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JNCT Bhopal में World Environment Day Celebration छात्रों ने वृक्षारोपण का संदेश

भोपाल स्थित Jai Narain College of Technology (JNCT) में World Environment Day के अवसर पर एक भावनात्मक और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर छात्रों ने न सिर्फ गतिविधियों में हिस्सा लिया, बल्कि प्रकृति को बचाने का मजबूत संदेश भी दिया। कैंपस में पूरे दिन “Go Green, Save Earth” का माहौल देखने को मिला, जहां हर गतिविधि में पर्यावरण संरक्षण की झलक साफ नजर आई। Tree Plantation Drive से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण अभियान से हुई। छात्रों ने कॉलेज परिसर में पौधे लगाए और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कई छात्रों ने कहा कि “एक पौधा आज, एक बेहतर कल की नींव है।” Poster Making Competition में दिखी Creativity छात्रों ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। किसी ने प्लास्टिक प्रदूषण पर संदेश दिया तो किसी ने “Save Water, Save Life” जैसे विचारों को अपनी कला के जरिए पेश किया। पूरे हॉल में रंगों और विचारों का सुंदर संगम देखने को मिला। Speech & Debate से उठे गंभीर सवाल भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने पर्यावरण संकट, ग्लोबल वॉर्मिंग और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। शिक्षकों ने भी छात्रों को छोटे-छोटे कदमों से बड़ा बदलाव लाने की प्रेरणा दी। Quiz और Theme Activities ने बढ़ाई जागरूकता पर्यावरण आधारित क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साह से हिस्सा लिया। “Planet vs Plastic” और “Go Green, Breathe Green” जैसी थीम पर आधारित गतिविधियों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, जरूरत है। NCC और Students Clubs की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में NCC और विभिन्न छात्र क्लबों की भागीदारी भी सराहनीय रही। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि अगर युवा ठान लें, तो पर्यावरण संरक्षण एक बड़ा आंदोलन बन सकता है। एक छोटा कदम, बड़ा बदलाव कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे प्लास्टिक का कम उपयोग करेंगे, अधिक पेड़ लगाएंगे और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक याद दिलाने जैसा था कि धरती को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातम

गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम खेजराबाबा में एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान रात में खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गया था, लेकिन बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय बनवारी सहरिया बुधवार रात अपने खेत में बने कुएं पर मोटर चालू करने गया था। इसी दौरान वह बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और रातभर उसका शव खेत में ही पड़ा रहा। सुबह परिजनों को लगी घटना की जानकारी गुरुवार सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो उन्होंने बनवारी को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों ने तुरंत बिजली की डोरी हटाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का सहारा था बनवारी बताया जा रहा है कि बनवारी सहरिया खेती-किसानी के साथ ऑटो चलाकर भी परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर फ्लायओवर पर चलती कार में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान

इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना अटल बिहारी कॉलेज के पास स्थित फ्लायओवर पर हुई। आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब 12:30 बजे धमेन्द्र गोयल अपनी कार से फ्लायओवर से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार के बोनट से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोका और बाहर निकल गए। देखते ही देखते आग की चपेट में आई कार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में कार के अगले हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। आग तेजी से फैलती गई और देखते ही देखते पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। फ्लायओवर पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हालांकि दमकल कर्मियों के पहुंचने तक कार का बड़ा हिस्सा जल चुका था। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया। यातायात प्रभावित, लगा जाम घटना की सूचना पर भंवरकुआ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा कारणों से फ्लायओवर के एक हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया, जिससे आसपास हल्का जाम लग गया। आग बुझने और वाहन हटाने के बाद यातायात को फिर से सामान्य किया गया। तकनीकी खराबी की आशंका प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह वाहन में तकनीकी खराबी मानी जा रही है। हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कार पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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भाजपा कार्यकर्ता सचिन राजपूत हत्याकांड का खुलासा, मुंहबोले जीजा ने चरित्र शंका में मारी गोली

नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में भाजपा कार्यकर्ता और ढाबा संचालक सचिन राजपूत की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार इस सनसनीखेज हत्याकांड का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि सचिन का मुंहबोला जीजा योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर निकला। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अवैध पिस्टल, बाइक और अन्य सामान बरामद किया गया है। मोबाइल लोकेशन से मिला शव पुलिस के मुताबिक सचिन राजपूत महुआ गांव के पास पिपरिया रोड स्थित अपना ढाबा संचालित करता था। 17 जून की रात वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, जो रानी पिपरिया नहर क्षेत्र में मिली। रात करीब 3 बजे पुलिस ने नहर की पुलिया के पास से सचिन का खून से लथपथ शव बरामद किया। प्रारंभिक जांच में उसके सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई। सीसीटीवी फुटेज से खुली हत्या की गुत्थी जांच के दौरान पुलिस ने ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी योगेंद्र गुर्जर ढाबे पर पहुंचता दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद आरोपी सचिन को बाइक पर बैठाकर सुनसान इलाके की ओर ले गया। आरोप है कि नहर की पुलिया के पास पहुंचने के बाद आरोपी ने सचिन के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गया। चरित्र शंका बनी हत्या की वजह पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी योगेंद्र को अपनी पत्नी और सचिन के संबंधों को लेकर संदेह था। इसी शक के चलते उसने हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हत्या के विरोध में हुआ चक्काजाम हत्याकांड की खबर फैलते ही सोहागपुर क्षेत्र में लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। क्षेत्र में सक्रिय था सचिन राजपूत सचिन राजपूत क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखते थे। वे सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और हर साल युवाओं के लिए विधायक ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन कराते थे। पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध पिस्टल, बाइक, मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं। मामले की जांच जारी है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Monsoon

Monsoon Delay in India: 8 जून से थमा मानसून, MP-UP-Rajasthan में अब 22 जून के बाद एंट्री

देशभर में मानसून (Monsoon)इस समय सुस्त पड़ गया है और करोड़ों लोग आसमान की ओर उम्मीद से देख रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच मानसून की रफ्तार थमने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार 8 जून के बाद मानसून की प्रगति लगभग रुक गई है और अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश की बड़ी एंट्री 22 जून के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। देश में 37.8% कम बारिश, हालात सामान्य से नीचे मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल 1 जून से अब तक देश में सामान्य से करीब 37.8% कम बारिश दर्ज की गई है। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर खेतों, फसलों और आम जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी बढ़ रही है, नमी कम है और कई राज्यों में बारिश का लंबा इंतजार लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। क्यों रुका हुआ है मानसून? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मानसून की रफ्तार रुकने के पीछे कई कारण हैं: इन्हीं कारणों से दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में बारिश काफी कम हो रही है। MP, UP और राजस्थान में कब होगी बारिश? IMD के मुताबिक सबसे बड़ी राहत 22 जून के बाद मिल सकती है। बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत हैं, जो मानसून को फिर से सक्रिय कर सकता है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो: किसानों की बढ़ती चिंता इस देरी का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की बुवाई लगभग तैयार है, लेकिन बारिश न होने से काम रुक रहा है। कई किसान अब हर दिन मौसम अपडेट पर नजर रख रहे हैं और खेतों में उम्मीद के साथ तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में यह इंतजार अब चिंता में बदलता जा रहा है। लगातार तीसरे साल जून में मानसून ब्रेक यह लगातार तीसरा साल है जब जून के मध्य में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक इसे पूरी तरह असामान्य नहीं मानते, लेकिन यह ट्रेंड चिंता जरूर बढ़ा रहा है। क्या आगे सुधरेगा मौसम? विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव संभव है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला सिस्टम मानसून को दोबारा गति दे सकता है। अगर यह अनुमान सही साबित हुआ तो जून के आखिरी सप्ताह में मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP IAS Transfer News: मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 29 IAS अधिकारियों के तबादले

MP IAS Transfer News: मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 29 IAS अधिकारियों के तबादले

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए 29 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। देर रात जारी आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर संभागीय स्तर तक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे चर्चित बदलाव मुख्यमंत्री सचिवालय में हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सचिव रहे आलोक कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। वहीं, भोपाल और रीवा संभाग को नए कमिश्नर मिले हैं। सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल और रीवा को मिले नए कमिश्नर तबादला सूची के अनुसार भोपाल और रीवा संभाग में नए आयुक्तों की नियुक्ति की गई है। सरकार का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों को गति मिलेगी। मंत्री से विवाद के बाद शाह का भी ट्रांसफर तबादला सूची में अपर आयुक्त शाह का नाम भी शामिल है। हाल के दिनों में उनका एक मंत्री के साथ विवाद चर्चा का विषय बना हुआ था। इसके बाद उनके स्थानांतरण को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब सरकार ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप दी है। हालांकि आधिकारिक आदेश में तबादले का कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है।
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गुना में खाद से भरा ट्रक पलटा, हैंडपंप पर पानी भर रहे लोगों पर गिरी बोरियां

गुना जिले के राघौगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खाद (यूरिया) से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे सड़क किनारे हैंडपंप पर पानी भर रहे लोगों पर खाद की बोरियां गिर गईं। हादसे में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 10 बजे आनंदपुर मोइया गांव के पास आरोन-राघौगढ़ रोड पर हुई। सागर से राजस्थान की ओर जा रहा यूरिया से लदा ट्रक गांव के मोड़ पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर पलट गया। हैंडपंप पर मौजूद लोगों पर गिरी बोरियां प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक पलटते ही उसमें लदी खाद की बोरियां सड़क किनारे हैंडपंप पर पानी भर रही महिलाओं और पुरुषों के ऊपर गिर गईं। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग बोरियों के नीचे दब गए। 10 लोग घायल, 3 को जिला अस्पताल रेफर हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को उपचार के लिए साडा अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में प्रेमलता सहरिया, उषा सहरिया और राजकुमारी सहरिया की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद चालक फरार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक पलटने के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस ने शुरू की जांच राघौगढ़ थाना प्रभारी अजय जाट ने बताया कि आनंदपुर मोइया गांव के मोड़ पर खाद से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर में महिलाओं से छेड़छाड़ के तीन मामले आए सामने, प्रेमी, भतीजे और जीजा पर केस दर्ज

इंदौर में महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। द्वारकापुरी और खजराना थाना क्षेत्रों में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों मामलों में पीड़िताओं ने अलग-अलग तरह के उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं। शादी का दबाव बनाने वाले प्रेमी पर केस द्वारकापुरी क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती ने अपने परिचित लक्की पंसोरिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। युवती के अनुसार दोनों एक ही कार्यस्थल पर काम करते थे और पिछले करीब एक साल से एक-दूसरे को जानते थे। पीड़िता का आरोप है कि शराब की लत के कारण उसने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद आरोपी उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगा। युवती ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा आत्महत्या कर उसे फंसाने की धमकी भी दी। साथ ही उसका पीछा करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। विवाहिता ने भतीजे पर लगाए आरोप खजराना क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने भतीजे राहुल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि आरोपी काफी समय से उस पर गलत नजर रखता था। शिकायत के मुताबिक कुछ दिन पहले आरोपी ने बाथरूम में झांकने की कोशिश की थी। महिला ने उसे फटकार भी लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने दोबारा आपत्तिजनक हरकत की। इसके बाद पीड़िता ने परिवार को जानकारी देकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग ने जीजा के खिलाफ दर्ज कराया मामला खजराना थाना क्षेत्र में ही 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने जीजा सोहेल के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने रास्ते में रोककर उसे जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश की और अनुचित व्यवहार किया। घटना के बाद नाबालिग ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने तीनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर SP ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान दो महिलाओं में मारपीट, परिसर में मचा हंगामा

जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे एसपी कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी। इसी दौरान परिसर में मौजूद दो महिलाओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर में दोनों ने एक-दूसरे के बाल पकड़ लिए और मारपीट करने लगीं। पुलिस ने मौके पर संभाला मामला विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी और महिला पुलिस स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों महिलाओं को अलग कराया गया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी गई और दोनों को पूछताछ के लिए थाने भेजा गया। एक महिला खुद को बताती है यूट्यूबर एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार विवाद में शामिल महिलाओं में से एक खुद को यूट्यूबर बताती है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। महिला ने लगाए परेशान करने के आरोप सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक कैंट क्षेत्र निवासी पिंकी नामक महिला अपने पति से जुड़े मामले की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। इसी दौरान उसकी दूसरी महिला से बहस हो गई। पिंकी का आरोप है कि दूसरी महिला लंबे समय से उसे परेशान कर रही है और खुद को पत्रकार बताती है। उसने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के दौरान बच्चों के सामने गाली-गलौज की गई, विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा गया मारपीट में दोनों महिलाओं को चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा है। अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतें लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पहले भी हो चुका है विवाद पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों महिलाओं के बीच पहले भी विवाद हो चुका है, जिसकी शिकायत गढ़ा थाने में दर्ज कराई गई थी। वहीं एक महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे पहले फोन पर धमकी दी गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें http://www.deshharpal.com
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गुना में खाई में गिरी स्लीपर बस, 5 गंभीर घायल: महाकाल दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं में मची चीख-पुकार

गुना जिले में नेशनल हाईवे-46 पर मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कानपुर से उज्जैन होते हुए रतलाम जा रही समय शताब्दी ट्रेवल्स की स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी और पेड़ों से टकरा गई। हादसे में बस चालक, हेल्पर समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब 4:30 बजे बिलोनिया के पास गुना बायपास मोड़ से पहले हुआ। बस यात्रियों से भरी हुई थी। इसमें छोटे बच्चों के साथ बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी सवार थे, जो उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस जैसे ही खाई में पलटी और पेड़ों से टकराई, स्लीपर सीटों पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े। अचानक हुए हादसे से बस में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों में कानपुर निवासी अतुल वाजपेयी और उनकी पत्नी अल्का वाजपेयी के अलावा रेलवे भर्ती परीक्षा देने जा रहे प्रशांत गौतम भी शामिल हैं। बस चालक राहुल मिश्रा और हेल्पर इमरान को भी गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। अस्पताल में भर्ती चालक राहुल मिश्रा ने बताया कि बस का ऑयल अचानक निकल गया था, जिससे स्टीयरिंग जाम हो गया और बस पर नियंत्रण नहीं रहा। हादसे की वजह पर अलग-अलग दावे वहीं, कुछ यात्रियों का आरोप है कि रास्ते में ड्राइवर की शिफ्ट बदली गई थी और नए चालक को नींद का झोंका आने के कारण हादसा हुआ। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी और चालक की लापरवाही सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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