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भारत टैक्सी vs ओला-उबर: ‘देसी ऐप से मिलेगा तगड़ा कॉम्पटीशन’, Amit Shah ने राज्यसभा में दी जानकारी

भारत टैक्सी vs ओला-उबर: ‘देसी ऐप से मिलेगा तगड़ा कॉम्पटीशन’, Amit Shah ने राज्यसभा में दी जानकारी

देश में कैब सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि सरकार एक नई पहल ‘भारत टैक्सी’ को बढ़ावा दे रही है, जो आने वाले समय में Ola और Uber जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकती है। राज्यसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश में एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जिससे ड्राइवरों को ज्यादा फायदा मिले और यात्रियों को सस्ती व बेहतर सेवा मिल सके। सरकार की यह योजना खासतौर पर उन ड्राइवरों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, जो अभी प्राइवेट कंपनियों के साथ काम करते हैं और कमीशन के कारण उन्हें कम कमाई होती है। ‘भारत टैक्सी’ मॉडल के जरिए ड्राइवरों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें ज्यादा स्वतंत्रता देने पर जोर दिया जा रहा है। इस कदम को ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अगर यह योजना सफल होती है, तो देश में कैब सर्विस का पूरा सिस्टम बदल सकता है और यात्रियों को भी सस्ती सवारी का फायदा मिल सकता है। हालांकि, अभी इस योजना के पूरी तरह लागू होने में समय लग सकता है, लेकिन सरकार के इस ऐलान के बाद से ही बाजार में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ‘भारत टैक्सी’ सही तरीके से लागू होती है, तो यह देश में राइड-हेलिंग इंडस्ट्री का गेम बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बीजेपी ऑफिस ब्लास्ट: ‘अपने दरवाजे पर धमाके… देश की सुरक्षा कैसे?’ Mamata Banerjee का अमित शाह पर हमला

बीजेपी ऑफिस ब्लास्ट: ‘अपने दरवाजे पर धमाके… देश की सुरक्षा कैसे?’ Mamata Banerjee का अमित शाह पर हमला

बीजेपी दफ्तर के पास हुए धमाके के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को सीधे निशाने पर लिया है। ममता बनर्जी ने कहा, “जब अपने ही दरवाजे पर धमाके हो रहे हैं, तो देश की सुरक्षा कैसे संभालेंगे?” उनके इस बयान के बाद राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। क्या हुआ था? (BJP Office Blast ) मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी के एक कार्यालय के पास अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग डर गए और कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल धमाके के कारणों का पता लगाया जा रहा है। ममता बनर्जी का बयान ममता बनर्जी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर राजनीतिक कार्यालय ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। BJP का पलटवार बीजेपी नेताओं ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है और इस तरह की घटनाएं राज्य प्रशासन की कमी को दिखाती हैं। क्यों अहम है यह मामला? यह घटना सिर्फ एक धमाका नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।लोगों के मन में डर और असुरक्षा की भावना पैदा होना स्वाभाविक है, ऐसे में सरकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Assam

BJP Hat-trick in Assam मोदी ने Congress पर साधा निशाना, Tea to Chip बना बड़ा मुद्दा

Assam विधानसभा चुनाव 2026 का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है, और प्रधानमंत्री Narendra Modi की गोगामुख रैली ने चुनावी बहस को नई दिशा दे दी है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी अब तय है।” राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर सीधा तंज माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि असम की जनता एक बार फिर भाजपा-एनडीए पर भरोसा जताएगी और राज्य में जीत की hat-trick लगेगी। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने जिस तेजी से विकास देखा है, वह अब रुकने वाला नहीं है। Tea से Chip तक: Assam Growth Model पर बड़ा फोकस रैली का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब पीएम मोदी ने कहा कि अब असम की पहचान सिर्फ tea gardens तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य “Tea and Chip” economy के रूप में भी जाना जाएगा। यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के औद्योगिक विजन की झलक भी माना जा रहा है। असम लंबे समय से अपनी चाय के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है, लेकिन अब सरकार इसे semiconductor, electronics manufacturing और tech investment hub के रूप में भी आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि भाजपा इस चुनाव में विकास को सिर्फ सड़क, बिजली और पानी तक सीमित न रखकर technology-driven economy के रूप में पेश कर रही है। Congress पर Identity और Security को लेकर निशाना अपने भाषण में पीएम मोदी ने असम की सांस्कृतिक पहचान, घुसपैठ और सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि असम की अस्मिता और परंपरा की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार भी identity politics + development narrative के मिश्रण के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है, जो पहले भी राज्य में उसके लिए फायदेमंद रहा है। Tea Garden Visit ने जोड़ा Emotional Human Touch रैली के बाद प्रधानमंत्री का डिब्रूगढ़ के चाय बागान पहुंचना और महिला श्रमिकों से बातचीत करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने खुद चाय की पत्तियां तोड़ीं, श्रमिकों से हालचाल पूछा और उनके काम को सराहा। यही वह पल था जिसने पूरे चुनावी संदेश में एक human touch जोड़ दिया।असम में चाय उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी और पीढ़ियों की पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह दौरा सीधे लोगों की भावनाओं से जुड़ता दिखा। Assam Election 2026 में किस ओर जाएगा मुकाबला? 126 सीटों वाली असम विधानसभा में इस बार मुकाबला दिलचस्प होता दिख रहा है। भाजपा जहां development, security और identity के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है, वहीं कांग्रेस राहत, सामाजिक न्याय और स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Update UP में तेज बारिश-ओले, MP और Rajasthan में अलर्ट, J&K में खतरा बढ़ा

उत्तर भारत में अचानक बदला मौसम, कई राज्यों में अलर्ट उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश (UP) में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित किया है। इसी के साथ मध्य प्रदेश (MP) और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद एवलांच (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। Western Disturbance से बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक मजबूत Western Disturbance सक्रिय है, जो उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रहा है। इसके असर से यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी खबरें सामने आईं। अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि गेहूं और सरसों जैसी तैयार फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। UP Weather Update: कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है। खेतों में तैयार खड़ी फसल के लिए यह मौसम नुकसानदायक साबित हो सकता है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। MP और Rajasthan में भी बारिश-आंधी का अलर्ट MP और Rajasthan Weather Update की बात करें तो दोनों राज्यों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट जरूर आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं और बारिश की वजह से सड़क यात्रा और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। J&K High Areas में Avalanche और Landslide Risk वहीं Jammu-Kashmir Weather Alert ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और दूसरे ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण हिमस्खलन और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। अगले 24–48 घंटे रहेंगे अहम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक यह सिस्टम सक्रिय रह सकता है, इसलिए उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का असर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दो दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसका असर और बढ़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

1 April 2026 New Rules LPG Cylinder महंगा, Rail Refund और Salary पर बड़ा असर

नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही 1 April 2026 से कई ऐसे बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखेगा। सुबह की चाय से लेकर ऑफिस की salary slip, train journey से लेकर highway toll तक—हर जगह कुछ न कुछ बदला है। सबसे ज्यादा चर्चा commercial LPG cylinder price hike, railway refund rules, toll charges और salary structure changes को लेकर है। अगर आप नौकरी करते हैं, अक्सर सफर करते हैं या छोटा बिजनेस चलाते हैं, तो ये बदलाव आपके monthly budget को प्रभावित कर सकते हैं। Commercial LPG Cylinder हुआ महंगा, बाहर खाना पड़ सकता है costly 1 April से 19 किलो वाला commercial LPG cylinder ₹218 तक महंगा हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और street food vendors पर पड़ेगा। यानी आने वाले दिनों में बाहर चाय, नाश्ता या खाना पहले से थोड़ा महंगा महसूस हो सकता है। घरेलू रसोई गैस में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं है, इसलिए घर का बजट अभी थोड़ा सुरक्षित है। Rail Ticket Refund Rules बदले, late cancel पर बड़ा नुकसान रेलवे ने टिकट cancellation policy को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है। अब अगर आप confirmed ticket को बहुत आखिरी समय पर cancel करते हैं, तो refund मिलने की संभावना काफी कम हो जाएगी। नया refund structure: जो लोग अक्सर अचानक plans बदलते हैं, उन्हें अब ticket booking में extra सावधानी रखनी होगी। In-hand Salary घट सकती है, लेकिन future secure होगा कई कंपनियों में नया salary structure लागू होने से basic pay को CTC का 50% या उससे ज्यादा रखना जरूरी हो सकता है। इसका मतलब: पहली नजर में ये बदलाव थोड़ा परेशान कर सकता है, लेकिन long term में यह employees के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। Toll Tax और FASTag Charges बढ़े अगर आप रोज highway use करते हैं या अक्सर road trips पर जाते हैं, तो अब जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। कई routes पर toll tax rates revise किए गए हैं। FASTag users के लिए भी annual pass और recharge cost में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसका असर खासतौर पर daily commuters और transport business पर पड़ेगा। PAN-Aadhaar, Banking और UPI Rules भी हुए strict April से PAN-Aadhaar linking, KYC verification और digital payments में security checks और मजबूत किए गए हैं। अब: ये बदलाव सुरक्षा के लिहाज से अच्छे हैं, लेकिन users को documents updated रखने होंगे। Human Impact: आम आदमी को क्या महसूस होगा? असल असर सबसे ज्यादा वहीं दिखेगा जहां रोजमर्रा का खर्च जुड़ा है। सीधी भाषा में कहें तो April 2026 pocket planning का महीना बन गया है। जो लोग पहले से बजट बनाकर चलते हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होगी, लेकिन casual spending करने वालों को फर्क तुरंत दिखेगा। 1 April 2026 के ये rule changes सिर्फ सरकारी updates नहीं हैं, बल्कि हर घर के budget, हर employee की salary और हर traveller के खर्च से जुड़े बदलाव हैं। थोड़ी समझदारी, सही planning और documents updated रखने से आप इन changes का असर काफी हद तक संभाल सकते हैं। आखिरकार, financial year की सही शुरुआत वही है जहां जानकारी और तैयारी दोनों साथ हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India Weather 5 राज्यों में बारिश-ओले Delhi Fog और पहाड़ों पर Snowfall

मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि देश के कई हिस्सों में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई। मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 5 राज्यों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं पहाड़ी इलाकों में हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के द्रास में ताज़ा बर्फबारी ने ठंड को फिर से बढ़ा दिया। दूसरी ओर राजधानी दिल्ली सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आई। MP और Rajasthan में बारिश-ओलों से बढ़ी किसानों की चिंता मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में यह बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और सागर संभाग में कई जगह तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कुछ जिलों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों के लिए यह बारिश राहत कम और चिंता ज्यादा लेकर आई है। राजस्थान में भी मौसम का यही असर देखने को मिला। जयपुर, कोटा, बूंदी और भीलवाड़ा जैसे इलाकों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई जगह सड़क पर पानी भरने और ट्रैफिक धीमा होने की स्थिति भी बनी। Himachal और Drass में ताज़ा Snowfall से बढ़ी ठंड पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने एक बार फिर सर्द माहौल बना दिया है। शिमला, कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों में ताज़ा बर्फ गिरने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। वहीं लद्दाख के द्रास में नई बर्फ की परत जमने से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय लोगों के लिए यह मौसम रोजमर्रा की चुनौतियां भी साथ लाता है, क्योंकि कई रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है। Delhi-NCR में धुंध और हल्की बारिश से ट्रैफिक प्रभावित उधर Delhi-NCR में सुबह धुंध और हल्के कोहरे ने विजिबिलिटी को प्रभावित किया। ऑफिस जाने वाले लोगों को ट्रैफिक में धीमी रफ्तार का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में हल्की बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम सुहाना जरूर हुआ, लेकिन सुबह की धुंध ने सफर को मुश्किल बना दिया। अगले 48 घंटे अहम, मौसम विभाग ने दी सलाह मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 48 घंटों तक यह सिस्टम सक्रिय रह सकता है। ऐसे में कई राज्यों में बारिश, thunderstorm, hailstorm और पहाड़ों में snowfall जारी रहने की संभावना है। किसानों, यात्रियों और पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

War Crisis का असर हर घर पर Commercial LPG कमी से Plastic Units बंद, महंगाई बढ़ने की आशंका

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात की गर्मी अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर भारत के घरों की रसोई, छोटे कारोबार और आम परिवारों के मासिक बजट तक महसूस होने लगा है। Commercial LPG crisis, प्लास्टिक यूनिट्स की बंदी और सप्लाई चेन में रुकावट ने रोजमर्रा की जरूरतों को महंगा करने की जमीन तैयार कर दी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसका असर उन चीजों पर पड़ सकता है, जिनके बिना एक सामान्य परिवार का दिन नहीं चलता—दूध, किराना, दवाइयां, पैक्ड फूड और घरेलू प्लास्टिक सामान। Commercial LPG shortage से क्यों बढ़ रही है महंगाई? देश के कई हिस्सों में कमर्शियल LPG की कमी के कारण हजारों plastic manufacturing units और छोटे उद्योग प्रभावित हुए हैं। कई यूनिट्स ने उत्पादन कम कर दिया है, जबकि कुछ ने अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया। प्लास्टिक इंडस्ट्री सिर्फ बाल्टी या पाइप तक सीमित नहीं है। दूध के पाउच, दवाइयों की पैकिंग, बिस्किट-नमकीन के रैपर, पानी की बोतलें, कंटेनर—सब इसी सप्लाई चेन का हिस्सा हैं। जैसे ही उत्पादन लागत बढ़ती है, उसका सीधा असर बाजार की कीमतों पर दिखने लगता है। Milk, Kirana और Daily Essentials पर सीधा असर एक आम परिवार सुबह की शुरुआत दूध से करता है। लेकिन अगर पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और कोल्ड स्टोरेज की लागत बढ़ेगी, तो milk price hike लगभग तय माना जा रहा है। इसी तरह किराना में इस्तेमाल होने वाले पैक्ड आइटम—तेल, मसाले, बिस्किट, स्नैक्स, साबुन और डिटर्जेंट—भी महंगे हो सकते हैं। भले ही हर प्रोडक्ट पर बढ़ोतरी ₹2 से ₹5 लगे, लेकिन महीने के अंत में यही छोटी बढ़ोतरी जेब पर बड़ा असर डालती है। यही वह हिस्सा है जो हर मध्यमवर्गीय परिवार को सबसे ज्यादा परेशान करता है—कमाई वही, लेकिन खर्च धीरे-धीरे बढ़ता हुआ। Medical bills भी बढ़ सकते हैं इस संकट का असर सिर्फ खाने-पीने तक नहीं रहेगा। अस्पतालों और दवाइयों में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें—जैसे IV bottles, syringes, medicine containers और diagnostic plastic items—पेट्रोकेमिकल बेस्ड होती हैं। अगर कच्चा माल महंगा हुआ, तो medical treatment cost भी बढ़ सकती है। यानी बीमारी का इलाज भी पहले से थोड़ा महंगा महसूस हो सकता है। घर की छोटी जरूरतें भी होंगी costly रोज इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक सामान जैसे: इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी संभव है। आमतौर पर लोग इन खर्चों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन यही छोटी-छोटी खरीदारी हर महीने बजट को प्रभावित करती है। Human impact: सबसे ज्यादा दबाव किस पर? इस तरह की महंगाई का सबसे ज्यादा असर middle class families, छोटे दुकानदारों और daily budget पर चलने वाले घरों पर पड़ता है। जहां पहले महीने का राशन एक तय रकम में आ जाता था, अब वही लिस्ट धीरे-धीरे महंगी होती दिख सकती है। परिवारों को या तो कुछ चीजें कम करनी पड़ेंगी या बजट फिर से बनाना होगा। युद्ध की खबरें अक्सर टीवी स्क्रीन पर दूर की लगती हैं, लेकिन जब उसी का असर रसोई के दूध, बच्चों के टिफिन और मेडिकल स्टोर के बिल पर दिखे, तब उसकी सच्चाई ज्यादा करीब महसूस होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Assam

Assam Election 2026 BJP का बड़ा Manifesto, UCC और Love Jihad Law पर फोकस

Assam विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना बहुप्रतीक्षित संकल्प पत्र (Manifesto) जारी कर दिया है। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में Nirmala Sitharaman की मौजूदगी में इसे पेश किया गया, जहां पार्टी ने साफ संकेत दिया कि इस बार चुनाव सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि पहचान और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी लड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में भाजपा ने 31 वादों के जरिए राज्य के लिए अपना रोडमैप सामने रखा है। इस घोषणापत्र में जहां एक ओर इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर ‘लव जिहाद’, अवैध घुसपैठ और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे मुद्दे भी केंद्र में हैं। पहचान और कानून व्यवस्था पर फोकस घोषणापत्र की सबसे ज्यादा चर्चा उन वादों की हो रही है, जिनमें ‘Love Jihad’ और ‘Land Jihad’ के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कही गई है। भाजपा का कहना है कि इन कानूनों के जरिए सामाजिक संतुलन बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। सरकार बनने पर कथित तौर पर कब्जाई गई जमीन को वापस दिलाने के लिए अभियान चलाने की बात भी कही गई है। यह मुद्दा असम की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील रहा है और इस बार भी चुनावी बहस का केंद्र बनने वाला है। UCC पर बड़ा संकेत भाजपा ने अपने घोषणापत्र में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने का भी वादा किया है। हालांकि, इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही गई है, ताकि स्थानीय और पारंपरिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखा जा सके। Himanta Biswa Sarma पहले भी इस विषय पर अपनी स्पष्ट राय रख चुके हैं। रोजगार और विकास का वादा राज्य के युवाओं को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा देने की योजनाएं भी शामिल हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में पार्टी ने अगले पांच वर्षों में करीब ₹5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। इसमें सड़क, रेलवे, एयर कनेक्टिविटी, मेडिकल कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार पर खास जोर दिया गया है। भाजपा ने “One District, One Medical College” और बाढ़-मुक्त असम जैसे विजन भी पेश किए हैं, जो राज्य की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को संबोधित करने की कोशिश हैं। चुनावी रणनीति क्या कहती है? राजनीतिक नजरिए से देखें तो भाजपा ने इस बार विकास + पहचान की राजनीति का मिश्रण अपनाया है। एक तरफ रोजगार, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए युवा और मध्यम वर्ग को साधने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ UCC, घुसपैठ और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों के जरिए अपने कोर वोटबैंक को मजबूत करने का प्रयास। जनता के लिए क्या मायने? आम लोगों के लिए यह घोषणापत्र कई उम्मीदें लेकर आता है—रोजगार के नए अवसर, बेहतर सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं, और सुरक्षा से जुड़े वादे। लेकिन इन वादों का असली असर तभी दिखेगा जब वे जमीन पर उतरेंगे। असम की जनता अब यह तय करेगी कि इन वादों पर कितना भरोसा किया जाए। चुनावी माहौल गर्म हो चुका है, और आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि किसकी रणनीति मतदाताओं के दिल तक पहुंचती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FASTag

1अप्रैल से बदल जाएंगे 10 बड़े नियम Toll Cashless, FASTag महंगा, Tax और PAN Update

हर साल 1 अप्रैल सिर्फ नया वित्त वर्ष ही नहीं लाता, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई जरूरी बदलाव भी साथ लेकर आता है। इस बार भी टोल पेमेंट, FASTag, Income Tax, PAN और बैंकिंग से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों की यात्रा, खर्च और टैक्स प्लानिंग पर पड़ेगा। अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं, सैलरी पाते हैं या टैक्स बचाने की तैयारी में हैं, तो यह बदलाव आपके लिए बेहद अहम हैं। Cashless Toll System: अब टोल प्लाजा पर कैश लगभग खत्म 1 अप्रैल 2026 से देशभर के कई राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा cashless toll collection system पर शिफ्ट होंगे। इसका मतलब है कि अब FASTag या डिजिटल पेमेंट सबसे जरूरी माध्यम बन जाएगा। यह कदम लंबी लाइनों को कम करने और सफर को तेज बनाने के लिए उठाया जा रहा है।जो लोग अभी भी कैश देकर टोल पार करने की सोच रहे हैं, उन्हें आगे चलकर डबल टोल या अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि सफर से पहले FASTag बैलेंस जरूर चेक कर लें। FASTag Annual Pass Update: आज सस्ता, कल महंगा नियमित हाईवे यूज़र्स के लिए एक और बड़ा अपडेट है। FASTag annual pass की कीमत ₹3,000 से बढ़कर ₹3,075 हो सकती है। रकम भले छोटी लगे, लेकिन रोज हाईवे इस्तेमाल करने वालों के लिए यह बदलाव मायने रखता है।अगर आप अक्सर रोड ट्रिप, बिज़नेस ट्रैवल या डेली अप-डाउन करते हैं, तो आज ही पुरानी दर पर इसे रिन्यू करना फायदे का सौदा हो सकता है। Income Tax New Rules: Tax Year का नया कॉन्सेप्ट 1 अप्रैल से टैक्स सिस्टम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब पुराने Assessment Year और Previous Year की जगह Tax Year शब्द का इस्तेमाल ज्यादा होगा, जिससे टैक्स फाइलिंग भाषा आसान बनेगी।इसके साथ नई टैक्स व्यवस्था में ₹12 लाख तक राहत की चर्चा ने मिडिल क्लास और salaried लोगों को राहत की उम्मीद दी है। ऐसे में 31 मार्च तक अपने 80C, NPS, HRA और insurance proofs जरूर अपडेट कर लेना समझदारी होगी। PAN-Aadhaar Rules: छोटी गलती पड़ सकती है भारी PAN और Aadhaar से जुड़े नियम भी सख्त हो रहे हैं। अगर आपके नाम, जन्मतिथि या दस्तावेज़ों में mismatch है, तो PAN correction या नए आवेदन में परेशानी आ सकती है।कई लोग इस काम को टालते रहते हैं, लेकिन बाद में बैंक KYC, ITR filing और loan process में यही छोटी गलती बड़ी दिक्कत बन जाती है। इसलिए आज ही documents cross-check कर लें। आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है? सीधी भाषा में समझें तो 1 अप्रैल के बाद: यानी आज के 10 मिनट, कल का extra खर्च बचा सकते हैं। अक्सर लोग ऐसे बदलावों को छोटी खबर समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन बाद में यही penalty, double toll या tax issue की वजह बनते हैं।
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Bihar Temple Tragedy शीतलाष्टमी में श्रद्धालुओं की भीड़ भक्तों के बीच भगदड़, कई की मौत

बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित प्राचीन शीतला मंदिर (Shitala Temple) में चैत्र माह के आखिरी मंगलवार को भारी भीड़ के बीच भयावह भगदड़ (stampede) की घटना हुई। पूजा के दौरान उमड़ी भीड़ के कारण अफरातफरी फैल गई और लोगों के ऊपर गिरने से 8 लोगों की जान चली गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। क्या हुआ था? शीतलाष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धालु सुबह‑सुबह मंदिर में माता शीतला के दर्शन और पूजा करने पहुंचे थे। अचानक भीड़ अनुशासन खो बैठी और भगदड़ मच गई। कई लोग दबकर घायल हो गए और अफरातफरी के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत‑बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कर इलाज दिया गया। मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों का शोक गहरा है। भीड़ और आयोजन की स्थिति शीतलाष्टमी हिंदू परंपरा में माता शीतला की पूजा का विशेष पर्व है। इस दिन दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आते हैं। बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कमी अक्सर इसी तरह के हादसों का कारण बनती है। प्रभाव और प्रशासन की प्रतिक्रिया प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य को तुरंत तेज किया और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने तथा घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचे थे, लेकिन भीड़ नियंत्रण की कमी ने इस पावन दिन को दुःखद हादसे में बदल दिया। इस घटना ने फिर से यह साबित कर दिया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और प्रवेश‑निकास मार्गों की सही व्यवस्था बेहद जरूरी है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए आयोजकों और प्रशासन को सतर्क रहना होगा, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रहे और किसी की जान खतरे में न पड़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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