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Covid-19 cases in India 2025, JN.1 variant India,

Covid Surge Alert: भारत में फिर बढ़े कोरोना केस, जेएन.1 वैरिएंट बना चिंता का कारण

कोरोना फिर से दे रहा है दस्तक! सिंगापुर और हांगकांग के बाद अब भारत में भी Covid-19 Cases में हल्का लेकिन चिंताजनक इजाफा देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्यों ने Corona Advisory जारी कर दी है। स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट्स के अनुसार, नए मामलों में JN.1 वैरिएंट सक्रिय भूमिका निभा रहा है। फोर्टिस हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर डायरेक्टर डॉ. विकास मौर्य के मुताबिक, “JN.1 variant अब तक केवल हल्के से मध्यम लक्षण ही दिखा रहा है और इससे गंभीर बीमारी का खतरा बहुत कम है।” New Covid variant in Asia-एशिया में तेजी से फैल रहा है संक्रमण चीन में कोविड के गंभीर मामले पिछले महीने 3.3% से बढ़कर 5.5% हो गए हैं। अस्पतालों में A&E (Accident & Emergency) रोगियों की दर 7.5% से बढ़कर 16.2% हो चुकी है। ताइवान में भी कोविड-19 के चलते अस्पतालों में भर्ती बढ़ने लगे हैं। संक्रमण के लक्षण क्या हैं? डॉक्टरों के अनुसार, नए वैरिएंट के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं: गंभीर लक्षण बहुत कम मामलों में देखे गए हैं और उनमें भी ज्यादातर मरीज रिकवरी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। क्या वैक्सीन और इम्यूनिटी काम कर रही है? विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण की हल्की प्रकृति का कारण भारत की जनता में विकसित हुई Natural Immunity और पहले से ली गई वैक्सीनेशन डोज़ हैं। इसलिए कोविड की पहली लहर जैसी गंभीरता की फिलहाल कोई आशंका नहीं है। सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों की तैयारी केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट मोड में हैं। कुछ राज्यों ने मास्क पहनने और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की है। हालांकि, लॉकडाउन या बड़े प्रतिबंधों की कोई योजना नहीं है। क्या करना चाहिए आम जनता को? घबराएं नहीं, सतर्क रहें Covid-19 का खतरा पूरी तरह टला नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात घबराने वाले नहीं हैं। अगर हम जरूरी सावधानियाँ बरतें और सरकार की गाइडलाइंस का पालन करें, तो स्थिति नियंत्रण में रह सकती है।
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COVID-19 Surge

COVID-19 Surge: एशिया में फिर बढ़े कोरोना केस, हांगकांग-सिंगापुर में हालात चिंताजनक

19 मई 2025, देश हरपल डेस्क COVID-19 एक बार फिर एशिया में अपने पैर पसार रहा है। हांगकांग और सिंगापुर जैसे विकसित शहरों में संक्रमण के मामलों में तेज़ वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों और आम जनता में चिंता बढ़ गई है। हांगकांग में 10 हफ्तों में 30 गुना वृद्धि हांगकांग में मार्च 2025 से COVID-19 मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 10 हफ्तों में संक्रमण के मामलों में 30 गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। Sewage surveillance और आउटपेशेंट क्लीनिकों में COVID-19 के मामलों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सिंगापुर में भी संक्रमण में उछाल सिंगापुर में मई के पहले सप्ताह में COVID-19 के मामलों में 28% की वृद्धि हुई है, और अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी 30% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। नया वैरिएंट और लक्षणस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, Omicron JN.1 वैरिएंट इस नए उछाल के पीछे हो सकता है। इस वैरिएंट के कारण मरीजों में खांसी, गले में खराश, मतली, उल्टी, ब्रेन फॉग और आंखों में जलन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। भारत में स्थिति और सतर्कता भारत में भी कुछ शहरों में COVID-19 के मामलों में हल्की वृद्धि देखी जा रही है। मुंबई में डॉक्टरों ने हाल ही में कुछ नए मामलों की पुष्टि की है, हालांकि अधिकांश मामले हल्के हैं और गंभीर चिंता की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। बचाव के उपाय और सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता और सावधानी बरतकर हम इस नए उछाल से बच सकते हैं। निष्कर्ष COVID-19 का यह नया उछाल हमें याद दिलाता है कि महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है। हांगकांग और सिंगापुर जैसे देशों में मामलों की वृद्धि हमें सतर्क रहने की आवश्यकता का संकेत देती है। भारत में स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन हमें सतर्क रहना और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।
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Women hear better than men

Women Hear Better Than Men: महिलाएं मर्दों से ज्यादा जल्दी और साफ़ सुन लेती हैं?

Women Hear Better Than Men: अब यह सिर्फ एक धारणा नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक तथ्य है। हाल ही में ब्रिटेन और फ्रांस के वैज्ञानिकों ने 13 देशों में की गई Hearing research study के आधार पर यह दावा किया है कि महिलाएं आम तौर पर पुरुषों की तुलना में बेहतर सुनने की क्षमता रखती हैं। 🔬 क्या कहती है स्टडी?यह स्टडी ब्रिटिश और फ्रेंच रिसर्चर्स की टीम द्वारा की गई, जिसमें अलग-अलग देशों के लोगों की ऑडिटरी क्षमता (hearing ability) का विश्लेषण किया गया। नतीजों में साफ़ देखा गया कि महिलाओं की सुनने की संवेदनशीलता (auditory sensitivity) अधिक थी, खासकर हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड्स में। 🧠 इसके पीछे साइंटिफिक कारण क्या हैं?विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतर हॉर्मोनल स्ट्रक्चर और ब्रेन प्रोसेसिंग के कारण होता है। महिलाओं का दिमाग साउंड प्रोसेसिंग में ज्यादा एक्टिव रहता है। एस्ट्रोजन हार्मोन भी इसमें मददगार होता है, जिससे सुनने की क्षमता तेज़ बनी रहती है। 👩‍⚕️ इसका असर रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कैसे पड़ता है?इस अंतर के कारण महिलाएं न सिर्फ बच्चों की रोने की आवाज़ जल्दी पकड़ती हैं, बल्कि आपसी बातचीत में भी ज्यादा अलर्ट रहती हैं। यही वजह है कि कॉल सेंटर्स और नर्सिंग जैसे प्रोफेशन में महिलाएं ज्यादा प्रभावी साबित होती हैं। 📢 क्यों है ये रिसर्च ज़रूरी?यह स्टडी सिर्फ सुनने की क्षमता पर नहीं, बल्कि हेल्थकेयर, एजुकेशन और कम्युनिकेशन से जुड़े फैसलों पर भी असर डाल सकती है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि पुरुषों और महिलाओं के लिए हेल्थ डिवाइसेज़ और कम्युनिकेशन टूल्स अलग-अलग तरीके से डिज़ाइन किए जाने चाहिए। 📝 निष्कर्षअगर अगली बार कोई महिला बिना कहे आपकी बात पकड़ ले, तो हैरान मत होइए — यह साइंस का कमाल है!
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Heatwave Mental Impact

Heatwave Mental Impact: गर्मी सिर्फ शरीर नहीं, दिमाग को भी कर रही है बीमार

समाचार रिपोर्ट | देश हरपलगर्मी का असर अब सिर्फ डिहाइड्रेशन, सनबर्न या लू तक सीमित नहीं रहा। Heatwave Mental Impact अब एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा कर रहा है। हाल के अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, जैसे सर्दियों में “SAD” यानी Seasonal Affective Disorder होता है, उसी तरह गर्मियों में भी डिप्रेशन और मूड डिसऑर्डर देखने को मिल रहे हैं। इसे Summer SAD या Reverse SAD भी कहा जाता है। गर्मी में बढ़ती धूप, ऊंचा तापमान और बिगड़ी नींद की वजह से ब्रेन के केमिकल्स जैसे सेरोटोनिन और मेलाटोनिन प्रभावित होते हैं। ये दो हार्मोन हमारे मूड और नींद को कंट्रोल करते हैं। जब इनमें गड़बड़ी आती है, तो मन उदास रहने लगता है, गुस्सा बढ़ जाता है और चिड़चिड़ापन हावी हो जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, जब तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है तो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े इमरजेंसी केस 8% तक बढ़ जाते हैं। यानी सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक स्तर पर भी हीटवेव का सीधा प्रभाव देखने को मिल रहा है। क्या होता है Summer SAD? Summer SAD एक प्रकार का मौसम-जनित मानसिक विकार है जो खासतौर पर गर्मियों में होता है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं: यह स्थिति तब और भी गंभीर हो सकती है जब व्यक्ति पहले से मानसिक तनाव या डिप्रेशन से जूझ रहा हो। गर्मियों में मेंटल हेल्थ क्यों बिगड़ती है? गर्मी में हमारे शरीर और दिमाग को मौसम के अनुरूप ढलने में समय लगता है। कुछ प्रमुख कारण जो मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं: क्या करें? कैसे बचें? निष्कर्ष:गर्मी का असर केवल त्वचा और शरीर तक सीमित नहीं है। हमारा दिमाग भी इस मौसम की मार झेलता है। अगर हर साल गर्मी में आपका मूड डाउन रहता है, गुस्सा आता है और सब कुछ उबाऊ लगता है, तो इसे हल्के में न लें। यह Summer SAD का संकेत हो सकता है। समय रहते पहचानें, सजग रहें और सही कदम उठाएं। देश हरपल पर ऐसे ही जरूरी और उपयोगी स्वास्थ्य समाचारों के लिए जुड़े रहें।
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Heart Attack While Studying for IIT: इंदौर में देर रात पढ़ाई करते वक्त छात्र को आया Silent Heart Attack, भाई के सामने तोड़ा दम

इंदौर (Desh Harpal News Desk):मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां IIT की तैयारी कर रहे एक 18 वर्षीय छात्र को अचानक Silent Heart Attack आया और उसने अपने बड़े भाई के सामने ही दम तोड़ दिया। इस हादसे ने न सिर्फ छात्र के परिवार को बल्कि पूरे छात्र समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र पीयूष मुरैना जिले का निवासी था और अपने बड़े भाई के साथ इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र के चितावद इलाके में एक किराए के मकान में रहकर IIT entrance exam की तैयारी कर रहा था। हर दिन की तरह पीयूष देर रात पढ़ाई में व्यस्त था। तभी अचानक उसके सीने में तेज दर्द उठा। उसने तुरंत अपने बड़े भाई को इसकी जानकारी दी। भाई ने प्राथमिक इलाज के लिए घर पर रखी कुछ दवाइयाँ दीं, लेकिन आराम न मिलने पर उसे फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने पीयूष को Dead on Arrival घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक यह मामला Silent Heart Attack का है। यानी ऐसा हार्ट अटैक जिसमें पहले से कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते और अचानक स्थिति गंभीर हो जाती है। पुलिस ने इस घटना की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस परिजनों और भाई के बयानों के आधार पर आगे की पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक को ही मौत का संभावित कारण बताया गया है। पीयूष की मौत से उसके दोस्तों और आसपास के छात्रों में शोक की लहर फैल गई है। पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर आए इस होनहार छात्र की असामयिक मृत्यु ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या युवा छात्रों में बढ़ता मानसिक तनाव और अनहेल्दी लाइफस्टाइल इस तरह की घटनाओं का कारण बन रहे हैं? Desh Harpal आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेगा। तब तक अपने बच्चों और छात्रों की सेहत पर ध्यान दें—Health is as important as Hard Work.
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Whooping cough: New research से कूकर खांसी के भविष्य के Vaccines में आ सकती है क्रांतिकारी सुधार

नई दिल्ली – एक समय था जब कूकर खांसी (जिसे हूपिंग कफ या पर्टुसिस भी कहा जाता है) बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण हुआ करती थी, खासकर अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों में। लेकिन 1940 के दशक में जब इसका टीका अस्तित्व में आया, तब इस जानलेवा बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सका। हालांकि, बीते कुछ दशकों में यह देखने को मिला है कि टीकाकरण के बावजूद whooping cough(हूपिंग कफ) के मामले दोबारा बढ़ रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मौजूदा टीकों की प्रभावशीलता समय के साथ घट जाती है, जिससे इस बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। अब एक नई रिसर्च ने इस दिशा में आशा की किरण दिखाई है। इस शोध में यह समझने की कोशिश की गई है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) किस प्रकार हूपिंग कफ के बैक्टीरिया बोर्डेटेला पर्टुसिस पर प्रतिक्रिया करता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि मौजूदा टीके शरीर में “मेमोरी टी-सेल्स” को उतनी मजबूती से सक्रिय नहीं करते, जो कि दीर्घकालिक प्रतिरक्षा के लिए जरूरी हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि हम इस प्रतिक्रिया को बेहतर ढंग से समझ पाएं, तो ऐसे नए टीके विकसित किए जा सकते हैं जो लंबे समय तक प्रभावी रहेंगे और बच्चों को दोबारा इस बीमारी के खतरे से बचा सकेंगे। अमेरिका में हुए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधियों का विश्लेषण किया। इसके अलावा उन्होंने यह भी अध्ययन किया कि क्यों वर्तमान टीके समय के साथ कम प्रभावी हो जाते हैं। यह शोध आने वाले समय में टीका वैज्ञानिकों को ऐसे फार्मूले बनाने में मदद करेगा, जो न केवल लंबे समय तक प्रभावी होंगे, बल्कि महामारी जैसी स्थितियों में भी ज्यादा सुरक्षा प्रदान कर पाएंगे। निष्कर्षयह रिसर्च इस बात की ओर इशारा करती है कि केवल बीमारी से बचाव ही नहीं, बल्कि टीकों की गुणवत्ता और टिकाऊपन में सुधार करना अब समय की मांग है। यदि यह नई रिसर्च सफलतापूर्वक प्रैक्टिकल रूप में लागू होती है, तो हूपिंग कफ जैसी घातक बीमारी को पूरी तरह खत्म करने का सपना जल्द ही साकार हो सकता है।
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Editor's Picks

Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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