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PM Modi

PM Modi Degree Controversy दिल्ली हाईकोर्ट ने DU को रिकॉर्ड जारी करने से दी राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की डिग्री विवाद (Degree Controversy) पर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) को 1978 के बैच के सभी छात्रों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के लिए कहा गया था। CIC का आदेश और विवाद की शुरुआत साल 2016 में CIC ने निर्देश दिया था कि PM Modi सहित उस साल स्नातक करने वाले सभी छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड (Educational Records) आरटीआई (RTI) के तहत सार्वजनिक किया जाए। आयोग का मानना था कि डिग्री और परीक्षा रजिस्टर Public Document हैं और इन्हें छिपाया नहीं जाना चाहिए। Delhi University का तर्क DU ने इस आदेश को अदालत में चुनौती दी। यूनिवर्सिटी ने कहा कि छात्र-छात्राओं का रिकॉर्ड Fiduciary Capacity यानी भरोसे की जिम्मेदारी के तहत रखा जाता है और इसे किसी तीसरे पक्ष को नहीं दिया जा सकता। DU ने यह भी साफ किया कि वह अदालत को रिकॉर्ड दिखाने को तैयार है, लेकिन इसे सार्वजनिक करने से छात्रों की Privacy भंग होगी। RTI Activists का पक्ष RTI एक्टिविस्टों ने दलील दी कि यूनिवर्सिटी पहले भी रिजल्ट और डिग्री से जुड़ी जानकारी नोटिस बोर्ड, अखबारों और वेबसाइट पर जारी करती रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री जैसे सार्वजनिक पद पर बैठे नेता की डिग्री जनहित (Public Interest) का विषय है और इसे छिपाना लोकतांत्रिक पारदर्शिता के खिलाफ है। Delhi High Court का निर्णय जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच ने CIC का आदेश खारिज करते हुए कहा कि केवल जिज्ञासा या राजनीतिक कारणों से किसी छात्र का शैक्षणिक रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यह जानकारी RTI Act की धारा 8 के अंतर्गत Personal Information और Fiduciary Data में आती है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। फैसले का असर इस आदेश के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी पर अब पीएम मोदी (PM Modi) या 1978 बैच के अन्य छात्रों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की कोई बाध्यता नहीं रहेगी। यानी प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर उठ रहे सवालों पर अब कानूनी तौर पर रोक लग गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi CM Rekha की Z सिक्योरिटी वापस, अब दिल्ली पुलिस देगी सुरक्षा

Delhi CM Rekha की Z सिक्योरिटी वापस, अब दिल्ली पुलिस देगी सुरक्षा

Delhi CM Rekha की Z सिक्योरिटी वापस ले ली गई है। यह सुरक्षा उन्हें कुछ दिन पहले हुए हमले के बाद बढ़ाई गई थी। अब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल दिल्ली पुलिस संभालेगी। चार दिन पहले सीएम रेखा पर हमला हुआ था, जिसके बाद उन्हें तत्काल Z सिक्योरिटी दी गई थी। लेकिन जांच और हालात की समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया गया कि उनकी सुरक्षा को दिल्ली पुलिस ही संभालेगी। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली पुलिस के पास सीएम की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन हैं और किसी भी तरह का खतरा फिलहाल नहीं है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि यह कदम जल्दबाज़ी में उठाया गया, जबकि सरकार का कहना है कि सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि मुख्यमंत्री पर हमला होने के बाद इतनी जल्दी Z सिक्योरिटी हटाना सही है या नहीं। 🔑 मुख्य बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shubhanshu Shukla

PM Modi से मिलने के बाद Astronaut Shubhanshu Shukla का Lucknow में ऐतिहासिक स्वागत

लखनऊ आज ऐतिहासिक और गर्व के पलों का गवाह बना। भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) का शहर में भव्य स्वागत किया गया। वे हाल ही में Axiom Mission-4 (Ax-4) के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से लौटे हैं और अब भारत के नए Space Hero बन गए हैं। Airport पर शानदार Welcome जैसे ही Shubhanshu Shukla Lucknow एयरपोर्ट पहुंचे, लोगों का उत्साह देखने लायक था। भीड़ ने हाथों में तिरंगा लहराकर उनका स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने उन्हें सम्मानित किया। भीड़ में देशभक्ति के नारे गूंज उठे – “भारत माता की जय” और “शुभांशु शुक्ला जिंदाबाद”। City Montessori School में 63 हज़ार बच्चों का सलाम एयरपोर्ट से शहर तक विजय रैली (Victory Parade) निकाली गई। इसके बाद वे अपने स्कूल City Montessori School पहुंचे। यहां करीब 63,000 स्टूडेंट्स ने एक साथ खड़े होकर उन्हें सैल्यूट किया। इस नज़ारे से पूरा कैंपस देशभक्ति और गर्व से भर गया। CM Yogi Adityanath करेंगे Felicitation उत्तर प्रदेश सरकार ने Shubhanshu Shukla के सम्मान में Lok Bhavan में बड़ा आयोजन किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनसे मुलाकात करेंगे और उन्हें State Level Civilian Award से सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित किया जा रहा है। Space Mission की उपलब्धि भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट Shubhanshu Shukla ने ISS पर रहते हुए करीब 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए। वे ISS जाने वाले पहले भारतीय और 1984 के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने। उनका मिशन न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय रहा। PM Modi से मुलाकात पिछले हफ्ते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। शुभांशु ने PM को मिशन पैच और अंतरिक्ष से खींची गई Earth की तस्वीरें भेंट कीं। प्रधानमंत्री ने उन्हें “भारत के युवाओं की प्रेरणा” बताया। क्यों है ये Welcome खास? Lucknow का यह ऐतिहासिक पल भारत की अंतरिक्ष यात्रा और आने वाले Gaganyaan Mission की दिशा तय करता है। शुभांशु शुक्ला ने साबित कर दिया कि भारत का युवा अब अंतरिक्ष की हर चुनौती को जीतने के लिए तैयार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amit Shah

Amit Shah vs Opposition: Rahul Gandhi, INDIA Bloc और 130वें Amendment पर खुलकर हमला

गृहमंत्री Amit Shah ने एक इंटरव्यू में विपक्ष पर सीधा हमला बोला और कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि संसद में 130वां संविधान संशोधन (130th Constitutional Amendment Bill) पास होकर रहेगा। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष तो इतना हताश है कि अगर मौका मिला तो वे Jail को ही PM House या CM House बना देंगे और वहीं से सरकार चलाने की कोशिश करेंगे। Rahul Gandhi पर करारा वार Amit Shah ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi को घेरते हुए कहा कि वे बार-बार नैतिकता (morality) की बातें करते हैं, लेकिन जब मनमोहन सिंह सरकार ने लालू यादव को बचाने के लिए ordinance लाया था, तब खुद राहुल ने ही उसे फाड़ दिया था। शाह ने सवाल उठाया – अगर वह कदम नैतिक था तो अब क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि लगातार तीन चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी और उनकी पार्टी जनता को नैतिकता के नाम पर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। Jagdeep Dhankhar के इस्तीफे पर स्पष्टीकरण पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar के अचानक इस्तीफे को लेकर शाह ने कहा कि यह पूरी तरह स्वास्थ्य कारणों (health reasons) से लिया गया फैसला है। उन्होंने धनखड़ की कार्यशैली और उनके संवैधानिक योगदान की तारीफ की। Parliament में CISF Deployment पर जवाब संसद में CISF की तैनाती को लेकर Amit Shah ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि मार्शल (Marshals) सिर्फ Chairman के आदेश पर लगाए जाते हैं। हाल ही में कुछ सांसदों ने सदन में खतरनाक स्प्रे का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। शाह ने कहा कि विपक्ष तीन चुनावी हार से निराश होकर ऐसे मुद्दों को उछाल रहा है। INDIA Bloc और Sudarshan Reddy पर हमला Amit Shah ने INDIA Bloc के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार Sudarshan Reddy की सोच को वामपंथी बताया। उन्होंने कहा कि रेड्डी ने Salwa Judum का विरोध किया और आदिवासियों को आत्मरक्षा का हक नहीं दिया, जिसकी वजह से नक्सल समस्या वर्षों तक बनी रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

कटिहार में Rahul Gandhi की Voter Awareness Yatra लोकतंत्र के लिए संदेश

यात्रा की शुरुआत और कटिहार में कार्यक्रम कटिहार, बिहार: कांग्रेस नेता Rahul Gandhi की Voter Rights Yatra शनिवार, 23 अगस्त 2025 को कटिहार जिले में अपने सातवें दिन में पहुँची। यात्रा सुबह 7:30 बजे डूमर और गेड़ाबारी से शुरू हुई और कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र के सिमरिया पहुँची। यहाँ यात्रा के दौरान एक घंटे का लंच ब्रेक और विश्राम लिया गया। मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव आयोग पर आरोप Rahul Gandhi ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों और नामों के कटने को लेकर Election Commission पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है और चुनाव आयोग को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। तेजस्वी यादव का साथ और राजनीतिक बयान यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, क्योंकि BJP उनका हिसाब करेगी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और मतदाता जागरूकता इस यात्रा का उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मतदाता जागरूकता बढ़ाना और मतदाता सूची में सुधार करना है। Rahul Gandhi की यह पहल लोगों को अपने voting rights के प्रति सजग करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कदम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Anil Ambani

Anil Ambani Loan Scam ₹17,000 Crore Fraud की जांच तेज़, ED और CBI ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी (Anil Ambani) पर सरकारी एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बीते दिनों ED (Enforcement Directorate), CBI (Central Bureau of Investigation) और SEBI ने एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Yes Bank Loan Fraud और SBI Loan Scam से जुड़े कई मामलों में जांच तेज़ कर दी है। CBI Raid: SBI Loan Fraud में FIR दर्ज शनिवार (23 अगस्त) को CBI ने Anil Ambani और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ₹2,000 करोड़ SBI Loan Fraud Case से जुड़ी है। CBI ने इस मामले में FIR भी दर्ज कर ली है। ED Investigation: ₹17,000 Crore Loan Scam की जांच 5 अगस्त 2025 को ED ने Anil Ambani से करीब 10 घंटे पूछताछ की। यह मामला ₹17,000 करोड़ के Bank Loan Money Laundering Scam से जुड़ा है। इसमें Yes Bank समेत कई बड़े बैंकों से लिए गए कर्ज शामिल हैं। ED Raid: ₹3,000 Crore Yes Bank Loan Fraud का खुलासा जुलाई 2025 के आखिर में ED ने रिलायंस ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के 35 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई ₹3,000 करोड़ Yes Bank Loan Scam को लेकर की गई। ED की शुरुआती जांच में सामने आया कि: SEBI Action: ₹2,150 Crore Yes Bank Bonds Case SEBI ने हाल ही में Anil Ambani की सेटलमेंट याचिका खारिज कर दी। मामला Reliance Mutual Fund द्वारा Yes Bank AT-1 Bonds में ₹2,150 करोड़ के निवेश से जुड़ा है। SEBI का आरोप है कि यह निवेश लोन डील के बदले किया गया था। Reliance Group Executives भी जांच के घेरे में ED ने रिलायंस ग्रुप के 6 टॉप एक्जीक्यूटिव्स को भी तलब किया है। उनसे PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत पूछताछ की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Uttarakhand के थराली में बादल फटा: 2 लोग लापता, 80 घरों में मलबा घुसा

Uttarakhand के थराली में बादल फटा: 2 लोग लापता, 80 घरों में मलबा घुसा

Uttarakhand के चमोली ज़िले के थराली इलाके में रविवार देर रात अचानक बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस आपदा में दो लोग लापता हो गए हैं, जबकि करीब 80 घरों में 2 फीट तक मलबा भर गया। स्थानीय बाज़ार और दुकानें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर गाड़ियां मलबे में दब गईं और लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी तरह ठप हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय आई इस तबाही से लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। स्थानीय लोग और प्रशासन लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। भावनात्मक पहलू इस आपदा ने लोगों की जिंदगी एक झटके में बदल दी। जिनके घर मलबे से भर गए, वे अब खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। गांव के लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं, लेकिन नुकसान बहुत ज्यादा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Road Accident

पटना Road Accident हाइवा और Auto की भिड़ंत में 8 की मौत, गंगा स्नान जा रहे थे यात्री

हाइवा-ऑटो भिड़ंत में 8 की मौत पटना (बिहार) में शनिवार सुबह एक दर्दनाक Road Accident हुआ। शाहजहांपुर के दनियावां-हिलसा स्टेट हाईवे-4 (सिगरियावा स्टेशन के पास) पर एक तेज रफ्तार हाइवा ट्रक और ऑटो की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। हादसे का पूरा विवरण सुबह करीब 6 बजे ऑटो में सवार लोग नालंदा जिले के मलावा गांव से फतुहा गंगा स्नान के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक सामने से आ रहे हाइवा ट्रक ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। घटनास्थल पर मातम और गुस्सा दुर्घटना की खबर मिलते ही इलाके में कोहराम मच गया। परिजन शवों से लिपटकर रोते रहे। ग्रामीणों में गुस्सा इतना था कि उन्होंने वहां मौजूद लोगों को वीडियो बनाने से भी रोक दिया। विधायक और प्रशासन की कार्रवाई हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। यह पटना का भीषण Road Accident लापरवाह ड्राइविंग और तेज रफ्तार का नतीजा है। हादसे में 8 लोगों की जान चली गई, जिससे कई परिवारों का भविष्य अंधकारमय हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Voter List

Bihar Election 2025 Voter List से 65 Lakh नाम कटे, Supreme Court ने Election Commission से मांगा जवाब

Bihar Voter List Controversy Bihar Election 2025 से पहले Bihar Voter List Controversy ने सियासी हलचल मचा दी है। Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले की आज (22 अगस्त 2025) सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि हटाए गए सभी मतदाताओं की District-wise और Booth-wise सूची सार्वजनिक की जाए। कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे Aadhaar, Voter ID Card और अन्य 11 वैध दस्तावेजों के आधार पर फिर से दावा कर सकते हैं। चुनाव आयोग की कार्रवाई चुनाव आयोग ने 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 65 Lakh Deleted Voters List जारी कर दी। यह सूची ऑनलाइन और स्थानीय कार्यालयों (जैसे BLO और पंचायत स्तर पर) उपलब्ध कराई गई है, ताकि लोग आसानी से अपना नाम चेक कर सकें। आज की सुनवाई में क्या हुआ? आज की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि पूरी प्रक्रिया Voter-Friendly और Transparent होनी चाहिए। साथ ही कोर्ट ने Political Parties की निष्क्रियता पर सवाल उठाए और कहा कि राजनीतिक दलों को भी जनता की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि किसी नागरिक का Right to Vote प्रभावित न हो। पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुआ विवाद? 24 जून 2025 को चुनाव आयोग ने बिहार में Special Intensive Revision की शुरुआत की थी। आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना था। लेकिन इसके बाद अचानक 65 लाख नाम हटाए जाने पर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका आरोप है कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। आगे क्या होगा? अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि Final Voter List 30 सितंबर 2025 तक प्रकाशित कर दी जाएगी। इस बीच जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे आसानी से दस्तावेज जमा कर अपने नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jagdeep Dhankhar

Rahul Gandhi ने उठाया Jagdeep Dhankhar पर सवाल, Vice President Election 2025 में नई बहस

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 से पहले देश की राजनीति में नया तूफ़ान उठ खड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar के अचानक इस्तीफ़े और सार्वजनिक जीवन से गायब होने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। Rahul Gandhi का सवाल: “Where is Jagdeep Dhankhar?” राहुल गांधी ने कहा— “कहाँ गए पुराने Vice President? वे क्यों छिपे हुए हैं और चुप्पी साधे हुए हैं? इसके पीछे एक बड़ी कहानी है।”उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब धनखड़ राज्यसभा की अध्यक्षता करते थे तो काफी मुखर रहते थे, लेकिन अब उनका अचानक ग़ायब हो जाना शक पैदा करता है। Jagdeep Dhankhar का इस्तीफ़ा और राजनीतिक चर्चा 21 जुलाई 2025 को जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पद छोड़ दिया था। लेकिन विपक्ष का दावा है कि मामला केवल हेल्थ का नहीं है। Vice President Election 2025: Candidates और Timeline अब 9 सितंबर 2025 को उपराष्ट्रपति चुनाव होना तय है। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक— मुख्य मुकाबला होगा— संसद में Political Heat संसद के मानसून सत्र में राहुल गांधी ने लगातार इस मुद्दे को उठाया। उनका कहना है कि “उपराष्ट्रपति का इस्तीफ़ा केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं हो सकता, इसके पीछे सच्चाई छुपाई जा रही है।” क्यों बड़ा है यह सवाल? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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