लगातार हो रही मानसूनी (Monsoon) बारिश ने उत्तर भारत के कई राज्यों में हालात बिगाड़ दिए हैं। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन (Landslide) हुआ है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक असर केदारनाथ यात्रा पर पड़ा है, जहां सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। वहीं हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण एक कांवड़िया तेज बहाव में बह गया। मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान समेत 16 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए Orange Alert जारी किया है।
Kedarnath Yatra पर ब्रेक, यात्रियों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने चारधाम यात्रा की रफ्तार थाम दी है। रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण रास्ता बाधित हो गया। प्रशासन ने जोखिम को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है।
राहत की बात यह है कि सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सड़कें साफ करने और मार्ग को सुरक्षित बनाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।
Jammu-Kashmir में Landslide से कई मार्ग प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें बंद हो गई हैं और यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
Haridwar में गंगा का बढ़ा जलस्तर, कांवड़िया बहने की घटना
उत्तराखंड में हो रही बारिश का असर हरिद्वार में भी देखने को मिला। गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से एक कांवड़िया तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद SDRF, जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत घाटों पर ही स्नान करें और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
प्रशासन की लोगों से अपील
बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
- पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टालें।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
- नदी, नालों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें।
- चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले सड़क और मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।
अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण उत्तर और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका बनी रहेगी।
जो लोग चारधाम यात्रा, पर्यटन या अन्य कारणों से उत्तर भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। थोड़ी-सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
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