गुजरात (Gujarat) की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष जेठाभाई आहिर, जिन्हें लोग जेठा भरवाड़ (Jetha Bharwad) के नाम से भी जानते हैं, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को सौंपा, जिसे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा और अटकलों को तेज कर दिया है।
अचानक क्यों दिया इस्तीफा?
जेठाभाई आहिर ने दिसंबर 2022 में 15वीं गुजरात विधानसभा के गठन के बाद उपाध्यक्ष का पद संभाला था। करीब दो साल के कार्यकाल के बाद उनका इस्तीफा कई लोगों के लिए अप्रत्याशित रहा। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि यह फैसला उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के लिए लिया है।
सहकारी क्षेत्र की बढ़ती जिम्मेदारियां
राजनीति के साथ-साथ जेठाभाई आहिर की पहचान सहकारी क्षेत्र में भी काफी मजबूत रही है। वे लंबे समय से पंचमहल डेयरी और अन्य सहकारी संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। हाल ही में उन्हें NAFED (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) का चेयरमैन चुना गया है। माना जा रहा है कि इसी नई और बड़ी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाने के लिए उन्होंने विधानसभा उपाध्यक्ष पद से हटने का निर्णय लिया।
अनुभवी नेता, मजबूत जनाधार
जेठाभाई आहिर पंचमहल जिले की शेहरा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। क्षेत्र में उनकी छवि एक जमीनी, सुलझे हुए और अनुभवी नेता की रही है। पार्टी संगठन और सरकार दोनों में उनका भरोसेमंद स्थान माना जाता है।
राजनीति में आगे क्या?
उनके इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गुजरात विधानसभा का अगला उपाध्यक्ष कौन बनेगा। साथ ही, राजनीतिक जानकार यह भी मान रहे हैं कि आने वाले समय में जेठाभाई आहिर को संगठन या सहकारी क्षेत्र में और बड़ी भूमिका मिल सकती है।
क्या संकेत देता है यह फैसला?
भले ही इस्तीफे की वजह आधिकारिक तौर पर निजी और व्यावसायिक जिम्मेदारियों को बताया गया हो, लेकिन यह कदम दिखाता है कि जेठाभाई आहिर अपनी नई भूमिका को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। गुजरात की राजनीति और सहकारी क्षेत्र—दोनों में उनके अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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