राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 169 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त इन प्रतिबंधित पदार्थों को शुक्रवार को एक सीमेंट फैक्टरी में वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत जलाकर पूरी तरह नष्ट किया गया।
101 मामलों में जब्त ड्रग्स किए गए नष्ट
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरी शंकर ने बताया कि जिन मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया गया, उनका एनडीपीएस एक्ट की धारा 52A(2) के तहत न्यायालय द्वारा भौतिक सत्यापन पहले ही पूरा किया जा चुका था।
जिले के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 101 मामलों से जब्त किए गए मादक पदार्थों में शामिल हैं:
- 84 किलो 208 ग्राम हेरोइन
- 672 किलो 642 ग्राम पोस्त
- 3 किलो 92 ग्राम गांजा
- 1,690 नशीली गोलियां
इन सभी मादक पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य 169 करोड़ 50 लाख 80 हजार 230 रुपये बताया गया है।
आईजी और जिला स्तरीय समिति की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
मादक पदार्थों के नष्टीकरण की प्रक्रिया बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुई। वहीं जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता श्रीगंगानगर एसपी हरी शंकर ने की।
एसपी ने कहा कि जिला पुलिस नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नशे के खिलाफ लगातार अभियान
राजस्थान पुलिस राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए मादक पदार्थों का समय-समय पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुरक्षित तरीके से नष्टीकरण किया जाता है, ताकि उनका दोबारा दुरुपयोग न हो सके।
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