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Veer Bal Diwas

Veer Bal Diwas Special बहादुरी और प्रतिभा के लिए 20 बच्चों को मिलेगा PM National Child Award

Veer Bal Diwas 2025 के खास अवसर पर देश के उन बच्चों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने कम उम्र में असाधारण साहस, प्रतिभा और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। 26 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (Prime Minister National Child Award) के तहत देशभर से चुने गए 20 बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलेगा। यह सम्मान समारोह विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बच्चों को पुरस्कार प्रदान करेंगी। इसके बाद भारत मंडपम में वीर बाल दिवस का राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच्चों और युवाओं को संबोधित करेंगे। Prime Minister National Child Award क्या है? प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत सरकार द्वारा 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार उन बच्चों को मिलता है जिन्होंने बहादुरी, खेल, विज्ञान, नवाचार, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और कला-संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है। इन बच्चों की कहानियाँ यह साबित करती हैं कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन हौसले और सोच बड़े होते हैं। 18 राज्यों से चुने गए 20 प्रतिभाशाली बच्चे इस वर्ष 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बच्चों का चयन किया गया है। इनमें वे बच्चे शामिल हैं जिन्होंने Veer Bal Diwas का महत्व वीर बाल दिवस सिख इतिहास के चार साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान की याद में मनाया जाता है। यह दिन बच्चों को साहस, सत्य, देशभक्ति और आत्मबल की सीख देता है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए देश के “छोटे नायकों” को मंच देता है। देश के लिए प्रेरणा बनते बच्चे यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन सपनों की पहचान है जो कम उम्र में समाज को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं। ये बच्चे आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देते हैं कि अगर इरादा मजबूत हो, तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Railway

Railway Ticket Price Update दिसंबर से ट्रेन टिकट महंगे

अगर आप ट्रेन से लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना जरूरी है। Indian Railways Fare Hike 2025 के तहत भारतीय रेलवे ने 26 दिसंबर 2025 से कुछ ट्रेनों के किराए में मामूली बढ़ोतरी लागू कर दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी सीमित है और आम यात्रियों पर इसका असर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा। कब से लागू हुआ नया किराया रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 से बुक होने वाले टिकटों पर नया किराया लागू होगा। इससे पहले बुक किए गए टिकट, भले ही यात्रा बाद की तारीख की हो, पुराने किराए पर ही मान्य रहेंगे। किन यात्रियों पर पड़ेगा असर यह किराया वृद्धि: वहीं, इन सभी के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कितना बढ़ा ट्रेन का किराया रेलवे ने दूरी और ट्रेन की श्रेणी के अनुसार बढ़ोतरी तय की है: इन चार्जेस में कोई बदलाव नहीं यात्रियों के लिए यह भी राहत की खबर है कि: जैसे थे वैसे ही रहेंगे। रेलवे ने किराया क्यों बढ़ाया रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला Fare Rationalisation के तहत लिया गया है।इसका मकसद है: अनुमान है कि इस छोटे से बदलाव से रेलवे को लगभग ₹600 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे यात्री सुविधाओं में सुधार किया जा सकेगा। यात्रियों के लिए क्या है निष्कर्ष कुल मिलाकर, यह कहा जा सकता है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gujarat

Gujarat Assembly उपाध्यक्ष Jethabhai Ahir (जेठा भरवाड़) का इस्तीफा, राजनीति में हलचल

गुजरात (Gujarat) की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष जेठाभाई आहिर, जिन्हें लोग जेठा भरवाड़ (Jetha Bharwad) के नाम से भी जानते हैं, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को सौंपा, जिसे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा और अटकलों को तेज कर दिया है। अचानक क्यों दिया इस्तीफा? जेठाभाई आहिर ने दिसंबर 2022 में 15वीं गुजरात विधानसभा के गठन के बाद उपाध्यक्ष का पद संभाला था। करीब दो साल के कार्यकाल के बाद उनका इस्तीफा कई लोगों के लिए अप्रत्याशित रहा। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह फैसला उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के लिए लिया है। सहकारी क्षेत्र की बढ़ती जिम्मेदारियां राजनीति के साथ-साथ जेठाभाई आहिर की पहचान सहकारी क्षेत्र में भी काफी मजबूत रही है। वे लंबे समय से पंचमहल डेयरी और अन्य सहकारी संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। हाल ही में उन्हें NAFED (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) का चेयरमैन चुना गया है। माना जा रहा है कि इसी नई और बड़ी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाने के लिए उन्होंने विधानसभा उपाध्यक्ष पद से हटने का निर्णय लिया। अनुभवी नेता, मजबूत जनाधार जेठाभाई आहिर पंचमहल जिले की शेहरा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। क्षेत्र में उनकी छवि एक जमीनी, सुलझे हुए और अनुभवी नेता की रही है। पार्टी संगठन और सरकार दोनों में उनका भरोसेमंद स्थान माना जाता है। राजनीति में आगे क्या? उनके इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गुजरात विधानसभा का अगला उपाध्यक्ष कौन बनेगा। साथ ही, राजनीतिक जानकार यह भी मान रहे हैं कि आने वाले समय में जेठाभाई आहिर को संगठन या सहकारी क्षेत्र में और बड़ी भूमिका मिल सकती है। क्या संकेत देता है यह फैसला? भले ही इस्तीफे की वजह आधिकारिक तौर पर निजी और व्यावसायिक जिम्मेदारियों को बताया गया हो, लेकिन यह कदम दिखाता है कि जेठाभाई आहिर अपनी नई भूमिका को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। गुजरात की राजनीति और सहकारी क्षेत्र—दोनों में उनके अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow PM Modi द्वारा Rashtriya Prerna Sthal राष्ट्र को समर्पित, अटल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) ने एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनते हुए देश को एक नई प्रेरणा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर भव्य ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल (Rashtriya Prerna Sthal)’ को राष्ट्र को समर्पित किया। यह अवसर केवल एक उद्घाटन नहीं, बल्कि भारत की विचारधारा, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को याद करने का दिन बन गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल, केंद्रीय व राज्य मंत्री, जनप्रतिनिधि और देशभर से आए हजारों लोग मौजूद रहे। पूरे वातावरण में राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना साफ महसूस की जा सकती थी। क्या है Rashtriya Prerna Sthal राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल को ऐसे स्मारक के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ देश के महान नेताओं के विचार और जीवन आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बन सकें। यह स्थल उन मूल्यों को जीवित रखने का प्रयास है, जिन पर आधुनिक भारत की नींव रखी गई। यहाँ तीन महान राष्ट्रवादी नेताओं को विशेष सम्मान दिया गया है— इन नेताओं की विशाल प्रतिमाएँ, उनके विचारों और कार्यों को दर्शाने वाली आधुनिक प्रदर्शनी इस परिसर का मुख्य आकर्षण हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित परिसर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में अत्याधुनिक डिजिटल म्यूज़ियम, ऑडियो-विजुअल गैलरी, खुले सभास्थल, हरित क्षेत्र और ध्यान के लिए शांत स्थान विकसित किए गए हैं। यहाँ आने वाले छात्र, युवा और पर्यटक न केवल इतिहास जानेंगे, बल्कि उससे प्रेरणा भी लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल केवल अतीत की स्मृति नहीं है, बल्कि भविष्य की दिशा दिखाने वाला केंद्र है। उन्होंने कहा कि अटल जी, डॉ. मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज भी देश को मजबूत बनाने की शक्ति रखते हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे इन महान व्यक्तित्वों के जीवन से सीख लेकर देश सेवा, ईमानदारी और कर्तव्य को अपना लक्ष्य बनाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह स्थल उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ेगा। देश के लिए एक नई पहचान राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल लखनऊ को न केवल एक नया सांस्कृतिक केंद्र देता है, बल्कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह स्थान याद दिलाता है कि भारत की असली ताकत उसके विचार, मूल्य और राष्ट्र के लिए समर्पित नेतृत्व में है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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3 नई airlines को केंद्र सरकार की हरी झंडी, हवाई सफर होगा और किफायती

3 नई airlines को केंद्र सरकार की हरी झंडी, हवाई सफर होगा और किफायती

देश के एविएशन सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने तीन नई Airlines – शंख एयर, अलहिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस—को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दे दिया है। इससे अब देश में हवाई सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। सरकार का मानना है कि नई एयरलाइंस के आने से मौजूदा कंपनियों की मोनोपॉली टूटेगी और हवाई किराए में भी कमी आ सकती है। खासकर छोटे शहरों और टियर-2 व टियर-3 शहरों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। शंख एयर एक भारतीय ब्रांड के तौर पर घरेलू रूट्स पर फोकस करेगी, जबकि अलहिंद एयर एनआरआई और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को ध्यान में रखकर सेवाएं शुरू कर सकती है। वहीं फ्लाई एक्सप्रेस कम बजट में यात्रा का विकल्प बन सकती है। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पायलट, केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ और टेक्निकल स्टाफ की मांग बढ़ेगी। सरकार का यह कदम ‘उड़ान योजना’ और ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूती देता है, जहां हवाई सफर सिर्फ अमीरों तक सीमित न रहकर आम लोगों तक पहुंचे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Christmas Celebration PM Modi ने लोगों के साथ मनाया साझा किया Peace और Love का Message

आज 25 दिसंबर 2025, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने The Cathedral Church of the Redemption, Delhi में आयोजित Christmas Morning Service में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को Merry Christmas की शुभकामनाएँ दीं और प्रेम, शांति और सद्भाव का संदेश साझा किया। चर्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सेवा में प्रार्थना, कैरोल और भजन शामिल थे, और Rt. Rev. Dr. Paul Swarup, Bishop of Delhi ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए विशेष प्रार्थना की। इस मौके पर उपस्थित लोगों में ईसाई समुदाय के साथ-साथ अन्य नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर लिखा कि यह सेवा “Love, Peace और Compassion का timeless message” देती है। उन्होंने कहा कि “क्रिसमस की भावना समाज में भाईचारा और सद्भावना को बढ़ाए”। साथ ही उन्होंने सभी को आनंदमय और शांतिपूर्ण Christmas की शुभकामनाएँ दीं। मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि Jesus Christ की शिक्षाएँ हमारे समाज में Harmony और Unity को मजबूत करें। उन्होंने अपने पोस्ट में सेवा की कुछ तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए, जिससे देशवासियों को इस पर्व की खुशी महसूस हो। इससे पहले प्रधानमंत्री ने पूरे देशवासियों को क्रिसमस के अवसर पर warm greetings भेजते हुए कहा कि यह पर्व Hope, Compassion और Unity का संदेश लेकर आता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम भारत में सभी धर्म और समुदायों के बीच भाईचारा और सहिष्णुता को दर्शाता है। पिछले कुछ सालों से मोदी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं, जिसमें Christmas और Easter जैसे अवसर शामिल हैं। इस प्रकार, Christmas 2025 का यह समारोह केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि भारत की Cultural Diversity और Social Harmony को प्रदर्शित करने के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। यह आयोजन यह याद दिलाता है कि त्योहारों का असली मतलब प्यार, शांति और मानवता के साथ जुड़ना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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17 साल बाद Bangladesh लौटे खालिदा जिया के बेटे, ढाका एयरपोर्ट पर उमड़ा समर्थकों का सैलाब

17 साल बाद Bangladesh लौटे खालिदा जिया के बेटे, ढाका एयरपोर्ट पर उमड़ा समर्थकों का सैलाब

Bangladesh की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे 17 साल बाद निर्वासन खत्म कर अपने देश बांग्लादेश लौट आए हैं। जैसे ही वे ढाका एयरपोर्ट पहुंचे, वहां करीब एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता और समर्थक उनका स्वागत करने के लिए मौजूद थे। ढाका एयरपोर्ट बना शक्ति प्रदर्शन का गवाह लंबे समय बाद देश वापसी पर एयरपोर्ट पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के झंडे, नारे और समर्थकों की भारी भीड़ ने साफ संकेत दे दिया कि यह सिर्फ एक वापसी नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी है। लंदन में थे निर्वासन में खालिदा जिया के बेटे पिछले 17 साल से लंदन में निर्वासन का जीवन जी रहे थे। उनके ऊपर लगे कई मामलों के चलते वे लंबे समय तक बांग्लादेश से बाहर रहे। अब देश लौटने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। PM बनने के दावेदार माने जा रहे राजनीतिक जानकारों की मानें तो खालिदा जिया के बेटे को प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनकी वापसी से बांग्लादेश की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है और सत्तारूढ़ सरकार की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। आने वाले चुनावों से पहले बड़ा संकेत उनकी वापसी ऐसे समय पर हुई है, जब बांग्लादेश में आगामी चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में यह कदम विपक्ष को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। कुल मिलाकर, खालिदा जिया के बेटे की 17 साल बाद वापसी ने बांग्लादेश की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu

Road Accident in Tamil Nadu डिवाइडर तोड़कर Bus की टक्कर, 9 लोगों की मौके पर मौत

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कुड्डालोर जिले से बुधवार शाम एक बेहद दुखद खबर सामने आई, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। चेन्नई–तिरुचिरापल्ली National Highway पर हुए एक भयानक सड़क हादसे में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कैसे हुआ प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, State Express Transport Corporation (SETC) की एक सरकारी बस तेज रफ्तार में जा रही थी। इसी दौरान बस का अगला टायर अचानक फट गया। टायर फटते ही चालक बस पर से नियंत्रण खो बैठा और वाहन डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में घुस गया। विपरीत दिशा से आ रही दो कारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। 9 जिंदगियाँ बुझ गईं इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले अधिकतर लोग कारों में सवार परिवारों के सदस्य थे। मृतकों में महिलाएँ, पुरुष और एक मासूम बच्चा भी शामिल है। हादसे की तस्वीरें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि टक्कर कितनी भयानक थी। घायलों को तुरंत नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ कुछ की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। राहत-बचाव में जुटा प्रशासन हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। घंटों की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों में फँसे लोगों को बाहर निकाला गया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम भी लग गया। मुख्यमंत्री ने जताया शोक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹3 लाख और घायलों को ₹1 लाख की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से देने की घोषणा की। जांच जारी, सुरक्षा पर सवाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर टायर फटना मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन बस की तकनीकी स्थिति और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Karnataka

Karnataka Bus Fire Accident चित्रदुर्ग में स्लीपर बस बनी आग का गोला, कई जिंदगियां खत्म

Karnataka के चित्रदुर्ग (Chitradurga) जिले में गुरुवार तड़के एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। NH-48 हाईवे पर चल रही एक निजी स्लीपर बस अचानक आग का गोला बन गई। इस दर्दनाक हादसे में कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। कैसे हुआ Karnataka Bus Fire Accident प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 25 दिसंबर की रात करीब 2:30 बजे की है। बेंगलुरु से शिवमोग्गा/गोकार्णा की ओर जा रही स्लीपर बस जब हिरियूर तालुक के गोरलथु क्रॉस के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक डिवाइडर पार कर बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के डीजल टैंक में आग लग गई और कुछ ही सेकंड में आग पूरी बस में फैल गई। यात्री नींद में थे और उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिल पाया। आग में फंसे यात्री, चीख-पुकार का मंजर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के तुरंत बाद बस से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ यात्रियों ने शीशे तोड़कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन कई लोग बस के अंदर ही फंस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्री बाहर नहीं निकल सके। हादसे के बाद हाईवे पर चारों तरफ चीख-पुकार, अफरा-तफरी और जलती बस का खौफनाक दृश्य दिखाई दे रहा था। मृतकों और घायलों की स्थिति अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में 9 से 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ सूत्रों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। करीब 20 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है। घायलों को हिरियूर, चित्रदुर्ग और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। बचाव कार्य और प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और एंबुलेंस टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने मृतकों की पहचान शुरू कर दी है और उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ट्रक चालक को नींद की झपकी या नियंत्रण खोने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री कार्यालय और कर्नाटक सरकार ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि, जबकि घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। एक हादसा, कई उजड़े सपने यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों का अंत है। जो लोग त्योहार के मौके पर अपने घर लौट रहे थे, उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PIA

PIA विवाद से निजीकरण तक एक विज्ञापन से बिक्री तक पाकिस्तान एयरलाइंस की कहानी

Pakistan International Airlines (PIA) — जो कभी दक्षिण एशिया की प्रतिष्ठित एयरलाइनों में गिनी जाती थी — आज अपने अंत की कहानी लिख चुकी है। साल 2025 में एक विवादित विज्ञापन ने फिर से दुनिया का ध्यान इस एयरलाइन की ओर खींचा, लेकिन इस बार वजह सिर्फ एक ऐड नहीं थी, बल्कि दशकों से चले आ रहे संकट का अंतिम अध्याय था। जब एक विज्ञापन बन गया अंतरराष्ट्रीय विवाद जनवरी 2025 में PIA ने अपने यूरोप रूट्स की बहाली को लेकर एक प्रमोशनल विज्ञापन जारी किया। तस्वीर में एक विमान पेरिस के एफिल टॉवर की ओर उड़ता हुआ दिखाया गया था और नीचे लिखा था —“Paris, we’re coming today” यहीं से विवाद शुरू हुआ। सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस इमेज को 9/11 आतंकी हमलों से जोड़ते हुए इसे असंवेदनशील बताया। देखते ही देखते यह विज्ञापन पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर आलोचना का विषय बन गया। सोशल मीडिया गुस्सा और सरकारी दखल विज्ञापन पर बढ़ते दबाव के बाद: PIA ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा केवल यूरोप के लिए फ्लाइट्स दोबारा शुरू होने की खुशी जाहिर करना था। बाद में एयरलाइन को सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी। PIA के विवाद: सिर्फ एक ऐड की कहानी नहीं हकीकत यह है कि PIA का संकट सिर्फ इस विज्ञापन से नहीं जुड़ा। बीते वर्षों में: कभी जो एयरलाइन Emirates जैसी कंपनियों के लिए रोल मॉडल मानी जाती थी, वही PIA धीरे-धीरे बोझ बनती चली गई। आर्थिक बोझ और आखिरकार Privatization लगातार घाटे और कर्ज से परेशान पाकिस्तान सरकार के पास अब ज्यादा विकल्प नहीं बचे थे। 2025 के अंत में सरकार ने PIA के निजीकरण (Privatization) का फैसला लिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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