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Jharkhand

Jharkhand Student Protest: सरकार से दूसरी बातचीत भी बेनतीजा, 15वें दिन जारी आंदोलन

झारखंड (Jharkhand) में परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शन के 15वें दिन छात्रों और सरकार के बीच दूसरी बार बातचीत हुई, लेकिन इस बैठक में भी किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। हालांकि, सरकार ने छात्रों की शिकायतें और सुझाव सीधे सुनने के लिए ई-मेल और फीडबैक नंबर जारी करने की पहल की है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आए सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और जिन मुद्दों को लेकर वे सड़क पर हैं, उनका जल्द समाधान निकाला जाए। दूसरी बैठक में भी नहीं बनी बात छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच हुई दूसरी बैठक में परीक्षा से जुड़े विवादित मुद्दों पर चर्चा हुई। छात्रों ने अपनी मांगें और समस्याएं सरकार के सामने रखीं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत जरूर हुई, लेकिन ऐसा कोई फैसला नहीं हो सका जिससे आंदोलन खत्म करने पर सहमति बनती। बैठक के बाद अब छात्रों से सुझाव और शिकायतें लेने के लिए ई-मेल तथा फीडबैक नंबर उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। सरकार की यह पहल छात्रों की समस्याओं को सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए अहम मानी जा रही है। 15वें दिन भी सड़कों पर छात्र परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन लगातार 15वें दिन जारी है। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन ने परीक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र चाहते हैं कि उनकी शिकायतों पर केवल बातचीत तक सीमित न रहकर ठोस कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों के भविष्य का सवाल होता है, इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। Feedback के लिए Email और नंबर जारी सरकार की ओर से छात्रों के सुझाव लेने के लिए ई-मेल और फीडबैक नंबर जारी करना बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब छात्र अपनी शिकायतें और सुझाव इन माध्यमों के जरिए सरकार तक पहुंचा सकते हैं। हालांकि, छात्रों की मुख्य मांगों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार को मिलने वाले फीडबैक के बाद आगे क्या कदम उठाया जाता है। आंदोलन खत्म होगा या जारी रहेगा? दूसरी बैठक में सहमति नहीं बनने के बाद फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है। आने वाले दिनों में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच आगे की बातचीत इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है। एक तरफ सरकार बातचीत और फीडबैक के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है, वहीं छात्र अपनी मांगों पर स्पष्ट कार्रवाई चाहते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अगली बातचीत में कोई ऐसा रास्ता निकल पाएगा, जिससे 15 दिनों से चल रहा यह Student Protest खत्म हो सके। Jharkhand Student Protest से जुड़े इस मामले में छात्रों और सरकार के अगले कदम पर अब सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Arunachal

China ने बदले नाम तो India ने उठाया बड़ा कदम, Arunachal की 27 जगहें Map पर होंगी अलग

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) को लेकर भारत और चीन के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को मैप पर अलग तरीके से प्रदर्शित करने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब चीन कई बार भारतीय क्षेत्र के स्थानों के नाम बदलने की कोशिश कर चुका है। भारत ने साफ किया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है और किसी दूसरे देश की ओर से वहां के स्थानों के नाम बदलने से जमीनी स्थिति या भारत के अधिकार में कोई बदलाव नहीं होता। 27 जगहों को Map पर अलग दिखाने का फैसला केंद्र के फैसले के तहत अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को मानचित्र पर अलग पहचान के साथ दिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों की प्रशासनिक और भौगोलिक पहचान को स्पष्ट रखना है। सरकार का यह कदम चीन की उस रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जिसके तहत वह अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के लिए अपने हिसाब से नाम जारी करता रहा है। भारत पहले भी चीन की ऐसी कोशिशों को खारिज करता रहा है। China कई बार बदल चुका है नाम अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की ओर से नाम बदलने की कोशिश कोई नई बात नहीं है। चीन समय-समय पर राज्य के अलग-अलग स्थानों के लिए नए नामों की सूची जारी करता रहा है। चीन इन इलाकों को अपने नक्शे में अलग तरीके से पेश करता है और इन्हें दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताने का दावा करता है। भारत ने हर बार इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। भारतीय पक्ष का कहना रहा है कि केवल नाम बदल देने से किसी क्षेत्र पर दावा मजबूत नहीं हो जाता। भारत का रुख साफ, Arunachal Pradesh भारत का हिस्सा अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर का महत्वपूर्ण राज्य है। चीन के साथ इसकी लंबी सीमा लगती है, जिसके कारण यह इलाका रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है। भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि Arunachal Pradesh भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। राज्य के किसी भी इलाके के नाम में बाहरी स्तर पर बदलाव को भारत स्वीकार नहीं करता। केंद्र का ताजा कदम भी इसी रुख को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। नाम बदलने से नहीं बदलती जमीन की हकीकत किसी जगह का नाम बदलना या उसे किसी दूसरे नाम से नक्शे में दिखाना एक राजनीतिक संदेश जरूर हो सकता है, लेकिन इससे उस क्षेत्र की वास्तविक स्थिति अपने आप नहीं बदलती। भारत की ओर से चीन की ऐसी गतिविधियों पर पहले भी कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर किए जाने वाले इस तरह के प्रयास वास्तविकता को बदल नहीं सकते। यही वजह है कि 27 स्थानों को भारतीय मानचित्र पर स्पष्ट पहचान देने के फैसले को सिर्फ नक्शे से जुड़ा कदम नहीं, बल्कि एक स्पष्ट diplomatic message के तौर पर भी देखा जा रहा है। Border Areas पर भारत की नजर भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद लंबे समय से बना हुआ है। ऐसे में सीमा से लगे इलाकों की प्रशासनिक मौजूदगी, बुनियादी ढांचे और भौगोलिक पहचान को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज इलाकों में सड़क, संचार और अन्य सुविधाओं को बढ़ाने पर भी पिछले कुछ वर्षों में जोर दिया गया है। 27 स्थानों को Map पर अलग पहचान देने का फैसला इसी व्यापक रणनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। China को भारत का स्पष्ट संदेश केंद्र के इस फैसले से एक बात साफ है—अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करने वाला है। चीन अगर किसी भारतीय क्षेत्र के नाम बदलता है तो भारत उसे स्वीकार नहीं करता। आखिरकार नक्शे पर लिखे नाम से ज्यादा महत्वपूर्ण उस क्षेत्र की वास्तविक प्रशासनिक स्थिति और वहां की जमीन पर मौजूद हकीकत होती है। अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत इसी आधार पर लगातार अपना पक्ष मजबूती से रखता आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IIT Delhi

IIT Delhi में PM Modi का बड़ा संदेश: Degree के साथ Dreams और जिम्मेदारी लेकर निकलें छात्र

IIT Delhi का दीक्षांत समारोह इस बार छात्रों के लिए सिर्फ डिग्री लेने का अवसर नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह में युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों का एहसास कराया और कहा कि वे संस्थान से केवल डिग्री लेकर नहीं, बल्कि बड़े सपने और उन्हें पूरा करने का हौसला लेकर बाहर निकल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में शिक्षा, तकनीक, रिसर्च और Innovation को लेकर भारत की बढ़ती ताकत की झलक देखने को मिली। ‘डिग्री के साथ सपने भी लेकर निकलें’ छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि IIT जैसे संस्थानों में पढ़ाई करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली परीक्षा इसके बाद शुरू होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी पढ़ाई और तकनीकी ज्ञान को देश की जरूरतों से जोड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि युवा अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित न रखें। उनके पास नई सोच, तकनीकी समझ और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता है। ऐसे में देश को उनसे बड़े योगदान की उम्मीद है। मेधावी छात्रों को मिला सम्मान दीक्षांत समारोह में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडल प्रदान किए। जब छात्रों को मंच पर सम्मान मिला तो उनके चेहरों पर वर्षों की मेहनत की खुशी साफ दिखाई दी। पीएम मोदी ने विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने माना कि किसी छात्र की सफलता के पीछे उसकी अपनी मेहनत के साथ परिवार और शिक्षकों का योगदान भी अहम होता है। PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन भी रहा। भारत में High Performance Computing और आधुनिक तकनीक की क्षमता बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Supercomputer जैसी तकनीक का इस्तेमाल जटिल वैज्ञानिक गणनाओं, Research, Artificial Intelligence और कई दूसरे क्षेत्रों में किया जा सकता है। इससे देश में अत्याधुनिक रिसर्च और Innovation को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। युवाओं पर भरोसा, देश के भविष्य पर जोर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहें और नई तकनीक को केवल करियर बनाने के साधन के रूप में नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान के तौर पर भी देखें। उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से Technology और Innovation के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में IIT से निकलने वाले युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। IIT Delhi का समारोह क्यों रहा खास? IIT दिल्ली का यह समारोह दो वजहों से खास रहा। एक तरफ देश के होनहार विद्यार्थियों को उनकी मेहनत के लिए सम्मान मिला, वहीं दूसरी तरफ PARAM Pragya Supercomputer के उद्घाटन ने भारत की बढ़ती Computing और Research क्षमता को सामने रखा। प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों के लिए संदेश भी इसी दिशा में रहा—सफलता केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। असली पहचान इस बात से बनेगी कि युवा अपने ज्ञान, सपनों और तकनीकी क्षमता से देश और समाज के लिए क्या करते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rishabh Pant

Rishabh Pant की खास इच्छा: Uttarakhand में बनाना चाहते हैं अपना घर, CM Dhami ने दिया भरोसा

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) इन दिनों अपने क्रिकेट को लेकर ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड में अपना घर बनाने की इच्छा को लेकर भी चर्चा में हैं। पंत ने आधी रात को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) से मदद की अपील की। उनकी इस गुहार पर मुख्यमंत्री ने भी सकारात्मक जवाब देते हुए भरोसा दिलाया। पंत लंबे समय से उत्तराखंड में जमीन खरीदकर अपना घर बनाना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह करीब तीन साल से इसके लिए जमीन की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी तलाश पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से मदद मांगी। आधी रात को CM Dhami से की अपील ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपनी परेशानी बताई। उन्होंने उत्तराखंड में जमीन खरीदने की इच्छा जाहिर करते हुए इस प्रक्रिया में सहयोग मांगा। पंत की अपील में सबसे खास बात यह रही कि वह अपने लिए किसी तरह की मुफ्त जमीन नहीं मांग रहे हैं। उनकी इच्छा नियमों के तहत जमीन खरीदकर वहां अपना घर बनाने की है। Delhi से Uttarakhand शिफ्ट करना चाहते हैं पंत ऋषभ पंत का उत्तराखंड से रिश्ता बेहद खास है। उनका जन्म हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ और उन्होंने अपने जीवन का शुरुआती हिस्सा इसी क्षेत्र में बिताया। क्रिकेट में बड़ी पहचान बनाने के बाद भी उनका अपने राज्य से जुड़ाव लगातार बना हुआ है। अब पंत चाहते हैं कि उत्तराखंड में उनका अपना घर हो और आने वाले समय में वह अपना बेस दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट कर सकें। उनके लिए यह सिर्फ जमीन खरीदने का मामला नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों के करीब लौटने की एक व्यक्तिगत इच्छा भी है। CM Pushkar Dhami ने दिया भरोसा पंत की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने क्रिकेटर को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या को देखा जाएगा और जरूरी सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद पंत की यह अपील चर्चा में आ गई। सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट फैंस इसे पंत के उत्तराखंड से जुड़ाव के तौर पर देख रहे हैं। तीन साल से चल रही है जमीन की तलाश रिपोर्ट्स के अनुसार, पंत पिछले करीब तीन वर्षों से उत्तराखंड में अपने घर के लिए उपयुक्त जमीन तलाश रहे हैं। हालांकि, जमीन खरीदने से जुड़ी प्रक्रिया और दूसरी व्यावहारिक परेशानियों के कारण उनकी योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसी वजह से उन्होंने अब मुख्यमंत्री से मदद की उम्मीद जताई है। अगर पंत की यह योजना पूरी होती है तो क्रिकेट के मैदान से दूर अपने hometown में उनका नया ठिकाना बनना उनके लिए भावनात्मक रूप से भी खास पल होगा। उत्तराखंड से पंत का पुराना नाता ऋषभ पंत ने कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता हासिल करने के बाद वह देश के प्रमुख क्रिकेट सितारों में शामिल हो गए। बावजूद इसके, उत्तराखंड से उनका लगाव कम नहीं हुआ। अब उनका उत्तराखंड में अपना घर बनाने का सपना इसी रिश्ते को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद उम्मीद है कि जमीन से जुड़ी उनकी परेशानी जल्द दूर हो सकती है। फिलहाल ऋषभ पंत की इस आधी रात वाली अपील ने क्रिकेट के साथ-साथ उनके निजी जीवन और उत्तराखंड से जुड़ाव को भी चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tharoor

RSS और Hindu Rashtra पर Tharoor की दो टूक, बोले- विचारधारा नहीं बदली, लेकिन संकेत अलग

कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा को लेकर बड़ा बयान दिया है। थरूर का कहना है कि संघ के मूल विचार और उसका हिंदू राष्ट्र से जुड़ा लक्ष्य अब भी कायम है। हालांकि, उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों को संगठन के रुख में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर भी देखा है। थरूर के मुताबिक, RSS लंबे समय से भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने की बात करता रहा है। उनके अनुसार संगठन की वैचारिक दिशा को पूरी तरह बदला हुआ मानना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि, मोहन भागवत के कुछ हालिया बयानों से यह जरूर संकेत मिलता है कि संघ अपने विचारों को मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से नए तरीके से पेश कर रहा है। RSS की विचारधारा पर क्या बोले थरूर? शशि थरूर ने RSS की विचारधारा पर बात करते हुए कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य समझना जरूरी है। उनके अनुसार, संघ की विचारधारा में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। थरूर का मानना है कि किसी संगठन की विचारधारा में बदलाव केवल बयानों से तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए उसके लंबे समय के काम, नीतियों और सार्वजनिक रुख को भी देखना पड़ता है। Bhagwat के बयान को क्यों माना बदलाव का संकेत? RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। थरूर ने भी माना कि भागवत की ओर से दिए गए कुछ संदेशों को बदलाव की दिशा में संकेत के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि RSS ने अपनी मूल विचारधारा पूरी तरह बदल ली है। थरूर के बयान का मुख्य संदेश यही है कि संगठन की वैचारिक नींव और उसके मौजूदा सार्वजनिक रुख के बीच अंतर को समझने की जरूरत है। Hindu Rashtra का मुद्दा फिर चर्चा में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अवधारणा RSS और उससे जुड़े राजनीतिक विमर्श में लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं के विचार भी अलग रहे हैं। थरूर के ताजा बयान ने एक बार फिर इस बहस को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ RSS के पुराने वैचारिक रुख की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर भागवत के हालिया बयानों को बदलते समय के साथ संगठन की भाषा में आए बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। बयान के राजनीतिक मायने क्या हैं? शशि थरूर का बयान ऐसे समय आया है जब RSS की भूमिका और उसकी विचारधारा को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है। थरूर ने एक ओर संघ के पुराने वैचारिक लक्ष्य की ओर इशारा किया, तो दूसरी ओर भागवत के बयानों में दिखाई दे रहे बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं किया। कुल मिलाकर, थरूर का रुख यह बताता है कि RSS की विचारधारा को समझने के लिए केवल पुराने बयानों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। संगठन के मौजूदा बयानों और उसके भविष्य के रुख पर भी नजर रखनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chamba

Chamba में दर्दनाक हादसा: चालुज मोड़ पर पलटी Private Bus, 7 की मौत

हिमाचल प्रदेश के चंबा (Chamba) जिले से शनिवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास यात्रियों से भरी एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्री घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंच गए। बैरागढ़ से चंबा जा रही थी Bus मिली जानकारी के अनुसार, निजी बस शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए निकली थी। बस कुछ दूरी ही तय कर पाई थी कि देवीकोठी के पास चालुज मोड़ पर अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद बस सड़क से नीचे जा गिरी और दूसरी सड़क के पास जाकर पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि बस में करीब 18 लोग सवार थे। हादसे में 7 लोगों की मौत दुर्घटना में ड्राइवर और कंडक्टर समेत 7 लोगों की जान चली गई। वहीं 11 यात्री घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय लोगों और राहत-बचाव टीम की मदद से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। पहाड़ी इलाका और सड़क की स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के कारण राहत कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने पहुंचकर की मदद हादसे की आवाज और जानकारी मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने पुलिस और बचाव दल के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिवारों तक जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, वहां भी मातम छा गया। Chamba Bus Accident की वजह क्या थी? फिलहाल दुर्घटना की सटीक वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती जानकारी में बस के अनियंत्रित होने की बात कही जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा चालक की गलती, सड़क की स्थिति या किसी अन्य कारण से हुआ, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पहाड़ी इलाकों में घुमावदार सड़कें और अचानक आने वाले तीखे मोड़ वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती होते हैं। ऐसे में चंबा का यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर Road Safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हादसे के बाद इलाके में मातम चालुज मोड़ के पास हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, उनके लिए यह सुबह जिंदगी भर की एक दर्दनाक याद बन गई। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव के साथ-साथ हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल हादसे में 7 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: अमरनाथ यात्रा रोकी गई, Delhi-NCR में जाम; Bihar के बगहा में 300 घर डूबे

देश के कई हिस्सों में बारिश (Heavy Rain) ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें पानी में डूब गईं तो कहीं पहाड़ों पर लैंडस्लाइड ने रास्तों को प्रभावित किया। खराब मौसम का असर Amarnath Yatra पर भी पड़ा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जम्मू में यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। दूसरी ओर, Delhi-NCR में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हुआ और सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बिहार के बगहा में हालात और चिंताजनक हैं, जहां करीब 300 घर पानी में डूबने की खबर है। Amarnath Yatra पर बारिश का असर, जम्मू में रोकी गई यात्रा जम्मू-कश्मीर में लगातार खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा प्रभावित हुई है। बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ने के चलते प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। यात्रा को जम्मू में अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है। रास्तों की स्थिति और मौसम का जायजा लेने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल मौसम की स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी है। Delhi-NCR में बारिश से सड़कें हुईं जलमग्न दिल्ली और NCR के कई हिस्सों में बारिश के बाद रोजमर्रा की जिंदगी की रफ्तार धीमी पड़ गई। कुछ प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। कई जगह गाड़ियां पानी में फंस गईं और ट्रैफिक की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बारिश के दौरान ऑफिस और जरूरी काम से निकले लोगों को जाम में काफी समय बिताना पड़ा। जलभराव वाले इलाकों में वाहन धीरे-धीरे चलते नजर आए, जिससे कई मार्गों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ गया। Bihar के Bagaha में 300 घर पानी में डूबे बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां करीब 300 घरों के पानी में डूबने की जानकारी सामने आई है। जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। बगहा के निचले इलाकों में पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। पहाड़ से मैदान तक बारिश का असर लगातार बारिश का असर सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं है। जम्मू-कश्मीर में जहां लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने का खतरा बना हुआ है, वहीं दिल्ली-NCR में जलभराव और Traffic Jam लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बिहार में पानी बढ़ने से ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के इस दौर में सबसे बड़ी चुनौती लोगों की सुरक्षा और आवागमन को सामान्य बनाए रखना है। प्रशासन की नजर मौसम और प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है। लोगों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। Weather को लेकर सतर्क रहने की जरूरत मौसम का मिजाज बदलने के साथ आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। वहीं जलभराव वाले इलाकों में वाहन लेकर निकलने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। फिलहाल अमरनाथ यात्रा, Delhi-NCR का Traffic और बिहार के बगहा में जलभराव—तीनों जगह बारिश ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब सभी की नजर मौसम के अगले अपडेट और प्रशासन की तैयारियों पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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श्रीगंगानगर में 169 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ नष्ट, 101 मामलों में जब्त ड्रग्स को सीमेंट फैक्टरी में जलाया गया

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 169 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त इन प्रतिबंधित पदार्थों को शुक्रवार को एक सीमेंट फैक्टरी में वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत जलाकर पूरी तरह नष्ट किया गया। 101 मामलों में जब्त ड्रग्स किए गए नष्ट श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरी शंकर ने बताया कि जिन मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया गया, उनका एनडीपीएस एक्ट की धारा 52A(2) के तहत न्यायालय द्वारा भौतिक सत्यापन पहले ही पूरा किया जा चुका था। जिले के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 101 मामलों से जब्त किए गए मादक पदार्थों में शामिल हैं: इन सभी मादक पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य 169 करोड़ 50 लाख 80 हजार 230 रुपये बताया गया है। आईजी और जिला स्तरीय समिति की मौजूदगी में हुई कार्रवाई मादक पदार्थों के नष्टीकरण की प्रक्रिया बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुई। वहीं जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता श्रीगंगानगर एसपी हरी शंकर ने की। एसपी ने कहा कि जिला पुलिस नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के खिलाफ लगातार अभियान राजस्थान पुलिस राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए मादक पदार्थों का समय-समय पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुरक्षित तरीके से नष्टीकरण किया जाता है, ताकि उनका दोबारा दुरुपयोग न हो सके। राजस्थान और देश की ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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E20 पेट्रोल पर राहुल गांधी के सवाल, सरकार ने किया बचाव; जानिए पूरा विवाद

देश में E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर राजनीतिक और तकनीकी बहस तेज होती जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि E20 को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। राहुल गांधी ने क्या कहा? राहुल गांधी ने करीब 53 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह एक कार की पेट्रोल टंकी खोलकर अंदर देखते हुए कहते हैं कि, “आमतौर पर कहा जाता है कि दाल में काला है, लेकिन यहां तो पूरी दाल ही काली है।” उन्होंने आरोप लगाया कि E20 ईंधन के कारण लोगों की कारें और स्कूटर प्रभावित हो रहे हैं। उनके मुताबिक इससे वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है और आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वीडियो में दिखाई गई कार के मॉडल और कंपनी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, हालांकि पेट्रोल टैंक के ढक्कन पर E20 लिखा हुआ दिखाई देता है। सरकार का जवाब राहुल गांधी के बयान के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत का बायोफ्यूल ब्लेंडिंग कार्यक्रम सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग E20 को लेकर बेवजह भ्रम और विवाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल में मिलाया जाने वाला एथेनॉल पूरी तरह घरेलू स्रोतों से प्राप्त किया जा रहा है। सरकार ने हाल ही में अमेरिका से बड़े पैमाने पर एथेनॉल आयात किए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का भी खंडन किया। E20 पेट्रोल का विरोध क्यों हो रहा है? देश में E20 पेट्रोल का सबसे अधिक विरोध उन वाहन मालिकों की ओर से किया जा रहा है जिनकी पेट्रोल गाड़ियां वर्ष 2023 से पहले बनी हैं। कई उपभोक्ताओं का दावा है कि: हालांकि सरकार का कहना है कि E20 के लिए उपयुक्त वाहनों में इस प्रकार की समस्याएं नहीं आतीं। E20 के खिलाफ AAP का अभियान आम आदमी पार्टी (AAP) ने E20 ईंधन के विरोध में देशभर में टाउन हॉल कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। यह अभियान 8 अगस्त से पश्चिम बंगाल से शुरू होगा। इसके बाद गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि अभियान का उद्देश्य वाहन मालिकों से संवाद कर E20 से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को एकत्र करना है। सरकार E20 को क्यों बढ़ावा दे रही है? भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय किया है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं: ब्राजील से क्या सीख सकता है भारत? ब्राजील दुनिया में एथेनॉल आधारित ईंधन के सबसे सफल मॉडलों में शामिल है। वहां दशकों में धीरे-धीरे एथेनॉल अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का विकास किया गया। एथेनॉल अपेक्षाकृत सस्ता होने के कारण वहां इसका व्यापक उपयोग होता है। भारत भी इसी मॉडल से सीख लेते हुए चरणबद्ध तरीके से एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रहा है। नोट: E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों और सरकार के अलग-अलग दावे हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपने वाहन निर्माता की आधिकारिक सलाह और वाहन की E20 संगतता की जानकारी अवश्य जांचें। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Amritsar

Punjab में बड़ी कार्रवाई: Amritsar से Petrol Bomb-Pistols बरामद, 9 Arrested

Punjab के Amritsar में पुलिस ने एक कथित आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए पेट्रोल बम और पिस्तौल की खेप बरामद करने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान को लेकर जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। Amritsar में बड़ी कार्रवाई, 9 लोग गिरफ्तार Amritsar में हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से पेट्रोल बम और पिस्तौल बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में मामले के आतंकी साजिश से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार और पेट्रोल बम कहां से लाए गए थे और इन्हें किस मकसद से इस्तेमाल किया जाना था। साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों के आपसी संबंध और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। आतंकी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एजेंसियां इस मामले में जांच का दायरा अब केवल अमृतसर तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने में जुटी हैं कि उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी अहम मानी जा रही है। एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस मामले का संबंध किसी प्रतिबंधित आतंकी संगठन या अन्य आपराधिक नेटवर्क से है। पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पेट्रोल बम और हथियारों की बरामदगी के बाद पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। खासकर सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि मामले से जुड़े हर व्यक्ति और संभावित संपर्क की पहचान जल्द की जाए। फिलहाल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर इस कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े और भी खुलासे सामने आ सकते हैं। Amritsar Terror Module Case में आगे क्या? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेट्रोल बम और पिस्तौल किस उद्देश्य से जुटाए गए थे और इसके पीछे कौन लोग थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। फिलहाल 9 गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी को बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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