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मदनमहल रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गए

जबलपुर के तेजी से विकसित हो रहे मदनमहल रेलवे स्टेशन पर रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर लगी लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई और उसमें सवार यात्री अंदर फंस गए। करीब 50 मिनट तक लिफ्ट में बंद रहे यात्रियों को गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, रात में अमरकंटक एक्सप्रेस के स्टेशन पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान करीब 15 यात्री अपने सामान के साथ लिफ्ट में सवार हो गए। क्षमता से अधिक भार होने के कारण लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई और लॉक हो गई। लिफ्ट बंद होते ही अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई। बच्चों और महिलाओं के रोने-चिल्लाने की आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मुख्य स्टेशन से बुलाना पड़ा विशेषज्ञ मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने लिफ्ट को चालू करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मुख्य रेलवे स्टेशन से लिफ्ट विशेषज्ञ को बुलाया गया। तकनीकी सुधार के बाद करीब 50 मिनट बाद लिफ्ट को सुरक्षित नीचे लाया गया और सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। ओवरलोडिंग बनी वजह रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री और भारी सामान होने के कारण तकनीकी समस्या आई। घटना रात करीब 9:40 बजे से 10:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। यात्रियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल घटना के बाद यात्रियों ने स्टेशन पर तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर हर समय तकनीकी स्टाफ मौजूद रहना चाहिए ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि लिफ्ट का उपयोग करते समय निर्धारित क्षमता और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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राम मंदिर दान राशि पर जयवर्धन सिंह का भाजपा पर हमला, बोले- आस्था के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के निर्माण के लिए जुटाई गई दान राशि को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ योगदान दिया था, ऐसे में दान राशि को लेकर सामने आ रही खबरें गंभीर सवाल खड़े करती हैं। भाजपा सनातन धर्म की ठेकेदार नहीं जयवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल है, जबकि सनातन धर्म हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल स्वयं को सनातन धर्म का ठेकेदार नहीं बता सकता। सनातन धर्म करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन शैली का हिस्सा है, किसी एक संगठन की संपत्ति नहीं। राम मंदिर निर्माण में सभी का योगदान पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से लोगों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार दान दिया था। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार ने भी मंदिर निर्माण में सहयोग राशि प्रदान की थी। उनके अनुसार यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी रही है। दान राशि को लेकर उठाए सवाल जयवर्धन सिंह ने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़ी दान राशि में कथित आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि यदि ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। प्राण-प्रतिष्ठा का किया उल्लेख उन्होंने कहा कि जिस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में स्वयं नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे और जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं, वहां किसी भी प्रकार के वित्तीय विवाद या भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर विषय हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। धर्म और राजनीति को अलग रखने की बात जयवर्धन सिंह ने कहा कि धर्म और राजनीति दो अलग-अलग विषय हैं। धार्मिक आस्था का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम और अयोध्या के नाम पर राजनीति कर रही है, जो उचित नहीं है। साधु-संतों को मिले संचालन की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं से जुड़े पुराने साधु-संतों को मंदिर संचालन में प्रमुख भूमिका मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि स्थानीय संत समाज और धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है। अयोध्या के चुनाव परिणामों का भी किया जिक्र उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या क्षेत्र में भाजपा को जिस प्रकार चुनावी नुकसान उठाना पड़ा, उसके पीछे स्थानीय स्तर पर असंतोष भी एक कारण माना जा सकता है। उनका दावा था कि कई संत और पुजारी मौजूदा व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं थे। भाजपा की नीतियों पर निशाना अपने बयान में जयवर्धन सिंह ने भाजपा की कार्यप्रणाली और नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोगों की आस्था और विश्वास कायम रह सके। नोट: राम मंदिर दान राशि को लेकर लगाए गए आरोप जयवर्धन सिंह के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस विषय पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना बाकी है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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भोपाल में पत्रकार से चाकू की नोक पर लूट: बंधक बनाकर खातों में ट्रांसफर कराए 32 हजार रुपए

भोपाल। राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ कथित लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि घर लौट रहे पत्रकार को कुछ बदमाशों ने चाकू की नोक पर बंधक बनाकर एक कमरे में ले गए और परिचितों से ऑनलाइन पैसे मंगवाकर अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले में करीब 32 हजार रुपए की लूट होने की बात सामने आई है। लिफ्ट मांगने के बहाने रोका जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है। पत्रकार अनुज मीणा अपना काम खत्म कर दोपहिया वाहन से घर लौट रहे थे। इसी दौरान निशातपुरा इलाके में एक युवक ने उनसे लिफ्ट मांगी। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने लिफ्ट देने से मना कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद एक अन्य युवक अचानक उनकी बाइक के सामने आ गया, जिससे उनका वाहन अनियंत्रित होकर गिर गया। चाकू दिखाकर कमरे में ले गए अनुज मीणा का आरोप है कि बाइक गिरते ही वहां पहले से मौजूद तीन अन्य युवक भी पहुंच गए। बदमाशों ने उनकी गर्दन पर चाकू अड़ा दिया और जबरन पास के एक कमरे में ले गए। कमरे में आरोपियों ने उनसे नकदी की मांग की। पर्याप्त रकम नहीं मिलने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी दी और परिचितों से ऑनलाइन पैसे मंगवाने का दबाव बनाया। खातों में ट्रांसफर कराए 32 हजार रुपए पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 32 हजार रुपए अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। वारदात के बाद बदमाशों ने उन्हें करीब रात 3 बजे छोड़ा। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को मिली है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पीड़ित के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Monsoon

Monsoon Update अरब सागर में अटका मानसून, MP में 5 दिन बाद बारिश के संकेत

देश के कई राज्यों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) फिलहाल अरब सागर और तेलंगाना क्षेत्र में अटका हुआ है। तेलंगाना में पिछले 6 दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया, जिसका असर अब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी दिखाई देने लगा है। तेज गर्मी और उमस के बीच लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं किसान भी खेतों की तैयारी के बाद आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। आखिर क्यों रुक गया मानसून? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बने मौसम सिस्टम और कमजोर हवा के दबाव के कारण मानसून की गति धीमी हो गई है। आमतौर पर जून के दूसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी चाल काफी सुस्त बनी हुई है। तेलंगाना में मानसून पिछले 6 दिनों से लगभग स्थिर है। यही वजह है कि मध्य भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पा रही हैं। MP में कब पहुंचेगा मानसून? मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले करीब 5 दिनों में हो सकती है। शुरुआत में बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और जबलपुर जैसे जिलों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में फिलहाल बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, लेकिन भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। किसानों की बढ़ी चिंता मानसून में देरी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान अभी इंतजार कर रहे हैं। सोयाबीन, धान और मक्का जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में कई किसान खेत तैयार करके बैठे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से बुवाई शुरू नहीं हो पा रही। अगर अगले सप्ताह तक मानसून सक्रिय हो जाता है तो स्थिति सामान्य हो सकती है। गर्मी और उमस से लोग बेहाल मानसून की देरी का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिन में तेज गर्मी और शाम को उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। अगले सप्ताह बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नए सिस्टम बनने के बाद मानसून को फिर से गति मिल सकती है। इसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। फिलहाल लोगों और किसानों दोनों की नजरें आने वाले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल में ATS की बड़ी कार्रवाई, संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में युवक हिरासत में; UAPA के तहत केस दर्ज

भोपाल। राजधानी भोपाल में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े होने के संदेह में एक युवक को हिरासत में लिया है। युवक की पहचान मोहम्मद फराज के रूप में हुई है। ATS ने उसे शुक्रवार सुबह काजी कैंप इलाके में नन्हें बी की मस्जिद के पास से पकड़ा। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद फराज एक डॉक्टर के क्लीनिक में काम करता था। जांच एजेंसियों को उसकी गतिविधियों से जुड़े कुछ इनपुट मिले थे, जिसके बाद उस पर निगरानी रखी जा रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह कथित तौर पर विशेष ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था। मोबाइल से मिले संदिग्ध दस्तावेज ATS का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान से भेजे गए कथित जिहादी दस्तावेजों की पीडीएफ फाइलें बरामद हुई हैं। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि वह कुछ डार्क एप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध समूहों के संपर्क में था। मार्शल आर्ट ट्रेनिंग और विदेशी संपर्कों की जांच जांच एजेंसियों के मुताबिक युवक मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी ले रहा था। ATS अब उसके विदेशी संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और सोशल मीडिया नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के देवबंद से जुड़े कुछ संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। UAPA और राष्ट्रद्रोह की धाराओं में केस मामले में आरोपी के खिलाफ यूएपीए (UAPA) और राष्ट्रद्रोह से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत ने उसे 16 जून तक रिमांड पर भेजा है। इस दौरान जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क, संपर्कों और कथित गतिविधियों के बारे में विस्तृत पूछताछ करेंगी। सोशल मीडिया और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे सूत्रों के अनुसार, आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां उसके चैट, ऑनलाइन गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। हालांकि, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। गोपनीय तरीके से हुई कार्रवाई बताया जा रहा है कि ATS ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी। स्थानीय पुलिस को भी कार्रवाई की जानकारी बाद में दी गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। नोट: जांच अभी जारी है। एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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कार जब्त होने से नाराज युवक ने फाइनेंस कंपनी ऑफिस में लगाई आग, बचाने गए ब्रांच मैनेजर भी झुलसे

सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में मकरोनिया स्थित महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। कार जब्त किए जाने से नाराज एक युवक ने ऑफिस के भीतर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। आग बुझाने की कोशिश में कंपनी का ब्रांच मैनेजर भी झुलस गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। बकाया किस्तों के चलते जब्त हुई थी कार पुलिस के अनुसार, जैसीनगर निवासी नीलेश कुमार जैन ने महिंद्रा फाइनेंस से कार फाइनेंस कराई थी। वाहन की दो किस्तें बकाया होने के कारण कंपनी ने दमोह से कार जब्त कर ली थी। शुक्रवार को नीलेश अपनी कार वापस लेने के लिए फाइनेंस कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे। कर्मचारियों से बहस के बाद उठाया खौफनाक कदम कार वापस लेने को लेकर कार्यालय में कंपनी कर्मचारियों और युवक के बीच बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर नीलेश ने कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और आग लगा ली। घटना के बाद ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और अधिकारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। आग बुझाने में ब्रांच मैनेजर भी झुलसे युवक को बचाने की कोशिश के दौरान कंपनी के ब्रांच मैनेजर भी झुलस गए। गंभीर रूप से घायल नीलेश को पहले बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर उन्हें एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मैनेजर का भी उपचार जारी है। परिजनों ने कंपनी पर लगाया दबाव बनाने का आरोप घायल युवक के रिश्तेदार नीरज कुमार जैन ने आरोप लगाया कि कार की केवल दो किस्तें बाकी थीं, इसके बावजूद कंपनी ने वाहन जब्त कर लिया। उनका कहना है कि पिछले 10 दिनों से कंपनी की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था और घर पर भी लोग भेजे जा रहे थे। बकाया राशि जमा करने का दावा परिजनों का दावा है कि गुरुवार को बकाया राशि जमा करा दी गई थी। इसके बाद शुक्रवार को नीलेश कार वापस लेने के लिए कंपनी कार्यालय पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद यह घटना हुई। पुलिस कर रही मामले की जांच एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में एक व्यक्ति द्वारा ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगाने का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में वाहन फाइनेंस को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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सीहोर में पेट्रोल भरवाते समय बाइक में लगी आग, कुछ ही मिनटों में जलकर राख; टला बड़ा हादसा

सीहोर। जिले के लाड़कुई स्थित एक पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पेट्रोल भरवाते समय एक बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया। पेट्रोल भरवाते समय निकली चिंगारी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक युवक अपनी बाइक में पेट्रोल भरवा रहा था। इसी दौरान अचानक बाइक से चिंगारी निकली और आग भड़क गई। कुछ ही सेकंड में लपटें पूरी बाइक में फैल गईं, जिससे पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने भागकर बचाई जान आग लगते ही पेट्रोल पंप पर मौजूद ग्राहक और कर्मचारी अपनी-अपनी गाड़ियां छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हालांकि आग समय रहते नियंत्रित हो गई और अन्य वाहनों या पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। अग्निशामक यंत्रों पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के दौरान पेट्रोल पंप पर मौजूद अग्निशामक यंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाए। लोगों का कहना है कि यदि आग तेजी से फैलती तो गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद पेट्रोल पंप की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बाइक को धू-धू कर जलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा मानकों की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। जांच की मांग तेज ग्रामीणों ने पेट्रोल पंप प्रबंधन की कथित लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंपों पर नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट होने के बावजूद यदि आपातकालीन उपकरण काम नहीं कर रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की तैयारी तेज, जल्द लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से चलेंगी ट्रेनें

इंदौर के लाखों रेल यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इंदौर जंक्शन के पुनर्विकास और नई अत्याधुनिक स्टेशन बिल्डिंग के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से शुरू किया जाएगा। लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन की नई बिल्डिंग तैयार पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यार्ड में चल रहा है तकनीकी उन्नयन रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में इंदौर यार्ड क्षेत्र में नॉन-इंटरलॉकिंग का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। इसके लिए मेजर ब्लॉक लिया गया है, जिसके कारण कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त भी करना पड़ा। इस दौरान ट्रैक सर्किट, सिग्नलिंग सिस्टम और कंप्यूटर आधारित ऑपरेशन कंट्रोल सिस्टम को नए स्टेशन परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में संचालन अधिक सुरक्षित और आधुनिक तरीके से हो सके। वरिष्ठ अधिकारी कर रहे निगरानी रेलवे के जोनल और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पूरे शिफ्टिंग कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द शुरू होगा ट्रेनों का संचालन तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद इंदौर जंक्शन पर विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त नए रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य को गति मिलेगी। यह परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यात्री सेवाओं और आकर्षक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ नए स्वरूप में नजर आएगा। यात्रियों से रेलवे की अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के प्रस्थान स्टेशन और समय की जानकारी अवश्य जांच लें। इससे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। अधिक जानकारी और मध्यप्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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गुना में मामूली बाइक टक्कर पर गरीब युवक की बेरहमी से पिटाई, CCTV में कैद हुई वारदात

मध्य प्रदेश के गुना शहर में मामूली बाइक टक्कर को लेकर हुई मारपीट का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के कर्नलगंज इलाके में तीन युवकों ने एक गरीब व्यक्ति पर हमला कर दिया। पीड़ित घर-घर जाकर अखबार और रद्दी खरीदने-बेचने का काम करता है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रद्दी बेचने गया था युवक जानकारी के अनुसार पुरानी छावनी के सकतपुर रोड निवासी मुकेश अहिरवार बुधवार शाम करीब 6 बजे कर्नलगंज क्षेत्र स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर पहुंचे थे। इसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। मामूली टक्कर बनी विवाद की वजह बताया जा रहा है कि आरोपियों की मोटरसाइकिल और मुकेश की बाइक के बीच हल्की सी टक्कर हो गई थी। इसी छोटी सी बात को लेकर आरोपी नाराज हो गए। आरोप है कि तीनों युवक मुकेश का पीछा करते हुए कबाड़ी की दुकान तक पहुंचे और वहां उन पर हमला कर दिया। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि तीन लोग मिलकर मुकेश अहिरवार के साथ मारपीट कर रहे हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को अस्पताल में कराया गया भर्ती हमले में घायल मुकेश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। इलाज के बाद उन्होंने शहर कोतवाली थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और गुना सहित प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें — www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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