आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोरBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

Latest Posts

Monsoon

Monsoon Alert: MP-UP में नदियों का जलस्तर बढ़ा, Himachal में 219 मौतें; श्रीगंगानगर तप रहा

देश में मानसून (Monsoon) का असर इस समय कई अलग-अलग रंग दिखा रहा है। कहीं लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं, तो कहीं गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 7 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने अब तक 219 लोगों की जान ले ली है। दूसरी ओर राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। MP-UP में बढ़ा Flood का खतरा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों राज्यों की करीब सात नदियां खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुकी हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। कई इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव दलों को अलर्ट रखा गया है। बारिश का असर सिर्फ खेतों और गांवों तक सीमित नहीं है। कई जगह सड़कों और स्थानीय संपर्क मार्गों पर भी पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। Himachal Pradesh में बारिश बनी मुसीबत हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में भारी बारिश ने बड़ी चुनौती खड़ी की है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और खराब मौसम के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई जगह लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जरूरत पड़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 219 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव अभियान भी मुश्किल परिस्थितियों में चलाए जा रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में अचानक बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन का खतरा देखते हुए लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की गई है। Rajasthan में बारिश के बीच गर्मी का असर मानसून की बारिश के बीच राजस्थान के श्रीगंगानगर में मौसम ने अलग तस्वीर दिखाई। यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। तेज गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक तरफ देश के कई हिस्सों में लोग बाढ़ और जलभराव से परेशान हैं, तो दूसरी तरफ राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी अभी भी अपना असर दिखा रही है। यही वजह है कि इस बार मानसून का मिजाज काफी उतार-चढ़ाव वाला नजर आ रहा है। कई राज्यों में Heavy Rain का Alert मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी दी गई है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। मौसम का बदला मिजाज, लोगों की बढ़ी चिंता फिलहाल देश में मानसून की तस्वीर एक जैसी नहीं है। MP-UP में Flood का खतरा, हिमाचल में भारी बारिश से जनहानि और राजस्थान में 40 डिग्री के पार तापमान—तीनों स्थितियां मौसम के बदलते मिजाज की कहानी बता रही हैं। आने वाले दिनों में बारिश और तापमान की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Pellet Gun Case: पीड़ित छात्र को साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे, Police Action पर सवाल

संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पीड़ित छात्र को अपने साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मामले ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है। राहुल गांधी का कहना है कि जिन छात्रों को चोटें आई हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए और घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए। पीड़ित छात्र के साथ थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी जब संसद मार्ग थाने पहुंचे तो उनके साथ वह छात्र भी था, जिसके घायल होने का दावा किया जा रहा है। राहुल गांधी ने छात्र की स्थिति का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसकी पूरी जांच जरूरी है। पार्टी ने इस मुद्दे को संसद के भीतर भी उठाया है। Pellet Gun के इस्तेमाल पर आमने-सामने दावे पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर है। राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की ओर से पुलिस पर पैलेट गन चलाने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई की गई थी। यही वजह है कि अब दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई जानने के लिए जांच अहम हो गई है। Supreme Court ने भी लिया मामले का संज्ञान मामला अदालत तक पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी बनाने का फैसला किया है। जांच में घटनास्थल से जुड़े वीडियो, CCTV फुटेज और दूसरे उपलब्ध सबूतों को देखा जा सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि प्रदर्शन के दौरान हालात कैसे बिगड़े और पुलिस ने किस परिस्थिति में कार्रवाई की। संसद में भी उठा मुद्दा पैलेट गन विवाद को लेकर संसद में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी ने सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर चिंता जताई। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, सरकार और पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी का हवाला दिया गया है। जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि संसद मार्च के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। एक तरफ राहुल गांधी घायल छात्र को साथ लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर रही है। ऐसे में आगे होने वाली जांच काफी महत्वपूर्ण होगी। CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर अगर पूरी तस्वीर सामने आती है, तो इससे विवाद को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है। Rahul Gandhi Pellet Gun Case अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा है। पीड़ित छात्र की शिकायत, पुलिस का पक्ष और जांच के निष्कर्ष—तीनों पर लोगों की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CJP

CJP School Inspection: जयपुर में आशुतोष रांका के दौरे पर बवाल, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान के जयपुर में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हो गया। बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में स्कूल की स्थिति देखने पहुंची CJP की टीम का कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया। मामला बढ़ने पर मारपीट और पथराव के आरोप लगे। टीम के वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। CJP प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका का आरोप है कि स्कूल की बदहाली का जायजा लेने पहुंची टीम को जानबूझकर रोका गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने इस घटना को ‘भाजपा की गुंडागर्दी’ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, ग्रामीणों ने CJP के आरोपों को खारिज किया है। School Inspection को लेकर शुरू हुआ विवाद रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी प्राथमिक स्कूल की इमारत और सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। CJP की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के मुद्दे पर चलाए जा रहे अभियान के तहत टीम यहां निरीक्षण करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि CJP कार्यकर्ताओं के स्कूल पहुंचते ही कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और बाद में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि टीम के सदस्यों को गांव से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया और पथराव भी हुआ। आशुतोष रांका ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप घटना के बाद आशुतोष रांका ने भाजपा समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि CJP की टीम किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि बच्चों और स्कूल की समस्याओं को देखने के लिए पहुंची थी। रांका ने सवाल उठाया कि अगर किसी सरकारी स्कूल की हालत खराब है तो उसकी स्थिति देखने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। CJP प्रमुख ने भी जताई नाराजगी घटना को लेकर CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटना की निंदा की। पार्टी की ओर से पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों का अलग दावा वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने CJP टीम के स्कूल दौरे का विरोध किया था। स्थानीय लोगों ने मारपीट और भाजपा समर्थकों द्वारा हमला किए जाने के आरोपों से इनकार किया है। घटना के बाद गांव में भी तनाव का माहौल देखने को मिला। इस विवाद के बीच एक अहम सवाल स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर भी उठ रहा है। हाल में राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। ऐसे में स्कूल निरीक्षण और अनुमति को लेकर भी बहस तेज हो गई है। जांच के बाद साफ होगी तस्वीर जयपुर की यह घटना फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझी हुई है। CJP जहां इसे स्कूल की बदहाली सामने लाने की कोशिश पर हमला बता रही है, वहीं ग्रामीण अपने विरोध को जायज बता रहे हैं। अब पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और पथराव व मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है। Jaipur CJP Controversy ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है। बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक टकराव से ऊपर रहकर सुलझाए जाने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sajjan Kumar

Sajjan Kumar Death: 1984 सिख दंगा केस के दोषी सज्जन कुमार का निधन, तिहाड़ में काट रहे थे उम्रकैद

1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) का निधन हो गया है। 80 वर्षीय सज्जन कुमार दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सज्जन कुमार का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों में लंबे समय से चर्चा में रहा। दंगों के करीब चार दशक बाद अदालतों में चले मुकदमों के दौरान उनके खिलाफ गंभीर आरोप साबित हुए और उन्हें अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई गई। तिहाड़ जेल में बंद थे सज्जन कुमार सज्जन कुमार को दिल्ली में 1984 की हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मामला हिंसा के दौरान पांच लोगों की हत्या से जुड़ा था। इसके बाद भी उनके खिलाफ अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी रही। 2025 में एक अन्य 1984 दंगा मामले में भी अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। इन मामलों के चलते वह तिहाड़ जेल में बंद थे। 1984 के दंगों से कैसे जुड़ा था मामला? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा भड़क गई थी। राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को हिंसा का सामना करना पड़ा। सज्जन कुमार पर इसी हिंसा के दौरान लोगों को भड़काने और हत्या से जुड़े मामलों में आरोप लगे थे। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामलों में अदालतों के फैसले अलग-अलग रहे। कुछ मामलों में मिली थी राहत सज्जन कुमार को सभी मामलों में दोषी नहीं ठहराया गया। जनवरी 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने जनकपुरी और विकासपुरी इलाके में 1984 की हिंसा से जुड़े एक मामले में उन्हें बरी कर दिया था। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। इससे साफ है कि उनके खिलाफ चले अलग-अलग मामलों में न्यायिक फैसले एक जैसे नहीं रहे। राजनीति से जेल तक का सफर सज्जन कुमार दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में रहे और लोकसभा सांसद भी बने। लेकिन 1984 के दंगा मामलों ने उनके राजनीतिक जीवन पर लंबे समय तक असर डाला। कई वर्षों तक चली जांच और अदालती सुनवाई के बाद उन्हें कुछ मामलों में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा मिली। अब उनके निधन के साथ 1984 दंगा मामलों से जुड़ा उनका लंबा कानूनी और राजनीतिक अध्याय समाप्त हो गया है। हालांकि, 1984 की हिंसा आज भी हजारों प्रभावित परिवारों के लिए एक बेहद संवेदनशील अध्याय है। Sajjan Kumar Death पर क्यों है चर्चा? सज्जन कुमार की मौत की खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों में न्याय की प्रक्रिया कई दशकों तक चली। उनके खिलाफ कुछ मामलों में दोषसिद्धि हुई, जबकि कुछ में उन्हें अदालत से राहत भी मिली। यही वजह है कि उनके निधन के बाद एक बार फिर 1984 के दंगा मामलों और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Chamoli

Dog Attack in Chamoli: कुत्तों के आतंक से सहमे लोग, 10 स्कूल बंद; बच्चों की पढ़ाई Online

उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) जिले के नारायणबगड़ इलाके में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। लगातार सामने आ रही हमले की घटनाओं के बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इलाके के 10 स्कूलों को चार दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। स्कूल बंद होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए Online Classes चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे अभिभावक नारायणबगड़ और आसपास के इलाकों में कुत्तों के आक्रामक व्यवहार से स्थानीय लोगों में डर बढ़ गया है। खासकर सुबह स्कूल जाने और छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। हालात ऐसे बने कि कई लोग जरूरी काम से बाहर निकलते समय भी हाथ में डंडा लेकर चलने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया। अधिकारियों का मानना है कि स्थिति सामान्य होने तक बच्चों को स्कूल बुलाना जोखिम भरा हो सकता है। 20 से 23 अगस्त तक बंद रहेंगे 10 स्कूल प्रशासन के निर्देश के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र के 10 विद्यालय 20, 21, 22 और 23 अगस्त को बंद रहेंगे। इस दौरान बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। हालांकि, शिक्षकों को Online माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चार दिन के अवकाश का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न पड़े। यह फैसला स्थानीय लोगों और अभिभावकों की चिंता को देखते हुए लिया गया है। स्कूलों को बंद करने का उद्देश्य बच्चों को आवारा कुत्तों के संभावित हमलों से सुरक्षित रखना है। कुत्तों को पकड़ने का अभियान तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। वन विभाग की Quick Response Team यानी QRT को अभियान में लगाया गया है। वहीं पशुपालन विभाग की टीम कुत्तों को Anti-Rabies Vaccine देने का काम कर रही है। प्रशासन की कोशिश है कि जिन इलाकों में कुत्तों का आतंक ज्यादा है, वहां उनकी संख्या और गतिविधियों को नियंत्रित किया जाए। साथ ही लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। 600+ बच्चों की Online पढ़ाई? इस मामले को लेकर कुछ रिपोर्टों में 600 से ज्यादा बच्चों के Online Classes से जुड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी में विद्यार्थियों की कुल संख्या का स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए 600+ का आंकड़ा प्रकाशित करते समय आधिकारिक पुष्टि को प्राथमिकता देना जरूरी है। कब खुलेगा स्कूल, अभी स्थिति पर नजर फिलहाल चार दिनों के लिए स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके बाद इलाके की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। अगर कुत्तों का खतरा कम होता है तो स्कूल दोबारा खोले जा सकते हैं। नारायणबगड़ में इस समय सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। प्रशासन की कार्रवाई से लोगों को राहत की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Vande Mataram

Vande Mataram Controversy: 1937 के फैसले पर BJP-Congress आमने-सामने, शाह ने साधा निशाना

‘वंदे मातरम्’ को लेकर BJP और Congress के बीच सियासी तकरार एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) ने 19 अगस्त को साफ किया कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के पहले दो पद ही गाएगी और 1937 के फैसले को ही जारी रखेगी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और इस फैसले को तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ दिया। अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना अमित शाह ने कांग्रेस के मौजूदा रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1937 में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के पूरे स्वरूप के बजाय कुछ हिस्सों को अपनाने का फैसला किया था। शाह ने आरोप लगाया कि यह फैसला तुष्टीकरण की राजनीति से प्रभावित था। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वंदे मातरम्’ के मूल स्वरूप और उसके ऐतिहासिक महत्व को फिर से सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। शाह ने कांग्रेस से अपने पुराने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग भी की है। Congress का 1937 वाला रुख बरकरार कांग्रेस ने इस विवाद में अपना पक्ष बदलने से इनकार कर दिया है। CWC ने दोहराया कि पार्टी के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। कांग्रेस इसे 1937 में लिए गए ऐतिहासिक फैसले की निरंतरता बता रही है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि उस समय गीत के बाद के हिस्सों में धार्मिक संदर्भों को लेकर अलग-अलग समुदायों की भावनाओं पर चर्चा हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए शुरुआती दो पदों को अपनाने का फैसला किया गया था। विवाद की एक और कड़ी: Independence Day कार्यक्रम ‘वंदे मातरम्’ विवाद सिर्फ 1937 के फैसले तक सीमित नहीं है। स्वतंत्रता दिवस के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में गीत के दौरान कथित तौर पर हुई घटना को लेकर भी BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। अमित शाह ने कांग्रेस और सोनिया गांधी पर गीत के अपमान का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि गीत को रोकने की कोई मंशा नहीं थी। BJP और Congress के बीच बढ़ी बयानबाजी विवाद बढ़ने के साथ दोनों पार्टियों के नेताओं के बयान भी तीखे होते जा रहे हैं। BJP की ओर से कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस के 1937 वाले रुख की आलोचना की। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने BJP पर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य नेताओं ने BJP तथा RSS की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। 1937 का फैसला फिर चर्चा में क्यों? ‘वंदे मातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। 1937 में कांग्रेस के भीतर इसके सार्वजनिक गायन के स्वरूप को लेकर चर्चा हुई थी। बाद में शुरुआती दो पदों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल करने की परंपरा बनी। यही पुराना फैसला आज की राजनीति में फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। कांग्रेस इसे ऐतिहासिक और सर्वसम्मति से जुड़ा निर्णय बता रही है, जबकि BJP इसे तुष्टीकरण की राजनीति का उदाहरण मान रही है। Modi सरकार के कदम से बढ़ी बहस विवाद के बीच केंद्र सरकार की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण स्वरूप को आधिकारिक कार्यक्रमों में महत्व देने की पहल भी चर्चा में है। सरकार इसे गीत की ऐतिहासिक भूमिका और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े राष्ट्रीय भाव से जोड़ रही है। ऐसे में एक तरफ BJP इसे देश की राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय बता रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपने 1937 के फैसले को सही ठहरा रही है। अब मुद्दा सिर्फ गीत का नहीं, सियासत का भी ‘वंदे मातरम्’ पर छिड़ी ताजा बहस ने इतिहास और राजनीति को एक ही मंच पर ला दिया है। अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल कांग्रेस अपने 1937 के रुख पर कायम है और BJP इसे बदलने की मांग कर रही है। ऐसे में ‘वंदे मातरम्’ आने वाले दिनों में भी देश की राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
RSS

RSS Controversy: अमेरिका में संघ पर प्रतिबंध की मांग, 29 अगस्त को New York जाएंगे Bhagwat

अमेरिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ने RSS से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी प्रशासन से यह भी कहा है कि संघ के नेताओं को उच्चस्तरीय मुलाकातों और सम्मान से दूर रखा जाए। यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे की चर्चा तेज है। रिपोर्टों के अनुसार भागवत 29 अगस्त को New York में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में USCIRF के बयान ने उनकी यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज कर दी है। USCIRF ने RSS को लेकर क्या कहा? USCIRF का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े उसके आकलन के आधार पर RSS से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ अमेरिकी सरकार को कदम उठाने चाहिए। आयोग ने ऐसे लोगों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से उन्हें विशेष सम्मान दिए जाने से बचने की सिफारिश की है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि USCIRF की सिफारिश का मतलब RSS पर अमेरिका में प्रतिबंध लगना नहीं है। आयोग अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों पर सलाह और सिफारिशें देता है। अंतिम फैसला अमेरिकी प्रशासन को लेना होता है। 29 अगस्त को New York पहुंचेंगे मोहन भागवत मोहन भागवत के प्रस्तावित अमेरिकी दौरे को लेकर भारतीय समुदाय के बीच भी उत्सुकता है। New York में उनके कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से संवाद की उम्मीद है। ऐसे में USCIRF का बयान सामने आने के बाद भागवत की यात्रा पर सबकी नजरें टिक गई हैं। यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले में कोई आधिकारिक कदम उठाता है या नहीं। भारत पहले भी USCIRF की रिपोर्ट पर जता चुका है आपत्ति USCIRF की भारत से जुड़ी रिपोर्टों को लेकर नई दिल्ली का रुख पहले भी स्पष्ट रहा है। भारत सरकार आयोग की रिपोर्टों को कई बार पक्षपातपूर्ण और चयनात्मक बताते हुए खारिज कर चुकी है। भारत का कहना रहा है कि देश में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर तस्वीर पेश करते समय आयोग कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज करता है। इसी वजह से USCIRF और भारत सरकार के बीच लंबे समय से मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। RSS पर आरोपों को लेकर क्या है विवाद? RSS पर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं। संगठन इन आरोपों को खारिज करता रहा है और खुद को सामाजिक सेवा, राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक समरसता के लिए काम करने वाला संगठन बताता है। USCIRF का ताजा बयान इसी पुराने विवाद को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले आया है। खासकर भागवत के अमेरिका दौरे से ठीक पहले यह मुद्दा ज्यादा चर्चा में है। India-US Relations के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल भारत और अमेरिका के संबंध कई क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं। ऐसे में किसी अमेरिकी सरकारी आयोग की ओर से भारत के प्रमुख सामाजिक संगठनों में से एक RSS को लेकर इस तरह की सिफारिश राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अभी इसे India-US Relations में किसी बड़े संकट के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। USCIRF की सिफारिश और अमेरिकी सरकार के अंतिम निर्णय के बीच स्पष्ट अंतर है। अभी सबसे बड़ी बात क्या है? फिलहाल RSS पर अमेरिका में कोई नया प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। USCIRF ने कार्रवाई की सिफारिश की है। अब निगाहें अमेरिकी प्रशासन के रुख और मोहन भागवत के 29 अगस्त के New York कार्यक्रम पर रहेंगी। भागवत की यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकता है।
Read more
India-Pakistan

India-Pakistan Tension: Delhi में Pakistan High Commission के बाहर बड़ा Action

भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच रिश्तों में चल रहा तनाव एक बार फिर राजधानी दिल्ली में नजर आया। गुरुवार को चाणक्यपुरी स्थित Pakistan High Commission के बाहर JCB पहुंची और सड़क की तरफ बने कुछ बैरिकेड, फेंसिंग और अन्य बाहरी ढांचों को हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच चल रही राजनयिक तनातनी फिर चर्चा में आ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में हुई कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले इस्लामाबाद स्थित Indian High Commission के बाहर भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने बैरिकेड और अन्य सुरक्षा ढांचे हटाए थे। इसी वजह से दिल्ली की कार्रवाई को दोनों घटनाओं के बीच जवाबी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। Pakistan High Commission के बाहर क्या हुआ? चाणक्यपुरी में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर JCB से सड़क की ओर मौजूद कुछ संरचनाएं हटाई गईं। इनमें बैरिकेड, फेंसिंग, ट्रैफिक बोलार्ड और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए लगाए गए कुछ क्यू-मैनेजमेंट स्ट्रक्चर शामिल बताए जा रहे हैं। खास बात यह रही कि कार्रवाई हाई कमीशन की मुख्य इमारत के अंदर नहीं हुई। बाहरी हिस्से में मौजूद उन संरचनाओं को हटाया गया, जिन्हें अधिकारियों ने स्वीकृत सीमा से बाहर बताया। Islamabad में पहले हुई थी कार्रवाई इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी इस्लामाबाद से भी जुड़ती है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ दिन पहले वहां भारतीय हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा से जुड़े बैरिकेड और पार्किंग पोल हटाए गए थे। इसके बाद दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी। हालांकि, दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ने वाली कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। Diplomatic Tension के बीच बढ़ी हलचल भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही संवेदनशील दौर में हैं। ऐसे में दोनों देशों के हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था या बाहरी ढांचे में बदलाव भी आसानी से चर्चा का विषय बन जाता है। दिल्ली में हुई कार्रवाई को लेकर फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि अधिकारियों की ओर से इसे बाहरी हिस्से में मौजूद अनधिकृत या निर्धारित सीमा से बाहर के ढांचों को हटाने की कार्रवाई बताया गया है। वहीं, इसका समय इस घटनाक्रम को और ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहा है। Kashmir को लेकर भी जारी है बयानबाजी इसी दौरान जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत, पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बयानबाजी भी सुर्खियों में रही है। अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के कश्मीर संबंधी बयान पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई को उस बयान से सीधे जोड़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब आगे क्या? दिल्ली और इस्लामाबाद में हाई कमीशन के बाहर हुई हालिया कार्रवाइयों ने दोनों देशों के रिश्तों पर फिर से ध्यान खींचा है। फिलहाल नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान इस कार्रवाई पर औपचारिक प्रतिक्रिया देता है या नहीं और क्या आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच ऐसे और कदम देखने को मिलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

Monsoon Update: दिल्ली से मध्य प्रदेश तक भारी बारिश, Prayagraj में बिगड़े हालात

मानसून (Monsoon) की बारिश इस वक्त देश के कई हिस्सों में राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। Delhi-NCR, Uttar Pradesh, Madhya Pradesh और Uttarakhand में लगातार बारिश के कारण कहीं सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में बारिश के साथ भूस्खलन और हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहा है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। Delhi-NCR में बारिश के बाद Waterlogging दिल्ली-NCR में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हुई और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यमुना के जलस्तर में बदलाव ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Prayagraj में बारिश ने बढ़ाई मुश्किल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार बारिश का असर शहर के कई हिस्सों में दिखाई दिया। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। कई सड़कों और गलियों में पानी जमा होने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई। करेली समेत कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब रही। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को अपने रोजमर्रा के काम रोकने पड़े। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच स्कूलों को लेकर भी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। MP के कई जिलों में Flood का खतरा मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। नदियों और छोटे-बड़े नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है। कई जगह ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें। बारिश का दौर जारी रहने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जा रही है। Uttarakhand में बारिश बनी मुसीबत उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों के लिए भारी बारिश हमेशा अतिरिक्त चुनौती लेकर आती है। इस बार भी कई क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। चमोली समेत कुछ इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन सक्रिय है। पहाड़ों में मौसम खराब होने के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में Weather Alert मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बताता है कि मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है। Delhi-NCR में जलभराव, Prayagraj में बारिश से बिगड़े हालात, MP में बढ़ता Flood Risk और Uttarakhand में पहाड़ी चुनौतियां एक साथ सामने आ रही हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन प्रशासन के साथ आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, जलभराव वाले रास्तों से दूरी रखना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां लगातार बारिश के कारण पानी तेजी से बढ़ रहा है। मौसम साफ होने तक लोगों को सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की मदद लेने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

कोलकाता के होटल वाली बिल्डिंग में भीषण आग, 9 की मौत; 4 साल का बच्चा भी शामिल

कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित पांच मंजिला इमारत में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसा रात करीब 1:45 बजे हुआ। इमारत के अंदर कई होटल संचालित हो रहे थे और आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है। सभी मृतक बेहोशी की हालत में मिले। वहीं 6 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव टीमों ने अब तक करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। धुएं से दम घुटने के कारण गई जान आग लगने के बाद पूरी इमारत में धुआं भर गया। रात के समय होटल में सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। धुएं के कारण कई लोगों का दम घुटने लगा। पुलिस के मुताबिक मृतकों में भारतीयों के साथ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। दमकल की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं आग की सूचना मिलते ही दमकल की 5 गाड़ियां, पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इमारत में घना धुआं होने के कारण दमकलकर्मियों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, इमारत के अंदर तापमान अभी भी काफी ज्यादा है, इसलिए दमकलकर्मी कूलिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद होगी पुष्टि पश्चिम बंगाल के फायर डिपार्टमेंट मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने शुरुआती जानकारी के आधार पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आग की वास्तविक वजह फॉरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगी। मंत्री ने इमारत के अंदर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक बिल्डिंग में कई होटल संचालित हो रहे थे और वहां बुनियादी सुरक्षा व निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर कमियां दिखाई दीं। बिल्डिंग मालिक फरार, केस दर्ज करने की तैयारी पुलिस के अनुसार इमारत का मालिक फिलहाल फरार है। न्यू मार्केट थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस मालिक की तलाश में उसके घर समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस आग लगने के कारणों के साथ-साथ बिल्डिंग में सुरक्षा नियमों के पालन और होटल संचालन से जुड़ी अनियमितताओं की भी जांच कर रही है। दो दिन पहले बीरभूम में भी होटल में लगी थी आग पश्चिम बंगाल में दो दिन के भीतर होटल में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। 17 अगस्त को बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में आग लगने से 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे में भी शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया गया था।
Read more
1 3 4 5 6 7 216

Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.