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Terror Attack in Pahalgam

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: हिंदुओं को निशाना बनाकर की गई बर्बरता, 26 की मौत, honeymoon पर आए कपल को भी नहीं छोड़ा

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam- जम्मू-कश्मीर के शांत और सुरम्य पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर घाटी की शांति को खून से लाल कर दिया। आतंकियों ने ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहे जाने वाले बैसारन घाटी में टूरिस्ट्स को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला 2019 के पुलवामा अटैक के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। हनीमून पर आए थे शुभम, नाम पूछकर सिर में मारी गोली घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे की है। यूपी से आए शुभम द्विवेदी अपने honeymoonपर पत्नी के साथ पहलगाम पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने उनसे नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने अपना नाम बताया, तुरंत सिर में गोली मार दी। शुभम की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। उनकी पत्नी इस हादसे के बाद बेसुध हालत में है। लोकल पुलिस की वर्दी में थे आतंकी, जबरन पढ़वाया ‘कलमा’ पुणे से पहलगाम घूमने आईं आसावरी ने आजतक से बातचीत में बताया कि हमलावर लोकल पुलिस की वर्दी में और मास्क लगाए हुए थे। उन्होंने पर्यटकों, खासकर हिंदू यात्रियों से जबरन ‘कलमा’ पढ़वाने की कोशिश की, और जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी। आसावरी ने रोते हुए बताया कि “मेरे सामने मेरे पापा को तीन गोलियां मारी गईं, और वो वहीं गिर पड़े।” Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: लश्कर-ए-तैयबा ने ली हमले की जिम्मेदारी हमले के कुछ घंटों बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। शुरू में प्रशासन ने केवल 1 मौत की पुष्टि की थी, लेकिन करीब 4 घंटे बाद मीडिया रिपोर्ट्स में 26 मौतों की पुष्टि हुई। मारे गए पर्यटकों के नाम (राज्यवार सूची) घायलों की सूची सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलचल पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर घाटी की शांति पर फिर सवाल जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं अब एक बार फिर हिंदुओं और टूरिज्म को निशाना बना रही हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सद्भावना के लिए बड़ा खतरा है। पहलगाम जैसे सुरक्षित माने जाने वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर हमला बताता है कि अब आतंकियों की रणनीति बदल गई है। 👉 Desh Harpal इस हृदयविदारक घटना की कड़ी निंदा करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।सरकार से मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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Terrorist Attack in Pahalgam

🔴 Terrorist Attack in Pahalgam: पर्यटकों पर हमला, एक की मौत, घोड़े भी घायल

Terrorist Attack in Pahalgam: जम्मू-कश्मीर के टूरिस्ट हॉटस्पॉट पहलगाम के बैसरन इलाके में सोमवार को आतंकियों ने अचानक घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों पर फायरिंग कर दी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि तीन पर्यटकों समेत कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन स्थानीय निवासी भी इस हमले में घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या दो से तीन बताई जा रही है और वे पुलिस या आर्मी की यूनिफॉर्म में थे, जिससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ। हमले में न केवल इंसानों को बल्कि घोड़ों को भी निशाना बनाया गया, जिन पर गोलियां चलीं। कई घोड़े गंभीर रूप से घायल हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए CRPF की अतिरिक्त Quick Reaction Team (QRT) को मौके पर भेजा गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और टूरिस्ट ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि आतंक का यह नया चेहरा सीधे घाटी की टूरिज़्म इंडस्ट्री को निशाना बना रहा है, जिससे ना सिर्फ स्थानीय रोजगार प्रभावित होगा बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं। हमले के वक्त टूरिस्ट ग्रुप घुड़सवारी का आनंद ले रहा था, तभी अचानक गोलियों की बौछार शुरू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मृतक की पहचान की जा रही है। यह हमला उस वक्त हुआ है जब गर्मियों का टूरिस्ट सीजन शुरू हो चुका है और पहलगाम में टूरिस्ट्स की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं हमलावरों का मकसद घाटी में डर का माहौल बनाकर टूरिज़्म को नुकसान पहुंचाना तो नहीं। Desh Harpal इस घटना की पल-पल की अपडेट्स आप तक पहुंचाता रहेगा।
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UPSC CSE Final Result 2024: प्रयागराज के शक्ति दुबे ने देश में टॉप किया, कुल 1009 अभ्यर्थी चयनित

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में टॉप किया है। UPSC द्वारा कुल 1009 उम्मीदवारों की नियुक्ति की सिफारिश की गई है। टॉप 10 सफल उम्मीदवारों की सूची: टॉप 3 उम्मीदवारों की प्रोफाइल: परीक्षा प्रक्रिया और आंकड़े: कुल 14,627 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,845 साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट हुए। अंततः 1,009 अभ्यर्थियों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को चयनित किया गया है। सेवा आवंटन विवरण: UPSC ने 230 उम्मीदवारों की रिजर्व सूची भी जारी की है, जबकि 241 अभ्यर्थियों का परिणाम प्रोविजनल है। महिला उम्मीदवारों की उल्लेखनीय भागीदारी: इस वर्ष टॉप 5 में से 3 स्थान महिलाओं के पास हैं, जो सिविल सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। परिणाम देखने के लिए: उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट https://www.upsc.gov.in पर पूरी चयनित सूची देख सकते हैं।
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Congress

Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार

(Desh Harpal l News Desk):BJP सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर Congress पर करारा हमला बोला है, लेकिन इस बार उनका निशाना बना एक ऐसा नाम जिसे लेकर राजनीति और न्यायपालिका के संबंधों पर गंभीर सवाल उठाए जा सकते हैं – Justice Baharul Islam. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया और संसद में Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार की संविधान बचाओ मुहिम को ‘मजेदार कहानी’ बताते हुए तंज कसा कि Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वारही वो पार्टी है जो जब सत्ता में थी, तब उसने कैसे न्यायपालिका का अपने हिसाब से इस्तेमाल किया। उन्होंने Justice Baharul Islam का उदाहरण देते हुए कहा: “1977 में जब इंदिरा गांधी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, तब Baharul Islam ने वह सभी केस तन्मयता से समाप्त कर दिए। इसके इनामस्वरूप कांग्रेस ने उन्हें 1983 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर करवा कर तीसरी बार राज्यसभा में भेज दिया।” निशिकांत दुबे के इस बयान की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से भी होती है, जहाँ के अनुसार: निशिकांत दुबे ने इस इतिहास को उजागर करते हुए पूछा कि “क्या यही है कांग्रेस की न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा?” इस बयान के जरिए BJP सांसद ने न केवल कांग्रेस की राजनीतिक नीयत पर सवाल उठाया, बल्कि वर्तमान में जारी Judiciary vs Politics बहस को भी एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये पार्टी सिर्फ जब विपक्ष में होती है, तभी उसे संविधान और न्यायपालिका की याद आती है। अब देखना ये होगा कि कांग्रेस इस गंभीर आरोप का क्या जवाब देती है। लेकिन इतना तो तय है कि Baharul Islam का यह केस एक बार फिर Judicial Appointments और Political Rewards के बीच की ‘Thin Line’ को लोगों के सामने ला रहा है।
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Breaking: पोप फ्रांसिस(Pope Francis) का निधन – वेटिकन में शोक की लहर

21 अप्रैल 2025 को वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वेटिकन के कैमरलेंगो कार्डिनल केविन फैरेल ने उनके निधन की पुष्टि की। पिछले कुछ महीनों से वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसमें दोनों फेफड़ों में निमोनिया प्रमुख था। ​ अंतिम क्षण और स्वास्थ्य स्थिति पोप फ्रांसिस को फरवरी 2025 में ब्रोंकाइटिस के कारण रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी स्थिति बिगड़ती गई और उन्हें डबल निमोनिया हो गया, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी रही। हालांकि मार्च में उनकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन वे पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाए। ​ 12 वर्षों की प्रेरणादायक पोपाई 2013 में चुने गए पोप फ्रांसिस पहले लैटिन अमेरिकी और जेसुइट पोप थे। उनकी पोपाई सुधारों, करुणा और समावेशिता के लिए जानी जाती है। उन्होंने LGBTQ समुदाय, पुनर्विवाहित तलाकशुदा व्यक्तियों और प्रवासियों के लिए सहानुभूति और समर्थन दिखाया। उनकी प्रसिद्ध टिप्पणी “Who am I to judge?” ने चर्च के रूढ़िवादी दृष्टिकोण को चुनौती दी। ​Latest news & breaking headlines अंतिम संस्कार और अगला कदम पोप फ्रांसिस के निधन के बाद वेटिकन में नौ दिवसीय शोक अवधि (Novemdiales) शुरू हो गई है। इस दौरान सेंट पीटर्स स्क्वायर में विशेष मास आयोजित किए जाएंगे। पोप का अंतिम संस्कार चौथे से छठे दिन के बीच किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें सेंट पीटर्स बेसिलिका में दफनाया जाएगा। ​АТВ दुनिया भर से श्रद्धांजलियाँ दुनिया भर के नेता, धार्मिक प्रमुख और आम लोग पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनकी करुणा, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और समावेशी दृष्टिकोण को याद किया जा रहा है।​ पोप फ्रांसिस की विरासत उनके सुधारवादी दृष्टिकोण, करुणा और समावेशिता के लिए हमेशा याद की जाएगी।​
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi ने अमेरिका में उठाए चुनाव पर सवाल, बोले- महाराष्ट्र में दो घंटे में कैसे पड़े 65 लाख वोट?

Congress नेता Rahul Gandhi एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते नजर आए हैं। इस बार उन्होंने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय चुनावों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सिर्फ दो घंटे—शाम 5:30 से 7:30 बजे के बीच—में 65 लाख वोट कैसे पड़ सकते हैं? Rahul Gandhi ने यह सवाल उठाते हुए चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक आम आदमी को यह जानने का हक है कि उसका वोट सुरक्षित और सही तरीके से दर्ज हो रहा है या नहीं। “इतने कम समय में इतने ज्यादा वोट पड़ना असंभव सा लगता है,” राहुल ने कहा। Rahul का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में लोकसभा चुनाव का माहौल गरम है और हर पार्टी अपनी रणनीति में जुटी है। राहुल ने यह भी कहा कि आज के समय में लोगों को यह समझना जरूरी है कि लोकतंत्र की बुनियाद क्या है और इसे मजबूत रखने के लिए पारदर्शिता कितनी जरूरी है। उनके इस बयान पर बीजेपी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया भी आ सकती है, क्योंकि इससे पहले भी कई बार राहुल गांधी ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि, राहुल गांधी का मकसद चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत और साफ-सुथरा बनाना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सवाल किसी पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र के हक में हैं।
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Joint Operation में Security Forces की बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में Arms और Ammunition बरामद

Joint Operation में Security Forces की बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में Arms और Ammunition बरामद

Manipur में जारी तनावपूर्ण हालातों के बीच Security Forces को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। Assam Rifles और Manipur Police की Joint Operation टीम ने हाल ही में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में arms और ammunition बरामद किए हैं। यह ऑपरेशन Imphal East, Thoubal और Kakching जिलों में अलग-अलग जगहों पर चलाया गया। Security agencies को इन इलाकों में illegal weapons की movement की intelligence inputs मिली थी, जिसके बाद ये coordinated operations शुरू किए गए। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने कुल 6 arms, जिनमें एक AK series rifle, दो Single Barrel Guns, एक .303 Rifle और दो Improvised weapons शामिल हैं, को बरामद किया। इसके साथ-साथ लगभग 17 hand grenades, 5 types के mortars, detonators और बड़ी मात्रा में live ammunition भी जब्त की गई है। इन हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी से साफ है कि कुछ असामाजिक तत्व राज्य में फिर से हिंसा भड़काने की साजिश में लगे हुए हैं। Security Forces की सजगता और सटीक action के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस Joint operation में local police की active भागीदारी भी सराहनीय रही, जिन्होंने ground level पर intelligence sharing और coordination में अहम भूमिका निभाई। Authorities के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि राज्य में peace और stability को सुनिश्चित किया जा सके। State government ने भी इन efforts की सराहना करते हुए कहा है कि किसी भी कीमत पर law and order की स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। देश हरपल की रिपोर्टManipur में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन अभी भी challenges बाकी हैं। ऐसे में इस तरह की joint operations न सिर्फ आतंक के मंसूबों को नाकाम कर रहे हैं, बल्कि आम जनता में सुरक्षा को लेकर विश्वास भी जगा रहे हैं।
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Nishikant Dubye

Supreme Court, Contempt, Nishikant Dubey – अब कानूनी घेरे में घिरते दिख रहे हैं बीजेपी सांसद?

नई दिल्ली।Supreme Court के खिलाफ की गई कथित ‘अवमाननापूर्ण टिप्पणी’ अब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब वरिष्ठ अधिवक्ता शिवकुमार त्रिपाठी ने देश के Attorney General (एटॉर्नी जनरल) को एक आधिकारिक चिट्ठी भेजकर निशिकांत दुबे के खिलाफ Contempt of Court (कोर्ट की अवमानना) की कार्यवाही की अनुमति मांगी। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दुबे ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश को लेकर आपत्ति जताते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की, जिसे न्यायपालिका के सम्मान और स्वायत्तता पर सीधा हमला माना जा रहा है। शिवकुमार त्रिपाठी की इस चिट्ठी में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणियां न केवल अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि आम जनता में न्यायिक व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी कमजोर करती हैं। उन्होंने मांग की है कि सांसद दुबे पर Contempt of Court Act, 1971 के तहत कार्यवाही होनी चाहिए। त्रिपाठी ने चिट्ठी में यह भी उल्लेख किया है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते निशिकांत दुबे को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा का सम्मान करना चाहिए था, न कि उस पर उंगली उठानी चाहिए। हालांकि, इस मामले पर अब तक दुबे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह साफ है कि अगर एटॉर्नी जनरल इस चिट्ठी को गंभीरता से लेते हैं और सहमति देते हैं, तो निशिकांत दुबे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की विधिवत सुनवाई शुरू हो सकती है। इस प्रकरण ने एक बार फिर Judiciary vs Legislature की पुरानी बहस को हवा दे दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या लोकसभा सदस्य न्यायपालिका की आलोचना की आड़ में अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं? अब सबकी निगाहें Attorney General की प्रतिक्रिया और Supreme Court के रुख पर टिकी हैं। क्या यह मामला आने वाले दिनों में संसद और अदालत के बीच टकराव का कारण बनेगा? देश हरपल इस प्रकरण से जुड़ी हर अहम जानकारी आपको सबसे पहले देगा।
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"Serious Problem" in Electoral System: Rahul Gandhi Raises Maharashtra Election Issue at Brown University

Brown University :चुनाव प्रणाली में गंभीर समस्या…’, राहुल गांधी ने अमेरिका में उठाया महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा

“Serious Problem” in Electoral System: Rahul Gandhi Raises Maharashtra Election Issue at Brown University कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान भारत की चुनाव प्रणाली में ‘गंभीर समस्या’ की बात कही। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची में अचानक हुए बड़े बदलावों को लेकर चिंता जताई।​ महाराष्ट्र चुनाव पर सवाल राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच लगभग 70 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जो हिमाचल प्रदेश की आबादी के बराबर है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव असामान्य है और चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग की। उनका कहना था कि विपक्ष द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बावजूद चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा की मतदाता सूचियाँ प्रदान नहीं कीं।​ चुनाव आयोग पर आरोप गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पारदर्शिता में विफल रहा है और विपक्ष को आवश्यक जानकारी नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोग की जिम्मेदारी है कि वह चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए और सभी पक्षों को आवश्यक जानकारी प्रदान करे।​ अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया मुद्दा ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत के दौरान, राहुल गांधी ने कहा, “हमारे लिए यह बहुत साफ था कि चुनाव आयोग समझौता कर चुका है। यह बहुत साफ है कि सिस्टम में कुछ बहुत गड़बड़ है। हमने इसे सार्वजनिक रूप से कहा है, मैंने इसे कई बार कहा है।” राहुल गांधी का यह बयान भारत की चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। उनकी मांग है कि चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों को समान रूप से जानकारी प्रदान करे और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए।
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West Bengal Riots, Murshidabad Violence

West Bengal Riots: मुर्शिदाबाद से मालदा तक बेघर हुए हिंदू परिवार, ममता सरकार पर उठे गंभीर सवाल”

(Desh Harpal l विशेष रिपोर्ट): West Bengal Riots, Murshidabad Violence, Hindu Refugees, Detention Camp Allegations West Bengal के Murshidabad जिले में दंगों के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि सैकड़ों Hindu Families को जान बचाकर Malda के शरणार्थी शिविरों में पनाह लेनी पड़ी। पर अफसोस की बात यह रही कि जिस सरकार से उन्हें सुरक्षा की उम्मीद थी, उसी के तंत्र ने उन्हें ‘डिटेंशन कैंप’ जैसे माहौल में कैद कर दिया। Murshidabad Riots के दौरान, बड़ी संख्या में दंगाई भीड़ ने हिंदू घरों और दुकानों को निशाना बनाया। जब ये लोग जान बचाकर Malda पहुंचे, तो उन्हें सरकारी कैंपों में रखा गया—जहां उनके साथ मानवीय व्यवहार की जगह उन्हें धमकियों और निगरानी का सामना करना पड़ा। Refugees ने State Human Rights Commission, Mahila Aayog और यहां तक कि राज्यपाल तक को अपनी पीड़ा सुनाई। सबसे चौंकाने वाला हिस्सा ये रहा कि जब मीडिया इस मुद्दे को रिपोर्ट करने पहुंचा, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। IPS Officer Faisal Raza ने कोर्ट के किसी कथित आदेश का हवाला देकर मीडिया कवरेज पर रोक लगाई, लेकिन जब उनसे आदेश दिखाने की मांग की गई तो वो टालमटोल और धमकियों पर उतर आए। BJP Leader Suvendu Adhikari ने इन शिविरों को ‘Detention Camps’ बताया और कहा, “सरकार ने इन शरणार्थियों को संवेदनशील क्षेत्र में राहत देने की बजाय जेल जैसा ट्रीटमेंट दिया है। करीब 400 लोग अपने घर छोड़कर यहां आए हैं और अब उन्हें कैद की तरह रखा जा रहा है।” Congress ने भी राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस बीच सबसे गंभीर सवाल यह है कि – मिडिया की टीम ने जब इन कैंपों की जमीनी सच्चाई जानने की कोशिश की, तो कई स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें Forced Silence में रखा गया है। न मीडिया से बात करने की अनुमति है, न ही बाहर किसी को बुलाने की। ये हालात न सिर्फ एक राज्य की विफलता को दिखाते हैं, बल्कि ये भी दर्शाते हैं कि भारत में अपने ही देश में कुछ नागरिक खुद को Refugee जैसा महसूस कर रहे हैं। Note: यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि मानवता का भी है। देश को इस पर ध्यान देने की सख्त ज़रूरत है। (पांचजन्य से साभार)
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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