आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलराष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ रिसेप्शन, PM मोदी समेत 650 मेहमान हुए शामिलBREAKINGमध्य प्रदेशशिवपुरी मेडिकल कॉलेज से ग्वालियर ले जाते समय मरीज की मौत, बेटे ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोपBREAKINGदेश-हरपलयूपी में बाढ़ का संकट: 11 नदियां चेतावनी बिंदु के पार, चित्रकूट-उन्नाव में घरों तक पहुंचा पानीBREAKINGदेश-हरपलसोनिया गांधी पर वंदे मातरम् रोकने की कोशिश का आरोप, कांग्रेस बोली- खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थींBREAKINGदेश-हरपलPM मोदी के 75 मिनट के भाषण में सबसे ज्यादा 111 बार आया ‘भारत’, युवाओं का 52 बार जिक्रBREAKINGछत्तीसगढ़सिम्स के इंटर्न डॉक्टरों ने बढ़ाया स्टाइपेंड मांगा, विधायक अमर अग्रवाल से की मुलाकातBREAKINGमध्य प्रदेशस्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को बांटे जा रहे लड्डुओं में मिले कीड़े, 40 किलो मिठाई जब्त; दुकान सीलBREAKINGदेश-हरपलस्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की रोशनी से सजा जयपुर नगर निगम मुख्यालय, सेल्फी पॉइंट बना आकर्षणBREAKINGदेश-हरपलराष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ रिसेप्शन, PM मोदी समेत 650 मेहमान हुए शामिलBREAKINGमध्य प्रदेशशिवपुरी मेडिकल कॉलेज से ग्वालियर ले जाते समय मरीज की मौत, बेटे ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोपBREAKINGदेश-हरपलयूपी में बाढ़ का संकट: 11 नदियां चेतावनी बिंदु के पार, चित्रकूट-उन्नाव में घरों तक पहुंचा पानीBREAKINGदेश-हरपलसोनिया गांधी पर वंदे मातरम् रोकने की कोशिश का आरोप, कांग्रेस बोली- खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थींBREAKINGदेश-हरपलPM मोदी के 75 मिनट के भाषण में सबसे ज्यादा 111 बार आया ‘भारत’, युवाओं का 52 बार जिक्रBREAKINGछत्तीसगढ़सिम्स के इंटर्न डॉक्टरों ने बढ़ाया स्टाइपेंड मांगा, विधायक अमर अग्रवाल से की मुलाकातBREAKINGमध्य प्रदेशस्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को बांटे जा रहे लड्डुओं में मिले कीड़े, 40 किलो मिठाई जब्त; दुकान सीलBREAKINGदेश-हरपलस्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की रोशनी से सजा जयपुर नगर निगम मुख्यालय, सेल्फी पॉइंट बना आकर्षण

NE

News Elementor

राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ रिसेप्शन, PM मोदी समेत 650 मेहमान हुए शामिल

Table of Content

नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान परिसर में पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन का आयोजन किया। समारोह में करीब 650 मेहमान शामिल हुए, जिनमें लगभग 100 VVIP अतिथि रहे।

समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, CJI सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत केंद्रीय मंत्री, राजनयिक और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां पहुंचीं।

पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को भी विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के गायन से हुई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई प्रमुख नेता भी समारोह में मौजूद रहे।

पत्नी के साथ पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी समारोह में मौजूद रहे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और CJI सूर्यकांत ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इससे पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे।

लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम्

इस साल स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भी राष्ट्रगीत का उल्लेख किया।

PM मोदी ने कहा कि आज हर दिल वंदे मातरम् की लय पर धड़क रहा है। उन्होंने तिरंगे और राष्ट्रगीत को स्वतंत्रता दिवस की भावना से जोड़ते हुए कहा कि वंदे मातरम् की आवाज पूरे देश में गूंज रही है।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ रिसेप्शन, PM मोदी समेत 650 मेहमान हुए शामिल

नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान परिसर में पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन का आयोजन किया। समारोह में करीब 650 मेहमान शामिल हुए, जिनमें लगभग 100 VVIP अतिथि रहे। समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, CJI सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत केंद्रीय मंत्री, राजनयिक और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां पहुंचीं। पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को भी विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के गायन से हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई प्रमुख नेता भी समारोह में मौजूद रहे। पत्नी के साथ पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी समारोह में मौजूद रहे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और CJI सूर्यकांत ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इससे पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे। लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम् इस साल स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भी राष्ट्रगीत का उल्लेख किया। PM मोदी ने कहा कि आज हर दिल वंदे मातरम् की लय पर धड़क रहा है। उन्होंने तिरंगे और राष्ट्रगीत को स्वतंत्रता दिवस की भावना से जोड़ते हुए कहा कि वंदे मातरम् की आवाज पूरे देश में गूंज रही है।

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज से ग्वालियर ले जाते समय मरीज की मौत, बेटे ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप

शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी मेडिकल कॉलेज से ग्वालियर रेफर किए गए 50 वर्षीय हरिराम प्रजापति की रास्ते में मौत हो गई। पिता की मौत के बाद बेटे अरुण प्रजापति ने शव के पास बैठकर वीडियो बनाया और डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ तथा एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर किए जाने की बात कही है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पैरों में दर्द और मुंह खोलने में परेशानी मामला खनियाधाना तहसील के आहार बानपुर गांव का है। अरुण के मुताबिक, दोपहर में उनके पिता हरिराम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनके पैरों में दर्द था और मुंह भी नहीं खुल पा रहा था। परिजन उन्हें पहले खनियाधाना के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां कुछ घंटे उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बेटे का आरोप- डॉक्टर और स्टाफ ने ठीक से इलाज नहीं किया अरुण का आरोप है कि रात में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद उनके पिता का उचित इलाज नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मरीज के उपचार पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल में गेम खेल रहे थे। अरुण के मुताबिक, जब उन्होंने पिता का इलाज करने के लिए डॉक्टरों और स्टाफ से कहा तो उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस के लिए 4:30 बजे फोन, 6 बजे पहुंची अरुण ने एंबुलेंस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, लेकिन एंबुलेंस करीब 6 बजे पहुंची। इसके बाद हरिराम को ग्वालियर ले जाने की तैयारी की गई। बेटे का कहना है कि इस दौरान समय निकलता गया और पिता की हालत लगातार बिगड़ती गई। ड्राइवर से तेज चलाने को कहा, रास्ते में मौत अरुण के मुताबिक, ग्वालियर जाते समय उन्होंने एंबुलेंस चालक से वाहन तेज चलाने के लिए कहा, लेकिन चालक ने 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से वाहन चलाने से इनकार कर दिया। ग्वालियर पहुंचने से पहले ही हरिराम की हालत और बिगड़ गई और रास्ते में उनकी मौत हो गई। अरुण के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे ग्वालियर पहुंचने से पहले पिता ने दम तोड़ दिया। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप अरुण ने वीडियो में आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और एंबुलेंस व्यवस्था की कथित लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, फिलहाल ये आरोप बेटे के बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने क्या कहा? मेडिकल कॉलेज अधीक्षक आशुतोष चौरसी ने बताया कि मरीज रात करीब 3 बजे रेफर होकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। उस समय मेडिकल कॉलेज के सभी बेड फुल थे। डॉक्टरों ने मरीज को प्राथमिक उपचार दिया और इसके बाद उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति मामले में एक तरफ परिवार ने इलाज में लापरवाही और एंबुलेंस मिलने में देरी के आरोप लगाए हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीज को प्राथमिक उपचार देने और बेड उपलब्ध नहीं होने के बाद ग्वालियर रेफर किए जाने की बात कही है। अब मेडिकल रिकॉर्ड, मरीज के अस्पताल पहुंचने का समय, दिए गए उपचार, रेफर करने का चिकित्सकीय कारण और एंबुलेंस कॉल व पहुंचने के समय की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यूपी में बाढ़ का संकट: 11 नदियां चेतावनी बिंदु के पार, चित्रकूट-उन्नाव में घरों तक पहुंचा पानी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते कई नदियां उफान पर हैं। गंगा, यमुना और शारदा समेत 11 नदियां चेतावनी बिंदु पार कर चुकी हैं। कई जिलों में बाढ़ का पानी कॉलोनियों और घरों तक पहुंच गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ा चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई कॉलोनियों और घरों तक पानी पहुंच गया है। रामघाट की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं। नदी के किनारे बने आरोग्यधाम पुल के ऊपर से भी मंदाकिनी का पानी बह रहा है। उन्नाव में घरों में घुसा गंगा का पानी उन्नाव में गंगा नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। कई घरों में पानी भरने के बाद लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ प्रभावित गलियों में नावों के जरिए लोगों की आवाजाही हो रही है। शुक्रवार को उच्च शिक्षा राज्यमंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी स्टीमर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। वाराणसी में 100 से ज्यादा छोटे मंदिर जलमग्न वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं। हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गया है। संभल में मकान की छत गिरी, 7 लोग दबे संभल में बारिश के दौरान एक मकान की छत गिर गई। हादसे में परिवार के 7 लोग मलबे में दब गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। चित्रकूट में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा 41.5 मिलीमीटर बारिश चित्रकूट में दर्ज की गई। शनिवार सुबह लखनऊ, बाराबंकी और आसपास के इलाकों में भी बारिश हुई। करीब एक घंटे की तेज बारिश के बाद मौसम खुल गया। मौसम विभाग ने रविवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून फिर हो सकता है सक्रिय लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। यह झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों से गुजर रहा है और आगे बढ़ने के साथ कमजोर हो रहा है। हालांकि, इसके प्रभाव से उत्तर भारत में मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। इसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है और कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

सोनिया गांधी पर वंदे मातरम् रोकने की कोशिश का आरोप, कांग्रेस बोली- खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं

नई दिल्ली: कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर वंदे मातरम् के गायन को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि गीत की शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी ने इसे रोकने का संकेत दिया। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी पूरे गायन के दौरान असहज नजर आए। कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी वंदे मातरम् रोकने की कोशिश नहीं कर रही थीं। उनके मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे। सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी लाने का इशारा कर रही थीं। जयराम रमेश ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई। 1937 से कांग्रेस कार्यक्रमों में वंदे मातरम् की परंपरा जयराम रमेश ने कहा कि 28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम् के इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई थी। बैठक में महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू और सी. राजगोपालाचारी समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे। रमेश के अनुसार, रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियां गाने की परंपरा तय हुई थी। वंदे मातरम् को लेकर नए नियमों पर भी विवाद यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब केंद्र सरकार ने वंदे मातरम् और राष्ट्रगान को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में दोनों के गायन और बजाने के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है। सरकार के निर्देशों के अनुसार, अगर किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम् और जन गण मन दोनों गाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम् और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। यदि किसी राज्य का अपना राज्य गीत भी हो, तो क्रम राज्य गीत, वंदे मातरम् और फिर जन गण मन का होगा। 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी। बाद में इसे उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने वंदे मातरम् गाया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत ब्रिटिश शासन के खिलाफ राष्ट्रीय चेतना और आंदोलन का प्रमुख प्रतीक बन गया। संसद में भी हो चुकी है वंदे मातरम् पर बहस वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संसद में भी इस गीत को लेकर विशेष चर्चा हुई थी। उस दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच गीत के इतिहास और इसके इस्तेमाल को लेकर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली थी। भाजपा ने कांग्रेस पर वंदे मातरम् के कुछ हिस्सों को लेकर आपत्ति जताने का आरोप लगाया था, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया था।

PM मोदी के 75 मिनट के भाषण में सबसे ज्यादा 111 बार आया ‘भारत’, युवाओं का 52 बार जिक्र

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से करीब 75 मिनट का स्वतंत्रता दिवस भाषण दिया। भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों और वर्गों का जिक्र किया। शब्दों के इस्तेमाल के लिहाज से ‘भारत’ सबसे ज्यादा बार बोला गया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘भारत’ का 111 बार इस्तेमाल किया, जबकि ‘दुनिया’ शब्द का 62 बार जिक्र किया। युवाओं को 52 बार किया संबोधित पीएम मोदी ने अपने भाषण में युवाओं पर खास जोर दिया। उन्होंने ‘युवा’, ‘नौजवान’ और ‘युवा शक्ति’ जैसे शब्दों के जरिए युवाओं का कुल 52 बार जिक्र किया। वहीं संबोधन के दौरान ‘मेरे प्यारे देशवासियो’ 40 बार कहा गया। ‘साथियो’ का इस्तेमाल 10 बार हुआ। इसके अलावा ‘मेरे प्यारे युवाओं’, ‘देश सेवक’ और ‘भाई-बहनों’ जैसे संबोधन भी एक-एक बार बोले गए। नक्सलवाद, गरीबी और डिजिटल का भी बार-बार जिक्र प्रधानमंत्री के भाषण में नक्सलवाद, गरीबी, डिजिटल और लाल किले जैसे शब्द भी कई बार सुनाई दिए। ‘देशवासियो’ के बाद ‘परिवारजनों’ भी रहा पसंदीदा संबोधन ‘देशवासियो’ लंबे समय से पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों का प्रमुख संबोधन रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने 2025 में करीब 50 बार, 2024 में 30 बार, 2023 में 15 बार और 2022 में 40 से ज्यादा बार इसका इस्तेमाल किया था। वहीं ‘परिवारजनों’ भी प्रधानमंत्री के भाषणों में प्रमुख संबोधन रहा है। 2023 में उन्होंने इसका करीब 50 बार इस्तेमाल किया था। ‘साथियो’ शब्द का इस्तेमाल भी पिछले वर्षों के मुकाबले अलग-अलग रहा। 2025 में करीब 35 बार, 2024 में 30 बार, 2023 में 5 बार और 2022 में करीब 8 बार इसका इस्तेमाल हुआ था। लाल किले से लगातार 13वीं बार संबोधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल लाल किले से लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित किया। हालांकि, लगातार सबसे ज्यादा स्वतंत्रता दिवस भाषण देने का रिकॉर्ड अभी भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू ने लाल किले से लगातार 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.