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राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने ब्राज़ील को Akash Missile System की पेशकश की

भारत ने अपने रक्षा निर्यात और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्राज़ील के उपराष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन और रक्षा मंत्री जोसे मूसियो मोंटेइरो फिल्हो के साथ मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच Akash Missile System की आपूर्ति और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। भारत की पेशकश: Akash Missile System रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्राज़ील को भारत में विकसित ‘आकाश’ सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (Surface-to-Air Missile System) की पेशकश की। यह मिसाइल सिस्टम भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है और भारत की प्रमुख मिसाइल परियोजनाओं में से एक है। India-Brazil Defence Cooperation बैठक के दौरान दोनों देशों ने न केवल मिसाइल सिस्टम पर बल्कि Joint Defence Production और Technology Transfer पर भी चर्चा की। यह साझेदारी भारत को लैटिन अमेरिका में रणनीतिक foothold दिला सकती है। ब्राज़ील भी अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। भारत के साथ सहयोग से उसे विश्वसनीय और कम लागत वाले हथियार उपलब्ध होंगे। भारत का Defence Export मिशन भारत का लक्ष्य वर्ष 2028 तक रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक बढ़ाना है। भारत पहले से ही कई देशों को Akash Missile, BrahMos, Radar और Helicopters जैसे उपकरणों की आपूर्ति पर बातचीत कर रहा है। यदि ब्राज़ील को Akash System का सौदा मिलता है, तो यह भारत के लिए Latin America में पहला बड़ा Defence Export Deal साबित होगा। चुनौतियाँ और Competition ब्राज़ील ने पहले Akash Missile में कुछ तकनीकी सुधारों की मांग की थी, खासकर कम ऊंचाई और तेज़ गति वाले लक्ष्यों के खिलाफ। इसलिए वह यूरोपीय और अमेरिकी कंपनियों के विकल्प भी देख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump Claim पर India का जवाब ‘National Interest हमारी सबसे बड़ी Priority है’

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें यह आश्वासन दिया है कि भारत अब Russia से तेल खरीदना बंद करेगा। इस बयान पर भारत सरकार ने सख्त प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि देशहित सर्वोपरि है। MEA का जवाब – ‘हम अपनी Energy Policy खुद तय करते हैं’ विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति का मकसद है भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना। उन्होंने बताया कि भारत एक बड़ा तेल और गैस आयातक देश है, इसलिए हमारी नीति हमेशा stable supply और affordable price पर केंद्रित रहती है। “भारत की प्राथमिकता हमेशा अपने राष्ट्रीय हित और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा रही है। हम energy sources में diversification लाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।” Russia से Oil Import पर भारत का रुख यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने मॉस्को पर कड़े प्रतिबंध लगाए, तब भारत ने अपने आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए Russia से सस्ता कच्चा तेल खरीदना जारी रखा।भारत का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के अनुरूप लिया गया है। US-India Energy Partnership भारत ने यह भी बताया कि वह केवल रूस पर निर्भर नहीं है। हाल के वर्षों में अमेरिका से तेल और गैस की खरीद में लगातार वृद्धि हुई है।MEA ने कहा कि मौजूदा अमेरिकी प्रशासन ने भी भारत के साथ energy cooperation बढ़ाने में रुचि दिखाई है। Strategic Autonomy पर जोर भारत की विदेश नीति की नींव Strategic Autonomy पर टिकी है — यानी भारत किसी भी देश के दबाव में नहीं आता।भारत का उद्देश्य है कि वह हर सौदा अपने हित में तय करे, चाहे वह रूस से हो या अमेरिका से। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu में Hindi पर Ban! Films और Songs तक पर रोक का बिल तैयार

Tamil Nadu में Hindi पर Ban! Films और Songs तक पर रोक का बिल तैयार

Tamil Nadu की डीएमके सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन जल्द ही विधानसभा में एक ऐसा बिल लाने की तैयारी में हैं, जिसके बाद राज्य में हिंदी पर बैन लगाया जा सकता है। इस प्रस्तावित बिल के तहत हिंदी फिल्मों, गानों, विज्ञापनों, होर्डिंग्स और दुकानों के बोर्ड तक पर हिंदी का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि सरकार इसे “तमिल भाषा संरक्षण” के तहत पेश करेगी। गौर करने वाली बात यह है कि कुछ महीने पहले ही मुख्यमंत्री स्टालिन ने राज्य के बजट दस्तावेज़ों से भारतीय रुपए के ‘₹’ सिंबल को हटाकर ‘Rs’ का इस्तेमाल शुरू किया था। अब सरकार का यह नया कदम हिंदी विरोधी बहस को एक बार फिर हवा दे सकता है। स्टालिन सरकार का कहना है कि तमिलनाडु में तमिल भाषा की पहचान और सम्मान बनाए रखना जरूरी है। वहीं, विरोधियों का आरोप है कि यह फैसला देश की एकता और विविधता के खिलाफ है। राज्य के कई हिंदीभाषी लोग इस निर्णय को लेकर सोशल मीडिया पर नाराज़गी जता रहे हैं। उनका कहना है कि भाषा पर रोक लगाने से लोगों के बीच दूरी बढ़ेगी, न कि एकता। अब देखना यह होगा कि विधानसभा में यह बिल पास होता है या नहीं — लेकिन इतना तय है कि तमिलनाडु में “हिंदी बनाम तमिल” की बहस फिर तेज होने वाली है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar Election 2025: JDU की पहली लिस्ट जारी, 57 उम्मीदवारों में 23 नए चेहरे

Bihar Election 2025: JDU की पहली लिस्ट जारी, 57 उम्मीदवारों में 23 नए चेहरे

Bihar Election 2025 की तैयारियों में JDU ने अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 57 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने इस बार 23 नए चेहरों को मौका दिया है, जबकि 4 वर्तमान विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि इस लिस्ट में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है, जिससे पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, JDU ने 3 बाहुबली नेताओं को भी मैदान में उतारा है, जिन पर पहले से राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव रहा है। नीतीश कुमार की JDU इस बार नए संतुलन और सटीक जातीय समीकरण पर भरोसा जताती दिख रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी का यह फैसला युवा और नए चेहरों को आगे लाने की कोशिश है, ताकि जनता में नया भरोसा बनाया जा सके। लिस्ट जारी होने के बाद JDU कार्यकर्ताओं में हलचल तेज है। कई पुराने नेताओं में नाराज़गी देखी जा रही है, जबकि नए उम्मीदवारों में जोश और उम्मीद दोनों है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बाकी बचे सीटों पर पार्टी किसे मौका देती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जैसलमेर

Rajasthan Breaking जैसलमेर में एसी बस में लगी आग, DNA टेस्ट से मृतकों की पहचान

जैसलमेर (राजस्थान):राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक AC Sleeper Bus में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इस Rajasthan Bus Fire Accident में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। कैसे हुआ Rajasthan Jaisalmer Bus Accident यह एसी स्लीपर बस जैसलमेर से जोधपुर की ओर जा रही थी। दोपहर करीब 3:30 बजे बस से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकंड में आग ने पूरे बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस में केवल एक ही एग्जिट डोर होने की वजह से कई यात्री अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि “आग इतनी तेज़ थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर राख हो गई।” आग लगने की वजह क्या थी? पुलिस और फॉरेंसिक टीम की शुरुआती जांच में तीन मुख्य कारण सामने आए हैं — फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है और हादसे की असली वजह जल्द सामने आने की उम्मीद है। Bus Owner और Driver के खिलाफ FIR दर्ज हादसे के 24 घंटे बाद मृतक पत्रकार के रिश्तेदार की शिकायत पर बस मालिक और चालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि बस में अनाधिकृत बदलाव (Unauthorized Modification) किए गए थे और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। Government Announcement: मृतकों के परिजनों को मुआवजा राजस्थान सरकार ने हादसे में मारे गए यात्रियों के परिजनों को ₹2 लाख का मुआवजा और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने घायलों के इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम गठित करने के निर्देश भी दिए हैं। DNA Test से होगी मृतकों की पहचान आग में झुलसे शवों की पहचान मुश्किल होने के कारण अब प्रशासन ने DNA Test कराने का निर्णय लिया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं ताकि परिवारों को अपने प्रियजनों की सही पहचान मिल सके। 4 यात्री वेंटिलेटर पर, कई की हालत गंभीर हादसे में घायल यात्रियों को जोधपुर और जैसलमेर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चार लोग वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं, जिनकी हालत अभी नाज़ुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump का बड़ा बयान – India और Pakistan अब मिलजुलकर रहेंगे!

Donald Trump का बड़ा बयान – India और Pakistan अब मिलजुलकर रहेंगे!

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि “भारत और पाकिस्तान अब साथ मिलकर रहेंगे”। ट्रम्प ने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कही और मुस्कुराते हुए पूछा – “ऐसा है न?” ट्रम्प का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोग इसे उनकी “डिप्लोमैटिक कोशिश” मान रहे हैं, तो कुछ इसे “मजाकिया बयान” बता रहे हैं। इसी कार्यक्रम में ट्रम्प ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की ओर इशारा करते हुए कहा – “आप बहुत खूबसूरत हैं।” इस पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े, लेकिन कुछ लोगों ने इसे अनुचित टिप्पणी भी बताया। ट्रम्प के बयानों पर अब दुनियाभर में चर्चा हो रही है। कई भारतीय यूजर्स ने X (Twitter) पर लिखा – “अगर भारत और पाकिस्तान सच में साथ आ जाएं तो ये एतिहासिक पल होगा।” वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ट्रम्प सिर्फ ध्यान खींचने के लिए ऐसे बयान देते हैं। फिलहाल ट्रम्प अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और उनके ऐसे बयान चुनावी माहौल को और दिलचस्प बना रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mappls

Digital India का नया चेहरा – Mappls App से शुरू हुआ Desi Map Revolution

भारत में जब कोई कहता है “Google Maps खोलो”, तो अब जवाब आता है — “क्यों नहीं, Mappls खोलो — India ka Apna Map App!”जी हां, MapmyIndia के फाउंडर राकेश वर्मा ने बताया कि कैसे उन्होंने और उनकी पत्नी ने सालों पहले भारत के लिए एक पूरी तरह देसी नेविगेशन सिस्टम बनाने का सपना देखा था — जो आज हकीकत बन चुका है। अमेरिका छोड़कर भारत में शुरू किया Digital Map Revolution साल 1995 में जब इंडिया में इंटरनेट अपनी शुरुआत में था, तब राकेश वर्मा और उनकी पत्नी रीता वर्मा अमेरिका की शानदार नौकरी छोड़कर भारत लौटे।राकेश वर्मा General Motors (GM) में और उनकी पत्नी IBM में काम करती थीं। उन्होंने सोचा कि अगर अमेरिका के पास अपना mapping system है, तो भारत क्यों नहीं बना सकता अपना खुद का digital map?इसी सोच से शुरू हुआ MapmyIndia, जो आज “Mappls” के नाम से जाना जाता है — एक ऐसा ऐप जो पूरी तरह Made in India है। Made in India App, 100% Indian Data Mappls ऐप की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसका सारा डेटा भारत में ही तैयार और स्टोर होता है।राकेश वर्मा ने कहा कि “हम यूजर्स का डेटा कभी भी बेचते नहीं हैं। Mappls एक ऐसा ऐप है जो यूजर की प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी को प्राथमिकता देता है।”आज MapmyIndia सरकार से लेकर कंपनियों तक — हर सेक्टर में नेविगेशन और लोकेशन सर्विस दे रहा है। अब भारत की 80% Connected Cars में चलता है MapmyIndia क्या आप जानते हैं? भारत में बिकने वाली लगभग 80% कनेक्टेड कारों (जैसे Tata, Mahindra, Maruti, BMW आदि) में MapmyIndia का नेविगेशन सिस्टम पहले से लगा होता है।पहले MapmyIndia मोबाइल कंपनियों को मैप सर्विस बेचता था, लेकिन Google Maps के स्मार्टफोन्स में डिफॉल्ट आने के बाद कंपनी ने अपना फोकस बदलकर अब “Map as a Service” मॉडल अपनाया है। Google Maps से Competition सबसे बड़ी चुनौती राकेश वर्मा के अनुसार, Google Maps की Monopoly भारतीय ऐप्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।सभी स्मार्टफोन में Google Maps पहले से प्री-इंस्टॉल आता है, जबकि Mappls को यूजर्स को खुद डाउनलोड करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि Make in India Apps को भी समान मौका मिले ताकि भारतीय इनोवेशन को सपोर्ट मिल सके। Future Vision: हर Indian Phone में Mappls MapmyIndia अब ऐसे Feature Phones और Smart Devices में भी Mappls लाने पर काम कर रही है ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के लोग भी इसका फायदा उठा सकें।कंपनी चाहती है कि जैसे Arattai ने WhatsApp को टक्कर दी, वैसे ही Mappls भी Google Maps को इंडियन मार्केट में चुनौती दे।राकेश वर्मा ने सरकार से अपील की है कि PLI Scheme के तहत स्वदेशी ऐप्स को मोबाइल में एक ऑप्शन के रूप में शामिल करना जरूरी किया जाए। IPO से लेकर AI Maps तक – भारत की Tech Shakti साल 2021 में MapmyIndia ने अपना IPO लॉन्च किया, जो भारत की टेक इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक कदम था।अब कंपनी AI-Powered Maps और Real-Time Tracking Solutions पर काम कर रही है, जिससे भारत की डिजिटल नेविगेशन टेक्नोलॉजी और मजबूत बनेगी।राकेश वर्मा कहते हैं — “Data Sovereignty मतलब – हमारा डेटा, हमारे देश में, हमारी सिक्योरिटी के साथ।” Mappls सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि “Digital India Revolution” का एक अहम हिस्सा है।राकेश वर्मा और रीता वर्मा की कहानी साबित करती है कि अगर विजन देश के लिए हो, तो भारत दुनिया की किसी भी टेक्नोलॉजी से पीछे नहीं रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPS

Haryana IPS Suicide Case राहुल गांधी पहुंचे चंडीगढ़, DGP कपूर हुए सस्पेंड!

हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी IPS वाई. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। इस Haryana IPS Suicide Case को एक हफ्ता बीत चुका है, लेकिन अब तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है, वहीं सरकार ने इस बीच बड़ा कदम उठाते हुए DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया और ओपी सिंह को कार्यकारी DGP (Acting DGP) नियुक्त किया है। 7 दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमॉर्टम, परिवार बोला – पहले इंसाफ फिर संस्कार मृतक अधिकारी की पत्नी आमनीत पी. कुमार, जो स्वयं एक IAS अधिकारी हैं, का कहना है कि उनके पति को मानसिक और पेशेवर रूप से परेशान किया गया।उन्होंने साफ कहा कि “जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती, तब तक हम पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे।”आमनीत ने पूर्व SP नरेंदर बिजारणिया और DGP शत्रुजीत कपूर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ‘महापंचायत’ का अल्टीमेटम: कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन पूरन कुमार के समर्थन में बनी महापंचायत समिति ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।समिति ने चेतावनी दी थी कि अगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हरियाणा में राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।इस चेतावनी के बाद ही सरकार ने DGP को छुट्टी पर भेजने का फैसला लिया। Government Action: DGP Kapoor छुट्टी पर, ओपी सिंह को मिली कमान बढ़ते दबाव और विरोध के बीच हरियाणा सरकार ने DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया है।उनकी जगह वरिष्ठ IPS अधिकारी ओपी सिंह को कार्यकारी DGP की जिम्मेदारी सौंपी गई है।यह कदम प्रशासनिक सुधार और जनता के गुस्से को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। Rahul Gandhi Chandigarh पहुंचे, कहा – ‘सिस्टम ने एक ईमानदार अफसर खो दिया’ इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे।उन्होंने दिवंगत IPS वाई. पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात की और शोक जताया।राहुल ने कहा – “पूरन कुमार जैसे ईमानदार अफसर देश की शान होते हैं। लेकिन जब सिस्टम उन्हें सपोर्ट नहीं करता, तो यह देश के लिए शर्म की बात है।”उनकी इस यात्रा के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है। राजनीतिक हलचल तेज, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम रद्द इस केस ने हरियाणा की राजनीति में भूचाल मचा दिया है। CBI जांच की मांग तेज, सरकार ने दिए संकेत अब यह मामला CBI जांच की ओर बढ़ता दिख रहा है।हरियाणा सरकार ने कहा है कि यदि परिवार चाहे तो जांच CBI को सौंपी जा सकती है।वहीं लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब सभी आरोपी अधिकारियों को निलंबित कर गिरफ्तारी की जाए। IPS वाई. पूरन कुमार की मौत सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों का आईना है।एक ईमानदार अफसर की जान जाने के बाद अब सवाल उठ रहा है — “क्या हमारे सिस्टम में सच्चाई और ईमानदारी की जगह बची है?” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Durgapur

Durgapur Gangrape Case एमबीबीएस छात्रा पर शर्मनाक वारदात और Mamata Banerjee की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के Durgapur में एक एमबीबीएस छात्रा के साथ कथित gangrape की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, राजनीति और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। घटना का विवरण (Durgapur Gangrape Details) गिरफ्तारी और जांच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी और विवाद परिवार की प्रतिक्रिया राजनीतिक विवाद और सामाजिक बहस हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lalu Yadav

Lalu Yadav News जमीन के बदले नौकरी घोटाले में Court में तय हुए Charges

दिल्ली की Rouse Avenue Court ने सोमवार (13 अक्टूबर 2025) को Land for Job Scam में बड़ा फैसला सुनाते हुए RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई आरोपियों पर आरोप तय (Charges Framed) कर दिए हैं।अदालत ने कहा कि रेलवे भर्ती के बदले में जमीन लेने की साजिश के पर्याप्त सबूत हैं और अब सभी आरोपियों को ट्रायल फेस करना होगा। क्या है Land for Jobs Scam? यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब Lalu Yadav रेल मंत्री थे। CBI की जांच के मुताबिक, उस समय रेलवे में नौकरी देने के बदले उम्मीदवारों से पटना और आसपास की जमीनें बेहद सस्ते दामों पर ली गईं।आरोप है कि इन जमीनों का फायदा लालू यादव के परिवार को पहुंचाया गया और कई प्लॉट राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम ट्रांसफर किए गए। Court में क्या हुआ? सोमवार को सुनवाई के दौरान लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुँचे,जबकि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।CBI ने अदालत को बताया कि लालू यादव ने रेलवे टेंडर प्रक्रिया में जानबूझकर बदलाव करवाए,ताकि उनके करीबियों को फायदा मिले। कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ prima facie evidence (प्रथमदृष्टया सबूत) मौजूद हैं।इसलिए अब उनके खिलाफ IPC 420 (धोखाधड़ी), 120B (आपराधिक साजिश) और Prevention of Corruption Act की धाराओं में केस चलेगा। IRCTC Scam से भी कनेक्शन इस केस से जुड़ा एक और मामला IRCTC Hotel Scam का है,जहाँ रेलवे होटल के टेंडर आवंटन में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।CBI ने आरोप लगाया कि लालू यादव ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करIRCTC के दो होटल प्रोजेक्ट्स को अपने करीबी लोगों को दिलवाया।अब ये दोनों मामले साथ-साथ कोर्ट में चलेंगे। Political Reaction – बिहार में मचा सियासी संग्राम फैसले के बाद बिहार की राजनीति में भूकंप जैसे हालात हैं।भाजपा ने इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ सच्चाई की जीत” बताया,जबकि आरजेडी ने कहा कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। तेजस्वी यादव ने मीडिया से कहा – “हम पर झूठे आरोप लगाए गए हैं, अदालत में सच्चाई सामने आएगी।” आगे की कानूनी राह (Next Court Date) अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होगी।CBI अपने गवाह पेश करेगी और बचाव पक्ष अपनी दलीलें देगा।अगर आरोप साबित हुए, तो लालू परिवार को भ्रष्टाचार कानून के तहत कड़ी सजा मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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