से मिली बड़ी सफलताBREAKINGदेश-हरपलWest Bengal Politics: TMC में घमासान, 20 सांसदों की बगावत से सियासी हलचलBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेशBREAKINGमध्य प्रदेशमध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेशBREAKINGदेश-हरपलEducation System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशनBREAKINGछत्तीसगढ़हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहलBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावाBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला, पत्नी ने नकाब हटाकर आरोपी को पहचानाBREAKINGस्पोर्ट्सTeam India vs Afghanistan Test: न्यू चंडीगढ़ में भारत की रिकॉर्ड जीत, पारी और 300 रन से मिली बड़ी सफलताBREAKINGदेश-हरपलWest Bengal Politics: TMC में घमासान, 20 सांसदों की बगावत से सियासी हलचल

NE

News Elementor

Latest Posts

Nifty

Share Market Update: Sensex में जोरदार उछाल, Nifty ने छुआ 23,800 लेवल

आज भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के चेहरे पर राहत और उत्साह दोनों नजर आए। शुरुआती कारोबार में खरीदारी का माहौल इतना मजबूत रहा कि प्रमुख इंडेक्स तेजी के साथ हरे निशान में पहुंच गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक Sensex करीब 300 अंक की छलांग लगाकर 75,700 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स Nifty 50 भी लगभग 100 अंक की बढ़त के साथ 23,800 के ऊपर कारोबार करता दिखा। बाजार में तेजी क्यों आई? शेयर बाजार में इस उछाल के पीछे कई कारण सामने आए हैं: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी फिलहाल निवेशकों की सकारात्मक भावना को दर्शाती है, हालांकि आगे उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा घरेलू आर्थिक डेटा, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों (FII-DII) के रुख पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर और सतर्कता के साथ कदम उठाने की सलाह दी जा रही है। आज का सत्र कुल मिलाकर शेयर बाजार के लिए एक मजबूत और भरोसा बढ़ाने वाली शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Share Market Rally: ग्लोबल पॉजिटिव संकेतों से Sensex में 790 अंकों की छलांग

भारतीय शेयर बाजार में आज का दिन निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा। ग्लोबल लेवल पर अमेरिका और चीन के बीच चल रही सकारात्मक बातचीत का असर भारतीय बाजारों पर साफ दिखा। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय संकेत मजबूत हुए, दलाल स्ट्रीट पर खरीदारी का माहौल बन गया और बाजार तेजी से ऊपर भागा। सेंसेक्स (Sensex) में करीब 790 अंकों की जोरदार छलांग लगी, जबकि निफ्टी ने भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार किया। पूरे दिन बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना रहा, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। आखिर बाजार में इतनी तेजी क्यों आई? आज की इस रैली के पीछे कई अहम वजहें रहीं, लेकिन सबसे बड़ा फैक्टर रहा US-China बातचीत से आया भरोसा। 1. US-China Trade Talks से राहत दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव कम होने की उम्मीद ने ग्लोबल मार्केट को राहत दी। इससे एशियाई बाजारों के साथ भारत में भी खरीदारी बढ़ गई। 2. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी विदेशी निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार में पैसा लगा रहे हैं। उनकी मजबूत खरीदारी ने इंडेक्स को ऊपर धकेला। 3. मजबूत सेक्टोरल सपोर्ट बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे बाजार को ताकत मिली। Sensex और Nifty का हाल दिनभर बाजार में एकतरफा तेजी का माहौल बना रहा और कई स्टॉक्स में अच्छी रैली देखने को मिली। ग्लोबल सेंटिमेंट का बड़ा रोल US-China रिश्तों में सुधार की उम्मीद का असर सिर्फ इन दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता। जब भी इन दोनों के बीच सकारात्मक संकेत आते हैं, तो दुनिया भर के बाजारों में भरोसा बढ़ता है। आज की तेजी भी इसी ग्लोबल कनेक्शन का नतीजा रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Share Market

Share Market Update: Sensex और Nifty दोनों चढ़े, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने बुधवार को दमदार शुरुआत की। सुबह कारोबार खुलते ही बाजार में खरीदारी का माहौल दिखा और बीएसई सेंसेक्स करीब 300 अंक चढ़कर 74,850 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 100 अंकों की तेजी के साथ 23,480 के पार कारोबार करता नजर आया। बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान मेटल सेक्टर का रहा, जहां निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन आज की तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत कर दिया। कारोबार के शुरुआती घंटों में ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयर हरे निशान में पहुंच गए। Metal Stocks ने पकड़ी रफ्तार आज के ट्रेडिंग सेशन में मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। टाटा स्टील, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील और वेदांता जैसे शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में धातुओं की कीमतों में मजबूती और चीन से बढ़ती मांग की उम्मीद ने इस सेक्टर को सपोर्ट दिया है। निवेशकों ने मेटल शेयरों में लंबी खरीदारी दिखाई, जिसका सीधा असर पूरे बाजार पर देखने को मिला। कई छोटे और मिडकैप मेटल शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज हुई। Banking और IT सेक्टर ने भी दिया साथ मेटल शेयरों के अलावा बैंकिंग और आईटी सेक्टर ने भी बाजार को मजबूती दी। निजी बैंकों के शेयरों में खरीदारी से बाजार का सेंटीमेंट सकारात्मक बना रहा। आईटी कंपनियों में भी हल्की बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार की रफ्तार बनी रही। क्यों आई बाजार में तेजी? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक आज की तेजी के पीछे कई बड़े कारण रहे— इन फैक्टर्स ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया और निवेशकों की खरीदारी बढ़ाई। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर विदेशी निवेश जारी रहा और वैश्विक बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा, तो आने वाले दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। हालांकि निवेशकों को अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मेटल, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर बेहतर विकल्प बनकर उभर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Stock Market

Stock Market Crash 2026: Sensex 1000 अंक टूटा, IT Shares में भारी बिकवाली से निवेशकों में हड़कंप

Stock Market में मंगलवार का दिन निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। लगातार चौथे कारोबारी दिन बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex करीब 1000 अंक टूटकर 75,000 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि Nifty भी भारी दबाव में नजर आया। सिर्फ चार दिनों में बाजार करीब 3000 अंक टूट चुका है, जिससे छोटे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। सबसे ज्यादा असर IT सेक्टर पर दिखाई दिया। Infosys, TCS, Wipro और HCLTech जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई। कई IT शेयर 5% तक गिर गए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में कमजोरी और ग्लोबल अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय IT कंपनियों पर पड़ा है। आखिर क्यों गिर रहा है शेयर बाजार? इस बड़ी गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के बाजारों को हिला दिया है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार का माहौल कमजोर कर दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में दिखाई दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है। छोटे निवेशकों में बढ़ी बेचैनी पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरते बाजार ने खासकर छोटे और नए निवेशकों की टेंशन बढ़ा दी है। कई लोगों ने तेजी की उम्मीद में निवेश किया था, लेकिन अचानक आई इस गिरावट ने पोर्टफोलियो को बड़ा झटका दिया है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराकर शेयर बेचने की बजाय समझदारी से फैसला लेना जरूरी है। उनका मानना है कि मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि का निवेश आगे चलकर फायदा दे सकता है। किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर? वहीं दूसरी तरफ ONGC और Oil India जैसी कुछ ऑयल कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बढ़ती क्रूड ऑयल कीमतों का फायदा इन कंपनियों को मिल सकता है। आगे क्या रहेगा बाजार का रुख? विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिकी बाजार, कच्चे तेल के दाम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
सेंसेक्स

Stock Market Crash: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, Nifty में बड़ी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार की शुरुआत निवेशकों के लिए झटके भरी रही। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 76,300 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 300 अंकों से ज्यादा गिरकर 23,900 के नीचे पहुंच गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि ज्यादातर सेक्टर्स लाल निशान में नजर आए। Auto और Banking सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऑटो और बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला। एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े बैंकिंग स्टॉक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई। वहीं ऑटो सेक्टर में भी निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे कई दिग्गज कंपनियों के शेयर फिसल गए। रियल्टी, मेटल और कंज्यूमर सेक्टर में भी कमजोरी बनी रही। Middle East तनाव का भी पड़ा असर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर दुनियाभर के बाजारों पर दिखाई दे रहा है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसने भारतीय बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। भारत तेल आयात पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए क्रूड ऑयल महंगा होने का सीधा असर अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह मानी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। गिरते बाजार में भी कुछ शेयरों में रही मजबूती हालांकि भारी गिरावट के बीच कुछ शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। बेहतर तिमाही नतीजों की वजह से टाटा कंज्यूमर और एमसीएक्स जैसे चुनिंदा स्टॉक्स में खरीदारी बनी रही। लेकिन कुल मिलाकर बाजार में डर और सतर्कता का माहौल साफ नजर आया। आगे क्या रहेगी बाजार की चाल? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Share Bazaar

Share Bazaar में भारी गिरावट: Bank Stocks टूटे, Auto सेक्टर पर बढ़ा दबाव

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार (Share Bazaar) में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। सुबह कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स करीब 600 अंक टूटकर 77,250 के आसपास पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 150 अंकों से ज्यादा फिसलकर 24,150 के करीब कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर दिखाई दिया। ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह रही कि दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा और निवेशकों का भरोसा थोड़ा कमजोर नजर आया। Oil Prices बढ़ने से बाजार पर दबाव मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सीधे शेयर बाजार पर पड़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़ने से भारतीय बाजार में दबाव बढ़ गया, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से खरीदता है। तेल महंगा होने का असर कंपनियों की लागत और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है। इसी डर से निवेशकों ने कई सेक्टरों में बिकवाली शुरू कर दी। Bank Stocks में सबसे ज्यादा गिरावट आज के कारोबार में HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और SBI जैसे बड़े बैंकिंग शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के दिनों में बैंकिंग शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी, इसलिए अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बैंकिंग सेक्टर पर दबाव बढ़ाया। Auto Sector भी दबाव में ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। Tata Motors, Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञ मानते हैं कि तेल की कीमतें बढ़ने से ऑटो सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल इस सेक्टर में सावधानी बरत रहे हैं। IT और Pharma Stocks ने संभालने की कोशिश की गिरते बाजार के बीच आईटी और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि इन सेक्टरों की मजबूती बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने के लिए काफी नहीं रही। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? मार्केट जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार की चाल काफी हद तक ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है, तो बाजार में दोबारा रिकवरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Market Crash Update: Sensex-Nifty में गिरावट, ग्लोबल संकेतों से दबाव में बाजार

भारतीय शेयर बाजार में आज का सत्र निवेशकों के लिए हल्का दबाव लेकर आया। वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता और कुछ सेक्टर्स में बिकवाली के चलते बाजार में कमजोरी देखने को मिली। हालांकि बड़ी गिरावट नहीं रही, लेकिन मूड पूरी तरह cautious रहा। Sensex और Nifty का अपडेट आज बीएसई Sensex 251 अंक गिरकर 77,017 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई Nifty भी 86 अंक टूटकर 24,032 पर आ गया। दिनभर बाजार में कभी हल्की रिकवरी तो कभी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, लेकिन अंत में दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ही बंद हुए। Real Estate Sector में सबसे ज्यादा दबाव आज के ट्रेडिंग सेशन में रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इसी वजह से इस सेक्टर में कमजोरी साफ नजर आई। Market गिरावट के पीछे क्या वजह रही? बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण सामने आए: इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर बाजार पर दबाव बनाया। Overall Market Mood कैसा रहा? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Stock Market

Stock Market Rally: चुनावी नतीजों के बीच Sensex-Nifty में जबरदस्त उछाल

देश में Assembly Election Results 2026 के रुझानों के बीच सोमवार को Stock Market ने जोरदार छलांग लगाई। सुबह जैसे ही चुनावी ट्रेंड्स आने शुरू हुए, बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ता दिखा और इसका असर सीधे इंडेक्स पर नजर आया। BSE Sensex करीब 1000 अंक तक चढ़ गया, जबकि **Nifty 50 ने भी लगभग 300 अंकों की तेजी के साथ 24,000 के पार मजबूती से कारोबार किया। चुनावी माहौल ने बदला बाजार का मूड पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों से आ रहे शुरुआती रुझानों ने बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना दिया। निवेशकों को उम्मीद है कि मजबूत और स्थिर सरकार बनने से आने वाले समय में आर्थिक फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। यही वजह रही कि बाजार खुलते ही खरीदारी हावी हो गई और दिनभर तेजी बनी रही। इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी आज की रैली में कई दिग्गज कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया: इसके अलावा FMCG और रियल एस्टेट सेक्टर ने भी बाजार को सपोर्ट दिया, जिससे तेजी और मजबूत हो गई। ग्लोबल फैक्टर्स का भी मिला साथ घरेलू कारणों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संकेत भी बाजार के पक्ष में रहे। इन सभी वजहों ने मिलकर बाजार को ऊपर की ओर धकेला। क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी? हालांकि आज की तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चुनाव के फाइनल नतीजे, ग्लोबल मार्केट और महंगाई जैसे फैक्टर्स आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
सेंसेक्स

Share Bazaar Crash: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, Global Tension का असर, Nifty भी गिरा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार का दिन निवेशकों के लिए भारी रहा। सुबह से ही बाजार में दबाव नजर आया और देखते ही देखते गिरावट गहराती चली गई। कई निवेशकों के लिए यह दिन चिंता और नुकसान दोनों लेकर आया। बाजार का ताजा हाल कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 76,300 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी 350 अंक से ज्यादा गिरकर 23,800 के नीचे फिसल गया। शुरुआती घंटों में हल्की रिकवरी की उम्मीद थी, लेकिन दिनभर बाजार दबाव में ही बना रहा। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट? आज की गिरावट में कुछ सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे— गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें 1. Global Tension का असर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव, ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। 2. Crude Oil Prices में उछाल कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ने का डर है। 3. FII Selling जारी विदेशी निवेशक लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे गिरावट और तेज हो गई। 4. Rupee Weakness रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है। 5. Global Markets से Weak Signals एशियाई और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा।मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इससे अछूते नहीं रहे, जिससे बाजार की चौड़ाई (market breadth) कमजोर रही। निवेशकों की जेब पर असर आज की इस गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर डाला। कुछ ही घंटों में लाखों करोड़ रुपये का मार्केट कैप साफ हो गया, जिससे रिटेल निवेशकों में घबराहट देखने को मिली। अब निवेशक क्या करें? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Stock Market

Stock Market Update Today: कमजोर शुरुआत के साथ Sensex-Nifty फिसले, निवेशक सतर्क

आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Today) की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों ही लाल निशान (Red Zone) में खुले, जिससे निवेशकों में हल्की चिंता और सतर्कता का माहौल देखने को मिला। बाजार की इस गिरावट ने साफ संकेत दिया कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और घरेलू फैक्टर्स का असर आज ट्रेडिंग पर दिखाई दे रहा है। Stock Market Opening: शुरुआत से ही दबाव में बाजार आज जैसे ही बाजार खुला, शुरुआती मिनटों में ही गिरावट दिखने लगी। सुबह का माहौल ही थोड़ा सुस्त रहा और बाजार में तेजी की कमी साफ नजर आई। किन सेक्टर्स में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट? आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स में दबाव देखने को मिला, खासकर: इन सेक्टर्स में बिकवाली ज्यादा रही, जिससे इंडेक्स पर सीधा असर पड़ा। Market Fall की बड़ी वजहें क्या रहीं? आज की गिरावट के पीछे कई कारण सामने आए: इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर बाजार की शुरुआत को कमजोर बना दिया। Stocks Today: कुछ शेयरों में भी दिखा दबाव शुरुआती कारोबार में ज्यादातर स्टॉक्स लाल निशान में रहे, हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों में हल्की खरीदारी भी देखने को मिली। Market Mood: निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय आज की शुरुआत यह संकेत दे रही है कि बाजार फिलहाल अस्थिर (Volatile) बना रह सकता है। दिनभर: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 2 3 4 13

Editor's Picks

सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.