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Delhi

Delhi Airport पर ATC सिस्टम फेल 100 से ज्यादा उड़ानें लेट यात्रियों को घंटों करना पड़ा इंतजार

देश की राजधानी Delhi के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर शुक्रवार सुबह बड़ा तकनीकी संकट देखने को मिला। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में अचानक Technical Glitch आने से उड़ानों का संचालन प्रभावित हो गया। इस गड़बड़ी के चलते 100 से ज्यादा फ्लाइट्स लेट हो गईं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी। ATC System में क्या आई खराबी सूत्रों के अनुसार, ATC का Automatic Message Switching System (AMSS) अचानक फेल हो गया। यह सिस्टम उड़ानों से जुड़ी अहम जानकारी कंट्रोल टावर तक पहुंचाने का काम करता है।सिस्टम फेल होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को सभी डेटा को मैन्युअली प्रोसेस करना पड़ा। नतीजा ये हुआ कि फ्लाइट्स के टेकऑफ और लैंडिंग में 30 से 60 मिनट तक की देरी दर्ज की गई। 100 से ज्यादा उड़ानें हुईं प्रभावित टेक्निकल गड़बड़ी के चलते Air India, IndiGo, Vistara, और SpiceJet जैसी कई एयरलाइंस की उड़ानें देरी से चलीं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह 7 बजे से दोपहर तक 100 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित रहीं। कुछ उड़ानें लंबे समय तक रनवे पर खड़ी रहीं तो कुछ को टेकऑफ की मंजूरी नहीं मिल पाई। यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं टर्मिनल 3 पर सैकड़ों यात्री घंटों इंतजार करते रहे। कई लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स मिस हो गईं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइंस की लापरवाही पर नाराज़गी जताई।एक यात्री ने X (Twitter) पर लिखा – “हम तीन घंटे से गेट पर इंतजार कर रहे हैं, कोई अपडेट नहीं मिल रहा।” एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी इंडिगो और एयर इंडिया ने यात्रियों से कहा कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर चेक करें।इंडिगो ने बयान में कहा – “ATC सिस्टम में अस्थायी तकनीकी खराबी के कारण कुछ उड़ानों में देरी है। हमारी टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है।” Delhi एयरपोर्ट अथॉरिटी का बयान Delhi इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) की ओर से कहा गया – “ATC में आई अस्थायी तकनीकी समस्या को अब ठीक कर लिया गया है। फ्लाइट्स की मूवमेंट सामान्य हो रही है। यात्रियों से हुई असुविधा के लिए खेद है।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

अररिया में PM Modi बिहार में NDA को फिर से बहुमत का भरोसा, बोले “जनता ने तय कर लिया है फैसला”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज अररिया (Araria) में एक भव्य जनसभा को संबोधित किया। मोदी ने स्थानीय भाषा मैथिली में जनता का अभिवादन करते हुए कहा — “हमर अररिया के जनताके प्रणाम, अहाँ सभ बिहारक विकासक आधार छी।” इस रैली को बीजेपी (BJP) और एनडीए (NDA) के लिए चुनावी ऊर्जा बढ़ाने वाली बड़ी जनसभा माना जा रहा है। Bihar Election 2025: पहले चरण में जबरदस्त उत्साह बिहार के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान जारी है। सुबह 11 बजे तक लगभग 27.6% वोटिंग हो चुकी थी।राघोपुर, गया, सीतामढ़ी, नवादा और भागलपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मतदाता भारी संख्या में वोट डालने पहुंचे। इस बीच, अररिया में मोदी की रैली ने माहौल और भी गर्मा दिया। Modi का विपक्ष पर हमला मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा — “जिन लोगों ने बिहार को पिछड़ा रखा, वे अब फिर से सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं। लेकिन बिहार अब ‘जंगलराज’ के दिनों में नहीं लौटेगा।” उन्होंने कहा कि NDA सरकार ने बिहार में सड़कों, बिजली, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किया है और आने वाले समय में 1 करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। Modi का Bihar Vision: “Viksit Bihar, Rozgar aur Nivesh” प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में बिहार को “Viksit Bihar” बनाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, नई रेलवे परियोजनाएँ और डिजिटल कनेक्टिविटी पर काम तेज़ होगा। “हमारा मिशन है – हर नौजवान को रोजगार, हर किसान को सम्मान और हर घर तक विकास पहुंचाना,” मोदी ने कहा। स्थानीय जुड़ाव: मैथिली में शुरू किया भाषण अररिया की रैली में मोदी ने स्थानीय जुड़ाव पर खास ध्यान दिया। उन्होंने मैथिली भाषा में शुरुआत कर लोगों के दिलों में जगह बनाई। “बिहार के लोग विकास चाहते हैं, जाति और परिवार की राजनीति नहीं,” उन्होंने कहा। लोगों ने “मोदी-मोदी” के नारों के साथ उनका स्वागत किया। NDA vs Mahagathbandhan – सीधा मुकाबला बिहार चुनाव 2025 में इस बार एनडीए (BJP-JDU-PAS) और महागठबंधन (RJD-Congress-Left) के बीच सीधा मुकाबला है।मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सड़क, बिजली और आवास जैसी योजनाओं ने लोगों का जीवन बदला है।उन्होंने जनता से अपील की कि वे “विकास के लिए वोट” करें, “वोट बैंक की राजनीति” के लिए नहीं। नतीजा क्या होगा? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अररिया की यह रैली चुनाव के पहले चरण में एनडीए को राजनीतिक बढ़त दिला सकती है।मोदी का भाषण विकास, रोजगार और स्थानीय जुड़ाव पर केंद्रित रहा — जो बिहार के मतदाताओं के लिए निर्णायक मुद्दे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi vs Election Commission विदेशी मॉडल ने खोली Fake Voter List की पोल

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के ‘Vote Chori’ (वोट चोरी) वाले बयान ने अब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में हुई कथित वोटिंग गड़बड़ी को लेकर राहुल गांधी ने जो तस्वीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई थी, वो असल में एक ब्राज़ीलियन मॉडल Larissa Nery की निकली। इस खुलासे के बाद लरीसा ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी का ‘Vote Chori’ Allegation राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि हरियाणा की वोटर लिस्ट में एक ही महिला की फोटो 22 बार अलग-अलग नामों से दर्ज की गई है — सीमा, स्वीटी, सरस्वती जैसे नामों से। उन्होंने कहा था कि यह सबूत है कि “भारत में वोट चुराए गए हैं (Vote Chori हुई है)।”लेकिन जब सोशल मीडिया यूज़र्स ने उस तस्वीर को खंगाला, तो उन्होंने पाया कि यह फोटो किसी भारतीय महिला की नहीं बल्कि ब्राज़ील की मॉडल Larissa Nery की है। Brazilian Model Larissa Nery का Shocked Reaction ब्राज़ीलियन मॉडल लरीसा ने सोशल मीडिया पर लिखा — “What Madness is this! भारत में मेरी पुरानी फोटो को एक भारतीय महिला बताकर चुनावी विवाद में घसीटा जा रहा है। ये पूरी तरह गलत है, मैं कभी इंडिया नहीं गई।” उन्होंने बताया कि यह फोटो उनके शुरुआती मॉडलिंग के दिनों की है, जब वे करीब 18-20 साल की थीं। संभव है कि तस्वीर किसी stock image platform से ली गई हो, जिसका किसी ने चुनावी सबूत के रूप में गलत इस्तेमाल किया। “I Love Indians, But This Is Wrong” – Larissa लरीसा ने आगे कहा — “मुझे भारतीय लोग बहुत पसंद हैं, लेकिन मेरे नाम या फोटो का इस्तेमाल राजनीति में करना गलत है। मैं किसी भी तरह से इस ‘Vote Chori’ विवाद से जुड़ी नहीं हूं।” अब उठे सवाल – Rahul Gandhi की Team ने Photo Verify क्यों नहीं की? इस मामले के बाद अब कई सवाल खड़े हो गए हैं – विशेषज्ञों का कहना है कि अगर विदेशी मॉडल की फोटो वोटर लिस्ट में दिख रही है, तो यह देश की वोटिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है। Social Media पर Viral हुआ “Vote Chori” Row Twitter (X), Instagram और Facebook पर इस मामले को लेकर जमकर मीम्स और रील्स बन रहे हैं।#LarissaNery, #VoteChori, #RahulGandhi और #BrazilianModel जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।कई लोगों ने कहा कि राहुल गांधी की टीम को किसी भी सबूत का इस्तेमाल करने से पहले fact-check ज़रूर करना चाहिए। राहुल गांधी का “Vote Chori” दावा अब एक अंतरराष्ट्रीय चर्चा बन गया है।ब्राज़ीलियन मॉडल लरीसा ने साफ कहा है कि उनका भारत या किसी चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।यह मामला बताता है कि डिजिटल युग में किसी की भी तस्वीर या पहचान का गलत इस्तेमाल कितनी आसानी से हो सकता है, और इसलिए राजनीतिक या चुनावी मामलों में फैक्ट वेरिफिकेशन जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिहार

बिहार चुनाव 2025 पहले चरण में 13% Voting Raghopur में Tejashwi Yadav की साख दांव पर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग जारी है। सुबह 9 बजे तक राज्यभर में 13.13% मतदान दर्ज किया गया। इस फेज में कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है। सुबह से ही कई बूथों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जबकि कुछ शहरी इलाकों में मतदान की रफ्तार धीमी रही। राजधानी पटना जिले में 9 बजे तक केवल 11.22% वोटिंग हुई, जो राज्य के औसत से कम है। वहीं, मोकेमा (Mokama) सीट पर 13.01% वोटिंग दर्ज की गई। यहां का मुकाबला अनंत सिंह के समर्थकों और सम्राट चौधरी (BJP) की टीम के बीच दिलचस्प बना हुआ है। राघोपुर (Raghopur) सीट से इस बार भी तेजस्वी यादव (RJD) मैदान में हैं, जहां उनका सामना BJP प्रत्याशी सतीश कुमार यादव से है। सुबह के समय यहां मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन धीरे-धीरे वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी हो रही है। पिछली बार तेजस्वी यादव ने इस सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी, इसलिए इस बार भी सभी की नजरें राघोपुर पर टिकी हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण के लिए करीब 48.3 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 25 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इस चरण में भाजपा-जदयू गठबंधन (NDA), राजद-कांग्रेस महागठबंधन (Mahagathbandhan) और जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।NDA के नेता सम्राट चौधरी ने दावा किया कि “बिहार की जनता विकास और स्थिरता के लिए वोट दे रही है,” जबकि तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि “भाजपा और जदयू सत्ता बचाने के लिए जातीय राजनीति कर रहे हैं।” दोपहर तक मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

वोट चोरी विवाद Rahul Gandhi ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर उठाए गंभीर सवाल

Election 2025 के बीच देश की सियासत में फिर से हलचल मच गई है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और BJP पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि देशभर में “Vote Chori” (वोट चोरी) हो रही है।राहुल ने कहा कि कई राज्यों में लाखों वोट गायब कर दिए गए, पोस्टल बैलेट में हेराफेरी की गई और चुनाव आयोग (EC) इस पर आंखें मूंदे बैठा है। Rahul Gandhi का दावा – “25 लाख वोट चोरी हुए हैं” प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा, कर्नाटक और कई राज्यों में मतदाताओं की लिस्ट से नाम हटाए गए हैं।उन्होंने कहा – “हरियाणा में करीब 25 लाख वोट गायब कर दिए गए हैं। कई जगह एक ही व्यक्ति ने कई बूथों पर वोट डाले। यह ‘ब्राजीली मॉडल’ जैसा मामला है।” Rahul Gandhi ने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि एक “सुनियोजित वोट चोरी” है जो लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। Election Commission पर सवाल – “सीसीटीवी फुटेज कहां गया?” कांग्रेस नेता ने कहा कि कई जगहों पर मतदान केंद्रों के CCTV फुटेज डिलीट कर दिए गए हैं।उन्होंने पूछा – “अगर सब कुछ पारदर्शी है तो ECI बताए कि लाखों नाम कैसे हटे? वोटिंग फुटेज क्यों मिटा दिए गए?” राहुल ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या स्वतंत्र आयोग से कराई जाए। Election Commission का जवाब – “आरोप बेबुनियाद हैं” Rahul Gandhi के आरोपों के बाद Election Commission of India (ECI) ने कहा कि किसी भी तरह की ऑनलाइन वोट डिलीशन संभव नहीं है।आयोग ने अपने बयान में कहा – “सभी वोटर अपडेट और डिलीशन फील्ड स्तर पर पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है। राहुल गांधी के आरोप तथ्यहीन हैं।” ECI ने यह भी कहा कि इस तरह के बयानों से लोगों में भ्रम फैलता है। BJP का पलटवार – “हार की बौखलाहट में झूठे आरोप” भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को “हार की बौखलाहट” बताया।बीजेपी प्रवक्ता ने कहा – “कांग्रेस जनता से कटी हुई पार्टी है। जब लोग उन्हें वोट नहीं देते तो वह चुनाव आयोग और सरकार पर इल्जाम लगाने लगते हैं।” पार्टी ने कहा कि कांग्रेस को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए। Congress का पलटवार – “जनादेश छीना गया है” कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल एक राज्य का नहीं बल्कि लोकतंत्र के मूल अधिकारों का हनन है।कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगी और जन समर्थन जुटाएगी। Social Media पर ट्रेंड हुआ #VoteChori Rahul Gandhi के बयान के बाद सोशल मीडिया पर #VoteChori, #RahulGandhi, और #Election2025 जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।लोगों की राय बंटी हुई है — कुछ राहुल के आरोपों को गंभीर मान रहे हैं, जबकि कई इसे “राजनीतिक ड्रामा” कह रहे हैं। राहुल गांधी के इस बयान ने एक बार फिर भारत की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या कांग्रेस इन आरोपों के सबूत पेश करेगी या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kalika Mail

Mirzapur Train Accident मिर्जापुर के Chunar Station पर Kalika Mail ने रौंदी भीड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के Chunar Railway Station पर मंगलवार सुबह एक भयानक Train Accident हुआ। यहां Kalika Mail Train की चपेट में आने से 7 श्रद्धालुओं की मौके पर मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। क्या हुआ Chunar Station पर? सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह Kartik Purnima Snan के लिए हजारों श्रद्धालु गंगा तट की ओर जा रहे थे। भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि प्लेटफॉर्म पर लोगों को खड़े होने की जगह नहीं थी। इसी दौरान कुछ लोग ट्रेन से गलत दिशा में उतरने की कोशिश कर रहे थे, तभी सामने से आ रही Kalika Mail Train ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि लोग कुछ समझ नहीं पाए। कई श्रद्धालु मौके पर ही दम तोड़ बैठे जबकि अन्य को फौरन अस्पताल भेजा गया। CM Yogi Adityanath का बड़ा बयान हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने घटना पर गहरा दुख जताया और जिला प्रशासन को तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और घायलों के बेहतर इलाज के आदेश दिए। सरकार ने मामले की जांच के लिए एक Special Inquiry Team गठित की है जो यह पता लगाएगी कि हादसे की असली वजह क्या थी — भीड़ प्रबंधन की कमी या रेलवे की लापरवाही। Crowd Management पर उठे सवाल हर साल Kartik Purnima पर लाखों श्रद्धालु चुनार आते हैं, लेकिन इस बार स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के इंतज़ाम नाकाफी थे। कई स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर पुलिस और रेलवे की ओर से पहले से पर्याप्त व्यवस्था होती, तो इतनी बड़ी दुर्घटना टल सकती थी। फिलहाल की स्थिति हादसे के बाद रेल ट्रैफिक कुछ समय के लिए रोका गया, लेकिन अब ट्रेनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। रेलवे और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ललन सिंह

Bihar Election ललन सिंह पर FIR दर्ज, Election Commission ने दिखाया बड़ा एक्शन

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की सियासत गरमाती जा रही है। इस बार विवाद के केंद्र में हैं जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह (Rajiv Ranjan Singh), जिन पर चुनाव आयोग (Election Commission) के निर्देश पर FIR दर्ज की गई है। क्या है पूरा मामला? दरअसल, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें ललन सिंह अपने कार्यकर्ताओं से कहते नजर आए — “कुछ नेताओं को वोटिंग वाले दिन घर से निकलने मत देना, अगर ज्यादा बोले तो ले जाकर बैठा दो, वोटिंग के बाद घर लाकर सुला दो।” इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि यह बयान मतदाताओं और विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने की कोशिश है। Election Commission की कार्रवाई शिकायत मिलते ही चुनाव आयोग ने Patna जिला प्रशासन को जांच के आदेश दिए। जांच के बाद बयान सही पाया गया, जिसके बाद Representation of the People Act, 1951 और Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) के तहत ललन सिंह पर FIR दर्ज कराई गई। विवाद कहां शुरू हुआ? यह बयान मोकामा (Mokama) क्षेत्र में एक चुनावी सभा के दौरान दिया गया था। यह सीट लंबे समय से चर्चाओं में रहती है और इस बार यहां जेडीयू बनाम आरजेडी (JDU vs RJD) की सीधी टक्कर है। विपक्ष का पलटवार आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा – “जब जनता का भरोसा खत्म हो जाए, तो सत्ता के नेता डर फैलाने लगते हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है।” कांग्रेस और अन्य दलों ने भी इस बयान को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है। जेडीयू की सफाई जेडीयू प्रवक्ता ने बयान का बचाव करते हुए कहा कि ललन सिंह के शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका मकसद अनुशासन की बात करना था, न कि किसी को धमकाने का। EC की चेतावनी चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है कि आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगा। वरिष्ठ मंत्री हों या कार्यकर्ता — कानून सब पर बराबर लागू होगा। राजनीतिक असर यह विवाद जेडीयू के लिए चुनावी रणनीति पर असर डाल सकता है। विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है और सोशल मीडिया पर #LalanSinghControversy और #BiharElection2025 ट्रेंड कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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DGCA

अब 48 घंटे में Flight Cancel करें Free में DGCA ने यात्रियों को दी बड़ी राहत

अब हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने एक नया Draft Rule 2025 जारी किया है, जिसके तहत अब Flight Ticket Booking के 48 घंटे के अंदर Cancellation या Modification पर कोई Charge नहीं लगेगा।यह प्रस्ताव आने वाले समय में यात्रियों को भारी Cancellation Fee से राहत दिला सकता है। क्या है DGCA का नया 48 घंटे वाला Rule? DGCA ने “Air Passenger Rights Rules” में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत — किन Flights पर लागू होगा ये Rule? DGCA ने स्पष्ट किया है कि यह 48 घंटे वाला Free Cancellation Rule केवल उन्हीं Tickets पर लागू होगा: यानी अगर आपने आज Ticket बुक किया और आपकी Flight 2 दिन बाद है, तो इस Rule का लाभ नहीं मिलेगा। नाम में गलती सुधारने पर भी राहत DGCA के Draft में यह भी कहा गया है कि अगर किसी Passenger ने बुकिंग के 24 घंटे के अंदर नाम में गलती सुधारनी हो, तो Airline को कोई Extra Fee नहीं लेनी चाहिए।यह सुविधा भी सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलेगी, जिन्होंने टिकट सीधे Airline की वेबसाइट से बुक किया हो। अभी लागू नहीं हुआ है ये Rule ध्यान देने वाली बात यह है कि यह अभी Draft Stage में है। DGCA ने Airlines और यात्रियों से इस पर सुझाव मांगे हैं।सुझाव मिलने के बाद इसे Final Approval दिया जाएगा और फिर सभी Airlines को लागू करने के निर्देश जारी होंगे। यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा? कब तक लागू होगा? DGCA ने इस Draft को पब्लिक डोमेन में जारी किया है और अब Stakeholders से Feedback मांगा गया है।अनुमान है कि यह Rule 2025 की शुरुआत में लागू किया जा सकता है, जिससे लाखों हवाई यात्रियों को राहत मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jaipur

Jaipur Harmada Truck Crash 100 Km/h की रफ्तार से दौड़ा डंपर, 14 की जान गई

Jaipur में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे शहर को दहला दिया। हरमाड़ा (Harmada) इलाके के नई लोहा मंडी रोड पर एक तेज रफ्तार डंपर ट्रक ने नियंत्रण खो दिया और सामने खड़ी 17 गाड़ियों को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में 14 लोगों की मौके पर मौत हो गई और 13 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। Jaipur Truck Accident कैसे हुआ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 1:45 बजे हुआ जब डंपर चालक का एक कार चालक से विवाद हो गया। गुस्से में चालक ने वाहन को तेजी से भगाया और रॉन्ग साइड में घुस गया।सीसीटीवी फुटेज में डंपर करीब 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ता दिखा, जिसके बाद उसने कई वाहनों को कुचल दिया। सड़क पर चारों ओर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन और घायल घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को एसएमएस हॉस्पिटल (SMS Hospital) और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद सड़क पर मंजर बेहद भयावह था, कई वाहन एक-दूसरे पर चढ़ गए थे। नशे में था ड्राइवर, पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने डंपर चालक को पकड़ लिया है और उसके नशे में होने की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पाया गया कि ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चला रहा था।हादसे के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। CM Bhajan Lal Sharma का बयान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा और घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने Jaipur की ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा करने और नो-एंट्री में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।इस घटना के बाद ट्रैफिक विभाग के कई अफसरों को सस्पेंड किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया “नरसंहार जैसा दृश्य” एक चश्मदीद ने बताया, “डंपर इतनी तेज था कि कुछ समझ ही नहीं आया। वह आते ही गाड़ियों को रौंदता चला गया। सब तरफ चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। ऐसा लगा जैसे किसी ने जानबूझकर लोगों को कुचला हो।” जयपुर हरमाड़ा हादसा यह बताता है कि ओवरस्पीडिंग और ड्रंक ड्राइविंग कितनी जानलेवा हो सकती है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Election 2025 NDA और INDIA गठबंधन में टकराव तेज, Candidate List से बढ़ी सियासी हलचल

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल अब पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है। एनडीए (BJP-JDU) और महागठबंधन (RJD-Congress) दोनों ने अपनी पहली candidate list जारी कर दी है। जैसे ही लिस्ट सामने आई, राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब हर दल अपने प्रचार अभियान को नए जोश के साथ शुरू करने की तैयारी में है। BJP की पहली List – Youth aur Women को मिला बड़ा मौका भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 85 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। इस बार पार्टी ने कई नए चेहरों पर भरोसा जताया है। भाजपा ने जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चुने हैं।पार्टी के अंदर सूत्रों का कहना है कि युवा उम्मीदवारों और महिलाओं को ज़्यादा टिकट देकर नया संदेश देने की कोशिश की जा रही है। JDU का फोकस – Vikas aur Alliance Unity पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने 70 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। जदयू ने अपने पुराने भरोसेमंद नेताओं को फिर से मौका दिया है।नीतीश कुमार ने कहा, “हम जनता के विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे, एनडीए पहले से ज़्यादा मज़बूत है।” RJD की लिस्ट – Tejashwi Yadav ने जताया ‘Badlaav’ पर भरोसा तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद (RJD) ने 90 से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी ने इस बार 40% से ज्यादा टिकट युवाओं को दिया है।तेजस्वी यादव ने कहा, “यह चुनाव रोजगार और परिवर्तन का चुनाव है, जनता बदलाव चाहती है।” Congress की रणनीति – सीमित सीटों पर Strong Presence कांग्रेस ने अपनी पहली लिस्ट में 25 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी का फोकस अपने पारंपरिक इलाकों जैसे भागलपुर, सीवान, मधेपुरा और औरंगाबाद पर है।कांग्रेस का कहना है कि वह इस बार गठबंधन में “निर्णायक भूमिका” निभाने की तैयारी में है। Seat Sharing Formula – NDA vs Mahagathbandhan एनडीए में सीटों का बंटवारा: महागठबंधन में बंटवारा: Star Campaigners और Rally Plan तैयार दोनों गठबंधनों ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट तैयार कर ली है। जल्द ही सभी दल बिहार के विभिन्न जिलों में बड़ी रैलियों का शेड्यूल जारी करेंगे। मुख्य चुनावी Issues जो तय करेंगे Bihar की दिशा इस बार के चुनाव में जनता जिन मुद्दों पर नज़र रखेगी, वे हैं: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मुकाबला इस बार और दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ NDA का विकास मॉडल है, वहीं दूसरी तरफ RJD-Congress का “परिवर्तन और रोजगार” का नारा। आने वाले दिनों में प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट और चुनावी रैलियों से सियासी तापमान और बढ़ने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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