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Pakistan में महंगाई का विस्फोट Iran Conflict से Gas, Petrol और राशन महंगा

ईरान से जुड़े युद्ध तनाव का असर अब Pakistan की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। तेल सप्लाई चेन में रुकावट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल, डीजल, LPG, आटा, दाल और सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई हर चीज की कीमत सरकारी स्तर पर ईंधन की नई कीमतों के बाद petrol 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और diesel 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर पड़ा है, जिससे बाजार में रोजमर्रा की लगभग हर चीज महंगी हो गई है। छोटे व्यापारियों से लेकर रिक्शा चालकों तक, हर वर्ग इस बढ़ोतरी का असर महसूस कर रहा है। LPG 3500 और आटा 2000 ने बिगाड़ा घर का बजट सबसे ज्यादा मार घर की रसोई पर पड़ी है। कई इलाकों में LPG cylinder 3500 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 20 किलो आटा करीब 2000 रुपये में बिक रहा है। दाल, प्याज और टमाटर जैसी जरूरी चीजों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। कई परिवारों ने गैस बचाने के लिए खाना पकाने का समय कम कर दिया है, जबकि कुछ घरों में अब एक बार ही खाना बन रहा है। दवाइयों से सब्जियों तक हर चीज महंगी इस संकट का असर सिर्फ खाने-पीने तक सीमित नहीं है। दवाइयों और मेडिकल सप्लाई की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है, क्योंकि आयात लागत बढ़ने और डॉलर के मजबूत होने से पाकिस्तान की सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव बना है। अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स में भी इसका असर दिखने लगा है। विदेशी मुद्रा संकट ने बढ़ाई मुश्किल आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर Middle East में तनाव जल्दी कम नहीं हुआ तो पाकिस्तान में inflation और गंभीर हो सकती है। देश पहले से ही कमजोर विदेशी मुद्रा भंडार, आयात पर निर्भर ऊर्जा व्यवस्था और बढ़ते टैक्स दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में यह संकट आम जनता के लिए आने वाले दिनों में और मुश्किलें बढ़ा सकता है। आम आदमी की थाली और जेब पर सबसे बड़ा असर फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान की आम जनता बढ़ती कीमतों के बीच रसोई कैसे चलाए और सफर का खर्च कैसे उठाए। जंग भले सीमाओं से दूर हो, लेकिन उसका सबसे गहरा असर आम आदमी की जेब और थाली पर दिखाई दे रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN तनाव के बीच अमेरिका में बड़ा एक्शन: 3 आर्मी अफसर हटाए, ट्रम्प का बयान चर्चा में

IRAN तनाव के बीच अमेरिका में बड़ा एक्शन: 3 आर्मी अफसर हटाए, ट्रम्प का बयान चर्चा में

अमेरिका और IRAN के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिका ने अपने 3 आर्मी अफसरों को पद से हटा दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान भी चर्चा में है। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई डील नहीं हो पाती है, तो इसके लिए उपराष्ट्रपति जिम्मेदार होंगे। वहीं, अगर समझौता हो जाता है, तो उसका श्रेय उन्हें दिया जाना चाहिए। जंग जैसे हालात में सख्त फैसले अमेरिका द्वारा आर्मी अफसरों को हटाने को एक सख्त और रणनीतिक कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अपनी सैन्य और कूटनीतिक रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं ईरान के साथ बातचीत को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है और हालात किसी भी समय और बिगड़ सकते हैं। ट्रम्प के बयान से सियासी हलचल ट्रम्प के बयान ने अमेरिकी राजनीति में भी हलचल मचा दी है। उनके इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे जिम्मेदारी से बचने की कोशिश मान रहे हैं, तो कुछ इसे उनकी राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं। आम लोगों में बढ़ी चिंता जंग जैसे हालात और लगातार बढ़ते तनाव से आम लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो पाएगा या हालात और गंभीर होंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Oracle Layoffs: AI में भारी निवेश के चलते कंपनी में बड़ी छंटनी, 6 महीने में बदली तस्वीर

Oracle Layoffs: AI में भारी निवेश के चलते कंपनी में बड़ी छंटनी, 6 महीने में बदली तस्वीर

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। Oracle ने हाल ही में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी (layoffs) की है, जिससे इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। कंपनी की ओर से कहा जा रहा है कि यह फैसला Artificial Intelligence में भारी निवेश के कारण लिया गया है। Oracle इन दिनों बड़े-बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है, जिन पर खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… असली वजह क्या है? जानकारी के मुताबिक, पिछले 6 महीनों में Oracle की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी अब पारंपरिक बिजनेस मॉडल से हटकर AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रही है। इस बदलाव के चलते: यानी साफ है कि यह सिर्फ खर्च कम करने का मामला नहीं, बल्कि कंपनी के बड़े ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है। कर्मचारियों पर असर इस फैसले का सीधा असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ा है। अचानक नौकरी जाने से कई लोग अनिश्चितता में हैं। टेक इंडस्ट्री में पहले से चल रही छंटनी की लहर के बीच यह खबर और चिंता बढ़ा रही है। आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI और ऑटोमेशन के चलते इस तरह के बदलाव और देखने को मिल सकते हैं। कंपनियां अब ज्यादा स्मार्ट टेक्नोलॉजी में निवेश कर रही हैं, जिससे पारंपरिक नौकरियों पर असर पड़ सकता है।
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Trump का दावा: IRAN की सैन्य ताकत कमजोर, 2-3 हफ्तों में बड़े हमले की चेतावनी

Trump का दावा: IRAN की सैन्य ताकत कमजोर, 2-3 हफ्तों में बड़े हमले की चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि Iran के साथ चल रहे तनाव में अमेरिका को बढ़त मिली है। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी हद तक कमजोर हो चुकी है और उनकी नौसेना भी अब पहले जैसी ताकतवर नहीं रही। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सेना पर अमेरिका का दबाव बढ़ गया है और स्थिति काफी हद तक उनके नियंत्रण में है। ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले 2 से 3 हफ्तों में एक बड़ा सैन्य कदम उठाया जा सकता है। हालांकि, इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। आम लोगों के मन में भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे युद्ध की स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। दुनिया भर के लोग अब यही उम्मीद कर रहे हैं कि हालात काबू में रहें और किसी बड़े टकराव से बचा जा सके। युद्ध का असर हमेशा आम नागरिकों पर सबसे ज्यादा पड़ता है, इसलिए शांति ही सबसे बेहतर रास्ता माना जा रहा है। हर खबर, हर पल, देश हरपल पर !
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सीजफायर को लेकर उतावले Donald Trump, JD Vance को दी बड़ी जिम्मेदारी – ईरान से बातचीत के संकेत

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं। खबरों के मुताबिक, ट्रंप सीजफायर को लेकर काफी जल्दी में हैं और उन्होंने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने JD Vance को एक अहम जिम्मेदारी सौंपी है। वेंस को ईरान से बातचीत करने और उन्हें सीजफायर के लिए राजी करने का काम दिया गया है। ट्रंप ने उनसे कहा है कि बातचीत के दौरान कुछ जरूरी शर्तें भी मनवाने की कोशिश की जाए। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि Iran क्षेत्र में तनाव कम करे और शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाए। वहीं, ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह बातचीत सफल होती है, तो इससे मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। हालांकि, यह भी साफ है कि इस तरह की बातचीत आसान नहीं होती। दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, ऐसे में शर्तों पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या JD Vance ईरान को मनाने में सफल हो पाएंगे या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump Pressure के बीच UK का बड़ा फैसला War से दूरी लेकिन Hormuz पर 35 देशों की Meeting

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के बीच ब्रिटेन ने ऐसा कदम उठाया है जिसने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां अपने सहयोगी देशों से खुलकर समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं United Kingdom ने सीधे युद्ध में उतरने से साफ इनकार कर दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का बयान— “यह हमारी जंग नहीं है” — इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे साफ है कि ब्रिटेन फिलहाल किसी सैन्य संघर्ष का हिस्सा बनने के बजाय अपने राष्ट्रीय और आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जंग से दूरी बनाने के बावजूद ब्रिटेन ने Strait of Hormuz को फिर से सुरक्षित और चालू करने के लिए 35 देशों की एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस initiative का मकसद दुनिया के सबसे अहम oil shipping routes में से एक को जल्द से जल्द operational बनाना है। Hormuz क्यों है इतना अहम? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की lifeline माना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर crude oil prices, shipping cost और कई देशों की economy पर पड़ता है। भारत जैसे देशों के लिए यह route और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि imported oil का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से आता है। अगर यह लंबे समय तक बंद रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक असर दिख सकता है। UK की strategy क्या है? ब्रिटेन का मौजूदा रुख बेहद balanced दिख रहा है। एक तरफ वह अमेरिका के साथ सीधे military conflict में नहीं जाना चाहता, वहीं दूसरी तरफ global trade और oil supply chain को बचाने के लिए diplomatic और naval coordination पर फोकस कर रहा है। 35 देशों की यह meeting इसी broader strategy का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें mine-clearing, tanker protection और sea-lane security जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। Trump camp के लिए क्या message? राजनीतिक नजरिए से देखा जाए तो इसे ट्रंप के लिए एक diplomatic setback माना जा सकता है। हालांकि इसे सिर्फ “ठेंगा दिखाना” कहना शायद oversimplification होगा। असल में ब्रिटेन ने एक practical रास्ता चुना है— No direct war, but yes to protecting global commerce. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसे एक smart geopolitical balancing act मान रहे हैं, जहां युद्ध से दूरी रखते हुए आर्थिक हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN-US तनाव बढ़ा: ईरान बोला भरोसा खत्म, ट्रम्प बोले 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकता है युद्ध

IRAN और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने साफ कहा है कि अब उसे अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं रहा। ईरान का कहना है कि अमेरिका पहले भी कई बार समझौते से पीछे हट चुका है, इसलिए अब उस पर विश्वास करना मुश्किल है। ईरान के इस बयान से साफ है कि दोनों देशों के रिश्ते अभी भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। लोगों के मन में भी डर है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि अगर हालात संभले, तो यह युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकता है। उनका मानना है कि स्थिति ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लगातार बढ़ते तनाव के बीच आम लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। हर कोई यही चाहता है कि जल्द से जल्द शांति बहाल हो और किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों देश बातचीत का रास्ता अपनाते हैं, तो हालात सुधर सकते हैं। लेकिन फिलहाल स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। देश और दुनिया की ऐसी ही अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Desh Har Pal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

Iran Cyber Attack on Israel America के Next Move से Middle East War में नया मोड़

मध्य पूर्व में जारी US-Iran-Israel war अब एक नए और बेहद खतरनाक दौर में प्रवेश करता दिख रहा है। हालिया घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि यह संघर्ष अब सिर्फ मिसाइल, एयरस्ट्राइक और बॉर्डर तक सीमित नहीं है, बल्कि cyber warfare, oil supply routes और civilian safety तक पहुंच चुका है। इसी वजह से दुनिया भर की नजरें इस समय Middle East पर टिकी हुई हैं। इज़रायल पर ईरान का बड़ा Cyber Attack सबसे बड़ी खबर यह है that ईरान से जुड़े cyber groups ने इज़रायल के surveillance systems, CCTV networks और digital security infrastructure को निशाना बनाया। माना जा रहा है कि इन cyber attacks का उद्देश्य सैन्य गतिविधियों पर नजर रखना, हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन करना और strategic movements को track करना था। आधुनिक युद्ध का यह चेहरा दिखाता है कि अब लड़ाई सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि servers और digital networks पर भी लड़ी जा रही है। America Strike: इस्फहान में बड़ा हवाई हमला इसी बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान स्थित एक strategic military site पर बड़ा हवाई हमला किया। देर रात हुए इस strike के बाद इलाके में तेज धमाकों और आग के बड़े गुबार की खबरें सामने आईं। इस कार्रवाई को अब तक के सबसे बड़े अमेरिकी जवाबी कदमों में गिना जा रहा है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। Oil Crisis: टैंकर पर हमले से बढ़ी वैश्विक चिंता अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी में oil shipping route के पास एक बड़े tanker को निशाना बनाया, जिससे global energy market में हलचल मच गई। पहले से ही Strait of Hormuz के आसपास बढ़े तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी थी, लेकिन इस ताजा घटना ने energy supply को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। भारत जैसे देशों के लिए, जो crude oil imports पर निर्भर हैं, इसका सीधा असर fuel prices पर पड़ सकता है। Haifa Missile Attack: डर में गुजरी परिवारों की रात इज़रायल के उत्तरी शहर Haifa और उसके आसपास के इलाकों में missile attacks तेज हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बंदरगाह, fuel storage tanks और refinery zone को नुकसान पहुंचा है। लेकिन इस खबर का सबसे मानवीय पहलू उन परिवारों की रात है, जो लगातार sirens के बीच shelters में छिपे रहे। बच्चों की नींद धमाकों से टूटी, बुजुर्ग पूरी रात डर में बैठे रहे और सुबह तक किसी को नहीं पता था कि अगला हमला कहां होगा। America का अगला कदम क्यों अहम? अब सबकी नजरें अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं। वॉशिंगटन से आज एक बड़े diplomatic या military announcement की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि sanctions, further strikes या Gulf shipping security को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले 24 घंटे पूरे Middle East के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump का बड़ा बयान: ईरान के तेल पर कब्जा मेरी ‘पसंदीदा चीज

Trump का बड़ा बयान: ईरान के तेल पर कब्जा मेरी ‘पसंदीदा चीज

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा और विवादित बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के तेल पर कब्जा करना उनकी “पसंदीदा चीज” है और अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो वे खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर भी कब्जा कर सकते हैं। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और Iran के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि “ईरान ही नहीं बचेगा।” खार्ग द्वीप, जो ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र माना जाता है, रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। ऐसे में इस द्वीप को लेकर ट्रम्प का बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प के इस बयान से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है। आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं और वैश्विक बाजार पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल, इस बयान पर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन हालात को देखते हुए दुनिया की नजरें अब इस मुद्दे पर टिकी हुई हैं। अधिक अपडेट्स के लिए विजिट करें: Deshharpal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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China

North Korea के लिए China की सीधी उड़ान 6 साल बाद शुरू Asia Geopolitics में बढ़ी हलचल

करीब 6 साल बाद चीन (China) और उत्तर कोरिया (North Korea) के बीच सीधी हवाई सेवा फिर से शुरू हो गई है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़ी Beijing to Pyongyang direct flight service अब दोबारा शुरू होने जा रही है, जिससे एशिया की कूटनीति और क्षेत्रीय संपर्क को नया मोड़ मिल सकता है। Air China ने लिया बड़ा फैसला China की राष्ट्रीय एयरलाइन Air China ने बीजिंग से प्योंगयांग के लिए सीधी यात्री उड़ान सेवा बहाल करने का फैसला लिया है। यह सेवा फिलहाल सप्ताह में एक दिन संचालित होगी। कोविड महामारी के दौरान 2020 में यह रूट पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क लगभग खत्म हो गया था। Flight के साथ Train Service भी हुई शुरू दिलचस्प बात यह है कि केवल फ्लाइट ही नहीं, बल्कि हाल ही में China-North Korea passenger train service भी दोबारा शुरू की गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि दोनों देश धीरे-धीरे अपने पुराने संपर्कों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। Trade और Diplomacy पर पड़ेगा असर विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ ट्रैवल सुविधा नहीं, बल्कि trade, diplomacy और people-to-people connection को मजबूत करने की एक अहम कोशिश है। चीन पहले से ही उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है, ऐसे में इस फैसले का असर आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखाई दे सकता है। लोगों के लिए राहत भरी खबर मानवीय नजरिए से देखें तो यह खबर उन परिवारों, राजनयिक अधिकारियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के लिए राहत लेकर आई है, जो पिछले कई वर्षों से आसान यात्रा सुविधा का इंतजार कर रहे थे। सीमाओं के लंबे बंद दौर के बाद यह कदम दोनों देशों के बीच भरोसे की वापसी जैसा भी माना जा रहा है। Asia Geopolitics में क्यों अहम है यह कदम एशिया की भू-राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच चीन और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती यह नजदीकी आने वाले समय में regional power balance को भी प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि इस direct flight restart को सिर्फ एक ट्रैवल अपडेट नहीं, बल्कि एक बड़े geopolitical संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर “बादाम कांड” के बाद नया विवाद: NOC के बदले पैसे मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चर्चित “बादाम कांड” के बाद एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड का दफ्तर सुर्खियों में है। इस बार वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन पर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पूनम बंजारे खुद इन आरोपों से इनकार करती नजर आ रही हैं। वहीं, ऑफिस में बहस और हंगामा भी साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। नामांतरण के लिए लोगों को काटने पड़ रहे चक्कर जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ऑफिस में मकान और फ्लैट खरीदने के बाद नामांतरण (ट्रांसफर) के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार आवेदन देने के बाद भी फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक महिला ने बताया कि उसने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला पूनम बंजारे पर NOC देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। वहीं, पूनम बंजारे इन आरोपों से साफ इनकार करती दिखती हैं। वीडियो बनते देख वह नाराज हो जाती हैं और ऑफिस में हंगामा करती नजर आती हैं। अधिकारी बोले – शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एसके शर्मा ने कहा कि उन्हें इस वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। “बादाम कांड” से पहले ही चर्चा में था दफ्तर इससे पहले भी यही हाउसिंग बोर्ड ऑफिस “बादाम कांड” को लेकर चर्चा में आया था। दरअसल, एक युवक तरुण साहू ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसकी फाइल उसे नहीं दी गई और वह महीनों तक ऑफिस के चक्कर लगाता रहा। आखिरकार परेशान होकर युवक आधा किलो बादाम लेकर ऑफिस पहुंचा और अधिकारियों की टेबल पर फेंकते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी… जब मेरी फाइल मिल जाए, तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। 👉 ऐसी ही जमीनी और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
RBI

RBI ने बदले Auto Debit नियम अब बैंक खाते से पैसे कटने से पहले मिलेगा अलर्ट और ज्यादा कंट्रोल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने auto-debit यानी e-mandate नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव सीधे उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा जो EMI, SIP, OTT subscriptions, insurance premium या ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए auto-debit का इस्तेमाल करते हैं। नया सिस्टम डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है। RBI ने Auto-Debit नियमों में क्या बदला? RBI के नए e-mandate framework के तहत recurring payments को लेकर प्रक्रिया को अपडेट किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सुविधा और कंट्रोल मिल सके। ₹15,000 तक के पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं अब ₹15,000 तक की recurring payments जैसे OTT subscription, मोबाइल बिल, बिजली-पानी बिल आदि पर हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट बिना रुकावट अपने आप हो जाएंगे। बड़ी ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा बनी रहेगी ₹15,000 से ज्यादा की किसी भी auto-debit ट्रांजैक्शन पर OTP या अतिरिक्त verification पहले की तरह जरूरी रहेगा। जरूरी सेवाओं के लिए ₹1 लाख तक की सुविधा Insurance premium, mutual fund SIP और credit card बिल जैसे जरूरी payments में ₹1 लाख तक की auto-debit सुविधा मिल सकती है। पेमेंट से पहले 24 घंटे का अलर्ट अनिवार्य अब किसी भी auto-debit से पहले बैंक या कंपनी को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले सूचना (notification) देना जरूरी होगा। आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नए नियमों का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा: EMI और SIP जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुकावट चलेंगीOTT और subscription payments आसान हो जाएंगेगलत या unauthorized debit का खतरा कम होगाहर transaction की पहले से जानकारी मिलेगीयूजर्स को अपने पैसों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

सागर में दिल्ली नंबर कार से अवैध शराब बरामद: हादसे के बाद खुला राज, एक गिरफ्तार, 3 फरार

मध्यप्रदेश के सागर जिले में गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली नंबर की कार से अवैध शराब बरामद की है। खास बात यह है कि यह पूरा मामला एक सड़क हादसे के बाद सामने आया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर एक क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे खड़ी है और उसका चालक अंदर फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार और शराब को जब्त कर लिया। पकड़े गए चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया है। हादसे ने खोल दी तस्करी की पोल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे पूरी साजिश सामने आ गई। एक गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, उसके तीन साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और सटीक खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com

जबलपुर में नौकरानी से मारपीट और ठगी: नशा देकर 6.30 लाख निकाले, CCTV में कैद हुई क्रूरता

मध्यप्रदेश के जबलपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नौकरानी के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि साजिश रचकर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये भी निकाल लिए गए। घटना आधारताल थाना क्षेत्र की है। पीड़िता पूनम बर्मन ने एएसपी सूर्यकांत शर्मा को शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी सौंपे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मालकिन अंजू पांडे उसे थप्पड़ मार रही है और बाल पकड़कर जमीन पर घसीट रही है। नशा देकर चेक पर साइन करवाए, खाते से निकाले पैसे जानकारी के मुताबिक पूनम, अंजू पांडे के घर काम करती थी। आरोप है कि उसे नशे की गोलियां खिलाकर जबरन चेक पर साइन करवाए गए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर बैंक ले जाया गया और खाते से पैसे निकलवा लिए गए। जब पूनम को होश आया और उसने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। खाते में थे 6.30 लाख रुपए, सब निकाल लिए पीड़िता की बहन हीरा बाई ने बताया कि पूनम के बैंक खाते में करीब 6 लाख 30 हजार रुपए थे, जिन्हें आरोपी ने निकलवा लिया। इतना ही नहीं, उसकी पूरी कमाई और बैंक से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। “पैसे देने से मना किया तो पीटा” पूनम ने बताया कि वह कई महीनों से काम कर रही थी। अचानक उसकी मालकिन ने पैसों की मांग शुरू कर दी। जब उसने मना किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और पूरी साजिश के तहत उसके खाते से पैसे निकलवा लिए गए। पुलिस को सौंपी शिकायत, जांच जारी बुधवार को पूनम अपनी बहनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। शिवपुरी में भी शर्मनाक घटना इसी तरह का एक और मामला शिवपुरी से सामने आया है, जहां एक बस कंडक्टर ने महिला यात्री को सड़क पर फेंक दिया। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ज्यादा किराया देने से इनकार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंडक्टर ने महिला के साथ मारपीट की और गालियां दीं। इस दौरान पास खड़ा उसका मासूम बच्चा अपनी मां को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कंडक्टर का दिल नहीं पसीजा। 👉 ऐसी ही सच्ची और जमीनी खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
ईरान

Middle East Tension ईरान ने पकड़े दो जहाज, भारत आ रहा पोत भी रोक दिया गया

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने समुद्री क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो जहाजों को जब्त कर लिया है। इनमें से एक जहाज दुबई से होते हुए भारत की ओर आ रहा था। इस घटना ने न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। जहाजों की जब्ती से मचा हड़कंप जानकारी के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने खाड़ी क्षेत्र में निगरानी के दौरान दो जहाजों को रोका और अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि दोनों जहाजों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका गया, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनमें क्या माल लदा था और क्रू मेंबर कौन थे। सबसे अहम बात यह है कि जिन जहाजों में से एक भारत की ओर आ रहा था, उसका रास्ता दुबई से होकर गुजर रहा था, जिससे इस मामले में भारत की भी अप्रत्यक्ष एंट्री हो गई है। India Alert: भारत की नजर स्थिति पर भारत इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस जहाज का कोई सीधा संबंध भारत से जुड़ा है या नहीं। फिलहाल स्थिति को लेकर सावधानी बरती जा रही है। Gulf Region में बढ़ता तनाव यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब खाड़ी क्षेत्र पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव से गुजर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समुद्री व्यापार और शिपिंग रूट्स पर सीधा असर डाल सकती हैं। खासकर तेल और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। International Reaction भी शुरू इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया आने लगी है। कई देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं से वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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