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B. R. Ambedkar का धर्म परिवर्तन: इस्लाम भी था विकल्प, लेकिन क्यों चुना बौद्ध धर्म?

B. R. Ambedkar का धर्म परिवर्तन: इस्लाम भी था विकल्प, लेकिन क्यों चुना बौद्ध धर्म?

हिंदू पैदा हुए, लेकिन हिंदू नहीं रहना चाहते थे अंबेडकर – जानिए उनके दिल की बात डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिनका नाम आज भी सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक है, उन्होंने अपने जीवन में एक ऐतिहासिक फैसला लिया था—धर्म परिवर्तन का। यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत निर्णय नहीं था, बल्कि करोड़ों दलितों के जीवन और सोच को बदलने वाला कदम था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंबेडकर ने पहले इस्लाम अपनाने का भी विचार किया था? जी हां, उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म पर भी गंभीरता से विचार किया था, पर आखिरकार उन्होंने बौद्ध धर्म को ही क्यों चुना, यह जानना बेहद ज़रूरी है। अंबेडकर का दर्द: “मैं हिंदू के रूप में पैदा हुआ, लेकिन हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं”अंबेडकर ने कई बार कहा था कि छुआछूत और जात-पात की ज़ंजीरों में जकड़े हिंदू धर्म में उनके लिए कोई सम्मान नहीं था। उन्होंने कहा था— “मैं हिंदू के रूप में पैदा जरूर हुआ हूं, लेकिन हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं।” यह सिर्फ एक बयान नहीं था, बल्कि एक पूरी जाति के आत्म-सम्मान और समानता की पुकार थी। तो इस्लाम क्यों नहीं अपनाया? अंबेडकर ने इस्लाम को गहराई से समझा। उनके पास पाकिस्तान के नेता मोहम्मद अली जिन्ना और कई मुस्लिम विद्वानों के प्रस्ताव भी आए। इस्लाम में सामाजिक समानता की बात उन्हें आकर्षित भी करती थी। लेकिन अंबेडकर को चिंता थी कि धर्म बदलने से कहीं उनके अनुयायी भारत में ‘अल्पसंख्यक’ बनकर नई मुश्किलों में न फंस जाएं। बौद्ध धर्म ही क्यों? अंबेडकर ने आखिरकार 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया। इसका कारण था— उन्होंने कहा— “बुद्ध का धर्म ही सच्चा मानव धर्म है, जिसमें कोई भेदभाव नहीं।” आज भी प्रासंगिक हैं अंबेडकर के विचार आज जब समाज में फिर से जातिगत भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, तब अंबेडकर की सोच और उनका फैसला और भी ज़्यादा महत्व रखता है। उन्होंने सिर्फ धर्म नहीं बदला, उन्होंने सोच और पहचान बदलने की प्रेरणा दी। अंबेडकर #धर्मपरिवर्तन #बौद्धधर्म #AmbedkarJayanti #DalitHistory #DeshHarpal
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Vikramotsav 2025

Vikramotsav 2025: लाल किले पर शुरू हुआ तीन दिवसीय महोत्सव, उपराष्ट्रपति ने CM यादव को बताया ‘मनमोहक’

राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला इस समय एक खास आयोजन का गवाह बन रहा है – विक्रमोत्सव 2025।यह तीन दिवसीय भव्य आयोजन 12 अप्रैल से 14 अप्रैल तक चलेगा, जिसका उद्देश्य है मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सम्राट विक्रमादित्य के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर लाना। पहले दिन का भव्य शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार शाम को हुई, जहां उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसका शुभारंभ किया। उनके साथ मौजूद थे: इसके अलावा मध्यप्रदेश और दिल्ली सरकार के कई मंत्री, भाजपा नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति पहले दिन मंचन हुआ ‘सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य’ का, जिसमें उनके जन्म से लेकर सम्राट बनने तक की कहानी को भव्य रूप में पेश किया गया। यह नाट्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का जरिया है।उपराष्ट्रपति धनखड़ का भावुक संबोधन अपने भाषण में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा: “मेरा मन प्रफुल्लित है, भारत एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। जब भारत तेजी से विकसित हो रहा है, तो हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ना और भी जरूरी हो गया है।” उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस आयोजन को “मनमोहक” बना दिया। आगे क्या है? 13 और 14 अप्रैल को भी लाल किले पर यह महानाट्य जारी रहेगा।प्रस्तुतियां हर दिन शाम को होंगी, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत, राजनीतिक योगदान और धार्मिक दृष्टिकोण को दर्शाया जाएगा।क्यों खास है Vikramotsav? आज के युवा को अपने अतीत से जोड़ने का प्रयास है। यह आयोजन राष्ट्रीय गौरव, इतिहास और परंपरा को जोड़ने की कोशिश है। दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति को जगह मिल रही है।
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Waqf Bill Protest Photos Update; West Bengal Muslim Murshidabad | Mamata Banerjee TMC BJP

West Bengal Muslim Murshidabad :मुर्शिदाबाद हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के आदेश – अब तक 3 की मौत, 118 गिरफ्तार

कोलकाता/मुर्शिदाबाद | देश हरपल न्यूज़पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में लगातार भड़क रही सांप्रदायिक हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को हिंसाग्रस्त इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का आदेश दिया है। यह आदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया गया है। गौरतलब है कि वक्फ कानून के विरोध में राज्य में 10 अप्रैल से हिंसा की चिंगारी भड़की थी, जो अब तक थमी नहीं है। शनिवार को एक बार फिर जिले के शमशेरगंज ब्लॉक के धुलियान इलाके में हिंसा भड़क उठी। इस बार मामला और भी भयावह रहा, जब एक हिंसक भीड़ ने हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। बताया गया कि दोनों मूर्तिकार थे और हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाते थे। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगी है, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, 11 अप्रैल को भी धुलियान में हिंसा हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह अब तक मुर्शिदाबाद हिंसा में कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हिंसाग्रस्त इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। राज्य सरकार की ओर से ADG (लॉ एंड ऑर्डर) जावेद शमीम ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आज की घटना की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई, हालांकि BSF की ओर से गोली चलने की आशंका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घायल व्यक्ति अब खतरे से बाहर है। इस पूरे मामले में अब तक 118 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, केंद्र सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह जल्द ही अर्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित करे ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य में लगातार हो रही हिंसा से जनमानस में भय का माहौल है। विपक्ष जहां राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था में विफलता का आरोप लगा रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि हालात पर काबू पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। देश हरपल आपके लिए लाएगा हर अपडेट – राष्ट्रहित और सच्चाई के साथ।
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UPI सेवाओं में रुकावट

UPI सेवाओं में रुकावट: Paytm, PhonePe, Google Pay पर असर, जानें क्यों हुई बाधा

12 अप्रैल 2025 – आज सुबह UPI सेवाओं में अचानक रुकावट आई जिससे Paytm, PhonePe, Google Pay समेत कई ऐप्स प्रभावित हुए हैं। उपयोगकर्ता लेन-देन में परेशानी का सामना कर रहे हैं और त्रुटि संदेश देख रहे हैं। इस लेख में हम सरल भाषा में इस समस्या के कारण, असर और समाधान के उपाय बता रहे हैं। क्या हुआ? संभावित कारण उपयोगकर्ताओं के लिए सुझाव
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PM Modi

2036 Olympics की तैयारी में जुटा भारत: PM Modi ने कहा – Kashi के युवाओं को आज से Training शुरू करनी होगी

वाराणसी, 11 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी में शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। इस मौके पर उन्होंने युवाओं से अपील की कि अगर वे ओलंपिक में चमकना चाहते हैं, तो उन्हें अभी से ट्रेनिंग शुरू करनी होगी। काशी में ₹3,880 करोड़ की 44 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले महीनों में बनारस की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में और सुधार होगा। ropeway ट्रायल शुरू हो चुके हैं और शहर अब सिर्फ धार्मिक केंद्र नहीं बल्कि स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। खेल और स्वास्थ्य में बनारस की नई पहचान प्रधानमंत्री ने कहा, “काशी अब सिर्फ आध्यात्मिक नगरी नहीं रही। यहां अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और खेलों में अवसर बढ़ रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जैसी मेडिकल सुविधाएं अब यहीं मिल रही हैं। यह असली विकास है – जब सुविधाएं लोगों तक खुद पहुंचें।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्वांचल के लोगों को 10-11 साल पहले इलाज के लिए बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती थीं, लेकिन आज काशी “स्वास्थ्य की राजधानी” बन चुकी है। ओलंपिक 2036: भारत का सपना और काशी का योगदान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ओलंपिक 2036 की मेज़बानी के लिए प्रयासरत है और इसके लिए देशभर के युवाओं को आज से तैयारी शुरू करनी चाहिए। उन्होंने काशी के युवाओं को खेलों के प्रति गंभीर होने और सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी। बड़ी योजनाएं, बड़ा विजन इस दौरान पीएम मोदी ने काशी में कई अहम परियोजनाओं की नींव रखी, जिनमें शामिल हैं: इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
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Tahawwur Rana Extradition

Tahawwur Rana Extradition : तहव्वुर राणा को NIA की कस्टडी में कहां रखा गया है और 18 दिन में क्या-क्या उगलवाएगी जांच एजेंसी?

देश हरपल न्यूज़ डेस्कतारीख: 11 अप्रैल 2025 मुंबई आतंकी हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर राणा आखिरकार भारत की गिरफ्त में है। अमेरिका से कानूनी औपचारिकताओं के बाद भारत लाया गया राणा फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में है। लेकिन उसे तिहाड़ जेल में नहीं रखा गया है। सवाल उठता है – आखिर Tahawwur Rana को कहां रखा गया है? कैसी है सुरक्षा? और NIA उससे कौन-कौन से राज उगलवाने की तैयारी में है? कहां रखा गया है तहव्वुर राणा? सूत्रों के मुताबिक, तहव्वुर राणा को तिहाड़ जेल के बजाय NIA के सेंट्रल जोधपुर ऑफिस (CJO Complex) में रखा गया है, जो एक हाई-सिक्योरिटी फैसिलिटी है। यहां सिर्फ बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़े आरोपियों को ही रखा जाता है। NIA ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि राणा से बिना किसी रुकावट के पूछताछ की जा सके और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बता दें कि तिहाड़ जेल में पहले भी कई आतंकियों पर हमले हो चुके हैं, इसलिए NIA कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। कैसी है सुरक्षा व्यवस्था? CJO कॉम्प्लेक्स में राणा को 24×7 Z+ श्रेणी की सुरक्षा में रखा गया है। उसके आसपास सशस्त्र कमांडो तैनात हैं और हर मूवमेंट पर CCTV से निगरानी रखी जा रही है। उसे एक अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, जहां किसी बाहरी व्यक्ति को मिलने की अनुमति नहीं है। NIA की 18 दिनों की कस्टडी में क्या होगा? एनआईए को अदालत ने तहव्वुर राणा की 18 दिनों की रिमांड दी है। इस दौरान जांच एजेंसी का मकसद है: कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में मेडिकल क्लिनिक चलाता था। वह 26/11 के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का करीबी दोस्त और साथी था। हेडली ने भारत में रेकी करने और आतंकियों की मदद करने में राणा की भूमिका को स्वीकारा था। अमेरिका से भारत कैसे लाया गया? तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में भारत को लंबा इंतजार करना पड़ा। अमेरिका की अदालत ने तमाम दलीलों के बाद आखिरकार उसके भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दी। इसके बाद NIA की एक विशेष टीम अमेरिका गई, जहां उसने अमेरिकी अधिकारियों के साथ सारे कागजात और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद उसे फ्लाइट से भारत लाया गया। निष्कर्ष तहव्वुर राणा की गिरफ्तारी और भारत लाया जाना देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। अब सबकी निगाहें NIA की पूछताछ पर हैं, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह केस न सिर्फ 26/11 के घावों को भरने की दिशा में एक कदम है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की अंतरराष्ट्रीय लड़ाई में भी अहम मोड़ साबित हो सकता है। देश हरपल न्यूज़ पर हम ऐसे ही राष्ट्रहित से जुड़ी खबरों को आपके सामने लाते रहेंगे। हमारे साथ जुड़े रहें।
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Tahawwur Rana Extradition LIVE Updates:दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा विमान, एनआईए मुख्यालय ले जाया जायेगा

रिपोर्ट: देश हरपल न्यूज़ | तारीख: 30 मार्च 2025 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और भारत के वांछित आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाने की लंबी प्रक्रिया के बाद आज आखिरकार प्रत्यर्पित कर लिया गया। राणा को लेकर आ रहा विमान आज सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी, जिसने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उसे हिरासत में लिया और सीधे एनआईए हेडक्वार्टर ले जायागा । कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में रह रहा था। उसे अमेरिका में आतंकवाद से जुड़े एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया था। राणा, मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली का करीबी साथी रहा है। हेडली की गवाही के अनुसार, राणा को भारत में हमलों की साजिश की पूरी जानकारी थी और उसने अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों के माध्यम से हेडली को भारत में दाखिल होने में मदद की थी। कई वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद हुई प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत सरकार ने 2011 में अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी, लेकिन अमेरिकी अदालत में इस प्रक्रिया में कई अड़चनें आईं। वर्ष 2020 में अमेरिका में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया और आखिरकार अमेरिका की अदालत ने भारत को राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद एनआईए ने उसकी कस्टडी के लिए विस्तृत योजना तैयार की। एनआईए मुख्यालय में शुरू होगी पूछताछ राणा को एनआईए के दिल्ली स्थित मुख्यालय में ले जायागा , जहां उससे 26/11 हमलों से जुड़ी विस्तृत पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राणा से भारत में मौजूद अन्य संभावित आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से उसके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। एनआईए की टीम उससे उन तमाम ईमेल, नक्शों, लोकेशनों और साजिश की गहराई तक जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी, जो अब तक रहस्य में थी। भारत की न्याय प्रणाली के लिए अहम मोड़ तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह संदेश देता है कि भारत अपने नागरिकों पर हमले करने वाले किसी भी आतंकी को छोड़ने वाला नहीं है, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। देश हरपल की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। तहव्वुर राणा से पूछताछ के हर अहम अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Breaking Updates, राष्ट्रहित की खबरें और हरपल की जानकारी के लिए जुड़े रहें — देश हरपल न्यूज़
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84वां कांग्रेस अधिवेशन अहमदाबाद

84वां कांग्रेस अधिवेशन : Rahul Gandhi ने फिर उठाई जाति जनगणना की मांग, खड़गे ने ईवीएम और मोदी सरकार पर बोला हमला

अहमदाबाद (गुजरात), 9 अप्रैल 2025 – गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट पर Congress का 84वां अधिवेशन दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित हुआ। इस अधिवेशन को ‘न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष’ थीम पर केंद्रित किया गया, जिसमें देशभर से 1700 से अधिक कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी रही, हालांकि प्रियंका गांधी इसमें शामिल नहीं हुईं। जातिगत जनगणना की मांग को राहुल ने फिर दोहराया राहुल गांधी ने अधिवेशन के मंच से एक बार फिर जाति आधारित जनगणना की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का हक है कि “कितने अल्पसंख्यक और गरीब हैं।” उन्होंने ऐलान किया, “लोकसभा और राज्यसभा में हम कानून पास करेंगे, जाति जनगणना यहीं से निकलेगी।” राहुल ने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की 90 प्रतिशत आबादी OBC, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है, लेकिन इन वर्गों को मालिकों, CEO और वरिष्ठ प्रबंधन की लिस्ट में जगह नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि तेलंगाना की हालत हर प्रदेश की है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ रही है और हाशिये के वर्गों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। विदेश नीति पर भी किया हमला राहुल गांधी ने बांग्लादेश को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के खिलाफ बयान दे रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के नेता से मुलाकात के दौरान एक शब्द तक नहीं कहा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा, “कहां गई 56 इंच की छाती?” EVM पर खड़गे का बड़ा बयान, बैलेट पेपर की मांग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग की। उन्होंने कहा, “सरकार ने ऐसी तकनीक बनाई है जिससे उन्हें फायदा और विपक्ष को नुकसान हो।” उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “150 सीटों पर चुनाव लड़ा और 138 पर जीत मिली। ये 90 प्रतिशत जीत है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। ये सब जालसाजी है। चोर कितना भी तेज क्यों न हो, एक न एक दिन पकड़ा ही जाएगा।” मोदी सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा, “नेहरू जी ने जो देश के लिए संस्थान बनाए, मोदी सरकार उन्हें खत्म कर रही है। देश को बेचा जा रहा है और उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार के पास देश के लिए कोई विज़न नहीं है, वे केवल कांग्रेस को गाली देने में व्यस्त हैं। गुजरात में संगठन को मजबूत करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, यह अधिवेशन न केवल एक राजनीतिक सम्मेलन था, बल्कि गुजरात में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी था। आयोजन स्थल पर VVIP डोम और आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्था की गई थी, जो कांग्रेस के बदले तेवर और तैयारी को दर्शाता है। निष्कर्ष:84वें अधिवेशन में कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी चुनावों में जातिगत जनगणना, सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए मोदी सरकार पर सीधा हमला किया और जनता को “न्यायपथ” की राह पर चलने का संदेश दिया। ✍️ रिपोर्ट – देश हरपल न्यूज़ डेस्क, अहमदाबाद
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RBI

Trump Tariffs का असर: FY26 में GDP ग्रोथ घटकर 6.5%, RBI ने किया ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। FY2025-26 के लिए देश की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया गया है। इसके साथ ही रीपो रेट में भी 0.25% की कटौती की गई है, जिससे यह अब 6.00% हो गई है। क्या है वजह? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका द्वारा हाल ही में लागू किए गए टैरिफ नियमों ने वैश्विक आर्थिक स्थिति को और अस्थिर बना दिया है। इसका असर भारत की ग्रोथ पर भी साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, “ग्रोथ में सुधार हो रहा है, लेकिन ये हमारी उम्मीदों से कम है।” महंगाई दर में राहत RBI ने महंगाई के अनुमान को भी कम करते हुए कहा कि अब FY26 में CPI आधारित रिटेल मुद्रास्फीति 4% रहने की उम्मीद है। यह पहले के 4.2% के मुकाबले थोड़ा कम है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट और तेल की कीमतों में स्थिरता को इसका मुख्य कारण बताया गया है। रीपो रेट में बदलाव क्यों? मौजूदा आर्थिक हालात और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए, केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया है ताकि आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिल सके। क्या होगा इसका असर?
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कोल्लम मंदिर में RSS के प्रार्थना गीत को लेकर विवाद: मंदिर कमेटी भंग करने की प्रक्रिया शुरू, पुलिस ने मामला दर्ज किया

कोल्लम, केरल | देश हरपल न्यूज | 8 अप्रैल 2025 कोल्लम जिले के एक मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रार्थना गीत बजाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना चटयमंगलम तालुक के अंतर्गत आने वाले वझाप्पल्ली मंदिर की है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान संघ का पारंपरिक गीत “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” बजाया गया। इस पर वामपंथी दल सीपीएम और उनके समर्थकों ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके चलते विवाद गहराता गया। घटना का विवरण: मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठानों के दौरान यह गीत बजाया गया, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद सीपीएम कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संघीकरण’ का प्रयास करार देते हुए तीव्र विरोध जताया। हालांकि, मंदिर का प्रबंधन देख रही देवस्वंम बोर्ड के अधीनस्थ चटयमंगलम सबग्रुप ऑफिसर दीप्ती ने कहा कि इस घटना को लेकर किसी ने कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केरल मंदिर अधिनियम और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि किसकी अनुमति से यह गीत बजाया गया और क्या इससे मंदिर परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। मंदिर कमेटी होगी भंग: केरल ट्रावणकोर देवस्वंम बोर्ड (TDB) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर समिति को भंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। TDB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में राजनीतिक या वैचारिक झुकाव के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, चाहे वह किसी भी विचारधारा से संबंधित हो। राजनीतिक प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंदिरों में इस तरह के गीत बजाना कोई अपराध नहीं है, जबकि कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग बताया है। 🔗 स्रोत: मातृभूमि समाचार, ANI न्यूज़
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Ram Mandir

Ram Mandir Ayodhya Update: नकद दान घटा, Digital Donation ने बदली तस्वीर

Ram Mandir Ayodhya में दान को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। जहां पहले मंदिर की दानपेटियों से रोजाना करीब ₹10 से ₹12 लाख तक का चढ़ावा निकलता था, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर ₹1 लाख से भी कम बताया जा रहा है। इस बदलाव ने श्रद्धालुओं के बीच चर्चा तेज कर दी है। मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों का कहना है कि यह सिर्फ रकम का बदलाव नहीं है, बल्कि दान देने के तरीके में भी बड़ा परिवर्तन दिख रहा है। पहले कितना मिलता था चढ़ावा? कुछ समय पहले तक राममंदिर की दानपेटियों में— यह दान मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। अब क्यों घट गया कैश दान? अब स्थिति बदलती नजर आ रही है, जिसके पीछे कई कारण हैं— 1. Digital Donation का बढ़ता चलन UPI, QR code और ऑनलाइन दान ने नकद की जगह ले ली है। 2. कैश कम लेकर आने की आदत अब लोग कम नकद रखते हैं, जिससे दानपेटियों में पैसा कम जा रहा है। 3. पारदर्शिता की मांग डिजिटल दान को ज्यादा सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य माना जा रहा है। 4. बदलती सोच नई पीढ़ी सीधे मोबाइल से दान करना ज्यादा आसान समझती है। श्रद्धालुओं की राय मंदिर आने वाले कई भक्तों का कहना है कि डिजिटल दान से पारदर्शिता बढ़ी है और भरोसा भी मजबूत हुआ है। लेकिन कुछ श्रद्धालुओं को लगता है कि नकद दान की कमी से पारंपरिक धार्मिक अनुभव थोड़ा बदल रहा है। कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि दान व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता लाई जानी चाहिए ताकि श्रद्धा और विश्वास दोनों बने रहें। क्या है आगे की तस्वीर? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में नकद दान और कम हो सकता है और डिजिटल माध्यम पूरी तरह प्रमुख बन सकता है। इससे मंदिर ट्रस्ट को रिकॉर्ड रखने और सुरक्षा में भी आसानी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
International Yoga Day

International Yoga Day 2026 Celebration: India में लद्दाख से ऋषिकेश तक योग का अद्भुत नजारा

International Yoga Day 2026 इस बार बेहद भव्य और उत्साहपूर्ण तरीके से मनाया गया। भारत से लेकर दुनिया के कई देशों में लोगों ने सुबह-सुबह योगाभ्यास कर “स्वस्थ जीवन” का संदेश दिया। इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing” रही, जिसमें बढ़ती उम्र में फिट और मानसिक रूप से संतुलित रहने पर जोर दिया गया। लद्दाख में बर्फीली वादियों के बीच योग लद्दाख की ठंडी और खूबसूरत वादियों में योग दिवस की अलग ही तस्वीर देखने को मिली। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच सेना के जवानों, स्थानीय लोगों और छात्रों ने एक साथ योग किया। सुबह की हल्की धूप और ठंडी हवा के बीच जब लोगों ने सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया तो पूरा माहौल ऊर्जा और शांति से भर गया। यह नजारा सच में भारत की विविधता और योग की ताकत को दिखाता है। गंगा घाटों पर आध्यात्मिक माहौल उत्तराखंड के ऋषिकेश और गंगा किनारे योग दिवस का दृश्य बेहद शांत और आध्यात्मिक रहा। सुबह-सुबह गंगा की लहरों की आवाज और मंत्रोच्चारण के बीच लोगों ने ध्यान और योगाभ्यास किया। देश-विदेश से आए योग साधकों ने भी इसमें हिस्सा लिया और इसे एक “spiritual experience” बताया। गंगा किनारे का यह माहौल लोगों के मन और आत्मा दोनों को सुकून देने वाला रहा। देशभर में बड़े स्तर पर आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों में भी योग दिवस को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई शहरों में स्कूलों, कॉलेजों, सेना और सामाजिक संस्थाओं ने सामूहिक योग सत्र आयोजित किए। जबलपुर में हुए एक बड़े कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी योगाभ्यास किया और लोगों से योग को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने की अपील की। थीम “Yoga for Healthy Ageing” का संदेश इस साल की थीम ने खासतौर पर यह संदेश दिया कि योग सिर्फ एक्सरसाइज नहीं बल्कि एक lifestyle है जो उम्र बढ़ने के साथ शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योग तनाव कम करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और जीवन को संतुलित बनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
NEET UG

NEET UG 2026: मेडिकल एडमिशन की सबसे मुश्किल लड़ाई, हर सीट पर 36 दावेदार

NEET UG 2026 की तस्वीर इस बार और भी ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। मेडिकल कॉलेजों में MBBS एडमिशन पाने के लिए देशभर के लाखों छात्रों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। इस साल 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET UG परीक्षा में हिस्सा लिया है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या पहले की तरह ही सीमित है। यही वजह है कि औसतन एक सरकारी MBBS सीट के लिए करीब 36 छात्र दावेदारी कर रहे हैं।सीटें कम, उम्मीदें ज्यादा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें हमेशा से ही कम रही हैं, लेकिन इस बार मुकाबला और भी कठिन हो गया है। कम फीस और बेहतर शिक्षा सुविधाओं के कारण हर छात्र की पहली पसंद सरकारी कॉलेज ही होते हैं। लेकिन सीमित सीटों के कारण हजारों मेहनती छात्रों को हर साल निराशा का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके लंबे समय के सपनों पर असर पड़ता है। छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा इतनी भारी प्रतिस्पर्धा का सीधा असर छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। कई छात्र सालों तक दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन चयन की कोई गारंटी नहीं होती। कोचिंग और परीक्षा के इस बढ़ते प्रेशर ने मेडिकल एंट्रेंस को सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक मानसिक चुनौती भी बना दिया है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि देश में मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाना अब समय की जरूरत बन गया है। अगर सीटें बढ़ाई जाती हैं, तो न केवल छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि देश में डॉक्टरों की कमी भी काफी हद तक पूरी हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UBT

Shiv Sena UBT Breaking आज अलग हो सकते हैं बागी सांसद, महाराष्ट्र की सियासत में हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। Shiv Sena (UBT) में पिछले कई दिनों से चल रही अंदरूनी खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। खबर है कि पार्टी के कई बागी लोकसभा सांसद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने अगले राजनीतिक कदम का ऐलान कर सकते हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को फिर से गर्मा दिया है। यदि सांसद पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। अलग संसदीय समूह या शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि छह सांसद अलग संसदीय समूह बनाने की तैयारी में हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि ये सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अब तक किसी भी सांसद की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की निगाहें आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां स्थिति पूरी तरह साफ हो सकती है। पार्टी बैठकों से दूरी ने बढ़ाई अटकलें पिछले कुछ दिनों से कई सांसद पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल नहीं हुए। इसी के बाद से शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज हो गईं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सांसद अलग होते हैं तो इसका असर केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति पर भी दिखाई देगा। उद्धव ठाकरे गुट ने अपनाया सख्त रुख संभावित बगावत के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने भी सख्त रुख अपना लिया है। पार्टी की ओर से बागी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष से यह अपील भी की गई है कि किसी नए गुट को जल्दबाजी में मान्यता न दी जाए। पार्टी का कहना है कि संगठन की विचारधारा और अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। संजय राउत का हमला, राजनीतिक बयानबाजी तेज शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए लालच दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को जनता का समर्थन होने का भरोसा है, तो पहले सांसद पद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित सांसदों की ओर से भी इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राज ठाकरे और अमित शाह के बयान भी चर्चा में इस राजनीतिक संकट के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के समर्थन में बयान दिया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना का नेतृत्व अब एकनाथ शिंदे के हाथों में मजबूत हुआ है। दोनों नेताओं के बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। Press Conference के बाद साफ होगी तस्वीर आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि बागी सांसद अलग होने का औपचारिक ऐलान करते हैं, तो शिवसेना (UBT) के सामने संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नई चुनौती खड़ी हो सकती है। वहीं यदि आखिरी समय में कोई सांसद अपना फैसला बदलता है, तो उद्धव ठाकरे गुट को कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटे महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India's Got Latent 2

Controversial Show India’s Got Latent 2 में Alia Bhatt ने बिखेरा जलवा, Roast के बाद कही बड़ी बात

India’s Got Latent 2 का पहला एपिसोड रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है। लंबे समय तक विवादों में रहने के बाद लौटे इस कॉमेडी शो में इस बार बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट बतौर स्पेशल गेस्ट नजर आईं। शो के होस्ट और स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना ने अपने चिर-परिचित अंदाज में आलिया को रोस्ट किया, जिसका जवाब भी एक्ट्रेस ने पूरे आत्मविश्वास और मजाकिया अंदाज में दिया। आलिया का एक संवाद – “मुझे यहां आकर पछतावा हो रहा है” – अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि यह बात उन्होंने हंसते हुए कही थी और पूरा माहौल हल्का-फुल्का बना रहा। विवादों के बाद नए अंदाज में लौटा India’s Got Latent कुछ समय पहले अपने कंटेंट को लेकर विवादों में आए India’s Got Latent ने अब दूसरे सीजन के साथ वापसी की है। इस बार शो में मनोरंजन के साथ संतुलित कॉमेडी पर भी जोर दिया गया है। पहले ही एपिसोड में आलिया भट्ट की मौजूदगी ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी। शो की शुरुआत से ही समय रैना अपने मजेदार पंच और रोस्टिंग स्टाइल में नजर आए। उन्होंने आलिया पर कई हल्के-फुल्के तंज कसे, जिन पर दर्शकों ने जमकर ठहाके लगाए। Samay Raina के Roast पर Alia Bhatt का मजेदार जवाब एपिसोड के दौरान समय रैना ने आलिया भट्ट की फिल्मों, स्टारडम और पर्सनल लाइफ को लेकर कई मजाक किए। आलिया ने भी किसी बात का बुरा मानने के बजाय पूरे स्पोर्टिंग अंदाज में जवाब दिया। एक मौके पर हंसते हुए उन्होंने कहा,“मुझे यहां आकर पछतावा हो रहा है।” उनकी यह बात सुनते ही पूरा सेट तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। यही पल अब सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा शेयर किया जा रहा है। Alpha Film के प्रमोशन के लिए शो में पहुंचीं Alia आलिया भट्ट इस एपिसोड में अपनी आने वाली फिल्म Alpha के प्रमोशन के लिए पहुंची थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए और दर्शकों के साथ कई मजेदार किस्से भी बांटे। कॉमेडी और फिल्म प्रमोशन का यह मेल दर्शकों को काफी पसंद आया, जिसकी झलक सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रियाओं में साफ दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए Clips एपिसोड रिलीज होने के कुछ ही घंटों में इसके कई वीडियो क्लिप्स अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगे। फैंस ने समय रैना की कॉमिक टाइमिंग और आलिया भट्ट के सहज व्यवहार की जमकर तारीफ की। कई यूजर्स का कहना है कि विवादों के बाद शो ने दमदार वापसी की है, जबकि कुछ लोगों ने इसे अब तक का सबसे मनोरंजक एपिसोड बताया। दर्शकों को पसंद आया नया Season India’s Got Latent 2 के पहले एपिसोड को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। समय रैना की बेबाक कॉमेडी, आलिया भट्ट का स्पोर्टिंग अंदाज और दोनों के बीच हुई मजेदार बातचीत ने इस एपिसोड को चर्चा में ला दिया है। अब फैंस की नजर शो के आने वाले एपिसोड्स पर है, जिनमें कई और बड़े सेलिब्रिटी मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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