आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिलBREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिल

Latest Posts

Jaipur

Rajasthan Accident: LPG Truck और Tanker की भिड़ंत से Jaipur-Ajmer Highway बना आग का गोला

राजस्थान के जयपुर-अजमेर हाईवे (Jaipur-Ajmer Highway) पर मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक LPG गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक और केमिकल से भरा टैंकर आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धमाकों से गूंज उठा। करीब 200 से ज्यादा सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे, जिससे 10 किलोमीटर तक धमाकों की आवाज़ सुनाई दी। हादसा कैसे हुआ? यह हादसाJaipur के दूदू (Dudu) के पास मोखमपुरा इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि केमिकल टैंकर के ड्राइवर ने RTO की गाड़ी देखकर गाड़ी मोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह नियंत्रण खो बैठा और पीछे चल रहे LPG ट्रक में जा टकराया। टक्कर के बाद टैंकर के केबिन में आग लग गई और थोड़ी ही देर में आग सिलेंडरों तक पहुंच गई। इसके बाद धमाकों की झड़ी लग गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, “धमाके इतने तेज़ थे जैसे कोई मिसाइल फट रही हो। सिलेंडर हवा में उड़कर खेतों में जा गिरे।” रेस्क्यू ऑपरेशन: 3 घंटे तक आग से जंग घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं। टीम ने लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।हादसे के बाद जयपुर-अजमेर हाईवे दोनों ओर से बंद कर दिया गया। देर रात लगभग 4:30 बजे ट्रैफिक को दोबारा शुरू किया गया। मौत और नुकसान प्रशासन की कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर दुख जताते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और प्रशासनिक अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। NHAI ने भी इस घटना की रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। सुरक्षा पर सवाल यह हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Y S Pooran

Haryana ADGP Suicide: Y S Pooran कुमार ने सरकारी आवास में की खुदकुशी

चंडीगढ़ में हुआ आत्महत्या का मामला चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) Y S Pooran कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 को अपने सरकारी आवास में आत्महत्या (suicide) कर ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी। घटना के समय परिवार की स्थिति घटना उस समय हुई जब उनकी पत्नी, आईएएस अधिकारी अमनीत पी, जापान में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ एक आधिकारिक यात्रा पर थीं। घटना के समय उनकी बेटी ने उन्हें बेसमेंट में मृत पाया। चंडीगढ़ पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी का करियर और योगदान Y S Pooran कुमार हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और उन्होंने पुलिस विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया था। उनकी मौत ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar

Bihar Election 2025: लालू का नीतीश पर वार, बोले – जनता अब नहीं खाएगी धोखा

Bihar में चुनावी माहौल गरम हो चुका है। Bihar Election 2025 की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी बयानबाजी तेज़ हो गई है।चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे —पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को।वहीं, 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे और 16 नवंबर तक पूरी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। लालू का तंज: “6 और 11, NDA 9-2-11” राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार और एनडीए पर तीखा हमला बोलते हुए सोशल मीडिया पर लिखा — “6 और 11, NDA 9-दो-11!” इस एक लाइन के तंज से लालू यादव ने साफ संकेत दिया कि उन्हें भरोसा है, 6 और 11 नवंबर को जनता एनडीए को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब ठगी नहीं खाएगी।लालू ने नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि 20 सालों में सिर्फ़ झूठे वादे, बेरोजगारी और पलायन बढ़ा है।“जनता अब बदलाव चाहती है, और ये बदलाव नवंबर में दिखेगा,” उन्होंने कहा। NDA का पलटवार उधर, नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन ने भी लालू के बयान पर पलटवार किया है।भाजपा और जदयू नेताओं ने कहा कि लालू यादव अब पुरानी राजनीति कर रहे हैं और जनता अब विकास और स्थिरता के लिए एनडीए के साथ खड़ी है। तेज़ी से बढ़ता चुनावी माहौल इस बार बिहार का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा तय करने वाला मुकाबला माना जा रहा है।तेजस्वी यादव, लालू यादव, नीतीश कुमार, और भाजपा का पूरा नेतृत्व अब प्रचार में जुट गया है।गांव-गांव सभाएँ, सोशल मीडिया अभियान और प्रचार रैलियाँ बिहार के हर कोने में माहौल बना रही हैं। जनता का फैसला करेगा भविष्य अब सबकी नज़रें 6 और 11 नवंबर पर टिकी हैं।इन दो तारीखों पर बिहार की जनता तय करेगी कि इस बार सत्ता की कुर्सी किसे मिलेगी —नीतीश कुमार की एनडीए सरकार या लालू परिवार की वापसी? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Tariff

Tariff Volatility: जयशंकर का Global Trade पर चेतावनी भरा बयान

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में आयोजित अरावली समिट में वैश्विक व्यापार पर “Tariff Volatility” (शुल्क अस्थिरता) के गहरे असर पर आगाह किया। उन्होंने कहा कि यह अस्थिरता पारंपरिक व्यापार गणनाओं को बदल रही है और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन को प्रभावित कर रही है। वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग पर असर जयशंकर ने बताया कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा हिस्सा एक विशेष क्षेत्र में केंद्रित हो गया है, जिससे व्यापार संरचना में बदलाव आया है। उन्होंने चेताया कि यह बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ बढ़ते रुझान विदेश मंत्री ने कहा कि कई देशों में ग्लोबलाइजेशन (वैश्वीकरण) के खिलाफ रुझान बढ़ रहे हैं, और अमेरिका सहित कुछ देशों के नीतिगत बदलाव “Tariff Volatility” को और बढ़ा रहे हैं। इसका असर व्यापार के पूर्वानुमान पर पड़ रहा है और वैश्विक व्यापार में अस्थिरता पैदा हो रही है। भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय हित जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति “राष्ट्रीय हित” (National Interest) पर आधारित है। उनका कहना था कि भारत अपने रणनीतिक हितों के अनुसार कदम उठाएगा, चाहे वैश्विक मानदंड कुछ भी हों। वैश्विक व्यापार में स्थिरता की आवश्यकता उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक व्यापार में स्थिरता और पारदर्शिता के लिए देशों को सहयोग करना होगा, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था टिकाऊ विकास की ओर बढ़ सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
BR Gavai

Supreme Court Drama CJI BR Gavai पर जूता फेंकने वाले वकील का बयान “भगवान के लिए किया”

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI बी.आर. गवई (BR Gavai) की ओर जूता फेंकने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने वकील को तुरंत रोक लिया और कोर्ट में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। कौन हैं वकील राकेश किशोर? जूता फेंकने वाले वकील का नाम राकेश किशोर (Rakesh Kishore) है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने इस कदम पर कोई पछतावा (No Regrets) नहीं है। उनका दावा है कि उन्होंने यह काम धार्मिक भावनाओं के अपमान (Religious Sentiments) के विरोध में किया। किशोर के मुताबिक, यह घटना खजुराहो (Khajuraho) के जवारी मंदिर (Javari Temple) में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की टूटी हुई मूर्ति (Broken Idol) के पुनर्निर्माण से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान हुई। “मूर्ति से कहो, वो खुद अपना सिर जोड़ ले” – वकील का आरोप वकील ने आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान CJI गवई ने टिप्पणी की थी – “जाओ, मूर्ति से कहो कि वो खुद अपना सिर जोड़ ले।” वकील ने कहा कि यह बात सुनकर उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, और इसी वजह से उन्होंने जूता फेंकने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट की सफाई CJI BR Gavai ने बाद में स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की थी। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका “पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन” (Publicity Interest Litigation) जैसी थी और मंदिर के पुनर्निर्माण का मामला आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट में अफरा-तफरी, Bar Council की सख्त कार्रवाई घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने वकील को काबू में कर लिया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस कृत्य की कड़ी निंदा (Strong Condemnation) की।इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने राकेश किशोर का लाइसेंस निलंबित (License Suspended) कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। “भगवान विष्णु के लिए किया, कोई डर नहीं” – वकील का बयान राकेश किशोर ने मीडिया से कहा – “मैंने भगवान विष्णु के अपमान के खिलाफ कदम उठाया है। मुझे कोई डर नहीं है, और न ही कोई पछतावा। अगर अदालत में भी भगवान का अपमान होगा, तो जनता कहां जाएगी?” कोर्ट की मर्यादा और गरिमा पर बहस यह घटना न्यायपालिका की गरिमा (Dignity of Judiciary) और कोर्ट डिसिप्लिन (Court Discipline) पर बड़ा सवाल उठाती है।कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत के अंदर इस तरह का व्यवहार Contempt of Court (अवमानना) के तहत आता है, जिसमें सख्त सजा का प्रावधान है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar विधानसभा Election 2025: 2 चरणों में मतदान – 6 और 11 नवंबर को वोट, 14 नवंबर को आएंगे नतीजे

Bihar विधानसभा Election 2025: 2 चरणों में मतदान – 6 और 11 नवंबर को वोट, 14 नवंबर को आएंगे नतीजे

Bihar में एक बार फिर सियासी माहौल गर्माने वाला है। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार मतदान दो चरणों में होगा — पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को। वहीं, वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। इस तरह करीब 40 दिनों तक चुनावी गहमागहमी पूरे राज्य में बनी रहेगी। प्रचार, रैलियों, और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए सभी राजनीतिक दल जनता को लुभाने में जुट जाएंगे। पहले चरण में जिन जिलों में मतदान होना है, वहां उम्मीदवारों की तैयारी तेज हो चुकी है। दूसरे चरण में बाकी क्षेत्रों में भी चुनावी माहौल पूरी तरह बन जाएगा। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार वोटिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती से लेकर EVM और VVPAT की जांच तक हर कदम पर सख्ती बरती जाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में युवा और पहली बार वोट करने वाले मतदाता अहम भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा, रोजगार, और विकास के मुद्दे इस बार मुख्य केंद्र में रहेंगे। अब सबकी नजरें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि बिहार की सत्ता पर किसका कब्जा होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
BR Gavai

Supreme Court में CJI BR Gavai पर जूते से हमला Religious Sentiment विवाद

6 अक्टूबर 2025 को भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक सुरक्षा उल्लंघन की घटना हुई, जब Chief Justice of India (CJI) बी.आर. गवैया पर एक वकील ने जूते से हमला करने का प्रयास किया। यह हमला अदालत में सुनवाई के दौरान हुआ, जब मामला खजुराहो में भगवान कृष्ण की मूर्ति के पुनर्स्थापन से जुड़ा था। हमलावर, जो वकील की पोशाक में था, सीधे दाईस पर गया और जूता निकालकर फेंकने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने तत्परता से कार्रवाई की और आरोपी को रोक लिया। इस दौरान आरोपी ने जोर से कहा — “Sanatan ka Apmaan Nahi Sahenge”। Religious Sentiment विवाद का कारण यह घटना CJI BR Gavai के एक बयान के कारण हुई, जो उन्होंने खजुराहो मामले की सुनवाई के दौरान दिया था। याचिकाकर्ता ने मूर्ति की स्थिति पर चिंता जताई थी, जिस पर CJI ने कहा — “Go ask your deity।” कुछ लोगों ने इस टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं का अपमान माना, जिससे विवाद और आक्रोश उत्पन्न हुआ। CJI BR Gavai की प्रतिक्रिया हमले के बाद CJI BR Gavai ने शांति बनाए रखते हुए कहा, “These things do not affect me। Lawyers should not be distracted by such incidents।” उन्होंने कार्यवाही तुरंत पुनः शुरू कराई और अदालत में आदेश का पालन सुनिश्चित किया। विश्लेषण — Religious Sentiment और Judicial Independence यह घटना दर्शाती है कि कैसे न्यायपालिका को धार्मिक भावना और कानूनी प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसी घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि संवेदनशील मामलों में न्यायिक संवाद और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना आवश्यक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
INS एंड्रोथ

INS Androth Launch स्वदेशी Anti-Submarine Warfare Ship से बढ़ेगी Coastal सुरक्षा

भारतीय नौसेना ने INS Androth को अपने बेड़े में शामिल किया है। यह एक अत्याधुनिक Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW-SWC) है, जिसे 6 अक्टूबर 2025 को विशाखापत्तनम में नेवल डॉकयार्ड में कमीशन किया गया। INS Androth का निर्माण भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योग की ताकत और Aatmanirbhar Bharat के विजन को दर्शाता है। INS Androth के मुख्य फीचर्स 1. स्वदेशी डिजाइन और निर्माण:INS Androth को कोलकाता स्थित Garden Reach Shipbuilders and Engineers (GRSE) द्वारा बनाया गया है। इसमें 80% से अधिक सामग्री भारत में निर्मित है, जिसमें Bharat Electronics, Mahindra Defence और Larsen & Toubro का योगदान शामिल है। 2. आकार और गति: 3. अत्याधुनिक सेंसर सिस्टम: 4. शक्तिशाली हथियार: रणनीतिक महत्व — Strategic Importance INS Androth का मुख्य उद्देश्य तटीय जलक्षेत्र में Anti-Submarine Warfare और coastal सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह जहाज escort missions, naval base protection और underwater threat neutralization में अहम भूमिका निभाएगा। इस जहाज का कमीशनिंग भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा और देश की रक्षा क्षमता में नई क्रांति लाएगा। INS Androth भारतीय नौसेना के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का एक प्रतीक है और यह Aatmanirbhar Bharat की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Jaipur

SMS Hospital Jaipur Fire हॉस्पिटल में लगी आग से 7 की मौत, सरकार ने दिए जांच के आदेश

Jaipur News: राजस्थान की राजधानी Jaipur के Sawai Man Singh (SMS) Hospital में रविवार देर रात बड़ा हादसा हुआ। हॉस्पिटल के Trauma Centre ICU (Neuro ICU) में भीषण Fire Accident से 6 से 7 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 5 से ज्यादा मरीज गंभीर हालत में हैं। बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) की वजह से लगी, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे ICU को अपनी चपेट में ले लिया। कैसे लगी आग रिपोर्ट्स के अनुसार, आग रात करीब 11 बजे न्यूरो ICU के स्टोर रूम में लगी, जहां कागज, ब्लड सैंपल ट्यूब और मेडिकल इक्विपमेंट रखे हुए थे। शॉर्ट सर्किट की वजह से उठी चिंगारी ने तुरंत आग का रूप ले लिया। कुछ ही देर में ICU में गाढ़ा धुआं फैल गया, जिससे मरीजों का दम घुटने लगा। बचाव कार्य घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की 10 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड ने खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला। कुछ मरीजों को स्ट्रेचर पर और कुछ को परिजन अपनी गोद में उठाकर ले गए।करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कई मरीजों की जान जा चुकी थी। परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही (Negligence) का गंभीर आरोप लगाया है।परिजनों का कहना है कि आग लगने से पहले ही ICU से धुआं और स्पार्क दिखाई दे रहे थे, लेकिन स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया।एक परिजन ने बताया – “हमने कई बार बताया कि स्पार्क हो रहा है, लेकिन किसी ने सुना नहीं। जब तक लोग बाहर निकले, तब तक ICU जल चुका था।” उन्होंने यह भी दावा किया कि फायर एक्सटिंग्विशर (Fire Extinguishers) काम नहीं कर रहे थे और किसी ने Emergency Alarm भी नहीं बजाया। सरकार ने दिए जांच के आदेश राजस्थान सरकार ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच (High-Level Inquiry) के आदेश दिए हैं।मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने SMS Hospital Jaipur पहुंचकर हालात का जायजा लिया।सरकार ने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई (Strict Action) होगी और अस्पतालों में Fire Safety System की जांच की जाएगी। मृतकों की पहचान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतकों में सीकर, भरतपुर और आगरा के मरीज शामिल हैं।सभी शवों को पोस्टमॉर्टम (Post-Mortem) के लिए भेजा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। मौजूदा स्थिति फिलहाल आग प्रभावित Neuro ICU को सील कर दिया गया है, और तकनीकी टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।बाकी मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया है। जनता में गुस्सा इस हादसे के बाद आम जनता और सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट पड़ा है।लोग पूछ रहे हैं कि राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में आखिर Fire Safety Equipment क्यों नहीं थे?पहले भी SMS Hospital में छोटे स्तर पर आग की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। Jaipur के SMS हॉस्पिटल की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा प्रणाली की कमजोरी को उजागर करती है।जरूरत है कि सरकार और अस्पताल प्रबंधन जल्द से जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar

Bihar Election 2025 बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें आज शाम 4 बजे होंगी घोषित

Bihar की सियासत में हलचल तेज है क्योंकि आज Election Commission of India (ECI) शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Bihar Assembly Election 2025 Dates का ऐलान करने जा रहा है। राज्य की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए उससे पहले चुनाव कराना जरूरी है। Election Commission की तैयारी पूरी चुनाव आयोग ने इस बार वोटिंग प्रक्रिया को और पारदर्शी व आसान बनाने के लिए कई नए बदलाव किए हैं — Bihar Politics में बड़ा मुकाबला: NDA vs Mahagathbandhan Bihar की 243 सीटों पर इस बार भी मुख्य जंग एनडीए (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) के बीच होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अपनी सरकार के विकास कार्यों को जनता के सामने रखेंगे, वहीं तेजस्वी यादव बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों पर NDA को घेरने की रणनीति में हैं। विपक्ष के आरोपों पर ECI का जवाब विपक्षी दलों ने मतदाता सूची (Voter List) में गड़बड़ी और पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।लेकिन Election Commission ने जवाब देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया हर चुनाव से पहले जरूरी होती है और बिहार चुनाव फ्री, फेयर और ट्रांसपेरेंट (Free, Fair & Transparent) तरीके से कराए जाएंगे। आज 4 बजे का इंतजार अब पूरे बिहार और देशभर की निगाहें शाम 4 बजे होने वाली EC Press Conference पर टिकी हैं।उम्मीद की जा रही है कि आयोग आज चरणवार मतदान (Phase-wise Poll Dates) और Counting Date का भी ऐलान करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 160 161 162 163 164 216

Editor's Picks

Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.