दवाओं की बिक्री को लेकर सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 12 प्रतिशत से ज्यादा Alcohol Content वाली दवाएं बिना डॉक्टर के Prescription के नहीं खरीदी जा सकेंगी। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर Cough Syrup, Tonic और अन्य Liquid Medicines पर देखने को मिलेगा, जिनमें अल्कोहल की मात्रा मौजूद होती है।
नए नियमों के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए भी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। अब उन्हें ऐसी दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराना होगा।
Cough Syrup और Tonic पर बढ़ेगी निगरानी
कई कफ सिरप और टॉनिक में अल्कोहल का इस्तेमाल दवा को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जाता है। हालांकि, इन दवाओं के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए सरकार ने इनकी बिक्री पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है।
अब मेडिकल दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 12% से अधिक Alcohol वाली Medicines केवल वैध डॉक्टर की पर्ची के आधार पर ही बेची जाएं।
Medical Stores को रखना होगा 3 साल का Record
नए नियमों के तहत मेडिकल स्टोर संचालकों को अल्कोहल युक्त दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़ा रिकॉर्ड कम से कम 3 साल तक सुरक्षित रखना होगा।
इस रिकॉर्ड में दवा की बिक्री, ग्राहक से जुड़ी जानकारी और Prescription से संबंधित दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान अगर संबंधित विभाग रिकॉर्ड मांगता है तो दुकानदारों को इसे उपलब्ध कराना होगा।
मरीजों के लिए क्या बदलेगा?
आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि सभी दवाओं की खरीद पर नया नियम लागू नहीं होगा। यह नियम केवल उन्हीं दवाओं पर लागू होगा जिनमें अल्कोहल की मात्रा तय सीमा से ज्यादा है।
अगर किसी मरीज को ऐसी दवा की जरूरत होगी तो उसे डॉक्टर की सलाह और Prescription लेना जरूरी हो सकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दवा का इस्तेमाल सही कारण और सही मात्रा में किया जाए।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का उद्देश्य दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना और Medicine Sale System को ज्यादा सुरक्षित बनाना है। खासतौर पर अल्कोहल वाली दवाओं को लेकर समय-समय पर उठने वाली चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की बिक्री में सख्ती से मरीजों को सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और बिना जरूरत दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लग सकेगी।
Pharmacy Sector पर भी पड़ेगा असर
नए नियमों के बाद Pharmacy Sector में निगरानी और बढ़ जाएगी। मेडिकल स्टोर्स को अब हर बिक्री में नियमों का पालन करना होगा। बिना Prescription के ऐसी दवाएं बेचने पर दुकानदारों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, 12% से ज्यादा Alcohol Content वाली Medicines को लेकर सरकार का यह नया नियम मरीजों की सुरक्षा और दवाओं के सही इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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