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AI Summit Controversy भारत मंडपम में Youth Congress का Protest, लगे “Modi is Compromised” के नारे

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल एआई (AI) समिट उस समय अचानक सुर्खियों में आ गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। इस समिट में देश-विदेश से टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र थी। अचानक बदला माहौल कार्यक्रम अपने निर्धारित एजेंडे के अनुसार चल रहा था, तभी कुछ युवक अपनी सीटों से खड़े हुए और टी-शर्ट उतारकर नारे लगाने लगे। “Modi is Compromised” के नारे कुछ मिनटों तक गूंजते रहे। वहां मौजूद लोगों के लिए यह एक अप्रत्याशित पल था—तकनीक और भविष्य की बातों के बीच अचानक राजनीतिक विरोध ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को बाहर ले जाया। थोड़ी देर की अफरा-तफरी के बाद कार्यक्रम फिर सामान्य रूप से जारी रहा। विरोध की वजह क्या है? यूथ कांग्रेस से जुड़े प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर उनकी चिंताएं हैं। उनका आरोप है कि इस तरह के समझौते से छोटे उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापारियों पर दबाव बढ़ सकता है। उनका मानना है कि सरकार को किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले व्यापक चर्चा और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी तेज घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं ने इसे एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम करार दिया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि वैश्विक साझेदारियों और आर्थिक नीतियों को लेकर देश के भीतर अलग-अलग मत मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल भारत मंडपम जैसे उच्च-सुरक्षा वाले स्थल पर इस तरह का विरोध कैसे हुआ, इसे लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया था और किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं आई। तकनीक के मंच पर राजनीति की गूंज एआई समिट का मकसद भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक सहयोग को मजबूत करना था। लेकिन इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि देश में आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर भावनाएं कितनी प्रबल हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tharoor

PR Show या Progress Delhi AI Summit पर Tharoor और Rahul आमने-सामने

नई दिल्ली में आयोजित Delhi AI Summit 2026 इन दिनों सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां एक तरफ यह समिट भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की कोशिश के रूप में पेश किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर के कार्यक्रमों में छोटी-मोटी गड़बड़ियां होना असामान्य नहीं है। उनका मानना है कि भारत को नई तकनीकों, खासकर AI, के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच बेहद जरूरी हैं। थरूर ने संकेत दिया कि कमियों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सकारात्मक पहल को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस समिट को “PR तमाशा” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े आयोजनों के जरिए अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रही है, जबकि असली जरूरत रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की है। क्या है Delhi AI Summit का मकसद? सरकार के अनुसार, इस समिट का उद्देश्य भारत को AI इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और नीति-निर्माण में वैश्विक सहयोग बढ़ाना है। कई देशी-विदेशी विशेषज्ञों, कंपनियों और नीति-निर्माताओं की भागीदारी इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व का आयोजन बना रही है। राजनीतिक हलकों में क्यों बढ़ी चर्चा? दिलचस्प बात यह है कि एक ही पार्टी के दो बड़े नेताओं के अलग-अलग रुख ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। थरूर का संतुलित समर्थन और राहुल गांधी की कड़ी आलोचना इस बात की ओर इशारा करती है कि AI समिट अब तकनीकी मंच से आगे बढ़कर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? तकनीकी समिट की चर्चा भले ही बड़े मंचों पर हो रही हो, लेकिन आम नागरिक के मन में सवाल यही है—क्या इससे रोजगार बढ़ेंगे? क्या युवाओं को नए अवसर मिलेंगे? क्या भारत सच में AI क्षेत्र में अग्रणी बन पाएगा? फिलहाल, Delhi AI Summit 2026 ने एक बात साफ कर दी है—AI सिर्फ टेक्नोलॉजी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह राजनीति, विकास और भविष्य की दिशा तय करने वाला विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Himachal

Himachal Road Trip 2026 नई Entry Fee लागू, अब सफर होगा महंगा

अगर आप इस साल गर्मियों में Himachal Trip प्लान कर रहे हैं, तो आपके बजट पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। Himachal Pradesh सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगने वाली Entry Fee/Green Tax में बड़ा इजाफा कर दिया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। इस फैसले का सीधा असर उन पर्यटकों पर पड़ेगा जो अपनी गाड़ी से Shimla, मनाली या धर्मशाला जैसी जगहों की यात्रा करते हैं। क्या है नया Entry Fee Structure? सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार: कुछ श्रेणियों में फीस लगभग ढाई गुना तक बढ़ाई गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह शुल्क केवल बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड वाहनों पर लागू होगा। हिमाचल में पंजीकृत गाड़ियों को इससे छूट मिलेगी। क्यों बढ़ाई गई फीस? राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्राकृतिक आपदाओं और वित्तीय दबाव के बीच सरकार नए संसाधन जुटाने की कोशिश कर रही है। सरकार का तर्क है कि पर्यटन से होने वाली आय का एक हिस्सा बुनियादी ढांचे और सड़कों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। आम यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा? साफ है कि अब हिमाचल की यात्रा पहले से थोड़ी महंगी हो जाएगी। हालांकि कई पर्यटक मानते हैं कि हिमाचल की खूबसूरती और ठंडी वादियां आज भी हर खर्च को जायज़ ठहराती हैं। फिर भी, अगर आप Road Trip प्लान कर रहे हैं, तो अब अपने बजट में Entry Tax को जरूर शामिल करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राहुल गांधी

Defamation Case में राहुल गांधी का बयान सुल्तानपुर कोर्ट के बाहर नजर आया ‘सत्यमेव जयते’

सुल्तानपुर, 20 फरवरी 2026: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे, जहां उनका Defamation Case (मानहानि मुकदमा) सुनवाई के लिए निर्धारित था। यह मामला 2018 का है, जब स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। राहुल गांधी सुबह कोर्ट पहुंचे और उन्होंने सीधे अपनी बयानबाजी की। सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस समर्थकों ने ‘सत्यमेव जयते’ जैसे पोस्टर लगाकर सत्य और न्याय का संदेश फैलाया। केस की पृष्ठभूमि इस मानहानि केस में राहुल गांधी ने कथित रूप से अमित शाह (केंद्र गृह मंत्री) के खिलाफ बयान दिया था, जिसे वादी ने मानहानि बताया। पिछले पाँच साल से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। दिसंबर 2023 में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ था। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और दो जमानतें (प्रत्येक ₹25,000) पर जमानत दी गई। राहुल गांधी ने अपनी बयानबाजी में खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। कोर्ट ने वादी को साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया था, और आज की सुनवाई में राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज करवाया। राजनीतिक और सामाजिक असर यह मामला न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि चुनावी माहौल पर भी असर डाल सकता है। कोर्ट के बाहर लगे पोस्टर और समर्थकों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहे हैं कि यह केस जनता और मीडिया की नजरों में है। संक्षेप: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Om Birla

Speaker Om Birla AI Controversy लोकसभा विशेषाधिकार विभाग का कांग्रेस के 8 नेताओं को नोटिस

देश की राजनीति में एक बार फिर डिजिटल कंटेंट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) से जुड़े एक कथित AI-जनित वीडियो को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया सेल को लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में पार्टी के आठ नेताओं से जवाब मांगा गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से तैयार बताया जा रहा है। आरोप है कि वीडियो में लोकसभा स्पीकर के संदर्भ में आपत्तिजनक और भ्रामक प्रस्तुति की गई। शिकायत के मुताबिक, इससे न केवल एक संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई, बल्कि संसद के विशेषाधिकार का भी संभावित उल्लंघन हुआ है। डिजिटल दौर में इस तरह की सामग्री तेजी से वायरल होती है और आम लोगों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाती है। यही वजह है कि यह मामला राजनीतिक दायरे से निकलकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। शिकायत के बाद कैसे बढ़ा मामला? बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने इस वीडियो को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि वीडियो भ्रामक है और इससे लोकसभा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। शिकायत मिलने के बाद लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने संज्ञान लेते हुए कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस जारी कर दिया। किन नेताओं को मिला नोटिस? नोटिस के दायरे में कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत समेत कुल आठ पदाधिकारी शामिल हैं। सभी से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार, जवाब मिलने के बाद उसे स्पीकर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। AI और राजनीति: क्यों बढ़ रही चिंता? यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीति में AI और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग न हो, तो इससे भ्रम, गलतफहमियां और संस्थाओं की साख पर असर पड़ सकता है। आम नागरिकों के लिए भी यह एक याद दिलाने वाला क्षण है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी तरह सच हो—यह जरूरी नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RJD

Rajya Sabha Election 2026 5वीं सीट पर दिलचस्प मुकाबला, Owaisi–Mayawati दिलाएंगे RJD को जीत

बिहार में तेज हुई सियासी हलचल बिहार में राज्यसभा (Rajya Sabha)चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। विधानसभा के भीतर संख्या बल का गणित और बाहर जारी राजनीतिक बयानबाजी ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। खासकर 5वीं सीट को लेकर जो स्थिति बनी है, उसने सभी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। RJD के सामने कठिन गणित मौजूदा समीकरणों के अनुसार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) शुरुआती सीटों पर तो मजबूत नजर आती है, लेकिन 5वीं सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए तय कोटा पूरा करना जरूरी होता है, और यही गणित इस बार चुनौती बन गया है। Owaisi और Mayawati क्यों अहम? इस पूरे समीकरण में दो नाम लगातार चर्चा में हैं— असदुद्दीन ओवैसी और मायावती। AIMIM और BSP के विधायकों का रुख तय कर सकता है कि मुकाबला किस दिशा में जाएगा।अगर इनका समर्थन RJD को मिलता है, तो 5वीं सीट की राह आसान हो सकती है। लेकिन तटस्थता या विपक्ष का साथ पूरी तस्वीर बदल सकता है। सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम का असर राज्यसभा चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत होता है। इसमें विधायकों की प्राथमिकताएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग या रणनीतिक मतदान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि यह मुकाबला आखिरी क्षण तक रोमांच बनाए रख सकता है। छोटे दल और निर्दलीय बन सकते हैं किंगमेकर इस चुनाव ने छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की अहमियत भी बढ़ा दी है। कई बार यही नेता सत्ता के समीकरण बदल देते हैं। पर्दे के पीछे जारी बैठकों और बातचीत का दौर इसी रणनीतिक महत्व को दर्शाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Macron

PM Modi–Macron Mumbai Meet 3.25 लाख करोड़ Defence Deal, 114 Rafale Jets से बढ़ेगी भारत की ताकत

मुंबई की हलचल के बीच जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का स्वागत किया, तो यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं थी। यह दो भरोसेमंद साझेदारों के बीच भविष्य की सुरक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग की नई इबारत लिखने की कोशिश थी। बैठक में रक्षा सहयोग को केंद्र में रखते हुए करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के संभावित सौदे पर चर्चा हुई। इस डील के तहत भारत को 114 Rafale fighter jets मिल सकते हैं, जो भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाई देंगे। Rafale Deal क्यों है खास? राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी Dassault Aviation द्वारा बनाए जाते हैं। ये मल्टीरोल फाइटर जेट्स हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं। भारत पहले ही 36 राफेल विमानों को अपनी वायुसेना में शामिल कर चुका है। अब 114 अतिरिक्त विमानों की संभावित खरीद का मतलब है—सीमाओं की बेहतर सुरक्षा, तेज प्रतिक्रिया क्षमता और आधुनिक युद्ध तकनीक में बढ़त। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय चुनौतियों को देखते हुए भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाना समय की मांग है। ऐसे में यह सौदा सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। Make in India और रोजगार पर असर इस डील में तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) और भारत में निर्माण (Make in India) को भी प्राथमिकता मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो यह सिर्फ रक्षा क्षेत्र नहीं बल्कि भारतीय उद्योग, MSME सेक्टर और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। स्थानीय उत्पादन से भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (Defence Self-Reliance) को मजबूती मिलेगी और विदेशी निर्भरता घटेगी। Indo-Pacific Strategy में मजबूत साझेदारी भारत और फ्रांस के संबंध सिर्फ हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में भी साथ काम कर रहे हैं। फ्रांस की इस क्षेत्र में रणनीतिक मौजूदगी और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका—दोनों मिलकर एक संतुलित और स्थिर क्षेत्रीय व्यवस्था की दिशा में काम कर रहे हैं। भरोसे की साझेदारी का नया अध्याय मुंबई में हुई यह मुलाकात एक संदेश भी देती है—भारत और फ्रांस का रिश्ता समय के साथ और मजबूत हो रहा है। रक्षा सौदे से आगे बढ़कर यह साझेदारी तकनीक, ऊर्जा, नवाचार और वैश्विक कूटनीति तक फैली हुई है। यदि 114 Rafale Jets की यह डील अंतिम रूप लेती है, तो यह न सिर्फ भारत की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यह सिर्फ एक रक्षा समझौता नहीं, बल्कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच साझा भविष्य की कहानी है—जहां रणनीति के साथ-साथ भरोसा भी सबसे बड़ी ताकत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BNP

BNP vs Jamaat Bangladesh Election के नतीजे और India पर दिए बयान का पूरा सच

बांग्लादेश की हालिया राजनीति ने पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ कट्टरपंथी दल की चुनावी हार चर्चा में है, तो दूसरी तरफ भारत को लेकर दिया गया एक बयान नई बहस को जन्म दे रहा है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी है या क्षेत्रीय राजनीति में किसी बड़े बदलाव का संकेत? जमात की हार: क्या बदला बांग्लादेश में? हालिया चुनाव में बांग्लादेश की राजनीति ने नया मोड़ लिया। लंबे समय से प्रभाव रखने वाली जमात-ए-इस्लामी को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला। मतदाताओं ने अपेक्षाकृत मुख्यधारा और राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित राजनीति को प्राथमिकता दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवा मतदाता रोजगार, आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को अधिक महत्व दे रहे हैं। यही वजह है कि कट्टर विचारधाराओं को इस बार ज्यादा समर्थन नहीं मिला। BNP की भूमिका और तारिक रहमान का संदर्भ चुनाव के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्थिति मजबूत दिखी। पार्टी के कार्यकारी प्रमुख तारिक रहमान का नाम भी लगातार चर्चा में रहा। इसी बीच उनके एक सलाहकार हुमायूँ कबीर ने बयान दिया कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतों को जनता ने नकार दिया, लेकिन भारत में “हिंदू कट्टरता” बढ़ने की बात चिंताजनक है। यह टिप्पणी सीधे तौर पर भारत की आंतरिक राजनीति की ओर इशारा करती है। बयान क्यों महत्वपूर्ण है? यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं माना जा रहा। इसके कई संभावित मायने निकाले जा रहे हैं: India-Bangladesh Relations: आगे क्या? भारत और बांग्लादेश के रिश्ते सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं हैं। व्यापार, सांस्कृतिक संबंध और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों को जोड़ते हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान कभी-कभी भावनात्मक प्रतिक्रिया तो पैदा करते हैं, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर अक्सर संवाद के जरिए संतुलन बना लिया जाता है। एक आम नागरिक की नजर से देखें तो दक्षिण एशिया के लोग स्थिरता, विकास और बेहतर संबंध चाहते हैं। चुनावी बयानबाज़ी अपनी जगह है, लेकिन आम जनता की प्राथमिकताएँ रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। बांग्लादेश में जमात की हार को लोकतांत्रिक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भारत को लेकर दिया गया बयान क्षेत्रीय राजनीति में विचारधारात्मक बहस को तेज करता है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह सिर्फ चुनावी बयान था या South Asia Politics में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhagwant Mann

CM Bhagwant Mann in Hospital Polonium दावे के बीच Bomb Threat से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय हलचल मच गई जब पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मोहाली स्थित Fortis Hospital Mohali में भर्ती कराया गया। सांस लेने में तकलीफ और थकान की शिकायत के बाद उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और जरूरी मेडिकल जांच की जा रही है। Health Update क्या है मौजूदा स्थिति? मुख्यमंत्री को बीते कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत महसूस हो रही थी। जैसे ही सांस लेने में परेशानी बढ़ी, उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन एहतियातन सभी जरूरी जांचें की जा रही हैं। राज्यभर से समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। अस्पताल के बाहर समर्थकों की आवाजाही भी देखी गई। Bomb Threat अस्पताल को मिली धमकी से सुरक्षा कड़ी मुख्यमंत्री के भर्ती होने के बीच ही Fortis Hospital Mohali को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और खुफिया टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। अब तक की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। Polonium Claim सच या अफवाह? इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और सनसनीखेज दावा सामने आया—कि मुख्यमंत्री को कथित रूप से ‘पोलोनियम’ जैसे घातक केमिकल के संपर्क में लाया गया। हालांकि, इस दावे की न तो सरकार ने पुष्टि की है और न ही अस्पताल प्रशासन ने। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गंभीर आरोपों की पुष्टि बिना आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट के नहीं की जा सकती। फिलहाल यह दावा अपुष्ट है और जांच के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रशासन की अपील सरकार और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। साइबर टीम धमकी वाले ई-मेल की जांच कर रही है और स्रोत तक पहुंचने की कोशिश जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कात्यायनी

Navratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में मां कात्यायनी को महिषासुर का वध करने वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है। मां कात्यायनी की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी की कठोर आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लिया और कात्यायनी कहलायीं। मान्यता है कि देवी ने महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः। भोग: मां को शहद अर्पित करने की परंपरा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

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