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Arvind Kejriwal

Arvind Kejriwal Bungalow सरकारी आवास को लेकर आया बड़ा बदलाव, राजनीति गरमाई

दिल्ली की राजनीति एक बार फिर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के सरकारी आवास को लेकर चर्चा में है। हालिया अपडेट के बाद इस मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। आवास आवंटन, पुराने बंगले से जुड़ा विवाद और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए गए हैं। पहले जिस 6 फ्लैगस्टाफ रोड बंगले को लेकर विवाद रहा, वह लंबे समय तक “रीनोवेशन खर्च” और “शीशमहल” जैसे आरोपों के कारण सुर्खियों में रहा था। अब नए आवास आवंटन और रहने की व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, जिससे राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो गई है। कोर्ट और कानूनी मामलों से राहत हाल के समय में एक अहम मोड़ तब आया जब दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने 2022 आबकारी नीति मामले में कई आरोपियों को सबूतों की कमी के आधार पर राहत दी। इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल और भी बदल गया। इस केस को लेकर लंबे समय तक जांच एजेंसियों और विपक्ष के बीच तीखी बहस चलती रही थी। राजनीति में बढ़ी बयानबाज़ी इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल लगातार केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा थी। वहीं विपक्षी दलों ने इन मामलों को प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर देखा है। क्यों अहम है यह फैसला? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Meeting: ट्रस्ट की हाई-लेवल बैठक में बड़ा अपडेट संभव

Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust की अहम बैठक आज Ayodhya में शुरू हो गई है। सुबह से ही ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी बैठक स्थल पर पहुंचते नजर आए, जिससे पूरे इलाके में हल्की हलचल और उत्सुकता का माहौल बन गया। बैठक की शुरुआत और माहौल बैठक की शुरुआत सामान्य माहौल में हुई, लेकिन जैसे-जैसे ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होते गए, माहौल गंभीर और महत्वपूर्ण होता चला गया। स्थानीय स्तर पर भी इस बैठक को लेकर लोगों में खास दिलचस्पी देखी जा रही है। चंपत राय को लेकर चर्चा इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर हो रही है। हालांकि अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक प्रशासनिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से विचार किया जा रहा है। DM और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी बैठक में अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) और ट्रस्ट के कई वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद हैं। उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि चर्चा सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़ी हो सकती है। राम मंदिर परियोजना पर समीक्षा Ram Mandir निर्माण परियोजना की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन और आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है। ट्रस्ट लगातार इस परियोजना को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर जोर दे रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parshurampuri

Parshurampuri Rename जलालाबाद का नया नाम, भगवान परशुराम से जुड़ा ऐतिहासिक फैसला

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अहम कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद (Jalalabad) का नाम बदलकर अब “परशुरामपुरी (Parshurampuri)” कर दिया है। यह निर्णय सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नया स्वर देने वाला कदम माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों पर मुहर लखनऊ में हुई योगी कैबिनेट की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में रहा जलालाबाद का नाम परिवर्तन, जिसे अब आधिकारिक रूप से “परशुरामपुरी” के नाम से जाना जाएगा। भगवान परशुराम से जुड़ी आस्था के आधार पर फैसला सरकार के अनुसार यह फैसला भगवान परशुराम से जुड़ी मान्यताओं और क्षेत्रीय आस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह स्थान भगवान परशुराम से ऐतिहासिक रूप से जुड़ा हुआ है, और इसी वजह से लंबे समय से नाम बदलने की मांग की जा रही थी। इस फैसले के बाद क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, खासकर उन लोगों के बीच जो इसे धार्मिक पहचान की पुनर्स्थापना के रूप में देख रहे हैं। पहले ही मिल चुकी थी केंद्र की मंजूरी जानकारी के मुताबिक, इस नाम परिवर्तन को लेकर केंद्र सरकार से पहले ही अनापत्ति (NOC) मिल चुकी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए इसे लागू करने का निर्णय लिया। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सरकार का मानना है कि “परशुरामपुरी” नाम के बाद इस क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी और यहां धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास के नए अवसर भी बनने की उम्मीद है। विकास से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी पास कैबिनेट बैठक में सिर्फ नाम परिवर्तन ही नहीं, बल्कि राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए। इनमें नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य और सुविधाओं को मजबूत करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Crime

Delhi Crime आखिरी कॉल के 3 घंटे बाद नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत

Delhi Crime एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। महिला की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई, लेकिन इस घटना को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिवार ने साफ आरोप लगाया है कि यह कोई हादसा या आत्महत्या नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या हो सकती है। मौत से 3 घंटे पहले हुआ था आखिरी कॉल जानकारी के अनुसार, घटना से लगभग तीन घंटे पहले महिला ने अपने परिवार से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान वह पूरी तरह सामान्य थी और किसी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया था।परिवार के लिए यह बात और भी ज्यादा चौंकाने वाली है कि कुछ ही घंटों बाद उनकी बेटी की मौत की खबर आ गई। ऑफिस पार्टी के बाद अचानक बदली कहानी बताया जा रहा है कि महिला उसी दिन अपने ऑफिस की पार्टी में शामिल हुई थी। पार्टी के बाद ही यह दुखद घटना सामने आई। अब सवाल यह उठ रहा है कि पार्टी के दौरान या उसके बाद आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक सामान्य दिन को दर्दनाक हादसे में बदल दिया। तीसरी मंजिल से गिरने की रहस्यमयी घटना महिला की मौत तीसरी मंजिल से गिरने के कारण हुई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह गिरना दुर्घटना थी, आत्महत्या या किसी साजिश का हिस्सा।मौके की परिस्थितियां संदिग्ध बताई जा रही हैं, जिसके चलते पुलिस ने जांच तेज कर दी है। परिवार का दर्द और गंभीर आरोप परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। उनका आरोप है कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है और उसे जानबूझकर मौत के घाट उतारा गया है।परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग की है। पुलिस जांच में जुटी, CCTV और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में इसे संदिग्ध मौत माना जा रहा है। पुलिस अब ऑफिस स्टाफ, कॉल डिटेल्स, मोबाइल डेटा और CCTV फुटेज की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kasauli

Kasauli Murder Case: Wife ने Lover के साथ मिलकर Husband की हत्या, शव झाड़ियों में मिला

हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन Kasauli से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हिला दिया है, बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और उसके बाद शव को सुनसान झाड़ियों में फेंक दिया। कैसे खुला यह खौफनाक मामला? घटना का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने कासौली के बाहरी इलाके में झाड़ियों के बीच एक शव देखा। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को यह मामला संदिग्ध लगा और मृतक की पहचान के साथ ही कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आने लगे। Wife-Lover Relationship से जुड़ा शक जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर शक गहराने लगा। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे और इसी वजह से पति-पत्नी के बीच लगातार तनाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इसी रिश्ते और विवाद ने मिलकर इस खौफनाक साजिश को जन्म दिया। Police Action: दोनों आरोपी हिरासत में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। इस केस में हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था। Kasauli Crime Shock: इलाके में दहशत और गुस्सा इस दर्दनाक वारदात के बाद पूरे कासौली क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर बेहद आहत हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
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Jharsuguda

Odisha Jharsuguda Case: अस्पताल में घंटों इंतजार के बाद टूटा परिवार, शव बाइक पर ले जाना पड़ा

ओडिशा के Jharsuguda जिले से सामने आई यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। एक पति को अपनी पत्नी की मौत के बाद उसका शव बाइक पर बांधकर घर ले जाना पड़ा, क्योंकि अस्पताल में न तो एंबुलेंस मिली और न ही शव वाहन की कोई सुविधा। कैसे हुई यह दर्दनाक घटना? जानकारी के मुताबिक, महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका था, लेकिन दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल से लगातार एंबुलेंस या शव वाहन की मांग की, लेकिन घंटों इंतजार करवाया गया। कोई मदद नहीं मिली। “घंटों इंतजार करते रहे, कोई नहीं आया” परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार अस्पताल स्टाफ से गुहार लगाई, लेकिन उन्हें सिर्फ इंतजार करने को कहा गया। नतीजा यह हुआ कि मजबूरी में पति को अपनी पत्नी के शव को बाइक पर बांधकर घर ले जाना पड़ा। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोग भी भावुक हो गए और अस्पताल व्यवस्था पर गुस्सा फूट पड़ा। लोगों में गुस्सा, सिस्टम पर सवाल इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता है। शव वाहन जैसी बुनियादी सुविधा का न मिलना गंभीर लापरवाही को दिखाता है। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और जिम्मेदारों पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर यह मामला एक बार फिर ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को उजागर करता है। आपात स्थिति में भी समय पर एंबुलेंस या शव वाहन न मिलना सिस्टम की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Uttar Pradesh Politics

Uttar Pradesh Politics 2027: M-Y से PDA तक, बीजेपी और सपा में कड़ा मुकाबला

उत्तर प्रदेश की राजनीति (Uttar Pradesh Politics) एक बार फिर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरणों के दौर में पहुंच गई है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी सोशल इंजीनियरिंग और “लाभार्थी मॉडल” के सहारे मजबूत पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव “PDA फॉर्मूला” के जरिए नया सामाजिक गठबंधन तैयार करने में जुटे हैं। इस पूरी लड़ाई का केंद्र अब सिर्फ वोट नहीं, बल्कि जातीय और सामाजिक समीकरण बन चुके हैं। BJP का बदलता M-Y Formula: अब सिर्फ जाति नहीं, पूरा नेटवर्क पहले यूपी की राजनीति में “M-Y (मुस्लिम + यादव)” को समाजवादी पार्टी का मजबूत वोट बैंक माना जाता था। लेकिन बीजेपी ने इस समीकरण को सीधे टकराने के बजाय पूरा गेम ही बदल दिया है। आज बीजेपी की रणनीति सिर्फ एक वोट बैंक पर नहीं, बल्कि कई सामाजिक समूहों के संतुलन पर आधारित है: बीजेपी का फोकस अब “M-Y बनाम बाकी” नहीं, बल्कि “पूरा समाज + सरकार की योजनाएँ” बन गया Akhilesh Yadav का PDA Formula: नया सामाजिक गठबंधन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने “M-Y” की छवि से बाहर निकलते हुए “PDA” यानीPichhda (पिछड़ा), Dalit (दलित), Alpsankhyak (अल्पसंख्यक)का बड़ा राजनीतिक फॉर्मूला सामने रखा है। इस रणनीति का मकसद साफ है: हालांकि PDA की असली परीक्षा 2027 में होगी, जब सभी वर्गों को एक साथ बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। 2027 की लड़ाई: सिर्फ चुनाव नहीं, दो सोच की टक्कर यूपी का 2027 चुनाव अब सिर्फ दो पार्टियों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं की जंग बन चुका है। BJP की रणनीति: SP की रणनीति: किसके सामने क्या चुनौती है? अखिलेश यादव की चुनौती: PDA को सिर्फ नारा नहीं, जमीन पर मजबूत वोट बैंक में बदलना आसान नहीं होगा।गैर-यादव OBC वोट और दलित वर्ग में बीजेपी की पकड़ सबसे बड़ी बाधा है। बीजेपी की चुनौती: सत्ता विरोधी भावनाओं को रोकना और विपक्षी एकजुटता को कमजोर करना सबसे बड़ी परीक्षा होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Truecaller

Truecaller Ban TRAI की बड़ी तैयारी, Caller ID Apps पर हो सकता है बड़ा एक्शन

TRAI Action on Truecaller अगर आप भी अपने मोबाइल में Truecaller या कोई अन्य Caller ID ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। देश में बढ़ते स्पैम कॉल और फर्जी फोन कॉल्स को रोकने के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि Truecaller जैसे ऐप्स पर बैन लगाया जा सकता है। हालांकि, सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। दरअसल, TRAI फिलहाल किसी ऐप को तुरंत बंद करने की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि उसने सरकार से ऐसे ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अतिरिक्त कानूनी अधिकार मांगे हैं, जो जरूरी कॉल्स को भी स्पैम बताकर ब्लॉक या टैग कर देते हैं। आखिर क्यों बढ़ी TRAI की चिंता? आज करोड़ों लोग Truecaller और दूसरे Caller ID ऐप्स के जरिए यह पहचानते हैं कि आने वाली कॉल किसकी है। साथ ही ये ऐप्स स्पैम कॉल्स की पहचान भी करते हैं। लेकिन TRAI का कहना है कि कई बार ये ऐप्स 1400 और 1600 सीरीज के वैध नंबरों को भी स्पैम की श्रेणी में डाल देते हैं। इन नंबरों का इस्तेमाल बैंक, बीमा कंपनियां, अस्पताल, सरकारी विभाग और अन्य संस्थान जरूरी जानकारी देने के लिए करते हैं। ऐसे में कई लोगों तक OTP, बैंक अलर्ट, हेल्थ अपडेट या दूसरी महत्वपूर्ण कॉल्स समय पर नहीं पहुंच पातीं। यही वजह है कि TRAI इस पूरे सिस्टम को अधिक जवाबदेह बनाना चाहता है। किन Caller ID Apps पर है निगरानी? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TRAI की निगरानी में फिलहाल कुछ प्रमुख Caller ID और Call Management Apps हैं, जिनमें शामिल हैं— इन ऐप्स के जरिए लाखों लोग स्पैम कॉल्स से बचते हैं, लेकिन नियामक चाहता है कि किसी भी वैध नंबर को बिना पर्याप्त आधार के स्पैम घोषित न किया जाए। क्या Truecaller भारत में Ban होने वाला है? सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन फिलहाल Truecaller पर बैन लगाने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। TRAI ने केवल यह मांग की है कि उसे ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार मिले, जो नियमों का पालन नहीं करते। यदि भविष्य में कोई ऐप लगातार गलत तरीके से कॉल्स को ब्लॉक करता है या सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है, तभी उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। TRAI सरकार से क्या मांग रहा है? मौजूदा नियमों के तहत TRAI के पास इन ऐप्स पर सीधे कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि ये टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं। इसी वजह से TRAI चाहता है कि उसे आईटी एक्ट (IT Act) के तहत अतिरिक्त शक्तियां दी जाएं। यदि सरकार इसकी मंजूरी देती है, तो नियामक ऐसे ऐप्स को नोटिस जारी कर सकेगा और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर पाएगा। आम यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा? अगर TRAI का प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका फायदा सीधे मोबाइल यूजर्स को मिल सकता है। स्पैम कॉल रोकने के लिए पहले भी उठा चुका है कदम TRAI पिछले कुछ समय से स्पैम कॉल और फर्जी SMS पर लगाम लगाने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है। DND सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ-साथ कॉलर नेम डिस्प्ले (CNAP) जैसी तकनीक पर भी काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में लोगों को किसी कॉल की सही पहचान आसानी से हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir: Champat Rai के इस्तीफे पर आज फैसला, General Secretary पद के लिए 3 नाम आगे

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली अहम बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर फैसला हो सकता है। इसके साथ ही राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद, ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और नए महासचिव की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। बैठक से पहले सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि अगर चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है, तो उनकी जगह ट्रस्ट का नया General Secretary कौन बनेगा। फिलहाल तीन बड़े नाम इस रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। आखिर क्यों उठा चंपत राय के इस्तीफे का मामला? हाल ही में राम मंदिर (Ram Mandir) में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे की गिनती को लेकर विवाद सामने आया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) बनाई गई है, जिसकी अंतरिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सामने रखी जा सकती है। इसी विवाद के बाद महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे ट्रस्ट को सौंप दिए थे। अब इन इस्तीफों पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा। General Secretary बनने की रेस में कौन-कौन? 1. बजरंग लाल बागड़ा विश्व हिंदू परिषद (VHP) से लंबे समय से जुड़े बजरंग लाल बागड़ा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। संगठन में उनके अनुभव और लंबे समय से जुड़े रहने के कारण उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। 2. नृपेंद्र मिश्रा राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में उनकी अहम भूमिका रही है। प्रशासनिक अनुभव के चलते उन्हें भी मजबूत विकल्प माना जा रहा है। 3. योगेश्वर राम योगेश्वर राम का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आज की बैठक में किन मुद्दों पर होगा मंथन? सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट की बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हो सकती है। क्या आज मिल जाएगा नया महासचिव? फिलहाल ट्रस्ट ने किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। माना जा रहा है कि बैठक खत्म होने के बाद ही यह साफ होगा कि चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार किया जाता है या नहीं। यदि इस्तीफा मंजूर होता है, तो नए महासचिव के नाम का भी ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल बजरंग लाल बागड़ा, नृपेंद्र मिश्रा और योगेश्वर राम के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। अब सभी की नजरें ट्रस्ट की बैठक और उसके फैसलों पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यही बैठक राम मंदिर ट्रस्ट की आगे की प्रशासनिक दिशा तय कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Indonesia Tour: राष्ट्रपति सुबियांतो से अहम मुलाकात, BrahMos Deal और Hindu Temple Visit रहेंगे खास

PM Modi अपने तीन देशों के विदेश दौरे के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक विदेश दौरा नहीं मानी जा रही, बल्कि भारत की रक्षा, व्यापार और कूटनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें सबसे ज्यादा नजर संभावित BrahMos Missile Deal पर टिकी हुई है। भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को मिलेगा नया आयाम भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। इस बैठक में दोनों देश रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर विचार करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। ₹2,500 करोड़ की BrahMos Deal पर बन सकती है सहमति इस दौरे का सबसे चर्चित पहलू भारत में विकसित BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का संभावित निर्यात समझौता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 2,500 करोड़ रुपये की इस रक्षा डील को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। अगर यह समझौता होता है तो इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो जाएगा। इस सौदे में मिसाइल सिस्टम के अलावा प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं। इससे भारत के रक्षा निर्यात को भी नई मजबूती मिलेगी। दुनिया के सबसे बड़े Hindu Temple Prambanan का करेंगे दर्शन प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रांबानन (Prambanan) मंदिर भी जाएंगे। यह मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसरों में गिना जाता है। भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित यह ऐतिहासिक मंदिर भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों की जीवंत पहचान है। प्रधानमंत्री का यहां जाना केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि साझा विरासत के सम्मान का भी संदेश माना जा रहा है। जकार्ता में भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। वे प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे और दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी रिश्तों को और मजबूत बनाने पर जोर देंगे। इंडोनेशिया के बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा इंडोनेशिया यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी जाएंगे। इन दोनों देशों के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यह पूरा दौरा भारत की वैश्विक कूटनीतिक रणनीति को नई गति देगा। क्यों अहम माना जा रहा है यह दौरा? ऐसे समय में जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत लगातार बढ़ रही है, भारत अपने मित्र देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इंडोनेशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया का एक महत्वपूर्ण देश है और उसके साथ रक्षा एवं आर्थिक सहयोग बढ़ाना भारत की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ समझौतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच भरोसे, साझेदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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