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Faridabad

Faridabad RDX Case डॉक्टर के घर से मिला विस्फोटक और हथियारों का जखीरा, NIA और ATS की जांच शुरू

Faridabad दिल्ली के नजदीक फरीदाबाद में पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। धौज इलाके में एक Doctor के किराए के कमरे से 300 किलो RDX, AK-47 राइफल और सैकड़ों कारतूस बरामद किए गए हैं। यह ऑपरेशन दिल्ली-NCR को हिला देने वाले एक बड़े Terror Attack से पहले ही किया गया, जिससे बड़ी तबाही टल गई। कैसे हुआ खुलासा (Faridabad RDX Case Investigation) खुफिया एजेंसियों को जम्मू-कश्मीर में terror posters लगाने की जांच के दौरान एक सुराग मिला। उसी सुराग से हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद के धौज इलाके में छापा मारा। वहां से भारी मात्रा में Explosives और Ammunition मिला।कमरा करीब 3 महीने पहले किराए पर लिया गया था, लेकिन वहां कोई नहीं रहता था। पुलिस को शक है कि यह कमरा सिर्फ Explosives Storage के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। Doctor का Terror Connection (Doctor Adil Ahmed Rathar Link) मुख्य आरोपी Dr. Adil Ahmed Rathar कश्मीर का रहने वाला बताया जा रहा है। वह पहले Kashmir और Saharanpur (UP) में मेडिकल प्रैक्टिस करता था। जांच एजेंसियों को शक है कि उसका संबंध Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGH) और Jaish-e-Mohammad (JeM) जैसे आतंकी संगठनों से है।डॉ. आदिल के साथ एक और नाम Dr. Mozammil Shakeel का भी सामने आया है। दोनों से पूछताछ चल रही है कि इतने Explosives का इस्तेमाल कहां और कब होना था। क्या मिला पुलिस को (Faridabad Seizure Details) पुलिस और ATS की संयुक्त कार्रवाई में बरामद सामग्री: इतनी बड़ी मात्रा में RDX से Delhi या NCR में बड़े पैमाने पर Blast की साजिश रची जा सकती थी। Delhi-NCR में High Alert इस बरामदगी के बाद दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।बॉर्डर चेकिंग बढ़ा दी गई है और खुफिया विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि RDX कहां से लाया गया, किसके लिए था और इसका Target क्या था। पुलिस का बयान हरियाणा पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि, “यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है। अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो दिल्ली-NCR में बड़ा ब्लास्ट हो सकता था।” एजेंसियां अब Cross-Border Network और Local Support System की जांच कर रही हैं। जांच जारी (NIA & ATS Investigation) मामले की जांच NIA, IB और ATS कर रही हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टर ने फर्जी नाम और दस्तावेजों से किराए पर कमरा लिया था। मकान मालिक और स्थानीय लोगों से पूछताछ जारी है। फरीदाबाद में मिली 300 किलो RDX की बरामदगी देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है। इस कार्रवाई ने एक बड़े Terror Attack को समय रहते रोक दिया। अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Winter Session

1 December से 19 December तक Parliament का Winter Session सरकार लाएगी अहम Bills

संसद का Winter Session 2025 इस साल 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने मंजूरी दे दी है। इसकी घोषणा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने शनिवार को की। सरकार ने उम्मीद जताई है कि यह सत्र रचनात्मकऔर अर्थपूर्ण होगा, जिससे देश की जनता की उम्मीदों को मजबूती मिलेगी। Kiren Rijiju ने की Positive Discussion की अपील केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने X (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा — “हम आशा करते हैं कि यह Winter Session रचनात्मक और सार्थक होगा, जो हमारे लोकतंत्र को मजबूत करेगा और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस सत्र में महत्वपूर्ण Bills पर चर्चा को प्राथमिकता दी जाए और हंगामे से बचा जाए। Parliament Winter Session में ये अहम Bills हो सकते हैं पेश सूत्रों के मुताबिक, Winter Session में सरकार कुछ प्रमुख विधेयक (Bills) पेश कर सकती है — Monsoon Session में हंगामे के बाद सरकार की उम्मीदें पिछले Monsoon Session के दौरान विपक्ष के विरोध और लगातार हंगामे के कारण कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।अब सरकार चाहती है कि Winter Session में शांतिपूर्ण बहस और नीति-निर्माण पर फोकस रहे। Parliament Sessions का Annual Calendar भारत की संसद में हर साल तीन मुख्य सत्र होते हैं — इनमें से Winter Session वर्ष का आखिरी और सबसे रणनीतिक सत्र माना जाता है, जिसमें कई अहम नीतियों और Bills पर मुहर लगती है। Session Details क्या है उम्मीद? यह सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए अहम रहेगा। सरकार जहां सुधारवादी एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति में रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Modi Rally Highlights बिहार की जनता ने दिखाया जोश, विपक्ष पर तीखा प्रहार

पटना (Bihar Election 2025): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में दो बड़ी जनसभाओं को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखे वार किए। उन्होंने कहा कि बिहार अब “जंगल राज” नहीं, बल्कि “Vikas Raj” की राह पर है। मोदी ने जनता से NDA को भारी बहुमत देने की अपील की और कहा कि “अब बिहार को रोकने की ताकत किसी में नहीं है।” Modi Rally in Bihar: जनता का जोश और विकास का संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को बेतिया और समस्तीपुर में विशाल जनसभाएं कीं। दोनों जगहों पर भारी भीड़ उमड़ी और ‘Modi-Modi’ के नारे गूंजे।मोदी ने कहा – “बिहार के लोगों ने अब ठान लिया है कि विकास की गाड़ी को कोई नहीं रोक सकता। हमने बिहार में सड़क, बिजली और रोजगार के लिए जो काम किए हैं, वो अब गति पकड़ चुके हैं।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो लोग जात-पात और नफरत की राजनीति करते हैं, वो अब जनता के मूड को नहीं समझ पा रहे।” AI Video Controversy: मोदी की चेतावनी – ‘AI से मतदाताओं को गुमराह न करें’ प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि चुनाव के दौरान कुछ दल Artificial Intelligence (AI) का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने जनता को आगाह किया कि “सोशल मीडिया पर फैलने वाले फेक AI वीडियो से सावधान रहें, ये सब भ्रम फैलाने की चाल है।” Election Commission ने भी सभी पार्टियों को चेतावनी दी है कि किसी भी AI-generated वीडियो या फोटो को “synthetic” या “digitally created” के रूप में स्पष्ट रूप से टैग करना अनिवार्य होगा। हाल ही में कांग्रेस पर पीएम मोदी का AI वीडियो शेयर करने के आरोप लगे थे, जिसे कोर्ट ने तुरंत हटाने का आदेश दिया। इस पर BJP नेता गिरिराज सिंह ने कहा – “अगर मैं नेहरू और माउंटबेटन का AI वीडियो बनाऊं तो कांग्रेस क्या करेगी?” Lalu Yadav का तंज और BJP की पलटवार RJD प्रमुख लालू यादव ने भी मोदी की रैली पर चुटकी लेते हुए कहा – “प्रधानमंत्री के भाषण में झूठ की बारिश होगी, जनता छाता लेकर जाए।”इस पर BJP नेताओं ने पलटवार किया कि “लालू जी अब पुराने बिहार की याद दिला रहे हैं, जबकि जनता नया बिहार बना रही है।” Bihar Election 2025: मुद्दे, माहौल और जनता की उम्मीदें इस बार के बिहार चुनाव में तीन बड़े मुद्दे प्रमुख हैं — विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में इस बार सोशल मीडिया और डिजिटल कैम्पेन निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। बिहार का चुनावी संग्राम सिर्फ रैलियों का नहीं, बल्कि Digital Battle भी बन चुका है।एक तरफ मोदी का “Vikas Model”, दूसरी तरफ विपक्ष की “AI Strategy” — दोनों की टक्कर से इस चुनाव में नया इतिहास बन सकता है। मोदी के संदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार अब “Fake AI” से नहीं, बल्कि Real Development से आगे बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vande Bharat

Vande Bharat Trains का उद्घाटन पीएम मोदी ने बनारस से दिखाई हरी झंडी

वरानसी, 8 नवंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बनारस रेलवे स्टेशन से चार नई Vande Bharat Express ट्रेनें हरी झंडी दिखाकर रवाना की। इन नई ट्रेनों का उद्देश्य यात्रा समय कम करना, आधुनिक रेल नेटवर्क बढ़ाना, और देश में पर्यटन व आर्थिक कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये ट्रेनें भारत की मेक इन इंडिया पहल और आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन ट्रेन सेवाओं से नागरिकों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। नई Vande Bharat Trains और उनके Route Key Features Regional और Tourism Impact इन नई ट्रेन सेवाओं से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और पर्यटन वृद्धि में भी मदद मिलेगी। खासकर बनारस और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र अब और अधिक आसानी से जुड़ेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “वंदे भारत ट्रेनें भारत की नई तकनीक और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये देशवासियों की जिंदगी आसान बनाने के साथ-साथ भारत को विश्व स्तर पर आधुनिक रेल सेवाओं में अग्रणी बनाएंगी।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

Supreme Court ने दिया बड़ा आदेश Stray Dogs और Cattle अब नहीं दिखेंगे Public Places पर

भारत के सड़कों पर बढ़ते आवारा पशुओं (Stray Animals) और डॉग बाइट्स (Dog Bite Cases) की घटनाओं को देखते हुए Supreme Court of India ने शुक्रवार (7 नवंबर 2025) को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने सभी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि वे 8 हफ्तों के भीतर सरकारी संस्थानों के चारों ओर Boundary Wall (बाड़) लगाएं और राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों (Highways) से सभी आवारा जानवरों को हटाएं। Government Institutions में Fence लगाना होगा ज़रूरी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर और सरकारी दफ्तरों में बाड़ लगाना अब अनिवार्य होगा, ताकि आवारा कुत्ते, गाय या सांड जैसी पशुओं का प्रवेश न हो सके।राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे 2 हफ्तों के भीतर ऐसी संस्थाओं की लिस्ट तैयार करें और 8 हफ्तों के अंदर fencing का काम पूरा करें। कोर्ट ने कहा, “ये कदम जनता की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों के लिए ज़रूरी हैं। कोई भी संस्था इस आदेश की अनदेखी नहीं कर सकती।” Highways और Roads से हटेंगे Cattle और Stray Animals अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर जानवरों का घूमना यातायात में बाधा डालता है और Accidents (दुर्घटनाओं) का बड़ा कारण बन चुका है।इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया कि सभी मवेशियों और आवारा पशुओं को सुरक्षित Animal Shelters में रखा जाए और सड़कों को पूरी तरह खाली किया जाए। इसके साथ ही जिला प्रशासन और नगर निगमों को हर 3 महीने में रिपोर्ट पेश करनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आदेश का पालन सही ढंग से हो रहा है। Stray Dogs को Schools और Hospitals से हटाने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूलों, हॉस्पिटल्स और अन्य पब्लिक प्लेसेज़ में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को पकड़कर वहीं दोबारा छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।उन्हें Vaccination और Sterilization के बाद निर्धारित आश्रय गृहों में रखा जाएगा, ताकि बच्चों, मरीजों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। क्यों दिया गया यह फैसला? हाल के वर्षों में देशभर में Dog Bite Cases और Cattle-related Road Accidents में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।कई मामलों में बच्चों और बुजुर्गों की जान भी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला सिर्फ पशु नियंत्रण का नहीं बल्कि Public Safety और Human Rights का है। पालन न करने पर सख्त कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि किसी राज्य या संस्था ने यह आदेश समय सीमा में पूरा नहीं किया, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।साथ ही केंद्र सरकार से कहा गया है कि वह एक Monitoring Agency बनाकर राज्यों के काम की निगरानी करे। जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, जनता की भी कोर्ट ने कहा कि आम नागरिक भी इसमें भागीदार बनें — सड़कों पर कूड़ा या पशुओं के लिए खाना न फेंकें, जिससे वे सड़कों की ओर आकर्षित होते हैं।यह आदेश मानव सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है। Supreme Court का यह फैसला देशभर में Public Safety को लेकर बड़ा बदलाव लाने वाला है। इससे सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी, स्कूलों और हॉस्पिटलों में स्वच्छता सुनिश्चित होगी और आवारा जानवरों के कल्याण के लिए भी एक स्थायी व्यवस्था बनेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Election 2025 बढ़ी हुई वोटिंग से नीतीश कुमार की ‘घर वापसी’ के संकेत

Bihar विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग खत्म हो चुकी है और इस बार जनता का उत्साह पिछले चुनावों से कहीं अधिक देखने को मिला।चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पहले चरण में 121 सीटों पर 64.69% मतदान हुआ है — जो कि 2020 के पहले चरण (56.1%) की तुलना में लगभग 8.6% ज्यादा है।अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह बढ़ी हुई वोटिंग नीतीश कुमार की सत्ता में वापसी का संकेत है? Voting Pattern से क्या मिल रहा है संकेत? Bihar के पिछले 20 सालों के चुनावी इतिहास में जब-जब वोटिंग में बढ़ोतरी हुई है, तब-तब नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) ने सत्ता में वापसी की है।2005, 2010 और 2015 में मतदान प्रतिशत में उछाल आया था और हर बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार भी बढ़ी हुई वोटिंग NDA के लिए शुभ संकेत हो सकती है। Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav: जनता का मूड किसके पक्ष में? वोटिंग में वृद्धि आमतौर पर जनता के अंदर बदलाव की इच्छा या सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।इस बार युवा वर्ग और पहली बार वोट डालने वालों की संख्या भी ज्यादा रही।राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दे पर जनता से अपील कर रहे हैं, जबकि नीतीश कुमार “विकास और स्थिरता” की बात कर रहे हैं।ऐसे में यह तय करना मुश्किल है कि बढ़ी हुई वोटिंग का फायदा किसे मिलेगा — NDA को या महागठबंधन को। किस इलाकों में हुआ Record Voting पहले चरण में नालंदा, गया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिलों में रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज हुई है।इनमें से कई जिले नीतीश कुमार के पारंपरिक गढ़ माने जाते हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर आने वाले चरणों में भी यही ट्रेंड जारी रहा, तो Nitish Kumar की वापसी की संभावना और मजबूत हो सकती है। पिछले चुनावों से तुलना वर्ष औसत वोटिंग प्रतिशत परिणाम 2005 45.6% नीतीश कुमार पहली बार CM बने 2010 52.7% NDA की बड़ी जीत 2015 56.8% महागठबंधन की सरकार, नीतीश फिर CM 2020 57.1% एनडीए की मुश्किल जीत 2025 64.69% (पहला चरण) ट्रेंड नीतीश के हक में? Bihar Politics में नया मोड़ बढ़ी हुई वोटिंग सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि यह Bihar की राजनीति में एक नया बदलाव दर्शाती है।चाहे यह जनता की नाराजगी हो या विकास पर भरोसा — लेकिन इतना तय है कि 2025 का चुनाव नीतीश कुमार बनाम तेजस्वी यादव के बीच सीधी टक्कर बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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वंदे मातरम

वंदे मातरम के 150 साल पूरे, पीएम मोदी बोले “यह हमारी आत्मा की आवाज़ है”

भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम (Vande Mataram)’ अपनी 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया और इस अवसर पर Commemorative Coin और Stamp जारी किए। यह आयोजन देश की आज़ादी, एकता और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक बन गया है — जहां पूरा भारत “वंदे मातरम” के स्वर में एकजुट हुआ। देशभर में एक साथ गूंजा ‘Vande Mataram’ सुबह 9:50 बजे देश के कोने-कोने में स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया। यह आयोजन सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एकता और देशभक्ति का राष्ट्रीय संदेश था। Vande Mataram की कहानी: 1875 से 2025 तक का सफर ‘वंदे मातरम’ की रचना 7 नवंबर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय (Bankim Chandra Chatterjee) ने की थी। बाद में इसे उनकी प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882) में शामिल किया गया। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बन गया — आज़ादी की रैलियों और आंदोलनों में “वंदे मातरम” की गूंज ने देशवासियों में जोश भर दिया। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत (National Song) का दर्जा दिया, और तय किया कि इसे राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान सम्मान मिलेगा। PM Modi बोले – “Vande Mataram हमारी आत्मा की आवाज़ है” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – “वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, यह हमारी आत्मा की आवाज़ है। यह भारत की माटी, मातृभूमि और हमारी अस्मिता का प्रतीक है। 150 वर्षों से यह गीत हमें एकता और समर्पण की भावना से जोड़ता आ रहा है।” 150 Years Celebration: Coin और Stamp ने बनाया ऐतिहासिक पल कार्यक्रम में जारी किए गए स्मारक सिक्के (Commemorative Coin) और डाक टिकट (Stamp) पर “150 Years of Vande Mataram” अंकित है। संस्कृति मंत्रालय ने घोषणा की है कि आने वाले एक वर्ष तक देशभर में “Vande Mataram@150” के तहत विशेष कार्यक्रम, कला प्रदर्शनी, छात्र प्रतियोगिताएं और डिजिटल कैंपेन चलाए जाएंगे। क्यों खास है ‘Vande Mataram’ का 150वां जश्न सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ #VandeMataram150Years कार्यक्रम के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर #VandeMataram150Years, #VandeMataram और #PMModi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।लोगों ने अपने पोस्ट, वीडियो और रील्स के ज़रिए गीत को समर्पित संदेश साझा किए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Airport पर ATC सिस्टम फेल 100 से ज्यादा उड़ानें लेट यात्रियों को घंटों करना पड़ा इंतजार

देश की राजधानी Delhi के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर शुक्रवार सुबह बड़ा तकनीकी संकट देखने को मिला। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में अचानक Technical Glitch आने से उड़ानों का संचालन प्रभावित हो गया। इस गड़बड़ी के चलते 100 से ज्यादा फ्लाइट्स लेट हो गईं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी। ATC System में क्या आई खराबी सूत्रों के अनुसार, ATC का Automatic Message Switching System (AMSS) अचानक फेल हो गया। यह सिस्टम उड़ानों से जुड़ी अहम जानकारी कंट्रोल टावर तक पहुंचाने का काम करता है।सिस्टम फेल होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को सभी डेटा को मैन्युअली प्रोसेस करना पड़ा। नतीजा ये हुआ कि फ्लाइट्स के टेकऑफ और लैंडिंग में 30 से 60 मिनट तक की देरी दर्ज की गई। 100 से ज्यादा उड़ानें हुईं प्रभावित टेक्निकल गड़बड़ी के चलते Air India, IndiGo, Vistara, और SpiceJet जैसी कई एयरलाइंस की उड़ानें देरी से चलीं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह 7 बजे से दोपहर तक 100 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित रहीं। कुछ उड़ानें लंबे समय तक रनवे पर खड़ी रहीं तो कुछ को टेकऑफ की मंजूरी नहीं मिल पाई। यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं टर्मिनल 3 पर सैकड़ों यात्री घंटों इंतजार करते रहे। कई लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स मिस हो गईं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइंस की लापरवाही पर नाराज़गी जताई।एक यात्री ने X (Twitter) पर लिखा – “हम तीन घंटे से गेट पर इंतजार कर रहे हैं, कोई अपडेट नहीं मिल रहा।” एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी इंडिगो और एयर इंडिया ने यात्रियों से कहा कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर चेक करें।इंडिगो ने बयान में कहा – “ATC सिस्टम में अस्थायी तकनीकी खराबी के कारण कुछ उड़ानों में देरी है। हमारी टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है।” Delhi एयरपोर्ट अथॉरिटी का बयान Delhi इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) की ओर से कहा गया – “ATC में आई अस्थायी तकनीकी समस्या को अब ठीक कर लिया गया है। फ्लाइट्स की मूवमेंट सामान्य हो रही है। यात्रियों से हुई असुविधा के लिए खेद है।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

अररिया में PM Modi बिहार में NDA को फिर से बहुमत का भरोसा, बोले “जनता ने तय कर लिया है फैसला”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज अररिया (Araria) में एक भव्य जनसभा को संबोधित किया। मोदी ने स्थानीय भाषा मैथिली में जनता का अभिवादन करते हुए कहा — “हमर अररिया के जनताके प्रणाम, अहाँ सभ बिहारक विकासक आधार छी।” इस रैली को बीजेपी (BJP) और एनडीए (NDA) के लिए चुनावी ऊर्जा बढ़ाने वाली बड़ी जनसभा माना जा रहा है। Bihar Election 2025: पहले चरण में जबरदस्त उत्साह बिहार के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान जारी है। सुबह 11 बजे तक लगभग 27.6% वोटिंग हो चुकी थी।राघोपुर, गया, सीतामढ़ी, नवादा और भागलपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मतदाता भारी संख्या में वोट डालने पहुंचे। इस बीच, अररिया में मोदी की रैली ने माहौल और भी गर्मा दिया। Modi का विपक्ष पर हमला मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा — “जिन लोगों ने बिहार को पिछड़ा रखा, वे अब फिर से सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं। लेकिन बिहार अब ‘जंगलराज’ के दिनों में नहीं लौटेगा।” उन्होंने कहा कि NDA सरकार ने बिहार में सड़कों, बिजली, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किया है और आने वाले समय में 1 करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। Modi का Bihar Vision: “Viksit Bihar, Rozgar aur Nivesh” प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में बिहार को “Viksit Bihar” बनाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, नई रेलवे परियोजनाएँ और डिजिटल कनेक्टिविटी पर काम तेज़ होगा। “हमारा मिशन है – हर नौजवान को रोजगार, हर किसान को सम्मान और हर घर तक विकास पहुंचाना,” मोदी ने कहा। स्थानीय जुड़ाव: मैथिली में शुरू किया भाषण अररिया की रैली में मोदी ने स्थानीय जुड़ाव पर खास ध्यान दिया। उन्होंने मैथिली भाषा में शुरुआत कर लोगों के दिलों में जगह बनाई। “बिहार के लोग विकास चाहते हैं, जाति और परिवार की राजनीति नहीं,” उन्होंने कहा। लोगों ने “मोदी-मोदी” के नारों के साथ उनका स्वागत किया। NDA vs Mahagathbandhan – सीधा मुकाबला बिहार चुनाव 2025 में इस बार एनडीए (BJP-JDU-PAS) और महागठबंधन (RJD-Congress-Left) के बीच सीधा मुकाबला है।मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सड़क, बिजली और आवास जैसी योजनाओं ने लोगों का जीवन बदला है।उन्होंने जनता से अपील की कि वे “विकास के लिए वोट” करें, “वोट बैंक की राजनीति” के लिए नहीं। नतीजा क्या होगा? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अररिया की यह रैली चुनाव के पहले चरण में एनडीए को राजनीतिक बढ़त दिला सकती है।मोदी का भाषण विकास, रोजगार और स्थानीय जुड़ाव पर केंद्रित रहा — जो बिहार के मतदाताओं के लिए निर्णायक मुद्दे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi vs Election Commission विदेशी मॉडल ने खोली Fake Voter List की पोल

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के ‘Vote Chori’ (वोट चोरी) वाले बयान ने अब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में हुई कथित वोटिंग गड़बड़ी को लेकर राहुल गांधी ने जो तस्वीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई थी, वो असल में एक ब्राज़ीलियन मॉडल Larissa Nery की निकली। इस खुलासे के बाद लरीसा ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी का ‘Vote Chori’ Allegation राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि हरियाणा की वोटर लिस्ट में एक ही महिला की फोटो 22 बार अलग-अलग नामों से दर्ज की गई है — सीमा, स्वीटी, सरस्वती जैसे नामों से। उन्होंने कहा था कि यह सबूत है कि “भारत में वोट चुराए गए हैं (Vote Chori हुई है)।”लेकिन जब सोशल मीडिया यूज़र्स ने उस तस्वीर को खंगाला, तो उन्होंने पाया कि यह फोटो किसी भारतीय महिला की नहीं बल्कि ब्राज़ील की मॉडल Larissa Nery की है। Brazilian Model Larissa Nery का Shocked Reaction ब्राज़ीलियन मॉडल लरीसा ने सोशल मीडिया पर लिखा — “What Madness is this! भारत में मेरी पुरानी फोटो को एक भारतीय महिला बताकर चुनावी विवाद में घसीटा जा रहा है। ये पूरी तरह गलत है, मैं कभी इंडिया नहीं गई।” उन्होंने बताया कि यह फोटो उनके शुरुआती मॉडलिंग के दिनों की है, जब वे करीब 18-20 साल की थीं। संभव है कि तस्वीर किसी stock image platform से ली गई हो, जिसका किसी ने चुनावी सबूत के रूप में गलत इस्तेमाल किया। “I Love Indians, But This Is Wrong” – Larissa लरीसा ने आगे कहा — “मुझे भारतीय लोग बहुत पसंद हैं, लेकिन मेरे नाम या फोटो का इस्तेमाल राजनीति में करना गलत है। मैं किसी भी तरह से इस ‘Vote Chori’ विवाद से जुड़ी नहीं हूं।” अब उठे सवाल – Rahul Gandhi की Team ने Photo Verify क्यों नहीं की? इस मामले के बाद अब कई सवाल खड़े हो गए हैं – विशेषज्ञों का कहना है कि अगर विदेशी मॉडल की फोटो वोटर लिस्ट में दिख रही है, तो यह देश की वोटिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है। Social Media पर Viral हुआ “Vote Chori” Row Twitter (X), Instagram और Facebook पर इस मामले को लेकर जमकर मीम्स और रील्स बन रहे हैं।#LarissaNery, #VoteChori, #RahulGandhi और #BrazilianModel जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।कई लोगों ने कहा कि राहुल गांधी की टीम को किसी भी सबूत का इस्तेमाल करने से पहले fact-check ज़रूर करना चाहिए। राहुल गांधी का “Vote Chori” दावा अब एक अंतरराष्ट्रीय चर्चा बन गया है।ब्राज़ीलियन मॉडल लरीसा ने साफ कहा है कि उनका भारत या किसी चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।यह मामला बताता है कि डिजिटल युग में किसी की भी तस्वीर या पहचान का गलत इस्तेमाल कितनी आसानी से हो सकता है, और इसलिए राजनीतिक या चुनावी मामलों में फैक्ट वेरिफिकेशन जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जबलपुर में गरबा कार्यक्रम में बवाल, बाउंसरों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट; वीडियो सामने आया

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित धनवंतरी नगर के जसूजा सिटी में शुक्रवार रात गरबा कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रवेश के लिए पास मांगने को लेकर बाउंसरों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पास मांगने पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, जसूजा सिटी के निजी परिसर में गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे। इसी दौरान करीब 15 से 20 बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। कार्यक्रम में प्रवेश के लिए बाउंसरों ने उनसे पास मांगे। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर एक महिला कार्यकर्ता ने बाउंसर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और लात-घूंसे चलने लगे। आयोजक का आरोप- महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की गई कार्यक्रम के आयोजक और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने आरोप लगाया कि गरबा कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और खुद को धार्मिक संगठन का कार्यकर्ता बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों के पास चाकू थे और महिलाओं पर हमला किया गया। मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद उनके साथ भी विवाद किया गया। उनके मुताबिक, कुछ लोग योजना बनाकर कार्यक्रम में पहुंचे थे और जानबूझकर हंगामा किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। आयोजकों ने CCTV फुटेज की जांच की मांग की मनीष मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति ली जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी धार्मिक संगठन के कार्यकर्ता यह तय नहीं कर सकते कि कौन कार्यक्रम आयोजित करेगा और कौन उसमें शामिल होगा। आयोजकों ने पुलिस से घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज की जांच करने और मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर कर रही जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और सामने आए वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही विवाद की शुरुआत, मारपीट में शामिल लोगों और दोनों पक्षों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ऑस्ट्रेलिया

Gold Mining: ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज से बदलेगी तस्वीर, भारत को मिल सकता है नया सप्लायर

भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि लोगों की बचत और निवेश का भी अहम हिस्सा है। शादी का सीजन हो या दिवाली-धनतेरस, सोने की खरीदारी को लेकर बाजार में हमेशा हलचल रहती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया से आई सोने की खोज और बढ़ते निवेश की खबर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज के लिए कंपनियां बड़े स्तर पर खर्च कर रही हैं। इससे आने वाले समय में सोने की वैश्विक सप्लाई बढ़ने की संभावना है। भारत जैसे देश के लिए यह एक अहम घटनाक्रम है, क्योंकि अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए भारत को दूसरे देशों से सोना आयात करना पड़ता है। Australia में Gold Exploration पर कितना खर्च हुआ? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज से जुड़ा निवेश जून 2026 की तिमाही में बढ़कर लगभग 565.6 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) के आंकड़ों के अनुसार, पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 23.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह खर्च जमीन के नीचे मौजूद सोने के संभावित भंडार का पता लगाने, ड्रिलिंग और खनन की संभावनाओं का आकलन करने जैसे कामों पर किया जाता है। हालांकि, खोज पर खर्च बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर जगह सोने का नया भंडार मिल गया है। किसी जगह सोना मिलने के बाद भी यह देखना पड़ता है कि वहां से उसे निकालना आर्थिक रूप से कितना व्यावहारिक होगा। ऑस्ट्रेलिया में कितना Gold Reserve मौजूद है? ऑस्ट्रेलिया दुनिया के प्रमुख सोना उत्पादक देशों में शामिल है। सरकारी संस्था Geoscience Australia के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक देश के अनुमानित Ore Reserves करीब 4,785 टन थे। वहीं, पहचाने गए कुल Gold Resources का आंकड़ा इससे काफी ज्यादा था। यहां एक बात समझना जरूरी है। Gold Resources में सोने के संभावित और पहचाने गए संसाधन शामिल होते हैं, जबकि Ore Reserves उस सोने को दर्शाते हैं जिसे मौजूदा तकनीकी और आर्थिक परिस्थितियों में निकालना व्यावहारिक माना जाता है। इसीलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने के बड़े भंडार होने और किसी नई खोज को दुनिया का सबसे बड़ा भंडार बताने में अंतर है। किसी खास नई खोज के बारे में ऐसा दावा करने से पहले उसके आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है। भारत को कैसे मिल सकता है फायदा? भारत में सोने की मांग काफी बड़ी है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर ऑस्ट्रेलिया में आने वाले वर्षों में सोने का उत्पादन बढ़ता है, तो भारतीय आयातकों के लिए सप्लाई का एक अतिरिक्त विकल्प तैयार हो सकता है। इसके तीन संभावित फायदे हो सकते हैं: हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में निकाला गया सोना अपने आप भारत नहीं पहुंचेगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उत्पादन कितना बढ़ता है, कंपनियां किस देश को निर्यात करती हैं और भारतीय आयातकों के साथ किस तरह के व्यापारिक समझौते होते हैं। क्या भारत में सस्ता हो जाएगा सोना? सोने की नई खोज की खबर सुनकर खरीदारों के मन में सबसे पहले यही सवाल आता है कि क्या अब Gold Price कम होगा? फिलहाल ऐसा कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत केवल उत्पादन पर निर्भर नहीं करती। निवेशकों की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी भाव को प्रभावित करती हैं। भारत में इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात शुल्क, टैक्स और घरेलू मांग का भी असर पड़ता है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजार में कीमतें तुरंत कम होंगी, इसकी गारंटी नहीं है। ₹13,000 करोड़ के निवेश की खबर कितनी सही है? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर खर्च बढ़ने के आंकड़े सामने आए हैं। लेकिन ₹13,000 करोड़ के निवेश को किसी खास नई खोज या दुनिया के सबसे बड़े सोना भंडार से जोड़ने के लिए संबंधित कंपनी और परियोजना के आधिकारिक दस्तावेजों की जरूरत है। इसलिए इस रकम को किसी एक नए गोल्ड रिजर्व की खोज पर खर्च हुई राशि बताने से पहले इसकी पुष्टि करना जरूरी है। खोज पर किया गया खर्च, जमीन में मौजूद कुल सोने का मूल्य और खनन परियोजना में कुल निवेश तीन अलग-अलग बातें हैं। आगे क्या होगा? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर बढ़ता खर्च वैश्विक गोल्ड इंडस्ट्री के लिए अहम है। अगर आने वाले वर्षों में नए भंडार की पहचान होती है और उनसे व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो पाता है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के विकल्प बढ़ सकते हैं। भारत के लिए भी यह एक संभावित अवसर है। लेकिन नए सप्लायर की भूमिका, आयात पर असर और सोने की कीमतों में बदलाव का पता तभी चलेगा, जब वास्तविक उत्पादन और निर्यात के आंकड़े सामने आएंगे। फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड इंडस्ट्री पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन नई खोज के नाम पर सोना सस्ता होने की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

नवरात्रि पर रायपुर सेंट्रल जेल में सेवा की मिसाल, काली माता सेवा समिति ने 1300 बंदियों को बांटे फल

नवरात्रि के अवसर पर काली माता सेवा समिति ने रायपुर सेंट्रल जेल में करीब 1300 बंदियों को फल वितरित किए। समिति ने यह पहल उन बंदियों के लिए की, जो नवरात्रि में उपवास रखकर माता रानी की आराधना कर रहे हैं। इस आयोजन के जरिए समिति ने सेवा, करुणा और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की गलती या अपराध से उसके सुधरने और बेहतर जीवन जीने की संभावनाएं समाप्त नहीं हो जातीं। बंदियों के सुधार और पुनर्वास पर दिया जोर दीपक भारद्वाज ने कहा कि समाज को न्याय के प्रति सम्मान बनाए रखने के साथ-साथ सुधार और पुनर्वास की भावना को भी महत्व देना चाहिए। बंदियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने से समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूती मिलती है। समिति का मानना है कि जेल में बंद लोगों के साथ भी सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, ताकि उनमें सकारात्मक बदलाव की भावना विकसित हो सके। पहले भी जेल में कर चुके हैं फल वितरण काली माता सेवा समिति के अनुसार, वह पहले भी कई बार जेल में बंदियों को फल वितरित कर चुकी है। समिति का कहना है कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और उपवास तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा और सद्भावना को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ समिति के सदस्यों ने उपवास रखने वाले बंदियों तक फल पहुंचाए। आगे भी जारी रहेंगे सेवा कार्य समिति ने समाज में सेवा, सद्भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अशोक त्रिपाठी, गुड्डू, सुनील प्रमुख, राजू भाई तारवानी और रामकृष्ण धीवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वैभव सूर्यवंशी

IND vs WI T20: वैभव सूर्यवंशी का भरोसा कायम, 4 दिन में दूसरी पोस्ट; अब भी मौके का इंतजार

भारत और वेस्टइंडीज (IND vs WI) के बीच T-20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। सीरीज में अब तक खेलने का मौका नहीं मिलने के बावजूद वैभव ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। चार दिन के भीतर उनकी दूसरी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें भरोसे का संदेश देखने को मिला। वैभव को इस सीरीज में अब तक मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में क्रिकेट फैंस के मन में एक ही सवाल है—क्या पांचवें टी-20 में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा? Vaibhav Sooryavanshi की दूसरी पोस्ट ने खींचा ध्यान वैभव सूर्यवंशी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर फैंस के बीच चर्चा हो रही है। चार दिन में दूसरी पोस्ट आने के बाद उनके संदेश पर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, पोस्ट को टीम में चयन या किसी खास फैसले से जोड़कर देखना सही नहीं होगा, क्योंकि प्लेइंग-11 में किसे मौका मिलेगा, इसका फैसला टीम मैनेजमेंट करता है। कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव के लिए टीम के साथ रहना और मौके का इंतजार करना भी अनुभव का हिस्सा है। अब देखना होगा कि उन्हें इस सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। IND vs WI 5th T20: निर्णायक मुकाबले पर नजर भारत और वेस्टइंडीज की टी-20 सीरीज का पांचवां मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है। सीरीज के आखिरी मैच में जीत हासिल करने वाली टीम खिताब अपने नाम करेगी। ऐसे में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। फैंस यह जानना चाहते हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट इस मुकाबले में युवा खिलाड़ियों को मौका देगा। वैभव सूर्यवंशी का नाम भी इसी चर्चा में शामिल है। हालांकि, उनके खेलने को लेकर आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा डेब्यू का मौका? वैभव को लेकर उत्सुकता की एक बड़ी वजह उनकी कम उम्र और क्रिकेट में तेजी से बनी पहचान है। फैंस उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिलना टीम की जरूरत और चयन रणनीति पर निर्भर करता है। फिलहाल वैभव के लिए इंतजार जारी है। पांचवें टी-20 में उनका नाम प्लेइंग-11 में शामिल होता है या नहीं, इसका पता टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा। क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। वैभव के समर्थकों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मैदान पर अपनी काबिलियत दिखाने का अवसर मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
लालकृष्ण आडवाणी

LK Advani Hospitalised ICU में भर्ती लालकृष्ण आडवाणी की सेहत कैसी? जानें ताजा अपडेट

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सेहत को लेकर 17 अक्टूबर को ताजा जानकारी सामने आई है। 98 वर्षीय आडवाणी को सीने में संक्रमण (Chest Infection) की शिकायत के बाद दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। परिवार और समर्थकों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली जरूर है, लेकिन फिलहाल राहत की बात यह है कि अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है। डॉक्टर उनकी सेहत से जुड़ी जरूरी जांच कर रहे हैं और इलाज जारी है। LK Advani Health Update: अस्पताल में क्या चल रहा है इलाज? लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद पल्मोनरी विभाग में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर नजर रख रही है और जरूरी मेडिकल जांच की जा रही है। 17 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है। हालांकि, उनकी सेहत में आगे कितना सुधार हुआ है और अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पहले भी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं लालकृष्ण आडवाणी लालकृष्ण आडवाणी को इससे पहले मई 2026 में भी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। दिसंबर 2024 में भी उन्हें अपोलो अस्पताल की ICU में रखा गया था। उस समय डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच और इलाज किया था। जून और जुलाई 2024 में भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बढ़ती उम्र को देखते हुए उनकी सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौजूदा समय में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। PM Modi ने हाल ही में की थी लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे आशीर्वाद लिया और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की सराहना की थी। आडवाणी लंबे समय तक बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि उनकी सेहत से जुड़ी खबर पर राजनीतिक जगत और उनके समर्थकों की नजर बनी हुई है। राम रथ यात्रा से उपप्रधानमंत्री तक का सफर लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर कई दशकों तक फैला रहा है। वह भारतीय जनता पार्टी के तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। साल 1990 में निकाली गई उनकी राम रथ यात्रा ने राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा पैदा की थी। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2002 से 2004 तक वह भारत के उपप्रधानमंत्री रहे। देश की राजनीति में उनके लंबे योगदान को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। LK Advani अब अगले हेल्थ अपडेट का इंतजार लालकृष्ण आडवाणी फिलहाल दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। 17 अक्टूबर तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और सीने में संक्रमण के लिए इलाज चल रहा है। अब सभी की नजर अस्पताल की ओर से जारी होने वाले अगले हेल्थ अपडेट पर है। उनकी सेहत में सुधार, इलाज की स्थिति और डिस्चार्ज को लेकर नई जानकारी मिलने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि लालकृष्ण आडवाणी की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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