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Tahawwur Rana Extradition LIVE Updates:दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा विमान, एनआईए मुख्यालय ले जाया जायेगा

रिपोर्ट: देश हरपल न्यूज़ | तारीख: 30 मार्च 2025 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और भारत के वांछित आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाने की लंबी प्रक्रिया के बाद आज आखिरकार प्रत्यर्पित कर लिया गया। राणा को लेकर आ रहा विमान आज सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी, जिसने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उसे हिरासत में लिया और सीधे एनआईए हेडक्वार्टर ले जायागा । कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में रह रहा था। उसे अमेरिका में आतंकवाद से जुड़े एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया था। राणा, मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली का करीबी साथी रहा है। हेडली की गवाही के अनुसार, राणा को भारत में हमलों की साजिश की पूरी जानकारी थी और उसने अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों के माध्यम से हेडली को भारत में दाखिल होने में मदद की थी। कई वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद हुई प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत सरकार ने 2011 में अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी, लेकिन अमेरिकी अदालत में इस प्रक्रिया में कई अड़चनें आईं। वर्ष 2020 में अमेरिका में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया और आखिरकार अमेरिका की अदालत ने भारत को राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद एनआईए ने उसकी कस्टडी के लिए विस्तृत योजना तैयार की। एनआईए मुख्यालय में शुरू होगी पूछताछ राणा को एनआईए के दिल्ली स्थित मुख्यालय में ले जायागा , जहां उससे 26/11 हमलों से जुड़ी विस्तृत पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राणा से भारत में मौजूद अन्य संभावित आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से उसके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। एनआईए की टीम उससे उन तमाम ईमेल, नक्शों, लोकेशनों और साजिश की गहराई तक जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी, जो अब तक रहस्य में थी। भारत की न्याय प्रणाली के लिए अहम मोड़ तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह संदेश देता है कि भारत अपने नागरिकों पर हमले करने वाले किसी भी आतंकी को छोड़ने वाला नहीं है, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। देश हरपल की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। तहव्वुर राणा से पूछताछ के हर अहम अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Breaking Updates, राष्ट्रहित की खबरें और हरपल की जानकारी के लिए जुड़े रहें — देश हरपल न्यूज़
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84वां कांग्रेस अधिवेशन अहमदाबाद

84वां कांग्रेस अधिवेशन : Rahul Gandhi ने फिर उठाई जाति जनगणना की मांग, खड़गे ने ईवीएम और मोदी सरकार पर बोला हमला

अहमदाबाद (गुजरात), 9 अप्रैल 2025 – गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट पर Congress का 84वां अधिवेशन दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित हुआ। इस अधिवेशन को ‘न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष’ थीम पर केंद्रित किया गया, जिसमें देशभर से 1700 से अधिक कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी रही, हालांकि प्रियंका गांधी इसमें शामिल नहीं हुईं। जातिगत जनगणना की मांग को राहुल ने फिर दोहराया राहुल गांधी ने अधिवेशन के मंच से एक बार फिर जाति आधारित जनगणना की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का हक है कि “कितने अल्पसंख्यक और गरीब हैं।” उन्होंने ऐलान किया, “लोकसभा और राज्यसभा में हम कानून पास करेंगे, जाति जनगणना यहीं से निकलेगी।” राहुल ने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की 90 प्रतिशत आबादी OBC, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है, लेकिन इन वर्गों को मालिकों, CEO और वरिष्ठ प्रबंधन की लिस्ट में जगह नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि तेलंगाना की हालत हर प्रदेश की है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ रही है और हाशिये के वर्गों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। विदेश नीति पर भी किया हमला राहुल गांधी ने बांग्लादेश को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के खिलाफ बयान दे रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के नेता से मुलाकात के दौरान एक शब्द तक नहीं कहा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा, “कहां गई 56 इंच की छाती?” EVM पर खड़गे का बड़ा बयान, बैलेट पेपर की मांग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग की। उन्होंने कहा, “सरकार ने ऐसी तकनीक बनाई है जिससे उन्हें फायदा और विपक्ष को नुकसान हो।” उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “150 सीटों पर चुनाव लड़ा और 138 पर जीत मिली। ये 90 प्रतिशत जीत है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। ये सब जालसाजी है। चोर कितना भी तेज क्यों न हो, एक न एक दिन पकड़ा ही जाएगा।” मोदी सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा, “नेहरू जी ने जो देश के लिए संस्थान बनाए, मोदी सरकार उन्हें खत्म कर रही है। देश को बेचा जा रहा है और उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार के पास देश के लिए कोई विज़न नहीं है, वे केवल कांग्रेस को गाली देने में व्यस्त हैं। गुजरात में संगठन को मजबूत करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, यह अधिवेशन न केवल एक राजनीतिक सम्मेलन था, बल्कि गुजरात में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी था। आयोजन स्थल पर VVIP डोम और आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्था की गई थी, जो कांग्रेस के बदले तेवर और तैयारी को दर्शाता है। निष्कर्ष:84वें अधिवेशन में कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी चुनावों में जातिगत जनगणना, सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए मोदी सरकार पर सीधा हमला किया और जनता को “न्यायपथ” की राह पर चलने का संदेश दिया। ✍️ रिपोर्ट – देश हरपल न्यूज़ डेस्क, अहमदाबाद
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RBI

Trump Tariffs का असर: FY26 में GDP ग्रोथ घटकर 6.5%, RBI ने किया ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। FY2025-26 के लिए देश की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया गया है। इसके साथ ही रीपो रेट में भी 0.25% की कटौती की गई है, जिससे यह अब 6.00% हो गई है। क्या है वजह? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका द्वारा हाल ही में लागू किए गए टैरिफ नियमों ने वैश्विक आर्थिक स्थिति को और अस्थिर बना दिया है। इसका असर भारत की ग्रोथ पर भी साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, “ग्रोथ में सुधार हो रहा है, लेकिन ये हमारी उम्मीदों से कम है।” महंगाई दर में राहत RBI ने महंगाई के अनुमान को भी कम करते हुए कहा कि अब FY26 में CPI आधारित रिटेल मुद्रास्फीति 4% रहने की उम्मीद है। यह पहले के 4.2% के मुकाबले थोड़ा कम है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट और तेल की कीमतों में स्थिरता को इसका मुख्य कारण बताया गया है। रीपो रेट में बदलाव क्यों? मौजूदा आर्थिक हालात और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए, केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया है ताकि आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिल सके। क्या होगा इसका असर?
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कोल्लम मंदिर में RSS के प्रार्थना गीत को लेकर विवाद: मंदिर कमेटी भंग करने की प्रक्रिया शुरू, पुलिस ने मामला दर्ज किया

कोल्लम, केरल | देश हरपल न्यूज | 8 अप्रैल 2025 कोल्लम जिले के एक मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रार्थना गीत बजाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना चटयमंगलम तालुक के अंतर्गत आने वाले वझाप्पल्ली मंदिर की है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान संघ का पारंपरिक गीत “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” बजाया गया। इस पर वामपंथी दल सीपीएम और उनके समर्थकों ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके चलते विवाद गहराता गया। घटना का विवरण: मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठानों के दौरान यह गीत बजाया गया, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद सीपीएम कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संघीकरण’ का प्रयास करार देते हुए तीव्र विरोध जताया। हालांकि, मंदिर का प्रबंधन देख रही देवस्वंम बोर्ड के अधीनस्थ चटयमंगलम सबग्रुप ऑफिसर दीप्ती ने कहा कि इस घटना को लेकर किसी ने कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केरल मंदिर अधिनियम और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि किसकी अनुमति से यह गीत बजाया गया और क्या इससे मंदिर परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। मंदिर कमेटी होगी भंग: केरल ट्रावणकोर देवस्वंम बोर्ड (TDB) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर समिति को भंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। TDB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में राजनीतिक या वैचारिक झुकाव के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, चाहे वह किसी भी विचारधारा से संबंधित हो। राजनीतिक प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंदिरों में इस तरह के गीत बजाना कोई अपराध नहीं है, जबकि कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग बताया है। 🔗 स्रोत: मातृभूमि समाचार, ANI न्यूज़
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मुंबई में बढ़ते साइबर अपराधों पर बोले डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, कहा – नई तकनीक से लड़नी होगी ये लड़ाई

मुंबई | देश हरपलदेशभर में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर अब सरकारें गंभीर होती जा रही हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार साइबर अपराधों के खिलाफ एक संगठित और तकनीकी रूप से सशक्त योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों से मुकाबला सिर्फ पुलिस की लाठी या हथकड़ी से नहीं, बल्कि तकनीक के ज़रिए किया जाएगा। फडणवीस ने यह बात मुंबई पुलिस की साइबर शाखा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जिसमें साइबर सुरक्षा, डेटा चोरी, ऑनलाइन फ्रॉड, और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने माना कि साइबर अपराध अब सिर्फ तकनीकी लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक, व्यापारी, छात्र, यहां तक कि वरिष्ठ नागरिक भी इसके शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में साइबर क्राइम के मामलों में भारी इजाफा हुआ है। हर दिन सैकड़ों की संख्या में ठगी, फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़र्ज़ी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैकिंग की शिकायतें आ रही हैं। फडणवीस ने कहा, “अब लड़ाई अपराधियों से नहीं, उनके तकनीकी हथियारों से है। हमें पुलिस को तकनीक से लैस करना होगा।” इस मौके पर उन्होंने महाराष्ट्र में ‘साइबर पुलिस स्टेशन’ की संख्या बढ़ाने, साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति, और आम जनता के लिए साइबर जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस दिशा में एक ‘साइबर इंटेलिजेंस नेटवर्क’ खड़ा कर रही है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर हमलों को ट्रैक करने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डाटा ऐनालिटिक्स, और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद साइबर विशेषज्ञों ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। देश हरपल विशेष रिपोर्ट में हम आपको बता दें कि देश में 2024 में कुल साइबर अपराधों की संख्या में लगभग 35% की वृद्धि देखी गई है, और इसमें सबसे अधिक मामले ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, OTP हैकिंग, और सोशल मीडिया हैकिंग से जुड़े हैं।
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PM मुद्रा योजना

PM मुद्रा योजना 2024: छोटे व्यापारियों को राहत, शिशु और तरुण लोन में बढ़ोतरी, बिहार टॉप पर

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana), जिसे 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था, आज छोटे और मझोले व्यापारियों की रीढ़ बन चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य बिना किसी गारंटी के छोटे उद्यमियों को संस्थागत बैंकिंग सिस्टम से जोड़ते हुए उन्हें आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा योजना के तहत ‘शिशु’ और ‘तरुण’ श्रेणियों में लोन की औसत राशि में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि ‘किशोर’ श्रेणी में गिरावट दर्ज की गई है। शिशु लोन (₹50,000 तक) का औसत अब ₹37,403 पहुंच गया है, जो कि 2015-16 में ₹19,411 था। तरुण लोन (₹5 लाख से ₹10 लाख तक) का औसत ₹8,46,313 रहा, जबकि पहले ₹7,67,555 था।वहीं किशोर लोन (₹50,000 से ₹5 लाख तक) की औसत राशि ₹2,08,037 से घटकर अब ₹1,20,111 रह गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि बहुत छोटे और बड़े उद्यमियों को लाभ ज्यादा मिल रहा है, जबकि मझोले स्तर के कारोबारियों को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पा रही है। बिहार बना टॉप राज्य इस योजना के तहत बिहार देश का नंबर-1 राज्य बनकर उभरा है। यहां अब तक 5.95 करोड़ से ज़्यादा लोन अकाउंट्स को मंज़ूरी दी जा चुकी है।इसके बाद तमिलनाडु (5.82 करोड़), उत्तर प्रदेश (5.16 करोड़), पश्चिम बंगाल (5.15 करोड़) और कर्नाटक (4.98 करोड़) का स्थान आता है। क्यों है यह योजना खास? निष्कर्ष प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने देशभर में लाखों छोटे कारोबारियों की आर्थिक रीढ़ मज़बूत की है। हालांकि ‘किशोर’ श्रेणी में आई गिरावट पर सरकार को ध्यान देना होगा, ताकि मिड-स्केल बिजनेस भी मजबूती से खड़े हो सकें। जैसे-जैसे यह योजना आगे बढ़ रही है, उम्मीद की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका लाभ पहुंचे और भारत की जमीनी अर्थव्यवस्था और भी मजबूत हो।
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Waqf Bill Controversy

Waqf Bill Controversy: वक्फ बिल पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और देशभर में विरोध प्रदर्शन

लेख की मुख्य बातें: क्या है मामला? 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को मंज़ूरी दी, जिसके बाद सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी की। सरकार का दावा है कि इस कानून का मकसद वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है और अतिक्रमण को रोकना है। सुप्रीम कोर्ट की दखल 7 अप्रैल को CJI संजीव खन्ना ने इस मामले में सुनवाई की सहमति दी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, RJD, और कई अन्य संगठनों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। उनका तर्क है कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन है। राज्यों में विरोध और तनाव धार्मिक संगठनों का रुख राजनीतिक प्रतिक्रिया विवाद की जड़ क्या है? बिल में एक नया प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे अब वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति भी संभव हो सकेगी। इससे धार्मिक संगठनों में रोष है, क्योंकि उनका मानना है कि वक्फ की संपत्तियाँ सिर्फ़ मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं। विश्लेषण यह विवाद न सिर्फ धार्मिक भावना से जुड़ा है, बल्कि इसमें संवैधानिक अधिकार, भूमि स्वामित्व, और सांप्रदायिक संतुलन भी सवालों के घेरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मुद्दे पर आने वाले समय में निर्णायक हो सकता है। निष्कर्ष भारत में वक्फ अधिनियम को लेकर उबाल है। यह केवल एक क़ानून नहीं, बल्कि धर्म, राजनीति, और समाज के जटिल संबंधों की गहराई को दर्शाता है। आने वाले दिन इस विषय पर और गर्माहट ला सकते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के जज करेंगे अपनी संपत्ति का खुलासा, जनता में बढ़ेगा भरोसा

सुप्रीम कोर्ट के जज करेंगे अपनी संपत्ति का खुलासा, जनता में बढ़ेगा भरोसा

सुप्रीम कोर्ट के सभी जज अब अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करेंगे। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। यह फैसला 1 अप्रैल को हुई फुल कोर्ट मीटिंग में लिया गया, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना समेत सभी 34 जज शामिल थे। जजों की संपत्ति की घोषणा क्यों जरूरी हुई? दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले में मिले अधजले नोटों के बाद न्यायपालिका में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग उठी। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह बड़ा फैसला लिया। कौन-कौन जज देंगे अपनी संपत्ति की जानकारी? फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में कुल 33 जज हैं (एक पद खाली है)। इनमें से 30 जज पहले ही अपने संपत्ति संबंधी दस्तावेज कोर्ट को सौंप चुके हैं। हालांकि, ये दस्तावेज अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए थे। वेबसाइट पर संपत्ति की जानकारी अपलोड होगी पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कोशिशें क्या है जस्टिस यशवंत वर्मा का मामला? इस फैसले से क्या होगा फायदा? यह फैसला भारतीय न्यायपालिका के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इससे न्यायपालिका की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर आम जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
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ICF चेन्नई का नया रिकॉर्ड

ICF चेन्नई का नया रिकॉर्ड: FY25 में 3000+ कोच तैयार, वंदे भारत, अमृत भारत और नामो भारत शामिल

भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3007 कोच तैयार किए हैं। यह संख्या पिछले साल के 2829 कोच की तुलना में ज्यादा है। इस रिकॉर्ड उत्पादन में वंदे भारत, अमृत भारत और अन्य आधुनिक कोच शामिल हैं। ICF की ऐतिहासिक उपलब्धि ICF भारतीय रेलवे की प्रमुख कोच निर्माण इकाई है। इस साल ICF ने कई नए मील के पत्थर हासिल किए हैं: 2024-25 में ICF द्वारा निर्मित कोचों की प्रमुख बातें 16-कार वंदे भारत स्लीपर रेक – पहली बार ICF ने 16-कार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्माण किया है। यह ट्रेन जल्द ही सेवा में आएगी। 8 ट्रेजरी वैन कोच – रेलवे इतिहास में पहली बार ICF ने ट्रेजरी वैन कोच तैयार किए हैं। 12-कार नामो भारत रैपिड रेल – यह ट्रेन तेज और आरामदायक इंटरसिटी यात्रा के लिए बनाई गई है। यह वंदे भारत एक्सप्रेस का मिनी संस्करण है, जो क्षेत्रीय और शहरी यात्रियों के लिए बेहतरीन सुविधा प्रदान करता है। वंदे भारत चेयर कार ट्रेन का उत्पादन – ICF ने 21 रेक वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया है। वर्तमान में देशभर में 136 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। 2019 में शुरू हुई यह ट्रेन अब तक की सबसे तेज़ भारतीय ट्रेन बनी हुई है। अमृत भारत 2.0 ट्रेनें – लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ICF ने अमृत भारत 2.0 ट्रेनों के लिए 4 रेक (प्रत्येक में 22 कोच) तैयार किए हैं। इन ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। ICF का भविष्य ICF लगातार भारतीय रेलवे को नए और आधुनिक कोच उपलब्ध करवा रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों के निर्माण से यात्री अनुभव बेहतर हो रहा है। आने वाले समय में और भी अत्याधुनिक ट्रेनें तैयार की जाएंगी।
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22 की उम्र में बनीं IPS, 28 में दिया इस्तीफा: बिहार की ‘लेडी सिंघम’ काम्या मिश्रा की पूरी कहानी

बिहार कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मात्र 22 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनीं काम्या ने अब 28 वर्ष की उम्र में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने न केवल प्रशासनिक हलकों बल्कि आम जनता के बीच भी हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों एक काबिल और लोकप्रिय अधिकारी ने छह साल की सेवा के बाद पुलिस विभाग को अलविदा कह दिया? आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी। शुरुआत से लेकर आईपीएस बनने तक काम्या मिश्रा बिहार के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाली काम्या ने बेहद कम उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपना लोहा मनवाया। 22 साल की उम्र में जब ज्यादातर युवा अपने करियर की दिशा तय कर रहे होते हैं, तब उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में कदम रख लिया था। बिहार कैडर मिलने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली, बेबाक अंदाज और निष्पक्ष रवैया लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। अपराधियों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई के चलते लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे। पुलिस सेवा में शानदार कार्यकाल काम्या मिश्रा ने बिहार के कई संवेदनशील जिलों में अपनी सेवाएं दीं। अपराध और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी निगरानी ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई। महिला सुरक्षा को लेकर किए गए उनके प्रयासों की भी खूब सराहना हुई। उन्होंने कई जिलों में महिला हेल्पलाइन और स्पेशल टास्क फोर्स के जरिए महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की कोशिश की। उनका नाम तब और ज्यादा चर्चा में आया जब उन्होंने संगठित अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। कई बार उनकी पोस्टिंग राजनीतिक दबाव में भी चर्चा का विषय बनी, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आखिर क्यों दिया इस्तीफा? काम्या मिश्रा के अचानक इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल अगस्त में ही इस्तीफा देने का मन बना लिया था और इसकी वजह पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि काम्या मिश्रा प्रशासनिक व्यवस्था से संतुष्ट नहीं थीं और उनकी कार्यशैली को लेकर अक्सर राजनीतिक दबाव बनाया जाता था। हालांकि, उन्होंने खुद अभी तक अपने इस्तीफे की असली वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है। लेकिन यह तय है कि बिहार की ‘लेडी सिंघम’ के रूप में मशहूर काम्या मिश्रा का यह फैसला पुलिस सेवा के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। आगे क्या करेंगी काम्या मिश्रा? काम्या मिश्रा के आगे की योजनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वे शिक्षा या सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे निजी क्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। बहरहाल, उनकी आगे की राह चाहे जो भी हो, लेकिन काम्या मिश्रा का नाम उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल रहेगा जिन्होंने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी सेवा दी। उनके फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और जनता उनके भविष्य को लेकर उत्सुकता से इंतजार कर रही है। देश हरपल के लिए विशेष रिपोर्ट
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भरतपुर: REET में पास कराने के नाम पर लिए 5 लाख, पैसे वापस मांगने पर ठेकेदार की हत्या; 14 महीने बाद हुआ खुलासा

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में करीब 14 महीने पहले लापता हुए ठेकेदार प्रहलाद बैरवा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, REET-2021 परीक्षा में प्रहलाद की पत्नी को पास कराने का झांसा देकर 5 लाख रुपये लेने के बाद जब आरोपी रकम लौटाने के दबाव में आए तो उन्होंने प्रहलाद की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर धौलपुर के जंगल से शव के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। कोर्ट जाते समय हुए थे लापता भरतपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश मीणा ने बताया कि वैर निवासी ठेकेदार प्रहलाद बैरवा 26 मार्च 2025 को कोर्ट जाने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन उनकी पत्नी पूनम बैरवा ने वैर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गईं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इस दौरान परिजनों ने कई बार प्रदर्शन कर मामले के खुलासे की मांग भी की थी। REET में पास कराने का झांसा बना हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में पूनम बैरवा REET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी धर्मेंद्र जाखड़ ने परीक्षा में पास कराने का दावा करते हुए प्रहलाद से 5 लाख रुपये ले लिए। जब परीक्षा का परिणाम आया और पूनम सफल नहीं हुईं तो प्रहलाद ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर धर्मेंद्र ने अपने साथी विनोद मीणा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। अपहरण के बाद जंगल में की हत्या पुलिस के अनुसार, 26 मार्च 2025 को आरोपियों ने प्रहलाद का कथित रूप से अपहरण कर उन्हें धौलपुर के जंगल में ले गए, जहां गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में दफना दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव के अवशेष बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन वे लगातार गुमराह करते रहे। इसके बाद पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। पुलिस का कहना है कि टेस्ट के बाद आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अन्य लेन-देन की भी जांच जारी पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं, करीब 25 दिन पहले एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान प्रहलाद की पत्नी पूनम बैरवा ने आरोप लगाया था कि उनके पति ने धर्मेंद्र जाखड़ को 4.50 लाख रुपये और राजेश कुमार गर्ग को 15 लाख रुपये उधार दिए थे। उन्होंने दावा किया कि रकम वापस मांगने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और इस संबंध में धोखाधड़ी का मामला भी अदालत में विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान, अपराध और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूका, स्विमिंग और बॉक्सिंग में बढ़ीं उम्मीदें

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग के पहले मेडल इवेंट में निराशा हाथ लगी। पुरुष लाइटवेट वर्ग में अशोक कुमार मलिक पदक से मामूली अंतर से चूकते हुए चौथे स्थान पर रहे, जबकि परमजीत कुमार छठे स्थान पर रहे। हालांकि स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स और बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पदकों की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक चौथे स्थान पर पुरुष लाइटवेट फाइनल में नौ बार के राष्ट्रीय चैंपियन अशोक कुमार मलिक ने पहली कोशिश में 195 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। दूसरी कोशिश में उन्होंने 200 किलोग्राम की अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) लिफ्ट पूरी कर 143.8 अंक हासिल किए। तीसरे प्रयास में 205 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहने के कारण वह चौथे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। वहीं परमजीत कुमार ने पहले प्रयास में 176 किलोग्राम वजन उठाकर 135.6 अंक अर्जित किए। इसके बाद 179 किलोग्राम वजन उठाने के दोनों प्रयास असफल रहे और वह छठे स्थान पर रहे। अब महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी, जबकि महिला हेवीवेट में कस्तूरी राजामणि तथा पुरुष हेवीवेट में झंडू कुमार और सुधीर भारत की ओर से पदक की चुनौती पेश करेंगे। स्विमिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने बनाई फाइनल और सेमीफाइनल में जगह भारत के लिए अच्छी खबर स्विमिंग से आई। इस स्पर्धा में कुल आठ प्रतिभागी होने के कारण दोनों भारतीय तैराक फाइनल में पहुंच गए हैं। वहीं स्टार तैराक श्रीहरि नटराज ने पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में 25.52 सेकेंड का समय निकालते हुए अपनी हीट में पांचवां और कुल मिलाकर 14वां स्थान हासिल किया। इसके साथ उन्होंने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। जिम्नास्टिक्स में भारत मजबूत स्थिति में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स की पुरुष टीम ऑलराउंड स्पर्धा में दो उपकरणों के बाद भारत सब-डिवीजन-2 में सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर चल रहा है। भारतीय टीम में तपन मोहंती, स्वाथिश केपी, तपेश्वरनाथ दास और योगेश्वर सिंह शामिल हैं। बॉक्सिंग में आज से भारत का अभियान बॉक्सिंग में भारत की ओर से जदुमणि सिंह पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन का सामना करेंगे। वहीं ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिला 75 किलोग्राम वर्ग में बाय मिला है, जिससे वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को भी कांस्य पदक दिया जाता है। ऐसे में लवलीना का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया है। जूडो में भारत को झटका भारत की जूडो खिलाड़ी तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार वेयरअबाउट्स नियम के उल्लंघन के कारण NADA ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके चलते उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पुरुष 73 किलोग्राम वर्ग के अरुण कुमार भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स, भारतीय खिलाड़ियों और खेल जगत की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

Gold Price Today: सोना ₹824 सस्ता, चांदी में मामूली तेजी; जानें आज के ताजा भाव

नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम में हल्की बढ़त देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 824 रुपये घटकर 1,43,781 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, एक किलोग्राम चांदी की कीमत 241 रुपये बढ़कर 2,22,721 रुपये हो गई। इससे पहले सोना 1,44,605 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,22,480 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस साल कीमतों में रहा बड़ा उतार-चढ़ाव वर्ष 2026 में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। चांदी की बात करें तो— आगे क्या रह सकता है रुख? कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुसार, सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अवसर हो सकता है। हालांकि उन्होंने सलाह दी कि निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध (SIP या किस्तों में) निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए, ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो साल के अंत तक सोना 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। सोना-चांदी, शेयर बाजार, निवेश और बिजनेस से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

NEET पेपर लीक मामला: शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, दर्ज होंगे आपराधिक केस

नई दिल्ली। देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। समाचार एजेंसी ANI के सूत्रों के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। एक दिन पहले हुए थे बड़े प्रशासनिक फेरबदल इससे पहले गुरुवार को केंद्र सरकार ने 17 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति के आदेश जारी किए थे। सबसे बड़ा बदलाव शिक्षा मंत्रालय में हुआ, जहां 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है, जिन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा 1995 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। पेपर लीक पर सरकार लगातार दे रही सख्त संदेश पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों पर लगातार कड़े रुख के संकेत दिए हैं। 24 जुलाई: सख्त कानून लाने का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने वाला विधेयक संसद में लाया जाएगा। 23 जुलाई: फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। 21 जुलाई: “पेपर लीक घोर पाप है” एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही राज्यों से भी इस तरह की घटनाओं को रोकने में सहयोग की अपील की गई। युवाओं के भविष्य पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रशासनिक कार्रवाई, कानूनी सुधार और जांच प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। देश, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी हर बड़ी और विश्वसनीय खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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