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Stock Market

Stock Market Update Senxex में 1000 अंकों की छलांग, Nifty ने फिर छुआ 24000 का लेवल

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में आज निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। ग्लोबल लेवल पर पॉजिटिव संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी ने एक बार फिर 24000 का अहम स्तर पार कर लिया। बाजार की इस तेजी ने एक बार फिर साबित किया कि ग्लोबल खबरों का असर भारतीय शेयर मार्केट पर कितना गहरा पड़ता है। Market Rally क्यों आई? (शेयर बाजार में तेजी के कारण) आज की इस तेज़ी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलता माहौल माना जा रहा है। निवेशकों की धारणा अचानक मजबूत हो गई जब अमेरिका-ईरान के बीच डील की संभावनाओं की खबरें सामने आईं। इसके अलावा कुछ और अहम वजहें भी रहीं: Sensex और Nifty का आज का हाल BSE Sensex ने आज दिनभर के कारोबार में मजबूत तेजी दिखाई और करीब 1000 अंकों की छलांग लगाई, जिससे बाजार में जबरदस्त उत्साह देखा गया। वहीं Nifty 50 ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 24000 के लेवल को फिर से छू लिया, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर माना जाता है। किन सेक्टर्स ने दी सबसे ज्यादा मजबूती? आज की Market Rally में कुछ सेक्टर्स ने अहम भूमिका निभाई: Banking Sector: मजबूत लोन ग्रोथ और खरीदारीIT Sector: ग्लोबल डिमांड से सपोर्टAuto Sector: रिकवरी का सिलसिला जारीEnergy Sector: क्रूड ऑयल में गिरावट से फायदा Global Market का असर क्यों पड़ा? अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है। इसका असर भारत पर भी साफ दिखा। अगर यह डील आगे बढ़ती है तो: Investors के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार में: यानी यह तेजी खुशी जरूर दे रही है, लेकिन इसमें सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Rate Today: चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी, सर्राफा बाजार में बढ़ी हलचल

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने वालों के लिए सोमवार का दिन काफी अहम रहा। देशभर के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखने को मिला। सिर्फ एक दिन में सिल्वर करीब ₹5000 प्रति किलो महंगी हो गई, जबकि सोना भी रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आम ग्राहकों की चिंता भी बढ़ा दी है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और निवेशकों की बढ़ती सुरक्षित निवेश की मांग की वजह से Gold और Silver दोनों में तेजी बनी हुई है। शादी सीजन और बाजार में अस्थिरता का असर भी कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। आज क्या रहे सोना-चांदी के ताजा भाव? सोमवार, 25 मई 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। वहीं 22 कैरेट गोल्ड की कीमत लगभग ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। अगर चांदी की बात करें तो इसका रेट करीब ₹2.85 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया, जो पिछले कुछ दिनों की तुलना में काफी ज्यादा है। बाजार में इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान फिर से कीमती धातुओं की तरफ खींच लिया है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver के दाम? सोना और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, लोग सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। यही वजह है कि इन दिनों दोनों धातुओं में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। MCX पर भी दिखी जोरदार तेजी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। सिल्वर फ्यूचर में करीब 2 प्रतिशत तक उछाल देखा गया, जबकि गोल्ड फ्यूचर रिकॉर्ड हाई के बेहद करीब ट्रेड करता नजर आया। जानकारों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में सोना नया रिकॉर्ड बना सकता है। आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर? सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। खासकर शादी के लिए ज्वेलरी खरीदने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि निवेश करने वालों के लिए यह बाजार अभी भी आकर्षक माना जा रहा है। कई निवेशकों का मानना है कि लंबी अवधि में Gold और Silver बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। प्रमुख शहरों में Gold Rate शहर 24K Gold (10 ग्राम) 22K Gold (10 ग्राम) दिल्ली ₹1.60 लाख के करीब ₹1.46 लाख के करीब मुंबई ₹1.59 लाख के करीब ₹1.46 लाख के करीब चेन्नई ₹1.60 लाख से ज्यादा ₹1.47 लाख के करीब भोपाल ₹1.59 लाख के करीब ₹1.45 लाख के करीब विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेश करने से पहले बाजार की चाल और एक्सपर्ट की सलाह पर नजर रखना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jaishankar

Security से लेकर Investment तक: Jaishankar-Rubio Meeting का बड़ा असर

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (Jaishankar) और अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े वरिष्ठ नेता मार्को रुबियो (Rubio) के बीच हुई हालिया बैठक को भारत-अमेरिका रिश्तों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इस मुलाकात में सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं हुई, बल्कि सुरक्षा, निवेश और ‘Make in India’ जैसे बड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार हुआ। दोनों नेताओं की बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और इसमें साफ संकेत मिला कि भारत और अमेरिका आने वाले समय में अपने रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सुरक्षा सहयोग: आतंकवाद और Indo-Pacific पर साझा नजरिया बैठक में सबसे अहम मुद्दा सुरक्षा सहयोग रहा। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया। रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की जरूरत पर भी सहमति बनी। निवेश और व्यापार: भारत में बढ़ते अवसरों पर फोकस चर्चा के दौरान निवेश और व्यापार संबंधों को विस्तार देने पर भी खास ध्यान दिया गया। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सुधारों को देखते हुए अमेरिकी कंपनियों के लिए बड़े अवसर बताए गए। दोनों देशों ने व्यापारिक बाधाओं को कम करने और सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही Make in India को मिला नया समर्थन भारत की प्रमुख पहल ‘Make in India’ को बैठक में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। अमेरिकी पक्ष ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत में विदेशी निवेश और उत्पादन क्षमता दोनों में तेजी आएगी। India-US Relations: रिश्तों में नई ऊर्जा यह बैठक भारत और अमेरिका के रिश्तों में नई ऊर्जा का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देश रक्षा, टेक्नोलॉजी, निवेश और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और करीब आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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stock market

Share Market Sensex Down, लेकिन Midcap और Smallcap Stocks में रौनक

आज के शेयर बाजार (Share Market) में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। प्रमुख इंडेक्स BSE Sensex करीब 135 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, इस कमजोरी के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया और निवेशकों को दिनभर उम्मीद बनाए रखी। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, लेकिन अंत में लार्जकैप शेयरों में दबाव ज्यादा दिखा, जबकि ब्रॉडर मार्केट ने मजबूती दिखाई। Sensex में गिरावट, लेकिन बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं सेंसेक्स में गिरावट भले ही सीमित रही, लेकिन इसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर जरूर दिखा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट किसी बड़े ट्रेंड का संकेत नहीं, बल्कि प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा है। Midcap-Smallcap Stocks में जोरदार खरीदारी जहां बड़े शेयरों में कमजोरी रही, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इससे साफ है कि निवेशक अब ग्रोथ और मिड-सेगमेंट स्टॉक्स की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। Market Trend: क्या संकेत दे रहा है आज का कारोबार? आज का बाजार यह संकेत देता है कि: Expert View बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Market सोना ₹1.59 लाख के करीब, चांदी में भारी गिरावट

सोने (Gold) और चांदी (Silver) के दामों में आज फिर तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसने निवेशकों और आम लोगों दोनों का ध्यान खींचा। जहां सोना लगातार मजबूती दिखा रहा है, वहीं चांदी में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आज के कारोबार में सोना ₹392 की बढ़त के साथ करीब ₹1.59 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। इस साल अब तक सोने में करीब ₹26,000 प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे यह सुरक्षित निवेश (safe haven) के तौर पर और भी मजबूत होता दिख रहा है। लगातार बदलते वैश्विक हालात और बाजार में अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ चांदी के दामों में आज तेज गिरावट देखने को मिली। चांदी ₹1494 टूटकर ₹2.66 लाख प्रति किलो पर आ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर चांदी की कीमतों पर साफ दिख रहा है। आज का मार्केट अपडेट निवेशकों के लिए क्या समझें? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में अभी भी स्थिरता के साथ मजबूती बनी रह सकती है, जबकि चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। ऐसे में निवेश करने से पहले बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रुपये को बचाने के लिए RBI का बड़ा एक्शन! आम आदमी पर बढ़ सकता है EMI और लोन का बोझ

रुपये को बचाने के लिए RBI का बड़ा एक्शन! आम आदमी पर बढ़ सकता है EMI और लोन का बोझ

भारतीय रिजर्व बैंक यानी Reserve Bank of India (RBI) इन दिनों रुपये को मजबूत बनाए रखने और बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि RBI जल्द ही अपने “3 in 1 प्लान” पर काम तेज कर सकता है। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर RBI सख्ती बढ़ाता है तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI महंगी हो सकती है। साथ ही बाजार में नकदी कम होने से खर्च और निवेश पर भी असर पड़ सकता है। क्या है RBI का ‘3 in 1’ प्लान? RBI का यह प्लान तीन बड़े कदमों पर आधारित माना जा रहा है— 1. ब्याज दरों में बढ़ोतरी महंगाई को कंट्रोल करने और रुपये को मजबूत रखने के लिए RBI रेपो रेट बढ़ा सकता है। इससे बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा और वे ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं। 2. बाजार से नकदी कम करना RBI सिस्टम से अतिरिक्त पैसा निकालने की कोशिश कर सकता है ताकि रुपये पर दबाव कम हो और महंगाई नियंत्रित रहे। 3. डॉलर की मांग पर नजर रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI विदेशी मुद्रा बाजार में दखल बढ़ा सकता है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा मिलेगा। आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा? अगर RBI का यह प्लान लागू होता है तो सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ सकता है। हालांकि, RBI का मानना है कि लंबे समय में ये कदम देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद करेंगे। क्यों जरूरी हो गया यह कदम? हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक तनाव का असर भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में RBI रुपये को कमजोर होने से बचाने के लिए सख्त फैसले लेने के मूड में नजर आ रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि RBI का यह कदम अल्पकाल में आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, लेकिन इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Skoda

Skoda G.O.A.T Campaign: इंडिया में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग शुरुआत के साथ परफॉर्मेंस का नया युग

परफॉर्मेंस और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को नई पहचान देते हुए Skoda Auto India ने अपना नया ब्रांड कैंपेन “G.O.A.T – Greatest on a Track” लॉन्च किया है। इस कैंपेन के जरिए कंपनी ने अपने मशहूर G.O.A.T (Greatest of All Time) कॉन्सेप्ट को एक नया मतलब दिया है, जहां फोकस सिर्फ नाम पर नहीं बल्कि ट्रैक पर असली परफॉर्मेंस पर है। यह कैंपेन स्कोडा की उस सोच को सामने लाता है जिसमें हर कार को सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि एक “ड्राइविंग एक्सपीरियंस” माना जाता है—जहां कंट्रोल, सेफ्टी और स्पीड एक साथ महसूस होती हैं। मोटरस्पोर्ट DNA और 130 साल की विरासत पर जोर स्कोडा का कहना है कि उसकी पहचान सिर्फ कार बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 130 वर्षों की ग्लोबल इंजीनियरिंग विरासत और 125 वर्षों की मोटरस्पोर्ट हिस्ट्री से जुड़ी हुई है। कंपनी अपने RS (Rally Sport) बैज की 50+ साल की जर्नी को भी इस कैंपेन के जरिए सेलिब्रेट कर रही है। इसी के साथ ब्रांड यह संदेश दे रहा है कि उसकी हर कार में रेसिंग DNA पहले से मौजूद है—चाहे वह सिटी ड्राइव हो या हाईवे पर स्पीड। रिकॉर्ड के साथ हुई दमदार शुरुआत इस नए कैंपेन की शुरुआत एक बड़े रिकॉर्ड के साथ हुई, जिसने पूरे ऑटोमोबाइल सेक्टर का ध्यान खींचा। India Book of Records और Asia Book of Records की निगरानी में स्कोडा ने “एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले” का रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड कोयंबटूर के CoASTT (Coimbatore Auto Sports & Technical Training) ट्रैक पर बनाया गया, जहां स्कोडा की पांच कारों ने मिलकर 12:30.97 का शानदार टाइम दर्ज किया। पिट-स्टॉप चेंज सहित यह प्रदर्शन भारत में अब तक के सबसे तेज वाहन बेड़े की उपलब्धियों में शामिल हो गया है। स्कोडा का नया फोकस: सिर्फ स्पीड नहीं, पूरा ड्राइविंग एक्सपीरियंस कंपनी के अनुसार यह कैंपेन सिर्फ स्पीड दिखाने के लिए नहीं है, बल्कि उस फील को दिखाने के लिए है जो ड्राइवर को स्टीयरिंग पकड़ते ही मिलता है। स्कोडा का मानना है कि असली परफॉर्मेंस सिर्फ आंकड़ों में नहीं होती, बल्कि उसमें होती है: यही वजह है कि कंपनी “Greatest on a Track” को सिर्फ स्लोगन नहीं बल्कि एक एक्सपीरियंस के रूप में पेश कर रही है। ब्रांड की स्ट्रैटेजी और आगे की योजना स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशिष गुप्ता के मुताबिक, हर स्कोडा कार को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह हाई लेवल परफॉर्मेंस, सेफ्टी और डायनेमिक्स दे सके। कंपनी का यह भी कहना है कि यह कैंपेन उसकी “डिफरेंशिएशन स्ट्रैटेजी” का हिस्सा है, जिसके जरिए हर सेगमेंट में बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरियंस पहुंचाया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update: Sensex 75,200 के पास, Nifty में बढ़त और Rupee दबाव में

भारतीय शेयर बाजार में आज का कारोबार हल्की राहत लेकर आया, लेकिन करेंसी मार्केट की कमजोरी ने चिंता भी बढ़ा दी। शुरुआती सत्र में बाजार में सीमित तेजी देखने को मिली और निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की। Sensex करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 75,200 के आसपास ट्रेड करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी लगभग 50 अंकों की तेजी के साथ हरे निशान में बना रहा। रुपया 96.89 के रिकॉर्ड लो के करीब शेयर बाजार में हल्की तेजी के बावजूद रुपये पर दबाव लगातार बना हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपया 96.89 के ऐतिहासिक निचले स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। इस गिरावट से आयात महंगा होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे आने वाले समय में महंगाई (Inflation) पर भी असर पड़ सकता है। बाजार में मिला-जुला माहौल क्यों? आज के बाजार में स्थिरता की कमी के पीछे कई बड़े कारण रहे: हालांकि बैंकिंग और आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया और गिरावट को रोक दिया। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। नजर रखने वाली मुख्य बातें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold Silver Price Crash: 5 दिन में चांदी ₹33,000 सस्ती, Gold भी टूटा आज

भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। लगातार पांच दिनों में सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। खासकर चांदी के रेट में आई तेज गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों को हैरान कर दिया है। बाजार में अब हर तरफ यही चर्चा है कि आखिर सोना-चांदी के दाम अचानक क्यों गिर रहे हैं और क्या यह खरीदारी का सही मौका है? Silver Price Crash: चांदी में रिकॉर्ड गिरावट चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में तेज गिरावट देखने को मिली है। बाजार जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों की मुनाफावसूली (profit booking) इसके प्रमुख कारण हैं। Gold Price Update: सोने में भी गिरावट का असर चांदी के साथ-साथ सोने के दाम भी दबाव में हैं। सोना-चांदी क्यों गिर रहे हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स काम कर रहे हैं: क्या यह खरीदारी का सही समय है? बाजार विशेषज्ञों की राय में यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Market Update: सोने में हल्की बढ़त, चांदी में नरमी

सर्राफा बाजार में आज फिर हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कहीं सोने (Gold) की चमक थोड़ी बढ़ी है तो कहीं चांदी (Silver) की रफ्तार धीमी पड़ गई है। निवेशकों और आम खरीदारों के लिए यह बदलाव अहम माना जा रहा है क्योंकि रोजाना कीमतों में होने वाला ये उतार-चढ़ाव सीधे जेब पर असर डालता है। आज का बड़ा अपडेट (Gold & Silver Market Update) आज के ताज़ा कारोबार में: यानी बाजार में मिला-जुला ट्रेंड देखने को मिला है। सोना क्यों हुआ थोड़ा महंगा? आज सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। इसके पीछे कुछ अहम कारण रहे: हालांकि तेजी बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन बाजार में सोने की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। चांदी क्यों हुई सस्ती? चांदी के दामों में आज गिरावट देखी गई। इसके कारण: इस वजह से चांदी आज थोड़ी सस्ती मिल रही है। Market Trend कैसा है? विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दोनों धातुओं के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। आम लोगों और निवेशकों के लिए क्या संकेत? अगर आप खरीदारी या निवेश की सोच रहे हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET RE-Exam 2026 Guidelines: ड्रेस कोड से लेकर एग्जाम हॉल तक पूरे नियम जानें

NEET री-एग्जाम को लेकर लाखों छात्रों के बीच तैयारी तेज है, लेकिन इसी बीच National Testing Agency (NTA) ने परीक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें खासकर ड्रेस कोड और परीक्षा हॉल नियमों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है, ताकि एग्जाम पूरी तरह पारदर्शी और नकल-रहित हो सके। छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे परीक्षा सेंटर जाने से पहले सभी नियम अच्छे से समझ लें, क्योंकि छोटी सी गलती भी एंट्री रोक सकती है। NEET Exam Dress Code 2026: क्या पहनना सही रहेगा? NTA ने साफ कहा है कि उम्मीदवारों को सिंपल और हल्के कपड़े पहनकर आना चाहिए: NEET Exam में क्या नहीं पहनना चाहिए? NTA ने कुछ चीजों पर सख्त रोक लगाई है: NEET Exam Hall Rules: क्या लेकर जा सकते हैं? परीक्षा हॉल में सिर्फ जरूरी चीजों की अनुमति है: परीक्षा केंद्र में क्या बिल्कुल मना है? छात्रों के लिए जरूरी सलाह (Important Tips) NEET जैसी बड़ी परीक्षा में छोटी तैयारी भी बड़ा फर्क डालती है:
Gold

Gold Silver Price Crash: चांदी ₹9,209 टूटी, सोना ₹3,152 सस्ता, बाजार में हड़कंप

सोने (Gold)और चांदी (Silver) के दामों में आज एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली है। लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव ने सर्राफा बाजार को झकझोर दिया है। जहां चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना भी दबाव में नजर आया। इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों और ज्वेलरी कारोबार पर दिखाई दे रहा है। चांदी में बड़ा झटका, महीनेभर में ₹32,000 की गिरावट आज के कारोबार में चांदी की कीमत में ₹9,209 की बड़ी गिरावट आई और यह लगभग ₹2.31 लाख के स्तर पर पहुंच गई।सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस महीने अब तक चांदी करीब ₹32,000 तक सस्ती हो चुकी है, जो इसे एक बड़े करेक्शन की ओर इशारा करता है। सोने की कीमत भी टूटी, बाजार में दबाव बरकरार सोने के दामों में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। आज सोना ₹3,152 तक सस्ता हो गया। लगातार गिरावट के कारण ज्वेलरी बाजार में खरीदारी का मूड कमजोर पड़ा है और निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं। आखिर क्यों गिर रहे हैं Gold Silver के दाम? विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स जिम्मेदार हैं: इन सभी कारणों का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिख रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट आउटलुक फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही दबाव में बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल संकेत स्थिर नहीं होते, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sreesanth का बयान: Team India में Dhoni जैसा Mentor की जरूरत, Gambhir पर उठे सवाल

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। पूर्व तेज गेंदबाज़ Sreesanth ने टीम इंडिया के मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि टीम को सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि MS Dhoni जैसे शांत और समझदार मेंटर की जरूरत है। उन्होंने साथ ही Gautam Gambhir की कोचिंग स्टाइल पर भी टिप्पणी की है, जिससे क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है। Sreesanth ने क्या कहा? Sreesanth का कहना है कि आज के समय में सिर्फ नेट प्रैक्टिस और टेक्निकल ट्रेनिंग काफी नहीं है। खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखने वाला सिस्टम ज्यादा जरूरी है। उनके अनुसार: उनका इशारा साफ था कि क्रिकेट अब सिर्फ स्किल का खेल नहीं रहा, बल्कि माइंडसेट का भी खेल बन चुका है। MS Dhoni को क्यों बताया “Perfect Mentor”? Sreesanth ने MS Dhoni की leadership style की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी जैसे खिलाड़ी टीम में एक अलग ही शांति लेकर आते हैं। Dhoni के बारे में उन्होंने कहा: इसी वजह से Sreesanth का मानना है कि Team India को Dhoni जैसा mentor system चाहिए। Gautam Gambhir की Coaching पर सवाल Gautam Gambhir की coaching approach पर बात करते हुए Sreesanth ने कहा कि उनका तरीका काफी सख्त और सीधा है। उनकी चिंता थी कि: हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर कोच का अपना तरीका होता है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। क्यों शुरू हुई यह नई बहस? यह पूरा मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब India national cricket team लगातार अपने performance और team management को लेकर चर्चा में रहती है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज के दौर में: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया Sreesanth के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस बंट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि Dhoni जैसा calm leadership model ही सही रास्ता है, जबकि कुछ फैंस Gautam Gambhir की strict coaching approach का समर्थन कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Crash IT सेक्टर टूटा, Accenture के संकेत से निवेशकों को बड़ा नुकसान

Accenture के ताज़ा बिजनेस अपडेट और कमजोर ग्लोबल IT डिमांड के संकेतों ने दुनिया भर के बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) पर पड़ा, जहां IT सेक्टर में भारी गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार की शुरुआत ही दबाव में रही और कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। IT स्टॉक्स में तेज बिकवाली ने पूरे बाजार का मूड खराब कर दिया। IT सेक्टर में अचानक बड़ी गिरावट क्यों आई? Accenture के आउटलुक में स्लोडाउन के संकेत मिलने के बाद यह डर बढ़ गया कि ग्लोबल टेक डिमांड आने वाले समय में कमजोर रह सकती है। इसी वजह से: TCS, Infosys और Wipro जैसे बड़े शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों को ₹2 लाख करोड़ का झटका बाजार में अचानक आई इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की वेल्थ पर पड़ा। शुरुआती अनुमान के मुताबिक: करीब ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैप खत्म हो गयाछोटे और बड़े दोनों निवेशकों को नुकसानपोर्टफोलियो में अचानक गिरावट से चिंता बढ़ी गिरावट के पीछे असली कारण क्या हैं? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स हैं: इन सबने मिलकर बाजार में “risk-off mood” बना दिया। आगे बाजार कैसा रह सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि: हालांकि, कुछ निवेशक इस गिरावट को लंबी अवधि के लिए “buy the dip opportunity” भी मान रहे हैं। आम निवेशक के लिए सीख इस तरह की ग्लोबल खबरें दिखाती हैं कि बाजार सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि भावनाओं और भरोसे से भी चलता है। अचानक आई गिरावट डराती जरूर है, लेकिन समझदारी से लिया गया फैसला ही लंबे समय में फायदा देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
JD Vance

JD Vance का सबसे बड़ा Political Gamble! Iran Deal सफल रही तो बन सकते हैं अगले राष्ट्रपति

अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लेकिन इस समझौते से सबसे ज्यादा चर्चा जिस नेता की हो रही है, वह हैं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance। कभी विदेश नीति पर सख्त रुख रखने वाले वेंस आज ईरान के साथ हुई Peace Deal का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह समझौता सिर्फ अमेरिका और ईरान के रिश्तों का मामला नहीं है, बल्कि JD Vance के राजनीतिक भविष्य की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। अगर यह पहल सफल रहती है तो वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं। वहीं अगर समझौता टूटता है तो इसका असर सीधे उनके राजनीतिक करियर पर पड़ सकता है। 60 दिन का अहम दौर, दुनिया की नजरें टिकीं ईरान और अमेरिका के बीच बनी सहमति के बाद अब 60 दिनों का महत्वपूर्ण समय शुरू हो चुका है। इस दौरान दोनों देशों को समझौते की शर्तों का पालन करना होगा और आगे की बातचीत के लिए भरोसे का माहौल तैयार करना होगा। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं और दोनों पक्ष समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधों जैसे कई जटिल मुद्दे अभी भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। JD Vance क्यों बने समझौते का चेहरा? इस पूरी प्रक्रिया में JD Vance ने सक्रिय भूमिका निभाई है। शुरुआती बातचीत से लेकर अंतिम सहमति तक वे लगातार वार्ता के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर भी इस समझौते का बचाव किया और इसे अमेरिका के हित में बताया। व्हाइट हाउस के भीतर भी वेंस को इस डील का प्रमुख रणनीतिकार माना जा रहा है। यही कारण है कि समझौते की सफलता का श्रेय भी उन्हें मिल सकता है और असफलता की स्थिति में सबसे ज्यादा सवाल भी उन्हीं पर उठेंगे। राष्ट्रपति पद की दौड़ में मिल सकता है बड़ा फायदा अमेरिकी राजनीति में विदेश नीति हमेशा से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। यदि ईरान के साथ यह समझौता लंबे समय तक कायम रहता है और मध्य-पूर्व में स्थिरता आती है, तो JD Vance की छवि एक प्रभावशाली और सफल नेता के रूप में मजबूत होगी। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी स्थिति में वे रिपब्लिकन पार्टी के भीतर राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे निकल सकते हैं। यह समझौता उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिला सकता है। लेकिन खतरा भी उतना ही बड़ा जहां एक ओर इस डील से वेंस को बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर जोखिम भी कम नहीं है। अमेरिकी राजनीति में कई नेता पहले ही इस समझौते पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि ईरान पर भरोसा करना जल्दबाजी हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में समझौता विफल होता है, तनाव दोबारा बढ़ता है या ईरान शर्तों का उल्लंघन करता है, तो विपक्ष और आलोचक सीधे JD Vance को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। ऐसे में उनका राष्ट्रपति बनने का सपना भी प्रभावित हो सकता है। क्या बदल सकता है अमेरिकी राजनीति का भविष्य? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईरान Peace Deal कितना सफल होगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले कुछ सप्ताह JD Vance के राजनीतिक करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। दुनिया की निगाहें इस समझौते पर टिकी हैं। अगर शांति कायम रहती है तो JD Vance अमेरिकी राजनीति के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन यदि यह पहल विफल रही, तो यही समझौता उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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