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ट्रम्प-शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले ताइवान में बढ़ी चिंता, चीन से डील के लिए अमेरिकी रुख नरम होने का डर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 24 सितंबर को होने वाली मुलाकात से पहले ताइवान की चिंताएं बढ़ गई हैं। ताइवान को आशंका है कि चीन के साथ किसी बड़े आर्थिक समझौते के लिए ट्रम्प उसके मुद्दे पर नरम रुख अपना सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया समेत अमेरिका के सहयोगी देशों में भी ऐसी ही आशंकाएं सामने आ रही हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने मई में ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री को चीन के साथ बातचीत में ‘सौदेबाजी का जरिया’ बताया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि शी जिनपिंग आगामी बैठक में ताइवान का मुद्दा उठाकर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं। चीन के साथ बड़ी डील के लिए ताइवान पर दबाव की आशंका ताइवान को डर है कि चीन के साथ व्यापार या आर्थिक समझौता हासिल करने के लिए ट्रम्प उसके मुद्दे पर समझौता कर सकते हैं। ताइवान का मानना है कि अमेरिका की ओर से दिया गया कोई भी नरम बयान बीजिंग को ताइवान पर दबाव बढ़ाने का प्रोत्साहन दे सकता है। ताइवान के वरिष्ठ अधिकारी शेन यू-चुंग ने सोमवार को कहा कि उनकी प्राथमिकता ऐसी किसी भी स्थिति को रोकना है, जिससे ताइवान को नुकसान पहुंचे। वहीं, ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लुंग ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका कई बार स्पष्ट कर चुका है कि ताइवान को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, अमेरिकी थिंक टैंक से जुड़ी अधिकारी एमा चैनलेट-एवरी के अनुसार, अमेरिका के सहयोगी देशों में ट्रम्प और चीन के बीच रिश्तों की संभावित दिशा को लेकर चिंता बनी हुई है। ताइवान को अपना हिस्सा मानता है चीन चीन ताइवान पर अपना अधिकार जताता है और उसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है। बीजिंग ने कई बार कहा है कि ताइवान का मुद्दा उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चीन ने ताइवान को अपने नियंत्रण में लेने के लिए सैन्य कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। इसी वजह से ताइवान अमेरिका की सुरक्षा नीति और दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत पर करीब से नजर रख रहा है। ट्रम्प का दावा- शी ने ताइवान पर हमला नहीं करने का भरोसा दिया डोनाल्ड ट्रम्प पहले दावा कर चुके हैं कि शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया है कि जब तक वे अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, चीन ताइवान पर हमला नहीं करेगा। दूसरी ओर, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार कहा था कि चीन के हमले की स्थिति में अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा। हालांकि, ट्रम्प ने अब तक इस मुद्दे पर ऐसी स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई है। चीनी पूर्व राजदूत ने बताया विलय को शांति का रास्ता बीजिंग में आयोजित एक रक्षा कार्यक्रम के दौरान अमेरिका में चीन के पूर्व राजदूत कुई तियानकाई ने मंगलवार को कहा कि ताइवान का चीन के साथ एकीकरण क्षेत्र में शांति ला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अमेरिका के हित में हो सकता है। ट्रम्प और शी जिनपिंग की आगामी बैठक में व्यापार, आर्थिक संबंधों और ताइवान समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक से पहले ताइवान और अमेरिका के सहयोगी देशों की नजर दोनों नेताओं के बयानों पर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति और विदेश नीति से जुड़ी अधिक खबरों के लिए Desh Har Pal वेबसाइट पढ़ते रहें।
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Aaditya Thackeray

Aaditya Thackeray को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस, Disha Salian के पिता ने मांगी माफी

दिशा सालियान (Disha Salian) की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस (Defamation Notice) भेजा है। नोटिस में दोनों नेताओं के कथित बयानों पर आपत्ति जताई गई है। साथ ही 7 दिन के भीतर माफी मांगने और संबंधित बयान वापस लेने की मांग की गई है। यह मामला ऐसे समय फिर चर्चा में आया है, जब दिशा सालियान की मौत को लेकर CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। लंबे समय से परिवार की ओर से मामले की दोबारा जांच की मांग की जाती रही है। 7 दिन में माफी और ₹500 करोड़ की मांग सतीश सालियान की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने को कहा गया है। इसके साथ ही कथित बयानों को वापस लेने और ₹500 करोड़ का हर्जाना देने की मांग रखी गई है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि माफी को प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक किया जाए। सतीश सालियान का कहना है कि कुछ बयानों से उनकी बेटी की मौत की जांच को लेकर उठाई गई उनकी मांग पर ही सवाल खड़े किए गए। CBI जांच के बाद फिर बढ़ी हलचल दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की FIR के बाद अब जांच का दायरा एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक FIR में आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नाम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी FIR में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति दोषी साबित हो गया है। CBI की जांच के बाद ही सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। 2020 में हुई थी दिशा सालियान की मौत दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई में मौत हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। दिशा की मौत के कुछ दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी, जिसके बाद दोनों घटनाओं को लेकर काफी चर्चा हुई। शुरुआती जांच में दिशा की मौत को दुर्घटना के तौर पर दर्ज किया गया था। बाद में उनके परिवार की ओर से मामले की नए सिरे से जांच की मांग उठाई गई। इसी सिलसिले में सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख भी किया था। आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार CBI FIR में नाम सामने आने के बाद आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह दिशा से कभी नहीं मिले थे। आदित्य ठाकरे की ओर से यह भी कहा गया कि उनका नाम लंबे समय से राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से इस मामले से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने मामले की आधिकारिक जांच को आगे बढ़ने देने की बात कही है। अनिल देशमुख के बयान पर भी सवाल मानहानि नोटिस में अनिल देशमुख के पुराने बयान का भी जिक्र किया गया है। सतीश सालियान की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके बयान में दिशा मामले की जांच की मांग को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया। अब नोटिस के जरिए दिशा के पिता ने दोनों नेताओं से अपने कथित बयान वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। अब आगे क्या होगा? फिलहाल इस पूरे मामले में दो स्तर पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। एक तरफ CBI दिशा सालियान केस की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ₹500 करोड़ के Defamation Notice पर दोनों नेताओं के जवाब का इंतजार है। आने वाले दिनों में जांच से सामने आने वाले तथ्य और नोटिस पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस मामले को आगे की दिशा देगी। फिलहाल इतना साफ है कि करीब छह साल पुराना यह मामला एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति और बॉलीवुड दोनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
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EPFO

EPFO Rule Change: ₹25,000 तक Salary वालों को मिलेगा फायदा, ऐसे Calculate होगी Pension

EPFO New Rule नौकरी करने वाले लोगों के लिए EPFO से जुड़ी बड़ी खबर है। सरकार ने EPFO की wage ceiling ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने का फैसला किया है। नया बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू किया गया है। इससे बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारियों को EPFO के दायरे में आने का मौका मिलेगा, जो अब तक पुरानी salary limit की वजह से बाहर थे। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO coverage में आ सकते हैं। इसका मतलब है कि अब ₹15,000 से ज्यादा और ₹25,000 तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए social security का दायरा बढ़ेगा। आखिर बदला क्या है? EPFO की wage ceiling काफी समय से ₹15,000 थी। अब इसे बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है। आसान भाषा में समझें तो पहले जहां ₹15,000 तक की सीमा को आधार बनाया जाता था, वहीं अब नई सीमा ₹25,000 हो गई है। इस बदलाव का फायदा उन पात्र कर्मचारियों को मिल सकता है जिनकी salary इस नई सीमा के भीतर आती है और जो EPFO की अनिवार्य coverage की शर्तें पूरी करते हैं। EPFO के तहत कर्मचारियों को EPF, EPS और EDLI जैसी social security schemes से जुड़े फायदे मिलते हैं। ₹25,000 Salary पर कितनी Pension बनेगी? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी कर्मचारी की salary ₹25,000 है तो retirement के बाद उसे कितनी pension मिल सकती है? यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है। सिर्फ ₹25,000 salary होने से pension की रकम तय नहीं होती। Pension की calculation में pensionable salary और pensionable service अहम भूमिका निभाते हैं। EPS में सामान्य calculation formula है: Monthly Pension = Pensionable Salary × Pensionable Service ÷ 70 मान लीजिए उदाहरण के तौर पर pensionable salary ₹25,000 है और कर्मचारी ने 30 साल की pensionable service पूरी की है। तो calculation होगी: ₹25,000 × 30 ÷ 70 = करीब ₹10,714 प्रति माह अगर service period 35 साल हो, तो: ₹25,000 × 35 ÷ 70 = ₹12,500 प्रति माह यानी 35 साल की service और ₹25,000 pensionable salary को आधार मानने पर calculation करीब ₹12,500 monthly pension की आती है। लेकिन इसे हर कर्मचारी की पक्की pension न समझें। असली रकम उसके service record और लागू EPS नियमों के अनुसार तय होगी। पहले ₹15,000 की Salary Ceiling पर क्या था Calculation? पुरानी ₹15,000 की ceiling को उदाहरण में लें और 35 साल की service मानें, तो calculation होगी: ₹15,000 × 35 ÷ 70 = ₹7,500 प्रति माह वहीं ₹25,000 को pensionable salary मानने पर यही calculation: ₹25,000 × 35 ÷ 70 = ₹12,500 प्रति माह इससे साफ है कि calculation में pensionable salary का कितना महत्व है। हालांकि नई wage ceiling लागू होने का मतलब यह नहीं है कि हर मौजूदा EPFO member की pension अपने आप बढ़कर ₹12,500 हो जाएगी। किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा? नई व्यवस्था का असर खास तौर पर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिनका वेतन ₹15,000 से अधिक और ₹25,000 तक है और जो EPFO coverage की संबंधित शर्तों को पूरा करते हैं। सरकार का अनुमान है कि इससे 51 लाख से ज्यादा नए कर्मचारी अनिवार्य EPFO coverage में आ सकते हैं। इसका उद्देश्य ज्यादा कर्मचारियों को formal social security system से जोड़ना है, ताकि नौकरी के दौरान retirement savings और दूसरी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का दायरा बढ़ सके। EPF, EPS और EDLI में क्या मिलता है? EPFO से जुड़ने के बाद पात्र कर्मचारियों को अलग-अलग योजनाओं के तहत अलग-अलग फायदे मिलते हैं। EPF: कर्मचारी के retirement corpus को तैयार करने में मदद करता है। EPS: पात्र सदस्य को नियमों के अनुसार retirement के बाद pension benefit देता है। EDLI: EPFO members के लिए insurance benefit से जुड़ी योजना है। इन सभी योजनाओं के अपने अलग नियम और eligibility conditions हैं। सरकार ने क्यों बढ़ाई Wage Ceiling? सरकार का तर्क है कि पिछले वर्षों में वेतन और रोजगार के स्वरूप में बदलाव आया है। ₹15,000 की पुरानी सीमा लंबे समय से लागू थी। ऐसे में wage ceiling को ₹25,000 करने से ज्यादा कर्मचारियों को social security network में लाने का रास्ता खुल सकता है। इस फैसले से केंद्र सरकार पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। सरकार के अनुमान के मुताबिक, wage ceiling बढ़ाने से सालाना करीब ₹11,339 करोड़ का अतिरिक्त खर्च हो सकता है। सबसे जरूरी बात: ₹25,000 Salary = ₹12,500 Pension नहीं अगर आप भी ₹25,000 salary लेते हैं तो इस खबर का सबसे जरूरी हिस्सा यही है कि ₹12,500 pension कोई fixed amount नहीं है। यह रकम सिर्फ एक example है, जिसमें ₹25,000 pensionable salary और 35 साल की service को formula में रखा गया है। आपकी actual pension कितनी होगी, यह आपके pensionable salary, pensionable service और लागू EPS provisions पर निर्भर करेगा।
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Putin

Modi Birthday 2026: Putin ने PM मोदी को किया Wish, Global मंच पर नेतृत्व की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है। अपने संदेश में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी भूमिका की तारीफ की। रूसी राष्ट्रपति Putin की ओर से आई इस बधाई को India-Russia Relations के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रणनीतिक और दोस्ताना रिश्ते रहे हैं। Putin ने PM Modi को दी Birthday Wish Putin ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपने संवाद और दोनों देशों के बीच सहयोग को भी याद किया। रूस की ओर से जारी संदेश में प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय भूमिका का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया। पुतिन ने कहा कि ग्लोबल मंच पर पीएम मोदी का बड़ा रुतबा और प्रभाव है। Global Stage पर मोदी के नेतृत्व की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ वर्षों में भारत की विदेश नीति को लेकर लगातार सक्रिय नजर आए हैं। रूस के साथ संबंधों के अलावा भारत ने अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों और अन्य प्रमुख देशों के साथ भी अपने रिश्तों को आगे बढ़ाया है। पुतिन के संदेश में इसी अंतरराष्ट्रीय भूमिका की झलक देखने को मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। India-Russia Partnership पर भी जोर भारत और रूस के रिश्ते कई दशकों पुराने हैं। रक्षा और ऊर्जा के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग भी महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। पीएम मोदी और पुतिन के बीच समय-समय पर होने वाली मुलाकातों में द्विपक्षीय संबंधों के अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होती रही है। ऐसे में जन्मदिन पर पुतिन का संदेश दोनों देशों की दोस्ती को फिर चर्चा में ले आया है। देश-विदेश से मिल रही PM मोदी को बधाई पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। राजनीतिक नेताओं और अन्य प्रमुख हस्तियों की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बधाई ने खास ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर आया यह संदेश सिर्फ Birthday Wish तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारत-रूस की Strategic Partnership और Global मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका की झलक भी दिखाई देती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Manipur

Manipur Violence: 7 दिनों से बाजार और स्कूल बंद, जरूरी सामान के दाम बढ़े; 40 मौतों की खबर

मणिपुर (Manipur) में हिंसा और तनाव का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ नजर आ रहा है। राज्य के कई इलाकों में लगातार सात दिनों से स्कूल और बाजार बंद हैं। इसका असर पढ़ाई, कारोबार और जरूरी सामान की सप्लाई पर पड़ा है। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर चीनी की कीमत ₹450 प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है। इसी बीच पिछले चार दिनों में छह हत्याओं की खबरों ने चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक हिंसा से जुड़ी घटनाओं में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बने तनाव के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन अभी भी प्रभावित है। 7 दिन से स्कूल और बाजार बंद हिंसा के चलते कई इलाकों में स्कूलों पर ताला लगा हुआ है। बाजार बंद होने से व्यापारियों के साथ उन परिवारों की मुश्किल भी बढ़ी है, जिनकी रोज की जरूरतें स्थानीय बाजारों पर निर्भर हैं। लंबे समय तक बाजार बंद रहने का असर सामान की आवाजाही पर भी पड़ रहा है। जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने से कुछ चीजों के दाम बढ़ने की जानकारी सामने आई है। चीनी के दाम ने बढ़ाई परेशानी मणिपुर के कुछ हिस्सों में चीनी की कीमत ₹450 किलो तक पहुंचने की खबर है। सामान्य दिनों की तुलना में यह काफी ज्यादा है। सप्लाई और परिवहन में आई रुकावट को इसकी एक वजह बताया जा रहा है। बाजार बंद रहने के बीच आम परिवारों के लिए महंगे दाम पर जरूरी सामान खरीदना एक अलग चुनौती बन गया है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में कीमतें अलग हो सकती हैं। 4 दिन में 6 हत्याओं से चिंता बढ़ी राज्य में पिछले चार दिनों के दौरान छह हत्याओं की घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हिंसा की लगातार घटनाओं ने प्रशासन और सुरक्षा बलों के सामने हालात सामान्य करने की चुनौती खड़ी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक करीब 40 लोगों की मौत हिंसा से जुड़ी घटनाओं में हो चुकी है। ऐसे में शांति व्यवस्था कायम करना प्रशासन के लिए बड़ी प्राथमिकता बन गया है। पढ़ाई से कारोबार तक, हर जगह असर मणिपुर में मौजूदा हालात का असर समाज के अलग-अलग हिस्सों पर पड़ रहा है। स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई रुक गई है, जबकि बाजार बंद होने से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूसरी तरफ जरूरी सामान की कीमतों में बढ़ोतरी ने परिवारों का बजट भी प्रभावित किया है। लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि हालात कब सामान्य होंगे और बाजार व स्कूल कब दोबारा खुलेंगे। लोगों को शांति और सामान्य हालात का इंतजार लगातार हिंसा के बीच मणिपुर में आम लोग जल्द से जल्द सामान्य जिंदगी लौटने का इंतजार कर रहे हैं। स्कूलों की बहाली, बाजारों का खुलना और जरूरी सामान की सप्लाई सामान्य होना लोगों के लिए बड़ी राहत होगी। फिलहाल राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और शांति बहाली पर सबकी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में हालात किस तरह बदलते हैं, यह प्रशासन की कार्रवाई और जमीनी स्थिति पर निर्भर करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update उत्तराखंड में Heavy Rain और Landslide का खतरा, राजस्थान में गिरे ओले

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) का मिजाज एक बार फिर बदला हुआ है। कहीं तेज बारिश लोगों के लिए परेशानी बन रही है तो कहीं बाढ़ और Landslide ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजस्थान में बारिश के साथ ओले गिरे हैं, उत्तराखंड में तेज बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और बिहार में बाढ़ से कई इलाकों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का Alert जारी किया है। राजस्थान में बारिश के साथ ओलावृष्टि राजस्थान के कई हिस्सों में पिछले कुछ समय से मौसम बदला हुआ है। कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, जबकि कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। अचानक हुई बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में बारिश और आंधी की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड में Heavy Rain, पहाड़ों पर Landslide का खतरा उत्तराखंड में बारिश का असर पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क पर मलबा आने की स्थिति बन रही है। इससे पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। बारिश के बीच Landslide का खतरा भी बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का ध्यान रखने की जरूरत है। बिहार में बाढ़ से सड़कें प्रभावित बिहार में पहले से मौजूद बाढ़ की स्थिति के बीच बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी सड़कों तक पहुंच गया है। इससे एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में लोगों को परेशानी हो रही है। राज्य के कई जिलों में बारिश का अनुमान भी जताया गया है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति और खराब हो सकती है। UP में भी बारिश और तेज हवाओं का Alert उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें। मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। MP Weather Alert के तहत कई इलाकों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, विदिशा, खंडवा, इंदौर, कटनी, छतरपुर और खरगोन समेत कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कई राज्यों में मौसम विभाग की नजर राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। पहाड़ी इलाकों में Landslide और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या लोगों के लिए चुनौती बनी हुई है। मानसून की गतिविधियों के बीच मौसम तेजी से करवट ले रहा है। इसलिए अगले कुछ दिनों में लोगों के लिए Weather Alert पर नजर रखना जरूरी होगा। किसानों के लिए भी बढ़ी चिंता बारिश और ओलावृष्टि का असर खेती पर भी पड़ सकता है। राजस्थान में ओले गिरने की घटनाओं के बाद किसानों की नजर मौसम पर बनी हुई है। वहीं बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित राज्यों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की चिंता बनी हुई है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। ऐसे में लोगों को बिना जरूरत यात्रा से बचने और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM ने किया Semicon India कार्यक्रम का उद्घाटन

PM ने किया Semicon India कार्यक्रम का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Semicon India कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में दुनिया के 52 देशों की करीब 600 कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में भारत के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर सेक्टर और इस क्षेत्र में हो रहे निवेश व तकनीकी विकास पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि रेत से सिलिकॉन और फिर सिलिकॉन से सेमीकंडक्टर चिप तैयार होने तक की पूरी प्रक्रिया किस तरह होती है। इसके जरिए सेमीकंडक्टर निर्माण की जटिल प्रक्रिया को आसान तरीके से समझाने की कोशिश की जाएगी। सेमीकंडक्टर आज मोबाइल फोन, कंप्यूटर, कार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक रक्षा तकनीक तक का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में भारत का सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ना तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में देश और दुनिया की प्रमुख कंपनियां भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण, निवेश, नई तकनीक और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा करेंगी। इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

‘आशीर्वाद का दीया’ से PM Modi को Birthday Wish, प्रधानमंत्री बोले- हर आशीर्वाद मेरे संकल्प को करता है मजबूत

PM Modi के जन्मदिन पर उन्हें देशभर से अलग-अलग अंदाज में शुभकामनाएं मिल रही हैं। कोई सेवा कार्य के जरिए बधाई दे रहा है, तो कोई अपने हुनर के जरिए प्रधानमंत्री को शुभकामना दे रहा है। इसी कड़ी में एक कलाकार ने पीएम मोदी को समर्पित करते हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ नाम से खास गाना पेश किया। इस गीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान और शुभकामनाओं की भावना नजर आती है। जन्मदिन के मौके पर सामने आए इस खास Musical Tribute ने ध्यान खींचा। गाना सामने आने के बाद खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कलाकार का आभार जताया। ‘आशीर्वाद का दीया’ के जरिए PM मोदी को Birthday Wish PM Modi के जन्मदिन पर कलाकार ने अपने गीत के जरिए उन्हें शुभकामना दी। ‘आशीर्वाद का दीया’ सिर्फ एक Birthday Song नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और शुभेच्छा व्यक्त करने का एक रचनात्मक प्रयास है। जन्मदिन जैसे खास मौके पर जब किसी कलाकार की ओर से गीत समर्पित किया जाता है, तो बधाई का अंदाज भी थोड़ा अलग हो जाता है। यही वजह है कि इस गीत की चर्चा हो रही है। PM मोदी ने भी दिया जवाब इस खास गीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कलाकार का धन्यवाद किया। PM मोदी ने कहा कि हर आशीर्वाद उनके संकल्प को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री की इस बात में लोगों से मिलने वाली शुभकामनाओं के प्रति उनका आभार नजर आया। उनके लिए जन्मदिन केवल व्यक्तिगत अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने संकल्प को दोहराने का भी मौका है। सोशल Media पर भी दिख रहा Birthday का रंग PM मोदी के जन्मदिन को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह के पोस्ट, वीडियो और शुभकामना संदेश सामने आ रहे हैं। लोग अपने-अपने तरीके से प्रधानमंत्री को बधाई दे रहे हैं। इसी बीच ‘आशीर्वाद का दीया’ गाने ने Birthday Celebration में एक अलग रंग जोड़ दिया। कलाकार ने संगीत के माध्यम से अपनी भावनाएं प्रधानमंत्री तक पहुंचाईं और पीएम मोदी की प्रतिक्रिया ने इस मौके को और खास बना दिया। शुभकामनाओं को संकल्प से जोड़ा प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया का सबसे अहम हिस्सा उनका यह संदेश रहा कि लोगों का हर आशीर्वाद उनके संकल्प को मजबूती देता है। यह बात सीधे तौर पर जनता से मिलने वाली शुभकामनाओं और उनके सार्वजनिक जीवन के बीच के जुड़ाव को सामने रखती है। कुल मिलाकर, PM Modi Birthday के मौके पर समर्पित किया गया ‘आशीर्वाद का दीया’ Song एक अलग तरह की शुभकामना बनकर सामने आया। कलाकार ने अपने हुनर से बधाई दी और प्रधानमंत्री ने भी जवाब देकर इस प्रयास के प्रति आभार जताया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gurugram

Gurugram Biker Girl: नशे और घमंड में पीछा करने का आरोप, 2 KM बाद कार से टक्कर; SIT ने खोली परतें

गुरुग्राम (Gurugram) के चर्चित Biker Girl Case में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे घटना को लेकर नई बातें सामने आ रही हैं। गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक सवार को कार से टक्कर मारने के मामले में SIT की जांच में दावा किया गया है कि आरोपी कल्याण बैंसला ने महिला का करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया था। जांच में यह बात भी सामने आने की बात कही जा रही है कि घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था। हालांकि, मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। क्या हुआ था उस दिन? गुरुग्राम की सड़क पर हुई इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में कार और बाइक के बीच हुई टक्कर दिखाई देती है। महिला बाइक सवार की ओर से आरोप लगाया गया कि कार चालक ने पहले उनका पीछा किया और बाद में बाइक को टक्कर मार दी। घटना के बाद आरोपी मौके से चला गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी कल्याण बैंसला को गिरफ्तार किया। SIT की जांच में 2 KM पीछा करने की बात मामले की जांच कर रही SIT ने घटना से पहले की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी ने महिला बाइकर का लगभग 2 किलोमीटर तक पीछा किया। यही बात इस केस को सिर्फ एक सड़क दुर्घटना के बजाय गंभीर जांच का विषय बनाती है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीछा क्यों किया गया और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। आरोपी ने दुर्घटना बताया दूसरी तरफ आरोपी कल्याण बैंसला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से अलग कहानी बताई है। उसका कहना है कि बाइकर्स का एक ग्रुप उसकी कार के आसपास चल रहा था और बाइक सवारों की गतिविधियों के कारण यह घटना हुई। आरोपी ने टक्कर को जानबूझकर किया गया कदम मानने से इनकार किया है और इसे दुर्घटना बताया है। वीडियो फुटेज जांच में अहम इस केस में सामने आया वीडियो पुलिस जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। बाइक पर लगे कैमरे से रिकॉर्ड हुई फुटेज में घटना से पहले और टक्कर के दौरान की स्थिति दिखाई देती है। पुलिस वीडियो के अलावा पीड़िता के बयान, मौके से मिले सबूत और आरोपी के बयान को भी जांच में शामिल कर रही है। हत्या के प्रयास की धारा में मामला गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले में हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधान भी लगाए गए हैं। अब जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे कोई और परिस्थिति थी। इसी वजह से घटना से पहले की पूरी गतिविधि को भी जांचा जा रहा है। पीड़िता के परिवार ने उठाए सवाल घटना के बाद महिला के परिवार ने इसे सामान्य Road Accident मानने पर सवाल उठाए। परिवार की ओर से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। SIT की रिपोर्ट और अदालत में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। जांच पूरी होने तक आरोपी और पीड़िता की ओर से सामने आए अलग-अलग दावों को संबंधित पक्षों के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पानीपत के मिठाई हब उरलाना कलां में CM फ्लाइंग की छापेमारी, कई दुकानों से सैंपल लिए

किसान यूनियन की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की संयुक्त टीम ने बुधवार को पानीपत जिले के प्रसिद्ध मिठाई हब गांव उरलाना कलां में ताबड़तोड़ छापेमारी की। टीम ने पांच राज्यों में मिठाइयों की सप्लाई करने वाले कारोबारी संदीप सिंह के पांच ठिकानों सहित अन्य मिठाई दुकानों और भट्टियों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। छापेमारी के दौरान टीम ने कई स्थानों से मावा और अन्य खाद्य सामग्री भी कब्जे में ली। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके के हलवाइयों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया। पांच राज्यों में होती है मिठाइयों की सप्लाई गांव उरलाना कलां को पानीपत के प्रमुख मिठाई हब के रूप में जाना जाता है। यहां से हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और पंजाब सहित पांच राज्यों में बड़े पैमाने पर मिठाइयों की थोक सप्लाई की जाती है। थोक में मिठाइयों की बिक्री होने के कारण यहां के उत्पादों के दाम अन्य दुकानों की तुलना में करीब 40 प्रतिशत तक कम बताए जाते हैं। किसान यूनियन ने की थी जांच की मांग जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले गांव उरलाना खुर्द में मिठाई भट्टी संचालकों के खिलाफ किसान यूनियन की पंचायत हुई थी। पंचायत में कथित नकली दूध और दूध से बनने वाली मिठाइयों पर रोक लगाने की मांग उठाई गई थी। किसान यूनियन की ओर से जिला अधिकारियों को शिकायत भी दी गई थी। शिकायत में कार्रवाई नहीं होने पर 22 सितंबर को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग और सीएम फ्लाइंग की टीम ने मिठाई हब में अचानक जांच अभियान चलाया। पांच ठिकानों और अन्य दुकानों पर छापेमारी संयुक्त टीम ने संदीप सिंह, गुरप्रीत, गुलाब और संजू खुराना समेत अन्य मिठाई कारोबारियों की दुकानों और भट्टियों पर जांच की। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से मिठाइयों, मावा और अन्य खाद्य उत्पादों के सैंपल एकत्र किए। कई जगहों से खाद्य सामग्री को कब्जे में लेकर उसकी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और अन्य संबंधित मानकों की भी जांच की। सरकारी लैब में होगी सैंपलों की जांच टीम के अधिकारी ने बताया कि त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटी या निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका को देखते हुए जांच अभियान चलाया जा रहा है। एकत्र किए गए सभी सैंपल जांच के लिए सरकारी लैब भेजे जाएंगे। यदि जांच रिपोर्ट में किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित निर्माता और दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दुकानदार ने कहा- सात साल से लिए जा रहे हैं सैंपल कार्रवाई को लेकर दुकानदार संदीप सिंह ने कहा कि पिछले सात वर्षों से उनकी दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, अब तक किसी भी जांच में मिलावट नहीं मिली है। फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही सैंपलों की गुणवत्ता और किसी संभावित मिलावट को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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