आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हंगामा, आत्मदाह और सुसाइड की धमकी देकर रोका कार्रवाई

इंदौर के अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर चल रहा कब्जे का विवाद शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची। टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद कई परिवारों ने जमकर विरोध शुरू कर दिया। परिवारों का हंगामा, खुद को आग लगाने की कोशिश जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, एक महिला सहित दो युवकों ने खुद पर घासलेट उड़ेलकर आग लगाने की कोशिश की। पुलिस ने तत्‍काल पानी डालकर उन्हें काबू में किया और हिरासत में ले लिया। इसी दौरान एक युवती घर की चद्दर पर चढ़कर सुसाइड की धमकी देने लगी। महिला पुलिसकर्मी ने जोखिम उठाकर उसे नीचे उतारा, इस दौरान युवती घायल भी हो गई। चार परिवार कर रहे थे कब्जा पुलिस के अनुसार, कुल चार परिवारों ने अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था। ट्रस्ट ने इस संबंध में लंबे समय से शिकायतें दी थीं। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार ने जांच की, जिसमें जमीन मंदिर की ही पाई गई। इसके बाद गुरुवार को कब्जा हटाने का आदेश जारी किया गया। बिजली पोल पर चढ़कर धमकी हंगामे के दौरान एक युवक मंदिर परिसर की दीवार और फिर बिजली के पोल पर चढ़ गया। उसने तार पकड़कर आत्महत्या की धमकी दी, ताकि कार्रवाई रुक सके। हालांकि प्रशासन पहले ही एहतियातन बिजली सप्लाई बंद करवा चुका था। पुलिस ने काफी प्रयास के बाद युवक को नीचे उतारा। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी तनाव और विरोध के बावजूद नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने में जुटी रही। पूरे मामले में प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। For more info visit: www.deshharpal.com
Read more

इंदौर में चूहों का कहर: एमवाय अस्पताल के बाद अब शास्त्री ब्रिज और गांधी प्रतिमा के नीचे हजारों बिल, निगम ने शुरू की कार्रवाई

इंदौर में चूहों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सितंबर में एमवाय अस्पताल में दो मासूमों की उंगलियां चूहों ने कुतर दी थीं, और अब शहर के शास्त्री ब्रिज व रीगल तिराहा स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे चूहों के बिलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शास्त्री ब्रिज की सड़क चूहों के कारण धंसी 2 नवंबर को शास्त्री मार्केट की तरफ जाने वाले शास्त्री ब्रिज की सड़क अचानक धंस गई, जिससे लगभग 5 फीट गहरा और 6 फीट लंबा गड्ढा बन गया था।जांच में पाया गया कि सड़क के नीचे चूहों के बिल होने से मिट्टी कमजोर हो गई थी। निगम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रोड बंद कराई और ट्रैफिक डायवर्ट किया। नगर निगम के जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि गड्ढे के अंदर अब चूहों के लिए ट्रीटमेंट कराया जाएगा, ताकि वे दोबारा वहां बिल न बना सकें।उन्होंने कहा, “गड्ढे के अंदर दीवार बनाकर उसे प्लास्टर किया जा रहा है। ट्रीटमेंट के बाद ब्लॉक लगाकर सड़क को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा।” गांधी प्रतिमा परिसर में भी हजारों चूहे मिले इसी बीच, रीगल तिराहा स्थित गांधी प्रतिमा परिसर में भी चूहों की भरमार देखने को मिली है।राठौर ने बताया कि प्रतिमा के नीचे और आसपास हजारों चूहों के बिल बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमें कई शिकायतें मिली थीं कि यहां पक्षियों को दाना डालने से चूहों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हमने स्थल का निरीक्षण किया है और विशेषज्ञों की टीम से परीक्षण कराया जाएगा।” बड़ा हादसा होने की आशंका राठौर ने चेतावनी दी कि अगर चूहों की समस्या को समय रहते नहीं सुलझाया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।नगर निगम जल्द ही एक एक्शन प्लान तैयार कर इन दोनों स्थलों पर स्थायी समाधान की दिशा में काम करेगा। 👉 ऐसी ही स्थानीय और सटीक खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
Read more

खेत से लौट रहे किसान को बाइक सवार ने मारी टक्कर, मौके पर मौत — गांव में छाया मातम

खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र के ग्राम निहालवाड़ी में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में 48 वर्षीय किसान लक्ष्मीनारायण पिता हीरालाल पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। वह रात में अपने खेत से पैदल घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मार दी। आरोपी भी उसी गांव का, हादसे के बाद बेहोश हुआ हादसे में बाइक सवार युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि वह भी निहालवाड़ी गांव का ही रहने वाला है। टक्कर के बाद वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया था। ग्रामीणों की मदद से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ लक्ष्मीनारायण की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पीछे एक बेटा और दो बेटियां हैं। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि लक्ष्मीनारायण मेहनती और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, जो रोज की तरह उस दिन भी खेत से घर लौट रहे थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।गांव के संगमेश्वर मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 👉 ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ें: www.deshharpal.com
Read more

भोपाल में आलमी तब्लीगी इज्तिमा के दौरान ट्रैफिक में बदलाव, पुलिस ने जारी किया विशेष प्लान

भोपाल के घासीपुरा ईंटखेड़ी में 14 से 17 नवंबर तक आयोजित होने वाले आलमी तब्लीगी इज्तिमा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। लाखों धर्मावलंबियों के आने की संभावना को देखते हुए भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। 17 नवंबर को सबसे अधिक दबाव रहेगा आयोजन के अंतिम दिन 17 नवंबर की सुबह दुआ की नमाज के दौरान पुराने शहर से इज्तिमा स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति रहेगी।सुबह 6 बजे से ही मुबारकपुर, पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर, अयोध्या नगर बायपास, रत्नागिरी, लांबाखेड़ा, करोंद, भोपाल टॉकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रॉयल मार्केट, लालघाटी, नादरा बस स्टैंड और भारत टॉकीज इलाकों में ट्रैफिक का दबाव रहेगा।पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए वैकल्पिक मार्ग भारी वाहनों पर रोक और डायवर्जन 15 नवंबर की सुबह 7 बजे से बैरसिया रोड से करोंद चौक तक भारी वाहनों, डंपर और मिक्सर पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं, 17 नवंबर की सुबह 4 बजे से भोपाल की सीमाओं में सभी भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। पार्किंग व्यवस्था 120 एकड़ में पंडाल, 300 एकड़ में पार्किंग आयोजन समिति के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. उमर हफीज ने बताया कि इस बार पंडाल का क्षेत्रफल 100 एकड़ से बढ़ाकर 120 एकड़ कर दिया गया है, जबकि पार्किंग एरिया को 300 एकड़ तक फैला दिया गया है।कुल 70 पार्किंग जोन बनाए जा रहे हैं ताकि ट्रैफिक मैनेजमेंट सुचारू रहे। ट्रैफिक हेल्पलाइन अगर किसी नागरिक को असुविधा होती है, तो वे संपर्क कर सकते हैं: पुलिस ने अपील की है कि सभी लोग यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि आयोजन के दौरान व्यवस्था बनी रहे। 👉 और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
Read more
Bhopal

Bhopal Metro CMRS Inspection के बाद जल्द मिलेगी Green Signal

भोपाल की जनता का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। राजधानी की पहली Bhopal Metro अब लॉन्च के एक कदम पहले है।Commissioner of Metro Rail Safety (CMRS) की टीम फिलहाल शहर में है और Subhash Nagar Depot से AIIMS Bhopal तक के 7 किलोमीटर लंबे Priority Corridor का निरीक्षण कर रही है। 98% Construction Complete – अब सिर्फ Final Approval बाकी मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारियों ने बताया कि इस रूट का करीब 98% काम पूरा हो चुका है।इस रूट में कुल 8 स्टेशन हैं — Subhash Nagar Depot, DB Mall, Board Office, MP Nagar, Habibganj, DRM Office और AIIMS Bhopal जैसे महत्वपूर्ण पॉइंट शामिल हैं। इससे पहले RDSO (Research Designs & Standards Organisation) ने मेट्रो के ट्रैक और टेक्निकल सिस्टम को मंजूरी दे दी थी। अब CMRS द्वारा सुरक्षा और संचालन मानकों की जांच की जा रही है। CMRS Report के बाद मिलेगी ‘OK’ Signal – Launch Possible Soon सूत्रों के अनुसार, CMRS Inspection Report अगर पॉजिटिव आती है तो भोपाल मेट्रो को जल्द ही संचालन की मंजूरी मिल जाएगी। Bhopal Metro Route & Benefits पहले चरण में यह रूट राजधानी के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ेगा। आने वाले चरणों में पूरे शहर को नेटवर्क से कवर किया जाएगा।मेट्रो शुरू होने के बाद — अभी बाकी हैं ये काम भले ही Trial Runs सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी कुछ स्टेशन पर फिनिशिंग टच, साइनबोर्ड, सुरक्षा और सिग्नलिंग सिस्टम का अंतिम निरीक्षण जारी है।अगर सब कुछ ठीक रहा, तो भोपाल मेट्रो नवंबर के अंत तक जनता के लिए शुरू हो सकती है। Modern Features of Bhopal Metro हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

शादी के 9 साल बाद महिला ने की आत्महत्या, मायके वालों का आरोप — “ससुराल वालों ने किया प्रताड़ित

सागर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पथरिया जाट गांव में मंगलवार को एक महिला ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजन घर पहुंचे तो महिला का शव फंदे पर झूलता मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम कराया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मायके वालों का आरोप — ससुराल वालों ने किया अत्याचार घटना की खबर मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग पथरिया पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला को लंबे समय से ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था।परिजनों ने कंट्रोल रूम पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 9 साल पहले हुई थी शादी मृतका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब 9 साल पहले हुई थी और उसके दो बच्चे हैं।उन्होंने कहा कि दामाद आए दिन बेटी से मारपीट करता था और बुलेट गाड़ी मायके से लाने की मांग करता था।दहेज और अत्याचार से परेशान होकर बेटी कुछ महीने पहले मायके आ गई थी। पिता ने बताया कि बाद में दामाद के बड़े भाई आए और भरोसा दिलाया कि अब ऐसा कुछ नहीं होगा। इस भरोसे के बाद बेटी को वापस ससुराल भेज दिया गया।लेकिन मंगलवार को पुलिस से सूचना मिली कि बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। परिजनों का दावा — “मारपीट कर हत्या की गई” परिजनों ने कहा कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या का मामला है।उनका कहना है कि बेटी को मारपीट कर फंदे पर लटकाया गया।ससुराल पक्ष के लोग लगातार उसे प्रताड़ित करते थे। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कहा है कि सभी पहलुओं पर जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। 🔗 अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: www.deshharpal.com— सच्ची खबरें, संवेदनशील अंदाज में
Read more

हॉस्टल से 15 वर्षीय छात्रा की मौत — परिजन कहते हैं — “हादसा नहीं, हत्या”

हत्या जूर गांव के माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर में 15 साल की छात्रा पूजा किरेड़े की मौत ने परिवार और इलाके में गहरा सदमा पैदा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि पूजा हॉस्टल की चौथी मंजिल से धक्का देकर गिराई गई थी, जबकि हॉस्टल वार्डन और उसकी बेटी पर पहले से ही प्रताड़ना के आरोप लगे हुए हैं। क्या हुआ: पूजा का एग्जाम था और एक दिन पहले ही उसे हॉस्टल से घर छोड़ा गया था। अगले दिन खबर मिली कि वह हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरी मिली। इलाज के दौरान जब पूजा होश में आई तो उसने परिजनों को बताया — “मुझे किसी ने धक्का दिया है।”आठ दिन इंदौर के इंडेक्स अस्पताल में इलाज के बाद 9 नवंबर को पूजा की मौत हो गई। परिजनों की मांग — हत्या का केस दर्ज किया जाए परिजन कलेक्टर, एसपी और सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण को ज्ञापन देकर मांग कर चुके हैं कि घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।पिता सुंदर सिंह और रिश्तेदारों का कहना है कि पूजा के शरीर पर चोट के भी निशान मिले हैं और वह खुद नहीं मर सकती थी। उनका पूरा संदेह हॉस्टल वार्डन और उसकी बेटी प्राची पर है — जिन्होंने कथित रूप से पूजा को लगातार प्रताड़ित किया था। वार्डन की दलील और जांच वार्डन कोकिला बौरासी का कहना है कि पूजा पर “भूत-प्रेत” का साया था और वह अक्सर बीमार रहती थी। परिजन इस दावे को खारिज करते हैं।कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।कमेटी का नेतृत्व संयुक्त कलेक्टर निकिता मंडलोई कर रही हैं; उसमें मिट्टी परीक्षण अधिकारी कविता गवली और पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की इंस्पेक्टर सुनीता मुवेल शामिल हैं।जांच टीम ने हॉस्टल का निरीक्षण किया, स्टाफ व छात्राओं के बयान लिए और परिजनों से भी तफ्तीश की। चौंकाने वाले तथ्य जांच में यह भी पता चला कि वार्डन कोकिला के पास 60% दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र है, बावजूद इसके उन्हें वार्डन का पद दिया गया था — जो नियमों के विपरीत बताया जा रहा है।और सबसे बड़ी बात यह कि वार्डन का अधिकांश काम उसकी बेटी प्राची ही संभालती थी, जिसे पीटीआई (स्पोर्ट्स टीचर) के रूप में नियोजित किया गया था।परिजन और छात्राएं बताती हैं कि प्राची अक्सर छात्राओं से मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करती थी, और पूजा तथा प्राची के बीच कई बार विवाद हो चुका था। निलंबन और स्थानीय प्रतिक्रिया जनजातीय कार्य आयुक्त ने जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद वार्डन को निलंबित कर इंदौर संभागीय कार्यालय में अटैच कर दिया है।आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया है कि आदिवासी हॉस्टलों में बच्चों के साथ प्रताड़ना की घटनाएं सामान्य हैं और संदिग्ध मौतों को अक्सर हादसा बताकर दबा दिया जाता है।टंट्या मामा आदिवासी संगठन की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ममता मोरे ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिजन अब न्याय की उम्मीद में हैं — वे चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएं। अधिकारिक जांच रिपोर्ट और आगे के कदमों पर हम नजर बनाए रखेंगे। 🔗 अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: deshharpal.com— सच्ची खबरें, संवेदनशील अंदाज में
Read more

दिल्ली धमाका: अब जुड़ा कनेक्शन मध्यप्रदेश के महू से, आरोपी डॉक्टर की यूनिवर्सिटी के चेयरमैन पर जांच की नजर

दिल्ली धमाके का एक सिरा अब मध्यप्रदेश के महू से जुड़ता नजर आ रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी, जो फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था, उसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी मूल रूप से महू का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि डॉ. उमर नबी ने अपनी i-20 कार में विस्फोटक रखकर खुद को उड़ा लिया, जबकि उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल शकील को विस्फोटक जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।इस यूनिवर्सिटी को चलाने वाला अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट भी महू निवासी जवाद अहमद सिद्दीकी ने ही स्थापित किया था। वही ट्रस्ट का अध्यक्ष और यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति भी है। यूनिवर्सिटी का बयान: “हर काम कानून के हिसाब से” बुधवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. भूपिंदर कौर आनंद ने पहली बार बयान जारी करते हुए कहा— “हमारे दो डॉक्टर (डॉ. मुजम्मिल और शाहीन सईद) हिरासत में हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी का उनसे जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। यूनिवर्सिटी में न कोई केमिकल और न ही विस्फोटक रखा गया था। हमारी लैब सिर्फ MBBS स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग के लिए है और हर काम कानून के हिसाब से किया जाता है।” जवाद का अतीत: इन्वेस्टमेंट कंपनी से लेकर यूनिवर्सिटी तक जांच में पता चला है कि जवाद ने पहले अल फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी के नाम से कारोबार शुरू किया था। उसने लोगों को मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया, लेकिन 2001 में आर्थिक गड़बड़ी के बाद वह परिवार समेत दिल्ली भाग गया। इसके बाद फरीदाबाद में कॉलेज शुरू किया, जो आगे चलकर यूनिवर्सिटी बन गया। महू में खाली पड़ा मकान, जांच जारी महू के एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि जवाद और उसके परिवार के पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है।उनके अनुसार, “जवाद करीब 25 साल पहले तक महू के कायस्थ मोहल्ले में रहता था। उसके पिता मोहम्मद हम्माद सिद्दीकी शहर काजी रह चुके हैं। वहीं, उसका सौतेला भाई अफाम हत्या के मामले में जेल जा चुका है।” वर्तमान में जवाद के महू स्थित चार मंजिला मकान पर ताला लगा है। यह मकान उसके पिता के नाम पर है और स्थानीय लोग इसे ‘मौलाना की बिल्डिंग’ के नाम से जानते हैं। आईजी (ग्रामीण) अनुराग सिंह ने कहा— “हमें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। संबंधित रिकॉर्ड जुटाकर जांच की जा रही है।” 🔗 Source: Deshharpal News Portal — सच्ची और संवेदनशील खबरों के लिए जुड़ें deshharpal.com
Read more

गुना पुलिस की बड़ी सफलता: महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियां गुजरात और राजस्थान से बरामद

गुना की कैंट पुलिस ने शानदार काम करते हुए महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल खोज निकाला है। एक लड़की को गुजरात के पोरबंदर से और दूसरी को राजस्थान के कोटा से बरामद किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया है। फरवरी और जून से थीं लापता पहली 16 वर्षीय किशोरी 23 फरवरी को बिना बताए घर से चली गई थी, जबकि दूसरी 15 साल की लड़की 19 जून से लापता थी। दोनों के परिवारों ने कैंट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत मिली सफलता प्रदेशभर में 1 से 30 नवंबर तक “विशेष ऑपरेशन मुस्कान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत SP अंकित सोनी ने सभी थाना प्रभारियों को लापता बच्चों की खोज तेज करने के निर्देश दिए थे। ASP मानसिंह ठाकुर और CSP प्रियंका मिश्रा के निर्देशन में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से दोनों लड़कियों का लोकेशन ट्रेस किया। दो राज्यों में भेजी गईं पुलिस टीमें जांच में पता चला कि एक लड़की गुजरात के पोरबंदर में है जबकि दूसरी राजस्थान के कोटा में। इसके बाद पुलिस की दो टीमें तुरंत दोनों राज्यों के लिए रवाना हुईं और सफलतापूर्वक दोनों नाबालिगों को सुरक्षित गुना लेकर आईं। बाल कल्याण समिति ने किया सुपुर्द गुना पहुंचने के बाद दोनों लड़कियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति अध्यक्ष नीरू शर्मा ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया। पुलिस टीम की सराहना इस पूरी कार्रवाई में TI अनूप कुमार भार्गव, उप निरीक्षक ज्योति राजपूत, SI अरुंधति राजावत, प्रधान आरक्षक मनोज कलावत, आरक्षक माखन चौधरी, सचिन शर्मा, सूर्यभान जाट, महिला आरक्षक प्रीति राठौड़, रक्षा रघुवंशी, धनकुवर जाटव और साइबर सेल के आरक्षक कुलदीप यादव व भूपेंद्र खटीक की अहम भूमिका रही। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Read more

ग्वालियर में दोस्त ने ही की दोस्त की पत्थर से हत्या, रेलवे स्टेशन पर मिला शव

ग्वालियर में रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां एक युवक की उसके ही जिगरी दोस्त ने सिर पर पत्थर पटककर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को शहर छोड़ने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे स्टेशन पर पड़ा मिला खून से लथपथ शव यह घटना ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 के सर्कुलेटिंग एरिया की है। यहां 28 वर्षीय शिवम यादव, निवासी नूरगंज, का शव खून से लथपथ हालत में मिला। उसके सिर पर गहरे घाव थे और पास ही खून से सना पत्थर पड़ा था। शिवम घरों में रंगाई-पुताई का काम करता था। CCTV में दिखा आखिरी वक्त का सच पुलिस को मौके से CCTV फुटेज मिला जिसमें शिवम और उसका दोस्त आकाश जाटव शराब खरीदते नजर आ रहे हैं। फुटेज में दोनों कुछ देर बात करते हैं और फिर सड़क की ओर जाते हैं। इसके बाद आकाश ने पत्थर उठाकर शिवम के सिर पर वार कर दिया। कहासुनी के बाद हत्या की कबूलियत सोमवार रात पुलिस ने आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि शिवम शराब पीने के बाद उसे जबरदस्ती घूमने के लिए दबाव डाल रहा था। इसी बात पर गुस्से में आकर उसने पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस की सख्त जांच जारी आसपास के लोगों ने बताया कि दोनों काफी देर से झगड़ रहे थे। पुलिस को शक है कि आरोपी की कहानी पूरी सच्चाई नहीं है। जीआरपी थाना नैरोगेज प्रभारी दीप शिखा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या के असली कारणों की गहराई से जांच जारी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more
1 49 50 51 52 53 72

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.