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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
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Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
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Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold-Silver

Gold-Silver Price Today: चांदी ₹2,299 उछली, सोना ₹610 सस्ता; जानें आज के ताजा भाव

सोने-चांदी (Gold-Silver) के बाजार में बुधवार, 26 अगस्त को तस्वीर थोड़ी अलग रही। जहां चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखने को मिली, वहीं सोना हल्का सस्ता हुआ। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी ₹2,299 प्रति किलो उछलकर करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो पहुंच गई। दूसरी ओर 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹610 की गिरावट आई और भाव करीब ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम रहा। Silver Price Today: चांदी ने फिर पकड़ी रफ्तार चांदी की कीमत में एक दिन में ₹2,299 की बढ़ोतरी ने बाजार का ध्यान खींचा है। 999 शुद्धता वाली चांदी अब करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। साल की शुरुआत के मुकाबले भी चांदी महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो अब बढ़कर लगभग ₹2.44 लाख हो गया है। यानी साल के दौरान करीब ₹14 हजार प्रति किलो की बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, इस साल चांदी इससे भी कहीं ऊंचा स्तर देख चुकी है। 29 जनवरी 2026 को इसका भाव करीब ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया था। ऐसे में मौजूदा कीमत उस रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है। Gold Price Today: ₹610 की गिरावट से राहत चांदी के उलट सोने में बुधवार को नरमी रही। 24 कैरेट सोने का भाव ₹610 घटकर करीब ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया। लेकिन एक दिन की गिरावट के बावजूद सोना इस साल की शुरुआत की तुलना में काफी महंगा है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी। मौजूदा भाव करीब ₹1.61 लाख होने का मतलब है कि 2026 में अब तक सोने की कीमत में लगभग ₹29 हजार की बढ़ोतरी हो चुकी है। आखिर क्यों बदल रहे हैं Gold-Silver Rates? सोने-चांदी की कीमतों पर सिर्फ घरेलू मांग का असर नहीं पड़ता। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद, महंगाई और वैश्विक तनाव भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने में करीब 0.6% की गिरावट दर्ज हुई। निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर है। यही वजह है कि बुलियन मार्केट में एक दिन तेजी तो दूसरे दिन गिरावट देखने को मिल सकती है। इस साल Gold ने भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड सोना भी 2026 में कई बार रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 29 जनवरी को सोने का भाव करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो आने वाले महीनों में कीमती धातुओं में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि किसी भी अनुमान को निश्चित कीमत नहीं माना जा सकता। Jewellery खरीदने वालों के लिए जरूरी बात यहां बताए गए भाव बुलियन/IBJA के indicative rates हैं। ज्वेलरी खरीदते समय दुकान पर मिलने वाला अंतिम बिल अलग हो सकता है। इसमें सोने की purity के अलावा GST, making charges और अन्य शुल्क शामिल हो सकते हैं। IBJA के प्रकाशित रेट भी GST और making charges से अलग होते हैं। इसलिए अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो दुकान पर भुगतान करने से पहले purity, प्रति ग्राम भाव, making charges और GST का पूरा हिसाब जरूर देख लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी भी 50 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त को कमजोरी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा गिरकर करीब 77,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी करीब 50 अंक नीचे 24,150 के आसपास बना हुआ है। बाजार में खासतौर पर ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है। निवेशकों की नजर आज बाजार की दिशा और अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन पर बनी हुई है। Annu Projects IPO आज से खुला शेयर बाजार की हलचल के बीच Annu Projects का IPO भी आज यानी 25 अगस्त से खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 175.06 करोड़ रुपए जुटाने की योजना लेकर आई है। IPO में निवेशक 28 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने IPO के लिए 94 से 99 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 151 शेयर हैं और अधिकतम प्राइस बैंड के हिसाब से न्यूनतम निवेश करीब 14,949 रुपए बैठता है। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 2 सितंबर को BSE और NSE पर हो सकती है।
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5-Day Banking

5-Day Banking का इंतजार खत्म होगा? Bank Unions ने दी Strike की चेतावनी, ग्राहकों पर भी असर

बैंक में काम कराने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले दिन थोड़े मुश्किल हो सकते हैं। 5-Day Banking की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। कर्मचारियों की मांग है कि दूसरे और चौथे शनिवार की मौजूदा छुट्टी व्यवस्था को बदलकर हर शनिवार और रविवार को बैंक बंद रखा जाए। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। अब इस मुद्दे पर सरकार और बैंक प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए देशभर में प्रदर्शन और हड़ताल की तैयारी की जा रही है। दो साल से फैसले का इंतजार बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, मार्च 2024 में हुए 12वें Bipartite Settlement में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनी थी। प्रस्ताव में शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के समय में करीब 40 मिनट बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। यानी कर्मचारियों के काम के कुल घंटों में बड़ी कटौती किए बिना शनिवार की छुट्टी देने की योजना है। इसके बावजूद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। यही वजह है कि बैंक यूनियनों का गुस्सा अब बढ़ता जा रहा है। अभी क्या है Bank Holiday का नियम? फिलहाल बैंकों में हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। बाकी शनिवार को बैंक शाखाएं खुलती हैं। रविवार को सामान्य तौर पर बैंक बंद रहते हैं। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब अधिकांश सरकारी और निजी संस्थानों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंक कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। हड़ताल हुई तो Banking Services पर असर बैंक यूनियनों की ओर से आंदोलन आगे बढ़ने पर ग्राहकों को शाखाओं से जुड़े कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कैश जमा करने, निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य branch-based services प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि UPI, ATM, Mobile Banking और Internet Banking जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद रहती है। फिर भी हड़ताल के दौरान किसी खास बैंक की सेवाओं पर स्थानीय स्तर पर असर पड़ सकता है। सिर्फ 5-Day Banking ही नहीं, PLI भी मुद्दा बैंक कर्मचारियों की नाराजगी केवल पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था तक सीमित नहीं है। यूनियनों ने Performance Linked Incentive (PLI) से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आपत्ति जताई है। संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए PLI व्यवस्था पर उचित बातचीत होनी चाहिए। इसी के साथ बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी अन्य लंबित मांगों को भी आंदोलन में शामिल किया गया है। Bank Customers के लिए क्या जरूरी? अगर हड़ताल की तारीख तय होती है, तो ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें। खासकर कैश, चेक या शाखा में जाकर होने वाले काम को हड़ताल की संभावित तारीखों से पहले पूरा करना सुविधाजनक रहेगा। डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर असर अपेक्षाकृत कम पड़ सकता है, लेकिन किसी भी जरूरी लेनदेन के लिए बैंक की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए। अब सरकार के फैसले पर नजर 5-Day Banking का मुद्दा बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बन चुका है। कर्मचारी इसे लंबे समय से लंबित मांग बता रहे हैं, जबकि सरकार और बैंकिंग व्यवस्था के लिए इसका मतलब काम के घंटे, शाखाओं की उपलब्धता और ग्राहक सेवा के बीच संतुलन बनाना है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और बैंक प्रबंधन इस मांग पर कब अंतिम फैसला लेते हैं। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो बैंक यूनियनों का आंदोलन आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है।
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Gold

Gold-Silver Price Today: सोने की चमक बरकरार, ₹1.63 लाख के पार पहुंचा भाव; चांदी नरम

सोने (Gold) की कीमतों में तेजी का सिलसिला सोमवार, 24 अगस्त को भी जारी रहा। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन Gold Price में करीब ₹1,983 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और 24 कैरेट सोने का भाव ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, Silver Price में हल्की नरमी देखने को मिली और चांदी करीब ₹297 टूटकर ₹2.46 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में सोने का भाव करीब ₹1,63,000 से ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। वहीं चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई। अगस्त में सोना करीब ₹20 हजार महंगा अगस्त का महीना सोने के लिए काफी मजबूत साबित हो रहा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में तेजी इतनी तेज रही कि महज चार दिनों में सोने के भाव में करीब ₹8,200 से ₹8,400 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महीने की शुरुआत के मुकाबले सोने की कीमत में करीब ₹20 हजार तक का अंतर देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते भाव ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जो आने वाले दिनों में शादी या किसी दूसरे पारिवारिक कार्यक्रम के लिए सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। चांदी में क्यों आई गिरावट? जहां सोने ने सोमवार को तेजी दिखाई, वहीं चांदी में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। कारोबार के दौरान चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची। पिछले कुछ सत्रों में तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफा वसूली किए जाने को इसकी एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, चांदी अभी भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है। इसलिए बाजार में छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बावजूद कीमती धातुओं पर निवेशकों की नजर लगातार बनी हुई है। Gold Rate बढ़ने की बड़ी वजह क्या है? अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। Reuters के मुताबिक, सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना तीन महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी डॉलर ने सोने को सपोर्ट दिया है। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़े और फेडरल रिजर्व के चेयर के बयान को लेकर बाजार में उत्सुकता है। ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत सोने की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। Global Tension से भी सोने को सपोर्ट दुनियाभर में आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं। मौजूदा समय में अमेरिका-ईरान तनाव और अन्य वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार की चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में सोने की मांग को सहारा मिल सकता है। यही वजह है कि डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगाई के आंकड़े और फेड की नीतियों पर आने वाले संकेतों को सोने के बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे कैसा रहेगा Gold-Silver का भाव? आने वाले दिनों में सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संकेत, डॉलर की स्थिति और वैश्विक तनाव बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। फिलहाल सोना मजबूत तेजी के साथ ऊंचे स्तर पर है, जबकि चांदी में आज थोड़ी नरमी आई है। ऐसे में खरीदारी करने वालों के लिए रोजाना के भाव पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex में 100 अंक से ज्यादा की गिरावट, NIFTY भी फिसला

Sensex में 100 अंक से ज्यादा की गिरावट, NIFTY भी फिसला

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। Sensex 100 अंक से ज्यादा गिरकर करीब 77,350 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी में भी करीब 50 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और IT सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन सेक्टर के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार की चाल कमजोर रही। निवेशकों की नजर अब बाजार की आगे की दिशा पर बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों के संकेत और घरेलू स्तर पर आने वाली आर्थिक खबरें आगे के कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है। ऐसे में निवेशकों के लिए आज का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FSSAI

FSSAI का बड़ा एक्शन! Food Brands के भ्रामक दावों पर सख्ती, Domino’s के 5 लाइसेंस हुए Suspend

खाने-पीने की चीजों के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर किए जाने वाले दावों को लेकर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने अब सख्त रुख अपनाया है। FSSAI ने हाल के महीनों में 150 से ज्यादा Notices जारी किए हैं। इनमें Nestle India, PepsiCo, Coca-Cola India समेत कई नामी कंपनियां शामिल हैं। मामला Misleading Advertisements, गलत Claims और Labelling Rules से जुड़ा है। नियामक की इस कार्रवाई ने Food Industry में हलचल बढ़ा दी है। खास बात यह है कि कार्रवाई केवल बड़ी पैकेज्ड फूड कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि Restaurants, Food Chains और E-commerce Platforms भी इसकी जद में आए हैं। Nestle, PepsiCo और Coca-Cola समेत कई कंपनियों को Notice FSSAI की कार्रवाई में Nestle India, PepsiCo, Coca-Cola India, Abbott India, Red Bull India, Danone India, Monster Energy India, Mondelez India, Ferrero India और Kenvue समेत कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं। नियामक ने ऐसे मामलों पर सवाल उठाए हैं, जहां Product या Advertisement में किए गए दावों को लेकर नियमों का पालन नहीं हुआ। कुछ मामलों में उत्पादों की जब्ती जैसी कार्रवाई भी की गई है। FSSAI की सख्ती का एक बड़ा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक किसी Food Product को लेकर ऐसी जानकारी के आधार पर फैसला न लें, जो भ्रामक या नियमों के अनुरूप नहीं है। Domino’s के 5 Licenses हुए Suspend इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा Domino’s को लेकर है। FSSAI की कार्रवाई में Food Service Establishments को भी नोटिस दिए गए हैं। KFC, McDonald’s, Pizza Hut, Domino’s और Costa Coffee जैसे बड़े नाम भी जांच के दायरे में आए। रिपोर्ट के मुताबिक, Domino’s के पांच Food Licenses Suspend किए गए हैं। यह कदम Food Safety और Regulatory Compliance को लेकर गंभीरता दिखाता है। Amazon और Flipkart भी नहीं बचे FSSAI की निगरानी का दायरा Online Food Business तक भी पहुंच गया है। Amazon और Flipkart को कुल 12 Notices जारी किए गए हैं। वहीं, एक Amazon Warehouse का License भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि Food Safety Regulator अब केवल Manufacturing Companies ही नहीं, बल्कि Food Products की Online Supply Chain और उनके कारोबार से जुड़े अन्य हिस्सों पर भी नजर रख रहा है। क्यों महत्वपूर्ण है FSSAI की यह कार्रवाई? Food Products खरीदते समय ग्राहक अक्सर पैकेट पर लिखे Claims और Advertisements को देखकर फैसला लेते हैं। ऐसे में अगर किसी Product के फायदे, Ingredients या दूसरी खूबियों को लेकर जानकारी स्पष्ट नहीं है, तो Consumer Mislead हो सकता है। यही वजह है कि Misleading Advertising और Incorrect Labelling के खिलाफ कार्रवाई सीधे आम लोगों के हित से जुड़ी है। FSSAI की इस कार्रवाई से Food Companies के लिए भी साफ संदेश गया है कि Product Packaging और Advertising में किए गए Claims को नियमों के अनुरूप रखना होगा। कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि Consumer तक पहुंचने वाली जानकारी साफ, सही और भ्रामक न हो। Food Industry के लिए बड़ा संदेश 150 से ज्यादा Notices और कई Licenses पर कार्रवाई के बाद Food Industry में Regulatory Compliance को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बड़ी कंपनियों से लेकर Restaurants और Online Platforms तक, सभी के लिए यह कार्रवाई एक तरह की चेतावनी है। आखिरकार, खाने की चीजों के मामले में ग्राहक का भरोसा सबसे अहम होता है। FSSAI की सख्ती का असर अगर कंपनियों को अपने Claims और Labelling को लेकर ज्यादा सावधान बनाता है, तो इसका सीधा फायदा Consumer को मिलेगा। FSSAI Action का संदेश साफ है—Food Business में Brand कितना भी बड़ा क्यों न हो, नियमों का पालन जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Outlook: अगले हफ्ते बदलेगी बाजार की चाल? Sensex-Nifty पर इन 4 Factors की रहेगी नजर

शेयर बाजार (Stock Market) में पिछले कुछ दिनों से चल रही कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हर कारोबारी दिन अब यही सवाल है कि बाजार आखिर कब पलटेगा? शुक्रवार को Sensex और Nifty ने हल्की बढ़त के साथ सप्ताह का अंत जरूर किया, लेकिन पूरे सप्ताह दोनों इंडेक्स लाल निशान में रहे। 21 अगस्त को Nifty 50 करीब 24,252 अंक पर, जबकि Sensex 77,540.83 के स्तर पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर दोनों प्रमुख इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। अब 24 अगस्त से शुरू होने वाले नए कारोबारी सप्ताह में बाजार की नजर घरेलू घटनाक्रम के साथ-साथ कई Global Factors पर रहेगी। Crude Oil: बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता इन दिनों कच्चे तेल की कीमतें Dalal Street के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर बनी हुई हैं। Middle East में तनाव के चलते Oil Prices में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इसलिए तेल महंगा होने पर देश का Import Bill बढ़ सकता है और महंगाई को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। इसका सीधा असर कंपनियों की लागत और बाजार के Sentiment पर भी पड़ सकता है। अगर अगले सप्ताह Crude Oil में नरमी आती है, तो शेयर बाजार को राहत मिल सकती है। वहीं तेल की कीमतें फिर तेज हुईं तो निवेशकों की मुश्किल बढ़ सकती है। Global Market का मूड भी तय करेगा दिशा भारतीय बाजार अब ग्लोबल संकेतों से अलग होकर नहीं चल सकता। अमेरिकी बाजार, Bond Yields और दुनिया के प्रमुख बाजारों में निवेशकों की Risk Appetite का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है। खासकर ऊंची US Bond Yield विदेशी निवेशकों को Emerging Markets में निवेश को लेकर सतर्क कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में Global Market Trends पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। FII-DII Flow बनेगा बड़ा संकेत विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लंबे समय से भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में अगले सप्ताह FII की खरीदारी और बिकवाली बाजार के लिए अहम संकेत होगी। अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है और घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार खरीदारी करते हैं, तो बाजार को निचले स्तरों पर मजबूत सहारा मिल सकता है। इसके उलट FII Selling बढ़ती है तो तेजी पर दबाव बन सकता है। Nifty के Technical Levels पर रहेगी नजर Nifty फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह इंडेक्स 24,025.65 से 24,360.10 के बीच रहा और 24,252 के आसपास बंद हुआ। इससे साफ है कि बाजार अभी किसी मजबूत दिशा का इंतजार कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सत्रों में Consolidation जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को हर तेजी को Rally और हर गिरावट को Crash मानने से बचना होगा। Investors के लिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता? अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने की उम्मीद करना फिलहाल मुश्किल है। Crude Oil की कीमत, Middle East की स्थिति, Global Bond Yields और FII-DII Activity चार ऐसे फैक्टर हैं, जो Sensex-Nifty की दिशा बदल सकते हैं। अगर इन मोर्चों पर माहौल सुधरता है तो बाजार में Recovery देखने को मिल सकती है। वहीं किसी बड़े Negative Global Trigger की स्थिति में बिकवाली फिर लौट सकती है। यानी फिलहाल Dalal Street पर जल्दबाजी के बजाय धैर्य जरूरी है। आने वाले सप्ताह में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि बाजार किस दिशा में Breakout देता है और उसके पीछे कितनी मजबूती दिखाई देती है।
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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