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Jaypee

Jaypee Group पर मुसीबत के बादल ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मनोज गौड़ को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को Jaypee Infratech Limited (JIL) के प्रबंध निदेशक (MD) मनोज गौड़ (Manoj Gaur) को मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है।यह केस हज़ारों घर खरीदारों (Home Buyers) से हुई धोखाधड़ी (Fraud) और फंड्स के गलत इस्तेमाल (Fund Misuse) से जुड़ा हुआ है। ED की Action का Background ED ने यह गिरफ्तारी Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की है।जांच एजेंसी का कहना है कि Jaypee Infratech ने हज़ारों लोगों से फ्लैट के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन समय पर डिलीवरी नहीं दी।इसके बजाय कंपनी ने इन पैसों को अन्य ग्रुप कंपनियों में ट्रांसफर (Fund Diversion) कर दिया। ED ने इससे पहले भी Jaypee Group की कई प्रॉपर्टीज़ को अटैच किया था और अब इस केस में मनोज गौड़ की गिरफ्तारी से जांच और तेज़ हो गई है। Jaypee Group पर पहले भी लगे हैं आरोप Jaypee Infratech का नाम पहले भी Real Estate Scams में सामने आ चुका है।नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई प्रोजेक्ट्स में कंपनी ने 20,000 से अधिक घर खरीदारों से एडवांस लिए थे, लेकिन अधिकतर प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए।2017 में कंपनी के खिलाफ NCLT (National Company Law Tribunal) में दिवालिया प्रक्रिया शुरू की गई थी। ED की जांच में क्या सामने आया ED की शुरुआती रिपोर्ट में पता चला कि कंपनी ने कई शेल कंपनियों (Shell Companies) के ज़रिए पैसे इधर-उधर किए।जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि Jaypee Group ने Home Buyers से लिए गए फंड्स का इस्तेमाल अपने अन्य बिज़नेस को बचाने के लिए किया।अब ED यह ट्रैक कर रही है कि इन पैसों को किन अकाउंट्स में भेजा गया और किन लोगों को फायदा पहुंचाया गया। Home Buyers के लिए उम्मीद की किरण इस गिरफ्तारी के बाद Jaypee के हज़ारों घर खरीदारों को न्याय की उम्मीद जगी है।कई लोगों ने कहा कि “अगर ED की जांच सही दिशा में चलती रही तो हमें शायद अपने घर की चाबी मिल जाए।”पिछले कई सालों से ये खरीदार कोर्ट और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए हुए थे। आगे क्या होगा? ED अब मनोज गौड़ से पूछताछ करेगी कि प्रोजेक्ट्स के पैसे कैसे और कहाँ ट्रांसफर किए गए।अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो कंपनी और समूह की अन्य इकाइयों पर बड़ी कानूनी कार्रवाई (Major Legal Action) हो सकती है।मामले की सुनवाई जल्द ही विशेष PMLA अदालत (Special Court) में शुरू होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tata Motors

Tata Motors CV Share Listing टाटा मोटर्स के शेयर ने दिया 28% Premium

टाटा मोटर्स (Tata Motors) की कमर्शियल व्हीकल यूनिट Tata Motors Commercial Vehicles Ltd (TMCV) ने सोमवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। कंपनी के शेयर ने 28% प्रीमियम के साथ लिस्टिंग की और निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। Tata Motors CV Share Listing Details कंपनी का अनुमानित मूल्य ₹260.75 प्रति शेयर था, लेकिन NSE पर शेयर ₹335 के स्तर पर लिस्ट हुआ, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन जबरदस्त फायदा मिला।यह टाटा मोटर्स के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है क्योंकि कंपनी ने हाल ही में Passenger Vehicle और Commercial Vehicle सेगमेंट को अलग (Demerger) किया था। Demerger से Value Unlocking का फायदा टाटा मोटर्स ने अपने बिज़नेस को दो अलग-अलग कंपनियों में बांटा:Tata Motors Passenger Vehicles Ltd (TMPV) – जिसमें कार और EV सेगमेंट शामिल हैं।Tata Motors Commercial Vehicles Ltd (TMCV) – जो ट्रक, बस, और कमर्शियल व्हीकल्स पर केंद्रित है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस डिमर्जर से कंपनी का असली वैल्यू सामने आया है और निवेशकों को अब हर सेगमेंट की ग्रोथ को अलग-अलग आकलन करने का मौका मिलेगा। TMCV के लिए Growth Opportunities भारत में कमर्शियल व्हीकल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। इन सब कारणों से आने वाले समय में TMCV की बिक्री और मुनाफा दोनों में तेजी देखी जा सकती है। Short-Term में सावधानी जरूरी हालांकि, शॉर्ट-टर्म निवेशकों को थोड़ी सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि – Experts का मानना है मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि Tata Motors Commercial Vehicles का लॉन्ग-टर्म आउटलुक काफी मजबूत है।यदि कोई निवेशक 3-5 साल की अवधि के लिए निवेश करता है, तो यह शेयर अच्छे रिटर्न दे सकता है।लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

शेयर बाजार में उछाल! Sensex-Nifty ने बनाया नया रिकॉर्ड IT सेक्टर चमका

भारत के शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने बुधवार, 12 नवम्बर 2025 को शानदार शुरुआत की।BSE Sensex में करीब 600 अंकों की तेजी देखने को मिली, जबकि Nifty 50 25,892 के स्तर के पार पहुंच गया।ग्लोबल संकेतों, अमेरिका में सकारात्मक खबरों और आईटी सेक्टर (IT Sector) की मजबूत खरीदारी ने बाजार का मूड पूरी तरह हरा बना दिया। Market Rally की बड़ी वजहें Sector-wise प्रदर्शन Top Gainers (Nifty 50) इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, अदाणी एंटरप्राइजेज और मारुति सुजुकी — सभी में 1.5% से 3% की बढ़त दर्ज। Top Losers आईटीसी, नेस्ले इंडिया और बजाज फाइनेंस – एफएमसीजी सेक्टर के कारण हल्की गिरावट। Mutual Fund निवेश में गिरावट हालांकि मार्केट में तेजी रही, लेकिन अक्टूबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो 19% घटा।एनालिस्ट्स का कहना है कि यह निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है, हालांकि लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अब भी पॉजिटिव है। Expert View मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में IT और Midcap Stocks में मजबूती बनी रह सकती है।अमेरिका-भारत ट्रेड डील और ग्लोबल संकेत आने वाले हफ्तों में मार्केट की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Adani

Adani Group बनाएगा India का सबसे बड़ा Battery Storage System, 2026 तक पूरा होगा Mega Project

भारत में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Adani Group ने देश का अब तक का सबसे बड़ा Battery Energy Storage System (BESS) बनाने का ऐलान किया है।यह प्रोजेक्ट गुजरात के खवड़ा (Khavda) क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां अदाणी पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े Renewable Energy Park का निर्माण कर रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है और इसकी क्षमता लगभग 50 GWh (गीगावॉट-घंटे) होगी। इस प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर का निवेश होने जा रहा है, जो भारत की ऊर्जा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है। क्या है Battery Energy Storage System (BESS)? यह तकनीक सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा को स्टोर करने में मदद करती है ताकि जब सूरज न निकले या हवा न चले, तब भी बिजली सप्लाई बनी रहे।इससे बिजली ग्रिड को स्थिरता (Grid Stability) मिलती है और 24×7 ग्रीन पावर (Green Power) उपलब्ध कराई जा सकती है। भारत के Clean Energy Goals में अहम योगदान भारत सरकार ने 2031-32 तक 74 GW Battery Storage और 50 GW Pumped Hydro Storage का लक्ष्य तय किया है।अदाणी ग्रुप का यह प्रोजेक्ट इस मिशन में मील का पत्थर साबित हो सकता है।यह न केवल देश की फॉसिल फ्यूल डिपेंडेंसी घटाएगा बल्कि ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) भी मजबूत करेगा। Adani Project के बड़े फायदे 24×7 Green Power Supply: सोलर और विंड एनर्जी स्टोर करके बिजली की निरंतर आपूर्ति होगी।Fossil Fuel पर निर्भरता में कमी: कोयला और गैस आधारित पावर प्लांट्स की जरूरत घटेगी।Local Employment: गुजरात में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।Make in India को बढ़ावा: बैटरी और ऊर्जा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम। चुनौतियाँ भी कम नहीं भारत के Energy Transition में बड़ा योगदान केंद्र सरकार ने हाल ही में बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए ट्रांसमिशन चार्ज वेवर (Transmission Charge Waiver) को जून 2028 तक बढ़ा दिया है, जिससे ऐसे प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी।इसी के साथ, दिल्ली में भी दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा 20MW Battery Energy Storage System शुरू किया गया है, जो बिजली आपूर्ति को स्थिर करने में मदद करेगा। अदाणी ग्रुप का यह मेगा बैटरी प्रोजेक्ट भारत को “Green Energy Superpower” बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।अगर यह योजना तय समय पर पूरी हो जाती है, तो यह भारत की Energy Independence और Net Zero Emission Goal दोनों को गति देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price भारत में सोना ₹1.22 Lakh के पार, शादी सीजन में बढ़ी डिमांड

भारत में सोने की कीमत (Gold Price in India) ने आज नया रिकॉर्ड बना दिया है। सोमवार को MCX (Multi Commodity Exchange) पर दिसंबर वायदा में सोना ₹1,987 की बड़ी बढ़त के साथ ₹1,22,101 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है, जिसने निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों को हैरान कर दिया है। क्यों बढ़ी Gold की कीमत? वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की बढ़ती खरीदारी ने कीमतों को ऊपर धकेला है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से निवेशकों ने safe haven asset यानी सोने में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। भारत के प्रमुख शहरों में सोने का भाव (Gold Rate in Major Cities) शहर 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) दिल्ली ₹1,21,800 ₹1,12,000 मुंबई ₹1,21,900 ₹1,12,100 कोलकाता ₹1,21,850 ₹1,11,950 चेन्नई ₹1,22,300 ₹1,12,400 निवेशकों के लिए क्या सलाह? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में अभी और बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, मौजूदा ऊंचे स्तर पर नई खरीदारी करने से पहले निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।जिन्होंने पहले से निवेश किया है, उनके लिए यह profit booking का अच्छा मौका हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2,480 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, डॉलर इंडेक्स में गिरावट के कारण विदेशी निवेशक भी Gold में निवेश बढ़ा रहे हैं। यह वैश्विक स्तर पर bullish trend का संकेत देता है। आने वाले दिनों में क्या रहेगा ट्रेंड? बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर डॉलर कमजोर रहता है और वैश्विक तनाव जारी रहता है, तो सोना आगे भी नई ऊंचाइयां छू सकता है। शादी के सीजन में मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में भी सोने की चमक बरकरार रहने की उम्मीद है।2 सोने की कीमतों में यह ऐतिहासिक उछाल बताता है कि निवेशकों के लिए यह अब भी सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश बना हुआ है। लेकिन निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lenskart

Lenskart IPO Listing 2025 3% Discount पर लिस्ट हुआ शेयर, निवेशकों को लगा झटका

भारत की जानी-मानी आईवियर कंपनी Lenskart Solutions Ltd ने आज यानी 10 नवंबर 2025 को शेयर बाजार में अपनी एंट्री की। लाखों निवेशकों को इस आईपीओ से शानदार लिस्टिंग की उम्मीद थी, लेकिन कंपनी के शेयरों ने कमजोर शुरुआत की। IPO में जबरदस्त सब्सक्रिप्शन के बावजूद लिस्टिंग डिस्काउंट पर हुई, जिससे निवेशकों को निराशा हाथ लगी। Lenskart IPO Listing Day Highlights जबरदस्त सब्सक्रिप्शन, फिर भी Weak Listing Lenskart IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। इश्यू को 28.26 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें सबसे ज्यादा रुचि संस्थागत निवेशकों (QIBs) की रही। इसके बावजूद शेयर का डिस्काउंट पर लिस्ट होना बताता है कि निवेशक कंपनी के वैल्यूएशन और प्रॉफिट ग्रोथ को लेकर सतर्क हैं। Lenskart का बिज़नेस मॉडल और ग्रोथ प्लान Lenskart की शुरुआत 2008 में हुई थी और 2010 में कंपनी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। साल 2013 में दिल्ली में पहला ऑफलाइन स्टोर खोला गया। आज कंपनी भारत के साथ-साथ साउथ-ईस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट के बाजारों में भी सक्रिय है। IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने CoCo स्टोर्स (Company Operated Stores) खोलने, टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, ब्रांड प्रमोशन और अधिग्रहण (Acquisitions) के लिए करने वाली है। Market Experts की राय विशेषज्ञों के मुताबिक, Lenskart IPO Listing का कमजोर रहना संकेत है कि बाजार फिलहाल हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स को लेकर सावधान है। हालांकि, कंपनी की ब्रांड पावर, डिजिटल स्ट्रेटेजी और ओम्नी-चैनल उपस्थिति (Online + Offline) इसे लॉन्ग टर्म में एक मजबूत दांव बना सकती है। आगे क्या देखना होगा निवेशकों को फिलहाल कुछ मुख्य बिंदुओं पर नजर रखनी चाहिए: Lenskart Share Listing ने पहले दिन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान और विस्तार योजनाएं इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए आकर्षक बना सकती हैं। निवेशकों को फिलहाल कंपनी के तिमाही नतीजे और शेयर के ट्रेंड पर नजर रखनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold-Silver के दामों में गिरावट जारी: निवेशकों में चिंता, बाजार में मंदी का असर दिखा

Gold-Silver के दामों में गिरावट जारी: निवेशकों में चिंता, बाजार में मंदी का असर दिखा

पिछले तीन हफ्तों से लगातार Gold के दाम गिर रहे हैं। इस हफ्ते भी सोना ₹670 सस्ता हुआ है। अब सोने की कीमतों में यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी कमी आई है — इस हफ्ते चांदी ₹850 घटकर ₹1,48,275 प्रति किलो पर पहुंच गई है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सोने-चांदी पर भी दिख रहा है। निवेशक अब सुरक्षित निवेश के लिए शेयर मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग थोड़ी कमजोर पड़ी है। हालांकि ज्वैलर्स का कहना है कि आने वाले शादी के सीजन में सोने की खरीद फिर से बढ़ सकती है। अगर कीमतें इसी तरह नीचे रहीं, तो ग्राहकों के लिए ये समय सोना खरीदने का सही मौका साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI Stocks

US Market Crash AI Stocks में भारी गिरावट, मंदी की आशंका गहराई

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिका के शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया है।S&P 500 में 1.1%, Nasdaq Composite में 2%, और Dow Jones Industrial Average में करीब 0.8% की भारी गिरावट हुई। यह गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि US Economy के लिए Warning Signal मानी जा रही है। AI Stocks Crash: टेक सेक्टर में ‘Bubble Burst’ की आशंका पिछले कुछ महीनों से AI (Artificial Intelligence) सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही थी। कंपनियों के वैल्यूएशन आसमान छू रहे थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।AI कंपनियों के शेयर अचानक गिरने लगे हैं और निवेशकों को डर है कि कहीं यह AI Bubble फट न जाए (AI Bubble Burst)।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कई टेक कंपनियों के ग्रोथ आंकड़े उनके वैल्यूएशन के मुकाबले बेहद कम हैं, जिससे AI Stocks में Correction Phase शुरू हो चुका है। 1.53 Lakh Americans ने खोई Job – 20 साल की सबसे बड़ी छंटनी रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 में करीब 1.53 लाख लोगों की नौकरियां गईं, जो पिछले 20 वर्षों में सबसे ज्यादा है।यह आंकड़ा बताता है कि अमेरिकी कंपनियां लागत कम करने और मंदी की तैयारी में जुट गई हैं।रोजगार में यह भारी गिरावट अर्थव्यवस्था की कमजोरी को और बढ़ा सकती है। 38 Trillion Dollar का Debt – बढ़ा आर्थिक दबाव अमेरिका का कुल राष्ट्रीय ऋण (National Debt) अब 38 Trillion Dollar पार कर गया है, जो उसके GDP के करीब 324% तक पहुंच चुका है।इतना अधिक कर्ज सरकार, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों – तीनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि US Economy अब Debt Trap में फँसती जा रही है। Global Impact: भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ेगा असर अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर सिर्फ वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा।भारत जैसे देशों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय IT और टेक सेक्टर का बड़ा हिस्सा अमेरिकी निवेश और ऑर्डर पर निर्भर है।यदि अमेरिकी कंपनियां खर्च घटाती हैं, तो भारतीय एक्सपोर्ट और जॉब सेक्टर पर भी असर पड़ेगा।साथ ही, Foreign Institutional Investors (FII) भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे Sensex और Nifty पर दबाव बढ़ सकता है। Expert Opinion: निवेशकों को बरतनी होगी सावधानी आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि AI सेक्टर में ओवरवैल्यूएशन (Overvaluation) और अमेरिकी कर्ज में तेजी से वृद्धि ने बाजार को अस्थिर बना दिया है।वे सलाह दे रहे हैं कि निवेशक इस समय High-Risk Stocks में निवेश से बचें और सुरक्षित विकल्प चुनें।क्योंकि अगर यह गिरावट जारी रही, तो यह एक Global Recession का रूप ले सकती है। अमेरिका में आई यह गिरावट सिर्फ शेयर बाजार की नहीं, बल्कि AI Revolution के Reality Check की निशानी है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ हफ्ते तय करेंगे कि यह गिरावट अस्थायी है या किसी बड़ी Economic Crisis की शुरुआत।दुनियाभर के निवेशक अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हर कदम पर नज़र रख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Elon Musk

Tesla से xAI तक की Journey Elon Musk बने दुनिया के सबसे Powerful CEO

दुनिया के सबसे इनोवेटिव और अमीर बिजनेसमैन Elon Musk ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है।वो अब कहलाए जा रहे हैं दुनिया के पहले “Trillion Dollar CEO”, जिनके पास है ऐसा टेक एम्पायर जो Electric Cars, Space Rockets, Artificial Intelligence, Brain Chips और Social Media—सब कुछ कवर करता है।एलन मस्क की सोच और उनकी कंपनियाँ आज दुनिया के टेक्नोलॉजी भविष्य की दिशा तय कर रही हैं। Tesla – Electric Car Company जिसने बदल दी Auto Industry 2003 में शुरू हुई Tesla Motors का मकसद था दुनिया को Petrol-Diesel से Electric Vehicles (EVs) की ओर ले जाना।Elon Musk ने 2004 में कंपनी में निवेश कर चेयरमैन का पद संभाला और 2008 में CEO बने।आज Tesla का मार्केट वैल्यू करीब 1.5 Trillion Dollar है, और कंपनी सिर्फ कारें नहीं बल्कि Solar Panels और Battery Storage Systems भी बनाती है। Tesla की सफलता ने दिखाया कि Clean Energy ही भविष्य है। SpaceX – Elon Musk का Space Dream 2002 में Elon Musk ने शुरू की SpaceX, जिसका मकसद था “Space को सस्ता और सबके लिए सुलभ बनाना।”SpaceX पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी बनी जिसने रॉकेट को ऑर्बिट में भेजकर वापस पृथ्वी पर उतारा।कंपनी का बड़ा प्रोजेक्ट है Starlink, जो पूरी दुनिया में Satellite Internet पहुंचा रही है।आज SpaceX की वैल्यू लगभग 400 Billion Dollar है और Elon Musk के पास इसकी 42% हिस्सेदारी है। xAI – Artificial Intelligence में मस्क का नया दांव 2023 में Elon Musk ने लॉन्च की अपनी नई AI कंपनी xAI, जिसका लक्ष्य है “AI को Safe और Useful बनाना।”इसका सबसे चर्चित प्रोडक्ट है Grok, जो X App (Twitter) में चैटबॉट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।कंपनी की वैल्यू लगभग 80 Billion Dollar बताई जा रही है, और मस्क इसमें लगभग 59% हिस्सेदारी रखते हैं। xAI के आने से Musk ने AI Industry में OpenAI और Google DeepMind को सीधी चुनौती दी है। Neuralink – Mind से Machine तक का सफर 2016 में मस्क ने शुरू की Neuralink, जो Brain-Computer Interface तकनीक पर काम कर रही है।इस टेक्नोलॉजी के ज़रिए इंसान अपने दिमाग के ज़रिए कंप्यूटर को कंट्रोल कर सकेगा।हाल ही में कंपनी ने अपने पहले मानव ट्रायल में सफलता हासिल की है।Neuralink की वैल्यू लगभग 9 Billion Dollar है और यह भविष्य में मेडिकल टेक्नोलॉजी की दिशा बदल सकती है। X (Twitter) – Social Media का Everything App 2022 में मस्क ने Twitter को 44 Billion Dollar में खरीदा और इसका नाम बदलकर X कर दिया।उनका विज़न है कि X App सिर्फ सोशल मीडिया नहीं बल्कि एक Everything App बने — जिसमें चैटिंग, पेमेंट, न्यूज और AI सब कुछ एक साथ हो।हालांकि X की वैल्यू घटकर 9.4 Billion Dollar रह गई है, लेकिन xAI के साथ मिलकर इसका कॉम्बाइंड वैल्यूएशन करीब 45 Billion Dollar है। The Boring Company – Traffic के खिलाफ Underground Revolution 2017 में मस्क ने लॉन्च की The Boring Company, जिसका लक्ष्य है Underground Tunnels बनाकर शहरों का ट्रैफिक कम करना।लास वेगास में बना “Vegas Loop Tunnel” इसका पहला सफल प्रोजेक्ट है।कंपनी की वैल्यू लगभग 5.6 Billion Dollar है और मस्क इसे भविष्य के Smart Cities की नींव मानते हैं। क्यों कहा जा रहा है Elon Musk को ‘Trillion Dollar CEO’? एलन मस्क को Tesla की ओर से मिला $1 Trillion का Pay Package इतिहास का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट बोनस माना जा रहा है।उनकी सभी कंपनियों — Tesla, SpaceX, xAI, Neuralink, X और The Boring Company — की कुल वैल्यू मिलाकर वो एक Trillion Dollar Empire के मालिक बन गए हैं।उनका साम्राज्य अब कई देशों की GDP से भी बड़ा है। Global Impact: कैसे बदला मस्क ने टेक वर्ल्ड Elon Musk सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं, बल्कि Visionary Innovator हैं, जिन्होंने Tech World की परिभाषा बदल दी।Tesla से xAI तक, उनका हर कदम यह साबित करता है कि भविष्य उन्हीं का है जो “बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।”आज एलन मस्क सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक “One-Man Tech Revolution” बन चुके हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MSCI

Today Market Highlights MSCI Index में Indian Companies की Entry से निवेशकों को उम्मीद

आज का शेयर बाजार अपडेट (Stock Market Update Today) गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex और NSE Nifty दोनों सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सुबह के कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दिन के अंत तक मुनाफावसूली हावी रही। Sensex-Nifty की स्थिति कारोबार के दौरान Nifty 50 लगभग 25,546 अंकों पर 51 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। वहीं, Sensex भी मामूली नुकसान के साथ बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट का असर समग्र बाजार पर दिखाई दिया। सेक्टरवार रुझान (Sector-wise Trend) आज के कारोबार में Metal, Media और Energy सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। दूसरी ओर, FMCG, IT, Auto और Oil & Gas सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की। निवेशकों का फोकस प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बना हुआ है। Britannia के शानदार नतीजे (Britannia Q2 Results) Britannia Industries ने दूसरी तिमाही (Q2) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 23% बढ़कर ₹655 करोड़ पहुंच गया। इन मजबूत नतीजों से FMCG सेक्टर में तेजी देखने को मिली और निवेशकों को भरोसा मिला। Ola Electric और अन्य अपडेट्स Ola Electric की आय में साल-दर-साल करीब 43% की गिरावट देखने को मिली, हालांकि कंपनी का घाटा कुछ हद तक घटा है।वहीं, कई भारतीय कंपनियों के MSCI Index में शामिल होने की खबर से निवेशकों के मनोबल में सुधार देखा गया, जिससे विदेशी निवेश (FII inflows) को लेकर उम्मीदें बढ़ीं। ग्लोबल मार्केट्स का असर वैश्विक बाजारों में आज सकारात्मक रुझान रहे। जापान का Topix इंडेक्स 1.1% और दक्षिण कोरिया का Kospi 1% ऊपर रहा। एशियाई बाजारों की मजबूती ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया, हालांकि घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली ने बढ़त सीमित कर दी। निवेशकों के लिए सलाह (Investor Takeaway) विश्लेषकों का कहना है कि बाजार फिलहाल रेंज-बाउंड ट्रेडिंग में रहेगा। कंपनियों के Q2 नतीजे और अंतरराष्ट्रीय संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को FMCG, Auto और IT सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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