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Ram Mandir चढ़ावा चोरी विवाद: फ्लाइट में गोपाल राव को देखकर भड़के यात्री

Ram Mandir चढ़ावा चोरी विवाद: फ्लाइट में गोपाल राव को देखकर भड़के यात्री

Ram Mandir में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव को एक फ्लाइट में देखकर कुछ यात्रियों ने विरोध जताया। यात्रियों ने उनके सामने “चढ़ावा चोर” के नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर ट्रस्ट ने 6 जुलाई को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक का एजेंडा भी जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि बैठक में मंदिर के प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। फ्लाइट में हुआ विरोध जानकारी के अनुसार, गोपाल राव जैसे ही फ्लाइट में अपनी सीट पर पहुंचे, कुछ यात्रियों ने उन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते विरोध बढ़ गया और लोगों ने “चढ़ावा चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि इस दौरान किसी तरह की हाथापाई या हिंसा की सूचना नहीं है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराने को गलत बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग मामले में जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। क्या है पूरा मामला? राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे के कथित गबन को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है। आरोपों के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। हालांकि संबंधित पक्ष की ओर से आरोपों को लेकर अपनी सफाई भी दी गई है और जांच की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। 6 जुलाई को होगी ट्रस्ट की अहम बैठक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 6 जुलाई को होने वाली बैठक का एजेंडा जारी कर दिया है। इस बैठक में मंदिर से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकास कार्यों के साथ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विवाद के बीच होने वाली इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस फ्लाइट का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी मान लेना उचित नहीं है। फिलहाल, पूरे मामले पर सभी की नजर आगामी ट्रस्ट बैठक और जांच की प्रगति पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Murder

Bathroom Murder Mystery: पति को मारकर बाथरूम में दफनाया, 45 दिन बाद ऐसे खुला पूरा राज

घरेलू विवाद कभी-कभी इतना भयावह रूप ले लेते हैं कि उनका अंजाम पूरे समाज को हैरान कर देता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला पर अपने पति की हत्या (Murder) करने और शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि शव को छिपाने के लिए बाथरूम का नया फर्श बनवाया गया और करीब 45 दिनों तक उसी बाथरूम का इस्तेमाल किया जाता रहा। पुलिस ने जब फर्श की खुदाई करवाई तो पूरा मामला उजागर हो गया। 45 दिनों तक पति के गायब होने की कहानी सुनाती रही पुलिस के मुताबिक, महिला का पति करीब डेढ़ महीने से लापता था। इस दौरान उसने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को अलग-अलग वजह बताकर मामले को टालने की कोशिश की। कभी कहा कि पति कहीं काम के सिलसिले में गया है तो कभी दूसरी बातें बताईं। लगातार बदलते बयानों ने परिजनों के मन में शक पैदा कर दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बाथरूम के नए फर्श ने बढ़ाया पुलिस का शक जांच के दौरान पुलिस टीम जब घर पहुंची तो बाथरूम का फर्श हाल ही में बना हुआ दिखाई दिया। अधिकारियों को यह बात संदिग्ध लगी। इसके बाद फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में फर्श की खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से शव बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने पति की हत्या करने की बात स्वीकार की। उसका कहना है कि पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। उसने दावा किया कि इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस केवल आरोपी के बयान पर भरोसा नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घरेलू हिंसा के आरोपों सहित हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। शव छिपाने के लिए बनाई गई पूरी योजना पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद महिला ने शव को ठिकाने लगाने के लिए बाथरूम में गड्ढा खोदा और वहीं दफना दिया। इसके बाद ऊपर से सीमेंट डालकर नया फर्श तैयार कराया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्श बनवाने या शव छिपाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। बताया जा रहा है कि करीब 45 दिनों तक घर में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि बाथरूम के फर्श के नीचे शव दफन है। फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम का इंतजार पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं। अब फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने क्या कहा? पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। आरोपी महिला से लगातार पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के आधार पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की आधिकारिक तस्वीर सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RSS

Ram Mandir Donation Theft: RSS ने जताई चिंता, मंदिर प्रबंधन से पारदर्शिता बढ़ाने की अपील

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्रों से धनराशि चोरी होने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस घटना ने देशभर के करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी आधिकारिक बयान जारी कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है राम मंदिर RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि अयोध्या में बना श्री राम जन्मभूमि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थान पर दान पात्रों में जमा श्रद्धालुओं की राशि की चोरी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे हिंदू समाज को दुखी किया है और करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। SIT जांच शुरू, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। RSS ने स्पष्ट कहा है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इससे न केवल दोषियों को सजा मिलेगी, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर भी रोक लगेगी। मंदिर प्रबंधन से व्यवस्था मजबूत करने की अपेक्षा अपने बयान में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इस घटना को सामान्य चोरी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मंदिर की सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और संचालन व्यवस्था की गंभीर समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो, सुरक्षा प्रणाली आधुनिक तकनीक से लैस हो और मंदिर प्रशासन ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करे, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास पहले से अधिक मजबूत हो। वर्तमान में जो भ्रम और असमंजस का माहौल बना है, उसे भी जल्द समाप्त किया जाना चाहिए। पारदर्शिता से और मजबूत होगा श्रद्धालुओं का भरोसा RSS ने भरोसा जताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास, उत्तर प्रदेश सरकार और SIT मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। साथ ही वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे। संघ का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेह प्रबंधन से मंदिर की गरिमा बनी रहेगी और करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास पहले से अधिक मजबूत होगा। हिंदू समाज से धैर्य और संयम रखने की अपील राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देशभर के रामभक्तों और हिंदू समाज से अपील की है कि वे इस संवेदनशील समय में धैर्य और संयम बनाए रखें। जांच पूरी होने से पहले किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। संघ ने यह भी कहा कि कुछ तत्व इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू समाज और सनातन परंपरा की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे समय में समाज को एकजुट रहकर केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EPF

EPF में बड़ा बदलाव: ₹1,800 तक ही Mandatory PF, सैलरी पर पड़ेगा सीधा असर

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका असर देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों पर पड़ने वाला है। नए नियमों के तहत अब EPF में 12% योगदान केवल एक तय सीमा तक ही अनिवार्य होगा, जबकि उससे ऊपर का योगदान पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। यह बदलाव न सिर्फ कंपनियों की सैलरी स्ट्रक्चर को प्रभावित करेगा, बल्कि कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी और भविष्य की बचत पर भी सीधा असर डालेगा। क्या है नया EPF नियम? नए प्रावधान के मुताबिक: यह नियम कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation) के तहत लागू किया गया है। पहले और अब में क्या फर्क है? पहले कंपनियां कई बार कर्मचारी की पूरी बेसिक सैलरी पर 12% PF काटती थीं, जिससे हाई सैलरी वालों की इन-हैंड सैलरी कम हो जाती थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है: पहले: अब: कर्मचारियों पर असर – फायदा या चिंता? इस नए नियम के बाद स्थिति दो तरह से देखी जा रही है: फायदे: क्या करना सही रहेगा? अगर आपकी सैलरी ज्यादा है, तो सिर्फ अनिवार्य PF पर निर्भर रहना सही नहीं माना जा रहा है।आप चाहें तो Voluntary Provident Fund (VPF) के जरिए अपनी बचत को पहले की तरह जारी रख सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बीच सड़क e-rickshaw रोकने वाले चीनी ऐप्स पर केंद्र का बड़ा एक्शन

बीच सड़क e-rickshaw रोकने वाले चीनी ऐप्स पर केंद्र का बड़ा एक्शन

यात्रियों की सुरक्षा और सड़क व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने उन चीनी मोबाइल ऐप्स के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है, जिनकी वजह से e-rickshaw बीच सड़क में अचानक रुक जाते थे। सरकार ने ऐसे ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, कई ई-रिक्शा चालकों ने अपने वाहनों में ऐसे चीनी ऐप्स का इस्तेमाल किया था जो वाहन के कंट्रोल सिस्टम से जुड़े होते हैं। इन ऐप्स के जरिए ई-रिक्शा को कहीं से भी रोका या नियंत्रित किया जा सकता था। कई बार तकनीकी गड़बड़ी के कारण ई-रिक्शा चलते-चलते बीच सड़क पर रुक जाते थे, जिससे यात्रियों को परेशानी होती थी और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता था। सरकार का कहना है कि इस तरह के ऐप्स न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि देश की साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय हैं। इसी वजह से संबंधित एजेंसियों को ऐसे ऐप्स की पहचान कर उन्हें प्ले स्टोर से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-रिक्शा जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों में केवल अधिकृत और सुरक्षित सॉफ्टवेयर का ही उपयोग होना चाहिए। किसी भी अनधिकृत ऐप के कारण वाहन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है, जिससे चालक और यात्रियों दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है। केंद्र सरकार की इस कार्रवाई का उद्देश्य ई-रिक्शा को अधिक सुरक्षित बनाना और यात्रियों को बिना किसी तकनीकी बाधा के बेहतर सफर उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में ऐसे ऐप्स के इस्तेमाल पर और सख्ती किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jammu Kashmir के गांदरबल में CRPF की गाड़ी पलटी, सोनमर्ग सुरंग के पास हादसे में 6 जवान घायल

Jammu Kashmir के गांदरबल में CRPF की गाड़ी पलटी, सोनमर्ग सुरंग के पास हादसे में 6 जवान घायल

Jammu Kashmir के गांदरबल जिले में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के छह जवान घायल हो गए। यह हादसा सोनमर्ग सुरंग (Z-Morh Tunnel) के पास उस समय हुआ, जब जवानों को लेकर जा रही CRPF की गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल जवानों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सभी जवानों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। अभी तक हादसे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि पहाड़ी इलाके की कठिन सड़कें या वाहन के अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि सोनमर्ग सुरंग और उसके आसपास का इलाका सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां सुरक्षा बलों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल घायल जवानों का इलाज जारी है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India-Japan ने Pakistan को दो टूक संदेश: सीमा पार आतंकवाद अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

India-Japan ने Pakistan को दो टूक संदेश: सीमा पार आतंकवाद अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

India और Japan ने एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोनों देशों ने कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है और इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। भारत और जापान के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों को मिलने वाली आर्थिक मदद और सुरक्षित ठिकानों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना होगा। भारत ने दोहराया कि आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। ऐसे में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क और उनके समर्थकों पर सख्त कार्रवाई होना बेहद जरूरी है। बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, आर्थिक साझेदारी और नई तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। भारत और जापान ने भविष्य में अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और जापान का यह संयुक्त बयान पाकिस्तान के लिए एक मजबूत कूटनीतिक संदेश है। इससे साफ संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को लगातार समर्थन मिल रहा है। भारत लंबे समय से सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों का मुद्दा वैश्विक मंचों पर उठाता रहा है। ऐसे में जापान जैसे प्रमुख सहयोगी देश का खुला समर्थन भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को और मजबूती देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

India-New Zealand FTA: अगले सप्ताह न्यूजीलैंड जाएंगे PM Modi, व्यापार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित Free Trade Agreement (FTA) पर बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। इसलिए इस यात्रा को केवल एक औपचारिक विदेश दौरा नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सरकारी और कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन होगा। इनमें व्यापार, रक्षा, शिक्षा, कृषि, डिजिटल तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। FTA पर टिकी सबकी नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कई वर्षों से चर्चा चल रही है। हाल के महीनों में दोनों देशों ने बातचीत को नई गति दी है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि FTA पर सहमति बनती है, तो दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात आसान होगा, कई उत्पादों पर शुल्क कम हो सकता है और कारोबारियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। इससे द्विपक्षीय व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग? दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत होने से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है। भारत और न्यूजीलैंड दोनों को होगा फायदा FTA लागू होने की स्थिति में भारतीय फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, आईटी और कृषि उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं। वहीं न्यूजीलैंड के डेयरी उत्पाद, कृषि तकनीक और उच्च शिक्षा क्षेत्र को भारत जैसे बड़े बाजार तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा निवेश में बढ़ोतरी, नई कंपनियों की एंट्री, रोजगार के अवसर और मजबूत सप्लाई चेन दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई दिशा दे सकते हैं। भारतीय समुदाय से भी करेंगे मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मुलाकात कर सकते हैं। वहां भारतीय मूल के लोग व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में अहम योगदान दे रहे हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री उन्हें संबोधित करेंगे और दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी जोर देंगे। इंडो-पैसिफिक रणनीति में भी अहम भूमिका भारत लगातार इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है। न्यूजीलैंड इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में इस यात्रा के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आर्थिक साझेदारी के साथ-साथ रणनीतिक सहयोग भी दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों को नई दिशा देगा। क्यों खास है पीएम मोदी का यह दौरा? प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। ऐसे में न्यूजीलैंड के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने की दिशा में उठाया गया यह कदम दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। यदि FTA वार्ता में सकारात्मक प्रगति होती है, तो आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर खुल सकते हैं। यही वजह है कि इस दौरे पर उद्योग जगत, निवेशकों और कूटनीतिक विशेषज्ञों की खास नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Raghuvanshi

Sonam Raghuvanshi Bail Update: सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने से किया इनकार, सुनवाई जारी

चर्चित Raja Raghuvanshi Murder Case में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मेघालय सरकार की उस याचिका पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें सोनम को मिली जमानत रद्द (Bail Cancel) करने की मांग की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी और अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी। वहीं, इस फैसले को लेकर पीड़ित परिवार और राज्य सरकार दोनों की नजर अब अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। Raja Raghuvanshi Murder Case क्या है? इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की मई 2025 में मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में इसे लापता होने का मामला माना गया, लेकिन बाद में जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या बताया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी समेत कई लोगों की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सोनम को गिरफ्तार किया और मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया। हाईकोर्ट ने क्यों दी थी Bail? मेघालय हाईकोर्ट ने हाल ही में सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को बरकरार रखा था। अदालत का मानना था कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया। कोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के स्थान पर गलती से दूसरी धारा दर्ज कर दी गई थी। अदालत ने इसे आरोपी के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी गंभीर प्रक्रिया संबंधी त्रुटि माना और इसी आधार पर जमानत जारी रखने का फैसला सुनाया। Meghalaya Government ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा? हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मेघालय सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। राज्य सरकार ने दलील दी कि दस्तावेजों में हुई गलती केवल टाइपिंग एरर थी और इसका फायदा आरोपी को नहीं मिलना चाहिए। सरकार ने अदालत से कहा कि यह एक गंभीर हत्या का मामला है और तकनीकी कारणों के आधार पर जमानत बनाए रखना न्याय के हित में नहीं होगा। इसलिए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाकर सोनम की जमानत रद्द की जाए। Supreme Court ने फिलहाल क्या फैसला दिया? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की दलीलें सुनीं, लेकिन इस स्तर पर सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि फिलहाल जमानत रद्द करने का कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, राज्य सरकार की याचिका पर नियमित सुनवाई जारी रहेगी और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। पीड़ित परिवार ने जताई नाराजगी राजा रघुवंशी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम फैसले पर निराशा जताई है। परिवार का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में केवल तकनीकी त्रुटि के आधार पर आरोपी को राहत मिलना उचित नहीं है। परिजनों का मानना है कि उन्हें न्याय मिलने तक कानूनी लड़ाई जारी रहेगी और वे अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार करेंगे। आगे क्या होगा? फिलहाल सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर रहेंगी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बेल पर तत्काल रोक नहीं लगाई है। अब अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि हाईकोर्ट द्वारा दिया गया जमानत आदेश सही था या नहीं। उधर, Raja Raghuvanshi Murder Case का ट्रायल भी जारी है। आने वाले समय में गवाहों के बयान, सबूत और अदालत की सुनवाई इस हाई-प्रोफाइल केस की दिशा तय करेंगे। इसलिए इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Theft: पैसे कहां छिपाए? आरोपी अविनाश- के साथ स्पॉट पर पहुंचेगी पुलिस

Ayodhya Ram Mandir में सामने आए कथित चोरी के मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। पुलिस की पूरी कोशिश चोरी की गई रकम तक पहुंचने और यह पता लगाने की है कि आखिर उसे कहां छिपाया गया। इसी सिलसिले में मुख्य आरोपी अविनाश को उन जगहों पर ले जाया जाएगा, जहां उसने पूछताछ के दौरान रकम छिपाने या ले जाने से जुड़ी जानकारी दी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि घटनास्थल और अन्य संभावित ठिकानों का निरीक्षण करने से कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी एक बार फिर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। चोरी की रकम तक पहुंचने की कोशिश पुलिस फिलहाल इस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है कि चोरी के बाद पैसे कहां गए। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि रकम किसी एक स्थान पर छिपाई गई या उसे अलग-अलग जगहों पर रखा गया। आरोपी के बयान की पुष्टि के लिए पुलिस उसे संभावित ठिकानों पर लेकर जाएगी और पूरे घटनाक्रम का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से करेगी। अधिकारियों का कहना है कि मौके पर की जाने वाली जांच से कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। फिर होगी ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दोबारा सवाल-जवाब करेगी। जांच टीम पहले दर्ज किए गए बयानों की तुलना आरोपी के नए खुलासों और अन्य साक्ष्यों से करेगी। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि दोबारा पूछताछ का मतलब किसी पर आरोप तय होना नहीं है। यह जांच प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है, ताकि हर पहलू की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा सके। CCTV और डिजिटल सबूतों की भी हो रही जांच जांच केवल पूछताछ तक सीमित नहीं है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि वारदात में आरोपी अकेला शामिल था या उसके साथ कोई और भी था। जरूरत पड़ने पर आरोपी के संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ का दायरा बढ़ाया जा सकता है। अब तक जांच में क्या सामने आया? आधिकारिक बयान का इंतजार राम मंदिर चोरी मामले में अभी जांच जारी है और पुलिस की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष या पूरी रकम की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां हर संभावित कड़ी को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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