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Monsoon

Monsoon Uttarakhand में बारिश बनी आफत, Kedarnath यात्रा रुकी; IMD का 16 राज्यों में Heavy Rain Alert

लगातार हो रही मानसूनी (Monsoon) बारिश ने उत्तर भारत के कई राज्यों में हालात बिगाड़ दिए हैं। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन (Landslide) हुआ है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक असर केदारनाथ यात्रा पर पड़ा है, जहां सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। वहीं हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण एक कांवड़िया तेज बहाव में बह गया। मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान समेत 16 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए Orange Alert जारी किया है। Kedarnath Yatra पर ब्रेक, यात्रियों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने चारधाम यात्रा की रफ्तार थाम दी है। रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण रास्ता बाधित हो गया। प्रशासन ने जोखिम को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। राहत की बात यह है कि सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सड़कें साफ करने और मार्ग को सुरक्षित बनाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। Jammu-Kashmir में Landslide से कई मार्ग प्रभावित जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें बंद हो गई हैं और यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है। Haridwar में गंगा का बढ़ा जलस्तर, कांवड़िया बहने की घटना उत्तराखंड में हो रही बारिश का असर हरिद्वार में भी देखने को मिला। गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से एक कांवड़िया तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद SDRF, जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत घाटों पर ही स्नान करें और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन की लोगों से अपील बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण उत्तर और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका बनी रहेगी। जो लोग चारधाम यात्रा, पर्यटन या अन्य कारणों से उत्तर भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। थोड़ी-सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ा, सऊदी के साथ इराक में एयरस्ट्राइक; जवाब में ईरान ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अब इस संघर्ष में सऊदी अरब भी खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार रात अमेरिका और सऊदी अरब ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में 10 लड़ाकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। PMF के ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां ईरान समर्थित PMF के लड़ाके मौजूद थे। हमले के बाद इलाके में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था दोनों बढ़ा दी गई हैं। अमेरिका ने बताया हमले का कारण अमेरिकी सेना का दावा है कि इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। इसी खतरे को देखते हुए संयुक्त सैन्य कार्रवाई की गई। ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से किया जवाब हवाई हमलों के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ये मिसाइलें जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर छोड़ी गई थीं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमले जारी रहे, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
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Parliament में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

Parliament में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

Parliament के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और स्पीकर को इसे दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। आज लोकसभा में कई अहम विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक पर अपनी बात रखेंगे। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए इस मुद्दे पर सभी की नजर बनी हुई है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। संसद में आज होने वाली चर्चा और इन दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार तथा विपक्ष के रुख पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना होगा कि हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कितनी सुचारु रूप से आगे बढ़ पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament में पेपर लीक बिल पर विपक्ष का हंगामा, अखिलेश बोले- सरकार वादे नहीं, सिर्फ जुमले देती है

Parliament में पेपर लीक बिल पर विपक्ष का हंगामा, अखिलेश बोले- सरकार वादे नहीं, सिर्फ जुमले देती है

Parliament में पेपर लीक रोकने से जुड़े बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता से किए गए वादे पूरे करने के बजाय सिर्फ “जुमले” देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और छात्रों को रोजगार और बेहतर शिक्षा का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज भी पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जब परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत, समय और भविष्य पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब तक प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। वहीं कांग्रेस ने भी सरकार को घेरते हुए छात्रों पर कथित तौर पर पैलेट गन चलाए जाने का मुद्दा उठाया। कांग्रेस सांसदों ने सवाल किया कि आखिर छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई। पार्टी ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। सदन में विपक्ष ने कहा कि पेपर लीक केवल कानून बनाने से नहीं रुकेगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना होगा। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और समय पर न्याय सुनिश्चित करना भी जरूरी है। सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा गया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नया कानून लाया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले लोगों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी सजा और सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सरकार ने दावा किया कि इससे भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा। पेपर लीक का मुद्दा देशभर के लाखों छात्रों से जुड़ा हुआ है। हर बार परीक्षा रद्द होने या दोबारा आयोजित होने से छात्रों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। ऐसे में छात्र और अभिभावक उम्मीद कर रहे हैं कि नया कानून केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर भी प्रभावी तरीके से लागू हो, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament

Parliament Session 2026: सदन में हंगामे के बीच Speaker की अपील, राहुल-प्रियंका Paper Leak पर सरकार को घेरेंगे

संसद (Parliament) के मानसून सत्र का एक और दिन राजनीतिक टकराव के नाम रहा। मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने पेपर लीक, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा की मांग की, जबकि सरकार ने पहले सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। Speaker ने क्यों की सदन चलाने की अपील? लोकसभा स्पीकर ने सभी सांसदों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संसद चर्चा और लोकतांत्रिक संवाद का मंच है। उन्होंने कहा कि यदि सदन व्यवस्थित ढंग से चलेगा तो हर दल को अपनी बात रखने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का पूरा अवसर मिलेगा। स्पीकर ने यह भी कहा कि संसद में जनता से जुड़े विषयों पर गंभीर बहस होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है, इसलिए सभी दलों को सहयोग करना चाहिए। विपक्ष ने कहा- हमारी आवाज भी सुनी जाए स्पीकर की अपील के बाद विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए ही संसद में आए हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बच रही है, जबकि युवाओं और आम लोगों से जुड़े सवालों पर जवाब मिलना चाहिए। विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर और संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार से तत्काल चर्चा की मांग दोहराई। Paper Leak पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का फोकस कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने संकेत दिए हैं कि वे संसद में पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। विपक्ष का कहना है कि पिछले कुछ समय में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर किया है। विपक्ष सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब मांगने के साथ-साथ ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग करेगा। सरकार ने क्या कहा? सरकार की ओर से कहा गया कि वह किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि लगातार हंगामे के कारण सदन का समय बर्बाद हो रहा है और विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि चर्चा नियमों के तहत ही होनी चाहिए। अब 2 बजे के बाद क्या होगा? लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित होने के बाद सभी की नजर अगली बैठक पर है। माना जा रहा है कि कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर पेपर लीक समेत कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। यदि दोनों पक्ष चर्चा के लिए सहमत होते हैं, तो संसद में युवाओं से जुड़े मुद्दों, परीक्षा व्यवस्था और अन्य राष्ट्रीय विषयों पर विस्तृत बहस होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert: Chamba Cloudburst से घर-गाड़ियां तबाह, Kedarnath Yatra पर ब्रेक

Monsoon 2026 ने देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कहीं बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, तो कहीं भूस्खलन ने सड़कें बंद कर दीं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा, जबकि राहत और बचाव टीमें लगातार मैदान में डटी हुई हैं। Chamba Cloudburst: कुछ ही मिनटों में बदल गया पूरा मंजर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मंगलवार को तेज बारिश के बीच अचानक क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति बनी। पहाड़ियों से तेज रफ्तार में पानी, मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थर नीचे आ गए। देखते ही देखते कई घरों में मलबा भर गया और सड़क किनारे खड़े वाहन चट्टानों के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी का बहाव इतना तेज था कि संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई परिवारों ने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। Himachal में Heavy Rain Alert, कई सड़कें बंद चंबा के अलावा मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और शिमला समेत कई जिलों में लगातार बारिश जारी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। प्रशासन मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। Kedarnath Yatra पर बारिश का असर उत्तराखंड में लगातार बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी दिखाई दिया। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई जगह लैंडस्लाइड होने के कारण प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी। मार्ग पर फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। सड़क से मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है और मौसम साफ होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। MP और Chhattisgarh में बारिश बनी जानलेवा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। अलग-अलग हादसों में दोनों राज्यों को मिलाकर छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई जिलों में जलभराव, मकान गिरने और पेड़ उखड़ने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने में जुटा है। Rescue Teams लगातार अलर्ट मोड में हिमाचल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य कर रही हैं। संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। IMD ने जारी किया Rain Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Meta Video Controversy: PM Modi का Message पहले हटा, फिर बहाल; कंपनी ने दी सफाई

सोशल मीडिया दिग्गज Meta एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह बना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह वीडियो, जिसे कंपनी ने पहले अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया और बाद में दोबारा बहाल (Restore) कर दिया। वीडियो हटने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठने लगे। हालांकि, Meta ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि यह किसी नीति (Policy) का मामला नहीं था, बल्कि Technical Error की वजह से वीडियो गलती से हट गया था। कंपनी के इस बयान के बाद वीडियो को फिर से प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया गया। 23 जुलाई को छात्रों के लिए साझा किया गया था संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को यह वीडियो छात्रों के नाम जारी किया था। इसमें उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव से घबराने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी थी। उन्होंने मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया था। यह संदेश खास तौर पर उन छात्रों के लिए था, जो आने वाली परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। Video हटते ही सोशल Media पर शुरू हुई चर्चा जैसे ही वीडियो Meta के प्लेटफॉर्म से गायब हुआ, सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि आखिर प्रधानमंत्री का आधिकारिक वीडियो क्यों हटाया गया। कुछ लोगों ने इसे कंटेंट मॉडरेशन से जोड़ा, जबकि कई यूजर्स कंपनी से जवाब मांगने लगे। मामला तेजी से वायरल होने के बाद Meta ने इसकी आंतरिक जांच शुरू की। Meta ने मानी गलती, कहा- Technical Error था कारण जांच पूरी होने के बाद Meta के प्रवक्ता ने बताया कि वीडियो किसी भी Community Standards या कंटेंट पॉलिसी के उल्लंघन की वजह से नहीं हटाया गया था। कंपनी के अनुसार, यह एक तकनीकी गड़बड़ी थी, जिसके कारण वीडियो गलती से Remove हो गया। समस्या की पहचान होते ही वीडियो को दोबारा Restore कर दिया गया। Meta ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए तकनीकी प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। Policy Violation नहीं, सिर्फ सिस्टम की समस्या Meta ने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी। वीडियो हटना केवल सिस्टम से जुड़ी तकनीकी समस्या का परिणाम था। कंपनी ने इस पूरे घटनाक्रम पर खेद जताते हुए स्पष्ट किया कि उपयोगकर्ताओं को सही जानकारी देना उसकी प्राथमिकता है। क्या है पूरा मामला? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP Protest

Delhi Police Claim on CJP Protest: 2,873 लोगों का Criminal Record, 989 पर गंभीर मामले

दिल्ली में हुए CJP प्रदर्शन (CJP Protest) को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा दावा किया है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में शामिल लोगों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। इनमें 101 लोगों पर हत्या (Murder) के मामले दर्ज हैं, जबकि 989 लोगों के खिलाफ गंभीर अपराधों से जुड़े केस लंबित हैं। हालांकि, यह जानकारी दिल्ली पुलिस का दावा है। अभी तक किसी अदालत या स्वतंत्र जांच एजेंसी ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। दिल्ली पुलिस ने क्या कहा? पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन में शामिल लोगों का रिकॉर्ड विभिन्न राज्यों और पुलिस डेटाबेस के जरिए जांचा गया। जांच में पता चला कि हजारों प्रतिभागियों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि— जांच और कार्रवाई जारी दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है। प्रदर्शन से जुड़े वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। विपक्ष और आयोजकों की प्रतिक्रिया का इंतजार दिल्ली पुलिस के इस दावे पर अभी तक प्रदर्शन के आयोजकों या विपक्ष की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में आमतौर पर दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखते हैं, इसलिए आगे आने वाले बयानों पर भी नजर रहेगी। राजनीतिक माहौल में बढ़ी चर्चा दिल्ली पुलिस के इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। समर्थक इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष पुलिस के दावों पर सवाल उठा सकता है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

Protest CJP ने जारी किया देर रात Video, कहा- सभी प्रदर्शनकारी सुरक्षित, FIR वापस लेने पर सहमति

देशभर में चल रहे प्रदर्शन के बीच Campaign for Justice and Peace (CJP) ने देर रात एक वीडियो जारी कर बड़ा दावा किया है। संगठन का कहना है कि सरकार के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही है और प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने पर सहमति बनी है। हालांकि, इस दावे पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। रात 1 बजे जारी वीडियो में क्या कहा गया? CJP ने रात करीब 1 बजे सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई। संगठन के अनुसार, बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। वीडियो में यह भी कहा गया कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के साथ अनुचित कार्रवाई नहीं होगी और सभी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सभी FIR वापस लेने का दावा CJP का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गई सभी एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संगठन ने इसे बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम बताया है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई लिखित आदेश या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में फिलहाल CJP के इस दावे को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जा सकता। अंतिम स्थिति सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील वीडियो संदेश में CJP ने आंदोलन में शामिल लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में प्रयास जारी हैं और सभी पक्ष सकारात्मक माहौल बनाए रखें। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर CJP के दावे के बाद प्रदर्शनकारियों और आम लोगों की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि सरकार आधिकारिक तौर पर एफआईआर वापस लेने की घोषणा करती है, तो आंदोलन से जुड़े हजारों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल इस पूरे मामले में सरकारी पुष्टि का इंतजार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon Session

Monsoon Session 2026: संसद में हंगामा जारी, Om Birla ने कहा- पहले सदन चलने दें, फिर होगी चर्चा

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में एक बार फिर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही। सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार शोर-शराबे के बीच कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी और दोनों सदनों को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उनका कहना था कि संसद बहस और संवाद का मंच है, इसलिए जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। Speaker Om Birla ने क्या कहा? हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर पक्ष की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि विरोध दर्ज कराने के साथ-साथ सदन की कार्यवाही भी चलने दें। उन्होंने कहा, “सदन चलना चाहिए, बातचीत होनी चाहिए। हमारी भी बात सुनिए और अपनी भी बात रखिए। संवाद से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।” स्पीकर ने यह भी कहा कि संसद में जनता के मुद्दों पर चर्चा होना सबसे अधिक जरूरी है और सांसदों की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें। विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध? विपक्षी दल कई राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उनका आरोप है कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं कराई जा रही। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे से सदन का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसी तनातनी के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। Lok Sabha और Rajya Sabha की कार्यवाही क्यों रुकी? सदन में लगातार नारेबाजी और व्यवधान के चलते पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों पर चर्चा नहीं हो सकी। मानसून सत्र के दौरान यह पहली बार नहीं है जब हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी हो। पिछले कुछ दिनों से भी संसद में इसी तरह का गतिरोध देखने को मिल रहा है। संसद की कार्यवाही पर क्या असर पड़ रहा है? लगातार बाधित हो रही कार्यवाही का असर विधायी कामकाज पर साफ दिखाई दे रहा है। जिन विधेयकों और नीतिगत विषयों पर चर्चा होनी है, वे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनी तो मानसून सत्र का बड़ा हिस्सा हंगामे की भेंट चढ़ सकता है। जनता की उम्मीद क्या है? देशभर के लोग चाहते हैं कि संसद में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो। संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां लिए गए फैसले करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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